मधेपुरा दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बनाए 80 मॉडल

जिला मुख्यालय मधेपुरा वार्ड नं-1 के डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं द्वारा साइंस-आर्ट-क्राफ्ट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें नन्हें किड्स से लेकर +2 तक के छात्रों ने साइंस के 60 एवं आर्ट व क्राफ्ट के 20 यानि कुल 80 मॉडलों का प्रदर्शन किया |

बता दे कि गंगा प्रसाद एडूकेशनल ट्रस्ट के तत्वावधान में क्रियाशील इस स्कूल के छात्रों द्वारा प्रदर्शित साइंस-क्राफ्ट प्रदर्शनी का उद्घाटन एडीजे नवीन कुमार ठाकुर एवं भौतिकी के विद्वान शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने संयुक्त रूप से किया |

उद्घाटन के बाद जिला विधिक सेवा के सचिव सह एडीजे नवीन कुमार ठाकुर ने कहा कि प्रदर्शनी काफी ज्ञानवर्धक है जिससे बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान होता है | श्री ठाकुर ने कहा कि मधेपुरा जैसे पिछड़े क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल बनाना शहर के लिए शुभ संकेत है | यहाँ के बच्चों ने जूनियर वैज्ञानिक के रूप में कई मॉडल प्रस्तुत किया तथा अपनी नई सोच को विज्ञान के क्षेत्र में दिखाने का बेहतर प्रयास भी किया |

Evergreen Laughing kid from Darjeeling Public School receiving memento from Educationist Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri.
Evergreen Laughing kid from Darjeeling Public School receiving memento from Educationist Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri.

प्रदर्शनी-उद्घाटन करने के बाद मुख्य वक्ता के रूप में समाजसेवी विज्ञानवेत्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में विस्तार से बच्चों के हौसलों को बनाये रखने के लिए वैज्ञानिक डॉ.होमी जहाँगीर भाभा से लेकर मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की रचनात्मकता की चर्चा करते हुए कहा कि दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल स्थापना काल से ही बच्चों की चौमुखी विकास के लिए अग्रसर है | उन्होंने कहा कि आर्ट एण्ड क्राफ्ट में बच्चों के द्वारा बनाये गये कुछ उपयोगी सामान देखने लायक ही नहीं, बल्कि क्रय करने लायक भी हैं |

मौके पर प्राइवेट स्कूल एसोसियेशन के अध्यक्ष एवं DPS के निदेशक किशोर कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में विज्ञान के प्रति अभिरुचि बढ़ती है | विद्यालय के एमडी किशोर कुमार ने गणमान्यों एवं अभिभावकों सहित भारी संख्या में उपस्थित शिक्षानुरागियों से यही कहा कि विद्यालय परिवार यहाँ के बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है और सदा रहेगा |

पुरस्कार वितरण सत्र में विलंब से आये एएसपी राजेश कुमार द्वारा बच्चों की प्रतिभा को पहचानने की आवश्यकता पर बल देते हुए उत्कृष्ट चयनित मॉडलों के निर्माता छात्र-छात्राओं आकाश, अमित, धीरज. गौरव-प्राची, धनेश्वर आदि को मोमेंटो देकर पुरस्कृत किया गया | जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेश कुमार मंडल द्वारा बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए अस्मिता-विश्वजीत-स्वीटी, ओम-अंशु-सरस्वती आदि को पुरस्कृत किया गया |

कार्यक्रम की धुरी डॉ.मधेपुरी द्वारा बच्चों की नई सोच स्मार्ट विलेज, माउथ कैंसर, हयूमन ब्रेन, हीटर, कूलर को विज्ञान प्रदर्शनी के क्षेत्र में दिखाने के प्रयास की भरपूर सराहना करते हुए सुमन-अंकेश-सरीस्ता एवं रीया-रेशव-अंकिता सहित अन्य नन्हे किड्स को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया |

