भू.ना. मंडल वि.वि. का दीक्षांत समारोह पहली बार हुआ संपन्न

भू.ना. मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना के लगभग 25 वर्ष के दरमियान पहली बार आयोजित दीक्षांत समारोह भले ही समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र बाबू की पुण्य तिथि 29 मई के एक महीने बाद 29 जून (बुधवार) को संपन्न हुआ  जिसमें शिरकत करने पहुंचे- बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद और प्रदेश के प्रखर एवं प्रगतिशील सोच व संकल्पवाले शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी | भिन्न-भिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपतियों, कुलपतियों और मान्यजनों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी यादगार बना दिया- जो विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में सदैव अंकित रहेगा |

बता दें कि जिले के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल व अनुभवी एसपी विकास कुमार की चुस्त-दुरुस्त टीम की फुल-प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था एवं विश्वविद्यालय द्वारा रेड कार्पेट व फूलों की सजावट के बीच महामहिम कुलाधिपति को सूफी संत दौराम शाह की पुण्य भूमि पर सर्वप्रथम “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया गया |

विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश के साथ ही सर्वप्रथम कुलाधिपति, शिक्षा मंत्री सहित गणमान्यों द्वारा भूपेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया | आगे कुलाधिपति की शोभायात्रा में बेदपाठी बालक-बालिकाओं द्वारा पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया गया |

छात्र-छात्राओं के रंग-बिरंगे गाउन एवं उनके चेहरे पर विद्यमान उत्साह और उमंग के भाव भरे मनोरम नजारे पेश कर रहे ऑडिटोरियम में महामहिम कुलाधिपति एवं शिक्षा मंत्री सहित कुलपति डॉ.विनोद कुमार-प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा एवं कुलाधिपति के मुख्य सचिव बाला प्रसाद व अन्य अतिथियों का स्वागत बुके एवं मोमेंटो देकर किए जाने से पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत प्रो.रीता कुमारी ने रमेश झा की छात्राओं के साथ ‘राष्ट्रगान’ से की |

फिर मिनट-टू-मिनट कार्यक्रमानुसार पंचदीप प्रज्वलित होते ही विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति की गयी | कुलाधिपति का स्वागत करते हुए कुलपति ने कहा कि महामहिम के आने से विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में नवजीवन संचरित होने लगा है |

महामहिम कुलाधिपति ने कहा कि बिहार में शिक्षा की गौरवशाली परंपरा रही है | उन्होंने आर्यभट्ट, आइंस्टीन, डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के अस्तित्व के 800 वर्षों में एक भी ऐसी घटना नहीं हुई कि किसी छात्र को नैतिक अपराध के लिए दंडित किया गया हो | नैतिक शिक्षा व कौशल विकास को विश्वविद्यालय कोर्स में शामिल करने पर बल दिया गया | उन्होंने गुरु-शिष्य की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने के लिए प्रेरित किया तथा छात्र को विश्वविद्यालय, समाज एवं राष्ट्र की संपदा कहा |

Education Minister Dr.Ashok Choudhary paying tribute to the statue of Great Samajwadi Bhupendra Narayan Mandal at B.N.Mandal University Campus Madhepura .
Education Minister Dr.Ashok Choudhary paying tribute to the statue of Great Samajwadi  Chintak Bhupendra Narayan Mandal at B.N.Mandal University Campus Madhepura .

वहीँ समारोह को संबोधित  करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार की शिक्षा सदा से गौरवशाली रही है लेकिन कुछ शिक्षा माफिया इसे कलंकित करने में लगे हैं जिसे ऑपरेशन क्लीन के तहत सुधार कर लिया जाएगा | इस ओर पूरा तंत्र लगा हुआ है, सुधार हो भी रहा है |

यह भी बता दें कि इस बार 240 छात्रों को डिग्रियां मिली जिनके 19 टॉपर्स ही सौभाग्यशाली निकले जिन्हें महामहिम के हाथों डिग्रियाँ प्राप्त हुई | कार्यक्रम में सीनेट-सिंडीकेट के सदस्य एम.एल.सी.  डॉ.संजीव कुमार सिंह, विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव आदि अंत तक मौजूद रहे | समारोह की सफलता में सबों का सहयोग रहा परंतु डॉ.शैलेंद्र कुमार, डॉ.बी.एन.विवेका, शम्भू ना. यादव, राजीव कुमार आदि की चर्चा आम रही |

