दशकों से चल रही “राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद” की न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सहित जस्टिस डीवाई चन्द्रचूर, एसए बाबरे, अशोक भूषण एवं अब्दुल नजीर नेे लगातार 40 दिनों तक 5-6 घंटे प्रतिदिन दोनों समुदायों के सभी पक्षों के तथ्यों को सुनकर आज 9 नवंबर को ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसमें ना तो किसी पक्ष की हार हुई और ना किसी की जीत।
तभी तो मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में संपूर्ण भारतीय डॉ.कलाम के करीबी माने जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के नेतृत्व में दोनों समुदाय के लोग समस्त शांति व सद्भाव के साथ बेफिक्र होकर सफाई करने में लगे दिख रहे हैं। वै हैं- निर्मल तिवारी, राम पदारथ यादव, मो.इम्तियाज, मो.राशिद, मो.महताब, डॉ.अर्जुन यादव, मिस्टर मौलाना की पूरी टीम…..।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सांस्कृतिक, धार्मिक व सामाजिक न्याय को दृष्टिपथ में रखते हुए विधि संगत ऐतिहासिक न्याय दिया है। जहाँ राम जन्मभूमि के साक्ष्यों को आधार मानकर 2.77 एकड़ जमीन रामलला के मंदिर हेतु दिया गया वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय का सम्मान रखते हुए उन्हें लगभग दो गुनी यानी 5 एकड़ जमीन अयोध्या के अंदर ही देने का फैसला सुनाया। इस फैसले का सम्मान देशवासियों के लिए अग्नि परीक्षा है। जिसमें उन्हें उत्तीर्ण होने के लिए शांति, सद्भाव व सुरक्षा को बनाए रखने के साथ-साथ हिन्दू समुदाय को मस्जिद निर्माण में सहयोग देना होगा और मुस्लिम समुदाय को मंदिर निर्माण में। दोनों समुदाय अपने अहम एवं वहम का त्याग करे ! देश के सभी समुदायों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान किया है।
समाजसेवी डॉ.मधेपुरी से इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी समुदाय फैसला को मानें….. फासला ना बढ़ावें। उन्होंने कहा कि भाईचारा व शांति कायम रखने वाले सभी प्रयासों की भरपूर सराहना की जानी चाहिए क्योंकि यह विवाद देश को दीमक की तरह खाये जा रहा था… और खोखला बनाए जा रहा था।
मधेपुरा के श्रीकृष्ण गौशाला परिसर में तीन दिवसीय राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव का उद्घाटन 6 नवंबर (मंगलवार) को बिहार के विधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, एससी-एसटी मंत्री प्रो.(डॉ.)रमेश ऋषिदेव व मधेपुरा के सांसद ई.दिनेश चन्द्र यादव, डीएम नवदीप शुक्ला (आईएएस), एसपी संजय कुमार (आईपीएस) एवं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
महोत्सव में उमड़ी लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए अपने उद्घाटन भाषण में विधि मंत्री ने कहा कि बिहार की जिस भूमि पर बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ वहीं से संपूर्ण संसार के लिए शांति, भाईचारे और प्रेम का प्रकाश फैले…….। उन्होंने वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जल, जीवन और हरियाली सरीखे नीतीश सरकार के अभियान से जुड़ने का संदेश दिया और कहा कि सृष्टि की पूजा से ही होगी मानवता की रक्षा।
Bollywood Playback Singer Purnima Shraistha is being honoured by SDM Vrindalal, SDPO Washi Ahmad, Senior Member of Ayojan Samiti Dr.Madhepuri, Manoj Yaduwanshi & others on the occasion of 2nd Rajkiya Gopasthmi Samaroh at Gaushala Shri Krishan Mandir Campus, Madhepura.
