आ गया है मधेपुरा में – रिजल्ट मेकर

बैंक, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए तैयारी कराने वाली संस्था – “रिजल्ट मेकर” ने मधेपुरा में अपनी साख जमा ली है , जिसके वार्षिकोत्सव का उद्घाटन स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में डॉ. मधेपुरी , डॉ. नरेन्द्र श्रीवास्तव , श्यामल किशोर यादव एवं महेश पासवान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया |

दर्शकों से भरे हुए कला भवन में निदेशक अरविन्द कुमार दास ने अपनी उपलब्धियों से सबों को अवगत कराया | उपकुलसचिव डॉ. श्रीवास्तव ने वोकेशनल कोर्स को गाँधी जी की बुनियादी शिक्षा कही वहीँ डॉ. मधेपुरी ने युवाओं में जोश-जुनून जाग्रत करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी | प्रो. श्यामल किशोर ने शिक्षा पाकर समस्याओं से लड़ने की सीख दी | मंच संचालन रोहित राज ने किया|

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वेस्ट परफोरमर्स को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया | नृत्य में विक्रम–जूही को डॉ. मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया वहीँ ग्रुप-डांस में आशीष-कादिर-आतिफ , प्रमोद-संजीव-जूही एवं अंकिता को डॉ. नरेंद्र द्वारा , गीत में अभिषेक-निधि को प्रो. श्यामल किशोर द्वारा , कॉमेडी में प्रमोद-स्नेहा को निदेशक अरविन्द द्वारा जबकि ग्रुप-कॉमेडी में आशीष-हिमांशु को डॉ.मिथिलेश वत्स द्वारा मोमेंटो प्रदान किया गया | वेस्ट एंटरटेनमेंट एवं आर्गेनाइजर के लिए रोहित एवं आशीष को निदेशक द्वारा तथा स्पेशल अवार्ड मृत्युंजय आजाद को डॉ. मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया |

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इसके अलावा छोटू-मुकेश-सुप्रिया, रितिका-प्रियंका-स्वाति, सोनम-खुशबू-रोशन, कादिर-मिलन-कुणाल, हरी-सुमन-अमित, एवं वीर कुवँर आदि ने दर्शकों का मनोरंजन करने में अपना भी पसीना अंत तक बहाया | धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मिथिलेश वत्स ने किया |

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अनीसा : अफगान सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज

काबुल से मिली खबरों के अनुसार अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पिछले सप्ताह एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की सुप्रीम कोर्ट में पहली बार किसी महिला को जज नियुक्त किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करनेवाली महिला का नाम है – अनीसा रसूली। जुवेनाइल कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश और अफगान जज एसोसिएशन की प्रमुख अनीसा रसूली सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ में एकमात्र महिला हैं। उनके इस कदम का जहां महिला अधिकारों के हिमायती वर्ग ने दिल खोल कर स्वागत किया है वहीं मुस्लिम कट्टरपंथी जम कर विरोध कर रहे हैं। अफगानिस्तान के संविधान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का कार्यकाल दस साल के लिए होता है।

बता दें कि राष्ट्रपति गनी ने इससे पहले अफगानिस्तान के दो प्रांतों घोर और डैकुंडी के लिए महिला गवर्नर की नियुक्ति की थी। उन्होंने कहा भी कहा है कि वह सभी मंत्रालयों में महिला उप मंत्रियों की नियुक्ति करना चाहते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच अफगानिस्तान में उठाए जा रहे इन कदमों की जितनी सराहना की जाए, कम होगी। कहना ना होगा कि राष्ट्रपति गनी ने भविष्य के मुस्लिम समाज के लिए मील का पत्थर रख दिया है।

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अविवाहित मां के अभिवावक होने पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए माना कि अविवाहित मां बच्चे के पिता की सहमति के बिना भी उसकी कानूनी अभिवावक बन सकती है। एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि उसकी अर्जी पर दोबारा विचार करे।

