भू.ना.मंडल वि.वि. बीएड परीक्षा 08 सितम्बर से

कुलपति डॉ. विनोद कुमार के निदेशानुसार वि.वि. परीक्षा नियन्त्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि बी.एड. परीक्षा-2015 के लिए दो परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं |

परीक्षा नियन्त्रक डॉ.कुमार ने बताया कि भू.ना.मंडल वि.वि. में बी.एड.-2015 की परीक्षा 08(आठ) सितम्बर से शुरू होगी | उन्होंने कहा कि कुलपति ने बी.एड.परीक्षा के लिए दो परीक्षा केन्द्र बनाये जाने की स्वीकृति दी है |

कोसी प्रमंडल के लिए भू.ना.मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, साहुगढ़- मधेपुरा और पूर्णिया प्रमंडल के लिए पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है | दोनों परीक्षा केन्द्रों पर बी.एड. की परीक्षा 08 सितम्बर से प्रारम्भ होगी और परीक्षा की अवधि 12.00 दिन से 3.00 बजे यानी तीन घंटे की होगी | इस परीक्षा का विस्तृत प्रोग्राम सम्बन्धित केन्द्राधीक्षकों एवं कॉलेजों को शीघ्र भेज दिया जायेगा |

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प्रभात खबर ने किया प्रतिभाओं का सम्मान !

भू.ना.मंडल वि.वि.आडिटोरियम में गुरुवार को जिले के पाँच बाल वैज्ञानिक सहित 400 प्रतिभा संपन्न छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया | इस भव्य कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्जवलित कर कुलपति डॉ.विनोद कुमार, डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, कुलसचिव डॉ.के.पी.सिंह, डी.एम. मो.सोहेल, एस.पी. कुमार आशीष ने संयुक्त रूप से किया |

समारोह को सम्बोधित करते हुए कुलपति डॉ.विनोद कुमार ने कहा कि छात्रों को ऊंचाई तक जाने के लिए अनुशासन को अपने जीवन में अपनाना होगा | प्रतिभावान अनुशासित छात्रों को सम्मानित किये जाने पर उनमें आत्मविश्वास पैदा होता है | कुलसचिव कुमारेश प्र.सिंह ने कहा कि प्रतिभा को सम्मानित किये जाने पर हौसला बढ़ता है |

डी.एम. मो.सुहेल ने कहा कि छात्र रूटीन बनाकर उसके अनुरूप पढ़ें तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमेगी | एस.पी. कुमार आशीष ने कहा कि प्रभात खबर द्वारा ग्रामीण छात्रों को मंच दिए जाने से उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति आकर्षण बढ़ता है | डॉ.अरुण कुमार मंडल, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अशोक कुमार, ई.प्रभाष कुमार एवं डॉ.जौहरी व डॉ.जवाहर पासवान ने प्रभात खबर को इस तरह का सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए सर्वाधिक शुभकामनाएँ दी और कहा कि सम्मानित होने वाले बच्चों में अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों के निर्वहन की समझ बढ़ती है और वे अपने एवं देश के भविष्य निर्माण में बखूबी जुटने लगते हैं |

Dr.Madhepuri bestowing rewards to the students .
Dr.Madhepuri bestowing rewards to the students .

वहीँ पुरस्कार वितरण करने के बाद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने प्रभात खबर में अंकित “बिहार जागे. . . . देश आगे” के ऊपर उड़ते हुए पंछी को दिखाकर कहा – “छात्रो ! तेरी उड़ान में कभी विराम ना हो | तुम्हारे मन में लगन एवं अंतर्मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो पहाड़ भी तुम्हें नहीं रोक पायेगा |” उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छा-शक्ति के कारण ही तो बिना हाथों वाली जेसिका कोक्स आकाश में हवाई जहाज उड़ा रही है और बड़े-बड़े जलसों में पैरों से पियानो बजा रही है | साथ ही, कसवा अंचल  कार्यालय के अनुसेवक श्याम सुन्दर साह की पुत्री ललिता आई.ए.एस. बनकर पूर्णिया जिला की प्रथम महिला डी.एम. बन पिता का नाम रोशन कर रही है |