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सातवें वेतन आयोग की सौगातें, जानिए खास बातें

केन्द्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इन सिफारिशों के तहत केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 23.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। इसमें बेसिक सैलरी में 14.27 प्रतिशत और भत्तों में 67 प्रतिशत का इजाफा शामिल है। जबकि पेंशनधारकों को 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दी जाएगी। खास बात यह कि इन सिफारिशों में वेतन में 3 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी को भी बरकरार रखा गया है।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू होंगी। इसका अर्थ यह है कि कर्मचारियों का बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी से जोड़ा जाएगा और उसका भुगतान एरियर के रूप में होगा। इन सिफारिशों के लागू होने से 50 लाख कर्मचारी और 58 लाख पेंशनधारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

वेतन आयोग की इन सिफारिशों से सरकार के खजाने पर करीब 1.02 लाख करोड़ रुपए का सालाना बोझ बढ़ेगा, जबकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के आम बजट में पे-कमीशन लागू करने के लिए 70,000 करोड़ रुपए का प्रावधान ही किया था। यह भी जानें कि इस 1 लाख करोड़ रुपए के बोझ में से 28,450 करोड़ रुपए से अधिक का बोझ रेलवे बजट और शेष 73,450 करोड़ रुपए का बोझ आम बजट पर आएगा।

बता दें कि वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18,000 रुपए प्रतिमाह और अधिकतम (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए) 2,25,000 रुपए की सिफारिश की थी। इसके अनुसार अब तक 90,000 रुपए प्रति माह कमाने वाले अधिकारी को अब ढाई गुना से ज्यादा वेतन मिलेगा। पर सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति इससे भी संतुष्ट नहीं है। समिति ने 18,000 रुपए के स्थान पर करीब 23,500 रुपए और 2,25,000 रुपए के स्थान पर 3,25,000 रुपए करने की सिफारिश की है।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का एक दिलचस्प तथ्य यह है कि इसमें बेसिक पे मामले में पिछले सात दशक में सबसे कम वृद्धि की सिफारिश की गई है। इसके बावजूद यह भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद का 0.7 प्रतिशत है।

 ‘मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

 

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कठिन संघर्ष के बाद मंजू देवी बनी जिला परिषद अध्यक्ष

राजनीति व जनसेवा के क्षेत्र में मधेपुरा की धरती काफी उर्वरा है | आजादी के तुरंत बाद एक दम्पति- जे.बी.कृपलानी व उनकी धर्मपत्नी सुचेता कृपलानी- इसी मधेपुरा एवं अन्य क्षेत्र से एम.पी. बने थे तो हाल में दूसरा- दंपत्ति राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व उनकी धर्मपत्नी रंजीता रंजन वर्तमान में दोनों एम.पी. हैं | और आज की तारीख में एक तीसरा दंपत्ति- पति प्रकाश नारायण यादव, मार्केटिंग ऑफिसर के पद से सेवानिवृत होकर जहां बिहारीगंज पूर्वी से मधेपुरा जिला परिषद सदस्य बने वहीं उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी नये क्षेत्र कुमारखंड दक्षिणी से प्रचंड विरोध के बावजूद केवल जिला परिषद सदस्य ही नहीं बल्कि उनके माथे दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष का ताज भी सजा |

अध्यक्ष पति प्रकाश नारायण ने मधेपुरा अबतक को बताया कि यह जीत चार विधानसभा वाले मधेपुरा जिले की समस्त जनता की जीत है | यह भी जानिये कि इस दंपत्ति का पूरा परिवार पंचायत से लेकर नगर निकाय के विभिन्न पदों पर अभी भी काबिज है | यह भी बता दें कि जहां जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी के छोटे बेटे श्वेत कमल उर्फ बौआजी जिला योजना समिति के सदस्य के साथ-साथ मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड पार्षद भी हैं, वहीँ बड़ी पुत्रबधू सर्जना सिद्धि वहीं के मुख्य पार्षद हैं | और यह भी कि कभी राजद के जिला अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ कद्दावर नेता जगदीश प्र.यादव वर्तमान में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं- जो जिला परिषद् अध्यक्ष मंजू देवी के श्वसुर हैं |