एक अविवाहित मां ने अपने बच्चे की कानूनी तौर पर अभिवावक बनने के लिए निचली अदालत में अर्जी दी थी। इस पर अदालत ने उसे ‘गार्जियनशिप एंड वार्ड्स एक्ट’ के प्रावधानों के तहत बच्चे के पिता से सहमति लेने के लिए कहा। महिला द्वारा ऐसा करने में असमर्थता जताने पर अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद महिला ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की। उसने हाई कोर्ट को बताया कि बच्चे के पिता को यह मालूम तक नहीं कि उसकी कोई संतान है। बच्चे के लालन-पालन से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पिता से संपर्क कर सहमति मांगने से दोनों ही पक्षों को असुविधा होगी। लेकिन हाई कोर्ट ने भी महिला की याचिका ठुकरा दी। इसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। महिला ने दलील दी कि जब पासपोर्ट बनाने के लिए पिता का नाम बताना जरूरी नहीं तो फिर अभिवावक बनने के लिए इसकी बाध्यता कैसे उचित है। महिला ने यह भी कहा कि इस तरह के मामले में परिस्थितियों के अनुसार फैसला लिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने आज महिला की याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे बड़ी राहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने गार्जियनशिप कोर्ट से कहा कि महिला की अर्जी पर नए सिरे से सुनवाई करे। सुप्रीम कोर्ट ने गार्जियनशिप कोर्ट को महिला की अर्जी का निपटारा जल्द से जल्द करने का निर्देश भी दिया।

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बिहार के सरकारी दफ्तर एक जनवरी से होंगे ऑनलाइन

बिहार के सरकारी दफ्तर एक जनवरी 2016 से कम्प्यूटर युग का हिस्सा हो जाएंगे। एक जनवरी के बाद सभी संचिकाएं ऑनलाइन बढ़ेंगी। छुट्टी का आवेदन भी ऑनलाइन ही देना होगा। सूचना प्रावैधिकी विभाग तथा बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन ने इसके लिए ई-ऑफिस प्रोजेक्ट बनाया है। इस प्रोजेक्ट के लिए एनआईसी से सॉफ्टवेयर लाइसेंस लिया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर का शुल्क डेढ़ करोड़ है जो एनआईसी को इसी महीने दे दिया जाएगा। सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि छह माह तक विभागवार प्रशिक्षण चलेगा। विधान सभा चुनाव के बाद एक जनवरी से राज्य मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक के समस्त कार्यालयों को ई-ऑफिस सेवा से जोड़ दिया जाएगा।

उपरोक्त प्रोजेक्ट के प्रभावी हो जाने पर फाइलों का इंतजार अतीत की बात हो जाएगी। फाइलें ऑनलाइन ही स्वीकृत-अस्वीकृत होंगी। फाइलों का लोकेशन हर वक्त उच्च अधिकारियों की नज़र में होगा। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की सम्भावना भी ना के बराबर हो जाएगी। बिहार में पिछले डेढ़ साल से इस प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा था और अब यह मूर्त रूप लेने जा रहा है। बिहार सरकार इसके लिए बधाई की पात्र है।

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जिला प्रशासन की निगाहें केवल पैसे पर……

विगत कई वर्षों से मधेपुरा के भूपेन्द्र कला भवन और बी.पी.मंडल नगर भवन में ढेर सारे गैर-सरकारी कार्यक्रम होते रहे हैं | आयोजकों द्वारा प्रतिदिन का भाड़ा तीन हजार रुपया नजारत में जमा कराये जाते हैं परन्तु एवज में अन्य जन सुविधाएँ तो दूर , दोनों भवनों के अन्दर जो पंखे लगे हैं उनमें मंच सहित अन्य पांच से लेकर दस पंखे न जाने कब से बन्द पड़े हैं |

आयोजित कार्यक्रमों में राज्यस्तरीय ही नहीं बल्कि कई अवसर पर तो रास्ट्रीय स्तर के राजनेता भी मंच पर बार-बार पसीना पोंछते हुए एवं बंद पड़े हुए पंखे को निहारते हुए दीखते रहे हैं |

