हर घर दस्तक : ऊँचा होगा मस्तक

विगत दो दिन कबल बिहार विधान परिषद के चुनाव में मानसून की बौछार पर भारी पड़ा स्थानीय निकायों के वोटरों का उत्साह | इस लहर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का “हर घर दस्तक” ठंडा होने से पहले पुनः गर्म होने लगा है |

इस बीच “हर घर दस्तक” में जुटे कार्यकर्ताओं द्वारा, चाहे वे किसी भी गठबंधन के हों, समाज में व्याप्त अंधविश्वास को अब भी तो गाँव-घर छोड़ने के लिए मजबूर करें | सदियों से चली आ रही सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में यह जद यू का हर घर दस्तक कार्यक्रम इसी तरह चलता रहे तो सम्पूर्ण प्रदेश का कल्याण होगा | इस कार्यक्रम के बहाने अनेक राष्ट्रीय कार्यक्रमों को भी सफल करने में मदद मिलेगी – यथा घर-घर शौचालय की बात हो या डायन बताकर महिलाओं को गांवों में प्रताड़ित करने की बात अथवा निरक्षरता दूर करने से लेकर मृत्योपरांत कर्मकांडों एवं वृहत भोज त्याग कर प्रगतिशील सोच को बढ़ावा देने की बात |

इस तरह अंधविश्वास एवं रुढ़िवादी व्यवस्था को मिटाने के प्रयासों को देखकर गाँव की जनता वैसे गठबन्धन को अपना समर्थन तन-मन-धन से देने को तैयार हो जायेगा | चुनाव के समय कहने की जरुरत भी नहीं पड़ेगी |

घर-घर दस्तक के क्रम में यदि किसी निर्धन एवं मेधावी व लगनशील बच्चे दिख जय तो उसके लिए बेहतर अवसर प्रदान करने की व्यवस्था करने में पार्टी कर्मियों का एकजुट होकर प्रयासरत हो जाना ही माननीय मुख्यमंत्री के “हर घर दस्तक” कार्यक्रम की सफलता मानी जायेगी और बापू के गांवों का कल्याण | भारत गांवों का देश है और इस “हर घर दस्तक” कार्यक्रम से भारत मजबूत होगा |

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चुन…चुन…चुन : अच्छों को चुन  !!

देश के कुछ ही राज्यों में विधान परिषद हैं जिसमें बिहार भी एक है | जुलाई सात को बिहार विधान परिषद के स्थानीय निकाय कोटे की 24 सीटों के लिए सबसे अधिक 98% एवं सबसे कम 80% तक मतदान हुए | मतदान प्रतिशत सबसे अधिक नवादा और मुरलीगंज प्रखंड में तथा सबसे कम दरभंगा में रहा | मतदान सवेरे 8 बजे से संध्या 4 बजे तक हुआ | मतदान की समाप्ति के साथ ही 152 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बन्द हो गया | यह चुनाव होता है “प्रेफ़ेरेन्शिअल” | तभी तो इसमें ई.वी.एम. मशीन का उपयोग नहीं होता है | बिहार में पहली बार प्रत्याशियों के फोटोयुक्त बैलट पेपर का उपयोग किया गया तथा सभी बूथों पर विडीयोग्राफी करायी गयी | मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ | मतगणना 10 जुलाई को सवेरे 8 बजे से होगा |

मधेपुरा-सहरसा-सुपौल स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के मधेपुरा जिले के कुल 2696 मतदाताओं में 2452 ने वोट डाले यानी 91% वोट डाले गये | सभी 13 प्रखंडों में मुरलीगंज में सबसे अधिक 98% तथा मधेपुरा सदर में सबसे कम 88% मतदान किये गये | मधेपुरा में विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा मत डालकर भी अंत तक डटे रहे और आलमनगर में मंत्री नरेंद्र नारायण यादव अपने मताधिकार का प्रयोग किया | एम.एल.सी. विजय वर्मा के साथ डॉ. मधेपुरी , निराला जी, डॉ. नीरज, नरेश पासवान, विजेंद्र प्र. यादव, मो. जुम्मन अन्त तक जमे रहे |

मतदान के दौरान पोलिंग बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर , जोनल मजिस्ट्रेट, गस्ती दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की भी नियुक्ति की गयी थी | मधेपुरा के दोनों एस.डी.एम. संजय कु. निराला एवं मुकेश कु. साह , थानाद्यक्ष मनीष कुमार एवं आरसी उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी बूथ की सम्पूर्ण गतिविधियों का जायजा मतपेटियों के सील होने तक लेते रहे |

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