मधेपुरा में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नए वर्ष में नवनिर्मित “सुख शांति भवन” में किया प्रवेश

मधेपुरा में वर्षों से ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बैनर तले संचालिका राजयोगिनी रंजू दीदी द्वारा आध्यात्मिकता का पाठ पूर्व प्रमुख विनय वर्धन उर्फ खोखा बाबू व उनके भाई विजय वर्धन के जयपाल पट्टी मोड़ स्थित आवासीय प्रभाग में लोगों को तन्मयता के साथ पढ़ाया जाता रहा। आज नए वर्ष 2021 के 10 जनवरी को वार्ड नंबर- 25 में तुनियाही रोड स्थित राधाकृष्ण मंदिर के समीप नवनिर्मित “सुख शांति भवन” के निर्माता व दानदाता राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के उप महाप्रबंधक (साहूगढ़ निवासी) नरेश कुमार द्वारा सहृदय होकर भव्य स्नेहमिलन व आध्यात्मिक प्रवचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत एवं नेपाल के विभिन्न इलाकों से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिकाएं उपस्थित हुईं तथा उन्होंने आत्मा, परमात्मा एवं भौतिक विश्व के बीच परस्पर संबंध की समझ बढ़ाने हेतु विस्तार से उद्गार व्यक्त किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए नेपाल राजविराज क्षेत्र की मुख्य संचालिका राजयोगिनी भगवती दीदी, वर्षों से सीमावर्ती क्षेत्र प्रभारी राजयोगिनी रंजू दीदी एवं सेवा केंद्र संचालिका बबीता दीदी ने आध्यात्मिक क्रियाकलापों की विस्तार से जानकारियां दी। इस अवसर पर उपस्थित तमाम अतिथियों को संस्था की ओर से पाग, प्रतीक व पुष्पादि देकर सम्मानित किया गया।

Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the inaugural function of Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya at Newly built "Sukh Shanti Bhawan" Madhepura.
Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the inaugural function of Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya at Newly built “Sukh Shanti Bhawan” Madhepura.

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में विस्तार से उद्गार व्यक्त करते हुए सदर विधायक व पूर्व मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने जहां कहा कि यह ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व के 144 देशों में मानव कल्याण की दिशा में आध्यात्मिकता के फैलाव का सराहनीय प्रयास करता आ रहा है वहीं मुख्य वक्ता के रूप में भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मानव शरीर को कंप्यूटर और मानव मन को कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर बताते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय मानव मन की असीमित शक्तियों के विस्तार की विधियां सिखाता है और उसे अपडेट रखता है।

प्रजापिता लेखराज कृपलानी के राह के राही उप महाप्रबंधक नरेश कुमार ने जहां कहा कि यह ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व में व्याप्त धर्मों के सार को आत्मसात कर उन्हें मानव कल्याण की दिशा में उपयोग करने वाली एक संस्था है, वहीं समाज सेविका रागिनी रानी ने कहा कि जीवन से थके हुए लोग इसे अपनाकर शांति और उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।

अंत में ब्रह्मा कुमारी संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू राजस्थान के प्रमुख देवान, अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय के पीस ऑफ माइंड टेलीविजन से राजयोगिनी शिखा दीदी, नेपाल के ब्रह्मा कुमार दीपक भाई, पटना से आई राजयोगिनी संगीता दीदी सहित नेपाल ऑयल निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हरि प्रसाद सिंह उर्फ हरि बाबू ने आध्यात्मिकता की बौछार कर श्रोताओं को घंटों सराबोर करते रहे।

मौके पर ब्रह्मा कुमार व कुमारियाँ- जगदीश, शशि, शालु, जैन, हेमा, अनीता, कौशल्या, नीरा, माया, कमला सहित पतंजलि योग शिक्षक डॉ.एनके निराला, प्रो.अजय, प्रो.सतीश, अशोक यदुवंशी, प्रो.रामाशंकर, रविकांत आदि मौजूद रहे एवं सहयोग करते रहे। उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा दाता नरेश कुमार सहित उनके स्मृतिशेष पिता देव आनंद, माताश्री माया देवी, पुत्र नीलेश व पुत्री राधिका के इस महादान हेतु महाअभिनंदन किया गया। समस्त कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमार भाई किशोर ने किया।