डॉ.मधेपुरी ने ब्यूरो चीफ रुपेश कुमार सहित प्रभात खबर परिवार को बार-बार शुभकामनाएं दी और बच्चों को संदेश – “मेरे बच्चो ! तुम कभी खुद को असहाय मत समझना | तुम्हारे अन्दर दैवीय शक्ति छिपी है | हमेशा कलाम को स्मरण करते हुए उसमें पंख लगाते रहना और उड़-उड़ कर ऊंचाईयों तक पहुँचते रहना | ”

People attending Prabhat Khabar Pratibha Samman Samaroh at BNMU .
People attending Prabhat Khabar Pratibha Samman Samaroh at BNMU .

प्रभात खबर द्वारा आयोजित इस प्रतिभा सम्मान समारोह को सफल बनाने में मधेपुरा-चकला चौक, पृथ्वी द्वार स्थित होली क्रॉस स्कूल के सचिव व प्रधानाचार्य गजेन्द्र कुमार व वंदना घोष, साउथ पॉइंट के निक्कू नीरद ब्रदर्स, माया विद्या निकेतन; शहीद चुल्हाय मार्ग की शशिप्रभा व हर्षवर्धन सिंह राठोड़, समिधा ग्रुप के संदीप शांडिल्य, दार्जीलिंग पब्लिक स्कूल; डॉ.मधेपुरी मार्ग के बाल वैज्ञानिक शिव कुमार व आशीष कुमार, किड्स वर्ल्ड सिंहेश्वर, मॉडर्न पब्लिक स्कूल तथा ज्ञानदीप निकेतन के चिरामणि यादव आदि अन्त तक हटे नहीं बल्कि डटे रहे |

समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे – डॉ.शैलेन्द्र कुमार परिसम्पदा पदाधिकारी, फर्जी हास्य कवि डॉ.अरुण कुमार, थानाद्यक्ष सुमन कुमार सिंह, डॉ.शम्भुशरण भारतीय, प्रो.कपिलदेव प्रसाद, मो.मुस्ताक, राहुल कुमार, आनंद कुमार, संजीव कुमार, कुंदन कुमार, मिस्टर जी, विवेक आदि | उद्घोषक के रूप में मानव सिंह ने खूब तालियाँ बटोरी |

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बदहाल लिफ्ट पर बदतर राजनीति

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष… जेड श्रेणी की सुरक्षा… राजधानी पटना के स्टेट गेस्ट हाउस जैसा स्थान… फिर भी लिफ्ट खराब… और उसमें फंस जाते हैं अमित शाह..! चलिए मान लिया कि मशीन है, कभी भी खराब हो सकती है, तो क्या फंसे हुए व्यक्ति को निकालने में 40 मिनट लग जाएंगे..? और तो और, क्या इतने हाई प्रोफाइल व्यक्ति के फंसने की जानकारी भी तब होगी जब वो स्वयं अपने फंसने की सूचना देंगे..? इतनी महत्वपूर्ण जगह पर एक लिफ्टमैन तक नहीं होगा..? सचमुच बहुत शर्मनाक, बहुत चिन्ताजनक और बहुत हैरतअंगेज बात है ये..!

जी हाँ, शर्म, चिन्ता और हैरत होती है ऐसे पद और कद के व्यक्ति की लचर सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर, बिहार के सरकारी तंत्र में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर और सबसे अधिक नेताओं के खत्म हो चुके विवेक और शिष्टाचार को लेकर..! चलिए बताते हैं कैसे..!

