बिहार की नीतीश सरकार का श्रम विभाग अब मजदूरों की दो बेटियों के हाथ पीले कराने का काम करेगा | सूबे के भवन एवं निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा मजदूरों की अधिकतम दो बेटियों की शादी के लिए 50-50 हज़ार रूपये दिये जाने का प्रावधान राज्य सरकार ने किया है |
बता दें कि यह राशि मजदूरों के खाते में सूबे के श्रम विभाग द्वारा सीधे आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिया जायेगा | हाँ ! यह याद रहे कि श्रम विभाग में रजिस्टर्ड मजदूरों के लिए ही राज्य सरकार की ओर से उनकी दो बेटियों की शादी के लिए 50-50 हज़ार रु. की यह राशि दी जा रही है | राज्य में पहली बार नीतीश सरकार द्वारा विवाह सहायता योजना की शुरुआत की गई है | इसके लिए ऑनलाइन जानकारी देनी होगी |
चलते-चलते बता दें कि यदि किसी रजिस्टर्ड मजदूर को 2 से अधिक बेटियां हैं तो इस योजना का लाभ केवल दो ही बेटियों को मिलेगा, सभी को नहीं | ध्यातव्य है कि मजदूर किसी भी वर्ग का हो उसके रजिस्ट्रेशन के लिए श्रम विभाग को ही अधिकृत किया गया है |
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने नोएडा के सेक्टर 81 में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया। दक्षिण कोरिया की सुप्रसिद्ध सैमसंग कम्पनी नोएडा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का विस्तार कर रही है। इसके लिए कंपनी ने 4915 करोड़ का निवेश किया है। उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज मैनुफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की तकनीक और भारत की मैनुफैक्चरिंग ताकत से दुनिया को मजबूत प्रॉडक्ट मिलेगा। साथ ही इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी गति मिलेगी।
गौरतलब है कि भारत में सैमसंग 2007 से मोबाइल बना रही है और वर्तमान में यह लगभग 670 लाख स्मार्टफोन बनाती है। अनुमान है कि अब इस नई यूनिट की शुरुआत के बाद यह संख्या दोगुनी हो सकती है। हमें यह भी जानना चाहिए कि चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका को छोड़कर सैमसंग ने अगर भारत में यह यूनिट शुरू की है तो इसलिए कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है और दुनियाभर के 10 फीसदी मोबाइल फोन यहां बिकते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक 2017 में यहां लगभग 30 करोड़ मोबाइल यूजर थे जो इस साल के आखिरी तक 35 करोड़ हो सकते हैं। संभावना है कि 2022 तक भारत में 45 करोड़ मोबइल यूजर हो जाएंगे।
बता दें कि शुरू में सैमसंग अपने इस यूनिट में मोबाइल फोन बनाएगी, जबकि दूसरे चरण में फ्लैट पैनल टेलिविजन और रेफ्रिजरेटर बनाने की योजना है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2016 में नोएडा अथॉरिटी ने कंपनी को करीब 25 एकड़ जमीन अलॉट की थी और प्रदेश व केंद्र सरकार के निर्देश पर नोएडा अथॉरिटी के सहयोग से कम समय में इतनी बड़ी यूनिट बनकर तैयार हो गई। विदेशी कंपनियों का हब बनाने के लिए नोएडा प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता में है। कहने की जरूरत नहीं कि सैमसंग की ये विशाल यूनिट उसी की एक बानगी है।
दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में जदयू ने कई मुद्दों पर बड़ी बेबाकी से अपना स्टैंड स्पष्ट किया। पार्टी ने जहां एक ओर क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म पर जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं दूसरी ओर यह भी साफ-साफ कहा कि जदयू 2019 का चुनाव एनडीए के साथ लड़ेगी। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने एनडीए में सीट शेयरिंग पर किसी टकराव से भी इनकार किया। साथ ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई जारी रखने की बात भी उन्होंने कही।
