कुलपति डॉ.ए.के. राय ने आते-आते लगाया हैट्रिक

बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने अपने चंद महीनों के कार्यकाल में ही तीन कॉलेजों- पूर्णिया कॉलेज, एम एल कस्बा कॉलेज एवं दो दिन कबल पार्वती साइंस कॉलेज मधेपुरा को नैक (NAAC-National Assessment & Accreditation Council) से ‘B’ Grade दिलाकर हैट्रिक लगा लिया है I उक्त तीनों कॉलेजों को क्रमशः 2.44, 2.03 एवं 2.20 सीजीपीए पॉइंट मिला और जिसके फलस्वरूप इन कॉलेजों को जहां नेशनल लेवल के कॉलेज बनने का गौरव प्राप्त हुआ वहीं बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय को इस कृत्य से सर्वाधिक सम्मान प्राप्त हुआ I

बता दें कि विगत 13-14 अक्टूबर को त्रिसदस्यीय नैक की पीयर टीम के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.के. सिंह, समन्वयक डॉ.एम.ए.सुधीर एवं सदस्य डॉ.एस.बी.हेगारगी द्वारा पार्वती सायंस कॉलेज का निरीक्षण किया गया और लगे हाथ 27 अक्टूबर को बेंगलुरु में नैक संचालन कमेटी ने 29 वीं बैठक में कॉलेज को ‘B’ Grade देने का निर्णय भी ले लिया I

अब से पी एस कॉलेज को 5 करोड़ राशि तक की योजनाओं के लिए RUSA (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) से वित्तीय मदद मिल सकती है जिसमें 65% केंद्र सरकार एवं 35% राज्य सरकार का अंश होता है I ज्ञातव्य हो कि नैक से मान्यता प्राप्त होने के बाद ही ऐसे कॉलेजों को विकास राशि देने योग्य माना जाता है I

यह भी बता दें कि नैक कमिटी अपने निरीक्षण के दरमियान- शिक्षण, मूल्यांकन, स्पोर्ट्स, अभिगम, नेतृत्व क्षमता, बेहतर व्यवस्था तथा नवसृजन के लिए सौ-सौ अंकों के अतिरिक्त पाठयक्रम, शोध एवं आधारभूत संरचना के लिए डेढ़-डेढ़ सौ अंकों वाली तराजू पर कॉलेज को तौलती है- तभी तो A+, A, A-….. B+, B, B-….. आदि ग्रेड की सूची में रखकर मान्यता देती है I

पार्वती साइंस कॉलेज, कीर्तिनगर, मधेपुरा को नैक से ‘B’ Grade मिलने की जानकारी प्राप्त होते ही जहां कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.राजीव सिन्हा ने कहा कि इसके लिए सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विद्यार्थी-अभिभावक व मधेपुरा की आमजनता बधाई के पात्र हैं वहीं कर्मठ कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि ‘B’ Grade मिलना ना केवल मधेपुरा जिला बल्कि विश्वविद्यालय पदाधिकारियों-कर्मचारियों सहित संपूर्ण कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लिए गर्व की बात है I कुलपति डॉ.राय ने यह भी कहा कि अब पीएस कालेज नेशनल लेवल का कॉलेज बन गया है और आगे भी पूरी तन्मयता के साथ छात्र-शिक्षक-अभिभावक सहित जनप्रतिनिधि व मीडियाकर्मी सभी मिलकर इसे संवारेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब यह कॉलेज नैक ‘A’ Grade प्राप्त कर अपने संस्थापक कीर्ति नारायण मंडल का कीर्ति पताका लहराएगा…..!

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बिहार में ट्विटर वार

बिहार में ट्विटर वार छिड़ा है। एक ओर हैं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव तो दूसरी ओर हैं आमतौर पर सोशल मीडिया से दूर रहने वाले जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। हां, इन दोनों योद्धाओं में मर्यादा का फर्क स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है। नीतीश ने जहां अपने ट्वीट में बड़ी संजीदगी से लालू पर निशाना साधा था, वहीं लालू ने अपने ट्वीट में बिना नाम लिए नीतीश को ‘मेंडेट रेपिस्ट’ और ‘जनादेश का हत्यारा’ तक कह डाला।