यह भी बता दें कि सारे समीकरणों, विरोधों एवं रुकावटों को धता बताते हुए मंजू देवी ने इस जिला परिषद चुनाव में कड़े मुकाबले के बावजूद 12 मत बटोर कर मात्र एक वोट से जीत दर्ज कर ही ली और दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष बन ही गई, जबकि संपन्न चुनाव में पूर्व के तीन जिला परिषद अध्यक्षा नीतू सिंह, मिलन देवी एवं सुनीला देवी बुरी तरह चुनाव हार गई हैं |

मधेपुरा जिला मुख्यालय के समाहरणालय सभा कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल एवं एस.पी.विकास कुमार के चाक-चौबंद पुलिसिया सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए रोचक चुनावों में मंजू देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डिंपल देवी को 1 वोट से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की तथा दोबारा इतिहास रचने में कामयाब हुई | बतादें कि जहां मंजू को 12 मत प्राप्त हुए वहीं डिंपल देवी 11 मत प्राप्त कर हार को गले लगा ली |

मधेपुरा के डी.एम. मो.सोहैल ने मंजू देवी को जहां जिला परिषद के 23 सदस्यों के बीच का प्रमाण-पत्र हस्तगत कराया वहीं जिला परिषद उपाध्यक्ष के रूप में विजयी रघुनंदन दास (अधिवक्ता) को जीत का सेहरा बांध दिया | यह जान लें कि रघुनंदन दास जहां सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए 15 मत प्राप्त किये वहीं प्रतिद्वंदी अभिलाषा कुमारी को मात्र 8 मत मिले | रिजल्ट के बाद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने पदभार ग्रहण कर विकास को जारी रखने का संकल्प लिया |

Dr.Madhepuri presenting Bouquet to Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and thanks to Prakash Narayan, Member Zila Parishad for grand victory.
Dr.Madhepuri presenting Bouquet to Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and thanks to Prakash Narayan, Member Zila Parishad for grand victory.

यह भी बता दें कि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने एक वर्ष पूर्व नगर परिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू की उपस्थिति में “शहीद चुल्हाय मार्ग” का उद्घाटन जिस जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी से कराया था, पुनः उन्हीं की जीत पर बधाई देने पहुंचे डॉ.मधेपुरी ने शहर के विकास के साथ-साथ “कुदरतुल्लाह मार्ग” के उद्घाटन की भी चर्चा की | डॉ.मधेपुरी ने जिला परिषद अध्यक्ष पति प्रकाश नारायण को भी जीत की बधाई दी |

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एस.पी.विकास कुमार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नशाविमुक्तिकरण दिवस आयोजित

एस.पी.विकास कुमार के सौजन्य से मधेपुरा कॉलेज के सभागार में रविवार को “पहली बार में ही युवा नशा को कहे ना” पर संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें पुलिस पदाधिकारियों के अतिरिक्त छात्रों, शिक्षकों एवं शहर के बुद्धिजीवियों की अच्छी खासी उपस्थिति रही |

कार्यक्रम का श्रीगणेश उद्घाटनकर्ता एस.पी.विकास कुमार, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, मो.शौकत अली, निदेशक किशोर कुमार, ए.एस.पी.राजेश कुमार व डॉ.आलोक कुमार प्राचार्य ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया | कबल इसके डी.एस.पी.योगेंद्र प्रसाद व अन्य पुलिस पदाधिकारीगण बुके देकर अतिथियों का स्वागत किया | कार्यक्रम की अध्यक्षता ए.एस.पी.राजेश कुमार ने की |

समारोह को संबोधित करते हुए उद्घाटनकर्ता अनुभवी एवं जानदार एस.पी.विकास कुमार ने कहा कि सबों के सहयोग से ही पूर्ण नशाविमुक्त समाज संभव है | पुलिस को तो हर हाल में कानून का पालन करना ही है | उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें नशे की लत से दूर होने की अपील की तथा नेक इंसान बनकर देश को आगे बढ़ाने में बहुमूल्य योगदान देते रहने की सीख दी |

आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हुई रचना-धर्मी पूर्व प्राचार्या डॉ.शांति यादव ने विस्तार से स्वर्ग की अवधारणा के साथ सुरा और सुंदरी की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे समाज को नशाविमुक्त करना सर्वाधिक कठिन कार्य है | उन्होंने इस दिशा में सरकार और प्रशासन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना भी की |

