जल्द होगा बिहार, मिनी बुलेट ट्रेन पर सवार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहे हैं। जी हाँ, बिहार सरकार राज्य में मिनी बुलेट-मेट्रो टाइप ट्रेन लाने की तैयारी कर रही है। यह ट्रेन पटना से बोधगया के बीच लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जापान सरकार फंड देगी। इसके लिए बिहार सरकार और जापान सरकार के बीच औपचारिक समझौते के लिए नीतीश कुमार 18 फरवरी को चार दिनों के लिए जापान के दौरे पर जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार पटना-बोधगया के बीच 100 किलोमीटर की यात्रा में राजगीर और नालंदा स्टेशन होंगे और पूरा रूट अंडरग्राउंड होगा। इस रूट का पर्यटन के लिहाज से कितना महत्व है, यह कहने की जरूरत नहीं। पूरे विश्व के बौद्ध लोगों के लिए बोधगया सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। इस महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस ट्रेन का स्वरूप मेट्रो और बुलेट की तर्ज पर बनेगा। जापान दौरे में विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। कहा जा रहा है कि बिहार का यह अब तक का सबसे महंगा प्रोजेक्ट और निवेश हो सकता है।

बता दें कि नीतीश कुमार के साथ बिहार सरकार का एक हाई लेवल डेलिगेशन भी जापान के दौरे पर जा रहा है। इस बड़े प्रोजेक्ट के अलावा राज्य सरकार जापान सरकार के साथ करोड़ों रुपये के अन्य निवेश पर भी समझौता कर सकती है। माना जा रहा है कि उनके इस दौरे से बिहार एक नए युग में प्रवेश करेगा। स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी इस यात्रा को राज्य के विकास के लिए मील का एक बड़ा पत्थर बता रहे हैं। इस बेहद खास मौके पर उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं!

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इस 98 वर्षीय ‘छात्र’ को सलाम !

अगर आप में लगन और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र कतई आड़े नहीं आती। जी हाँ, आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे जब आप जानेंगे कि बिहार के राजकुमार वैश्य ने 98 साल की उम्र में स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की। उम्र को मात देकर अनोखी उपलब्धि हासिल करने वाले वैश्य को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के राजेन्द्र नगर स्थित उनके घर जाकर अंगवस्त्र और किताबें भेंट करके सम्मानित किया।

गौरतलब है कि अद्भुत लगन के धनी राजकुमार वैश्य ने साल 2017 में नालंदा मुक्त विश्विविद्यालय से स्नातकोत्तर की परीक्षा उतीर्ण की है। मुख्यमंत्री ने राजकुमार वैश्य से मुलाकात के दौरान कहा कि उनकी बहुत दिनों से वैश्य से मिलने की इच्छा थी। संयोगवश बीते 4 फरवरी को एनआईटी पटना के एक कार्यक्रम के दौरान वैश्य के पुत्र प्रोफेसर संतोष कुमार से मुख्यमंत्री की मुलाकात हुई और मिलने का कार्यक्रम आखिर बन ही गया। यहां बताना जरूरी है कि प्रोफेसर संतोष कुमार एनआईटी पटना में मुख्यमंत्री के प्राध्यापक रह चुके हैं।

बहरहाल, 98 वर्षीय ‘छात्र’ वैश्य ने कहा कि घर में पढ़ाई का माहौल और पढ़ने का शौक मन में होने के कारण उन्होंने इस उम्र में अर्थशास्त्र से स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए इस उम्र में पढ़ाई करने का संकल्प लिया। उनके इस जज्बे को ‘मधेपुरा अबतक’ का सलाम!

