आय प्रमाण-पत्र के बाद मिलेगी छात्रवृत्ति, पोशाक और साइकिल राशि

शिक्षा विभाग, बिहार के प्रधान सचिव आर.के. महाजन ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि संबधित कार्यालय के आय प्रमाण-पत्र देने पर ही अनारक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, पोशाक और साइकिल राशि का भुगतान किया जाएगा। अब इस योजना का लाभ उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगा जिनके अभिवावक की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये तक है।

बता दें कि उपरोक्त योजना की शुरुआत आर्थिक रूप से पिछड़े अनारक्षित वर्ग के जन समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अनारक्षित वर्ग के पहली कक्षा से दसवीं कक्षा में अध्यनरत सरकारी अथवा सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, पोशाक और साइकिल राशि उपलब्ध कराई जाती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत 20 जुलाई से 27 जुलाई तक विद्यालयों में शिविर लगाकर राशि का वितरण किया जाएगा। इसमें पहली से चौथी कक्षा तक 50 रुपये प्रति माह, पांचवीं से छठी को 100 रुपये प्रति माह एवं सातवीं से दसवीं कक्षा तक 150 रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति दी जाएगी। मुसहर समुदाय के वर्ग एक से चार तक के अध्यनरत छात्र-छात्राओं को दोगुनी छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसका वितरण पंचायत प्रतिनिधियों और अभिवावकों की उपस्थिति में शिविर लगाकर किया जाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने बहाल की जदयू के बागियों की विधायकी

सुप्रीम कोर्ट ने जदयू से बर्खास्त किए गए चार बागी विधायकों की सदस्यता आज बहाल कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट की डबल बेंच के उस फैसले पर स्टे लगा दिया जिसमें ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, रविंद्र राय, राहुल कुमार और नीरज बबलू की विधायकी समाप्त कर दी गई थी। अब इन बागी विधायकों के विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

बता दें कि राज्यसभा चुनाव में दलविरोधी गतिविधियों की वजह से जदयू ने उक्त चारों विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के लिए बिहार विधानसभा के स्पीकर उदय नारायण चौधरी को आवेदन दिया था और स्पीकर ने चारों को बर्खास्त कर दिया था। स्पीकर के इस फैसले पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। इसके बाद इन विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

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बिना पसीना बहाये शोध में सुगन्ध नहीं आता !

भूपेन्द्र नारायण मंडल वि.वि.  मधेपुरा के केन्द्रीय लाइब्रेरी में आज स्नातकोत्तर गणित विभाग के छात्रों , उपाचार्यों एवं प्राचार्यों की उपस्थिति में गणित के शोधार्थी विजय कुमार विमल के viva  की परीक्षा माननीय कुलपति डॉ. विनोद कुमार की सहमति से की गई | श्री विमल के शोध निदेशक रहे हैं – डॉ. मनोज कुमार मनोरंजन , एसोसिएट प्रोफेसर गणित , टी.पी.कालेज | शोध का टॉपिक है –

“ Algebraic Structure of Regular Rings , Strongly Regular Rings&Regular Rack Rings”

प्रारम्भ में शोधार्थी विमल द्वारा तैयार किये गये शोध आलेख की चार प्रतियाँ वि.वि. के परीक्षा विभाग में जमा की गयी | परीक्षक द्वय द्वारा जांच कर सकारात्मक अनुशंसा प्रेषित किये जाने के बाद ही पूछताछ (viva) परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें तिलका मांझी वि.वि. भागलपुर के गणित विभाग के वि.वि. प्रोफेसर एवं डी.एस.डब्लयू. रह चुके डॉ.यमुना प्रसाद यादव परीक्षक के रूप में पधारे और काफी देर तक सवाल-जवाब के दरमियान शोधार्थी विमल द्वारा इस गर्मी में खूब पसीना बहाया गया | अंत में संतुष्ट होकर शोध-परीक्षक डॉ. यादव द्वारा शोधार्थी विमल को पी-एच.डी. की उपाधि से अलंकृत करने की सिफारिश की गई और शुभकामनाएं दी गयी |

शुभकामना देनेवालों में मंडल वि.वि. के स्नातकोत्तर गणित के विभागाद्यक्ष डॉ.के.के.सिंह , टी.पी.कालेज के गणित के विभागाद्यक्ष डॉ.एम.एस.पाठकसहित डॉ.दिलीप कुमार, डॉ.पी.एन.पीयूष, डॉ. अतुल कुमार मल्लिक, प्रो.श्यामल किशोर यादव , डॉ. मधेपुरी , पी. यदुवंशी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे |

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