बुधवार को अपने पहले ट्वीट में लालू ने लिखा, क्या आप दिन-दहाड़े जनादेश का निर्मम बलात्कार करने वाले मैंडेट रेपिस्ट का मानसिक उपचार करने वाले किसी देशभक्त मनोचिकित्सक को जानते हैं? इसके बाद लालू ने फिर ट्वीट किया और लिखा, ‘क्या आप ‘पेट के दांत’ ठीक करने वाले किसी डेंटिस्ट को जानते हैं? बिहार में जनादेश का एक मर्डरर है, जिसके पेट में दांत है। उसने सभी नेताओं और पार्टियों को ही नहीं बल्कि करोड़ों गरीब-गुरबों को भी अपने विषदंत से काटा है।’

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार जेडीयू और आरजेडी की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। बता दें कि इससे पहले बुधवार को ही नीतीश कुमार ने भी ट्वीट के जरिए लालू प्रसाद यादव को उनकी बेनामी संपत्ति मामले में घेरने की कोशिश की थी। नीतीश ने बिना किसी का नाम लिए ट्वीट में लिखा था, ‘जान की चिंता, माल की चिंता सबसे बड़ी देशभक्ति है!’

इससे पहले मंगलवार को भी नीतीश ने लालू की सुरक्षा में कटौती को लेकर उपजे विवाद पर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘राज्य सरकार द्वारा ‘Z’ Plus और SSG की मिली हुई सुरक्षा के बावजूद केंद्र सरकार से NSG और CRPF के सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता के जरिए लोगों पर रौब गांठने की मानसिकता, साहसी व्यक्तित्व का परिचायक है!’

स्वयं मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री रह चुके लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट का जवाब देने का पूरा हक था, उन्हें तंज ही कसना था तो भी कोई बात ना थी, लेकिन मर्यादा की सीमा का जिस तरह उन्होंने अतिक्रमण किया, वो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं। सोचने की बात तो यह कि स्वयं ऐसी भाषा का प्रयोग करने वाला पिता आखिर अपने उस बेटे को क्या और कैसे समझा पाता होगा जो स्वास्थ्य मंत्री जैसे पद पर रहे होने के बावजूद अपने राज्य के उपमुख्यमंत्री को घर में घुसकर मारने और अपने देश के प्रधानमंत्री को खाल उघाड़ लेने की धमकी देता चलता है?

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए दीप

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बिहार में भी नहीं दिखेगी ‘पद्मावती’

गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अब बिहार। जी हां, ‘पद्मावती’ अब बिहार में भी रिलीज नहीं की जा सकेगी। विवादों से घिरी इस फिल्म पर इस बार बिहार के संजीदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी राय रखी है। फिल्म पर देश भर में जारी घमासान के बीच नीतीश ने कहा है कि निर्देशक संजय लीला भंसाली इस पर अपना रुख साफ करें। ऐसा होने तक राज्य में फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार देश के पांचवें मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पद्मावती-प्रकरण पर मुखर होकर अपनी बात रखी है। उनसे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुलकर अपनी राय रख चुके हैं। इन राज्यों ने यह कहते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है कि इसमें इतिहास से छेड़छाड़ की गई है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस फिल्म की बाबत कहा कि “’पद्मावती’ पर कई लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। फिल्म के निर्दशक को इस पर अपना रुख साफ करना चाहिए। तब तक के लिए फिल्म बिहार में नहीं दिखाई जाएगी।” नीतीश ने इस संदर्भ में सभी पार्टियों के एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद निर्णय लेने की बात कही और साथ में यह भी जोड़ा कि “रानी पद्मावती को इसमें नाचते हुए नहीं दिखाया जाना चाहिए था।” बिहार के कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने भी अपने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म से जब तक विवादित दृश्य निकाले नहीं जाते, तब तक फिल्म राज्य में रिलीज होने नहीं दी जाएगी।

‘पद्मावती’ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मुख्यमंत्री से फिल्म के खिलाफ माहौल नहीं बनाने को कहा था। गौरतलब है कि ‘पद्मावती’ की रिलीज के लिए पहले एक दिसंबर की तारीख तय की गई थी, जो फिलहाल अनिश्चित काल के लिए स्थगित होती दिख रही है। 190 करोड़ की लागत से बनी संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती की भूमिका निभाई है, जबकि शाहिद कपूर महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में हैं।

 

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नशा मुक्ति दिवस पर जाग उठा जज्बाती जिला मधेपुरा !

