पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

‘ओपन विंग फाउंडेशन’ द्वारा कार्यक्रम आयोजित

प्रखंड मधेपुरा के ‘सुखासन’ ग्राम पंचायत अंतर्गत वार्ड न.-9 (मुरलीधाम) में ‘ओपन विंग फाउंडेशन’ की ओर से “नशामुक्ति: सुनहरे भविष्य की आधारशिला” विषय पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें सुखासन-चकला के ग्रामीणों और मधेपुरा के बुद्धिजीवियों ने अधिकाधिक संख्या में भाग लिया |

पावस के सुहावने फुहारों के बीच सर्वप्रथम फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव एवं संचालक डेंटल सर्जन डॉ.नीरव निशांत द्वारा-उद्घाटनकर्ता जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, अध्यक्षता कर रहे डॉ.मधेपुरी, शिक्षाविद् ज्योतिषाचार्य ब्रजमोहन सिंह उर्फ़ लालबाबा, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार मंडल, डी.एस.पी.  मुख्यालय योगेंद्र नारायण सिंह, स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल आदि अतिथियों का फूल मालाओं आदि के साथ स्वागत किया गया | लगे हाथ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा अतिथियों व उपस्थित जनों द्वारा ‘डॉ.मुरलीधर’ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा शिक्षक रामनारायण यादव द्वारा उनके जीवन वृत्त का वाचन किया गया |

उद्घाटनकर्ता जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने अपने उद्घाटन भाषण में नशा मुक्ति, मेधावी छात्रों को मुरलीधर मेमोरियल अवार्ड तथा उनके नाम द्वार की स्थापना आदि की चर्चा करते हुए यही कहा कि प्रगतिशील गांव की यही निशानी है |

शिक्षाविद् ब्रज मोहन सिंह एवं कई संगठनों की अध्यक्षा रही डॉ.शांति यादव ने ग्रामीण परिवेश के प्रतिभा संपन्न छात्र-छात्राओं के लिए ओपन विंग फाउंडेशन की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की | समाजसेवी डॉ.अरुण कुमार मंडल, डी.एस.पी. योगेंद्र नारायण सिंह एवं मंच संचालक जय कृष्ण यादव एवं शिक्षक रघुनाथ प्रसाद यादव, रामानंद यादव आदि ने अपना उद्गार व्यक्त करते हुए आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की |

दूसरे सत्र में जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री मंडल, लालबाबा, डी.एस.पी. मुख्यालय,  डॉ.शांति यादव एवं डॉ.मधेपुरी द्वारा पांच सर्वाधिक अंकप्राप्त छात्र-छात्राओं को मोमेंटो-मानपत्र के साथ 1000रु. की राशि, डॉ.नीरव निशांत के सौजन्य से, दी गई | इसी बीच जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी द्वारा “डॉ.मुरलीधर यादव” गेट का शिलान्यास किया गया |

Intermediate District Topper- 2106 Ms.Mayuree receiving Prize & Honour from Physics Stalwart Dr.Bhupendra Madhepuri.
Intermediate District Topper- 2016 Ms.Mayuree receiving Prize & Honour from Physics Stalwart Dr.Bhupendra Madhepuri.

अंत में अपने अध्यक्षीय भाषण में साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि गांव ही तो असली हिंदुस्तान है-जहाँ टूटे-फूटे कुल कच्चे घर होते हैं | खेतों में हल चलते हैं…..| वहां के बच्चे खूब पढे, आगे बढे और पुरस्कृत होनेवाली छात्रा “मयूरी” बने- यही कामनाएं और शुभकामनाएं उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को दी और संदेशस्वरूप यही कहा-

“परिंदों को नहीं दी जाती, तालीम उड़ानों की |
वो खुद ही तय करते हैं, मंजिले आसमानों की….||”

मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक उमाशंकर, मकेश्वर प्रसाद, अरविंद कुमार-रामचंद्र प्रसाद, सत्यनारायण यादव तथा ग्रामीण जनार्दन यादव, जगदीश यादव, मुस्तकीम, मोहन ऋषिदेव आदि अन्त तक अपनी गरिमामयी उपस्थिति बनाये रखे | अंत में पंचायत के मुखिया जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया |

सम्बंधित खबरें


भू.ना. मंडल वि.वि. का दीक्षांत समारोह पहली बार हुआ संपन्न

भू.ना. मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना के लगभग 25 वर्ष के दरमियान पहली बार आयोजित दीक्षांत समारोह भले ही समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र बाबू की पुण्य तिथि 29 मई के एक महीने बाद 29 जून (बुधवार) को संपन्न हुआ  जिसमें शिरकत करने पहुंचे- बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद और प्रदेश के प्रखर एवं प्रगतिशील सोच व संकल्पवाले शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी | भिन्न-भिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपतियों, कुलपतियों और मान्यजनों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी यादगार बना दिया- जो विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में सदैव अंकित रहेगा |

