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कोरोना पीड़ितों के लिए 7 करोड़ जुटाने में लगे हैं विराट और अनुष्का

कोरोना काल में मानवता की रक्षा के लिए सभी देशों ने भारत की मदद करनी शुरू की तो भारतीय खिलाड़ी, फिल्म सितारे और उद्योगपति भी मदद को सामने आने लगे। जब तेंदुलकर ने एक करोड़ की घोषणा की तो लगे हाथ विराट और अनुष्का ने दो करोड़ रुपए दान किए और 7 दिनों में 7 करोड रुपए जुटाने की योजना भी बना डाली है। कैंपेन की शुरुआत करते ही 2.5 करोड़ से अधिक राशि जमा हो गई।

बता दें कि 2 सप्ताह पहले भारत में ऑक्सीजन से लेकर वैक्सीन तक की डिमांड जीरो थी और आज 55 गुना बढ़ गई है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय अपने परिजनों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजने में लगे हैं। भारत में ऑक्सीजन की जबरदस्त किल्लत के कारण एनआरआई विदेशों से अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का इंतजाम कर रहे हैं। कईयों के माता-पिता भारत में अकेले हैं और वे चाहकर भी उन तक नहीं पहुंच सकते हैं।

जानिए कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए भारत सरकार ने फिलहाल मेडिकल इक्विपमेंट पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है, लेकिन एक घर के लिए सिर्फ दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को आयात करने की इजाजत दी है।

चलते-चलते यह भी कि भारत की राजनीतिक विपक्षी पार्टियों ने कोरोना की तीसरी लहर को रोकने हेतु जल्द से जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने पर जोर दे रही है। साथ ही यह भी कि कोरोना के सभी म्यूटेशन पर जल्द से जल्द सभी उपलब्ध वैक्सीन का टेस्ट अविलंब करने की प्रक्रिया आरंभ की जाए।

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कोरोना की तीसरी लहर की ओर बढ़ता भारत

भारत में पहली, दूसरी और अब तीसरी लहर… कब तक चलेगा यह कोरोना का कहर ! सुप्रीम कोर्ट ने तीसरी लहर पर चिंता जताई है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि जब भारत कोरोना की दूसरी लहर नहीं संभाल पा रहा है तो तीसरी लहर कैसे संभालेगा ?

बता दें कि वैज्ञानिकों ने उद्घोषणा की है कि प्रथम लहर में 10 से 14 दिनों का समय मिलता था और इसमें प्राय: 45 से ऊपर के बुजुर्गों को ज्यादातर अपने गिरफ्त में लेता रहा करोना। दूसरी लहर में कोरोना ने 5 से 7 दिनों में प्रायः युवाओं को अपना शिकार बनाने लगा है।

अब कोरोना की तीसरी लहरा आने ही वाली है। वह लहर नहीं…. सुनामी होगी ! वैज्ञानिकों के अनुसार इस तीसरी लहर में कोरोना द्वारा प्राय: बच्चों को ही शिकार बनाया जाएगा। बकौल वैज्ञानिक इसमें कोरोना द्वारा 2 दिनों में ही बच्चों को गंभीर हालत में पहुंचा दिया जाएगा और डॉक्टरों को इलाज करने का समय तक नहीं मिलेगा। दो से तीन दिनों में मरीज को आईसीयू में पहुंचा देगी यह तीसरी लहर। कुछ-कुछ देश तो तीसरी लहर की तैयारी के तहत बच्चों के लिए वैक्सीन तैयार करने में भी जुट गए हैं।

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विनम्र अनुरोध करते हुए देशवासियों से यही कहा कि कोरोना की दूसरी लहर तो जारी है और आगे तीसरी की बारी है। अभी भी देशवासी कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों को लेकर बिल्कुल लापरवाह है। सरकार और जिला प्रशासन को जैसा सहयोग मिलना चाहिए वैसा नहीं मिल पा रहा है। जानिए कि कोरोना वायरस अब तेजी से अपना व्यवहार बदलने लगा है। तीसरी लहर में अधिक वेरिएंट होगा और कौन वैरीएंट किसे कब दबोचेगा, उसकी जानकारी किसी को नहीं होगी।

