प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान की ऑनलाइन आधारशिला रखी जिसके माध्यम से बिहार , झारखण्ड , ओड़िसा , पश्चिम बंगाल , असम आदि अन्य भारत के पूर्वी इलाकों की मिट्टी के साथ-साथ वहां का वातावरण भी दूसरी हरित क्रान्ति के लिए सर्वथा अनुकूल है | प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान इस क्षेत्र को विकसित करने पर केन्द्रित है | इस इलाके में बंद पड़े यूरिया कारखानों को पुनः चालू करने के साथ-साथ किसानों को सभी प्रकार के खाद एवं कृषि के अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जायेंगे | मिट्टी के गुण-दोष को जानने के लिए किसान को स्वायल हेल्थ कार्ड मिलेगा | कृषि सिंचाई योजना का काम पूरा किया जायेगा | नहर द्वारा हर खेत में पानी पहुँचाया जायेगा |अच्छे किस्म के बीज , बिजली एवं पानी उपलब्ध कराये जाने का संकल्प भी लिया गया जो पूर्वी भारत में कृषि के क्षेत्र में नये युग का आरम्भ करेगा |
Daily Archives: June 29, 2015
30 जून को मधेपुरा इप्टा की बैठक होगी !!
नवगठित मधेपुरा इप्टा की बैठक ई. प्रभाष की अद्यक्षता में दिनांक 30-06-2015 को संध्या 5 बजे से इप्टा कर्यालय , राजेन्द्र नगर , वार्ड न. 21 में आयोजित किया गया है |
इप्टा के सचिव विकास कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति द्वारा सूचित किया है कि सभी इप्टा पदाधिकारी , संरक्षक एवं सदस्यों की उपस्थिति में आगामी किये जाने वाले “मधेपुरा ग्रामीण नाट्य महोत्सव” के भव्य आयोजन सहित अन्य बिन्दुओं पर विचार-विमर्श होगा |
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मंच से मनोरंजन या खींचा – तानी !!
राजनितिक खींचा-तानी का श्री गणेश हो चूका है मधेपुरा में | एक ओर जद(यू) के कार्याकर्ताओं द्वारा शीर्ष के नेताओं के निर्देश पर गांवों-कस्बों तक में चौपाल लगाये जा रहे हैं | चौपाल में छोट-भैये नेता के साथ-साथ वे भी जो आगामी विधान सभा चुनाव में प्रत्याशी होना चाहते हैं – लोगों के बीच जा-जाकर ईशारे–ईशारे में अपनी उम्मीदवारी ही नहीं , दावेदारी की भी चर्चा करते हैं | वे सभी राष्ट्रीय नेता शरद यादव के नेतृत्व में नीतीश सरकार की उपलब्धिओं को पानी पी-पी कर गिनाते हैं , जनता को समझाते हैं – ताकि “फिर एक बार नीतीश कुमार” का नारा जनता में इस कदर पैठ बना ले कि उन्हें बिहार की गद्दी पुनः हाथ लग जाए |
दूसरी ओर भाजपा के देश व प्रदेश स्तर के नेताओं से लेकर जिला अद्य्क्ष सहित प्रखंड से लेकर पंचायत तक के भाजपाइयों का भोली-भाली जनता के बीच आना जाना आरम्भ हो गया है | वे पंचायत स्तर तक जा-जाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अटलबिहारी की उपलब्धिओं को गिनाने में लगे हैं तथा आगामी विधान सभा चुनाव में बिहार की गद्दी का असली हकदार बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं | दोनों को सुन-सुनकर जनता अवाक् है कि ये कुछ करने वाले हैं या केवल मंच से मनोरंजन करने में लगे हैं |