ये घटना 20 अगस्त की रात की है। अमित शाह पटना में थे और एक समाचारपत्र के कार्यक्रम में भाग लेकर स्टेट गेस्ट हाउस आए थे। वहीं रात के करीब 11.30 बजे पहले तल पर जाते हुए वे लिफ्ट में फंस गए। उस वक्त उनके साथ बिहार भाजपा प्रभारी भूपेन्द्र यादव समेत कुल छह लोग थे। लिफ्ट में वे पूरे चालीस मिनट तक फंसे रहे। इस बीच अफरा-तफरी मची रही और अन्त में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें लिफ्ट तोड़कर बाहर निकाला।

लेकिन जनाब यहीं बस नहीं हुआ। इसके बाद इस घटना पर नेताओं के बयान आने शुरू हुए। जेडीयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि लिफ्ट को पता नहीं था कि उसमें अमित शाह चढ़े हैं, वरना वो ऐसा नहीं करती। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने तो हद ही कर दी। उन्होंने बिहार में लिफ्ट छोटे होने की बात की और कह दिया कि इतने मोटे शख्स को लिफ्ट में चढ़ना ही नहीं चाहिए। दूसरी ओर भाजपा इस घटना को राज्य सरकार की साजिश बता रही है।

पहली बात तो ये कि शायद ही कोई सरकार इस हद तक गिरकर कोई साजिश करेगी। भाजपा की इस प्रतिक्रिया में भी राजनीति है लेकिन वो उतनी चिन्ता की बात नहीं जितनी जेडीयू और राजद का इस घटना का मखौल उड़ाना। दोनों पार्टियों की ओर से इस तरह का बयान आना उनकी संवेदनशून्यता का परिचायक है। क्या अब राजनीति के पीछे सामान्य शिष्टाचार की भी बलि चढ़ा दी जाएगी..! राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा में क्या विवेक को भी पैरों तले रौंद दिया जाएगा..!

जेडीयू अभी सरकार में है। सरकारी भवन की अव्यव्स्था के लिए पार्टी को शर्मिन्दा होना चाहिए था और व्यंग्य करने की जगह खेद व्यक्त करऩा चाहिए था। लालू प्रसाद आज बिहार में लिफ्ट छोटे होने की बात कह रहे हैं तो उन्हें ये भी कहना चाहिए था कि पन्द्रह साल सरकार में रहते उन्होंने लिफ्ट को बड़ा करने के लिए क्या किया। ये नहीं कहते तो ना सही उन्हें किसी के मोटे या पतले होने पर मजाक उड़ाने का हक तो कम-से-कम नहीं ही था।

राजनीति अपनी जगह है और शिष्टाचार अपनी जगह। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप होते हैं, होने ही चाहिएं। सहमति-असहमति होती है, होनी ही चाहिए। सब कुछ हो लेकिन विवेक के दायरे में। राजनीति बड़ी चीज है लेकिन मनुष्यता सबसे बड़ी चीज है, ये हमें हर हाल में याद रखना चाहिए।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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और इस तरह बदल जाएगी बैंकों की दुनिया

अब घर से निकलते ही आपको बैंक दिखेंगे। सड़कों को कौन पूछे, अब गली-गली में बैंक होंगे। क्या शहर, क्या कस्बा, क्या गांव… चौक हो, चौराहा हो या चौपाल और पेड़ की छांव… कहीं भी आप खड़े हों, यकीन मानिए आसपास कोई-ना-कोई बैंक आपको दिख ही जाएगा। जी हाँ, अब बदल जाएगी बैंकों की दुनिया। हम आपको बताते हैं कैसे। दरअसल एक बड़ा फैसला लेते हुए रिजर्व बैंक ने पेमेंट बैंक खोलने के लिए ग्यारह कम्पनियों की अर्जी मंजूर की है। इन कम्पनियों में कमोबेश सबसे आप परिचित होंगे। रिजर्व बैंक की मंजूरी हासिल करनेवाली इन कम्पनियों में रिलायंस, एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन भी शामिल हैं। जी हाँ, ठीक समझ रहे हैं आप। अब इन टेलीकॉम कम्पनियों के भी बैंक होंगे। ये बैंक पेमेंट बैंक कहलाएंगे। हालांकि ये बैंक आपको लोन नहीं दे पाएंगे लेकिन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसे काम बहुत आसान कर देंगे।