गौरतलब है कि आज की इस बैठक में जदयू ने सैद्धांतिक तौर पर एक देश एक चुनाव का प्रस्ताव भी पारित किया। इस मुद्दे पर भाजपा के रूख का समर्थन करते हुए पार्टी ने कहा कि इससे चुनाव के खर्चे कम होंगे। साथ ही काला धन पर भी लगाम लगेगा। लेकिन वहीं असम में नागरिकता संशोधन बिल पर भाजपा से अलग राय जाहिर करते हुए पार्टी ने इसका विरोध करने का फैसला किया। बकौल त्यागी इस बिल का असम में विरोध है और इससे संवैधानिक संकट भी खड़ा हो जाएगा।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मणिपुर में होने जा रहे चुनाव के संदर्भ में केसी त्यागी ने कहा कि इन राज्यों में हम अपने दम पर कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हम बीजेपी की मदद कर रहे हैं, लेकिन हम न तो उनका सपोर्ट कर रहे हैं और न ही उनका विरोध कर रहे हैं। हम उनकी कोई मदद नहीं कर रहे हैं। वहीं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के बाहर होने और नई पार्टी बनाए जाने के बाद असली जदयू को लेकर चली रही बहस को लेकर केसी त्यागी ने कहा है कि जदयू एक ही है, जिसका नेतृत्व नीतीश जी कर रहे हैं।
केसी त्यागी ने बिहार भाजपा के नेता व केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को आड़े हाथों लिया। बिहार में नवादा की सांप्रदायिक घटना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री जेल जाकर दंगे के आरोपितों से मिलते हैं। किसी मंत्री का बिहार की व्यवस्था पर सवाल उठाना, आरोपितों से सहानुभूति दिखाना और उनसे मिलना सर्वथा अनुचित है।
बिहार के मुख्यमंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार रविवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। भाजपा के साथ संबंधों में तनाव की खबरों के बीच नीतीश ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले शनिवार को पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार की सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर स्थित पार्टी मुख्यालय में होनी है। नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ये पहली बैठक है। पार्टी की इस बैठक को हालिया राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है।
2019 में तय लोकसभा चुनाव और 2020 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जदयू के कई नेताओं ने एनडीए में अपनी पहले की प्रभावशाली स्थिति बहाल करने की मांग की है, जैसा 2013 में गठबंधन से नाता तोड़ने से पहले तक उसका प्रभाव था। उधर 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली बड़ी सफलता के बाद बिहार में भाजपा स्वयं को पहले से बेहतर स्थिति में पा रही है और बदले हुए परिदृश्य में वह जदयू को बड़ी पार्टी का दर्जा नहीं मिलने देना चाहेगी।
राजनीतिक गलियारे में खबर है कि नीतीश 2019 में 15 लोकसभा सीटें हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि 2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने राज्य में 40 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत हासिल की थी और उसके गठबंधन सहयोगियों एलजेपी और आरएलएसपी ने क्रमश: 6 और 3 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जेडीयू तब केवल 2 सीटें जीत सकी थी।
बहरहाल, जदयू की इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद भविष्य की राजनीति पर उसका रुख सामने आएगा। यह भी खबर है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बिहार दौरे पर आ रहे हैं और सीट शेयरिंग के मुद्दे पर उनकी और नीतीश की मुलाकात होनी है। उससे ठीक पहले हो रही इस बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से हो रही अनावश्यक बयानबाजी का सिलसिला भी थम जाना चाहिए। आगे जो भी हो, राजनीतिक परिस्थिति और समझदारी का तकाजा है कि दोनों पक्षों को अपने-अपने अहं से ऊपर उठकर सीटों को लेकर कोई सम्मानजनक हल निकाल लेना चाहिए। महागठबंधन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए इससे बेहतर कोई और विकल्प दोनों दलों के पास है भी नहीं।