प्राचार्य द्वय डॉ.अशोक कुमार एवं डॉ.आलोक कुमार ने कहा कि बिहार नशाविमुक्ति को लेकर देश को दिशा देने का काम करेगा तथा नशा को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज को कृत संकल्पित होना पड़ेगा |

समाजसेवी मो.शौकत अली, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार एवं मुख्यालय डी.एस.पी.योगेंद्र प्रसाद आदि ने इस बाबत उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि कुर्बानियों के बाद आजादी मिली है | बच्चे ही देश का भविष्य हैं | वे ही नशा मुक्त हो जाए तो पूरी पीढ़ी संभल जाएगी |

प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए सुलझे सोच के नेक इंसान एवं विद्यावान ब्यूरोचीफ रुपेश कुमार (प्रभात खबर) ने युवाओं को उदाहरण के साथ नशाविमुक्ति के बाबत ढेर सारी बातों को स्पष्ट करते हुए- आदत एवं लत में बारीक अंतर बताकर यही कहा कि युवाओं को राष्ट्रहित में दृढ़ संकल्पित होकर सदा के लिए नशे को ना कहना होगा |

Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech on "Antar-Rashtriya Nashavimuktikarn Diwas" at Madhepura College Hall , Madhepura.
Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech on “Antar-Rashtriya Nashavimuktikaran Diwas” at Madhepura College Hall , Madhepura.

वहीं साहित्यकार समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से महात्मा गांधी, अब्राहम लिंकन एवं भारत रत्न डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए युवाओं से यही कहा कि नशा व्यक्ति की रचनात्मकता एवं संवेदनशीलता को तेजी से समाप्त करने लगती है | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि युवा अपने अंदर काम करने की नशा को कायम रखे, ना कि नशे की गिरफ्त में आकर पतन की खाई की ओर कदम बढ़ाते चले …… |

कार्यक्रम का सफल संचालन हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन गौतम कुमार ने | मौके पर सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार, जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, मेजर मो.अली, मनोज भटनागर, डॉ. मो.मुस्ताक अहमद, सुभाष चंद्रा, संदीप शांडिल्य, राहुल यादव, भगवान झा सहित अन्य माननीय अंत तक मौजूद रहे |

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अपनी शर्म छिपाने को रूबी का चेहरा ढंक रहा सिस्टम

कल गिरफ्तार की गई रूबी राय को आज एडीजे निगरानी की अदालत में पेश किया गया। एडीजे ने उम्मीद के विपरीत उसे जमानत देने की बजाय 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया। अब रूबी को 8 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में बेउर जेल में रहना होगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर आर्ट्स टॉपर रूबी राय का रिजल्ट कल ही रद्द कर दिया था।

बता दें कि कल बोर्ड कार्यालय में रूबी को विशेषज्ञों के सामने साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। मीडिया समेत सारे लोग मानकर चल रहे थे कि 3 और 11 जून की तरह 25 जून को भी वह ‘सच का सामना’ करने नहीं आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सबको चौंकाते हुए रूबी ना केवल बोर्ड कार्यालय पहुँची बल्कि लगभग दो घंटे तक तमाम सवालों का सामना भी किया। ये अलग बात है कि वह एक भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई और तुलसीदास पर निबंध लिखने को कहे जाने पर केवल ‘तुलसीदास प्रणाम’ लिख पाई। बहरहाल, साक्षात्कार के दौरान ही बोर्ड ने पुलिस को सूचना दे दी थी। अंदर साक्षात्कार चल रहा था और बाहर पुलिस रूबी का इंतजार कर रही थी। कार्यालय से बाहर निकलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

इस पूरे प्रकरण में एक बड़ा सवाल यह उठता है कि रूबी को गिरफ्तार करने का ‘हासिल’ क्या है? यह तो वही बात हुई कि ‘ब़ाजार’ को पहले खिलौनों से भर दो, ‘खिलौने’ के ‘व्यापारियों’ को सरकारी प्रश्रय दो और फिर उन’ खिलौनों’ से खेलने वाले ‘बच्चों’ को जेल भेज दो। आज रूबी को जेल भेजकर पुलिस, प्रशासन और न्यायपालिका अपनी पीठ ऐसे ठोक रहे हैं जैसे उन्होंने सबसे बड़े गुनाहगार को उसके अंजाम तक पहुँचा दिया हो। जबकि सच यह है कि इस पूरे प्रकरण में सबसे अधिक नुकसान किसी का हुआ है तो वह रूबी राय ही है। जैसी सामाजिक अवमानना और मानसिक यंत्रणा वो इस वक्त झेल रही होगी वो शब्दों से परे है। और उसके कैरियर की ‘बलि’ तो पहले चढ़ ही चुकी है।