यह भी बता दें कि जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने कहा कि सरकार जिले में 108 करोड़ की लागत से दो एससी-एसटी कल्याण विद्यालय का निर्माण करने जा रही है वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद ई.दिनेश चन्द्र यादव ने भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए “कर्म के उपदेश” को संदर्भित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से एनएच-106 निर्माणार्थ जमीन अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया….. अब कोसी नदी पर 1200 करोड़ का पुल बनने जा रहा है।
जहाँ समारोह की अध्यक्षता कर रहे डीएम नवदीप शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया तथा गोपाष्टमी महोत्सव को भाईचारे के साथ मनाने की बात कही वहीं आयोजन समिति के वरीय सदस्य प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उपस्थित अतिथियों एवं सुधि श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एवं गोपाष्टमी को गाय की पूजा बताते हुए यही कहा कि धार्मिक मान्यतानुसार गाय की देह में देवताओं का निवास इसलिए माना जाता है कि गौमाता से अमृत तुल्य पंच गव्य प्राप्त होता है – गोबर, गोमूत्र, दूध, दही एवं घी। आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जहाँ भारतीय गाँव में लोग आज भी फोड़ा-फुंसी, घाव, चोट व जले पर गोबर की लेप लगाते हैं वहीं जापान के हिरोशिमा-नागासाकी में छोड़े गए एटम बम से निकले हानिकारक रेडिएशन से होने वाले शारीरिक नुकसान से बचने हेतु आज तक लोग गोबर से घर-आँगन को लिपते हैं….. गोमूत्र पान करने से किडनी साफ होता है …. कुष्ट दूर होता है।
मौके पर पूर्व विधायक प्रो.अरुण कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, एसपी संजय कुमार , डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एसडीएम वृंदा लाल, एसडीपीओ वसी अहमद, डीपीआरओ सह एनडीसी रजनीश कुमार, बीडीओ आर्य गौतम, सीओ वीरेंद्र नारायण झा , डॉ.आरके पप्पू, शौकत अली….. सहित उद्घोषक पी.यदुवंशी, हर्षवर्धन सिंह राठौर, समीक्षा यदुवंशी, शशिप्रभा आदि शहर के अगणित गणमान्य की उपस्थिति देखी गई।
3 दिनों तक इस दूसरे राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव में सुर,ताल व नृत्य की त्रिवेणी निरंतर संध्या 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक बहती रही और लोग झूमते रहे। जहाँ एक ओर स्थानीय स्थापित एवं नवोदित कलाकारों की प्रस्तुति सराही गई …… वहीं दूसरी ओर सूफी गायक विनोद ग्वार (मुंबई) और चर्चित गायिका मैथिली ठाकुर, नालंदा संगीत के कलाकारों एवं बॉलीवुड पार्श्व गायिका सपना अवस्थी (मुंबई) के अतिरिक्त अंतिम दिन राधा कृष्ण झांकी व बॉलीवुड पार्श्व गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठ (मुंबई) द्वारा जमकर तालियाँ बटोरी गई……। सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को यादगार बना दिया। सबों को जिला प्रशासन द्वारा मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। संपूर्ण सफल व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर सबों ने जिला प्रशासन की सराहना भी की। अंत में गौशाला समिति की अध्यक्ष सह मधेपुरा के एसडीएम वृंदालाल ने समारोह के समापन की घोषणा की।
टाटा ट्रस्ट के द्वारा जारी इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2019 में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक आम नागरिकों को न्याय मुहैया कराने के मामले में महाराष्ट्र राज्यों की सूची में शीर्ष पर है। वहीं, केरल दूसरे, तमिलनाडु तीसरे, पंजाब चौथे और हरियाणा पांचवें स्थान पर है। ये तो हुई बड़े राज्यों की बात। छोटे राज्यों की बात करें तो एक करोड़ से कम जनसंख्या वाले राज्यों में गोवा पहले, सिक्किम दूसरे और हिमाचल प्रदेश तीसरे स्थान पर है।
