जाम से निजात पाने का एक ही उपाय है पांच मंजिला सड़क

यदि एक-एक घर में दो-दो कारें और चार-चार बाइकें होने लगे और सड़कों को अतिक्रमण कर पगडंडी बनाने में लगे रहें लोग तो प्रतिदिन प्रत्येक शहर में भीषण जाम नहीं लगेगा… भीषण जाम में लोग जुझेंगे नहीं….. तो क्या करेंगे ?

बता दें कि लोगों की जनसंख्या और गाड़ियों की संख्या इतनी तेज रफ्तार से बढ़ती जा रही है कि शहरों में फोरलेन सड़क के लिए भूमि अर्जित करना सरकार के बस की बात नहीं रही। ऐसी परिस्थिति में बस एक ही उपाय है पांच मंजिला सड़क।

देश में जल्द ही दिखेंगी बहुमंजिला सड़कें, क्योंकि महंगी जमीन से बढ़ती है परियोजना की लागत। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक किताब “बिल्डिंग ब्रिजेज सेविंग द फ्यूचर” के विमोचन पर बोले कि शहरों में तीन या चार मंजिला सड़कें बनाने की जरूरत है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसका कारण बताते हुए यही कहा कि शहरों में जमीन की कीमत महंगी होने के कारण सरकार को अधिग्रहण में परेशानी होगी। गडकरी ने कहा कि नागपुर में दो मंजिला सड़क के ऊपर मेट्रो चलाने के लिए परियोजना बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुणे में चार मंजिला सड़क प्रोजेक्ट की तैयारी कर ली गई है जिसका अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से निर्माण होगा।

चलते-चलते यह भी कि हम सब अपने शहर की सड़कों का अतिक्रमण न करें तथा ट्रैफिक के नियमों का धैर्य पूर्वक पालन करें तो जाम से छुटकारा मिलता रहेगा और जब तक आपके शहर में गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी तब तक दो-तीन मंजिला सड़क भी सरकार द्वारा बनाया जाना लगेगा।

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नव वर्ष में मधेपुरा की एक शाम : भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क के नाम

जो भारत की तरक्की के लिए व्यक्तिगत सुख-सुविधाएं एवं पारिवारिक हितों की निरंतर कुर्बानी अर्पित करता रहा, जो विदेश जाकर अथाह पैसा कमाने की क्षमता रखने के बावजूद भारत की सेवा में अपना जीवन समर्पित करता रहा और जो सीमित संसाधनों के बीच रहकर भी भारत को वैज्ञानिक बुलंदियों तक ले जाने के लिए सदैव जोखिम उठाता रहा-

इन्हीं खूबियों के कारण जो आम आदमी की निष्ठा, आशा और विश्वास का केंद्र बन गया, वह कौन है ? वही तो है- विराट विजन और पारदर्शी व्यक्तित्व का मालिक संपूर्ण भारतीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम !

The then DM Md.Sohail along with Dr.Bhupendra Madhepuri, Manju Devi and other officers during the inauguration of Dr.APJ Abdul Kalam Park on the occasion of 106th Bihar Diwas Day.
The then DM Md.Sohail along with Dr.Bhupendra Madhepuri, Manju Devi and other officers during the inauguration of Dr.APJ Abdul Kalam Park on the occasion of 106th Bihar Diwas Day.

मधेपुरा में उन्हीं के नाम डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित अन्य प्रबुद्ध जनों के अनुरोध पर तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने नगर परिषद के इस अनाम पार्क का नाम कर दिया डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के नाम।

इस कलाम पार्क में आने-जाने वाले बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए नए वर्ष के प्रथम सप्ताह में नव हर्षोल्लास मनाते हुए भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के माध्यम से प्रसारित या संदेश मधेपुरा को ही नहीं बल्कि देश और दुनिया को भी राह दिखाता रहेगा-

“ये आँखे दुनिया को दोबारा नहीं देख पायेंगी, इसलिए आप के अंदर जो बेहतरीन है उसे दुनिया को देकर जाना, बच्चों को लेकर जाना…।।”

 

 

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कोरोना के मद्देनजर 28 फरवरी तक डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी रद्द

कोरोना की तीसरी लहर से सारा विश्व परेशानियों से जूझ रहा है। बिहार में भी कल रात से रात 10:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक का नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को भी 21 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। नौ से बारहवीं तक एवं कॉलेज 50% उपस्थिति के साथ खुलेंगे। सिनेमा हॉल, क्लब, मॉल, जिम व पार्क भी बंद रहेंगे।

सरकारी व निजी दफ्तर 50% क्षमता से चलेंगे। शादी में 50 और श्राद्ध में 20 की मंजूरी दी गई है। दुकान 8:00 बजे रात के बाद बंद रहेगी। कोर्ट भी आधा फिजिकल और आधा वर्चुअल होगा। लॉक डाउन की स्थिति बनती नजर आ रही है, इसलिए बाहर काम कर रहे मजदूर घर लौटने लगे हैं।