चलते-चलते यह भी बता दे कि भारत के लोग अब तक गलती पर गलती करते जा रहे हैं और इन्हीं गलतियों के कारण हम तीसरी लहर को भी आमंत्रित करने जा रहे हैं। जिस-जिस देश के लोगों ने गलती नहीं की उन्हें कोरोना ने माफ भी कर दिया है।

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भारतरत्न डाॅ.कलाम के अभिन्न मित्र रक्षा वैज्ञानिक डॉ.मानस बिहारी वर्मा नहीं रहे

बिहार के रहने वाले पद्मश्री डॉ.मानस बिहारी वर्मा 35 वर्षों तक DRDO में एक वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत रहे। वे लंबे समय तक मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम किए। वे एयरक्राफ्ट ‘तेजस’ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी थे । भारतीय वायु सेना में तेजस का योगदान अविस्मरणीय है और रहेगा।

उन्हें दर्जनों पुरस्कार से नवाजा गया। साइंटिस्ट ऑफ द ईयर, टेक्नोलॉजी लीडरशिप अवार्ड…. आदि के संग-संग पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया। वे रिटायर्ड करने के बाद से बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के छोटे से पैतृक गांव बाऊर में रह रहे थे। पिताश्री ए.के.एल दास व माताश्री यशोदा के घर 29 जुलाई 1943 को जन्मे ऋषि (बचपन का नाम) सहित तीन भाई व चार बहनें हैं। बिहार को अपनी कर्मभूमि बनाकर बच्चों के प्रायोगिक ज्ञान को विकसित करने हेतु कई संस्थाओं का निर्माण भी उन्होंने किया।

अंतिम दिनों में वे दरभंगा-लहेरिया सराय में अपनी बहन के घर में रहने लगे। वहीं 78 वर्ष की उम्र में उन्होंने 3 मई (सोमवार) की देर रात अंतिम सांस ली। समस्त भारत एवं विदेशों में उनके चाहने वालों के बीच उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गई है। चारों तरफ लोग उनकी आत्मा की चिर शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।

यहां तक कि मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार एवं डॉ.कलाम के अत्यंत करीबी रहे भौतिकी के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उस ऋषि तुल्य वैज्ञानिक मानस बिहारी के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा- “आज 2005 के दिसंबर महीने का अंतिम सप्ताह मेरी नजर के सामने से गुजरने लगा है। महामहिम राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के बिहार आगमन को लेकर उनके साथ दसकों तक एक लैब में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ.अरुण कुमार तिवारी का फोन आता है मुझे। डॉ.तिवारी साहब मुझसे कहते हैं…. मधेपुरी साहब आपको दरभंगा नजदीक है या पटना….. महामहिम को 30 दिसंबर को दरभंगा में उद्घाटन कार्यक्रम है, साथ ही उन्हें डॉ.मानस बिहारी वर्मा साहब से भी मिलना है…. चाहें तो आप वहीं आकर महामहिम से मिल लें या फिर पटना में राजभवन, एसके मेमोरियल हॉल, महावीर कैंसर संस्थान या वापस दिल्ली जाते समय रात में हवाई अड्डे पर भी मिल सकते हैं…. मिला तो रात के लगभग 9:00 बजे पटना हवाई अड्डे के विशाल प्रसाल में जहां महामहिम की गरिमामय उपस्थिति का आलोक पूरे परिवेश में फैला हुआ था। वहां मौजूद थे महामहिम के साथ उनके प्रिय शिष्य व सहयोगी डॉ.अरुण तिवारी, वरुण मित्रा और मैं। बस एक शख्स की कमी महसूस हुई मुझे…. और वे थे डॉ.मानस बिहारी वर्मा।

 

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पश्चिम बंगाल में जीत हुई तृणमूल व बीजेपी की और हार हुई सीपीएम व कांग्रेस की

