मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म ऊँचीकरण हेतु 4 करोड़ स्वीकृत !

8 जून (शुक्रवार) को दौरम मधेपुरा स्टेशन निरीक्षण करने हेतु समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम रविन्द्र कुमार जैन यहाँ पहुंचे | उन्होंने मीडिया को बताया कि भारतीय रेल एवं फ्रांस की अल्सटॉम कंपनी के सहयोग से निर्मित 12 हजार HP वाले इलेक्ट्रिक इंजन का ‘लोगो’ दौरम मधेपुरा स्टेशन पर लगायी जायेगी | डीआरएम ने कहा कि ‘लोगो’ निर्माण का निर्देश जारी कर दिया गया है | साथ ही, यह भी कहा कि देश में पहली बार किसी स्टेशन पर ‘लोगो’ लगाई जायेगी | ‘लोगो’ को स्टेशन के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जायगा जिससे दूर-दराज के सफर करने वाले यात्रियों को रेल इंजन कारखाना के बारे में विस्तृत जानकारी सुगमता पूर्वक मिलती रहेगी |

यह भी जानिए कि निरीक्षण के दरमियान डीआरएम श्री जैन ने कहा कि फिलहाल प्लेटफार्म की सतह नीचे होने से यात्रियों को गाड़ी पर चढ़ने-उतरने में कठिनाइयाँ होती हैं | बरसात समाप्ति के साथ ही प्लेटफार्म ऊँचीकरण कार्य को तत्परतापूर्वक कर लिया जायगा ताकि विकलांगों के साथ-साथ बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को भी डब्बे में चढ़ने-उतरने में विशेष सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी |

चलते-चलते डीआरएम रविंद्र कुमार जैन ने अधिकारियों से कहा कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्रवेश द्वार को अतिक्रमण मुक्त कराकर विस्तारित किया जायगा | साथ ही स्टेशन परिसर में जल-जमाव की समस्या के साथ-साथ कर्मचारियों की भी विभिन्न समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा |

यह भी बता दें कि निरीक्षण के दौरान अमरेश कुमार, संजय कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, पीएन मिश्रा, मृत्युंजय मिश्रा सहित अन्य आलाधिकारीगण मौजूद थे | अधिकारियों ने सुर में सुर मिलाते हुए यही कहा कि आगामी दुर्गा पूजा आते-आते दौरम मधेपुरा स्टेशन का परिसर सुंदरतम दिखने लगेगा |

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सारे रास्ते बंद, अब बंगला खाली करेंगे शरद

वरिष्ठ नेता शरद यादव अपनी राज्यसभा सदस्यता को लेकर हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे, ये लगभग सबको पता था। क्यों लड़ रहे थे, कई प्रश्नचिह्नों के साथ ही सही, यह भी सब जानते हैं। खैर, होनी को टालने की जितनी कोशिश की जा सकती थी, वो सारी कोशिशें की गईं, पर जो होना चाहिए था, वही हुआ। राज्य सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित शरद यादव को अंतत: सुप्रीम कोर्ट से भी निराशा हाथ लगी और ना केवल उन्हें मिल रहे वेतन और भत्ते पर रोक लग गई, बल्कि अब सरकारी बंगला भी उन्हें खाली करना होगा।

जी हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान तकनीकी तौर पर यह आदेश दिया है कि न्यायालय अपने स्तर पर आवास खाली किए जाने को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं करेगा पर इस मसले को उस स्तर पर देखा जाएगा जो इसके लिए जवाबदेह है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस विषय को राज्यसभा के सभापति के स्तर पर देखा जाएगा। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इस मामले में जो ऑथिरिटी है, वह कानून के हिसाब से पूरी कार्रवाई करें।

गौरतलब है कि विगत चार दिसंबर को शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। शरद यादव ने अपने को अयोग्य घोषित किए जाने के इस निर्णय को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी है। उनके वकील ने इसी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि हाईकोर्ट में उनकी जो याचिका लंबित है उसके निपटारे तक उन्हें राज्य सभा सदस्य के रूप में आवंटित बंगले में रहने दिया जाए। पर उन्हें निराशा हाथ लगी।

बहरहाल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए शरद यादव के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को संशोधित कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जब तक उनकी याचिका हाई कोर्ट में लंबित है तब तक उनके वेतन- भत्ते को बंद नहीं किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने वेतन व भत्ते पर तो साफ शब्दों में रोक लगाई ही, बंगले को लेकर भी कानूनी कार्रवाई का निर्देश दे दिया। चलते-चलते बता दें कि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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बीएनएमयू के राष्ट्रीय सेमिनार में इंग्लैंड-जापान के प्रतिभागियों ने भी शिरकत की

