जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा 18 को आएंगे मधेपुरा, तैयारी शुरू

जिला जदयू कार्यकर्ताओं की बैठक जिला अध्यक्ष मंजू कुमारी उर्फ गुड्डी देवी की अध्यक्षता में शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के मधेपुरा आगमन को लेकर तैयारी पर चर्चा की गई।

प्रवक्ता डॉ.नीरज कुमार, दलित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नरेश पासवान ने संयुक्त रूप से बयान दिया कि जदयू के प्रदेश अध्यक्ष 18 दिसंबर को मधेपुरा आ रहे हैं। वे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

यह भी कि बैठक में संगठन को सशक्त व धारदार बनाने पर चर्चा होगी। प्रदेश अध्यक्ष के साथ होने वाली बैठक में मधेपुरा व सुपौल सांसद, पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव एवं डॉ.रमेश ऋषिदेव के अलावा पार्टी के तमाम वरीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।

 

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तेजस्वी-रसेल की शादी की पर सीएम नीतीश ने दी बधाई

दिल्ली के सैनिक फार्म में तेजस्वी-रसेल के परिणय का सादगी के साथ लालू परिवार की मौजूदगी में संपन्न हुआ समारोह। हिंदू विधि-विधान से संपन्न हुई दोनों की शादी। शादी की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर-वधू को बधाई व शुभकामनाएं दी।

बता दें कि सूबे बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा समाचार पत्रों के माध्यम नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के दिल्ली में परिणय सूत्र में बंधने की सूचना प्राप्त हुई है। मैं इस नव दंपति को सुखी जीवन एवं उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देता हूं।

 

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नेशन फर्स्ट को जीने वाले सीडीएस जनरल बिपिन रावत एवं उनकी पत्नी मधुलिका सहित 13 लोगों का हेलीकॉप्टर हादसे में निधन

भारत के थल सेना अध्यक्ष रह चुके जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को पुरी, गढ़वाल (उत्तराखंड) में हुआ था। ऊंचाई पर जंग लड़ने के एक्सपर्ट बिपिन रावत की प्रथम नियुक्ति जनवरी 1979 को मिजोरम में हुई थी। शौर्य, पराक्रम व साहस से भरपूर विपिन रावत ने 1 सितंबर 2016 को सेना के उप प्रमुख पद को संभाला था। वर्ष 2016 के 31 दिसंबर को विपिन रावत थल सेना प्रमुख बने। रिटायर्ड होने के बाद आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत वर्ष 2019 में 61 साल की उम्र में पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनाए गए।

सवेरे 9:00 बजे दिल्ली से सेना के हेलीकॉप्टर mi-17- v5 से सीडीएस बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत सहित कुल 14 लोग सवार थे। जिसमें सीडीएस के 7 सदस्य और ग्रुप के 5 सदस्य थे। तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में कुन्नूर के पास एक कॉलेज के कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। कॉलेज पहुंचने से 5 मिनट पहले घने जंगल में हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में विपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों की मृत्यु हो गई।

आज शाम तक उनकी पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जाएगा। सारा देश इस हादसे को लेकर शोक मग्न है। उत्तराखंड सरकार ने 3 दिन तक शोक मनाए जाने की घोषणा कर दी है……!

 

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सासाराम में डॉ.अंबेडकर के 65वें परिनिर्वाण दिवस पर बोले बीजेएलएस के महासचिव महेंद्र नारायण पंकज

संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 65वीं पुण्यतिथि पर मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय जन लेखक संघ के महासचिव व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक महेंद्र नारायण पंकज को सासाराम जिला मुख्यालय के मौर्या रॉयल होटल, रोजा रोड में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।

बता दें कि मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड नंबर- 1 में डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित भारतीय जन लेखक संघ के केंद्रीय कार्यालय से चलकर जन लेखक संघ के महासचिव महेंद्र नारायण पंकज सासाराम में सोमवार को बाबा साहब के 65वें परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए माल्यार्पण अर्पित किए और यही बोले- जिस दिन बाबासाहेब आंबेडकर को मानने वाले लोग बाबा साहब जी की बातें मानने लगेंगे, उस दिन क्रांति होने से कोई नहीं रोक सकता। परंतु, इस क्रांति के बीच में रोड़ा बनकर आ जाते हैं वे पढ़े लिखे लोग जो गलत बातों का समर्थन ही नहीं करते बल्कि गलत को सही दिखाने के लिए अपने बुद्धि का इस्तेमाल भी करते हैं… यही हमारे वर्तमान समाज की सबसे बड़ी समस्या है।

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संपूर्ण भारत में डॉ.अंबेडकर की 65वीं पुण्यतिथि मनाई गई

समस्त भारत के साथ-साथ मधेपुरा जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा डॉ.भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि 6 दिसंबर 1956 को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाई गई। बता दें कि डॉ.अंबेडकर ने अछूतों के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया था। उन्होंने निम्न जातियों के उत्थान के लिए भी काफी संघर्ष में जीवन जिया। उनके व्यक्तित्व में संपूर्ण शक्ति की प्रखरता के साथ-साथ प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मेल देखा है संसार। उन्होंने देर रात तक जाग कर दलितों के लिए काम किया और उन्हें अभिशप्त जीवन से मुक्ति दिलाई।