बता दें कि जिले के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल व अनुभवी एसपी विकास कुमार की चुस्त-दुरुस्त टीम की फुल-प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था एवं विश्वविद्यालय द्वारा रेड कार्पेट व फूलों की सजावट के बीच महामहिम कुलाधिपति को सूफी संत दौराम शाह की पुण्य भूमि पर सर्वप्रथम “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया गया |

विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश के साथ ही सर्वप्रथम कुलाधिपति, शिक्षा मंत्री सहित गणमान्यों द्वारा भूपेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया | आगे कुलाधिपति की शोभायात्रा में बेदपाठी बालक-बालिकाओं द्वारा पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया गया |

छात्र-छात्राओं के रंग-बिरंगे गाउन एवं उनके चेहरे पर विद्यमान उत्साह और उमंग के भाव भरे मनोरम नजारे पेश कर रहे ऑडिटोरियम में महामहिम कुलाधिपति एवं शिक्षा मंत्री सहित कुलपति डॉ.विनोद कुमार-प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा एवं कुलाधिपति के मुख्य सचिव बाला प्रसाद व अन्य अतिथियों का स्वागत बुके एवं मोमेंटो देकर किए जाने से पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत प्रो.रीता कुमारी ने रमेश झा की छात्राओं के साथ ‘राष्ट्रगान’ से की |

फिर मिनट-टू-मिनट कार्यक्रमानुसार पंचदीप प्रज्वलित होते ही विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति की गयी | कुलाधिपति का स्वागत करते हुए कुलपति ने कहा कि महामहिम के आने से विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में नवजीवन संचरित होने लगा है |

महामहिम कुलाधिपति ने कहा कि बिहार में शिक्षा की गौरवशाली परंपरा रही है | उन्होंने आर्यभट्ट, आइंस्टीन, डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के अस्तित्व के 800 वर्षों में एक भी ऐसी घटना नहीं हुई कि किसी छात्र को नैतिक अपराध के लिए दंडित किया गया हो | नैतिक शिक्षा व कौशल विकास को विश्वविद्यालय कोर्स में शामिल करने पर बल दिया गया | उन्होंने गुरु-शिष्य की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने के लिए प्रेरित किया तथा छात्र को विश्वविद्यालय, समाज एवं राष्ट्र की संपदा कहा |

Education Minister Dr.Ashok Choudhary paying tribute to the statue of Great Samajwadi Bhupendra Narayan Mandal at B.N.Mandal University Campus Madhepura .
Education Minister Dr.Ashok Choudhary paying tribute to the statue of Great Samajwadi  Chintak Bhupendra Narayan Mandal at B.N.Mandal University Campus Madhepura .

वहीँ समारोह को संबोधित  करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार की शिक्षा सदा से गौरवशाली रही है लेकिन कुछ शिक्षा माफिया इसे कलंकित करने में लगे हैं जिसे ऑपरेशन क्लीन के तहत सुधार कर लिया जाएगा | इस ओर पूरा तंत्र लगा हुआ है, सुधार हो भी रहा है |

यह भी बता दें कि इस बार 240 छात्रों को डिग्रियां मिली जिनके 19 टॉपर्स ही सौभाग्यशाली निकले जिन्हें महामहिम के हाथों डिग्रियाँ प्राप्त हुई | कार्यक्रम में सीनेट-सिंडीकेट के सदस्य एम.एल.सी.  डॉ.संजीव कुमार सिंह, विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव आदि अंत तक मौजूद रहे | समारोह की सफलता में सबों का सहयोग रहा परंतु डॉ.शैलेंद्र कुमार, डॉ.बी.एन.विवेका, शम्भू ना. यादव, राजीव कुमार आदि की चर्चा आम रही |

सम्बंधित खबरें


कठिन संघर्ष के बाद मंजू देवी बनी जिला परिषद अध्यक्ष

राजनीति व जनसेवा के क्षेत्र में मधेपुरा की धरती काफी उर्वरा है | आजादी के तुरंत बाद एक दम्पति- जे.बी.कृपलानी व उनकी धर्मपत्नी सुचेता कृपलानी- इसी मधेपुरा एवं अन्य क्षेत्र से एम.पी. बने थे तो हाल में दूसरा- दंपत्ति राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व उनकी धर्मपत्नी रंजीता रंजन वर्तमान में दोनों एम.पी. हैं | और आज की तारीख में एक तीसरा दंपत्ति- पति प्रकाश नारायण यादव, मार्केटिंग ऑफिसर के पद से सेवानिवृत होकर जहां बिहारीगंज पूर्वी से मधेपुरा जिला परिषद सदस्य बने वहीं उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी नये क्षेत्र कुमारखंड दक्षिणी से प्रचंड विरोध के बावजूद केवल जिला परिषद सदस्य ही नहीं बल्कि उनके माथे दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष का ताज भी सजा |