तुर्रा तो यह है कि विगत नेपाल भूकंप के दिनों में यहाँ भी धरती बार-बार डोलती रही उसी दरम्यान एक कान्वेंट स्कूल के वार्षिकोत्सव हेतु नजारत में तीन हजार रू. जमा किये गये , परन्तु उसी सुबह धरती डोल जाने के कारण उद्घाटनकर्ता द्वारा कार्यक्रम को स्थगित करने की सलाह दी गई , तब भी प्रशासन माफ़ नहीं किया , कुछ पैसे काट ही लिए | न जाने आगे और कब तक जिला प्रशासन इन दोनों भवनों में हवा, पानी एवं जनसुविधाएँ बहाल करेगी अथवा आयोजकों के पैसे पर ही नजरें टिकाये रहेंगी |

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भारतीय महिला टीम को हॉकी वर्ल्ड लीग में पांचवां स्थान

भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल्स में पांचवां स्थान हासिल किया। इस जीत से भारत ने रियो ओलंपिक में क्वालिफाई करने की उम्मीदों को कायम रखा है। शनिवार को पांचवे और छठे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने जापान को 1-0 से पराजित किया। भारत के लिए एकमात्र विजयी गोल रानी ने मैच के 13वें मिनट में किया।

उधर भारत की पुरुष टीम का मुकाबला रविवार को कांस्य पदक के लिए ब्रिटेन से होना है। बता दें कि भारतीय टीम सेमीफाइनल में मेजबान बेल्जियम से हार गई थी।

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बीएनएमयू में पीजी की परीक्षा अगस्त के पहले सप्ताह से

बीएनएमयू प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीजी प्रथम एवं अंतिम वर्ष (2014) की परीक्षा आगामी छह अगस्त से होने जा रही है। परीक्षा नियंत्रक डा. नवीन कुमार ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा दिन की पहली पाली में पीजी प्रथम वर्ष एवं दूसरी पाली में पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षा होगी। पीजी परीक्षा के लिए मात्र दो परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। कोसी क्षेत्र के छात्रों के लिए टीपी कालेज, मधेपुरा एवं पूर्णिया क्षेत्र के छात्रों के लिए एमएल आर्य कालेज, कसबा परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं।

बीएनएमयू ने बीएड परीक्षा (2015) के परीक्षा-प्रपत्र भरने की तिथि भी घोषित कर दी है। परीक्षा नियंत्रक ने जानकारी दी है कि बीएड (2015) के छात्र बिना विलंब शुल्क के सात से 15 जुलाई तथा विलंब शुल्क के साथ 16 से 22 जुलाई तक अपना फार्म भर सकते हैं।

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31 अगस्त को खुलेगी रेल इंजन कारखाना की वित्तीय निविदा

मधेपुरा की बहुप्रतीक्षित ग्रीन फील्ड विद्युत रेल इंजन कारखाना को केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार मूर्त रूप देने जा रही है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते हुए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। केंद्र सरकार मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में इसे प्राथमिकता देकर बिहार का मॉडल प्रोजेक्ट बनाना चाहती है। उम्मीद की जा रही है कि परियोजना का शुभारंभ शीघ्र ही होगा।

बता दें कि वर्तमान में यह परियोजना 1300 करोड़ रुपये की है। यहां प्रतिवर्ष 12 हजार हॉर्सपावर का 800 विद्युत रेल इंजन का निर्माण होगा। इनमें से चार सौ इंजन से देश की जरूरतें पूरी होंगी और शेष चार सौ इंजन को विदेशों में बेचा जाएगा। कारखाना से लेकर इंजन निर्माण का काम अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों में से कोई एक करेगी। तकनीकी निविदा में चार अन्तरराष्ट्रीय कम्पनियां सीमेन्स, बोमबार्डियर्स, जीई और आरस्ट्रांग चुनी गई हैं। वित्तीय निविदा खोलने के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई है। इसके उपरान्त किसी एक कंपनी का अंतिम रूप से चयन किया जाएगा।

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नागपुर का पंचगांव देश का पहला वाई-फाई युक्‍त गांव  

नागपुर का पंचगांव भारत का पहला ऐसा गांव बन गया है जो वाई-फाई की सुविधा से लैस है। यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क होगी। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत इस गांव को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गोद लिया था। शनिवार को इस गांव में विधिवत मुफ्त वाई-फाई योजना को शुरू कर दिया गया।

