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खेल के सबसे बड़े मेले ओलंपिक की मेजबानी करने वाले टोक्यो में कोरोना संकट गहराया

जापान की राजधानी टोक्यो में इन दिनों विश्व का सबसे बड़ा खेल मेला लगा हुआ है। इस ओलंपिक खेल मेले को 2020 में होना था लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब 2021 में इसे 23 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित किया गया है।

बता दें कि स्टेडियम में दर्शकों की इंट्री पर रोक लगा दी गई है। खेल के कोच एवं खिलाड़ी भी कोरोनावायरस का पालन करते हुए देखे जा रहे हैं। खेलों के बाद खिलाड़ी को भी मास्क पहनते देखा जा रहा है।

फिर भी टोक्यो में 6 माह से ज्यादा समय बाद बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 2848 नए केस पाए गए हैं। कोरोना के दैनिक मामले ऐसे समय में बढ़ रहे हैं, जब यह टोक्यो शहर ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर रहा है।

कोरोना विशेषज्ञ ने आगाह किया है कि 23 जुलाई (शुक्रवार) से शुरू हुए ओलंपिक खेलों के दौरान डेल्टा वेरिएंट के चलते कोरोना का कहर बढ़ सकता है। फिलहाल युवाओं एवं वैक्सीन नहीं लगाने वाले लोगों में संक्रमण बढ़ रहा है। इन दिनों टोक्यो के अस्पतालों में करीब 3000 कोरोना मरीज भर्ती हैं जिनकी संख्या निरंतर बढ़ रही है। क्योंकि, अभी तक जापानियों का टीकाकरण 25% ही पूरा हो पाया है।

यह भी जान लीजिए कि दो बार कोरोना संक्रमित हुए ब्रिटेन के स्विमर टॉम डीन ने पुरुष 200 मीटर फ्रीस्टाइल इवेंट में ओलंपिक गोल्ड मेडल जीता। 21 वर्षीय डीन ने इस दूरी को तय करने में 1 मिनट 44.22 सेकंड का समय लिया।

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टोक्यो- 2020 में भारतीय बेटियों का जलवा जारी

टोक्यो- 2020 ओलंपिक के तीसरे दिन विश्व के सबसे बड़े खेल मेले में भारत की बेटियां छाई रही। पीवी सिंधु, एमसी मैरीकॉम एवं मनिका बत्रा ने भारत की बेटियों को अपनी बेहतरीन हुनर से खूब प्रोत्साहित की हैं।

बता दें कि मुक्केबाजी में मैरीकॉम और बैडमिंटन में पीवी सिंधु, ने दमदार आगाज करते हुए अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीत लिए। भारत की खेल प्रेमी बेटियों को भरपूर प्रेरणाएं देती रही मैरीकॉम एवं सिंधु ने।

टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने निराशा को आशा में बदल दिया और दमदार वापसी करते हुए उसने तीसरे दौर में जगह बना ली है। टीवी पर मनिका बत्रा का खेल देखते हुए क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारतरत्न सचिन तेंदुलकर ने कहा- “मनिका ने क्या शानदार वापसी की।”

चलते-चलते यह भी जानिए कि पीवी सिंधु का अगला मुकाबला 27 जुलाई को हांगकांग की सीए यी से होगी वहीं मैरीकॉम का अगला मुकाबला 29 जुलाई को कोलंबिया की वालेसिया विक्टोरिया से होगी।

 

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चानू ने चांदी की चमक से चमकाया भारत का नाम

दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले “टोक्यो ओलंपिक- 2020” में मणिपुर की रहने वाली मीराबाई चानू ने 24 जुलाई को संपन्न हुए वेट लिफ्टिंग प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम पदक तालिका में अंकित कराने का गौरव प्राप्त किया।

जानिए कि टोक्यो ओलंपिक- 2020 में 49 किलोग्राम के महिला वर्ग में प्रथम दिन ही सिल्वर मेडल जीतकर चानू ने 135 करोड़ भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाकर संपूर्ण भारतीय खेल प्रेमियों के हौसले बुलंद कर दिया है।

भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, खेल मंत्री सहित सबों ने चानू को बधाइयों का तांता लगा दिया है। मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि चानू ने आज देश को गौरवान्वित किया है।