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जेकेटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मरीजों के लिए मुश्किल है प्यास बुझाना

करीब 10 महीने से मधेपुरा में जननायक कर्पुरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज शुरू है। ओपीडी एवं इमरजेंसी में इलाज कराने के लिए दूसरे जिले के मरीज भी पहुंच रहे हैं। उनमें ज्यादातर मरीज गरीब तबके के होते हैं। परंतु, अस्पताल में मरीजों एवं सेवादारों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सूखे गले को गीले करने के लिए मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। प्यास बुझाने के लिए दुकानों से पानी खरीदना उनकी मजबूरी बन गई है।

बकौल सुरक्षा गार्ड, यह जानिए कि कैंपस में एक चापाकल था लेकिन आजकल उसे भी उखाड़ दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन कैंपस में पानी की समुचित व्यवस्था करने के प्रति उदासीन बना है। फिलहाल पूरे कैंपस में आम लोगों के लिए कहीं भी पानी की व्यवस्था नहीं है। पानी के लिए मरीज और उनके परिजन अस्पताल कैंपस में भटकते रहते हैं। गरीब मरीज को दिन भर में ₹100 पानी खरीदने में खर्च करना पड़ता है।

जानिए कि करोड़ों की लागत से लगाया गया जलापूर्ति प्लाट लगते-लगते बंद हो गए। सारा पाइप क्षतिग्रस्त हो गया। जिस कैंपस में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही बनी रहती हो उसमें एक भी चापाकल नहीं…..!  संवेदनशील समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि पीएचइडी विभाग को निर्देश देकर एक दर्जन चापाकल फिलहाल गड़वा दिए जाएं ताकि लोग पानी की परेशानी से निजात पा सके और लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ सके।

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कई लाख की लागत से बीएनएमभी में बनेगा पूर्व कुलपति की स्मृति में ‘महावीर प्रातिभ पीठ’- डॉ.मधेपुरी

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पांचवें कुलपति डॉ.महावीर प्रसाद यादव के नाम भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, बालमुकुंद नगर, साहूगढ़, मधेपुरा में विद्वानों को बैठने के लिए ‘डॉ.महावीर प्रातिभ पीठ’ का निर्माण किया जाएगा। विद्वानों को बैठने की इस भव्य प्रातिभ पीठ के निर्माण में लगभग 10 लाख की लागत लगेगी, जो उनके पुत्र डॉ.अरुण कुमार एवं परिजनों द्वारा की जाएगी। ये बातें प्रधानाचार्य डॉ.महावीर प्रसाद यादव के अत्यंत प्रिय भौतिकी के प्रोफसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कही।

बता दें कि लोग उन्हें आज भी टीपी कॉलेज के विश्वकर्मा कहते हैं। उनके कार्यों की सराहना भी करते हैं। कई विश्वविद्यालयों में प्रति कुलपति, कुलपति, सांसद, विधायक, शिक्षा मंत्री एवं लंबे अर्से तक टीपी कॉलेज में प्राचार्य रहे महावीर बाबू के पुत्र प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शक प्रो.डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उन्हें बीएनएमभी में पिताश्री के नाम एक भव्य प्रातिभ पीठ निर्माण की नेक सलाह दी….. क्योंकि इस महाविद्यालय से डॉ.मधेपुुुरी का रिश्ता अत्यंत गहरा रहा है। जब आपातकाल में लोग भयाक्रांत थे तब उस अवधि में डॉ.मधेपुुुरी ने निर्भीक होकर कॉलेज की स्थापना का संकल्प लिया था।

जानिए कि चंद रोज कबल बीएनएमयू के सीनेटर व बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार और इन दोनों के शिक्षक व मार्गदर्शक रहे डॉ.मधेपुुुरी ने बीएनएमभी कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.)केएसओझा एवं अन्य काॅॅलेज कर्मियों के साथ परिसर में घूम-घूम कर स्थल चयन पर विचार-विमर्श किया। डॉ.महावीर प्रातिभ पीठ निर्माण हेतु प्रधानाचार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। मौके पर डॉ.गजेंद्र कुमार, डॉ.नवीन कुमार सिंह, डॉ.पीएन पीयूष, बड़ा बाबू व अन्य कालेज कर्मी भी विचारों का आदान-प्रदान कर इस पवित्र कार्य में सहयोग कर रहे थे तथा महावीर बाबू के परिजनों के प्रति कृतज्ञता भी ज्ञापित कर रहे थे।