मधेपुरा जिला मुख्यालय सहित सभी सदर प्रखंडो एवं उदाकिसुनगंज अनुमंडल के आलमनगर, चौसा, पुरैनी, बिहारीगंज, ग्वालपाड़ा व अन्य प्रखंडों में नशामुक्ति दिवस (26 नवंबर) सर्वाधिक उत्साह एवं संकल्प के साथ सवेरे से देर शाम तक यानि दिनभर संकल्पित भाव के साथ मनाया गया |

शहर के उर्दू मध्य विद्यालय, कन्या मध्य विद्यालय से लेकर टी.पी.कॉलेजिएट, SNPM, रास बिहारी, केशव कन्या उच्च माध्यमिक +2 विद्यालयों सहित अन्य सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों- कौनवेटों के छात्र-छात्राओं द्वारा बी.एन.मंडल स्टेडियम से रंगारंग ‘नशा मुक्ति दिवस’ के बैनरों एवं नारों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई | स्कूली बच्चों ने ‘नशा मुक्ति अभियान’ में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा शहर के बी.पी.मंडल चौक, भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, थाना चौक, शिवनंदन चौक, सुभाष चौक, कर्पूरी चौक का भ्रमण करते हुए नशा के खिलाफ नारे लगा-लगाकर लोगों को जागरुक किया |

बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित पदाधिकारियों एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, डीएसपी रहमत अली, शौकत अली, नरेश पासवान, अशोक चौधरी आदि की उपस्थिति में जिले के उच्चाधिकारी द्वय डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी को रवाना किया |

DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.
DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.

फिर दिन में जिला उत्पाद विभाग के अधीक्षक शैलेन्द्र मिश्रा एवं उत्पाद निरीक्षक राजू मिश्रा की देख-रेख में स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में ‘नशामुक्ति से संबंधित विषयों’ पर आधारित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय आये प्रतियोगियों क्रमशः निशा कुमारी- आनंद कुमार- कुशल आनंद एवं रूमा कुमारी- आनंद कुमार- मो.मौशिम जिया को डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने पुरस्कृत किया |

यह भी जानिये कि कार्यक्रम के दौरान टीवी के जरिये जिले के वरीय पदाधिकारियों सहित शहर के गणमान्यों ने सीएम, डिप्टी सीएम एवं मुख्यसचिव आदि के सारगर्भित भाषणों को सुना और बाद में मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने अपने संबोधन में यही कहा-

‘नशामुक्ति से समाज में अमन शांति व स्थिरता कायम होने के साथ-साथ विकास का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है | नशा मुक्ति से बहुत बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव हुए हैं- शराब में खर्च होने वाली राशि अब घर-परिवार संभालने में और बच्चे-बच्चियों की शिक्षा पर खर्च होने लगे हैं, जो सूबे के लिए सुखद संकेत है…….!’

इसके अलावे एसपी विकास कुमार ने जहां यह कहा कि शराबबंदी सहित अन्य नशा पर अंकुश लगने से अब रोड दुर्घटनाओं के साथ-साथ अपराधों की दर में कमी आई है वहीं एसडीएम संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में यही कहा कि नशामुक्त समाज बनाने में सरकार ही नहीं आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है | इस अवसर पर डीडीसी, एएसपी, उत्पाद अधीक्षक, डीपीआरओ सहित अन्य समाजसेवियों ने भी अपने-अपने विचार रखे |

अंत में शाम 5:00 बजे से भूपेन्द्र कला भवन मंच से कला जत्था एवं स्थानीय कलाकारों सहित नवाचार रंगमंडल के अमित अंशु, सुनीत साना सहित सभी कलाकारों द्वारा ‘बदल रहा है बिहार’ पर दी गई प्रस्तुति आरंभ से समापन तक तालियाँ बटोरती रही और डीएम, एसपी सहित सभी उच्चाधिकारियों व गणमान्यों द्वारा अंत तक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाता रहा |

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सभी लोकसभा और विधानसभा में संगठन को करें मजबूत: नीतीश