मौके पर डेंटिस्ट प्रमोद कुमार, अधिवक्ता मनोज कुमार अंबष्ट, माया के अध्यक्ष राहुल कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष बैद्यनाथ यादव, पूर्व सचिव विष्णु देव यादव सहित वरिष्ठ अभिभावक श्री गंगा प्रसाद यादव एवं कार्यक्रम के जानदार संचालक सह जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार सहित स्कूल के सभी शिक्षकों की भागीदारी से ही यह आयोजन सफल हुआ | धन्यवाद ज्ञापन के साथ निदेशक किशोर द्वारा कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई |

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प्राइवेट स्कूल्स एसोसियेशन ने खेलकूद प्रतियोगिता का किया आयोजन

मधेपुरा प्रखंड स्तरीय अंतर विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन श्यामल कुमार सुमित्र की अध्यक्षता में कीर्ति क्रीडा मैदान में किया गया | प्रतियोगिता का उद्घाटन शिक्षाविद समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने झंडोत्तोलन कर किया तथा खेल का आगाज डॉ.मधेपुरी, निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार, खेल प्रशिक्षक संत कुमार एवं कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया |

मौके पर उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए यही कहा कि मुट्ठी बांधने पर पांचो अंगुलियाँ देश की एकता और अखंडता का संकल्प दिलाती है जिसमें अंगूठा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को प्रतिबिंबित करता है और दूसरी अंगुली भारतीय रेल, तीसरी भारतीय सिनेमा, चौथी राजभाषा हिन्दी और पांचवी यही खेलकूद | खेल व खिलाड़ियों के बीच मजहब से लेकर जातीयता व क्षेत्रीयता के बीच की सारी दीवारें ध्वस्त हो जाती है | खेल से देश का स्वास्थ्य अच्छा होता है और स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri along with Private Schools Association Secretary Kishor Kumar, and Khel Guru Sant Kumar during flag hoisting at Kirti Krida Playground Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri along with Private Schools Association Adhyaksh Kishor Kumar and Khel Guru Sant Kumar during flag hoisting at Kirti Krida Playground Madhepura.

बता दें कि दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल, डॉ.मधेपुरी मार्ग के निदेशक एवं निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार ने कहा भीषण ठंड के बावजूद बच्चों ने सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर ग्रुपों में 60 मीटर, 100 मीटर एवं 200 मीटर की दौड़ से लेकर लंबी-कूद, ऊंची-कूद आदि में बालक एवं बालिका वर्ग में अलग-अलग जोर आजमाया और हॉली क्रॉस, दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल, तुलसी पब्लिक स्कूल, माया विद्या निकेतन, मधेपुरा पब्लिक स्कूल, साउथ पाइंट स्कूल, किरण पब्लिक स्कूल, सार्क इंटरनेशनल स्कूल, स्वामी विवेकानंद स्कूल, दमयंती शत्रुघ्न एकेडमी…….. आदि कुल 17 निजी स्कूलों के बच्चों ने 15 खेलों की प्रतियोगिता में भाग लिया | श्री किशोर ने कहा कि संघ का उद्देश्य पढ़ाई के साथ खेल भी है |

यूँ तो प्रखंड स्तरीय खेलों में हॉली क्रॉस बना ओवर ऑल चैंपियन | जहाँ हॉली क्रॉस स्कूल 94 अंक लाकर प्रथम स्थान पाया वहीं 55 अंक लाकर दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल द्वितीय तथा 54 अंक लाकर माया विद्या निकेतन तृतीय स्थान लाया | उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने इन तीनों स्कूलों के निदेशकों डॉ.वंदना कुमारी, श्री किशोर कुमार एवं श्रीमती चंद्रिका यादव को खेल के प्रति जागरुक रहने के लिए कोटि-कोटि साधुवाद दिया |

यह भी जानें कि जहाँ बालक वर्ग के कबड्डी में और शतरंज के बालक वर्ग में माया विद्या निकेतन प्रथम रहा वहीं बालक वर्ग के खो-खो में हॉली क्रॉस पब्लिक स्कूल विजेता रहा और बालिका वर्ग के खो-खो में माया विद्या निकेतन प्रथम |