रिजर्व बैंक ने 19 अगस्त यानि बुधवार को जिन ग्यारह कम्पनियों को पेमेंट बैंक खोलने की मंजूरी दी है, वे हैं रिलायंस इंडस्ट्रीज, एयरटेल एम कामर्स, आदित्य बिरला नुवो लिमिटेड, वोडाफोन एम-पैसा, टेक महिंद्रा, डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट, नेशनल सिक्युरिटी डिपॉजिट लिमिटेड, फिनो पे टेक लिमिटेड, चोलामंडलम डिस्ट्रीब्यूशन सर्विस लिमिटेड, सन फार्मा और पे-टीएम। इन बैंकों में खाता खोलकर आप किसी भी तरह के बिल का भुगतान कर सकते हैं। अब इसके लिए आपको कैश की जरूरत नहीं पड़ेगी। इन पेमेंट बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

आपको बता दें कि ये बैंक डेबिट कार्ड तो जारी करेंगे लेकिन क्रेडिट कार्ड की सुविधा ये नहीं दे पाएंगे। फिर भी आज की व्यस्तता और भागदौड़ वाली दिनचर्या को देखते हुए ये पेमेंट बैंक किसी वरदान से कम नहीं होंगे। इन बैंकों का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि आप अपने सभी बिल समय पर और सुविधा से जमा कर पाएंगे। इनकी बदौलत दूर देहात में पैसा पहुँचाना भी चुटकी बजाने जैसा होगा।

भारत में आज से 206 साल पहले 1809 में बैंक ऑफ बंगाल की स्थापना के साथ आधुनिक बैंकिंग की शुरुआत हुई। तब ब्रिटिश राज था। इसके बाद 1840 में बैंक ऑफ बॉम्बे और 1943 में बैंक ऑफ मद्रास अस्तित्व में आए। आगे चलकर इन तीनों बैंकों को मिलाकर इंपीरियल बैंक बना और 1955 में उसका विलय भारतीय स्टेट बैंक में विलय कर दिया गया। इलाहाबाद बैंक भारत का पहला निजी बैंक था। भारत में ‘बैंकों का बैंक’ भारतीय रिजर्व बैंक 1935 में अस्तित्व में आया। एक दौर वो था जब बैंकों का कारोबार केवल वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों तक सीमित था और आज हर खास और आम की हर गतिविधि ही बैंकों से संचालित होने लग गई है।

एटीएम की सुविधा बैंकिंग की दुनिया में किसी क्रांति से कम नहीं थी। लेकिन बात इसी क्रांति पर नहीं रुकी। जल्द ही बैंक ने हमारे मोबाइल में जगह बना ली और अब हमारे सामने आ रहे हैं पेमेंट बैंक। इसे कहते हैं समय की करवट। बैंकों की दुनिया बदल रही है और बदल रही उसके साथ हमारी दुनिया भी।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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महारैली की सफलता महागठबंधन की स्मिता का सवाल है !

30 अगस्त यानी रविवार को नीतीश-लालू-सोनिया के महागठबंधन द्वारा पटना के गाँधी मैदान में महारैली का आह्वान किया गया है | उस स्वाभिमान महारैली को सफल बनाने हेतु 19 अगस्त को भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा में काँग्रेस के जिला अद्यक्ष सत्येन्द्र सिंह की अद्यक्षता में जदयू के माननीय मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ने अपने काफिले के साथ एवं राजद के पूर्व मंत्री राजेन्द्र प्रसाद यादव ने अपने दल के कर्मियों के साथ उपस्थित होकर देर शाम तक बैठक की |

कार्यकर्ताओं द्वारा मधेपुरा जिले की शानदार उपस्थिति हेतु ढेर सारे सुझाव दिए गये | यह भी तय हुआ कि गाँव-गाँव जाकर कार्यकर्ता लोगों को महारैली में जाने का आह्वान करें | यह स्मिता का सवाल है |

मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, राजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक प्रो.चन्द्रशेखर, प्रो. रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला सहित सभी दल के सभी प्रकोष्ठों के अद्यक्ष-सचिव ने कहा कि हर हाल में स्वाभिमान महारैली को सफल बनाना है | इस अवसर पर नेता जगदीश प्रसाद यादव, प्रो.अरविन्द कुमार, ई.प्रभाष कुमार, सियाराम यादव, मो.खालिद, बी.बी.प्रभाकर, प्रो.विजेंद्र ना.यादव, गुड्डी देवी, विजेन्द्र यादव, महेन्द्र पटेल, गोवर्धन मेहता, विष्णुदेव विक्रम, रूद्र ना.यादव, पारो यादव, बुलबुल सिंह, अशोक चौधरी, सत्यजीत यादव, जयकांत, अमरेश आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे |

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मधेपुरा जन संसद में क्या कहा डॉ. मधेपुरी ने ?