अध्यक्ष पति प्रकाश नारायण ने मधेपुरा अबतक को बताया कि यह जीत चार विधानसभा वाले मधेपुरा जिले की समस्त जनता की जीत है | यह भी जानिये कि इस दंपत्ति का पूरा परिवार पंचायत से लेकर नगर निकाय के विभिन्न पदों पर अभी भी काबिज है | यह भी बता दें कि जहां जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी के छोटे बेटे श्वेत कमल उर्फ बौआजी जिला योजना समिति के सदस्य के साथ-साथ मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड पार्षद भी हैं, वहीँ बड़ी पुत्रबधू सर्जना सिद्धि वहीं के मुख्य पार्षद हैं | और यह भी कि कभी राजद के जिला अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ कद्दावर नेता जगदीश प्र.यादव वर्तमान में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं- जो जिला परिषद् अध्यक्ष मंजू देवी के श्वसुर हैं |

यह भी बता दें कि सारे समीकरणों, विरोधों एवं रुकावटों को धता बताते हुए मंजू देवी ने इस जिला परिषद चुनाव में कड़े मुकाबले के बावजूद 12 मत बटोर कर मात्र एक वोट से जीत दर्ज कर ही ली और दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष बन ही गई, जबकि संपन्न चुनाव में पूर्व के तीन जिला परिषद अध्यक्षा नीतू सिंह, मिलन देवी एवं सुनीला देवी बुरी तरह चुनाव हार गई हैं |

मधेपुरा जिला मुख्यालय के समाहरणालय सभा कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल एवं एस.पी.विकास कुमार के चाक-चौबंद पुलिसिया सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए रोचक चुनावों में मंजू देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डिंपल देवी को 1 वोट से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की तथा दोबारा इतिहास रचने में कामयाब हुई | बतादें कि जहां मंजू को 12 मत प्राप्त हुए वहीं डिंपल देवी 11 मत प्राप्त कर हार को गले लगा ली |

मधेपुरा के डी.एम. मो.सोहैल ने मंजू देवी को जहां जिला परिषद के 23 सदस्यों के बीच का प्रमाण-पत्र हस्तगत कराया वहीं जिला परिषद उपाध्यक्ष के रूप में विजयी रघुनंदन दास (अधिवक्ता) को जीत का सेहरा बांध दिया | यह जान लें कि रघुनंदन दास जहां सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए 15 मत प्राप्त किये वहीं प्रतिद्वंदी अभिलाषा कुमारी को मात्र 8 मत मिले | रिजल्ट के बाद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने पदभार ग्रहण कर विकास को जारी रखने का संकल्प लिया |

Dr.Madhepuri presenting Bouquet to Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and thanks to Prakash Narayan, Member Zila Parishad for grand victory.
Dr.Madhepuri presenting Bouquet to Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and thanks to Prakash Narayan, Member Zila Parishad for grand victory.

यह भी बता दें कि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने एक वर्ष पूर्व नगर परिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू की उपस्थिति में “शहीद चुल्हाय मार्ग” का उद्घाटन जिस जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी से कराया था, पुनः उन्हीं की जीत पर बधाई देने पहुंचे डॉ.मधेपुरी ने शहर के विकास के साथ-साथ “कुदरतुल्लाह मार्ग” के उद्घाटन की भी चर्चा की | डॉ.मधेपुरी ने जिला परिषद अध्यक्ष पति प्रकाश नारायण को भी जीत की बधाई दी |

सम्बंधित खबरें


एस.पी.विकास कुमार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नशाविमुक्तिकरण दिवस आयोजित

एस.पी.विकास कुमार के सौजन्य से मधेपुरा कॉलेज के सभागार में रविवार को “पहली बार में ही युवा नशा को कहे ना” पर संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें पुलिस पदाधिकारियों के अतिरिक्त छात्रों, शिक्षकों एवं शहर के बुद्धिजीवियों की अच्छी खासी उपस्थिति रही |

कार्यक्रम का श्रीगणेश उद्घाटनकर्ता एस.पी.विकास कुमार, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, मो.शौकत अली, निदेशक किशोर कुमार, ए.एस.पी.राजेश कुमार व डॉ.आलोक कुमार प्राचार्य ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया | कबल इसके डी.एस.पी.योगेंद्र प्रसाद व अन्य पुलिस पदाधिकारीगण बुके देकर अतिथियों का स्वागत किया | कार्यक्रम की अध्यक्षता ए.एस.पी.राजेश कुमार ने की |