रविवार को जेडीयू राज्य कार्यकारिणी की बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास, 1 अणे मार्ग, पटना में प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय महासचिव सह राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह समेत पार्टी के अधिकांश पदाधिकारी, मंत्री, विधायक, विधानपार्षद, जिलाध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्य सम्मिलित हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि हमें सभी 40 लोकसभा और 243 विधानसभा में अपने संगठन को मजबूत बनाना है। इसमें कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए। हम मजबूत रहेंगे तभी अपने साथी दल का भी सहयोग कर सकते हैं। नीतीश ने सक्रिय रहने के लिए निरंतर बैठक व संवाद को जरूरी बताया और जोर देकर कहा कि जमीनी हकीकत को जाने बिना कुछ नहीं किया जा सकता। पार्टी के स्वाभाव व संरचना को समझकर ही अपनी कारगर भूमिका निभाई जा सकती है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शराबबंदी, दहेजबंदी, 18 वर्ष से कम के दिव्यांगो को पेंशन जैसे कार्य के विचार उनके मन में लोगों के बीच लगातार रहते हुए ही आए।

नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा रास्ता औरों से अलग है, वो समाज-सुधार का रास्ता है, इसलिए कठिन है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के विरुद्ध मानव-श्रृंखला में जो हमारे साथ खड़े थे, आज वो भी इसकी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन चाहे जिस भी गठबंधन में क्यों ना रहे हों, हमने अपने विचारों से अब तक ना समझौता किया है, ना आगे करेंगे। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में पार्टी चुनाव चिह्न को लेकर हुए विवाद को अनावश्यक बताते हुए कहा कि पार्टी मूल रूप से एकजुट है।

सात निश्चय कार्यक्रम की चर्चा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इसे केन्द्र ने भी एडॉप्ट किया है। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि ऐसी कितनी ही चीजें हैं जो आगे भी एडॉप्ट की जाएंगी। नीतीश ने दहेजप्रथा एवं बालविवाह के विरोध में आगामी 21 जनवरी को प्रस्तावित मानव-श्रृंखला की सफलता के लिए सबका आह्वान भी किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में सरकारी स्तर पर शराबबंदी, दहेजबंदी, बाल विवाह का विरोध जैसे जो कार्यक्रम किए जा रहे हैं, पार्टी ने ना केवल उसका पूर्ण अनुसरण किया है, बल्कि हर स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं व आमलोगों तक विचारों के इस अमृत को पहुंचाने का काम भी किया है। हाल में सम्पन्न हुए जिला सम्मेलन में महिलाओं की अच्छी उपस्थिति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की पहल रंग ला रही है। महिलाएं, जो कल तक खिड़कियों से झांका करती थीं, हमारे नेता ने उनके लिए दरवाजा खोलने का काम किया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि वे वैचारिक दिवालियापन के शिकार हैं। जल्द ही वो समय आएगा जब जेडीयू द्वारा उठाए गए मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केन्द्र में होंगे।

दल के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह ने आगामी कार्यक्रमों के लिए पार्टी का रोडमैप और कैलेंडर प्रस्तुत किया और संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षात्मक चर्चा की। उन्होंने जानकारी दी कि पार्टी ने दो लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें डेढ़ लाख सक्रिय सदस्य बनाए जा चुके हैं। राज्य, जिला, प्रखंड एवं बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी, लोहिया, जेपी जैसे हमारे नायकों ने जो सपना देखा था उसे हमारे नेता नीतीश कुमार पूरा कर रहे हैं। लोकशाही को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। चाहे जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम हो, चाहे राइट टू पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल एक्ट हो, चाहे सात निश्चय कार्यक्रम, उन्होंने कई प्रतिमान स्थापित किए हैं, जिनसे हमारे हर स्तर के कार्यकर्ताओं को ना केवल वाकिफ होना चाहिए बल्कि आमलोगों को भी इससे अवगत कराना चाहिए।

बैठक में 1 दिसंबर से पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई जिसके तहत दस हजार मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जिनका कार्य पार्टी को ग्रासरूट स्तर के कार्यकर्ताओं को जागरुक कर सशक्त करना होगा। राज्य कार्यकारिणी की इस बैठक में विभिन्न जिलों व  प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने भी अपनी बातें रखीं और नेतृत्व ने उनके सुझावों को अत्यंत गंभीरता से सुना।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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मधेपुरा के लिए अच्छी खबर- खुलेगा ट्रॉमा सेंटर

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने बताया कि मधेपुरा सदर अस्पताल में कोसी क्षेत्र का पहला ‘ट्रॉमा सेंटर’ बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है वहीं मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ.गदाधर प्रसाद पांडे ने यह जानकारी दी कि ट्रॉमा सेंटर निर्माण हेतु 4 करोड़ 44 लाख 95 हज़ार 643 रुपया बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को निर्गत कर दी गई है तथा प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही ट्रॉमा सेंटर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा |

बता दें कि मधेपुरा में कोसी का पहला ट्रॉमा सेंटर निर्माण की सरकारी स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि कोसी के लोगों के लिए वरदान साबित होगा ट्रॉमा सेंटर | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि कोसी प्रमंडल के तीनों जिलों में ट्रॉमा सेंटर नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना में गंभीर रुप से जख्मी मरीजों को पटना, पूर्णियाँ या दरभंगा….. आदि जगहों के लिए रेफर किया जाता है और अधिकतर मरीजों की जान अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही हो जाती है | यहाँ ट्रॉमा सेंटर खुलने पर गंभीर रुप से जख्मी मरीजों को भी बाहर रेफ़र नहीं करना पड़ेगा | सर्वाधिक जख्मी मरीजों की जान बचाई जा सकेगी |

यह भी जानिए कि भीषण दुर्घटनाग्रस्त तथा गोली लगने पर गंभीर रुप से जख्मी मरीजों की जान, समय पर इलाज नहीं होने के कारण चली जाती है- वह अब नहीं होगा बल्कि बेहतर इलाज अब संभब हो पायेगा क्योंकि सिविल सर्जन डॉ.पांडे ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में मौजूद रहेगा- सी आर्म मशीन, सीटी स्कैन, भेंटीलेटर, एक्स-रे, आईसीयू, ओटी…… सहित जनरल सर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, न्यूरो सर्जन, जनरल फिजिशियन…….. एनेस्थिसियोलॉजी……. रेडियोलोजी सहित आपातकालीन चिकित्सा से संबंधित अन्य आवश्यक सभी सुविधाऍ |

यह भी बताया गया कि राज्य के 6 जिले- रोहतास, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया और मधेपुरा में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने हेतु तकनीकी रूप से अनुमोदित प्राकुलन उपलब्ध कराये गये थे, परंतु सूबे के स्वास्थ समिति के उप सचिव आर.किशोर ने प्रस्तावित छह ट्रॉमा सेंटरों में से मात्र दो- दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं मधेपुरा सदर अस्पताल का निर्माण की स्वीकृति दी है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही ट्रॉमा सेंटर निर्माण कार्य निर्धारित 8 शर्तो सहित समय सीमा के अंदर पूरा कर लिया जाएगा | हाँ ! इसका निर्माण अग्नि आपदा से निपटने के लिए फायर सेफ्टी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा | कार्य के भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट के बाद ही राज्य स्वास्थ्य समिति भुगतान करने की कार्यवाई हेतु निदेश जारी करेगी |

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और 2 रन पर पूरी टीम आउट !

क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। पर क्या ये अनिश्चितता इस हद तक भी हो सकती है कि पूरी टीम, और वो भी राज्य स्तर की मान्यताप्राप्त टीम, महज 2 रन पर आउट हो जाए? सुनकर आप दांतों तले उंगली दबा लें, मगर ये सच है। क्रिकेट के मैदान का ये अजीबोगरीब रिकॉर्ड बीसीसीआई महिला अंडर 19 क्रिकेट मैच के दौरान बना। केरल के खिलाफ अंडर 19 वनडे लीग मैच खेलते हुए नगालैंड की टीम महज 2… जी हां केवल 2 रन बनाकर आउट हो गई।

मजे की बात यह कि नगालैंड की टीम के दोनों रन पारी के शुरुआती पांच ओवर में बने, जबकि टीम ने खेले पूरे 17 ओवर। यानि अंतिम 12 ओवर में एक भी रन नहीं बना। अरे रुकिए जनाब, अभी बात पूरी कहां हुई। अभी आपने ये कहां जाना कि इन 2 रनों में भी 1 रन अतिरिक्त (वाइड) के तौर पर टीम के खाते में जुड़ा और शेष 1 रन से खाता सिर्फ 1 ही खिलाड़ी – सलामी जोड़ी के रूप में उतरी मुस्कान –  का खुला। बाकी 9 बल्लेबाजों का खाता तक नहीं खुला और टीम का रनरेट 0.12 रहा। उधर केरल की ओर से कप्तान मिन्नू मानी ने 4 विकेट झटके, जबकि सौरभी को 2 और सांद्रा सुरेन और बीबी सेबेस्टियन को 1-1 सफलता हाथ लगी।