मधेपुरा के समाहरणालय में डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा पर सर्वप्रथम डीएम श्याम बिहारी मीणा, एसपी योगेंद्र कुमार, एसडीएम नीरज कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं समाजसेवी शौकत अली आदि ने माल्यार्पण किया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने अपने डायरी में जो विचार लिखे हैं उसे कोलंबिया विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में डाला गया है। छात्र उन विचारों पर चिंतन, मंथन एवं शोधन कर आगे बढ़ाने में लगे हैं।

 

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बिहार में भी कोरोना के नए वेरिएंट आॅमिक्रोन संक्रमित दो व्यक्ति मिले

कोरोनाकी तीसरी  के नए वेरिएंट आॅमिक्रोन विश्व के 33 देशों को पार करते हुए भारत के कर्नाटक में दस्तक देकर अब बिहार को भी चौंका दिया है। बिहार ने भी विशेष सतर्कता बरतने का ऐलान कर दिया है। विदेश से आने वाले हर लोग पर नजर रखी जा रही है। बिहार में भी आॅमिक्रोन पॉजिटिव दो व्यक्ति मिले हैं। जो खाड़ी देशों से आए थे। बिहार वासियों को पुनः मास्क पहनना और दूरी बनाए रहना अनिवार्य होगा।

बता दें कि खाड़ी देश से आए दोनों आॅमिक्रोन संक्रमितों का इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उनकी जिनोम सीक्वेंसिंग आईजीआईएमएस में कराई जा रही है।

हैरान करने वाली बात तो यह भी है कि इन दोनों के अलावा 10 सदस्य मंगोलियाई शिष्टमंडल के साथ वाले एक सुरक्षाकर्मी की भी जिनोम सीक्वेंसिंग हेतु सैंपल भेज दिया गया है। उन्हें तत्काल बोधगया की एक होटल में क्वारंटीन किया गया है। ध्यातव्य है कि वे टीम के साथ नहीं बल्कि अकेले आए थे। फिलहाल सूबे का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने सभी अस्पतालों को पूरी तरह तैयारी रखने का निर्देश दिया है क्योंकि पटना एम्स में पिछले 48 घंटे के अंदर कोरोना से दो लोगों की मौत हो गई जिनमें एक रिटायर्ड आईएएस पदाधिकारी थे और दूसरे वित्त विभाग के फाइनेंस ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। दोनों पटना शहर के ही रहने वाले थे।

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सूबे के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मैट्रिक-इंटर के टॉपर को पुरस्कृत किए एक-एक लाख रुपये देकर

भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ.राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिन 3 दिसंबर पर “मेधा दिवस” के रूप में मनाया गया। मेधा दिवस पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटर और मैट्रिक परीक्षा- 2020 व 2021 के टॉपरों को शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने  एक-एक लाख नगद, लैपटॉप, किंडल इ-बुक रीडर, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर पुरस्कृत किया।

बता दें कि मैट्रिक में टॉप- 10 और इंटर में तीनों संकाय (वाणिज्य, कला एवं विज्ञान) में टॉप-5 में आने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया शिक्षा मंत्री ने। मैट्रिक परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने वालों को 75-75 हजार रुपए, तीसरे स्थान वालों को 50-50 हजार रुपये दिए गए। साथ ही उन्हें एक-एक लैपटॉप, किंडल इ-बुक रीडर, प्रशस्ति पत्र और मेडल भी दिए गए। चौथे से दसवें स्थान प्राप्त करने वालों को 10-10 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, मेडल व लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया।

जानिए कि इंटर परीक्षा- 2020 व 2021 के चौथे व पांचवें स्थान प्राप्त करने वालों को 15-15 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, मेडल व लैपटाप दिए गए। यह भी जानिए कि इंटर-मैट्रिक परीक्षा- 2021 के उत्कृष्ट संचालन में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाले 10 जिलों के डीएम एवं डीईओ को भी पुरस्कृत किए जाने थे जिसमें अररिया, खगड़िया, नालंदा, पटना, पूर्णिया एवं समस्तीपुर के जिला पदाधिकारी ही पहुंच पाए थे और पुरस्कृत किए गए।

 

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सीएम नीतीश के राज में अब जमीन के नक्शे का भी होगा दाखिल-खारिज

संवेदनशील नीतीश सरकार ने जनमानस के बीच जमीन संबंधी झगड़ों को मिटाने को लेकर यह निर्णय लिया है कि अब जमीन की बिक्री होने पर न सिर्फ रैयत का मालिकाना नाम में परिवर्तन होगा, बल्कि बिक्री के साथ ही जमीन का नक्शा भी डिजिटली बदल दिया जाएगा। इस तरह दस्तावेज के साथ नक्शे का भी दाखिल खारिज हो जाएगा। अब दाखिल-खारिज के पूर्व जमीन का खाका रेखाचित्र एवं राजस्व मानचित्र अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा।