बता दें कि इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2019 विभिन्न सरकारी संस्थाओं जैसे पुलिस, न्यायपालिका, कारागार और कानूनी सहायता पर आधारित है। टाटा ट्रस्ट ने इस रिपोर्ट को सेंटर फॉर सोशल जस्टिस, कॉमन काउज, कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव समेत कई संस्थानों की मदद से तैयार किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 18,200 जज हैं और करीब 23% सीटें खाली हैं। रिपोर्ट से यह तथ्य भी सामने आया कि जेलों में क्षमता से अधिक 114% कैदी हैं जबकि इनमें से 68% कैदी अंडरट्रायल हैं।
टाटा ट्रस्ट की यह रिपोर्ट हमें बताती है कि विभिन्न संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व निम्न स्तर पर रहा है। देशभर में न्याय और कानून व्यवस्था में महिलाओं की संख्या काफी कम है। जेल कर्मचारियों में 10% महिलाएं हैं। हाईकोर्ट और लोअर कोर्ट के सभी जजों में महिला जज 26.5% हैं।
इस रिपोर्ट को जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एमबी लोकुर ने कहा कि रिपोर्ट में हमारी न्यायिक व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गई हैं। न्यायिक व्यवस्था के समक्ष मुख्यधारा के मुद्दों पर न्याय देने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ये मुद्दे हमारी सोसाइटी, सरकार और अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं।
पटना स्थित बिहार प्रदेश जदयू मुख्यालय में बुधवार 6 नवंबर 2019 को नवनियुक्त पार्टी पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह ने की। इस बैठक में पार्टी के सभी क्षेत्रीय संगठन प्रभारी, जिलों के संगठन प्रभारी, सभी जिलाध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्ता व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में विभिन्न स्तरों पर संगठन को और अधिक मजबूत, धारदार व चुस्त-दुरुस्त बनाने के मद्देनज़र आरसीपी सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए। संगठन चुनाव के बाद हुई इस पहली बड़ी बैठक में कई निर्णय लिए गए जिनमें सभी बूथों पर बूथ अध्यक्ष एवं बूथ सचिव का मनोनयन तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों में सम्मेलन का आयोजन किया जाना शामिल है।
पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक में विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, प्रो. रामवचन राय, ललन कुमार सर्राफ, डॉ. रणवीर नंदन, तनवीर अख्तर, डॉ. रंजू गीता, अभय कुशवाहा, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, परमहंस कुमार, चंदन कुमार सिंह, कामाख्या नारायण सिंह, राज्य निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष व क्षेत्रीय संगठन प्रभारी डॉ. अमरदीप, महिला जदयू अध्यक्ष श्वेता विश्वास, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संतोष महतो आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर अपने संबोधन में आरसीपी सिंह ने पार्टी के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि हमलोग उस पार्टी के सिपाही हैं जिसका नेतृत्व नीतीश कुमार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने संगठन को बूथ स्तर तक पूरी मजबूती से स्थापित करना है और बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर श्री नीतीश कुमार ने जितने कार्य किए हैं, उन्हें जन-जन तक पहुँचा देना है; बिहार की महान जनता का आशीर्वाद हमें जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि कौन क्या कह रहा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें केवल अपने काम पर ध्यान देना है। 2020 में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। श्री सिंह ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का परिणाम इस बार के लोकसभा चुनाव से भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि हर सीट पर हमें विजय हासिल हो, सभी साथियों को इस संकल्प के साथ चुनाव में जाना है।
इस बैठक में आरसीपी सिंह ने संगठन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। 15 नवंबर 2019 से 05 दिसंबर 2019 के बीच उन्होंने सभी बूथों पर बूथ अध्यक्ष एवं बूथ सचिव का चयन अनिवार्य रूप से कर लेने को कहा। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार 15 दिसंबर 2019 से 05 जनवरी 2020 तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी का सम्मेलन किया जाना है। आरसीपी सिंह ने कहा कि इसके पूर्व प्रखंड व जिला कमिटियों का गठन अवश्य कर लें।