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कोरोना वायरस का नया रूप दुनिया के 41 देशों में अपने पांव पसार दिया है

विगत वर्ष 2020 में सारा संसार कोविड-19 से परेशान होता रहा। कितने देशों की अर्थव्यवस्था भी चरमरा गई। परंतु, आशा की किरण तब जगी जब भारत सहित कई अन्य देशों में कोरोना वैक्सीन जांचोपरांत लोग लेना भी शुरू कर दिए। सबों को एहसास होने लगा कि 2021 में कोरोना से संसार को मुक्ति मिल जाएगी। फलस्वरूप 4 जनवरी से स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग भी कुछ विशेष गाइडलाइंस के तहत खोल तो दिए गए, परंतु कई स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी कोरोना संक्रमण से ग्रसित होना पड़ा… अब सरकार के सामने विकट परिस्थिति उत्पन्न होने लगी है।

दूसरी ओर डब्ल्यूएचओ(WHO) ने बयान जारी कर यह दावा किया है कि ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्वरूप दुनिया के 40 से अधिक देशों में दस्तक दे चुका है। यह भी बताया गया है कि भारत में कोरोना के इस नए स्वरूप से संक्रमित होने वालों की संख्या 70 हो गई है। इस बात की आधिकारिक घोषणा ब्रिटेन की सरकार द्वारा 14 दिसंबर को ही कर दी गई थी कि ब्रिटेन में एक नए कोरोनावायरस ने दस्तक दे दिया है, जो महज 4 सप्ताह में 41 देशों में अपना पांव पसार चुका है। इसलिए तो भारतीय गणतंत्र दिवस परेड पर कोई भी विदेशी मुख्य अतिथि नहीं होंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आमंत्रित थे, लेकिन ब्रिटेन में फैले कोरोना स्ट्रेन की वजह से उन्होंने भारत का दौरा ही रद्द कर दिया है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि शुरुआती दौर में डब्ल्यूएचओ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य कई देशों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप का पता चला था। कोरोना वायरस का वह नया स्वरूप अब भारत की ओर कदम बढ़ाने लगा है। जो भी हो, प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाकर घर से निकलने, सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने एवं साबुन से हाथ धोकर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने में लापरवाही कभी नहीं बरतनी चाहिए।

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कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन से ब्रिटेन की हालत बिगड़ी बोरिस ने भारत यात्रा रद्द की

ब्रिटेन में एक सप्ताह के अंदर बढ़ गए एक तिहाई कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन वाले मामले। ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन ने अपने देश में कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति के मद्देनजर जनवरी में प्रस्तावित भारत-यात्रा रद्द कर दी है। जाहिर है कि बोरिस जॉनसन को भारत द्वारा आगामी गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था।

ब्रिटेन में जब 29 दिसंबर को 80 हजार से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, तब ब्रिटेन के नाम अपने संबोधन में पीएम बोरिस जॉनसन ने देशवासियों से यह अनुरोध किया है-

“नये लॉकडाउन तत्काल फरवरी 2021 के मध्य तक प्रभावी रहने की संभावना है। ब्रिटिश वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना के नए स्ट्रेन 70 फ़ीसदी तक ज्यादा संक्रामक हैं यानि जनमानस को इससे संक्रमित होने तथा दूसरों को संक्रमित करने की आशंका बहुत-बहुत ज्यादा है। यहां तक कि संक्रमण से मरने वालों की संख्या में भी 20% की वृद्धि हो गई है।”

चलते-चलते यह भी कि कोरोना को लेकर 2020 से अधिक भारी 2021 लगने लगा है। जर्मनी में एक दिन में लगभग 1000 मौतें हो गई है। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल देश के 16 प्रांतों के लॉकडाउन को जनवरी के अंत तक बढ़ा सकती हैं जबकि लॉकडाउन 16 दिसंबर से ही लगाया गया है।