और जब लक्ष्य का पीछा करने की बात आई, केरल की ओर से बेहद साधारण लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज अंशू ने पारी की पहली ही गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी। ये ऐसी जीत थी, जिसकी कल्पना खुद केरल भी नहीं कर सकती थी। और हां अपनी इस जीत के साथ केरल की टीम ने सबसे कम गेंद में लक्ष्य हासिल करने का नेपाल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। नेपाल ने वर्ष 2006 में म्यांमार के खिलाफ मैच में लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए केवल दो गेंदें ली थीं।

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यूं उड़ाया ‘शत्रु’ ने मोदी के मंत्रियों का मजाक

भाजपा नेता और बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी पार्टी के लिए बीते दिनों की बात होते जा रहे हैं। इधर पार्टी के किसी कार्यक्रम, किसी अभियान में न तो वे शिरकत करते हैं और न ही पार्टी फोरम पर उनकी जरूरत ही महसूस की जाती है। लेकिन वे ठहरे ‘शॉटगन’। अपनी ओर लोगों का ध्यान खींचना उन्हें खूब आता है। ‘खामोश’ उनका प्रिय डायलॉग जरूर है, लेकिन खामोश रहना उनकी फितरत में नहीं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, अपनी पार्टी का मजाक तक उड़ाने से वे बाज नहीं आते। पर इस बार तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी कैबिनेट को ही निशाने पर ले लिया है। जी हां, गुरुवार को मोदी के मंत्रियों का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा, “कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्रियों को कोई नहीं जानता, जबकि बचे हुए 10 प्रतिशत मंत्रियों की कोई इज्जत नहीं करता”।

बता दें कि शत्रुघ्न ने अभी दो दिन पहले ‘पद्मावती’ फिल्म के मुद्दे पर बॉलीवुड की नामी हस्तियों को  कठघरे में खड़ा करते हुए सूचना प्रसारण मंत्री और प्रधानमंत्री को लेकर भी सवाल उठाए थे। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि अमिताभ बच्चन, आमिर खान, शाहरुख खान, सूचना और प्रसारण मंत्री के साथ इस पर हमारे सबसे लोकप्रिय पीएम चुप किसलिए हैं? उन्होंने ट्वीट किया, “जैसा कि ‘पद्मावती’ ज्वलंत मुद्दा बन गई है। लोग पूछ रहे हैं कि महानायक अमिताभ बच्चन, बेहद बहुमुखी आमिर खान और सबसे मशहूर शाहरुख खान के पास बोलने के लिए इस पर कुछ नहीं है। कैसे हमारी सूचना और प्रसारण मंत्री या फिर सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री (अमेरिकन थिंक टैंक पोल पीईडब्ल्यू के मुताबिक) इस पर मौन क्यों धारण किए हुए हैं। हाई टाइम!”

शत्रुघ्न यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक उनकी बात है, तो वे इस मसले पर महान फिल्मकार और प्रोड्यूसर संजय लीला भंसाली के चुप्पी तोड़ने के बाद बोलेंगे। वे सिर्फ तब बोलेंगे, जब उन्हें बोलना होगा और वे फिल्मकार की अभिरुचियों के साथ मामले की संवेदनशीलता, राजपूतों की वीरता और निष्ठा को ध्यान में रखकर बोलेंगे।”

बहरहाल, जैसे ही सोशल मीडिया पर मोदी के मंत्रियों को लेकर शत्रुघ्न की तल्ख टिप्पणी आई, लोगों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। कई टि्वटर यूजर्स इस पर उल्टा उन्हीं का मजाक उड़ाते दिखे। उनमें से एक ने कहा, “आपने कितनी इज्जत दी। जिस पार्टी ने बढ़ाया, उसी को अपशब्द कहे।” तो दूसरे ने उनकी टिप्पणी का कारण उनकी कुंठा को बताया। कहा, “शुक्र है कि वह मंत्री नहीं हैं, वरना वे कहां फिट होते? कुंठा में।” वहीं, एक यूजर ने पूछा कि वे भाजपा छोड़ क्यों नहीं देते? तो किसी ने उनके लिए सिर्फ ‘खामोश’ शब्द का इस्तेमाल किया। पर शत्रु तो ‘शत्रु’ ठहरे, वे भला क्यों किसी से कुछ सुनें? क्यों खामोश रहें??

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तो उपमुख्यमंत्री को घर में घुसकर मारेंगे तेज प्रताप !