समारोह को संबोधित करते हुए उद्घाटनकर्ता अनुभवी एवं जानदार एस.पी.विकास कुमार ने कहा कि सबों के सहयोग से ही पूर्ण नशाविमुक्त समाज संभव है | पुलिस को तो हर हाल में कानून का पालन करना ही है | उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें नशे की लत से दूर होने की अपील की तथा नेक इंसान बनकर देश को आगे बढ़ाने में बहुमूल्य योगदान देते रहने की सीख दी |

आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हुई रचना-धर्मी पूर्व प्राचार्या डॉ.शांति यादव ने विस्तार से स्वर्ग की अवधारणा के साथ सुरा और सुंदरी की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे समाज को नशाविमुक्त करना सर्वाधिक कठिन कार्य है | उन्होंने इस दिशा में सरकार और प्रशासन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना भी की |

प्राचार्य द्वय डॉ.अशोक कुमार एवं डॉ.आलोक कुमार ने कहा कि बिहार नशाविमुक्ति को लेकर देश को दिशा देने का काम करेगा तथा नशा को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज को कृत संकल्पित होना पड़ेगा |

समाजसेवी मो.शौकत अली, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार एवं मुख्यालय डी.एस.पी.योगेंद्र प्रसाद आदि ने इस बाबत उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि कुर्बानियों के बाद आजादी मिली है | बच्चे ही देश का भविष्य हैं | वे ही नशा मुक्त हो जाए तो पूरी पीढ़ी संभल जाएगी |

प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए सुलझे सोच के नेक इंसान एवं विद्यावान ब्यूरोचीफ रुपेश कुमार (प्रभात खबर) ने युवाओं को उदाहरण के साथ नशाविमुक्ति के बाबत ढेर सारी बातों को स्पष्ट करते हुए- आदत एवं लत में बारीक अंतर बताकर यही कहा कि युवाओं को राष्ट्रहित में दृढ़ संकल्पित होकर सदा के लिए नशे को ना कहना होगा |

Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech on "Antar-Rashtriya Nashavimuktikarn Diwas" at Madhepura College Hall , Madhepura.
Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech on “Antar-Rashtriya Nashavimuktikaran Diwas” at Madhepura College Hall , Madhepura.

वहीं साहित्यकार समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से महात्मा गांधी, अब्राहम लिंकन एवं भारत रत्न डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए युवाओं से यही कहा कि नशा व्यक्ति की रचनात्मकता एवं संवेदनशीलता को तेजी से समाप्त करने लगती है | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि युवा अपने अंदर काम करने की नशा को कायम रखे, ना कि नशे की गिरफ्त में आकर पतन की खाई की ओर कदम बढ़ाते चले …… |

कार्यक्रम का सफल संचालन हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन गौतम कुमार ने | मौके पर सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार, जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, मेजर मो.अली, मनोज भटनागर, डॉ. मो.मुस्ताक अहमद, सुभाष चंद्रा, संदीप शांडिल्य, राहुल यादव, भगवान झा सहित अन्य माननीय अंत तक मौजूद रहे |

सम्बंधित खबरें


डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में खेल प्रतियोगिताएं

बालक-बालिकाओं के जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं का आगाज 13 जुलाई से मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल की अध्यक्षता में होने जा रहा है | बालक-बालिकाओं की ये प्रतियोगिताएं दो चरणों में 30 सितंबर तक चलेगी |

यह जानें कि प्रथम चरण में 13 जुलाई से लगातार 16 जुलाई तक एथेलेटिक्स, टेबुल टेनिस, कबड्डी, खो-खो,  वॉलीबॉल, शतरंज, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे आदि होगा और द्वितीय चरण में 28 और 30 सितंबर को क्रमशः बीनू माकंड क्रिकेट एवं सीके नायडू क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी |

यह भी बता दें कि बालक-बालिकाओं के खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर पिछले दिनों जिला पदाधिकारी मो.सोहैल की अध्यक्षता में पुलिस कप्तान विकास कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला सहित प्रायः खेल प्रेमी, +2 के प्राचार्य व फिजिकल टीचर्स, सभी खेल संघ के अध्यक्ष-सचिव एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है | ऐसे खेल आयोजनों में खेल को समर्पित संत कुमार, अरुण कुमार और स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव आदि की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहती ही है |

तत्काल यह जान लें कि बालिकाओं के लिए 15 जुलाई को एथेलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो एवं बैडमिंटन निर्धारित है तथा 16 जुलाई को टेबुल टेनिस | बालकों के लिए एथेलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, शतरंज, फुटबॉल और क्रिकेट क्रमशः13-15 जुलाई एवं 28 व 30 सितंबर निर्धारित है |