हैरत की बात तो यह कि इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी हमारे पॉलिटिशियन अपनी ‘जात’ नहीं छोड़ रहे। भाजपा ये बताने में लगी है कि लालकेश्वर और उनकी पत्नी उषा सिन्हा जेडीयू से जुड़े रहे हैं तो उपमुख्यमंत्री तेजस्वी सोशल मीडिया पर ये साबित करने में लगे हैं कि बच्चा राय के गहरे ताल्लुकात भाजपा के केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से हैं। यहाँ सभी नेताओं से एक सीधा-सा सवाल यह है कि क्या लालकेश्वर, उषा सिन्हा और बच्चा राय जैसों का ‘जुर्म’ किसी पार्टी या नेता से जुड़े होने के कारण कम या ज्यादा हो जाएगा? और रही बात नेताओं की तो ऐसे भ्रष्टाचारी समाज में पनपेंगे ही नहीं अगर उनका हाथ ऐसे लोगों के सिर पर ना हो। मजे की बात तो यह है कि हमाम में सब नंगे हैं ये सबको पता है पर मीडिया को ‘बाइट’ देने में कोई किसी से पीछे नहीं रहना चाहता।

यहाँ एक और दिलचस्प वाकये से आपको वाकिफ कराना जरूरी है और वो यह कि रूबी को ले जाते वक्त पुलिस ने मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए उसे ‘गमछा’ ओढ़ने को कहा पर रूबी ने इनकार कर दिया। उसने बड़े साहस के साथ कहा कि “अगर गमछा ही लगाना होता तो आज बोर्ड ऑफिस नहीं आती। मैं बच्चा राय थोड़े ही हूँ कि गमछा ओढ़ाए जा रहे हैं। मैं ऐसे ही मीडिया के सामने जाउँगी।” इसके बावजूद पुलिस ने उसे डांटकर गमछा ओढ़ा दिया। क्या आपको नहीं लगता कि अपनी शर्म छिपाने को रूबी का चेहरा ढंक रहा है सिस्टम?

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

 

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डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में खेल प्रतियोगिताएं

बालक-बालिकाओं के जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं का आगाज 13 जुलाई से मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल की अध्यक्षता में होने जा रहा है | बालक-बालिकाओं की ये प्रतियोगिताएं दो चरणों में 30 सितंबर तक चलेगी |

यह जानें कि प्रथम चरण में 13 जुलाई से लगातार 16 जुलाई तक एथेलेटिक्स, टेबुल टेनिस, कबड्डी, खो-खो,  वॉलीबॉल, शतरंज, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे आदि होगा और द्वितीय चरण में 28 और 30 सितंबर को क्रमशः बीनू माकंड क्रिकेट एवं सीके नायडू क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी |

यह भी बता दें कि बालक-बालिकाओं के खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर पिछले दिनों जिला पदाधिकारी मो.सोहैल की अध्यक्षता में पुलिस कप्तान विकास कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला सहित प्रायः खेल प्रेमी, +2 के प्राचार्य व फिजिकल टीचर्स, सभी खेल संघ के अध्यक्ष-सचिव एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है | ऐसे खेल आयोजनों में खेल को समर्पित संत कुमार, अरुण कुमार और स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव आदि की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहती ही है |

तत्काल यह जान लें कि बालिकाओं के लिए 15 जुलाई को एथेलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो एवं बैडमिंटन निर्धारित है तथा 16 जुलाई को टेबुल टेनिस | बालकों के लिए एथेलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, शतरंज, फुटबॉल और क्रिकेट क्रमशः13-15 जुलाई एवं 28 व 30 सितंबर निर्धारित है |