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कोरोना के टीकाकरण को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह तैयार

केंद्र सरकार द्वारा तय गाइडलाइन के आधार पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना के टीकाकरण के लिए बिहार तैयार है। केंद्रीय गाइडलाइन के आधार पर बिहार सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। पांच छह महीने में टीकाकरण कर दिया जाएगा। ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कहा।

बकौल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वास्थ्य कर्मियों एवं डॉक्टरों को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा। उसके बाद प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का टीकाकरण होगा। फिर 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले नर-नारियों को टीकाकरण में प्राथमिकता देनी है।

मुख्यमंत्री ने स्वयं टीकाकरण हेतु दवाओं को रखने की जगह से लेकर टीकाकरण हेतु दवाओं को किस तरह से ले जाया जाएगा आदि सारी चीजों की मानीटरिंग की है तथा एक-एक चीज का बेहतर ख्याल भी रखा है। जनहित में बेहतर निगरानी का राज यही है कि कोरोना का मामला थोड़ा कम होने पर वे जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम को पुनः आरंभ करेंगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि 13 जनवरी के बाद हम किसी भी दिन टीकाकरण की शुरुआत करने की पूरी तरह से तैयारी कर ली है। टीकाकरण शुरू करने के लिए तारीख पर अंतिम फैसला सरकार लेगी, परंतु यह है कि स्वास्थ्य  सुरक्षा एवं सफाई कर्मियों को टीकाकरण हेतु सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। जहां 2 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पूरे देश में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जा चुका है वहीं 3 जनवरी को ड्रग कंट्रोल ऑफ इंडिया द्वारा कोवैक्सीन और  कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल की इजाजत भी दे दी गई है। भारत में 4 प्राथमिक वैक्सीन स्टोर कोलकाता, चेन्नई, मुंबई व करनाल में बनाए गए हैं।

 

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कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से देश में अब तक लगभग 50 लोग संक्रमित

कोरोना के नए स्ट्रेन से संसार के आधे दर्जन देशों को ग्रसित देख कर भारत को चिंतित होना स्वाभाविक है। सबसे अधिक ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन 70% तेजी से फैल रहा है। तभी तो भारत ने आपात बैठक कर हवाई जहाज की उड़ानों पर रोक लगा रखी है। फ्रांस एवं सऊदी अरब भी अपनी-अपनी सीमाएं सील कर ली है।

बता दें कि कोरोना वायरस से नए स्ट्रेन से अब तक भारत में लगभग 50 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश वे लोग हैं जो या तो ब्रिटेन से आए हैं या फिर वहां से आने वाले लोगों के संपर्क में आ चुके हैं। सर्वाधिक लोगों की संख्या 11 है जो नए कोरोना स्ट्रेन से संक्रमित हैं और जिसकी पुष्टि आईजीआई नई दिल्ली में हुई है। इसी तरह पुणे ने 5, हैदराबाद ने 3 और बेंगलुरु ने 10 की पुष्टि की है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि गत वर्ष 2020 के अंतिम एक महीने में ब्रिटेन से भारत आए लोगों की संख्या लगभग 30,000 से अधिक होगी। इन लोगों के माध्यम से कोरोना वायरस के नए लोग संक्रमित हो रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हर कोई मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग कायम रखें तथा हाथ साबुन से साफ कर सेनीटाइजर का इस्तेमाल करते रहे।

याद रखें ब्रिटेन की सरकार द्वारा अगले 16 फरवरी तक लॉकडाउन लगा दिया गया है। साथ ही भारतीय गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रुप में आने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी यात्रा भी स्थगित कर दी है।

 

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सूबे के नौ हजार हाई स्कूलों में लगभग दस महीने बाद आज से शुरू हुए क्लास

कोरोना महामारी के दरमियान राज्य के 9 हजार से अधिक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में आज से सैनिटाइज्ड क्लास रूम में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी। कक्षाओं में आधे छात्र एक दिन तो आधे दूसरे दिन आएंगे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन हो सके। कहा गया है कि 6 फीट की दूरी और मास्क पहनना जरूरी। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में असेंबली नहीं होगी, बल्कि बच्चे सीधे क्लास रूम में ही जाकर बैठेंगे।