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अब कोसी क्षेत्र में भी ट्रेनें 100 किलोमीटर के पार दौड़ेगी

मधेपुरा-सुपौल-सहरसा और पूर्णिया यानि कोसी के रेल खंडों पर अब प्रति घंटे ट्रेन की रफ्तार 100 किलोमीटर के पार होगी | नये कार्यों की संभावनाओं को देखते हुए समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीईएन कोआर्डनेशन श्री.बी.के.सिंह ने निरीक्षण के क्रम में मधेपुरा अबतक को बताया कि अब शीघ्रातिशीघ्र मशीन आकर ट्रैक पैकिंग के कार्य में लग जायेगा जिसके फलस्वरूप कोसी के रेल खंडों पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जायेगी |

बता दें कि रफ्तार बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर श्री.सिंह ने बताया कि सहरसा-पूर्णिया रेल खंड में वर्तमान में 75 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलती है जिसे अब 110 किलोमीटर तक किया जायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि सहरसा-मानसी रेलखंड के बीच वर्तमान में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की जगह 100 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेनें चलेगी |

यह भी जानिए कि जहाँ सहरसा स्टेशन पर चल रहे रेल विद्युतीकरण के कार्यों का अवलोकन उन्होंने उतरकर किया वहीं रेलखंड का निरीक्षण जानकी एक्सप्रेस में लगे विशेष सैलून में ही, “विंडो इंस्पेक्शन” करते गये | प्रथम किस्त में मानसी से सहरसा तक और आगे मधेपुरा होकर पूर्णिया कोर्ट स्टेशन तक | इस कार्य के दौरान श्री.बी.के.सिंह के साथ हमेशा मौजूद रहे- डीईएन श्री संजय कुमार, आईओडब्लू दिनेश कुमार मंडल एवं प्रभारी एईएन दुर्गा प्रसाद आदि |

चलते-चलते श्री सिंह ने कहा कि रेल इंजन फैक्ट्री के कारण विशेषरूप से बदल जाएगा-मधेपुरा और सहरसा स्टेशन का स्वरूप | स्टेशन पर तो सीसीटीवी कैमरा लगेगा ही लगेगा, साथ ही साथ ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेनों में भी सुपर CCTV कैमरा लगेगा | इसके अतिरिक्त ट्रेनों एवं रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा के साथ-साथ स्टेशन आधुनिकीकरण, ट्रैक दोहरीकरण, आमान परिवर्तन जैसे कार्यों को भी गति मिलेगी | क्योंकि, रेलवे को बीते बजट की तुलना में इस बार अधिक राशि मिलने का फायदा कोसी क्षेत्र में धीमी गति से चल रही रेलवे परियोजनाओं के कार्य तेजी से पूरे होंगे |

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“भारत के अंदर कोई भी बाबर की औलाद नहीं”: गिरिराज

अपने बयानों के कारण विवादों में, विवादों के कारण चर्चा में और चर्चा के कारण केन्द्र में बड़ा पद पाने और मंत्रिमंडल में फेरबदल के बावजूद उस पद को बनाए रखने में सफल रहने वाले गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने कहा है, भारत में सभी राम की संतानें हैं, यहां कोई बाबर की औलाद नहीं है। जी हाँ, राम मंदिर के संदर्भ में सवाल पूछे जाने पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “भारत के अंदर कोई भी बाबर की औलाद नहीं है। यहां सभी राम की संतानें हैं, राम के खानदान से हैं। अगर मैं धर्म परिवर्तन कर लूं तो क्या मेरे बच्चों के, आने वाली पीढ़ियों के पूर्वज बदल जाएंगे। वे तो हिंदू ही रहेंगे।”

गिरिराज ने आगे कहा, “राम मंदिर भारत में नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा? राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में ही होगा और इसके लिए हिंदू-मुस्लिमों को साथ आना होगा।” यही नहीं, इसके बाद उन्होंने कहा, “मुसलमानों में भी शिया समुदाय के लोग तैयार हैं, लेकिन सुन्नी नहीं तैयार हैं। सुन्नियों को भी शिया समुदाय की तरह मान लेना चाहिए।”

