आ गया है मधेपुरा में – रिजल्ट मेकर

बैंक, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए तैयारी कराने वाली संस्था – “रिजल्ट मेकर” ने मधेपुरा में अपनी साख जमा ली है , जिसके वार्षिकोत्सव का उद्घाटन स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में डॉ. मधेपुरी , डॉ. नरेन्द्र श्रीवास्तव , श्यामल किशोर यादव एवं महेश पासवान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया |

दर्शकों से भरे हुए कला भवन में निदेशक अरविन्द कुमार दास ने अपनी उपलब्धियों से सबों को अवगत कराया | उपकुलसचिव डॉ. श्रीवास्तव ने वोकेशनल कोर्स को गाँधी जी की बुनियादी शिक्षा कही वहीँ डॉ. मधेपुरी ने युवाओं में जोश-जुनून जाग्रत करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी | प्रो. श्यामल किशोर ने शिक्षा पाकर समस्याओं से लड़ने की सीख दी | मंच संचालन रोहित राज ने किया|

IMG-20150706-WA0005

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वेस्ट परफोरमर्स को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया | नृत्य में विक्रम–जूही को डॉ. मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया वहीँ ग्रुप-डांस में आशीष-कादिर-आतिफ , प्रमोद-संजीव-जूही एवं अंकिता को डॉ. नरेंद्र द्वारा , गीत में अभिषेक-निधि को प्रो. श्यामल किशोर द्वारा , कॉमेडी में प्रमोद-स्नेहा को निदेशक अरविन्द द्वारा जबकि ग्रुप-कॉमेडी में आशीष-हिमांशु को डॉ.मिथिलेश वत्स द्वारा मोमेंटो प्रदान किया गया | वेस्ट एंटरटेनमेंट एवं आर्गेनाइजर के लिए रोहित एवं आशीष को निदेशक द्वारा तथा स्पेशल अवार्ड मृत्युंजय आजाद को डॉ. मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया |

IMG-20150706-WA0009

इसके अलावा छोटू-मुकेश-सुप्रिया, रितिका-प्रियंका-स्वाति, सोनम-खुशबू-रोशन, कादिर-मिलन-कुणाल, हरी-सुमन-अमित, एवं वीर कुवँर आदि ने दर्शकों का मनोरंजन करने में अपना भी पसीना अंत तक बहाया | धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मिथिलेश वत्स ने किया |

सम्बंधित खबरें


अनीसा : अफगान सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज

काबुल से मिली खबरों के अनुसार अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पिछले सप्ताह एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की सुप्रीम कोर्ट में पहली बार किसी महिला को जज नियुक्त किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करनेवाली महिला का नाम है – अनीसा रसूली। जुवेनाइल कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश और अफगान जज एसोसिएशन की प्रमुख अनीसा रसूली सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ में एकमात्र महिला हैं। उनके इस कदम का जहां महिला अधिकारों के हिमायती वर्ग ने दिल खोल कर स्वागत किया है वहीं मुस्लिम कट्टरपंथी जम कर विरोध कर रहे हैं। अफगानिस्तान के संविधान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का कार्यकाल दस साल के लिए होता है।

बता दें कि राष्ट्रपति गनी ने इससे पहले अफगानिस्तान के दो प्रांतों घोर और डैकुंडी के लिए महिला गवर्नर की नियुक्ति की थी। उन्होंने कहा भी कहा है कि वह सभी मंत्रालयों में महिला उप मंत्रियों की नियुक्ति करना चाहते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच अफगानिस्तान में उठाए जा रहे इन कदमों की जितनी सराहना की जाए, कम होगी। कहना ना होगा कि राष्ट्रपति गनी ने भविष्य के मुस्लिम समाज के लिए मील का पत्थर रख दिया है।

सम्बंधित खबरें


अविवाहित मां के अभिवावक होने पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए माना कि अविवाहित मां बच्चे के पिता की सहमति के बिना भी उसकी कानूनी अभिवावक बन सकती है। एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि उसकी अर्जी पर दोबारा विचार करे।