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पूर्व और बाद में भी हिंसा का तांडव देश देखता रह गया। चुनाव आयोग तक को न्यायालय ने दोषी करार कर दिया। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में पीएम और सीएम से लेकर गृह मंत्री तक की सभाओं व रोडशोज में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती हुई दुनिया देखती रही। देश के सभी न्यायमूर्तिगण भी देखते रह गए। अंत में सुप्रीम कोर्ट ने मुंह खोला।

कुल 292 विधानसभा वाले बंगाल विधानसभा की सभी सीटों के रिजल्ट दे दिए गए। ममता बनर्जी का तृणमूल 213 सीटों पर और बीजेपी 77 सीटों पर विजयी हुई। अन्य के खाते में 2 सीटें गई।

बता दें कि इस चुनाव में इन्हीं दोनों मुख्य पार्टियों टीएमसी व बीजेपी की जीत हुई। जीत इस मायने में कि तृणमूल कांग्रेस एंटीइंकम्वेंसी को पीछे छोड़ एक जोड़ा सीटों पर अपना जोड़ा फूल खिलाया, वहीं बीजेपी ने 3 सीटों से चलकर 74 अधिक सीटों पर कमल खिलाने में सफलता पाई। यदि इस चुनाव में हार हुई है तो केवल इन दो पार्टियों- सीपीएम और इंडियन नेशनल कांग्रेस की। ये दोनों पार्टियां तो पतन की अंधेरी खाई में गिर गई पश्चिम बंगाल में। भला इतने लंबे अर्से तक पश्चिम बंगाल और पूरे देश में राज करने वाला सीपीएम और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुलना ही तो इनकी शर्मनाक हार है।

चलते-चलते महामहिम डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी मधेपुरा के संवेदनशील समाजसेवी व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने पश्चिम बंगाल के रिजल्ट पर यही कहा कि कलाम साहब तो बराबर यही कहते रहे कि भारत को विकसित देश बनाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को दो प्रमुख दलों में एकाकार होकर चुनाव में उतरना चाहिए, जिसमें एक ओर कर्म पर आधारित सभी पार्टियां हो तो दूसरी ओर धर्म पर। यदि ऐसा हुआ होता तो सीपीएम और कांग्रेस की ऐसी दुर्दशा नहीं होती।

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कोरोना सरीखे राष्ट्रीय आपदा के समय मूकदर्शक बन नहीं बैठा सुप्रीम कोर्ट

भारत को कोरोना की दूसरी लहर के दरमियान खतरनाक दौर से गुजरते देख सुप्रीम कोर्ट चुप नहीं रह सका। शीर्ष अदालत ने कहा कोरोना महामारी के चलते पैदा हुए राष्ट्रीय संकट की घड़ी में हम मूकदर्शक बन कर नहीं रह सकते। शीर्ष अदालत ने कहा-

“कोरोना महामारी के चलते पैदा हुए राष्ट्रीय संकट की घड़ी में हम मूकदर्शक बन बैठे नहीं रह सकते। राष्ट्रीय मुद्दे पर हमारा दखल देना महत्वपूर्ण है।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी जानकारी देने की बात कही कि देश की जनता को दिए जाने वाली मेडिकल सुविधाएं, ऑक्सीजन सप्लाई और वैक्सीनेशन प्रोग्राम आदि की विस्तृत जानकारियां सार्वजनिक की जाए। कोविड टीकों की अलग-अलग कीमतों के तर्क के बारे में भी जानकारी मांगी। राज्यों से भी इस महामारी से निपटने हेतु बुनियादी व्यवस्था की रूपरेखा के बारे में अविलंब बताने को कहा। जानिए कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि इस कोरोना महामारी से निपटने के लिए आपकी राष्ट्रीय योजना क्या है ? सुनवाई की शुरुआत में ही न्यायालय ने कहा कि हमें लोगों की जिंदगी बचाने की जरूरत है। जब भी हमें जरूरत महसूस होगी, हम दखल देंगे।

सुनवाई के दौरान जस्टिस एसआर भट्ट ने यह भी कहा कि सेना एवं रेलवे के डॉक्टर्स जो केंद्र के अंतर्गत आते हैं, को क्वारंटीन, वैक्सीनेशन व अन्य कार्यो में इस्तेमाल में लिया जा सकता है। इस पर कोई राष्ट्रीय योजना होने की जानकारी भी मांगी कोर्ट ने। अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।