गौरतलब है कि बिहार के नवादा से सांसद गिरिराज 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी के विरोधियों के पाकिस्तान चले जाने संबंधी बयान के बाद खासतौर से चर्चा में आए थे। इसके बाद तो उनके विवादित बयान का जैसे सिलसिला ही चल पड़ा। कहना गलत ना होगा कि ऐसे बयान या तो वे चर्चा में बने रहने के लिए देते हैं या फिर उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता ही कुछ ऐसी है। दोनों ही लिहाज से भारत की ‘सत्याग्रही’ राजनीति और ‘समावेशी’ समाज के लिए ये चिन्ता की बात है।

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ऑस्ट्रेलिया को रौंदकर भारत ने जीता अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप

न्यूजीलैंड के बे ओवल मैदान में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से रौंदकर भारत ने चौथी बार वर्ल्ड चैम्पियन बनने की गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। भारत दुनिया का एकमात्र देश है जो चार बार विश्वविजेता बना। 2018 से पहले 2000, 2008 और 2012 में भी भारत ने वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक फाइनल मैच में भारत की ओर से मनजोत कालरा ने 102 गेंदों में 101 रनों की शानदार पारी खेली। मनजोत के साथ ही भारतीय गेंदबाजों का जलवा भी देखने लायक रहा, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई पारी को 216 रनों पर ही समेट दिया। मनजोत को उनके शानदार खेल के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। वहीं इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए शुभमन गिल को ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का खिताब दिया गया। शुभमन ने इस टूर्नामेंट में कुल 5 पारियां खेलीं, जिनमें उन्होंने एक शतक और 3 अर्द्धशतक समेत 372 रन बनाए। इस पूरे टूर्नामेंट की सबसे खास बात यह रही कि भारत शुरू से आखिर तक अपराजेय रहा। उसे कोई भी टीम हरा नहीं पाई।

फाइनल मुकाबले में 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत शानदार रही। कैप्टन पृथ्वी शॉ ने मनजोत कालरा के साथ पहले ओपनिंग विकेट के लिए 71 रन की साझेदारी की। पृथ्वी शॉ जब विल सदरलैंड की बॉल पर बोल्ड हुए तो पारी को संभालने शुभमन गिल आ गए। उन्होंने मनजोत कालरा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी की। 31 रन पर खेल रहे गिल को परम उप्पल ने बोल्ड कर दिया। यहां से भारत के विकेट कीपर बल्लेबाज हार्विक देसाई (नाबाद 47 रन) ने मनजोत के साथ भारत की विजयी लय को आगे बढ़ाया और भारत को 8 विकेट से जीत दिलाकर मैच और वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया। भारत की पारी की शुरुआत में बारिश ने खलल जरूर डाला, लेकिन कुछ देर बाद बारिश रुक गई और मैच पूरा हुआ।

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम 47.2 ओवर में 216 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया के लिए जोनाथन मेरलो ने 76 रन का योगदान दिया। उन्हें छोड़कर बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए। भारत के लिए ईशान पोरेल, कमलेश नगरकोटी, शिवा सिंह और अनुकूल रॉय ने 2-2 विकेट अपने नाम किए, जबकि शिवम मावी ने एक विकेट लिया। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिख रही इस पिच पर उत्साह से भरी भारतीय टीम के लिए 216 रनों का लक्ष्य कतई मुश्किल नहीं था।

बहरहाल, टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने के बाद देश भर में जश्न का माहौल है। भारत के रणबाकुरों के लिए बधाईयों और इनामों की बारिश हो रही है। बीसीसीआई ने अंडर-19 के कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख का इनाम देने की घोषणा की है। कोच राहुल द्रविड़ के अलावा भारतीय टीम के हर खिलाड़ी को 30-30 लाख रूपये दिए जाएंगे। वहीं टीम के सपोर्ट स्टाफ को 20-20 लाख रूपये इनाम देने की घोषणा की गई है। मधेपुरा अबतक की ओर से टीम इंडिया अंडर-19 को ढेरों बधाई।

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बजट 2018: देश के विकास को गति देने वाला बजट