अब तक बिहार की नीतीश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा शिवरात्रि मेले के दौरान तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव का आयोजन विगत 5 वर्षों यानि 2014 से ही होता आ रहा है | पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किये जाने वाले सिंहेश्वर महोत्सव में पाँच वर्षों से तकरीबन 15 लाख रुपये मिलता चला आ रहा है |
बता दें कि अब नीतीश सरकार के कला संस्कृति विभाग द्वारा जिले में दो और महोत्सवों के आयोजन की स्वीकृति हाल फिलहाल दे दी गई है | विभागीय मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने जिले में होने वाले मधेपुरा गोपाष्टमी महोत्सव के लिए 20 लाख एवं सिंहेश्वर मेला में होने वाले एक और महोत्सव के लिए 10 लाख यानी कुल 30 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है |
यह भी जानिए कि सूबे के कला संस्कृति विभाग द्वारा 2018-19 के सांस्कृतिक कैलेंडर में मधेपुरा के गोपाष्टमी महोत्सव एवं सिंहेश्वर मेला में एक और महोत्सव के आयोजन को भी शामिल कर लिया गया है |
चलते-चलते बता दें कि राज्य की सांस्कृतिक खूबियों को विकसित करने के लिए मधेपुरा में दो और महोत्सवों के आयोजन को स्वीकृति दी गई है |
जहाँ एक ओर दिल्ली में 34 साल बाद ‘भारतीय खेल प्राधिकरण’ का नाम बदलकर ‘स्पोर्ट्स इंडिया’ रखने की घोषणा की गई है वहीं राष्ट्रीय विद्यालय एथलेटिक्स खेल प्रतियोगिता-2018 को बिहार में ही माह नवंबर में आयोजित किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है | मधेपुरा जिला तो कबड्डी एवं टेबुल टेनिस के क्षेत्र में ऊंचाई को प्राप्त कर चुका है परंतु एथलेटिक्स के क्षेत्र में थोड़ा पीछे है ।
बता दें कि 10-12 स्कूलों को मिलाकर एक संकुल केंद्र बनाया जायेगा ताकि स्कूलों में एथलेटिक्स को बढ़ावा मिल सके तथा एथलेटिक्स के प्रति बच्चे-बच्चियों में रुचि पैदा हो सके क्योंकि आजकल खेल करियर का विकल्प बनता जा रहा है जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण है |
यह भी जानिए कि बिहार के मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के सहयोग से इस दिशा में योजना बनाने एवं कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है | मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्तर के कुछ खेलों को भी इसमें शामिल करने की सहमति प्रदान की है |
चलते-चलते यह भी बता दें कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में ही यह प्रतियोगिता आगामी माह नवंबर-2018 में होनी है | इस प्रतियोगिता में बिहार के स्कूलों के चुनिंदा बच्चे-बच्चियाँ ही भाग ले सकेंगे | नवंबर से पहले जिला व राज्यस्तर पर प्रतियोगिता कराकर ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों का चयन किया जाएगा | प्रत्येक स्कूल के खेल शिक्षक, एचएम एवं अभिभावक खेल में रुचि रखने वाले बच्चों को अभी से प्रोत्साहित करने में अभिरुचि दिखाएं |
धैर्य, लगन एवं ईमानदारी से काम करने वाले सिविल सर्जन डॉ.गदाधर प्रसाद पाण्डेय को सेवाकाल के आरंभ में भले ही यहाँ कई उतार-चढ़ाव देखने को मिला हो, परंतु शनै:-शनै: उनके सेवा धर्मवाले शालीन स्वभाव से परिचित होते ही सभी सहकर्मी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं जिले के तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल से भी भरपूर सहयोग मिलना शुरू हो गया तथा स्वास्थ्य के कई क्षेत्रों में यह जिला बिहार में शीर्ष तक पहुंचकर परचम लहराने लगा व पुरस्कृत होने लगा | कार्य के प्रति कॉन्फिडेंस एवं समर्पण के चलते ही डॉ.पाण्डेय ने ‘विदाई समारोह’ का नाम खुद से ‘सम्मान समारोह’ अंकित करवाया | सदर अस्पताल के इतिहास में विगत 25 वर्षों से सेवानिवृत्ति पर किसी सिविल सर्जन का ऐसा भव्य सम्मान समारोह आयोजित नहीं हो पाया था | यह डॉ.पाण्डेय के शालीन स्वभाव और काम के प्रति समर्पण का सम्मान है |
Samasjsevi Dr.Madhepuri along with Dr.N.K.Nirala , Prof. S.K.Yadav & CS Dr.Shailendra Kumar greeting Dr.Gadadhar Pandey on his Farewell function at Sadar Hospital , Madhepura.