बता दें कि जहां प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समस्त भारत चानू के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रजत पदक जीतने पर भारत को चानू पर गर्व है। टोक्यो में बेहतर शुरुआत के लिए खेल मंत्री ने शुभ शनिवार कहा। सारा भारत जश्न मना रहा है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सर्वाधिक चर्चित राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित, वर्ल्ड चैंपियनशिप- 2017 के स्वर्ण पदक विजेता एवं कॉमनवेल्थ गेम्स- 2018 के स्वर्ण पदक विजेता रही मीराबाई चानू के टोक्यो- 2020 में पहले ही दिन सिल्वर मेडल से भारत का नाम पदक सूची में स्वर्ण अक्षरों स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराने तथा खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को प्रोत्साहित करने हेतु उनके खेल के प्रति समर्पण को सलाम किया है।

 

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टोक्यो मिशन ओलंपिक -23 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 तक

इस बार टोक्यो ओलंपिक मिशन के लिए 126 भारतीय खिलाड़ी पदक का दावा पेश कर रहे हैं। कुल मिलाकर 18 खेलों की अलग-अलग स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे भारतीय खिलाड़ीगण ।

बता दें कि इस मिशन ओलंपिक की टीम में सात ऐसे जांबाज खिलाड़ी हैं जो आज की तारीख में खेल की दुनिया में नम्बर वन पर है। पहलवान विनेश फोगाट, वेटलिफ्टिंग मीरा बाई चानू, बैडमिंटन में पीवी सिन्धु के अतिरिक्त दर्जन भर खिलाड़ी पदक के बड़े दावेदार हैं।

भारतीय खिलाड़ियों को भिन्न-भिन्न विधाओं में भिन्न-भिन्न तिथियों को आप इस तरह देखकर प्रोत्साहित कर सकेंगे –

(1) निशानवाजी- 24 से 27 व 30-31 जुलाई तथा 2    अगस्त को
(2)तिरंदाजी – 24, 26 एवं 31 जुलाई को
(3)टेनिस – 24 जुलाई से 01 अगस्त तक
(4)बैडमिंटन – 30 जुलाई को अवश्य देखेंगे पीवी सिन्धु को
(5)एथलेटिक्स- 31 जुलाई तथा 2,3,5,6 एवं 7 अगस्त को
(6)कुश्ती – 4 से 7 अगस्त तक (6 को फोगाट को देखें)
(7)मुक्केबाजी- 1,4,5 एवं 6 अगस्त को
(8)नौकायन – 1,2 एवं 4 अगस्त को
(9) टेबल टेनिस – 26, 29 एवं 30 जुलाई को
(10)वेटलिफ्टिंग- 24 जुलाई को अवश्य देखेंगे चानू को (11)तैराकी – 26, 27, 28 एवं 31 जुलाई को (12)घुड़सवारी- 2 अगस्त.
(13)गोल्फ -1 एवं 7 अगस्त को
(14)रोइंग – 24 जुलाई को.
(15)तलवारबाजी- 26 जुलाई को
(16)जूडो – 24 जुलाई को
(17)हॉकी पुरुष – 24,25,27,एवं 30 जुलाई को
(18)हॉकी महिला – 24, 26, 28, 30 एवं 31 जुलाई को

 

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चार साल में तीन बच्चों को जन्म देने वाली ब्रिटेन की हेलेन अब टोक्यो में गोल्ड मेडल की हैट्रिक बनाएगी

दुनिया की नम्बर वन रोवर ब्रिटेन की हेलेन ग्लोवर टोक्यो ओलंपिक खेलों मे शिरकत करनेवाली पहली ब्रिटिश माँ हैं जिन्होंने 2016 में हुए रियो ओलंपिक के बाद लेखक स्टीफन जेम्स बैकशॉल से शादी कर ली और चार सालों में तीन बच्चों की माँ बन गई । उसका पहला बेटा दो साल का है।

बता दें कि हेलेन ने सर्व प्रथम 2 012 का ओलंपिक लंदन में, दूसरा 2016 में रियो डी जनेरियो ओलंपिक में दोनों बार गोल्ड मेडल जीती । अब तीन बच्चों की 35 वर्षीय माँ हेलेन कहती है कि तीसरी बार टोक्यो में मैं पिछले दोनों ओलंपिक से अधिक उत्साह के साथ महिलाओं की कॉक्सलेस जोड़ी स्पर्द्धा में तीसरा स्वर्ण पदक जीतने जा रही हूँ।

चलते-चलते यह भी जानिए कि हेलेन कल से शुरू होने वाले टोक्यो ओलंपिक में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है। हेलेन आत्मविश्वास के साथ कहती है कि इस ओलंपिक भागीदारी की हैट्रिक के साथ यहाँ मेरा गोल्ड मेडल हैट्रिक भी पूरा होगा |

 

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अफगानिस्तान में शहीद हुए भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को श्रद्धांजलि