खेल के लिए निर्धारित किये गये स्थान भी जान लें- बी.एन.मंडल स्टेडियम, एस.एन.पी.एम विद्यालय, बी.पी. मंडल नगर भवन, टी.पी.कॉलेज एवं संत अवध बिहारी इंटर कॉलेज | कौन खेल कहां और कब से आरंभ होगा इसकी विस्तृत जानकारी तथा खिलाड़ी कहाँ ठहरेंगे- ये सब अपने-अपने स्कूल के खेल-प्रभारी से खिलाड़ी जान लेंगे |

सम्बंधित खबरें


कुलपति डॉ.विनोद कुमार के कार्यकाल में दीक्षांत समारोह का प्रथम आयोजन

भू.ना.मंडल वि.वि. मधेपुरा के 25 वें वर्ष के दरमियान विद्वान व प्रगतिशील कुलपति डॉ.विनोद कुमार के कार्यकाल में पहली बार विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन 29 जून 2016 को होने जा रहा है |

दीक्षांत समारोह क्या होता है उसे यूँ समझा जा सकता है- शिक्षा ग्रहण करने वाले समस्त शिक्षार्थी अपने अध्यवसाय, कठिन परिश्रम एवं प्रतिबद्धता के बल पर सफलता प्राप्त कर खास आनंद व खुशियाली महसूसते हुए एक विशेष दिन यानि दीक्षांत समारोह के दिन शीर्षस्थ विद्या उपासक व विद्वान के हाथों डिग्री प्राप्त करते हुए इस रूप में दीक्षा ग्रहण करेंगे-

“आप सभी डिग्रीधारी अब एक सक्रिय एवं कुशल कार्यबल के हिस्से के रूप में विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रवेश करेंगे और राष्ट्र की तरक्की के लिए तकनीकी संसाधनों में योगदान करते रहेंगे…..!”

विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रथम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे माननीय कुलाधिपति सह महामहिम राज्यपाल, बिहार श्रीमन रामनाथ कोविंद तथा इस उत्कृष्ट अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी | प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों माननीयों के आगमन से संबंधित सहमति-पत्र विश्वविद्यालय कार्यालय को प्राप्त हो चुका है जिसकी जानकारी कुलसचिव ने मधेपुरा अबतक को दी |

बता दें कि प्रथम दीक्षांत समारोह की भव्यता को ऊंचाई देने के लिए माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार, प्रति कुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा एवं कुलसचिव कुमारेश प्रसाद सिंह की देख-रेख में कई समितियां तन्मयतापूर्वक काम कर रही हैं | प्रतिदिन समितियों की बैठक में कार्यक्रम में चार चांद लगाने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षायें की जाती हैं | विश्वविद्यालय स्थित अतिथि गृह को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है | खासकर महामहिम कुलाधिपति एवं माननीय शिक्षा मंत्री के लिए कमरा नं. 1 एवं 2 को विशेष रूप से संवारा जा रहा है |

यह भी जानना जरूरी है कि दीक्षांत समारोह स्थल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम को बनाया गया है जिसमें 29 जून को सुबह 10:30 बजे प्रवेश के लिए आमंत्रण पत्र एवं कोई-न-कोई परिचय व पहचान-पत्र साथ में लाना अनिवार्य होगा | ऑडिटोरियम के अंदर बैग, ब्रीफकेस, कैमरा, मोबाइल फोन अथवा किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान व बच्चों को साथ लाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है |

माननीय कुलपति व शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा महामहिम कुलाधिपति के लिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं | मुख्य रूप से महामहिम को हेलिपैड के पास गार्ड ऑफ ऑनर देकर विश्वविद्यालय परिसर ले आया जाएगा | दीक्षांत समारोह की समाप्ति के बाद महामहिम जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल एवं जाँवाज एस.पी. विकास कुमार की टीम की देख-रेख में जिला अतिथि गृह में कुछ देर विश्राम करेंगे- इच्छानुकूल अल्पाहार के बाद राजभवन के लिए प्रस्थान करेंगे |

सम्बंधित खबरें


10 साल इंतजार के बाद मिली रात में एक ट्रेन

जहां कोसी के लोगों को रात में एक ट्रेन के लिए 10 साल इंतजार करना पड़ा वही संपूर्ण भारत के ट्रेन ड्राइवरों को शौचालय के लिए 160 वर्षों तक | भारत में रेल गाड़ियों के ड्राइवरों को ‘लोकोपायलट’ तो कहा जाता है परंतु उस पायलट को आज तक ट्रेन में शौचालय की बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हो पाई |

सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के प्रयास से कोसी के लोगों को रात में एक ट्रेन क्या मिली, हरिहर नाथ एक्सप्रेस के बंद होने के बाद फिर से सुबह में हाजीपुर-पाटलिपुत्र पहुंचने का सपना पूरा हुआ |