जानिए कि अब सूबे बिहार के सभी अंचल कार्यालयों में सॉफ्टवेयर द्वारा सर्वे राजस्व नक्शा डिजिटल रूप में चालू रखा जाएगा। इस प्रकार बिक्री की गई भूखंड का नक्शा कोई भी व्यक्ति डिजिटल रूप से देख सकेगा।

बिहार विधान सभा द्वारा बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक- 2021 को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। नए प्रावधान लागू होने के बाद बिहार अब दाखिल-खारिज के साथ नक्शा देने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा। इस विधेयक के राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के साथ ही यह अधिनियम बन जाएगा और समस्त बिहार में लागू हो जाएगा। यह भी कि पुश्तैनी जमीन का बंटवारा कर जब जमाबंदी कायम होगा तो उसका भी नक्शा बन जाएगा।

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पूर्व एमएलसी विजय वर्मा को पितृ शोक

सुपौल जिले के रामदत्त पट्टी में जन्मे विजय कुमार वर्मा ने जेपी के छात्र आंदोलन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत मधेपुरा में की। वे राष्ट्रीय नेता शरद यादव, लालू यादव, नीतीश कुमार, डॉ.रवि के सानिध्य में रहे और दो बार एमएलसी भी बनाए गए। उसी जेपी सेनानी विजय कुमार वर्मा के पिता श्री मुक्ति प्रसाद का 94 वर्ष की उम्र में पटना के सत्यव्रत हॉस्पिटल में इलाज के क्रम में 1 दिसंबर बुधवार को संध्या 7:00 बजे के लगभग मृत्यु हो गई। कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वे रामदत्त पट्टी गांव के सबसे अधिक वृद्ध व्यक्ति थे। उनकी धर्मपत्नी शकुंतला देवी अभी भी जीवित है।

जेपी सेनानी विजय वर्मा ने बीमारी की हालत में अपने अवकाश प्राप्त शिक्षक पिता की भरपूर सेवा की। उनके पिता संत स्वरुप जीवन जीते रहे। उनका जीवन सादगी से भरा था। अपने कपड़े भी वे स्वयं धोते रहे। कभी-कभी तो वे अपने बर्तन भी स्वयं धो लिया करते थे। वे आत्मनिर्भर जीवन जीते रहे। सब के प्रति दया भाव रखना उनका स्वभाव था। वे कर्मकांडी नहीं थे। वे चार पुत्रों- विजय कुमार वर्मा, आजाद रंजन सिंहा, सतीश एवं परमेश सहित  तीन पुत्रियों एवं ढेर सारे नाती-पोते से भरे-पूरे परिवार को छोड़ दुनिया को अलविदा कह गए।

पटना के गुलबी घाट विद्युत शवदाह गृह में स्वतंत्र रूप से एक ही दिन में उनकी अंत्येष्टि क्रिया समाप्त कर ली गई। शोक जताने वालों में प्रमुख हैं- मधेपुरा के पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, बीएनएमयू के पूर्व कुलसचिव प्रो.सचिंद्र महतो, पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, जेपी सेनानी इंद्रनारायण प्रधान, सीनेटर डॉ. नरेश कुमार, पीजी जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार एवं लोजद के जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता जय किशोर यादव, प्रसन्न कुमार, डॉ.कमल दास, जयकांत यादव, डॉ.विजेंद्र कुमार, डॉ.अमरेश कुमार, रमण कुमार सिंह, कैलाश अग्रवाल, गिरिधर चन्द, मनीष सर्राफ  एवं अन्य ढेर सारे शुभचिंतकवृंद व कार्यकर्तागण।

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जॉर्ज सिडनी अरुंडेल का जन्म 1 दिसंबर 1878 को हुआ था इंग्लैंड में

आजादी की लड़ाई में भारतीयों का साथ देने वाले अंग्रेज शिक्षक जॉर्ज सिडनी अरुंडेल का जन्म आज ही के दिन यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। वे भारतीय नृत्यांगना रुक्मिणी देवी अरुंडेल के पति थे। उनका नाम भारत के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाले अंग्रेज व्यक्तियों में गिना जाता है।

बता दें कि एनी बेसेंट ने युवाओं की समुचित शिक्षा के लिए वाराणसी में जो “सेंट्रल हिंदू स्कूल” की स्थापना की थी, उसी स्कूल की में जॉर्ज अरुंडेल अध्यापक बन गए थे और बाद में प्रधानाचार्य भी बने। वे बड़े लोकप्रिय शिक्षक थे। वे ताजिंदगी भारत की स्वतंत्रता की भावना का पूरा सम्मान करते रहे थे। क्रांतिकारी छात्रों को गिरफ्तार होने से बचाते रहे। इसके चलते उन्हें नजरबंद कर दिया गया। वे जेल में डाल दिए गए।

चलते-चलते यह भी बता दें कि लंदन में एनी बेसेंट का भाषण सुनकर 25 वर्षीय जॉर्ज अरुंडेल इस कदर प्रभावित हुए कि वे भारत चले आए और फिर यहीं के होकर रह गए। उनकी मृत्यु 12 अगस्त 1945 को चेन्नई में हो गई।

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