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के सजे हुए ऑडिटोरियम में UGC एवं PG भौतिकी द्वारा संयुक्तरुप से आयोजित “Recent Innovations in Renewable Energy” विषय पर दो दिवसीय (5-6 जून) राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया | इस सेमिनार में बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 140 सहित झारखंड से 8, नेपाल से 2 तथा जापान व इंग्लैंड से 1-1 यानी कुल 152 प्रतिभागियों ने भाग लिया |

उद्घाटन के तुरंत बाद बीएनएमयू के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, आईआईटी दिल्ली से आये मुख्य अतिथि डॉ.गोपाल नन्द तिवारी, भौतिकी के लोकप्रिय यूनिवर्सिटी प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पूर्व कुलपति डॉ.अनंत कुमार, सीनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार, पीजी भौतिकी के अध्यक्ष प्रो.निखिल प्रसाद झा, डॉ.अरुण कुमार एवं ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ.विमल सागर सहित अन्य शिक्षाविदों ने बिहार सरकार के Science & Technology विभाग एवं PG Physics के संयुक्त तत्वावधान में छपे Souvenir का विमोचन किया |

Former University Professor of Physics & Special Guest Dr.Bhupendra Madhepuri giving certificate to Dr.Kumari Sadhana 'Suman' and so many other researches in the last session of "Renewable Energy " Seminar.
Former University Professor of Physics & Special Guest Dr.Bhupendra Madhepuri giving certificates to Dr.Kumari Sadhana ‘Suman’ and so many other researchers in the last session of “Renewable Energy ” Seminar.

बता दें कि कार्यक्रम विलम्ब से शुरू होने के साथ-साथ भीषण गर्मी होने के कारण उद्घाटन-सत्र में माननीय कुलपति सहित सभी विद्वान वक्ताओं ने संक्षेप में ही विश्व पर्यावरण दिवस को समेटते हुए अक्षय ऊर्जा के नवीनतम अनुसंधानों को रोचक बनाकर बेहतरीन समां बांध दी | कुलपति डॉ.राय ने तो भीषण गर्मी से परेशान हो रहे शोधार्थियों की दशा देखकर ऑडिटोरियम को शीघ्रातिशीघ्र एयर कंडिशन्ड कराने की घोषणा भी कर दी |

यह भी बता दें कि UGC के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन-सत्र में मुख्यवक्ता के रूप में IIT Delhi के डायरेक्टर रहे डॉ.जी.एन.तिवारी ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों में कई नवीनतम जानकारियों से प्रतिभागियों को लाभांवित किया वहीं प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देने के दरमियान विशिष्ट अतिथि डॉ.मधेपुरी ने कहा कि नीतीश सरकार की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव से उन्होंने गुजारिश की है कि बिहार के किसानों को सोलर पंप सेट देने, बिहारवासियों को प्रदूषण मुक्त वातावरण में जीने एवं पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पर बिजली, सौर पार्कों के विकास आदि क्षेत्रों में Renewable Energy पर जमकर शोधात्मक कार्य करने के लिए “अक्षय ऊर्जा मंत्रालय” स्वतंत्र विभाग के रुप में स्थापित किया जाय |

अंत में सेमिनार की सफलता के लिए ओर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ.विमल सागर द्वारा एंकर डॉ.फजल सहित डॉ.अशोक कुमार, डॉ.मोहित कुमार घोष, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, शोधकर्ता श्रुति कुमारी, ऑक्सफोर्ड की सपना सिन्हा, जापान की सृष्टि सिन्हा, काठमांडू के मनोज कुमार मिश्रा, डॉ.कुमारी साधना सुमन, मो.अब्दुल सत्तार, प्रवेश कुमार, सौरभ कुमार……… सहित जो सैकड़ों छात्र-छात्राएं व शोधकर्तागण अन्त तक मौजूद रहे, सबों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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विश्व पर्यावरण दिवस पर मधेपुरा पौधरोपण के लिए सजग !