मधेपुरा कॉलेज में आयोजित कुसहा त्रासदी की सातवीं वर्षगांठ पर आयोजित “जनसंसद” में गावों से आये तब से परेशान नर-नारियों के घावों पर मरहम-पट्टी लगाने के लिए अतिसंवेदनशील इनक्लाबी महेन्द्र यादव पटना से मधेपुरा पहुँच गये | मंच संचालन के दरमियान महेन्द्र यादव ने राम लगन निराला, रामजी दास, विजय प्रताप, डॉ.मधेपुरी, विजय वर्मा, किशोर व मिराज सहित डॉ.संजय, डॉ.शंकर, अशोक सिन्हा, हर्षवर्धन सिंह राठोड़, भीम सिंह, सुभाष चन्द्र, बंटी-विकास आदि को भी कुसहा त्रासदी सहित तूफान व भूकम्प पीड़ित बेजुबानों के जुवान बनने का अवसर- प्रो.सचिन्द्र की अद्यक्षता- में दिया |

इस जन संसद में दर्जनों नर-नारियों के हाथों में इक्कीस सौ या इक्कावन सौ का सरकारी चेक दिखा जिन्हें वे महीनों-महीनों से ले-लेकर बैंक का चक्कर लगाते रहे हैं, लेकिन अबतक भुगतान नहीं हो पाया है | क्या कर रहे हैं भारतीय संसद के सदस्यगण ?

Victims showing uncashed government cheques .
Victims showing uncashed government cheques .

जब डॉ.मधेपुरी को इस मुद्दे पर कुछ कहने के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने कहा कि डपोरशंखी वादों से घिरी है सरकार | कुसहा त्रासदी के बाद यही वादे किये गये कि नया बिहार बनायेंगे लेकिन वादे कागज में ही दाबे चले गये | पचास प्रतिशत भी पुनर्वास नहीं हो पाया | उन्होंने यह भी कहा कि जिस भारतीय संसद में दोनों पक्ष लड़ते रहेंगे, पूरे सत्र में बहस कभी नहीं होगी, हमेशा अशोभनीय दृश्यों के दर्शन होते रहेंगे यानी जूते-चप्पल कुर्सी फेको-उ-अल, माइक तोड़ो-उ-अल एवं सिर फोड़ो-उ-अल के साथ-साथ महिला विधायिका की मंत्री जी द्वारा सदन में साड़ी खींचना भी जब लाखों लोगों के जनप्रतिनिधि के लिए शर्मनाक बातों के घेरे में नहीं आएगी तो इस देश का कैसा होगा भविष्य ?

डॉ. मधेपुरी ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि यह जनसंसद आज यह प्रस्ताव पारित करे कि प्रत्येक सदन के सदस्यों की सीट पर कुर्सी के चारो तरफ सात फीट ऊँचा लोहे का पिंजरा बने जिसमें इलेक्ट्रोनिक लॉक हो, जिसे रिमोट द्वारा स्पीकर महोदय जरुरत के अनुसार खोलेंगे या बन्द करेंगे | यदि यह व्यवस्था शीघ्र नहीं होगी तो यह समझा जायेगा कि लोकतंत्र खतरे के घेरे में आ गया है |

डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि परम्परायें इतनी तेजी से टूटती जा रही हैं कि पूर्व में लोकसभा एवं विधान सभाओं के एक साथ होने वाला चुनाव अब अलग-अलग होकर करोड़ों-अरबों रुपयों का अतिरिक्त भार देश की गरीब जनता को ढोने के लिए मजबूर कर देता है |

People attending Jan Sansad at Madhepura College Madhepura
People attending Jan Sansad at Madhepura College Madhepura