लेकिन, उन हजारों-हजार ट्रेन-ड्राइवरों के ‘नेचुरल कॉल’ की परेशानियों को दूर करने के बाबत किसी सांसद ने क्यों नहीं प्रयास किया ? यह भी बता दूँ  कि उन्हें 8 घंटे की शिफ्ट में मात्र 10 मिनट का ब्रेक मिलता है, और ऐसा भी नहीं है कि ड्राइवर कहीं भी गाड़ी रोक कर ‘नेचुरल कॉल’ के लिए खड़े हो जाएं जैसा डेढ़ सौ वर्ष पूर्व वे ट्रेन-यात्रियों के लिए तब के नियमानुसार ट्रेन रोका करते थे | अब जाकर उन ड्राइवरों के सपने भी पूरे होंगे क्योंकि प्रत्येक इंजन में हवाई जहाज जैसे 18-20 लाख की लागत से शौचालय बनाने की सहमति केंद्र सरकार द्वारा दे दी गई है |

यह भी जानें कि जहां इस चिरप्रतीक्षित रात्रि एक्सप्रेस ट्रेन , जो सहरसा से रात्रि 11:35 में खुलकर हाजीपुर-पाटलिपुत्र होते हुए 6:15 में दानापुर पहुंचेगी और वापस दानापुर से सुबह 9:25 में चलकर अपराह्न 3:30 में सहरसा पहुंचेगी- का शुभारंभ एवं कोसी एक्सप्रेस व जानकी एक्सप्रेस के क्रमशः पूर्णिया कोर्ट व कटिहार तक का विस्तारीकरण रेल मंत्री सुरेश प्रभु रेल भवन नई दिल्ली से रिमोट दबाकर करेंगे, वहीँ सहरसा जंक्शन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे स्थानीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव एवं स्थानीय विधायक अरुण कुमार यादव |

यहां यह भी जान लेना जरुरी है कि सहरसा-पटना के बीच चलनेवाली कोसी एक्सप्रेस और सहरसा-जयनगर के बीच चलनेवाली जानकी एक्सप्रेस का समय व ठहराव वही रहेगा जो पहले से है |

याद कर लें कि ‘कोसी’ पटना से चलकर 10:30 बजे रात में सहरसा पहुंचेगी और 10:55 में खुलकर 11:13 बजे रात में मधेपुरा होते हुए देर रात 1:15 में पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी | पुनः वापस 2:30 बजे रात में खुल कर प्रातः 4:08 बजे मधेपुरा होते हुए 4:35 में सहरसा पहुंचकर- पूर्व के समयानुसार सुबह 5:00 बजे पटना के लिए चल देगी |

वहीं यह भी स्मरण कर लें कि जानकी सहरसा से दिन के 11:25 बजे खुलकर 11:43 बजे दिन में मधेपुरा होते हुए 2:15 बजे कटिहार पहुंचेगी | पुनः वापस 11:30 बजे रात में कटिहार से खुलकर सुबह 4:22 बजे में मधेपुरा होते हुए 5:05 बजे सहरसा पहुंचेगी |

ज्ञातव्य है कि 12 जून, 2005 को सहरसा बड़ी रेल लाइन से जुड़ा था और तब से पटना जाने वाली रात्रि ट्रेन का लोगों को इंतजार था | 11 वर्षों के इंतजार के बाद आखिर कोसी वासियों को पाटलिपुत्र एवं सीमांचल के लिए रात्रि-ट्रेन मिल ही गई |

सम्बंधित खबरें


शांति और समन्वय के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

यहां की धरती योग के लिए उर्वरा  मानी जाती है | यहां योग ऋषि स्वामी रामदेव जी भी आ चुके  हैं | आज मधेपुरा में दर्जनों संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है | स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में योग दिवस के अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर अपने संबोधन में कहा कि आज का यह दिन (21 जून) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रथम वर्ष गांठ का दिन है | योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है इसलिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष के सबसे लंबे दिन यानी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए चुना गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .

इस अवसर पर डॉ मधेपुरी ने स्कूली बच्चे-बच्चियों से कहा कि यूँ तो  योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जिसे पतंजलि के नाम से लोग जानते रहे हैं | परंतु, वर्तमान में इसे पंख लगाने वालों में एक नाम योगऋषि स्वामी रामदेव का आता है और अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज तक पहुंचाने वालों में पहला नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का- जिनकी पहल पर 11 दिसंबर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्तराष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से 21 जून को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” मनाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी थी |

Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar the students & teachers .
Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar to the students & teachers .