देशभर में भूमि विवाद से संबंधित मामले थाने से लेकर भिन्न-भिन्न स्तर के न्यायालयों में करोड़ों की संख्या में वर्षों से लंबित हैं | प्रतिदिन अखबार में जितनी भी हत्याओं के समाचार छपते हैं, उनमें आधे से अधिक भूमि विवाद से संबंधित हुआ करते हैं |
बता दें के सूबे बिहार में लंबित पड़े मुकदमों की संख्या करीब डेढ़ लाख है जिसमें 60% से अधिक मामले जमीन विवाद से जुड़े हैं | इन विवादों की संख्या को कम करने के लिए तथा सज्जन लोगों को सहज जीवन जीने के निमित्त नीतीश सरकार ने पुश्तैनी जमीन के लिए पारिवारिक बंटवारे हेतु रजिस्ट्री-फी लाख-करोड़ रुपये की जगह मात्र ₹100 कर दी | साथ ही यह भी नियम बना दिया कि बिना जमाबंदी अब जमीन की खरीद-बिक्री नहीं होगी, परन्तु हाईकोर्ट ने तत्काल इस नियम पर रोक लगा दी है |
यह भी बता दें कि भूमि विवादों को कम करने हेतु पुलिस मुख्यालय के स्तर से एक विशेष पहल की गई है | इसमें सहायक पुलिस निरीक्षक से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर के पदाधिकारियों को जमीन से जुड़े तमाम जरूरी कानून की ट्रेनिंग दी जाएगी | चरणबद्ध तरीके से दी जाने वाली ट्रेनिंग के लिए गृह विभाग ने 1 करोड़ 47 लाख 31 हज़ार रूपये की स्वीकृति भी दे दी है |
जानिए कि गृह विभाग के सभी उच्चाधिकारियों को हिदायत के साथ यह आदेश निर्गत किया है कि इन रुपये को एक महीने के अंतर्गत ट्रेनिंग पर खर्च करें, न कि रुपये की निकासी करके बैंक एकाउंट में रख दें | आदेश में इस बात की भी जानकारी दे दी गई है कि ट्रेनिंग स्थल ए.एन.सिन्हा शोध संस्थान प्रस्तावित है जहाँ पुलिस इंस्पेक्टर रैंक तक के सभी पदाधिकारियों को जमीन से जुड़े तमाम कानूनों की विस्तार से जानकारी दी जाएगी | यहाँ तक की जमीन रिफॉर्म से जुड़े कानूनों की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी |
दीपावली पर फोड़े गए पटाखों और पंजाब-हरियाणा में लगातार जलाई जा रही पराली के कारण राजधानी दिल्ली और इससे सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद जैसे दर्जन भर शहरों में वायु गुणवत्ता स्तर (Air Quality Index) 800 से 1000 के आसपास बना हुआ है।
गौरतलब है कि वायु गुणवत्ता मापने के लिए शहर में लगाई गई मशीनें 500 तक AQI माप सकती हैं, जबकि रविवार सुबह दिल्ली और आसपास के शहरों में AQI 1200 के पार चले जाने के कारण मशीनें तक जवाब दे गईं। ऐसे में स्थिति भयावह हो चली है। आँखों में जलन और सांस संबंधी दिक्कतें आम हो गई हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इससे ज्यादा प्रभावित हैं। एहतियातन दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 5 नवंबर तक सारे स्कूल बंद कर दिए गए हैं। खराब मौसम और स्मॉग के कारण वायु सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
उधर केन्द्र सरकार लगातार प्रदूषण से बने हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तमाम कारकों मसलन निर्माण कार्यों, कूड़ा जलाने और पराली जलाने पर सख्ती की तैयारी की जा रही है। प्रदूषण से निपटने के लिए 300 टीमें लगातार काम कर रही हैं। राज्य सरकारों को प्रदूषण में कमी लाने के लिए सारे संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकारी स्तर पर जो भी प्रयास हो रहे हैं, वे अपनी जगह हैं; जरूरत इस बात की है कि इस विकट स्थिति के लिए हम सबको आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी होगी और कुछ संकल्प लेने होंगे ताकि हम अपनी प्रकृति और परिवेश की रक्षा कर सकें। बिहार सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किया गया जल-जीवन-हरियाली अभियान वास्तव में इन्हीं भयावह स्थितियों से निपटने और हमारी भावी संततियों को सुरक्षित रखने की कोशिश है। देखा जाए तो ऐसे अभियान की जरूरत पूरे देश में है।