बता दें कि मधेपुरा के ही अधीक्षक डॉ.शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (वर्तमान सिविल सर्जन सहरसा) जब यहाँ योगदान करने आ रहे थे तो कई प्रकार की दुविधाएं एवं आशंकाएं उनके मन को घेर लिया था, परंतु कुछ ही दिनों में काम के प्रति उनकी रुझान को देखकर सहयोगियो व कर्मियों का ऐसा समर्थन मिला जिसे वे व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं | ऐसे कर्मशील सीएस डॉ.पाण्डेय एवं अधीक्षक डॉ.गुप्ता के लिए सदर अस्पताल परिसर में आयोजित इस भव्य सम्मान समारोह की अध्यक्षता का भार सौंपा गया डीआईओ डॉ.अशोक कुमार वर्मा को |
इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यरूप से डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.), डीडीसी मुकेश कुमार, नये सीएस डॉ.शैलेन्द्र कुमार, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार मंडल तथा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेंन्द्र नारायण मधेपुरी सहित पतंजलि के डॉ.एन.के.निराला, प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी के विनय वर्धन उर्फ़ खोखा यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव व हम के जिला अध्यक्ष शौकत अली आदि उपस्थित हुए एवं जिले के कोने-कोने से आए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में अद्भुत उमंग एवं उत्साह का गवाह देखा गया |
All the Doctors , Professors and The Dignitaries of Madhepura District attending the Samman Samaroh of the Farewell Ceremony of Civil Surgeon Dr.Gadadhar Pandey at O.P.D Building , Sadar Hospital , Madhepura.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) ने कहा कि सेवाकाल में जो प्रेम-प्रतिष्ठा, यश एवं कीर्ति प्राप्त करता है वही जाने के बाद याद आता है | डीडीसी मिथिलेश कुमार एवं रेड क्रॉस के सचिव डॉ.ए.के.मंडल ने डॉ.पाण्डेय के दीर्घ एवं स्वस्थ्य जीवन की कामना की तथा डॉ.गुप्ता के उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी |
कार्यक्रम के आरंभ में मधेपुरा के भीष्म पितामह डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित तीनों सीएस को ब्रह्मा-विष्णु-महेश कहकर संबोधित करते हुए उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया तथा स्वलिखित पुस्तक “इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल” भेंट की | साथ ही ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू के संस्थान को संदर्भित करते हुए सीएस डॉ.पाण्डेय का एक संस्मरण सुनाया कि कैसे कोई कोशिश करके कॉन्फिडेंस बिल्डअप कर सकता है |
मौके पर डॉ.एल.के.लक्ष्मण एवं उल्लास मुखर्जी ने गाकर अपने उद्गार व्यक्त किये और वर्तमान सीएस डॉ.शैलेन्द्र कुमार, उपाधीक्षक डॉ.अखिलेश कुमार, डीपीएम डॉ.आलोक कुमार, डीपीसी तेजेंद्र कुमार, डॉ. डी.पी गुप्ता , डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.रंजना भगत, डॉ.डी.के.सिंह, डॉ.सीताराम यादव, डॉ.सरोज सिंह, डी.पी.टूटी, डॉ.निशा कुमारी, डॉ.पी.आर.भास्कर आदि सहित मैनेजर नवनीत चंद्रा ने अन्य दो सेवानिवृत्त कर्मी सरोज कुमार एवं शत्रुघ्न ठाकुर को भी माला व गिफ्ट देकर सम्मानित किया |
अरविन्द केजरीवाल की महत्वाकांक्षी ‘सरकार आपके द्वार योजना’ (डोर स्टेप सर्विसेज) अगले दो महीने में शुरू हो जाएगी। इसके तहत करीब 100 तरह की सुविधाओं की होम डिलिवरी अगस्त के अंत तक शुरू होगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में इसके लिए ठेका देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। चयनित कंपनी को यह ठेका तीन साल के लिए दिया जाएगा।