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने इस इंटर स्तरीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा योग कक्षा आरम्भ किए जाने से पूर्व कहा कि हमारा शरीर कंप्यूटर की तरह हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर से बना है |  आसन द्वारा हार्डवेयर का पोषण होता है और प्राणायाम से सॉफ्टवेयर का |

फिर 6:30 बजे से 8:30 बजे प्रात: तक प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा, जो बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ से प्रशिक्षित हैं, स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिरुचि रखने वाले अभिवावकों को सूक्ष्म व्यायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी सहित विभिन्न प्रकार के आसनों की जानकारी दी गई | इनके लाभ भी संक्षेप में उन्होंने सबों  के सामने रखा | उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि जीवन में यदि ऊंचाई पाना है तो योग को जीवन के दिनचर्या का हिस्सा बना डालो | अन्त: में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समापन की घोषणा की |

सम्बंधित खबरें


‘कबड्डी’ को जगह मिले ओलंपिक में

उत्तर भारत में प्रमुखता से खेले जाने वाले इस सामूहिक खेल ‘कबड्डी’ को दक्षिण भारत में ‘चेडू-गुडू’ कहकर खेला जाता है | वहीं पूर्वी भारत एवं बांग्लादेश में इसी खेल को ‘हा-दो-दो’ कहा जाता है तो पश्चमी भारत में ‘हु-तू-तू’ |

महाभारत काल में अभिमन्यु के द्वारा चक्रव्यूह को भेदने और निकलने वाले प्रसंग में सात-सात शूरमाओं की टुकड़ी की चर्चा प्रतीकात्मक रुप से इसी कबड्डी को दर्शाता है जो वर्तमान भारत में तेजी से प्रसिद्धि प्राप्त करता जा रहा है | उन दिनों गुरुकुलों में भी शिष्यों के शारीरिक व्यायाम के लिए ‘कबड्डी’ खेली जाती थी |

यह कि 1950 में भारतीय कबड्डी महासंघ की स्थापना की गई थी | 1952 में पुरुषों के लिए पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता मद्रास (चेन्नई) में आयोजित की गई जबकि महिलाओं के लिए कबड्डी खेल की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1955 में कलकत्ता (कोलकाता) में हुई थी |

यह भी जानें कि पहली एशियाई कबड्डी प्रतियोगिता 1980 में कलकत्ता में आयोजित की गई वहीं 1990 में बीजिंग में हुए एशियाई खेलों में प्रतियोगी खेल के रूप में कबड्डी को मान्यता दी गई |

बता दें कि रविवार को रासबिहारी विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में हिंदुस्तान दैनिक के ब्यूरोचीफ अमिताभ द्वारा आयोजित किए गए कबड्डी लीग समारोह का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति डॉ विनोद कुमार, समाजसेवी डॉ मधेपुरी, जांवाज एसपी विकास कुमार, सांसद प्रतिनिधि मोहन मंडल आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया |

इस अवसर पर कुलपति डॉ विनोद कुमार ने कहा कि कबड्डी को लोकप्रिय बनाने के लिए विगत तीन वर्षों से हिंदुस्तान के ब्यूरोचीफ अमिताभ की टीम के सहयोगियों- मनीष-संजय, बंटी-विभाकर सहित सुभाष-देवेंद्र आदि द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं | उन्होंने कहा कि कबड्डी को ओलंपिक में जगह नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है |

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि हिंदुस्तान परिवार एवं इसके मुखिया अमिताभ हमेशा नये-नये सामाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर शहर के ही नहीं बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को भी एक बड़ा मंच दे-देकर आगे बढ़ने का मौका देते रहे हैं | उन्होंने हिंदुस्तान द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सामाजिक कार्यों के माध्यम से नये-नये कीर्तिमान स्थापित करने के लिए अमिताभ की टीम की सराहना की तथा दर्शकों एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया |

जांवाज एसपी  विकास कुमार ने कबड्डी लीग के उद्घाटन पर खिलाड़ियों को खूब प्रोत्साहित किया | उन्होंने कहा कि खेल से मान-सम्मान, धन व शोहरत सबकुछ मिलता है | अच्छे खिलाड़ी अपना नाम तो रोशन करते ही हैं साथ ही देश को भी आगे बढ़ाने का काम करते हैं |

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि मोहन मंडल, कबड्डी को समर्पित सचिव अरुण कुमार, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, SBI  के एस.के.झा आदि ने अपना उद्गार व्यक्त किया तथा खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया | मौके पर समन्यवक अजय कुमार, डॉ.अरुण कुमार, स्काउट आयुक्त जय कृष्ण यादव, संदीप शांडिल्य, डॉ.रामकृष्ण तथा वीसी के सचिव शंभू नारायण यादव, राहुल यादव आदि प्रमुख रुप से मौजूद थे |

शोभिता संगीत महाविद्यालय एवं कला मंदिर के बाल कलाकारों ने बीच-बीच में अतिथियों एवं खिलाड़ियों का भरपूर मनोरंजन किया | अंत में धन्यवाद ज्ञापन हिंदुस्तान के संवाददाता प्रो.संजय परमार ने किया |