अंत में सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र व राज्यों के लिए वैक्सीन की कीमतें अलग-अलग रखने पर सवाल उठाने एवं कोविड प्रबंधन मामले में मदद करने हेतु वरिष्ठ एडवोकेट जयदीप गुप्ता एवं मीनाक्षी अरोड़ा को न्याय मित्र के रूप में नियुक्त करने पर मधेपुरा के अदालत में कार्यरत एडवोकेट सुधांशु शेखर एवं मधेपुरा के संवेदनशील समाजसेवी डॉ.भपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने देश के सुप्रीम अदालत के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है।

चलते-चलते यह भी घोषणा अदालत ने की कि कोरोना ने देश में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मार्च- 2021 तक समाप्त हो रहे “पीरियड ऑफ लिमिटेशन” को अगले आदेश तक बढ़ाया जाता है।

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भारत में पीएम रहे मनमोहन के कोरोना संक्रमित हुए, सुनते ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री का भारत दौरा रद्द

आरबीआई के गवर्नर तथा अर्थशास्त्र के ज्ञाता भारत में लंबे अर्से तक प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संक्रमित हो गए हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया।

बता दें कि 88 वर्षीय श्री सिंह को बेहतर इलाज हेतु एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्राॅमा सेंटर को “कोविड उपचार केंद्र” के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। आरंभ में उन्हें हल्का बुखार था, बाद में जांच के क्रम में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की गई। यह भी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की जानकारी दुनिया को दी।

जानिए कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आने की सहमति दी जा चुकी थी। परंतु, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ऐसे दिग्गज नेताओं के कोरोना संक्रमित होने के मद्देनजर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन फिलहाल भारत यात्रा पर नहीं आएंगे।

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रमजान है इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना

चांद का हुआ दीदार, पहला रोजा आज। 14 अप्रैल से शुरू हुआ रोजा। इस पर्व में इबादत से राजी होकर खुदा बेपनाह रहमते बरसाता है। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए अहम माना जाता है। इसे उपवास और इबादत करने का एक पवित्र महीना माना जाता है।

बता दें कि रमजान को माह-ए-रमजान भी कहा जाता है। इस पूरे महीने अल्लाह की सच्चे मन से इबादत की जाती है। इस महीने में रोजे रखने के अलावा रात में तरावीह की नमाज पढ़ी जाती है। सुबह सेहरी करके रोजा शुरू किया जाता है तथा शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है। जानिए कि सेहरी और इफ्तार का समय निश्चित होता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि रमजान के महीने को तीन भागों में बांटा गया है। प्रथम 10 रोजों में रहमतों का दौर होता है और दूसरे 10 रोजों में माफी का एवं अंतिम 10 रोजे जहन्नुम की आग से बचाने के लिए होता है। परंतु, इस बार कोरोना की नई लहर के कारण सामूहिक नमाज- इफ्तार से सभी परहेज कर रहे हैं…. क्योंकि कुरान-ए-पाक में वतन से मोहब्बत करने का हुक्म है।

 

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रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-बी के इस्तेमाल हेतु भारतीय विशेषज्ञों ने दी मंजूरी

भारत में कुछ दिनों से भारतीय सिरम इंस्टीट्यूट की “कोविशिल्ड” एवं भारत बायोटेक की “कोवैक्सीन” का इस्तेमाल कोरोना टीकाकरण के रूप में किया जा रहा है।

हाल-फिलहाल रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-बी के आपातकालीन इस्तेमाल को भारतीय ड्रग कंट्रोलर जनरल की विषय विशेषज्ञ समिति ने मंजूरी दे दी है। जब फार्मास्यूटिकल कंपनी डॉ.रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने सात दिन कबल रूसी कोरोना स्पूतनिक-बी के भारत में इस्तेमाल की लिखित मंजूरी हेतु आवेदन दिया तो विषय विशेषज्ञ समिति ने स्वीकार कर लिया।