खेल के लिए निर्धारित किये गये स्थान भी जान लें- बी.एन.मंडल स्टेडियम, एस.एन.पी.एम विद्यालय, बी.पी. मंडल नगर भवन, टी.पी.कॉलेज एवं संत अवध बिहारी इंटर कॉलेज | कौन खेल कहां और कब से आरंभ होगा इसकी विस्तृत जानकारी तथा खिलाड़ी कहाँ ठहरेंगे- ये सब अपने-अपने स्कूल के खेल-प्रभारी से खिलाड़ी जान लेंगे |

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भारत को नहीं मिली एनएसजी की सदस्यता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयास और अमेरिका समेत ज्यादातर देशों के समर्थन के बावजूद एनएसजी (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) में भारत की एंट्री नहीं हो पाई। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप को कहना ही पड़ा कि ‘एक देश के अड़ियल रवैये’ की वजह से भारत की कोशिश नाकाम हो गई। कहने की जरूरत नहीं कि वो ‘अड़ियल देश’ हमारा पड़ोसी चीन है। बहरहाल, आज सियोल में एनएसजी की दो दिवसीय वार्षिक बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि भारत की सदस्यता के लिए नियमों में छूट नहीं दी जाएगी।

एनएसजी ने आज के अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि) अन्तर्राष्ट्रीय अप्रसार व्यवस्था की धुरी है और वह इसके पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन का समर्थन करता है। हाँ, इस बैठक में इस बात पर सहमति जरूर बनी कि एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को इस समूह में शामिल करने के मुद्दे पर बातचीत जारी रहेगी। बता दें कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना एनएसजी की सदस्यता चाहता है।

बहरहाल, चीन ने एनएसजी में भारत का रास्ता रोकने में केन्द्रीय भूमिका निभाई। भारतीय उपमहाद्वीप में अपना वर्चस्व बनाने के लिए चीन की हर संभव कोशिश रही है कि भारत को एनएसजी की सदस्यता नहीं मिले। इस संदर्भ में अपने भारतविरोधी अभियान के तहत निर्लज्ज चीन यहाँ तक कहता रहा है कि अगर भारत को एनएसजी की सदस्यता दी जाती है तो पाकिस्तान को भी सदस्यता मिले। जी हाँ, चीन ने उस पाकिस्तान की वकालत की जिसकी पहचान आतंकवाद को प्रश्रय और आतंकियों को आश्रय देने वाले देश के रूप में जगजाहिर हो चुकी है। हालांकि ये अलग बात है कि एनएसजी में पाकिस्तान की एंट्री को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई।

भारत को एनएसजी की सदस्यता ना मिलना नि:संदेह निराशाजनक है लेकिन सम्भावनाओं के सारे द्वार बंद हो गए हों, ऐसा नहीं है। चीन, ब्राजील, ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड, आयरलैंड और तुर्की जैसे कुछ देशों को छोड़ दें तो शेष देश आज कमोबेश भारत के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं जिनमें अमेरिका, फ्रांस, जापान और मैक्सिको जैसे देश शामिल हैं। निश्चित रूप से इसे भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जाना चाहिए। हाल के वर्षों में भारत ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जैसी हैसियत बनाई है और एनएसजी की आज की बैठक के बाद जो माहौल बना है उसे देखते हुए भारत का रास्ता अधिक समय तक रोके रखना चीन के बूते में नहीं दिखता।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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कुलपति डॉ.विनोद कुमार के कार्यकाल में दीक्षांत समारोह का प्रथम आयोजन

भू.ना.मंडल वि.वि. मधेपुरा के 25 वें वर्ष के दरमियान विद्वान व प्रगतिशील कुलपति डॉ.विनोद कुमार के कार्यकाल में पहली बार विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन 29 जून 2016 को होने जा रहा है |

दीक्षांत समारोह क्या होता है उसे यूँ समझा जा सकता है- शिक्षा ग्रहण करने वाले समस्त शिक्षार्थी अपने अध्यवसाय, कठिन परिश्रम एवं प्रतिबद्धता के बल पर सफलता प्राप्त कर खास आनंद व खुशियाली महसूसते हुए एक विशेष दिन यानि दीक्षांत समारोह के दिन शीर्षस्थ विद्या उपासक व विद्वान के हाथों डिग्री प्राप्त करते हुए इस रूप में दीक्षा ग्रहण करेंगे-

“आप सभी डिग्रीधारी अब एक सक्रिय एवं कुशल कार्यबल के हिस्से के रूप में विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रवेश करेंगे और राष्ट्र की तरक्की के लिए तकनीकी संसाधनों में योगदान करते रहेंगे…..!”

विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रथम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे माननीय कुलाधिपति सह महामहिम राज्यपाल, बिहार श्रीमन रामनाथ कोविंद तथा इस उत्कृष्ट अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी | प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों माननीयों के आगमन से संबंधित सहमति-पत्र विश्वविद्यालय कार्यालय को प्राप्त हो चुका है जिसकी जानकारी कुलसचिव ने मधेपुरा अबतक को दी |

बता दें कि प्रथम दीक्षांत समारोह की भव्यता को ऊंचाई देने के लिए माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार, प्रति कुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा एवं कुलसचिव कुमारेश प्रसाद सिंह की देख-रेख में कई समितियां तन्मयतापूर्वक काम कर रही हैं | प्रतिदिन समितियों की बैठक में कार्यक्रम में चार चांद लगाने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षायें की जाती हैं | विश्वविद्यालय स्थित अतिथि गृह को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है | खासकर महामहिम कुलाधिपति एवं माननीय शिक्षा मंत्री के लिए कमरा नं. 1 एवं 2 को विशेष रूप से संवारा जा रहा है |

यह भी जानना जरूरी है कि दीक्षांत समारोह स्थल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम को बनाया गया है जिसमें 29 जून को सुबह 10:30 बजे प्रवेश के लिए आमंत्रण पत्र एवं कोई-न-कोई परिचय व पहचान-पत्र साथ में लाना अनिवार्य होगा | ऑडिटोरियम के अंदर बैग, ब्रीफकेस, कैमरा, मोबाइल फोन अथवा किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान व बच्चों को साथ लाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है |

माननीय कुलपति व शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा महामहिम कुलाधिपति के लिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं | मुख्य रूप से महामहिम को हेलिपैड के पास गार्ड ऑफ ऑनर देकर विश्वविद्यालय परिसर ले आया जाएगा | दीक्षांत समारोह की समाप्ति के बाद महामहिम जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल एवं जाँवाज एस.पी. विकास कुमार की टीम की देख-रेख में जिला अतिथि गृह में कुछ देर विश्राम करेंगे- इच्छानुकूल अल्पाहार के बाद राजभवन के लिए प्रस्थान करेंगे |

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10 साल इंतजार के बाद मिली रात में एक ट्रेन

जहां कोसी के लोगों को रात में एक ट्रेन के लिए 10 साल इंतजार करना पड़ा वही संपूर्ण भारत के ट्रेन ड्राइवरों को शौचालय के लिए 160 वर्षों तक | भारत में रेल गाड़ियों के ड्राइवरों को ‘लोकोपायलट’ तो कहा जाता है परंतु उस पायलट को आज तक ट्रेन में शौचालय की बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हो पाई |

सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के प्रयास से कोसी के लोगों को रात में एक ट्रेन क्या मिली, हरिहर नाथ एक्सप्रेस के बंद होने के बाद फिर से सुबह में हाजीपुर-पाटलिपुत्र पहुंचने का सपना पूरा हुआ |

लेकिन, उन हजारों-हजार ट्रेन-ड्राइवरों के ‘नेचुरल कॉल’ की परेशानियों को दूर करने के बाबत किसी सांसद ने क्यों नहीं प्रयास किया ? यह भी बता दूँ  कि उन्हें 8 घंटे की शिफ्ट में मात्र 10 मिनट का ब्रेक मिलता है, और ऐसा भी नहीं है कि ड्राइवर कहीं भी गाड़ी रोक कर ‘नेचुरल कॉल’ के लिए खड़े हो जाएं जैसा डेढ़ सौ वर्ष पूर्व वे ट्रेन-यात्रियों के लिए तब के नियमानुसार ट्रेन रोका करते थे | अब जाकर उन ड्राइवरों के सपने भी पूरे होंगे क्योंकि प्रत्येक इंजन में हवाई जहाज जैसे 18-20 लाख की लागत से शौचालय बनाने की सहमति केंद्र सरकार द्वारा दे दी गई है |