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को नरेन्द्र मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। आमतौर पर चुनावी वर्ष में सरकारें लोकलुभावन (पर वास्तविक तौर पर अव्यावहारिक) बजट पेश करती रही हैं, लेकिन इसके उलट वर्तमान एनडीए सरकार ने देश की मजबूती को प्राथमिकता देते हुए बजट देने का नैतिक साहस दिखाया है। खास कर कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्टर आदि क्षेत्रों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जो आने वाले दिनों में देश के विकास को निश्चित तौर पर गति देंगे। चलिए जानने की कोशिश करते हैं कि क्या हैं बजट 2018 की बड़ी बातें।

सबसे पहले बात करते हैं कृषि की। इस बजट में किसानों को उनकी फसल के लागत मूल्य का डेढ़ गुना देने, सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य, 2000 करोड़ की लागत से बनने वाले कृषि बाजार और नए ग्रामीण बाजार ‘ई-नैम’ का ऐलान किया गया है। इसके अलावे ‘ऑपरेशन ग्रीन’ के लिए 500 करोड़ रुपये, 42 मेगा फूड पार्क और जानवरों को पालने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड देने की घोषणा की गई है। यही नहीं, जरूरतमंद किसानों के कर्ज के लिए 11000 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान भी किया गया है। निश्चित तौर पर ये योजनाएं देश में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में मोदी सरकार ने देश के 10 करोड़ परिवारों के लिए हर साल 5 लाख रुपए तक के मेडिक्लेम का ऐलान किया है। दुनिया की इस सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना से 50 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचेगा। इसके अलावा देश भर में 5 लाख स्वास्थ्य सेंटर और हर तीन संसदीय क्षेत्र पर एक मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही गई है। साथ ही अगले वित्त वर्ष में दो करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, जो देश की आम जनता के स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है, कहने की जरूरत नहीं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी वित्तमंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। सबसे अहम यह कि उन्होंने प्री नर्सरी से लेकर 12वीं क्लास तक को समग्र रूप से देखने की बात कही, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी तौर पर विकास हो सके। आदिवासियों के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एकलव्य स्कूलों की स्थापना की जाएगी। सरकार प्रधानमंत्री रिसर्च फेलो स्कीम शुरू करेगी जिसमें 1000 बीटेक छात्र चुने जाएंगे और उन्हें आईआईटी से पीएचडी करने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा प्लानिंग और आर्किटेक्चर स्कूल शुरू किए जाएंगे, साथ ही 18 नई आईआईटी और एनआईआईटी की स्थापना की जाएगी। मेडिकल कॉलेजों की बात हम ऊपर कह ही आए हैं।

आधारभूत संरचना की बात करें तो इस क्षेत्र में यह बजट अत्यन्त कारगर होगा। इसमें 16 नए इंटरनेशनल लेवल के एयरपोर्ट तैयार करने की बात कही गई है, जिसके बाद देश में एयरपोर्टों की संख्या 124 हो जाएगी। इसके अलावा 600 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की योजना बनाई गई है और गांवों में 1 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि 2022 तक हर गरीब के पास अपना घर हो।

अब बात युवाओं की। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में कहा करते हैं, इस देश की 65 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। इन युवाओं को सरकार ने स्वाभाविक तौर पर अपनी प्राथमिकताओं में जगह दी है। नए वित्तीय वर्ष में 70 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 50 लाख युवाओं को नौकरी के लिए ट्रेनिंग भी सरकार ही देगी। साथ ही व्यापार शुरू करने के लिए भी केन्द्र सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य तय किया है। यही नहीं, हर जिले में स्किल सेंटर खोले जाएंगे और 2.5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड को बढ़ावा दिया जाएगा। ये सभी योजनाएं देश के युवाओं के लिए सीधे रोजगार का माध्यम बनेंगी।

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समाजवाद के प्रति भूपेन्द्र बाबू के समर्पण को मधेपुरा सदा याद रखेगा