देर शाम तक पारितोषिक वितरण किया उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार, सचिव चंद्रिका यादव, निदेशिका डॉ.वंदना घोष, सचिव गजेन्द्र कुमार, निदेशिका रेखा गांगुली, निदेशक चिरामणि यादव, खेलगुरु संत कुमार, सचिव अरुण कुमार, निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र सहित सुशील शांडिल्य, अरविंद कुमार, विजय कुमार, विलास कुमार, मुकुन्द कुमार, अनिल राज, राहुल कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, कंचन कुमार, बालमुकुन्द, मुन्ना जी एवं पंकज जी आदि |

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हमारे जैसे आठ ग्रहों वाले सौरमंडल की खोज

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने महत्वपूर्ण खोज की है। एजेंसी ने पहली बार हमारे सौरमंडल की तरह ही आठ ग्रहों वाला नया सोलर सिस्टम ढूंढ़ने का दावा किया है। नासा ने बीते गुरुवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि केप्लर टेलीस्कोप की मदद से सुदूर अंतरिक्ष में आठ ग्रहों वाला नया सौरमंडल ढूंढ़ा गया है। अमेरिकी सामाचारपत्र इंडीपेंडेंट ने यह जानकारी दी है। अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि प्रारंभिक आकलन में यह मनुष्यों के रहने योग्य नहीं है।

नासा वैज्ञानिकों ने केप्लर टेलीस्कोप से भेजे गए आंकड़ों का विश्लेषण करने में गूगल की आर्टीफिशियल तकनीक की मदद लेने की बात कही है। केप्लर टेलीस्कोप सूर्य सरीखे स्टार और उसके सौरमंडल के बारे में पहले ही पता लगा चुका था। लेकिन, अब नए ग्रहों की मौजूदगी का पता चला है। ऐसे में नए सौरमंडल में कुल आठ ग्रह हो गए हैं। हमारे सौरमंडल को छोड़ कर अंतरिक्ष में आठ ग्रहों वाला यह पहला सोलर सिस्टम है। नासा ने बताया कि एआई की मदद से केप्लर द्वारा मुहैया डाटा का नए तरीके से विश्वलेषण संभव हो सका है। नए सौरमंडल में केप्लर-90आई सबसे छोटा ग्रह है। यह नया ग्रह पृथ्वी की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा बड़ा है। टेक्सास यूनिवर्सिटी (ऑस्टिन) के एस्ट्रोनॉमर एंड्रयू वांडरबर्ग ने बताया कि नया ग्रह पृथ्वी से बड़ा जरूर है, लेकिन वहां कोई जाना नहीं चाहेगा। हालांकि, इसकी मदद से अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में और जानकारी जुटाने की उम्मीद जताई जा रही है।

गौरतलब है कि केप्लर टेलीस्कोप को वर्ष 2009 में अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था। तब से यह पृथ्वी स्थित नियंत्रण कक्ष को डाटा भेज रहा है। इसकी मदद से हमारे सौरमंडल के बाहर कई सोलर सिस्टम का पता लगाया जा चुका है। केप्लर टेलीस्कोप अब तक 4,034 ग्रह या उसके समान आकाशीय पिंडों का पता लगा चुका है। इनमें से 2,335 की बाहरी ग्रह के तौर पर पुष्टि की जा चुकी है। इनमें से 30 पृथ्वी के आकार के हैं।

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और मोदी ने जीत लिया गुजरात

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भविष्यवाणी सही साबित हुई। भाजपा ने एक बार फिर गुजरात जीत लिया। हिमाचल प्रदेश भी भगवा रंग में रंगा। नीतीश ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष को जीत की बधाई देते हुए ट्वीट किया –  गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव में जीत के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं भारतीय जनता पार्टी को बधाई। गुजरात में जीत का दावा करने वाली कांग्रेस हिमांचल भी हार गयी!