आज की राजनीति का स्तर गिर गया है, यह कहने में कोई नई बात नहीं। लेकिन एक युवा नेता अपने पिता की उम्र के नेता के लिए, जो पद और अनुभव में भी अत्यंत वरिष्ठ हों, अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें घर में घुसकर मारने की बात करें तो क्या कहेंगे आप? क्या शर्म से सिर झुक नहीं जाएगा आपका? क्या राजनीतिक विरोध की ऐसी अभिव्यक्ति सभ्य समाज में किसी भी तरह स्वीकार्य हो सकती है? नहीं ना? लेकिन, बिहार की राजनीति में हो कुछ ऐसा ही रहा है।

जी हां, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक बयान दिया है। औरंगाबाद में एक सभा में बोलते हुए तेज प्रताप ने कहा है कि वे सुशील मोदी के घर में घुसकर उन्हें मारेंगे। उन्होंने कहा कि वे अगर सुशील मोदी के बेटे की शादी में जाते हैं तो वहां उनकी पोल खोल देंगे।

जनसभा में तेज प्रताप ने कहा कि सुशील मोदी ने फोन पर बेटे की शादी का निमंत्रण दिया है। बकौल  तेज यह निमंत्रण उऩके परिवार को शादी में बुलाकर बेइज्जत करने के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि “हम डरते नहीं हैं। हम वहीं सभा करेंगे और शादी में तोड़फोड़ करेंगे। घर में घुसकर मारेंगे।”

तेज के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील मोदी ने उन्हें कुंठित करार दिया। सुशील मोदी ने कहा, ‘तेज प्रताप कुंठित हैं। वे मेरे बेटे की शादी में बाधा डालना चाहते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस मामले में वे राजनीति क्यों कर रहे हैं। मैं तो लालू प्रसाद यादव के बच्चों की शादी में सम्मानपूर्वक जाता रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि लालू यादव इस मामले में तेज से जरूर बात करेंगे।’

गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष मोदी की शादी तीन दिसंबर को है। मोदी ने बेटे की शादी में कोई भी तामझाम नहीं करने का ऐलान किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शादी में ना तो बैंड बजेगा और ना ही मेहमानों और बारातियों का स्वागत किया जाएगा। यही नहीं, खाने और नाश्ते की बजाय भगवान का भोग लगाया हुआ ‘प्रसाद’ दिया जाएगा। विवाह आदि आयोजनों में विरल हो चुकी ऐसी सादगी की घोषणा से यह शादी स्वाभाविक तौर पर पहले से चर्चा में थी। अब अपने विवादित बयान से तेज ने इस आयोजन को और चर्चा में ला दिया है।

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राहुल के नेतृत्व को तैयार कांग्रेस

जैसी कि उम्मीद थी, कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन तय हो गया। सोमवार सुबह सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के सांगठनिक चुनावों और राहुल के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर चर्चा हुई। बैठक के ठीक बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की विधिवत घोषणा कर दी गई।

बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए अधिसूचना 1 दिसंबर को जारी होगी, जबकि 11 दिसंबर नाम वापसी का आखिरी दिन होगा। अगर राहुल के अलावा कोई और उम्मीदवार हुआ तो 16 दिसंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 19 दिसंबर को होगी। ऐसे में राहुल के अध्यक्ष बनने का ऐलान 19 दिसंबर को होगा। हालांकि राजनीति के थोड़े जानकार भी जानते हैं कि राहुल की उम्मीदवारी को कोई चुनौती नहीं मिलने जा रही और वे 11 दिसंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे।

गौरतलब है इस चुनावी प्रक्रिया से पहले ही तमाम राज्यों में कांग्रेस के सदस्यों का चयन करने के लिए मतदान हो चुका है। लगभग सभी राज्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी का नाम सर्वसम्मति से पारित किया है। उधर कार्यसमिति में भी सबने एक स्वर से राहुल के नेतृत्व में आस्था जताई है। कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि गुजरात में चुनावी प्रचार की सफलता का श्रेय और नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्ष की सफल अगुवाई का श्रेय कांग्रेस उपाध्यक्ष को जाता है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के शब्द भी कुछ ऐसे ही थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आगे बढ़कर अगुवाई की है और वे बहुत ही क्षमतावान नेता हैं। आजाद ने आगे कहा कि ये कुछ ही दिनों की बात है, जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा और राहुल आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करेंगे। लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम सब पार्टी अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए तैयार हैं।

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