शुचिता, स्वच्छता और समर्पण का महापर्व है छठ। घर-घर में महिलाएं अपने परिवार व बच्चों की कुशलता की कामना लेकर पूरी निष्ठा से करती हैं इस व्रत को। कुछ घरों में तो पुरुष भी रखते हैं यह व्रत। गौर करने की बात है कि छठ ही एकमात्र पर्व है जिसमें बिना किसी कर्मकांड या पंडितों की सहायता के ही श्रद्धालु व्रती चार दिनों तक चलने वाला व्रत करते हैं।
लोकआस्था का यह महापर्व छठ सामाजिक एकता का अद्वितीय प्रतीक है। तभी तो बिहार के कटिहार, नालंदा आदि जिलों के कुछ मुस्लिम परिवार भी वर्षों से इस व्रत को करते आ रहे हैं। भला क्यों नहीं, सूर्यदेव सबसे जुड़े जो हैं और साथ ही जोड़ते भी हैं सबको। बिना किसी भेद-भाव के विभिन्न घाटों पर सभी एक साथ मिलकर सूर्य देव को प्रणाम करते हैं। सभी जानते और मानते हैं कि सूर्य से ही जीवन है और सूर्य से ही प्रकृति और पर्यावरण का अस्तित्व संभव है। तभी तो इस महापर्व में डूबते सूर्य की भी पूजा समान श्रद्धा से होती है।
धार्मिक आस्था से जुड़े महापर्व छठ का आर्थिक पक्ष भी है। जी हाँ, हमें जानना चाहिए कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जीवित रखने में इस पर्व का बड़ा योगदान रहा है। यदि बाजार में इस पर्व में उपयोग में लाई जाने वाली चीजों पर नज़र डालें तो 90 से 95 प्रतिशत सामान गांवों के छोटे-छोटे किसानों के खेत से या फिर कास्तकारों के हाथों के हुनर से बनकर आते हैं। इस पर्व में इस्तेमाल होने वाली चीजों – हल्दी, अदरख, केला, अमरूद, अल्हुआ, सुथनी आदि – का करोड़ों का कारोबार हो जाता है। मधेपुरा की ही बात करें तो केवल इस जिले में ही हल्दी-अदरख का कारोबार तीन से चार करोड़ तक पहुँच जाता है। छठ पूजन की अन्य सामग्रियों को जोड़ दें तो जिले का कुल कारोबार 90 से 95 करोड़ तक पहुँच जाता है। कहने की जरूरत नहीं कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कितनी मजबूती मिलती है।
कुल मिलाकर कहना गलत न होगा कि समाज के हर वर्ग को एक समान लाभ और महत्व देने वाला यह पर्व समाजवाद की सच्ची परिभाषा प्रस्तुत करता है। इस तरह से सम्पूर्ण समाजवादी महापर्व है छठ।
जिला मुख्यालय के मध्य में अवस्थीत डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती का आयोजन 31 अक्टूबर को किया गया | सरदार पटेल की जयंती का आयोजन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के नेतृत्व में किया गया |
इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी सहित पार्क में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराने वाले डॉक्टर, अधिवक्ता, बैंक कर्मी एवं अन्य बुद्धिजीवियों ने सरदार पटेल को उनके साहसिक कार्यों के लिए याद किया | मौके पर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की चर्चा करते हुए डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि भारतीय एकता व अखंडता का पर्याय बन गए हैं- सरदार बल्लभ भाई पटेल जिन्हें दुनिया लौह पुरुष के नाम से ससम्मान पुकारती है |
डॉ.मधेपुरी ने खेद प्रकट करते हुए अंत में यही कहा कि भारत को एक करने वाले सरदार तथा स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री बल्लभ भाई पटेल की मृत्यु के बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने में 40 वर्ष लगा दिए थे | जिनके साहसिक कार्यों से प्रसन्न होकर महात्मा गांधी ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि से नवाजा था |
इसीलिए उनके जन्म दिन को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा है तथा पूरे देश को एकजुट करने के लिए ‘रन फॉर यूनिटी’ का भी आयोजन किया गया है | इस आयोजन में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.बी.एन.भारती उनकी नन्ही पुत्री, डॉ.अर्जुन, मो.महताब, मो.राशिद, मो.इम्तियाज, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, निर्मल कुमार तिवारी एवं मो.मिस्टर की पूरी टीम समेत बच्चे , बुजुर्ग एवं युवाओं ने विशेष रूप से शामिल होकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली तथा ‘रन फॉर यूनिटी’ में भी सम्मिलित हुए |