श्री गडकरी ने इस गांव को देश का पहला वाई-फाई गांव बनने पर बधाई देते हुए मौजूदा दौर में इन्फोरमेशन टेक्नोलाजी को घर-घर तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वे इस बात से बेहद खुश हैं कि पीएम द्वारा शुरू किए गए डिजिटल इंडिया के सपने को इस गांव से एक नया आधार मिला है। उन्होंने अपने सहयोगी और अन्य केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का भी धन्यवाद किया। इस मौके पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री बब्बनराव लोनीकर भी मौजूद रहे।

पंचगांव के बाद डिजिटल इंडिया का सपना सचमुच सच होता दिख रहा है। देश के अन्य राज्यों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी इसमें कोई संदेह नहीं।

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बिहार के सुहर्ष को यूपीएससी 2014 में पांचवां स्थान, लड़कों में टॉपर

शनिवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित किए गए सिविल सेवा परीक्षा 2014 के परिणाम में समस्तीपुर के सुहर्ष ने पांचवां स्थान लाकर बिहार का सिर ऊँचा किया है। वे लड़कों में टॉपर हैं। शीर्ष चार स्थानों पर लड़कियों ने बाजी मारी। दिल्ली की शारीरिक रूप से निशक्त आइआरएस अधिकारी इरा सिंघल ने पहला स्थान हासिल किया। टॉप 100 में बिहार के सात होनहार हैं। कुल सफल उम्मीदवारों में बिहार के 83 उम्मीदवारों को सफलता मिली है।

सुहर्ष भगत ने आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 2011 में उनका भारतीय लेखा सेवा में चयन हुआ था। 2012 में उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और उन्हें भारतीय सूचना सेवा के लिए चुना गया। 2013 में उन्हें आईआरएस मिला और वर्तमान में वे नागपुर में आयकर अधिकारी हैं। सुहर्ष का कहना है कि मैंने पहली दो बार सफलता हासिल करने के बाद भी नौकरी ज्वाइन नहीं की। तीसरी बार में आईआरएस बना तो ज्वाइन कर लिया। लेकिन मैं ज्यादा दिन इस नौकरी को करने वाला नहीं था। यही वजह है कि लगातार प्रयास करता रहा और परिणाम आपके सामने है। जब आप किसी चीज की चाहत रखते हैं तो असफलता के बाद भी उसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए।

समस्तीपुर शहर के बहादुरपुर मोहल्ला स्थित वार्ड 27 निवासी डॉ. फुलेन्द्र भगत के दो बेटों में सुहर्ष बड़े हैं। पिता डॉ. फुलेन्द्र भगत पेशे से चिकित्सक हैं और मनोविज्ञान से एमए माँ यहाँ के पेपर मिल कैम्पस में ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल चलाती हैं। सुहर्ष की शुरुआती पढ़ाई शहर के निजी स्कूल ग्रीनलैंड में हुई थी। दसवीं तक की पढ़ाई आर.के. मिशन, देवघर में हुई। वर्ष 2003 में सुहर्ष का दाखिला दिल्ली के डीपीएस, आर.के. पुरम में हुआ और 2010 में आईआईटी, मुंबई के लिए सेलेक्शन हुआ।

बहरहाल, यूपीएससी के अनुसार विभिन्न केन्द्रीय सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 1,236 सफल उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। इनमें 590 सामान्य, 354 अन्य पिछड़ा वर्ग, 194 अनुसूचित जाति और 98 अनुसूचित जनजाति के हैं। सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से कुल 1,364 पद भरे जाएंगे। 254 अन्य उम्मीदवार प्रतीक्षा सूची में हैं।

बताते चलें कि टॉप 100 में शामिल बिहार के सात उम्मीदवारों में अन्य छह उम्मीदवार हैं – आयुष प्रसाद (रैंक 24), नेहा कुमारी (रैंक 26), हर्ष सिंह (रैंक 52), अनन्या झा (रैंक 57), राजू मिश्रा (रैंक 65) और रोहन कुमार झा (रैंक 95)।

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