उधर जेडीयू के प्रदेश अध्‍यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, गुजरात में लोगों की आस्था भाजपा और इसके नेतृत्व में बनी हुई है। इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद लोगों का भाजपा के खिलाफ नहीं होना इस बात का संकेत है कि लोगों की इस पार्टी में आस्था बरकरार है। वहां लोगों ने महसूस किया है कि शासन का तौर-तरीका ठीक है। इस कारण भाजपा के लिए यह बड़ी जीत है।

सचमुच यह भाजपा के लिए बड़ी जीत है। गुजरात के परिणाम ने एक बार फिर साबित किया कि नरेन्द्र मोदी चुनाव जीतना जानते हैं। सच तो यह है कि ये चुनाव भाजपा नहीं लड़ी, देश के प्रधानमंत्री लड़े और देश की संसद का सत्र रोक कर लड़े। भाजपा की सीटें कम जरूर हुईं लेकिन आखिरकार मोदी की सियासी शैली काम कर ही गई। 2012 में जब नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते चुनाव हुए थे तब उसमें भाजपा ने 115 सीटें जीती थीं। अब जबकि गुजरात में भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए एक भी कद्दावर नेता नहीं है, उसका करीब 100 सीटें जीतना खराब प्रदर्शन नहीं कहा जाएगा। खास तौर पर तब जबकि ये उसकी लगातार छठी जीत है।

गुजरात चुनाव की एक अहम बात यह रही कि पाटीदार आरक्षण, नोटबंदी, जीएसटी, विकास समेत तमाम बड़े मुद्दे हवा हो गए। मोदी की ये कहानी लोगों ने सुनी और मानी कि उनकी हार गुजरात की, गुजरातियों की और हिन्दुओं की हार है, जबकि कांग्रेस की जीत पाकिस्तानियों की और गुजरात से नफरत करने वालों की जीत होगी। चुनाव के आखिरी दिनों में ‘नीच आदमी’, ‘पाकिस्तानी साजिश’ और ‘मुख्यमंत्री अहमद मियां पटेल’ जैसे जुमलों का गूंजना अकारण नहीं था। हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश ने प्रभाव तो छोड़ा लेकिन वे निर्णायक फैक्टर साबित नहीं हुए।

कांग्रेस के लिहाज से देखें तो इसमें कोई दो राय नहीं कि राहुल की ताजपोशी के बाद गुजरात जीतना उसके लिए देश जीतने से कम नहीं होता। फिर भी उसे पिछली बार से 20 सीटें अधिक मिलीं, ये उसके लिए संतोष की बात है। इससे पार्टी के मनोबल में जरूर वृद्धि होगी। एक बात और, कांग्रेस के लिए सांत्वना की एक बात यह भी है कि उसके नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी के घर में कड़ा और काफी नजदीक का मुकाबला कर विपक्ष का नेता होने का हक हासिल कर लिया है। अब शायद यह सवाल ना उठे कि 2019 में विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा।

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कांग्रेस को बदलने में जुटे नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद राहुल गांधी ने अपने पहले इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है। नेशनल हेराल्ड को दिए इस इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि पार्टी में बड़े फेरबदल किए जाएंगे और लोगों को उत्साहित करने वाले चेहरों को आगे किया जाएगा। राहुल ने मोदी सरकार पर भी जमकर वार किया और नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों की आलोचना की।

आरएसएस और भाजपा की तुलना में कांग्रेस के कमजोर संगठन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि “कांग्रेस को अभी काफी काम करना है। बहुत से ऐसे नए लोग हैं, जिन्हें हमें आगे लाना होगा। कांग्रेस में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आने वाले दिनों में आप ऐसे लोगों को देखेंगे, जिन्हें देखकर आप उत्साहित हों,  जिन्हें देखकर आप कह सकेंगे कि हां देखो यह व्यक्ति आया है, मैं जिसके साथ जुड़ना चाहता हूं। मैं ऐसे ही लोगों के साथ जुड़ना चाहता हूं, जो सौम्य हैं  और मजबूत हैं।”