अतः भारत में कोरोना की बढ़ रही दूसरी लहर से मुकाबला करने के लिए भारत में अब तीन प्रकार के वैक्सीन उपलब्ध हैं। समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र  मधेपुरी ने भारत वासियों से अनुरोध किया है कि वैक्सीन अवश्य लें, परंतु मास्क भी पहने और दूरी बना कर रहें तथा साबुन से हाथ धोते रहें।

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महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 128वीं जयंती मनी मधेपुरा में

प्रतिष्ठित बहुभाषाविद् एवं महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 128वीं जयंती कोरोना के कारण ऑनलाइन मनाया कौशकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। अपने वृंदावन निवास पर बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यात्रा साहित्य के पितामह कहे जाने वाले राहुल सांकृत्यायन का जन्म 1893 ईस्वी के 9 अप्रैल को यूपी के आजमगढ़ में हुआ था और 14 अप्रैल 1963 को दार्जिलिंग में उन्होंने अंतिम सांस ली थी।

इस अवसर पर सम्मेलन के अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने अपने ऑनलाइन संबोधन में यही कहा कि राहुल सांकृत्यायन का बचपन का नाम केदारनाथ पांडेय था, जिन्होंने अपने जीवन का 45 वसंत और पतझर देश-दुनिया की यात्राओं में बिताया। वे भारतीय मनीषा के अग्रणी विचारक, साम्यवादी चिंतक, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, सार्वजनिक दृष्टि एवं घुमक्कड़ प्रवृत्ति के महान पुरुष थे।

सम्मेलन के संरक्षक व पूर्व सांसद डॉ.आरके यादव रवि ने शुभाशीष देते हुए बच्चों से इतना ही कहा कि उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “मेरी लद्दाख यात्रा” में सभी धार्मिक, ऐतिहासिक व पारंपरिक जगह और रिवाजों का विस्तृत विश्लेषण है। उन्होंने हिन्दी, संस्कृत, पाली, भोजपुरी, उर्दू, फारसी, अरबी, तमिल, कन्नड़, तिब्बती, फ्रेंच एवं रूसी भाषाओं में भी पुस्तकें लिखी हैं।

अंत में डॉ.अरविंद श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यही कहा कि बाद में वे बौद्ध भिक्षु भी बन गए थे। मृत्यु के कुछ दिन पूर्व उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

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भारत में कोरोना की दूसरी लहर पहली के मुकाबले काफी तेज

भारत में कोरोना की दूसरी लहर पहली के मुकाबले काफी तेज है। प्रतिदिन हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं। महाराष्ट्र सहित 11 राज्यों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। चारों तरफ पाबंदियां लगाई जा रही है क्योंकि गत वर्ष कोरोना बढ़ने की रफ्तार 5.5 फ़ीसदी थी लेकिन इस बार यह 6.8 फ़ीसदी की दर से बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह तक भारत में संक्रमितों की संख्या 81 हजार के पार पहुंच गई।

कोरोना की रफ्तार को देखकर जेल के कैदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। कैदियों को भी कोरोना वैक्सीन देने की तैयारी हो रही है। कंटेनमेंट जोन में संक्रमितों की तलाश तेज कर दी गई है। यूपी में 11 अप्रैल तक, छत्तीसगढ़ में14 अप्रैल तक और महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक सभी स्कूल, कॉलेज, मॉल, सिनेमा आदि बंद कर दिए गए हैं।

यह भी जानिए कि कोरोना की दूसरी लहर 20 अप्रैल तक चरम पर होने की संभावना जताई जा रही है। सचिन तेंदुलकर कोरोना संक्रमित होकर छठे दिन अस्पताल में भर्ती हुए। रॉबर्ट वाड्रा कोरोना संक्रमित हुए तो प्रियंका गांधी ने रद्द कर दी सारे राजनीतिक कार्यक्रमों में संबोधित करने वाली सभा है।

चलते-चलते बता दें कि बिहार में विगत 24 घंटे में डेढ़ गुना बढ़े कोरोना मरीज। आंकड़ा 662 के पार पहुंच गया। पटना में कोरोना संक्रमितों की सर्वाधिक संख्या 287 तक पहुंच गई है

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