बता दें कि जिले के हाॅली क्रास जैसे बड़े स्कूल, जिसे क्लास रूम की कमी नहीं है, वह एक साथ 11th एंड 12th क्लास के सभी छात्रों को प्रतिदिन नियमानुसार दूर-दूर बैठाकर आज से पढ़ाना शुरू कर दिया है। कुछ स्कूल और कॉलेज केवल अंतिम दो वर्गों के छात्र-छात्राओं को आज से पढ़ाना चालू किया है।

कोचिंग संस्थानों में भी कोरोना संक्रमण से बचने हेतु घोषित उपायों के साथ नियमानुसार पठन-पाठन आरंभ किया गया है। मिलाजुला कर आज से शैक्षणिक जगत में 10 महीने बाद रौनक लौट आई है। कैंपस से खामोशी का साम्राज्य समाप्त हो गया। आज से स्कूल-कॉलेज आदि में घंटियां बजने लगी है।

जानिए कि सूबे में कक्षा 9 से 12 के बीच कुल विद्यार्थियों की संख्या 36 लाख  से अधिक है। चुंकि एक दिन में 50% विद्यार्थी के ही क्लास में आने के लिए अनुमति दी गई है। अतः आज 18 लाख से अधिक विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार की ओर से स्कूलों को जितने निर्देश दिए गए हैं, अभिभावकों को उतनी ही सलाहें दी गई है। खेल पीरियड एवं लंच के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए गए हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सीएम नीतीश कुमार ने पूर्व में ही 9वीं क्लास की पढ़ाई करने का उद्घाटन 3300 पंचायतों के उत्क्रमित मिडिल स्कूलों में कर दी थी जहां हाई स्कूल नहीं था। कोरोना के कारण प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन रुका हुआ था। यहाँ नामांकन हो चुका है, परंतु पढ़ाई एक भी दिन नहीं हुई है। इन स्कूलों में कक्षा आठ से प्रमोट किए गए नामांकित बच्चे पहली बार अपने शिक्षकों से रू-ब-रू होंगे। इतना ही नहीं, 10 महीने बाद आज से पटना के हाई कोर्ट में न्यायाधीश अपनी कुर्सी पर बैठेंगे और एडवोकेट से मुखातिब होकर बहस करेंगे।

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पंचायत चुनाव के इतिहास में इस बार कई चीजें होंगी पहली बार

नीतीश सरकार के प्रस्ताव पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का कार्यक्रम पहली बार जिलेवार किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता भी जिलेवार लगाने का कार्यक्रम पहली बार तैयार किया जा रहा है।

बता दें कि सरकार के प्रस्ताव पर राज्य चुनाव आयोग ने अधिकतम 27 दिनों के अंदर 1 जिले का चुनाव संपन्न कराने का इस बार खाका तैयार किया है।  उम्मीदवार के नामांकन से लेकर मतगणना की पूरी प्रक्रिया 27 दिनों में पूरी होगी।

जानिए कि इस पहल से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पूरे राज्य में एक साथ आचार संहिता प्रभावी नहीं होगी। चुनाव वाले जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों में विकास योजनाएं चलती रहेंगी। पूरे प्रदेश की सरकारी मशीनरी भी एक साथ प्रभावित नहीं होगी।

दूसरी अहम बात यह है कि पहली बार चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनाव बैलट की जगह ईवीएम से कराया जाएगा। ईवीएम खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एक जिले में चुनाव संपन्न कराए जाने के बाद उन्हीं ईवीएम को दूसरे जिले में भेज दिया जाएगा। आयोग ने घोषणा की है कि इस बार 8100 पंचायतों में चुनाव संपन्न कराने के लिए सूबे में नौ चरणों में चुनाव होगा। प्रत्येक ईवीएम में 6 पदों का होगा प्रावधान। यह मल्टीपल पोस्ट ईवीएम विधानसभा व लोकसभा चुनाव से अलग होगी।