बता दें कि पिछले साल नवंबर में दिल्ली कैबिनेट ने ‘डोर स्टेप योजना’ को मंजूरी देते हुए जाति प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस समेत 40 सार्वजनिक सेवाओं को घर-घर पहुंचाने की योजना बनाई थी। अब इसमें 30 और सेवाएं जोड़ी गई हैं और जल्द ही 30 और सेवाएं जोड़ी जाएंगी। अब लोगों को किसी भी प्रकार के सर्टिफिकेट के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। सरकार घर-घर पहुंच कर 100 तरह की सुविधाओं की होम डिलीवरी करेगी।
गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली सरकार ने डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ सर्विसेज की स्कीम बनाई थी और इस स्कीम को मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजा था। शुरुआत में एलजी ने स्कीम को लेकर कुछ आपत्ति जताई थी, लेकिन बाद में ग्रीन सिग्नल दे दिया था। दिल्ली सरकार ने हर महीने इस सिस्टम से 30 से 35 नई सुविधाओं को जोड़ने का फैसला भी किया था और इस हिसाब से अब तक 100 सर्विसेज की लिस्ट फाइनल की गई है। इस स्कीम में लोग अपने घर बैठे सर्टिफिकेट बनवाने के लिए फोन कर सकेंगे। पेंशन के पेपर हो या राशन कार्ड, बच्चे का जन्म हो या किसी की मृत्यु, किसी प्रकार के प्रमाण पत्र के लिए ऑफिसों के चक्कर नहीं काटने होंगे। एक कॉल सेंटर होगा, जहां पर लोग कॉल करके यह बताएंगे कि उन्हें कौन सा प्रमाण पत्र बनवाना है।
बहरहाल, कहा जा सकता है कि दिल्ली सरकार की इस योजना के सफल होने पर दिल्ली की जनता को तो फायदा होगा ही, केजरीवाल की राजनीति को भी नई ऊँचाई मिल जाएगी। भारतीय राजनीति में धूमकेतु की तरह उभरे अरिन्द केजरीवाल की चमक पिछले कुछ समय से फीकी-सी पड़ रही थी। अब शासन की ‘होम डिलीवरी’ कर वो जनता के बीच अपनी पुरानी पैठ बनाने में बहुत हद तक सफल होंगे। यही नहीं, देश में पहली बार इस तरह की योजना लागू कर दिल्ली सरकार बाकी राज्यों के लिए भी नजीर पेश करेगी।
महाभारत काल से खेले जा रहे कबड्डी के इस खेल को मधेपुरा में फिलहाल जीवित रखने में जुटे जिला कबड्डी संघ के जांवाज सचिव अरुण कुमार, अध्यक्ष जयकांत यादव एवं मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित समस्त खेल प्रेमियों के लिए यह गौरव की बात है कि मधेपुरा को 2005, 2006, 2007 एवं 2017 में भी राज्य स्तरीय जूनियर एवं सीनियर कबड्डी प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का मौका मिलता रहा | विगत के कुछ आयोजनों को शानदार तरीके से संपन्न कराने में निवर्तमान डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के अतुलनीय योगदान को खासकर मधेपुरा जिले के ग्रामीण इलाकों के कबड्डी से जुड़े बालिका एवं बालकों द्वारा सदैव याद रखा जायेगा जिन्हें इतने शानदार बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में सुंदर मैट पर शू पहनकर खेलने का अवसर उन्होंने ही मुहैया कराया |
Vice-Chancellor Dr.A.K.Rai , Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and others observing and encouraging the players at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.
बता दें कि तीन दिवसीय 18वीं बिहार राज्य सब जूनियर बालक-बालिका कबड्डी प्रतियोगिता में उपस्थित 50 टीमों का फाइनल मैच रविवार को खेला गया जिसमें खेल के अंत तक खिलाड़ियों को उत्साहित एवं प्रोत्साहित करने हेतु बी.एन.एम.यू. के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की उपस्थिति मुख्य रूप से देखी गई |
Girls Player from different districts watching the matches at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.