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर मधेपुरा में दिनभर पौधरोपण किया गया- विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों में एवं छोटे-बड़े सभी तरह के विद्यालयों में |

जहाँ एक ओर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.ऐ.के.राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूख़ अली एवं बी.एन. मुस्टा के महासचिव व सीनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्रों ने सम्मिलित रुप से शहीद चुल्हाय उद्यान , कीर्ति नारायण वाटिका आदि से लेकर विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में इस अवसर पर पौधरोपण किया वहीं समाहरणालय परिसर में डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी बाबूराम ने ग्लोबल वार्मिंग से बचाव एवं पर्यावरण की चर्चा करते हुए डीडीसी मुकेश कुमार, एडीएम मुर्शीद आलम, डीपीआरओ महेश पासवान आदि अधिकारीगण की मौजूदगी में पौधरोपण किया | इस अवसर पर डीएम ने कहा कि किसानों को वन विभाग की तरफ से पौधों के साथ कुछ निश्चित प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है |

बता दें कि विश्व पर्यावरण दिवस पर टीपी कॉलेज मधेपुरा, सीएम साइंस कॉलेज तथा पीएस कॉलेज से लेकर सुदूर  यूभीके कॉलेज करम्मा  के NSS कार्यकर्ताओं द्वारा जमकर पौधरोपण किया गया |

यह भी जानिए कि पर्यावरण प्रदूषण को मानव जीवन का खतरा मानने वाली सांस्कृतिक संस्था “सृजन दर्पण” के कार्यालय परिसर में पौधरोपण एवं विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया | साथ ही चर्चा के दरमियान यह बात कही गयी कि पर्यावरण प्रदूषण का असर वातावरण में विष घोलता जा रहा है |

यह भी बता दें कि स्टेशन को हरा-भरा रखने के लिए मधेपुरा रेलवे स्टेशन परिसर में भी पदाधिकारियों द्वारा पौधरोपण किया गया | साथ ही जागरुक मुखियागणों ने अपने-अपने पंचायतों में भी पौधरोपण कर जनजीवन को अस्त-व्यस्त होने से बचाया है | पौध रोपण को जन जीवन के लिए महत्वपूर्ण मानने के कारण लोगों ने व्यक्तिगत रूप से अपने-अपने परिसर में भी एक-दो पौधे लगाया है तथा विश्व पर्यावरण दिवस को इस बार उत्सव के रूप में मनाया है |

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जिन्हें जो कहना है कहते रहें, हम काम में लगे हैं – नीतीश कुमार

मंगलवार को युवा जदयू ने राजधानी पटना में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज की। विश्व पर्यावरण दिवस और सम्पूर्ण क्रांति दिवस के मौके पर यहां के भव्य बापू सभागार में आयोजित जदयू के ‘युवा संकल्प सम्मेलन’ में राज्य के हर कोने से इतने युवा पहुंचे कि सभागार छोटा पड़ गया। जितने लोग सभागार के अंदर थे, उससे कहीं अधिक बाहर देखे गए। इस सम्मेलन में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह, वरिष्ठ मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव समेत दर्जनों नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। सभा की अध्यक्षता युवा जदयू के अध्यक्ष अभय कुशवाहा ने की।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश और समाज की बेहतरी के लिए राजनीति में युवाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। जेपी आंदोलन के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने युवाओं से कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए परिवार का सहारा ना लें और ना ही धनार्जन को अपना उद्देश्य बनाएं। अप्रत्यक्ष रूप से तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “आज लोग अपनी काबिलियत के बल पर नहीं, परिवार के बल पर राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं और पद मिलते ही धनार्जन के पीछे भागते हैं।’ उन्होंने तेजस्वी के ट्विटर पर सक्रिय रहने पर भी इशारों ही इशारों में कटाक्ष करते हुए कहा, ‘उन्हें कुछ करना नहीं है, बस रोज किसी मुद्दे पर ट्वीट कर देना है।”

हालांकि नीतीश कुमार ने यह भी कहा, ‘विपक्ष या कुछ लोग हमारे बारे में क्या कह रहे हैं, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमलोग काम में लगे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आज तक कभी भी किसी के विषय में अनाप-शनाप नहीं बोला, यह मेरा काम नहीं है। वर्तमान में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे बिहार में सरकार ने कुछ किया ही नहीं।’ जोकीहाट उपचुनाव के परिणाम की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि लोग हमें वोट दें या ना दें, लेकिन अगर आप एससी-एसटी या अतिपिछड़े समुदाय से आते हैं और आपने बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास की है तो हम आपको 50 हजार और 1 लाख की राशि जरूर देंगे। सरकार की योजनाओं का लाभ सबको समान रूप से मिलेगा। इसी तरह अल्पसंख्यक कल्याण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पहले इस विभाग का बजट 3 करोड़ था और आज 800 करोड़ है। ऐसा इसलिए कि हमारा ध्यान समीकरण पर नहीं, काम पर है।