बता दें कि बिहार में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सभी डाक्टरों एवं सभी स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी 28 फरवरी तक रद्द कर दी है। केवल अध्ययन अवकाश और मातृत्व अवकाश को छोड़कर अन्य सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई है।

जानिए कि घर-घर कोरोना की दवा पहुंचाने के लिए एमओयू जल्द होने वाला है। डाक विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच जैसे ही एमओयू हुआ कि प्रशिक्षित डाकिया घर-घर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दवाइयां पहुंचाने लगेंगे। उम्मीद है इस सप्ताह में एमओयू हो जाएगा और कोरोना संक्रमितों को बाजार कीमतों के अनुरूप घर पर ही दवाएं मिलने लगेगी। घर पर दवाएं  मिलने से मरीजों को राहत मिलेगी।

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हाईकोर्ट ने कोरोना के फैलाव से निपटने हेतु राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी, 5 जनवरी तक

कोरोना संक्रमण की बढ़ रही रफ्तार यानि तीसरी लहर की दस्तक देश और दुनिया में सुनाई देने लगी है। कोरोना डेल्टा वेरिएंट की तुलना में  आॅमिक्रोन को बेअसर मानते हैं लोग।

फिर भी सरकारी कार्यालयों समेत सभी जगहों पर जांच कर दी गई है तेज। लोगों से सतर्क रहने हेतु की जा रही है अपील। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना का इतना फैलाव दुखद है।

पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश वर्मा की खंडपीठ ने सूबे में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को प्रकाशित खबरों के मद्देनजर मेडिकल संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य इंतजामों पर सरकार से रिपोर्ट तलब किया है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी हाई कोर्ट को 5 जनवरी तक देने को कहा गया है।

प्रकाशित खबरें हैं- पटना में 18 डाक्टरों समेत 160 संक्रमित, भागलपुर में दो मेडिकल छात्राएं समेत 18 संक्रमित तथा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, उनकी पत्नी बेटी बहू सहित उनका पूरा कुनबा एवं पीए सहित 18 लोग कोरोना पाॅजिटिव …। मधेपुरा में भी 18 कोरोना पाॅजिटिव हो चुके हैं।

चलते-चलते यह भी कि राज्य के सभी डाक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी 28 फरवरी तक के लिए रद्द कर दी गई है। जो भी डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी पहले से छुट्टी पर हैं, उन्हें तत्काल अपने-अपने संस्थान में योगदान करने का आदेश दिया गया है।

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कोरोना की तीसरी लहर, 26 जिलों में पहुंचा कोरोना

एक दिन में 77% कोरोना के मामले तीसरी लहर की पुष्टि करने का ऐलान कर दिया है। सूबे बिहार में पिछले चौबीस घंटों के दौरान 281 नए कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। एक दिन में इसके प्रसार की संख्या में 77% की वृद्धि दर्ज की गई है।

बता दें कि एक दिन में कोरोना का फैलाव 21 जिलों से बढ़कर 26 जिलों में हो गया है। राज्य में सबसे अधिक 136 नए संक्रमित पटना जिले में मिले हैं जबकि गया जिले में 70 नए मरीज पाए गए हैं।

यह भी जानिए कि मधेपुरा जिला में आठ, भागलपुर में तीन, भोजपुर में तीन, मुंगेर में नौ, लखीसराय में सात, नालंदा में चार, रोहतास में तीन और शेष जिलों में दो-दो एवं एक-एक हैं।

चलते-चलते यह भी जानिए कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए गांव, टोला और स्लम क्षेत्रों में में चलंत टीम बनाकर लोगों की स्क्रीनिंग करना आरंभ कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग अपने मोबाइल वैन के जरिए कोविड टीकाकरण में जुटा है।

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बीएनएमयू के पांचवें कुलपति डॉ.महावीर की खुशबू का असर कम नहीं हो रहा है- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा से विधायक, शिक्षा मंत्री एवं सांसद बनने वाले टीपी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.महावीर प्रसाद यादव का जन्म थरबिट्टा गांव में 96 वर्ष पूर्व 2 जनवरी 1927 को हुआ था। वे एक कुशल प्रशासक के साथ-साथ एक बेहतर शिक्षक भी थे। उन्होंने मधेपुरा सहित कोसी व बिहार के शैक्षणिक विकास में महती भूमिका निभाई थी।

ये बातें बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व विकास पदाधिकारी, कुलानुशासक व कुलसचिव आदि पदों पर रह चुके समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उनकी 96वीं जयंती पर विश्वविद्यालय स्थित उनकी प्रतिमा पर सर्वप्रथम माल्यार्पण करने के बाद कही।

Shikshavid Dr.B N.Yadav Madhepuri along with Senator Dr.Naresh Kumar, Dr.B.N.Viveka, Dr.P.N.Piyush, Dr.Udai Krishna, DSP Manoj Kumar and others at Dr.Mahavir Pratima Sthal, BNMU North Campus.
Shikshavid Dr.B.N.Yadav Madhepuri addressing along with Senator Dr.Naresh Kumar, Dr.B.N.Viveka, Dr.Abhay Kumar, Dr.P.N.Piyush, Dr.Udai Krishna, DSP Manoj Kumar and others at Dr.Mahavir Pratima Sthal, BNMU North Campus.