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल पार्टी को ऊपर से नीचे तक या नीचे से ऊपर तक बदलने वाले हैं तो कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हां, दरअसल यह मेरी योजना नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी की इच्छा है कि वह बदले,  विकसित हो… मैं तो सिर्फ इसमें मदद करूंगा।”

कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने सत्ताधारी पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि “भाजपा ने समाज को बांट दिया है। उन्होंने देश के लोगों के बीच एक तरह की दुश्मनी फैला दी है और मेरा मानना है कि कांग्रेस की भूमिका लोगों के बीच एक सेतु, एक पुल बनने की है। हमें ऐसा संवाद शुरू करने की जरूरत है,  जिसमें हम कह सकें कि हम सब भारतीय हैं। कोई वर्ग, जाति या धर्म नहीं, बल्कि भारतीयता हमारी पहली पहचान है। इसके बाद ही कोई पहचान आती है।”

देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की कथित उपेक्षा को लेकर भाजपा के आरोपों पर राहुल ने कहा, “झूठ फैलाया जा रहा है कि सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरू जी में नहीं बनती थी। ये सरासर झूठ है। जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल गहरे दोस्त थे। दोनों ने साथ-साथ जेल में वक्त गुजारा है। कुछ मुद्दों पर दोनों में मतभेद होते थे, लेकिन वे दोस्त थे। राहुल यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल जी के तो आरएसएस और संघ की उस विचारधारा के बारे में काफी कटु विचार थे, जिसको नरेंद्र मोदी जी अपनाते हैं।”

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मधेपुरा में फरवरी 19 तक चार और विद्युत रेल इंजन बनेगा

मधेपुरा के ग्रीन फील्ड विद्युत रेल इंजन कारखाने में विगत माह से ही एल्सटॉम कंपनी के 70 पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा पहला इंजन तैयार होना शुरू हुआ और अब फरवरी 2019 तक 4 और विद्युत रेल इंजन बनकर (ट्रायल में) फैक्ट्री से मधेपुरा स्टेशन तक बीछ रही रेल लाईन पर दौड़ने लगेगी |

बता दें कि एल्सटॉम कंपनी द्वारा इंजनों के निर्माण हेतु गत सप्ताह में पदाधिकारियों व कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है तभी तो स्थानीय मधेपुरा होटल से प्रतिदिन लगभग 300 लोगों का भोजन फैक्ट्री में ससमय भेजा जाने लगा है |

जानिए कि रेलवे ट्रैक पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली (12 हजार H.P. की) 800 विद्युत रेल इंजन 11 साल के अंदर तैयार कर एल्सटॉम कंपनी द्वारा भारतीय रेल को हस्तगत करानी होगी और इसके ऐवज में भारतीय रेल उसे लगभग 19,000 करोड रुपये देगी |

भारतीय रेल ने एल्सटॉम के सामने लक्ष्य रखा है-

  1. मार्च 2018 से फरवरी 2019 तक 4 इंजन
  2. मार्च 2019 से मार्च 2020 तक 35 इंजन
  3. अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 65 इंजन और
  4. अप्रैल 2021 से प्रतिवर्ष…… 100 इंजन तैयार होगा |

मधेपुरा रेल इंजन कारखाने के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि पटना से आये डिप्टी चीफ इंजीनियर द्वारा भी एसेंबल हो रहे इलेक्ट्रिक इंजन की कार्य प्रगति को देखा गया और नई रेल लाइन के शुभारंभ के मौके पर PWI सुनील कुमार एवं अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में यही कहा गया कि इस कारखाने को फूल फ्लेज रूप से काम करने के लिए तत्काल लगभग 400 कर्मियों की जरूरत होगी और कारखाने में कुछ लोगों को रोजगार भी मिलेगा |

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शरद की राज्यसभा सदस्यता: हाईकोर्ट ने किया दखल से इनकार