उधर नीतीश कुमार के बयान पर पलटवार करते हुए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि “नीतीश चाचा 60 मिनट के भाषण में 45 मिनट तेजस्वी पर ही केंद्रित रखते हैं। भतीजे पर इतना फोकस्ड कॉन्सनट्रेशन रखने के लिए चाचा जी को सहृदय धन्यवाद। तेजस्वी तो बच्चा है जी!” वहीं एक अन्य ट्वीट में पूर्व उपमुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए लिखा, “नीतीश चाचा में नैतिकता व आत्मबल बचा है तो आज ही ऐफिडेविट पर लिखकर कहें कि उनका बेटा कभी भी राजनीति में नहीं आएगा।“

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नीट 2018 में बिहार की कल्पना को पूरे देश में पहला स्थान

कल आर्यभट्ट से लेकर आज आनंद कुमार तक की मातृभूमि बिहार सचमुच प्रतिभा की खान है। बिहार की यह गौरवशाली कड़ी आगे भी कायम रहेगी, राज्य के 11 करोड़ से भी ज्यादा लोगों के इस विश्वास को आज एक बार फिर बल मिला। और ऐसा सम्भव हुआ बिहार के शिवहर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा कल्पना कुमारी की बदौलत। जी हाँ, असाधारण प्रतिभा की धनी इस छात्रा ने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में देश भर में पहला स्थान पाया है। इसमें भी बड़ी बात यह कि बिहार की इस बेटी के अंकों का प्रतिशत 99.99 है।

बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित नतीजे के अनुसार कल्पना को 720 में से 691 अंक मिले हैं। होनहार कल्पना ने फिजिक्स में कुल 180 में से 171 अंक स्कोर किए, जबकि कैमेस्ट्री में उन्हें 180 में से 160 और बायोलॉजी में 360 में से 360 अंक हासिल हुए। वहीं दूसरे स्थान पर तेलंगाना के रोहन पुरोहित रहे। तीसरा स्थान दिल्ली के हिमांशु शर्मा को मिला।

गौरतलब है कि पूरे देश में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में प्रेवश पाने के लिए इस साल 6 मई को नीट का आयोजन किया गया था। देश के 136 शहरों के 2255 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 13,26,725 उम्मीदवारों ने भाग लिया था। इनमें 5,80,648 पुरुष उम्मीदवार और 7,46,076 महिला उम्मीदवार शामिल थे जबकि इनके अलावा एक ट्रांसजेंडर ने भी नीट की परीक्षा दी थी। बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से 66 हजार एमबीबीएस व डेंटल सीटों के लिए चयन किया जाना है।

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अगर आपने अब तक नहीं देखी है, तो जरूर देखें ‘राज़ी’

सिर्फ स्वयं तक सिमटते समय में भी देशप्रेम का जज्बा रखने वालों के लिए किसी खूबसूरत तोहफा से कम नहीं है मेघना गुलजार के लाजवाब निर्देशन और आलिया भट्ट के यादगार अभिनय से सजी फिल्म ‘राज़ी’। रिटायर्ड नेवी अफसर हरिंदर सिक्का के उपन्यास ‘सहमत कॉलिंग’ पर आधारित यह फिल्म 1971 के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच बन रहे जंग के हालात के बीच भारत की एक बेटी की कहानी कहती है, जो एक अंडरकवर एजेंट है और अपने देश के लिए बहू बनकर पाकिस्तान जाती है।

फिल्म की कहानी शुरू होती है कश्मीर के हिदायत खान (रजत कपूर) और उनकी पत्नी बेगम तेजी (सोनी राजदान) के साथ। दोनों की बेटी सहमत (आलिया भट्ट) है, जो दिल्ली में पढ़ाई कर रही है। भारत के जासूसी ट्रेनिंग हेड खालिद मीर (जयदीप अहलावत) हिदायत के बेहद करीबी दोस्त हैं। हिदायत का काम खुफिया जानकारियों को देश के हित के लिए सही समय पर सही जगह पर पहुंचाना है। फिल्म में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय का जिक्र किया गया है। सहमत अपने पिता हिदायत खान के कहने पर पाकिस्तान के एक फौजी परिवार में शादी करती है और वहां भारत की जासूस बनकर जाती है। सहमत की शादी होती है इकबाल (विकी कौशल) से, जो पाकिस्तानी आर्मी में ऊंचे दर्जे का ऑफिसर है।