चलते-चलते यह भी जानिए कि ऐसा नहीं होगा कि किसी एक प्रमंडल के सभी जिलों में एक साथ चुनाव करा दिया जाए। इस बार के ईवीएम में 6 पदों- जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और पंच के पदों पर चुनाव का प्रावधान होगा। जून 2021 में त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, इसलिए आयोग द्वारा मार्च से मई के बीच चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य तय किया गया है। देश में ईवीएम से चुनाव कराने वाले बिहार को पांचवा प्रदेश बनने पर समाजसेवी एवं जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने नीतीश सरकार को साधुवाद दिया है।

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महावीर बाबू के कर्मों की खुशबू का असर कम नहीं होगा- डॉ.मधेपुरी

आज 2 जनवरी को बीएनएमयू के पाँँचवें कुलपति डॉ.महावीर प्रसाद यादव की 95वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर सर्वप्रथम माल्यार्पण किया कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण, मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल के अत्यंत करीबी एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर पदाधिकारी रहे प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं विश्वविद्यालय की  प्रथम महिला प्रति कुलपति प्रो.(डॉ.)आभा सिंह। विश्वविद्यालय के कुलसचिव व अन्य पदाधिकारीगण द्वारा भी माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया गया।

From Left to Right Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri, Pro-VC Dr.Aabha Singh, VC Dr.RKP Raman and others paying tribute on the occasion of Former VC Dr.Mahavir Prasad Yadav's Punya Tithi at BNMU.
From Left to Right Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri, Pro-VC Dr.Aabha Singh, VC Dr.RKP Raman and others paying tribute on the occasion of Former VC Dr.Mahavir Prasad Yadav’s 95th Birth Anniversary at BNMU.

विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सिंडिकेट की बैठक में कुलपति, प्रति कुलपति, कुलसचिव आदि को शिरकत करनी थी इसलिए महावीर बाबू के साथ साया की तरह रहने वाले डॉ.मधेपुरी ने चंद मिनटों में उद्गार प्रकट करते हुए कहा- आदमी दुनिया से चला जाता है, वह पंचतत्व में विलीन हो जाता है, परंतु उनके द्वारा किए गए काम यहीं पर बुद्ध की तरह ठहर जाते हैं। इसलिए तो लोग उन्हें टीपी कॉलेज का विश्वकर्मा कहते हैं। महावीर बाबू के कर्मों की खुशबू का असर कभी कम नहीं होगा।

Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing at the Monument of Former VC Dr.Mahavir Prasad Yadav at BNMU Campus.
Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing at the Monument of Former VC Dr.Mahavir Prasad Yadav at BNMU Campus.

डॉ.मधेपुरी ने खासकर प्रति कुलपति महोदया को जानकारी के तौर पर महावीर बाबू के संबंध में इतना ही कहा- वे 1953 में मधेपुरा आये। टीपी कॉलेज में व्याख्याता बने। 1962 में वाइस प्रिंसिपल बने। संस्थापक प्राचार्य रतन चंद के साथ मिलकर इतना काम किए कि 1968 में भूपेन्द्र नारायण मंडल ने अपनी सोशलिस्ट पार्टी से उन्हें विधानसभा का टिकट देकर चुनाव में खड़ा किया। महावीर बाबू चुनाव जीते और बीपी मंडल सरकार में शिक्षा मंत्री बने। गुरु डॉ.के.के.दत्ता को पटना विश्वविद्यालय के वीसी पद पर एक वर्ष का विस्तारीकरण देकर गुरु भक्ति का उदाहरण पेश किया। सांंसद बने, दो विश्वविद्यालयों के प्रति कुलपति और 1995 से मृत्युपर्यंत कुलपति बनकर बीएनएमयू की सेवा की। अंत में डॉ मधेपुरी ने उनके पुत्र प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, विभागाध्यक्ष जंतु विज्ञान (पीजी) एवं डीएसपी मनोज कुमार आदि द्वारा उनकी समाधि पर अंकित कराई गई पंक्तियों को दोहराते हुए कहा-

गुजरेंगे तेरे बाद भी कुछ लोग यहां से

पर तेरी खुशबू का असर कम नहीं होगा।

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