मधेपुरा आज समाजवाद के पुरोधा के नाम ‘भूपेन्द्रमय’ हो गया | सवेरे से यू.के. इंटरनेशनल, तुलसी पब्लिक स्कूल, ज्ञानदीप निकेतन और शांति आदर्श मध्य विद्यालय के बच्चे भूपेन्द्र बाबू की तस्वीरों को तख्तियों में लगाकर बाजे-गाजे और नगाड़े के साथ भिन्न-भिन्न प्रकार के नारे लगाते हुए स्थानीय भूपेन्द्र चौक पर प्रातः 9:00 बजे पहुंच गये जहाँ समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में उनकी 115वीं जयंती समारोह के मुख्य अतिथि के रुप में कोसी अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार श्री हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ सहित प्रखर बुद्धिजीवीगण प्रो.शच्चीन्द्र, डॉ.आलोक कुमार, परमेश्वरी प्रसाद यादव, अमरेंद्र प्रसाद यादव, कीर्ति नारायण, प्रो.नारायण प्रसाद यादव आदि दर्जनों युवा पूर्व से मौजूद थे |

School kids and Intellectuals at Bhupendra Chowk Madhepura.
School kids and Intellectuals at Bhupendra Chowk Madhepura.

बता दें कि कार्यक्रम की रूपरेखा का उद्घोष करते हुए अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी ने सबसे पहले लोगों को जानकारी देते हुए यही कहा कि समाजवादी आंदोलन के प्रति भूपेन्द्र बाबू के समर्पण और वंचितों के प्रति प्रतिबद्धता को देश कभी नहीं भूलेगा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भूपेन्द्र बाबू जीवनभर गरीबों के लिए काम किये और जीते रहे, इसीलिए वे कभी नहीं मरेंगे | बतौर जानकारी उन्होंने उपस्थित जनों से कहा कि 2:00 बजे से विश्वविद्यालय में और बरदाहा पंचायत में तथा कई शिक्षण संस्थाओं में उनकी जयंती मनाई जा रही है | उपस्थित जनों व स्कूली बच्चों को मधेपुरा में भूपेन्द्र बाबू के नाम वाले विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्टेडियम, कला भवन आदि की जानकारी देते हुए डॉ.मधेपुरी ने मुख्य अतिथि श्री.शलभ को आशीर्वचन के रूप में बच्चों से उस महान समाजवादी चिंतक के बारे में संक्षेप में उद्गार व्यक्त करने का अनुरोध किया |

मुख्य अतिथि श्री.शलभ ने अपने संक्षिप्त संबोधन में 1857 से लेकर 1942 की अगस्त क्रांति को रेखांकित करते हुए भूपेन्द्र बाबू के क्रांतिकारी तेवर एवं उनकी गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए यही कहा कि गांधीवाद की बुनियाद पर खड़ा समाजवाद को अपने जीवन में तिल-तिल कर समाहित करने वाला दूसरा और कौन हो सकता है सिवाय भूपेन्द्र बाबू के |

समारोह में उपस्थित प्रो.शच्चीन्द्र, डॉ.आलोक कुमार, कीर्ति नारायण, अमरेंद्र प्रसाद यादव, परमेश्वरी प्रसाद यादव, सुमित, विकास, हर्षवर्धन, आनंद, मो.यूनुस, संतोष प्राणसुखका आदि ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जमींदार परिवार में जन्म लेकर ताजिंदगी गरीबों एवं वंचितों की पीड़ा को दूर करने में लगे रहे भूपेन्द्र बाबू | प्रो.नारायण प्रसाद यादव ने तो अपने गीत को स्वर देकर भूपेन्द्र बाबू के बाबत ऐसी समां बांध दी की सभी भावुक हो गये |

Donation in memory of Great Socialist Leader Bhupendra Nayaran Mandal at Bhupendra Chowk.
Donation in the memory of Great Socialist Leader Bhupendra Nayaran Mandal at Bhupendra Chowk.

अंत में आवागमन को देर तक बाधित नहीं करने के कारण जल्दबाजी में डॉ.आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि श्री.शलभ द्वारा सभी स्कूलों को पुरस्कार तथा निर्धनों को कंबल हस्तगत कराया और निर्देशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कर दी गयी |

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