दो देशों के बीच गोलीबारी या मुठभेड़ की स्थिति में आमतौर पर किसी भी पत्रकार को निशाना नहीं बनाया जाता है, परंतु अफगानिस्तान में तालिबान ने जो दुस्साहस किया है दरअसल वह प्रेस या मीडिया पर निर्मम हमला है।

बता दें कि कंधार में तालिबान ने भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को उस वक्त निशाना बनाया था जब वह अफगान सुरक्षा बलों के साथ वहां के हालात की निष्पक्ष रिपोर्टिंग कर रहे थे। समाचार एजेंसी रायटर से जुड़े शहीद दानिश पुलित्जर पुरस्कार विजेता थे।

यह भी जानिए कि इस वर्ष अभी तक अफगानिस्तान में 6 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है, जिनमें 4 महिला पत्रकार हैं, जबकि पिछले पूरे साल में 6 पत्रकार रिपोर्टिंग करते हुए वहां शहीद हुए थे। वर्ष 2018 में वहां 16 पत्रकारों को जान गंवानी पड़ी थी। कोई संगठन पत्रकारों को इस कदर नापसंद क्यों करते हैं जबकि वह समाज को बेहतर और पारदर्शी बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। शहीद दानिश सिद्दीकी सहित अफगानिस्तान में हुए सभी शहीद पत्रकारों के प्रति शोक जताते हुए भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री सहित भारत के सभी संवेदनशील सुदी जनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि भारत ने 10 जुलाई को कंधार में वाणिज्य दूतावास से लगभग 50 राजनयिकों, सहायक कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को भारतीय वायुसेना की मदद से वापस बुला लिया है। परंतु, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि वहां पर तालिबान जो कुछ कर रहा है उस पर पूरे विश्व को ज्यादे कड़ाई से संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि जो देश तालिबान के पीछे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खड़े हैं, उन्हें मानवीयता के आईने में अपनी छवि को बार-बार देखनी भी चाहिए।

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ज्यादा दिनों तक स्कूल से बच्चों के दूर रहने को लेकर यूनिसेफ चिन्तित

ग्लोबल एजुकेशन मीटिंग से पहले यूनिसेफ ने बयान जारी कर कहा कि स्कूलों को खोलने के लिए हम कोरोना संक्रमण के नये मामले शून्य होने का इंतजार नहीं कर सकते | यूनिसेफ ने छात्रों व शिक्षकों के पूर्ण टीकाकरण का इंतजार करने को भी अनुचित बताया । एजेंसी ने यह भी कहा कि ज्यादा दिनों तक स्कूल से दूर रहने पर बच्चों के स्कूल लौटने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।

बता दें कि भारत के लगभग 25 करोड़ बच्चे कमोबेश 18 महीने से स्कूली कक्षाओं से दूर रहे हैं जिससे बच्चों व किशोरों के नुकसान को कभी नहीं भरा जा सकेगा। दुनिया के करीब 170 देशों में से ज्यादातर देशों में कुछ दिनों के लिए ही  कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बन्द रहे ।
मौके पर समाजसेवी—शिक्षाविद डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने यही कहा कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए स्कूली वातावरण काफी अहमियत रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्कूली बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं की ओर उन्मुख किया गया, परन्तु ऑनलाइन कक्षाएं स्कूली पढ़ाई का कतई विकल्प नहीं है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि वंचितों के बच्चों को ऑनलाइन क्लास से खासा परेशानी इसलिए होती है कि उनके अभिभावक और उन बच्चों के स्कूलों के पठन-पाठन का स्तर ऊंचा नहीं होता है !

 

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विश्व जनसंख्या दिवस-2021, पर जागरूक करें लोगों को

पृथ्वी का क्षेत्रफल तो यथावत है,स्थिर है, बढ़ नहीं रहा है। परन्तु, पृथ्वी के सभी देशों में लोगों की जनसंख्या  बेतरह बढ़ती जा रही है। लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। फलस्वरूप जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1989 के 11 जुलाई से विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत की गई , क्यांकि 1987 में दुनिया की जनसंख्य 5 अरब हो गई थी।

बता दें कि भारत मे जनसंख्या विस्फोट ने हमारे विकास को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जितनी बड़ी जनसंख्या उतनी अधिक समस्याएँ । चाहे विश्व या भारत की जनसंख्या हो, तेजी से विकास करने के लिए जनसंख्या पर नियन्त्रण करना जरूरी है।