पहले चुनाव आयोग, फिर राज्यसभा सचिवालय और अब हाईकोर्ट… ना जाने बार-बार आईना दिखाए जाने के बावजूद शरद यादव ऐसा क्यों कर रहे हैं? उन जैसा वरिष्ठ राजनीतिज्ञ इस तरह का ‘बालहठ’ करे और वो भी तब जबकि हश्र उन्हें पता है, समझ के परे है! बहरहाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी राज्यसभा सदस्यता जाने के मामले में दखल देने से इनकार किया है। हालांकि कोर्ट ने आदेश दिया कि यादव को भत्ते और सरकारी बंगले का लाभ मिलता रहेगा। क्यों और कब तक, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। बता दें कि शरद यादव ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराए जाने के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के फैसले को चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि जेडीयू की अपील पर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 4 दिसंबर को शरद यादव और उनके साथ अली अनवर को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था। शरद यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद ही अलग रास्ता अपना लिया था। पार्टी लाईन से अलग जाकर उन्होंने न केवल इस निर्णय का खुलकर विरोध किया, बल्कि बेतुका दावा भी किया कि उनकी अगुआई वाला जेडीयू धड़ा ही असली जेडीयू है और चुनाव आयोग के सामने जेडीयू के चुनाव चिह्न तीर पर अपना दावा भी कर दिया। जैसा कि होना ही था, चुनाव आयोग ने उनके दावे को खारिज कर दिया। बाद में उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने का आदेश दिया।

राज्यसभा के सभापति ने जेडीयू के उस तर्क को स्वीकार किया कि शरद व अनवर ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर और विपक्षी पार्टियों के कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी पार्टी सदस्यता का ‘स्वतः ही त्याग’ कर दिया है। जेडीयू ने शरद और अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के लिए सदन के सभापति से अनुरोध किया था। चलते-चलते बता दें कि शरद पिछले साल ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2022 में खत्म होने वाला था, जबकि अनवर का कार्यकाल अगले साल खत्म होने वाला था।

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गुजरात में भाजपा की वापसी: एग्जिट पोल

गुजरात में भाजपा की बड़ी हार की भविष्यवाणी करने वाले योगेंद्र यादव ने हथियार डालते हुए अपना अनुमान गलत मान लिया है। चुनाव विश्लेषक से नेता बने योगेंद्र 13 दिसंबर को कहा था कि गुजरात में भाजपा की जीत संभव नहीं है, बल्कि बड़ी हार भी हो सकती है। ठीक एक दिन बाद एग्जिट पोल के नतीजे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मोटे तौर पर गुजरात में भाजपा का वर्चस्व कायम है।

बता दें कि 14 दिसंबर को आए सभी एग्जिट पोल में भाजपा को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीतता दिखाया गया। योगेंद्र को आखिर कहना पड़ा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि भाजपा के खिलाफ लोगों का गुस्सा वोट में तब्दील क्यों नहीं हो पाया। कांग्रेस के बारे में उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा के विरोध में कांग्रेस सड़क पर नहीं उतरी। उतरे तो हार्दिक पटेल, अल्पेश ठकोर जैसे नेता। उधार के नेताओं से लड़ाई नहीं जीती जा सकती।

योगेन्द्र यादव ने आगे कहा कि मेरा अनुमान मन की बात पर आधारित नहीं था। यह दो सर्वेक्षणों पर आधारित था। लेकिन आज की तारीख में उन सर्वेक्षणों के नतीजे भी बदले हुए हैं। मैं उनका सम्मान करूंगा, उनसे सीखूंगा। बता दें कि योगेंद्र यादव ने जो तीन मुमकिन परिणाम अपने हिसाब से बताएं थे। अगर उनकी बात की जाए तो तीनों ही नतीजों में भाजपा को राज्य में हार मिल रही है।

गौरतलब है कि एग्जिट पोल में गुजरात में पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से सत्ता पर काबिज भाजपा की ही सरकार बनती दिख रही है। समाचार चैनल ‘आज तक’ पर प्रसारित ‘इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया पोल’ के मुताबिक, राज्य में मोदी मैजिक कायम है। इस एग्जिट पोल में भाजपा को 99 से 113 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में गुजरात की सत्ता में भाजपा की ही वापसी होने जा रही है। जबकि पिछले 22 वर्षों से सत्ता से दूर कांग्रेस को 68 से 82 सीटें मिलने का अनुमान है।