यह भी जानें कि जहां इस चिरप्रतीक्षित रात्रि एक्सप्रेस ट्रेन , जो सहरसा से रात्रि 11:35 में खुलकर हाजीपुर-पाटलिपुत्र होते हुए 6:15 में दानापुर पहुंचेगी और वापस दानापुर से सुबह 9:25 में चलकर अपराह्न 3:30 में सहरसा पहुंचेगी- का शुभारंभ एवं कोसी एक्सप्रेस व जानकी एक्सप्रेस के क्रमशः पूर्णिया कोर्ट व कटिहार तक का विस्तारीकरण रेल मंत्री सुरेश प्रभु रेल भवन नई दिल्ली से रिमोट दबाकर करेंगे, वहीँ सहरसा जंक्शन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे स्थानीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव एवं स्थानीय विधायक अरुण कुमार यादव |

यहां यह भी जान लेना जरुरी है कि सहरसा-पटना के बीच चलनेवाली कोसी एक्सप्रेस और सहरसा-जयनगर के बीच चलनेवाली जानकी एक्सप्रेस का समय व ठहराव वही रहेगा जो पहले से है |

याद कर लें कि ‘कोसी’ पटना से चलकर 10:30 बजे रात में सहरसा पहुंचेगी और 10:55 में खुलकर 11:13 बजे रात में मधेपुरा होते हुए देर रात 1:15 में पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी | पुनः वापस 2:30 बजे रात में खुल कर प्रातः 4:08 बजे मधेपुरा होते हुए 4:35 में सहरसा पहुंचकर- पूर्व के समयानुसार सुबह 5:00 बजे पटना के लिए चल देगी |

वहीं यह भी स्मरण कर लें कि जानकी सहरसा से दिन के 11:25 बजे खुलकर 11:43 बजे दिन में मधेपुरा होते हुए 2:15 बजे कटिहार पहुंचेगी | पुनः वापस 11:30 बजे रात में कटिहार से खुलकर सुबह 4:22 बजे में मधेपुरा होते हुए 5:05 बजे सहरसा पहुंचेगी |

ज्ञातव्य है कि 12 जून, 2005 को सहरसा बड़ी रेल लाइन से जुड़ा था और तब से पटना जाने वाली रात्रि ट्रेन का लोगों को इंतजार था | 11 वर्षों के इंतजार के बाद आखिर कोसी वासियों को पाटलिपुत्र एवं सीमांचल के लिए रात्रि-ट्रेन मिल ही गई |

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शांति और समन्वय के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

यहां की धरती योग के लिए उर्वरा  मानी जाती है | यहां योग ऋषि स्वामी रामदेव जी भी आ चुके  हैं | आज मधेपुरा में दर्जनों संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है | स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में योग दिवस के अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर अपने संबोधन में कहा कि आज का यह दिन (21 जून) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रथम वर्ष गांठ का दिन है | योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है इसलिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष के सबसे लंबे दिन यानी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए चुना गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .

इस अवसर पर डॉ मधेपुरी ने स्कूली बच्चे-बच्चियों से कहा कि यूँ तो  योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जिसे पतंजलि के नाम से लोग जानते रहे हैं | परंतु, वर्तमान में इसे पंख लगाने वालों में एक नाम योगऋषि स्वामी रामदेव का आता है और अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज तक पहुंचाने वालों में पहला नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का- जिनकी पहल पर 11 दिसंबर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्तराष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से 21 जून को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” मनाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी थी |

Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar the students & teachers .
Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar to the students & teachers .

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने इस इंटर स्तरीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा योग कक्षा आरम्भ किए जाने से पूर्व कहा कि हमारा शरीर कंप्यूटर की तरह हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर से बना है |  आसन द्वारा हार्डवेयर का पोषण होता है और प्राणायाम से सॉफ्टवेयर का |

फिर 6:30 बजे से 8:30 बजे प्रात: तक प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा, जो बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ से प्रशिक्षित हैं, स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिरुचि रखने वाले अभिवावकों को सूक्ष्म व्यायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी सहित विभिन्न प्रकार के आसनों की जानकारी दी गई | इनके लाभ भी संक्षेप में उन्होंने सबों  के सामने रखा | उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि जीवन में यदि ऊंचाई पाना है तो योग को जीवन के दिनचर्या का हिस्सा बना डालो | अन्त: में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समापन की घोषणा की |

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