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि माताश्री देवी दाय ने 2 जनवरी 1927 को बालक महावीर को जन्म दिया और उंगली पकड़कर चलना सिखाया। पिताश्री धरमलाल ने उन्हें सामाजिक कुरीतियों से लड़ना सिखाया। इसलिए तो वे भोज, भगैत और भंडारा के खिलाफ में खड़े दिखे तथा घर-घर में शिक्षा का दीप जलाने की सीख देते रहे। डॉ मधेपुरी ने पूर्व प्राचार्य करुणा कुमार झा को संदर्भित करते हुए कहा कि रतन चंद यदि टीपी कॉलेज की आत्मा थे तो महावीर बाबू विश्वकर्मा थे।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि महावीर बाबू की कार्य संस्कृति ने ही उन्हें इतनी ऊंचाई दी कि वे दो-दो विश्वविद्यालयों के प्रति कुलपति बने और बाद में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति बनकर कार्यरत रहते हुए अंतिम सांस ली। वे मुझसे कहा करते-

“मैं यहां राई बन कर आया था, मधेपुरा ने मुझे पहाड़ बना दिया। मैं जब तक जीवित रहूंगा मधेपुरा के ऋण से उऋण होने के लिए काम करता रहूंगा।”

इस कार्यक्रम में उनके सैकड़ों शिष्यों ने कड़ाके की ठंड में भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे जिनमें कुलानुशासन डॉ.विश्वनाथ विवेका, परीक्षा नियंत्रक डॉ.आर.पी. राजेश, विकास पदाधिकारी डॉ,ललन कुमार अद्री, डॉ.गजेंद्र प्रसाद यादव, इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज डॉ.उदय कृष्ण, प्राचार्य डॉ.पीएन पीयूष, समन्वयक डॉ.अभय कुमार सरीखे विश्वविद्यालय पदाधिकारीगण व प्राचार्य सहित एनके निराला, शंभू नारायण यादव आदि के अतिरिक्त उनके पुत्र डीएसपी मनोज कुमार, उमेश कुमार थे। सीनेटर प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार ने मंच संचालन किया एवं डॉ.विश्वनाथ विवेका ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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नव वर्ष में मधेपुरा के नए एसपी बने राजेश कुमार

सूबे के 14 जिलों में नए एसपी का पदस्थापन किया गया है। मधेपुरा को नए साल में नए एसपी मिलेंगे, जिनका नाम है श्री राजेश कुमार (आईपीएस)।

बता दें कि मधेपुरा के पड़ोसी जिले बेगूसराय गए एसपी योगेंद्र प्रसाद और मुजफ्फरपुर से सिटी एसपी राजेश कुमार (भापुसे) को मधेपुरा का नया एसपी बनाया गया।

यह भी जानिए कि गुरुवार की देर शाम को गृह विभाग से तबादले की अधिसूचना जारी कर दी गई। अपने समय के आईएएस टॉपर आमिर सुबहानी राज्य के नए मुख्य सचिव बनाए गए। सुपौल, सहरसा सहित पांच जिलों में नए जिलाधिकारियों का पदस्थापन किया गया।

Rajesh Kumar (IPS) along with SP Vikas Kumar, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and others during celebration of Police-Public Relation Week in 2016 at Madhepura.
The then ASP Rajesh Kumar (IPS) along with SP Vikas Kumar, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and others during celebration of Police-Public Relation Week in 2016 at Madhepura.

ज्ञातव्य हो कि राजेश कुमार (भापूसे) तत्कालीन एसपी विकास कुमार (भापुसे) एवं डायनामिक डीएम मो.सोहैल (भाप्रसे) के कार्यकाल में मधेपुरा के एएसपी रह चुके हैं। अपने सेवाकाल में इन्होंने पुलिस-पब्लिक रिलेशन बढ़ाने के लिए पुलिस सप्ताह (22-27 फरवरी, 2016) मनाने हेतु बेहतर शुरुआत करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया था जिसमें समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भी वृक्षारोपण से लेकर विभिन्न प्रकार की जागरूकता के लिए सहयोग देने का काम किया था।

 

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