सम्बंधित खबरें


बेबस-लाचार मरीजों की जिन्दगी में भर रहे रंग

निर्धन एवं जरूरतमंद मरीजों, जिनके लिए कोई पैरवी करने वाला नहीं होता, की सेवा करना डॉ.बरुण कुमार एवं डॉ.रश्मि भारती अपना चिकित्सीय धर्म मानते हैं | पीड़ितों की सेवा को सर्वोपरि धर्म मानने वाले एवं चिकित्सीय कार्यो को जुनून व उत्साह के साथ करते रहने वाले इस दंपति का मुख्य लक्ष्य ही है कि वह पैसे की तंगी में रहने वाले गंभीर से गंभीर मरीजों को अपने क्लीनिक से वापस लौटने नहीं देते हैं | वैसे मरीजों की सेवा करने से इस दंपत्ति को संतुष्टि मिलती है | तभी तो 50 वर्ष की एक गरीब दलित महिला के पेट से इस दंपति ने 5 किलो का ट्यूमर निकालकर परिवार के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया |

Dr.Barun operating a female patient Smt.Jaso Devi having more than 5Kgs cancerous tumor along with Dr.Rashmi Bharti at Vrindavan Nursing Home Madhepura .
Dr.Barun operating a female patient Smt.Jaso Devi having more than 5Kgs cancerous tumor along with Dr.Rashmi Bharti at Vrindavan Nursing Home Madhepura .

डॉ.बरुण को गरीब मरीजों के ध्यान रखने का सबक दादी सुरती देवी ने दिया था जिसे वे आज तक अमल करते आ रहे हैं | डॉ. रश्मि भी वैसे गरीब मरीजों की सेवा में आगे रहती है और हर तरह से मदद कर अपने पिता-माता एवं दादा-दादी से पाए संस्कारों को ऊंचाई दे रही है | इन्हीं सेवा संस्कारों के कारण आज यह दैनिक जागरण का स्टार जोड़ी शहर की शान के रूप में वृंदावन नर्सिंग होम को लोकप्रिय बना रही है |

भूपेंद्र चौक के निकट पूर्वी बाईपास रोड पर वृंदावन नर्सिंग होम खोल कर मरीजों की सेवा में जुटे चिकित्सक दंपति का एक ही लक्ष्य है कि कोई गरीब रोगी पैसे के अभाव में बिना इलाज के वृंदावन से नहीं लौटे | यहां के गरीबों की सेवा उनकी पहली प्राथमिकता है |

Dr.Barun and Dr.Rashmi Bharti successfully operated many rare cases at Vrindavan Nursing Home Madhepura .
Dr.Barun and Dr.Rashmi Bharti successfully operated many rare cases at Vrindavan Nursing Home Madhepura .

पूछे जाने पर जनरल सर्जन डॉक्टर वरुण बताते हैं कि वे मूलतः मुंगेर जिले के वरियारपुर के निवासी हैं | इन्होंने पिता बी.प्रसाद माता लक्ष्मी देवी एवं बड़े भाई अरुण कुमार के सहयोग से रिम्स रांची से 2003 में एमबीबीएस की डिग्री ली और वहीं से एमएस की डिग्री लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कुछ दिनों तक काम किया | फिर झारखंड के झुमरीतिलैया में कार्यरत रहे | 2009 में आजाद नगर मधेपुरा निवासी समाजसेवी डॉ मधेपुरी की चिकित्सक पुत्री डॉ.रश्मि भारती के साथ पावन परिणय में बंधने के बाद से वे स्थाई रूप से वृंदावन नर्सिंग होम में मरीजों की सेवा में जुड़ गए | तब से ये दोनों सेवा भावना के साथ लोगों की चिकित्सा सेवा करते आ रहे हैं | डॉ.बरुण ने अपनी दादी की बात- “गरीबों की मदद करना” को गांठ बांध ली जो आज भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है |

डॉ.रश्मि भारती महिला चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में 3 वर्षों तक सदर अस्पताल मधेपुरा में और उससे पूर्व दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल एवं अपने पैतृक चिकित्सा महाविद्यालय एमजीएम में कुछ दिनों तक काम करने के बाद निजी क्लीनिक में पति के साथ का काम करने लगी | डॉ.रश्मि भारती ने बताया कि वह मधेपुरा की रहने वाली है उन्होंने कहा कि समाज सेवी साहित्यकार पिता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं माता रेनू चौधरी ने बेहतर तरीके से समाज सेवा करने की प्रेरणा दी |

चिकित्सकद्वय ने यह भी बताया कि समाजवादी मनीषी बाबू भूपेन्द्र नारायण मंडल के जन्मदिन पर निर्धन लोगों एवं गरीब मरीजों के बीच भीषण ठंड में कंबल वितरित कर एवं एक दिवसीय मुफ्त चिकित्सा शिविर आयोजित कर वर्षों से लाचारों की जिंदगी में रंग भर रहे हैं  |

सौजन्य:- दैनिक जागरण

सम्बंधित खबरें