अस्पताल से लेकर शमशान तक वेटिंग चल रहा है

कोविड-19 के दूसरे चरण में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के कारण अस्पतालों में बेड की कमी और ऑक्सीजन के ना होने की चर्चा सरेआम हो रही है। कितने अस्पतालों में तो बाहर बोर्ड लगा दिया गया है- यहाँ बेड खाली नहीं है। कहीं-कहीं ऑक्सीजन ना होने का भी बोर्ड दिख जाता है। चारों ओर अस्पतालों में वेटिंग चल रहा है। रिकवरी रेट भी घटकर 81% से भी नीचे जाने लगा है।

कोरोना के दूसरे चरण में हो रही मौतों के कारण भारत में ही नहीं विदेशों के श्मशान और कब्रिस्तान में भी वेटिंग दिखाया जा रहा है। इसे सरकारी लापरवाही कहेंगे या फिर कोविड की सुनामी। जिसे हम लोग हल्के में ले रहे हैं। हम सभी अपनी-अपनी जवाबदेही का शत-प्रतिशत निर्वहन करें। सरकार की कमियों को उजागर करने के लिए विपक्ष और मीडिया संयुक्त रूप से अपने-अपने कर्तव्यों का पालन कर ही रहा है।

अंत में संवेदनशील समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बिहार वासियों के साथ-साथ देशवासियों से भी विनम्र अनुरोध किया है कि कोरोना के इस महायुद्ध में कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से अनुपालन करें यानि मास्क लगाएं, दो गज की दूरी बनाए रखें और साबुन व सैनिटाइजर का निरंतर इस्तेमाल करने के अलावा वैक्सीन लगाने में लापरवाही ना करें।

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