अन्त में अद्यक्षता कर रहे प्रो.सचिन्द्र महतो ने कहा कि राजसत्ता एवं समाजसत्ता के समन्वित प्रयास से देश आगे बढ़ता है | जब राजसत्ता अव्यवहारिक हो जाता है तो समाजसत्ता को आगे आने के लिए मजबूर होना पड़ता है |

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नहीं रहीं भारत की प्रथम महिला शुभ्रा मुखर्जी

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की धर्मपत्नी और भारत की प्रथम महिला शुभ्रा मुखर्जी का निधन हो गया। आज सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर दिल्ली स्थित सेना अस्पताल में उनका निधन हुआ। शुभ्रा मुखर्जी पिछले नौ दिनों से वेंटिलेटर के सहारे जीवित थीं। आज सुबह डॉक्टरों ने वेंटिलेटर हटाने का निर्णय लिया और उन्हें मृत घोषित किया।

बता दें कि शुभ्रा मुखर्जी लम्बे समय से बीमार चल रही थीं और पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत नाजुक हो चली थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पारिवारिक, सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उनकी महती भूमिका तथा उनके मृदु स्वभाव और मानवीय सरोकारों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। स्मृतिशेष शुभ्रा मुखर्जी को मधेपुरा अबतक की भावभीनी श्रद्धांजलि..!

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‘महा’रैली और ‘महा’पैकेज ने ‘महागठबंधन’ की नींद उड़ाई

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के सहरसा में परिवर्तन रैली की। ये एक बड़ी रैली थी। मुजफ्फरपुर और गया के बाद ये तीसरी परिवर्तन रैली है। मोदी को सुनने और देखने को जैसी भीड़ जुटी और सहरसा समेत आसपास के बड़े इलाके में जो माहौल था उससे बीजेपी और एनडीए के तमाम रणनीतिकार गदगद होंगे। एक तरफ ‘महागठबंधन’ के गढ़ कोशी में ‘महा’रैली और दूसरी तरफ यहाँ आने से पूर्व आरा में बिहार के लिए ‘महा’पैकेज। बिहार जीतने की तैयारी में मोदी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। उम्मीद की जा रही थी कि सहरसा में ही वे बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करेंगे लेकिन उन्होंने इस ‘बहुचर्चित’ और ‘बहुप्रतीक्षित’ घोषणा के लिए आरा को चुना और बिहार के लिए एक लाख पच्चीस हजार करोड़ के बड़े पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज में बिहार को बिजली संयंत्र के लिए दिए जानेवाले चालीस हजार करोड़ शामिल नहीं हैं। इस तरह देखा जाय तो बिहार को दिया जानेवाला ‘तोहफा’ कुल एक लाख पैंसठ हजार करोड़ का है। आरा से प्रधानमंत्री मोदी ने और भी कई विकास योजनाओं की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री द्वारा पैकेज की घोषणा के तत्काल बाद जेडीयू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘राजनीतिक रिश्वत’ करार दिया। जाहिर है कि जेडीयू और उसके महागठबंधन के साथी राजद और कांग्रेस को ये पैकेज रास नहीं आएगा। जेडीयू ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने को लेकर बड़ा और लम्बा अभियान चलाया है और आसन्न विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे को केन्द्र सरकार के विरुद्ध भुनाने की कोशिश भी वो जोरशोर से करती लेकिन मोदी और उनकी पार्टी ने विशेष पैकेज से इस मुद्दे की धार कुंद करने की जबरदस्त कोशिश की है।