सहमत के पाकिस्तान पहुँचने के बाद फिल्म के हर सीन में आप बस यही सोचेंगे कि आगे क्या होने वाला है। कुल मिलाकर इसके बाद सहमत अपनी सूझ-बूझ और हौसले के दम पर देश के लिए खुद को कैसे पूरी तरह से लुटा देती है, इसकी कहानी कहती है ‘राज़ी’। देशभक्ति और जासूसी पर पहले भी बहुत सी फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन यह फिल्म कई मायनों में उन सबसे बेहतर है। फिल्म का क्लाइमेक्स ऐसा है कि आप के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। फिल्म के कई डायलॉग्स और सीन्स रोने पर मजबूर कर देने वाले हैं। ‘जंगली पिक्चर्स’ और ‘धर्मा प्रोडक्सन्स’ के बैनर तले बनी इस फिल्म की एक खास बात यह भी है कि इस फिल्म में आपको पाकिस्तान की छवि अब तक आ चुकी फिल्मों से अलग दिखेगी। इस फिल्म को देखते हुए आप जरूर महसूस करेंगे कि कहीं-न-कहीं पाकिस्तानी भी हमारी-आपकी तरह मानवीय संवेदना रखते हैं।

फिल्म के कलाकारों की बात करें तो आलिया ने फिल्म में जान डाल दी है। हर वक्त मौत के साये के बीच रहने के खौफ को उन्होंने बखूबी अपने अभिनय में उतारा है। इससे पहले ‘हाईवे’ और ‘उड़ता पंजाब’ से उन्होंने खुद को साबित किया था और अब ‘राज़ी’ से उन्होंने अपने अभिनय का एक नया बेंचमार्क तैयार कर दिया है। 2012 में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से शुरू कर राजी तक आते-आते वो सचमुच परिपक्व हो चुकी हैं। विक्की कौशल और बाकी कलाकारों ने भी अपना रोल बखूबी निभाया है। शंकर एहसान लॉय का म्यूजिक फिल्म से पूरा इंसाफ करता है। फिल्म का गाना ‘दिलबरो’ आपके दिल-दिमाग पर अमिट छाप छोड़ता है। फिल्म की स्क्रिप्ट और सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म की संप्रेषणीयता को बढ़ाकर इसे और बेहतर बनाती है। कुल मिलाकर फिल्म को जो सफलता और चर्चा मिली है, वह उसे पूरी तरह डिजर्व करती है। अगर आपने अब तक यह फिल्म नहीं देखी है तो जरूर देखें, सिफारिश है हमारी।

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केपीएस से लेकर केन्द्र तक बेटियों ने उड़ान भरी…..!

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) नई दिल्ली ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट घोषित कर दिए | जहाँ अखिल भारतीय रैंकिंग में चार में से तीन बेटियों- रिमझिम अग्रवाल (बिजनौर), नंदिनी गर्ग (शामली), श्री लक्ष्मी (कोच्चि) एवं एक बेटे प्रखर मित्तल (गुड़गांव) ने 500 में से 499 अंक हासिल कर देश में टॉप किया वहीं 498 अंक लाकर 7 परीक्षार्थी दूसरे स्थान पर रहे तथा 497 अंक लाकर 14 परीक्षार्थी तीसरे स्थान पर |

जानिए कि इस वर्ष लगभग 16 लाख 25 हज़ार परीक्षार्थियों के लिए देश व विदेश सहित लगभग साढ़े चार हजार परीक्षा केन्द्र बनाए गये, जिसमें 14 लाख के लगभग छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए | हाँ ! जहाँ तक पास होने की बात है- छात्राएं 88.67 फीसदी एवं छात्र 86.70 फीसदी उत्तीर्ण हुए |

यह भी बता दें कि तिरुवनंतपुरम जोन 99.6 फ़ीसदी रिजल्ट के साथ प्रथम, चेन्नई जोन 97.37% रिजल्ट के साथ द्वितीय तथा अजमेर जोन 91.86% रिजल्ट के साथ तृतीय स्थान पर रहा | आपको दिल्ली जोन के ‘Pass प्रतिशत’ जानने की जिज्ञासा अवश्य होती होगी | तो लीजिए देश की राजधानी दिल्ली जोन का Pass प्रतिशत रिजल्ट है- 78.62% जो पिछले साल की तुलना में ‘ना’ के बराबर बढ़त दर्ज करायी है |