जानिए कि फाइनल मैच में बालक वर्ग से मुंगेर और बालिका वर्ग से पटना की टीम चैंपियन हुई तथा कांटे की टक्कर के बावजूद पटना का बालक वर्ग एवं बेगूसराय की बालिका टीम को पराजय का मुंह देखना पड़ा | कुलपति डॉ.राय एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने शील्ड एवं मेडल से दोनों टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया | खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा-
हार-जीत जीवन का अनिवार्य पहलू है | सच्चे दिल से कोशिश करने वालों की जीत अवश्य होती है | आजकल खेल करियर का विकल्प बनता जा रहा है जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण है | उन्होंने हार से प्रेरणा लेकर कड़ी मिहनत करने की सलाह दी तथा विजेता टीम को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की अपील भी की |
समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कबड्डी खेल के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाभारत काल से ही यह खेल यहाँ खेला जा रहा है | वीर बालक अभिमन्यु को इसी तरह सात शूरमाओं ने चक्रव्यूह बनाकर घेरा था………| डॉ.मधेपुरी ने खेल को सामाजिक सौहार्द सहित देश की एकता एवं अखंडता के लिए आवश्यक बताया | प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव किशोर कुमार व चंद्रिका यादव सहित जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रोत्साहित किया |
चलते-चलते बता दें कि खेल के बेहतरीन संचालन हेतु बिहार के विभिन्न जिलों से लगभग 30 तकनीकी पदाधिकारी एवं कार्यालय पदाधिकारीगणों को मंगाया गया था | माया विद्या निकेतन एवं के.बी.वुमेन्स कॉलेज में अलग-अलग बालक-बालिका खिलाड़ियों एवं तकनीकी पदाधिकारियों को आवासीय सुविधाएं दी गई थी | सबों ने मधेपुरा में कबड्डी खेल के बेहतर माहौल की प्रशंसा की और माननीय जिलापदाधिकारी नवदीप शुक्ला सहित डीडीसी मुकेश कुमार, एसडीएम वृंदालाल, खेलपदाधिकारी रजनीश कुमार एवं आयोजकों को बेहतर व्यवस्था के लिए साधुवाद दिया |
बिहार में अविवाहित लड़कियों के लिए इस साल अप्रैल में शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत इसके लाभार्थियों की पहचान शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा पास कर चुकी छात्राओं को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लक्ष्य बालिकाओं को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना, सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने के अवसर प्रदान करना तथा परिवार एवं समाज में उनका आर्थिक योगदान बढ़ाना है।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन के अनुसार, ‘शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के उन लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने छह जून को घोषित परिणामों में 12वीं की परीक्षा पास कर ली है।’ महाजन ने बताया कि योग्य उाम्मीदवारों की पहचान के बाद जुलाई में उनके बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान के तहत राज्य की सभी बालिकाओं को जन्म से लेकर स्नातक होने तक उम्र व शिक्षा के विभिन्न पड़ावों पर कुल 54, 100 रुपये दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने विगत 19 अप्रैल को इस योजना को मंजूरी दी थी। बालिकाओं के संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन पर आधारित इस योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूणहत्या को रोकना, कन्याओं के जन्म, निबंधन एवं संपूर्ण टीकाकरण को प्रोत्साहित करना, लिंग अनुपात में वृद्धि लाना, बालिका शिशु मृत्यु दर को कम करना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल-विवाह पर अंकुश लागना तथा कुल प्रजनन दर में कमी लाना भी है।
गौरतलब है कि इस योजना के तहत जहां 12वीं पास करने पर प्रत्येक लड़की को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, वहीं स्नातक करने पर 25 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ कन्या के जन्म के साथ ही मिलना शुरू हो जाएगा। इसके तहत कन्या शिशु के जन्म पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 2000 तथा 1 वर्ष पूरा होने व आधार पंजीयन कराने पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 1000 देने का प्रावधान है। यही नहीं, इस योजना के अंतर्गात स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर कन्या के सम्पूर्ण टीकाकरण कराने पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 2000 देने का प्रावधान भी है। इन सबके अतिरिक्त इसके अंतर्गत शिक्षा प्रारंभ होने से लेकर अलग-अलग कक्षाओं में जाने तक पोशाक आदि के लिए भी राशि दिए जाने का प्रावधान है। यहां तक कि इस योजना के तहत वर्ग 7 से 12 तक की कन्याओं को सैनेटरी नैपकीन के लिए भी राशि दिए जाने की व्यवस्था सरकार ने की है।
इस प्रकार समेकित रूप से एक कन्या को जन्म से स्नातक होने तक कुल 54,100 रूपये तक मिल सकेंगे। इस योजना पर प्रति वर्ष 2,221 करोड़ रूपये से अधिक राशि व्यय कर लगभग 1 करोड़ 60 लाख कन्याओं को लाभान्वित करने का अनुमान है।