बिहार का जंग जीतने के लिए मोदी की ये तमाम कोशिशें कितनी ‘प्रभावी’ होंगी ये तो आनेवाला वक्त बताएगा लेकिन इनके ‘लुभावी’ होने में कोई संदेह नहीं। इसमें कोई दो राय नहीं कि भाजपा इस पैकेज का चुनावी लाभ लेना चाहती है। बहुत सोच-समझकर इस पैकेज की रूपरेखा तय की गई और घोषणा के लिए चुनाव से ठीक पहले का समय चुना गया। लेकिन कौन-सी पार्टी और केन्द्र व राज्य की कौन-सी ऐसी सरकार है जो ऐसी घोषणाओं का चुनावी लाभ नहीं लेना चाहेगी..? इस ‘महा’पैकेज से भाजपा का राजनीतिक हित भी सधता है तो सधे, बिहार का हित भी इससे सध रहा है इससे क्या इनकार करना सम्भव है..? जेडीयू ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर जो अभियान चलाया वो क्या केवल बिहार के हित के लिए था..? क्या उससे जेड़ीयू का राजनीतिक हित जुड़ा हुआ नहीं था..? अगर दलों की आपसी स्पर्द्धा में राज्य और देश का हित हो रहा हो तो ऐसी स्पर्द्धा हमेशा स्वागत योग्य है। हाँ, ये भी देखना होगा कि इस पैकेज को देने और चुनाव का मौसम बीत जाने के बाद मोदी सरकार की तत्परता बिहार के लिए कम ना हो।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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भू.ना.मंडल वि.वि. में पी.जी. परीक्षा स्थगित

पी.जी. पार्ट-1 (प्रीवियस) परीक्षा-2014 एवं पी.जी. पार्ट-2 (फाइनल) परीक्षायें दिनांक 17-08-2015 से आरम्भ हो चुकी हैं | ये परीक्षाएँ दो केन्द्रों पर चल रही हैं- एक पी.एस.कालेज मधेपुरा  में एवं दूसरा एम.एल.ए.कालेज, कसवा में |

मधेपुरा अबतक को परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार से जानकारी प्राप्त हुई है कि दिनांक 18 अगस्त 2015 (मंगलवार) को दोनों परीक्षा केन्द्रों यानी पी.एस.कालेज मधेपुरा  एवं एम.एल.ए. कालेज, कसवा पर होने वाली पी.जी.(प्रीवियस) एवं पी.जी.(फाइनल) की सभी विषयों की परीक्षाएँ (दोनों सिटिंग की) प्रधानमंत्री की रैली के फलस्वरूप सहरसा व अन्य जगहों से परीक्षार्थियों के आवागमन की परेशानियों के मद्देनजर स्थगित कर दी गई |

कुलपति के आदेशानुसार ये परीक्षाएँ दिनांक 28 सितम्बर 2015 को यथावत दोनों केन्द्रों पर ली जाएगी |

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भू.ना.मंडल वि.वि. में पी.जी. परीक्षा -2014 आज से प्रारंभ

मंडल वि.वि. में कुल 20 विषयों में पी.जी. की पढाई होती है | ये पढाई चार जिले- मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार के कुल सात संस्थानों में होती है | इन 20 विषयों में 07 प्रायोगिक विषय हैं और शेष 13 सैद्धांतिक |

इन विषयों की पी.जी. पार्ट-1 (प्रीवियस) परीक्षा -2014 एवं पी.जी. पार्ट-2 (फाइनल) -2014 की परीक्षाएँ आज से आरम्भ होकर सितम्बर-2015 के अन्त तक पाँच-छह दिनों के अन्तराल पर होती हुई समाप्त होगी |

ये सारी परीक्षाएँ दो परीक्षा केन्द्रों पर संपन्न होंगी | पहला पी.एस.कालेज, मधेपुरा (कोड-1105) केन्द्र पर टी.पी.कालेज मधेपुरा, एम.एल.टी. कालेज, सहरसा, पी.जी. सेंटर (सहरसा) एवं बी.एन.एम.यू. की परीक्षाएँ तथा दूसरे केन्द्र एम.एल.ए. कालेज, कसवा (कोड-1403) पर डी.एस.कालेज कटिहार, पूर्णिया कालेज पूर्णिया, पूर्णिया महिला कालेज की सभी परीक्षाएँ होंगी | पी.जी.(प्रीवियस) की परीक्षाएँ सदा प्रथम पाली में 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक होंगी एवं फाइनल की परीक्षा द्वितीय पाली में 2.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक |

यह भी जानें कि बी.कॉम पार्ट-1, बी.ए. पार्ट-1 एवं बी.ए. पार्ट-2 का परीक्षाफल अगस्त 2015 के अन्त तक प्रकाशित हो जाने की जानकारी वि.वि. परीक्षा नियंत्रक द्वारा मधेपुरा अबतक को दी गई है |

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