एक अविवाहित मां ने अपने बच्चे की कानूनी तौर पर अभिवावक बनने के लिए निचली अदालत में अर्जी दी थी। इस पर अदालत ने उसे ‘गार्जियनशिप एंड वार्ड्स एक्ट’ के प्रावधानों के तहत बच्चे के पिता से सहमति लेने के लिए कहा। महिला द्वारा ऐसा करने में असमर्थता जताने पर अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद महिला ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की। उसने हाई कोर्ट को बताया कि बच्चे के पिता को यह मालूम तक नहीं कि उसकी कोई संतान है। बच्चे के लालन-पालन से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पिता से संपर्क कर सहमति मांगने से दोनों ही पक्षों को असुविधा होगी। लेकिन हाई कोर्ट ने भी महिला की याचिका ठुकरा दी। इसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। महिला ने दलील दी कि जब पासपोर्ट बनाने के लिए पिता का नाम बताना जरूरी नहीं तो फिर अभिवावक बनने के लिए इसकी बाध्यता कैसे उचित है। महिला ने यह भी कहा कि इस तरह के मामले में परिस्थितियों के अनुसार फैसला लिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने आज महिला की याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे बड़ी राहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने गार्जियनशिप कोर्ट से कहा कि महिला की अर्जी पर नए सिरे से सुनवाई करे। सुप्रीम कोर्ट ने गार्जियनशिप कोर्ट को महिला की अर्जी का निपटारा जल्द से जल्द करने का निर्देश भी दिया।

सम्बंधित खबरें


बिहार के सरकारी दफ्तर एक जनवरी से होंगे ऑनलाइन

बिहार के सरकारी दफ्तर एक जनवरी 2016 से कम्प्यूटर युग का हिस्सा हो जाएंगे। एक जनवरी के बाद सभी संचिकाएं ऑनलाइन बढ़ेंगी। छुट्टी का आवेदन भी ऑनलाइन ही देना होगा। सूचना प्रावैधिकी विभाग तथा बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन ने इसके लिए ई-ऑफिस प्रोजेक्ट बनाया है। इस प्रोजेक्ट के लिए एनआईसी से सॉफ्टवेयर लाइसेंस लिया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर का शुल्क डेढ़ करोड़ है जो एनआईसी को इसी महीने दे दिया जाएगा। सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि छह माह तक विभागवार प्रशिक्षण चलेगा। विधान सभा चुनाव के बाद एक जनवरी से राज्य मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक के समस्त कार्यालयों को ई-ऑफिस सेवा से जोड़ दिया जाएगा।

उपरोक्त प्रोजेक्ट के प्रभावी हो जाने पर फाइलों का इंतजार अतीत की बात हो जाएगी। फाइलें ऑनलाइन ही स्वीकृत-अस्वीकृत होंगी। फाइलों का लोकेशन हर वक्त उच्च अधिकारियों की नज़र में होगा। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की सम्भावना भी ना के बराबर हो जाएगी। बिहार में पिछले डेढ़ साल से इस प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा था और अब यह मूर्त रूप लेने जा रहा है। बिहार सरकार इसके लिए बधाई की पात्र है।

सम्बंधित खबरें


जिला प्रशासन की निगाहें केवल पैसे पर……

विगत कई वर्षों से मधेपुरा के भूपेन्द्र कला भवन और बी.पी.मंडल नगर भवन में ढेर सारे गैर-सरकारी कार्यक्रम होते रहे हैं | आयोजकों द्वारा प्रतिदिन का भाड़ा तीन हजार रुपया नजारत में जमा कराये जाते हैं परन्तु एवज में अन्य जन सुविधाएँ तो दूर , दोनों भवनों के अन्दर जो पंखे लगे हैं उनमें मंच सहित अन्य पांच से लेकर दस पंखे न जाने कब से बन्द पड़े हैं |

आयोजित कार्यक्रमों में राज्यस्तरीय ही नहीं बल्कि कई अवसर पर तो रास्ट्रीय स्तर के राजनेता भी मंच पर बार-बार पसीना पोंछते हुए एवं बंद पड़े हुए पंखे को निहारते हुए दीखते रहे हैं |

तुर्रा तो यह है कि विगत नेपाल भूकंप के दिनों में यहाँ भी धरती बार-बार डोलती रही उसी दरम्यान एक कान्वेंट स्कूल के वार्षिकोत्सव हेतु नजारत में तीन हजार रू. जमा किये गये , परन्तु उसी सुबह धरती डोल जाने के कारण उद्घाटनकर्ता द्वारा कार्यक्रम को स्थगित करने की सलाह दी गई , तब भी प्रशासन माफ़ नहीं किया , कुछ पैसे काट ही लिए | न जाने आगे और कब तक जिला प्रशासन इन दोनों भवनों में हवा, पानी एवं जनसुविधाएँ बहाल करेगी अथवा आयोजकों के पैसे पर ही नजरें टिकाये रहेंगी |

सम्बंधित खबरें