जानिए कि विश्व की जनसंख्या 1 अरब तक पहुंचने में हजारों वर्ष लगे, परन्तु बाद के दो सौ वर्षों में ही आबादी 7 अरब को भी पार कर गई । विश्व में इतनी आबादी के लिए संसाधन नहीं है, इसलिए जनसंख्या नियन्त्रण परम आवश्यक हो गया है। तभी तो ‘ हम दो-हमारे दो ‘ से लेकर गर्भ निरोधक दवाओं के इस्तेमाल और लैंगिक समानता जैसे सभी गम्भीर विषयों पर विमर्श होता रहा है। भला क्यों नहीं, कोविड-19 हमें बढ़ी हुई आबादी के दुष्परिणामों को अच्छी तरह समझा दिया, इसलिए जनसंख्या प्रबन्धन न सिर्फ देश बल्कि समस्त विश्व के लिए जरूरी हो गया है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने विश्व जनसंख्या दिवस पर यही कहा  कि सभी राज्य यूपी के नक्शे कदम पर चलकर अपने संसाधनों के अनुरूप विकास करें और जनसंख्या पर नियंत्रण करने हेतु जागरूकता बढ़ाएं, कानून बनाएँ या केन्द्र को कानून बनाने हेतु अनुरोध करें।

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दुनिया में आबादी को लेकर क्या हो रहा है ?

जहां दुनिया के इन देशों – चीन, अमेरिका, जापान , इटली और रूस में घटती आबादी से निपटने के प्रयास हो रहे हैं,वहीं कई देशों में तो ये प्रयास बेअसर भी हो रहे हैं। कहीं –  कहीं तो बच्चे के जन्म होने पर उस परिवार को इंसेंटिव दिये जाते हैं।
बता दें कि चीन का ग्रोथ रेट फिलहाल न्यूनतम स्तर 0.53 पर आ गई है जबकि वहाँ “एक संतान नीति” को 2016 में ही खत्म कर दिया गया था। फिर दो संतान नीति भी बेअसर रहा। अब तो वहाँ तीन बच्चों को जन्म देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जानिए कि अमेरिका में 1920 के बाद आबादी की रफ्तार न्यूनतम स्तर पर रही जो 2020 में प्रयास करते रहने पर 35% पर ठहर गयी है। वहीं जापान में के सदी के अन्त तक 12 करोड़ से घटकर 5 करोड़ पर आबादी ठहर जाने वाली है।

यह भी कि यूरोप के इटली की आबादी 6 करोड़ से घटकर 2 करोड़ पर ठहरने वाली है जहाँ फर्टिलिटी रेट 1 .3 है। वहीं बच्चों के जन्म पर लगभग एक लाख का इंसेंटिव दिया जाता है। रूस में भी काफी समय से आबादी बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं।

जानिए कि दुनिया के 23 देशों की कुल आबादी आज की तुलना में आधी हो जाने का अनुमान है। यहां तक कि दुनिया के सबसे सघन आबादी वाले हे हांगकांग के रिचलैंड गार्डन क्षेत्र की आबादी भी पहली बार घटी है।

बावजूद इसके भारत की आबादी 2048 तक शीर्ष पर होने की चर्चा है,क्योंकि भारत के 9 राज्यों में फर्टिलिटी रेट अभी भी 2 से अधिक है। बिहार में तो यह दर सबसे ज्यादा 3.23 है तथा यूपी में यह दर 2 .76 है। हाॅ ! भारत में एक दर्जन ऐसे भी राज्य हैं जहाँ जन्मदर 2 से कम है। ज्यादा मुस्लिम जनसंख्या वाले राज्यों में भी प्रजनन दर कम है।

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टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए 26 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा

टोक्यो में 31 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाली ओलंपिक में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने 26 सदस्यीय पुरुष व महिला टीमों की घोषणा कर दी है।

बता दें कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष एजे सुमारिवाला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यही कहा है कि भारत के लिए यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण बात है कि एक दर्जन एथलीटों के साथ-साथ हमारी 4X400 मीटर मिश्रित रिले टीम ने खुद ही ओलंपिक टिकट कन्फर्म करने हेतु विश्व एथलेटिक्स द्वारा निर्धारित प्रवेश मानकों को हासिल कर लिया है।

यह भी जानिए कि दुति चंद (महिला 100मी, 200 मी.), एम पी जाबिर (पुरुष ५०० मी.बाधा दौड़), गुरप्रीत सिंह (पुरुष 50 कि.मी रेस वॉक ) तथा अन्नू रानी (महिला, भाला फेक) को उनकी रेकिंग के आधार पर ही ओलंपिक टिकट प्राप्त हुआ है।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि क्रिकेट के भगवान और भारतरत्न सचिन  तेंदुलकर ने ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रहे भारतीय खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की है तथा टोक्यो ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त की है।

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