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योगेन्द्र की मानें तो गुजरात में हार रही है भाजपा

स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने गुजरात विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी राय जाहिर की है। आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट कर यादव ने कुछ आंकड़ों के जरिए बताया कि किस पार्टी को कितने प्रतिशत वोट और सीटें मिल सकती हैं। ट्वीट में उन्होंने तीन परिदृश्य भी बताए हैं। इसके साथ उन्होंने आंकड़ों की एक तस्वीर पोस्ट की है। इसके नीचे यह भी लिखा है कि सभी आंकड़ों का अनुमान योगेंद्र यादव ने लगाया है और यह किसी एग्जिट पोल का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इसके अलावा जिन सीटों का अनुमान लगाया गया है वे सीएसडीएस पोल पर आधारित हैं और एबीपी के अनुमान से अलग है। इस अनुमान के मुताबिक गुजरात में इस बार कांग्रेस बाजी मार सकती है और भाजपा को अब विपक्ष में बैठना पड़ेगा। बता दें कि यादव प्रख्यात चुनावी विश्लेषक हैं और पहले भी चुनावी नतीजों पर अपनी राय देते रहे हैं।

यादव के मुताबिक पहले मुमकिन परिदृश्य में भाजपा को 86 सीटें (43 प्रतिशत वोट) और कांग्रेस को 92 सीट (43 प्रतिशत) मिलेंगी। वहीं दूसरे संभावित परिदृश्य में यादव ने भाजपा को 65 (41 प्रतिशत वोट) और कांग्रेस को 113 सीटें (45 प्रतिशत) दी हैं। वहीं तीसरे व अंतिम परिदृश्य के आगे योगेंद्र यादव ने ‘इनकार नहीं किया जा सकता लिखा है’। इसके बाद उन्होंने लिखा कि भाजपा को बड़ी हार भी मिल सकती है। बहरहाल, यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि यादव का कहा कितना सच होता है। लेकिन अगर उनका दिखाया कोई भी परिदृश्य सचमुच सामने आता है, तो यह भाजपा और विशेषकर प्रधानमंत्री मोदी के लिए बहुत परेशानी का सबब होगा।

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देश को ना मोदी चाहिए, ना राहुल: अन्ना

प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को आगरा में कहा कि आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र नहीं है। उन्होंने आगे कहा, देश को ना तो नरेन्द्र मोदी चाहिए और ना ही राहुल गांधी, क्योंकि दोनों उद्योगपतियों के हिसाब से काम करते हैं। उन्होंने कहा, इस बार किसान के हित में सोचने वाली सरकार चाहिए। 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान पर एक नए आंदोलन की जरूरत बताते हुए अन्ना ने कहा कि राजग और संप्रग दोनों सरकारों ने लोकपाल को कमजोर किया गया है। इसलिए एक बार फिर आंदोलन की जरूरत है।

अन्ना ने दावा किया कि देश में 22 साल में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार लड़ाई निर्णायक होगी। यह आंदोलन 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा। उन्होंने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा कि उद्योगपतियों की सरकार नहीं चाहिए। ना ही मोदी चाहिए और ना ही राहुल गांधी। इन दोनों के मन मस्तिष्क में उद्योगपति ही हैं। हमें ऐसी सरकार चाहिए, जिसके दिमाग में उद्योगपति नहीं बल्कि किसान हो।

बकौल अन्ना मनमोहन सिंह की सरकार ने लोकपाल का कमजोर ड्राफ्ट तैयार किया। हर राज्य में लोकायुक्त लाने के कानून बदल दिए गए। मनमोहन सिंह के बाद आई मोदी सरकार दूसरा विधेयक ले आई और उसे कमजोर कर दिया। ऐसे में फिर आंदोलन की आवश्यकता है।

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