यहाँ पटना जोन में बिहार-झारखंड आता है और जिसमें कुल 1,61,078 परीक्षार्थियों को सफलता मिली और 22,367 परीक्षार्थी फेल हुए, वहीं खगोल के रोहित राज एवं धनबाद की मैत्री शांडिल्य 99.2% अंक लाकर दोनों के  दोनों स्टेट बिहार और झारखंड में टॉपर हुए | पटना जोन में झारखंड से बेहतर रिजल्ट रहा बिहार का |

अब कोसी कमिश्नरी के तीनों जिलों मधेपुरा, सहरसा और सुपौल के बाबत जानने की जिज्ञासा आपके मन में उमड़-घुमड़ रही होगी…. तो जानिए कि जहाँ जिला मधेपुरा का टॉपर 97.2% अंक के साथ रहा शिवम, वहीं सहरसा का टॉपर 97.2% अंक के साथ रहा अंकित और सुपौल के टॉपर अभिषेक को प्राप्त हुआ 95.06% अंक जबकि मधेपुरा के किरण पब्लिक स्कूल की छात्रा शिवांगी 95.60% अंक लाने के बावजूद मधेपुरा जिले के सकेंड टॉपर ही रही | मधेपुरा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय (सुखासन) के छात्र शिवम को शिवांगी से 0.60% कम अंक प्राप्त करने पर ही स्कूल टाॅॅॅपर होने का अवसर मिल गया |

शिवांगी जैसी हर बेटी बने स्वाभिमान पिता का, उस बेटी की जय हो……. उस स्कूल की जय हो !

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कोसी में पहली बार चली इलेक्ट्रिक ट्रेन !

13 साल बाद कोसीवासियों का सपना तब पूरा हुआ जब 30 मई (बुधवार) के दिन पहली बार सहरसा-मानसी रेलखंड पर लोगों ने इलेक्ट्रिक ट्रेन को बड़ी रेल लाइन पर दौड़ती हुई देखा | जगह-जगह तो इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेन को देखने के लिए बच्चे ही नहीं नर-नारियों की भी भीड़ जुट गई | कोसी अंचल में खुशियों की बाढ़ आ गई | लोग यह बोलते हुए सुने गये कि खुशी का कारण है तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा मधेपुरा को दिया गया विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री और मधेपुरा के तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा निर्धारित समय से 6 माह पूर्व फैक्ट्री को विद्युत रेल इंजन निर्माण हेतु तैयार करने में जुनून के साथ कार्यों का निष्पादन करना |

सहरसा से जनसेवा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या – 15209) अमृतसर को जाने के लिए तैयार | इलेक्ट्रिक इंजन के साथ प्लेटफार्म नं.-2 पर लगी है जनसेवा | चालक अरुण कुमार सिंह व सहायक लोकोपायलट धीरेंद्र कुमार को पहले मिठाई खिलाकर और फिर फूल माला पहनाकर मुख्य नियंत्रक अशोक कुमार एवं मुख्य निरीक्षक एचसी मिश्रा द्वारा इलेक्ट्रिक ट्रेन परिचालन की पहली बार शुरुआत कराई गयी |

यह भी बता दें कि आदर्श नगर दिल्ली से सहरसा के लिए चली इलेक्ट्रिक इंजन वाली पुरबिया एक्सप्रेस (नं.- 15280) को छपरा-सहरसा तक लोको पायलट राजीव कुमार चौधरी एवं सहायक लोको पायलट मो.अबु सोहैल द्वारा लाया गया |

यह भी जान लें कि अब गरीब रथ, पुरबिया एक्सप्रेस और जनसेवा एक्सप्रेस के डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन से परिचालन होगा | प्राप्त जानकारी के अनुसार सहरसा लाबी के चालक राजीव कुमार चौधरी एवं चालक कुशाग्र कुमार द्वारा इलेक्ट्रिक इंजन परिचालन हेतु मुगलसराय से क्रमशः 78 एवं 48 दिनों का प्रशिक्षण लिया जा चुका है |

समस्तीपुर मंडल के डीएमई (पावर) श्री चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा कि जल्द ही राज्यरानी, हाटेबाजारे, कोसी एवं जन साधारण एक्सप्रेस आदि से भी डीजल इंजन हटाकर इलेक्ट्रिक इंजन लगायी जायेगी | जरा सोचिए, अकेले जनसेवा को सहरसा से बरौनी तक परिचालन पर महीने में 30,000 लीटर डीजल जलता था | जब सभी ट्रेनें बिजली से परिचालित होंगी तो करोड़ों रुपये की बचत होगी और पर्यावरण प्रदूषण भी रुकेगा |

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