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स्टेट कबड्डी कॉम्पीटिशन का 5वीं बार मौका मिला मधेपुरा को

महाभारत काल से खेले जा रहे कबड्डी के इस खेल को मधेपुरा में फिलहाल जीवित रखने में जुटे जिला कबड्डी संघ के जांवाज सचिव अरुण कुमार, अध्यक्ष जयकांत यादव एवं मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित समस्त खेल प्रेमियों के लिए यह गौरव की बात है कि मधेपुरा को 2005, 2006, 2007 एवं 2017 में भी राज्य स्तरीय जूनियर एवं सीनियर कबड्डी प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का मौका मिलता रहा | विगत के कुछ आयोजनों को शानदार तरीके से संपन्न कराने में निवर्तमान डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के अतुलनीय योगदान को खासकर मधेपुरा जिले के ग्रामीण इलाकों के कबड्डी से जुड़े बालिका एवं बालकों द्वारा सदैव याद रखा जायेगा जिन्हें इतने शानदार बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में सुंदर मैट पर शू पहनकर खेलने का अवसर उन्होंने ही मुहैया कराया |

Vice-Chancellor Dr.A.K.Rai , Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and others observing and encouraging the players at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.
Vice-Chancellor Dr.A.K.Rai , Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and others observing and encouraging the players at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.

बता दें कि तीन दिवसीय 18वीं बिहार राज्य सब जूनियर बालक-बालिका कबड्डी प्रतियोगिता में उपस्थित 50 टीमों का फाइनल मैच रविवार को खेला गया जिसमें खेल के अंत तक खिलाड़ियों को उत्साहित एवं प्रोत्साहित करने हेतु बी.एन.एम.यू. के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की उपस्थिति मुख्य रूप से देखी गई |

Girls Player from different districts watching the matches at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.
Girls Player from different districts watching the matches at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.

जानिए कि फाइनल मैच में बालक वर्ग से मुंगेर और बालिका वर्ग से पटना की टीम चैंपियन हुई तथा कांटे की टक्कर के बावजूद पटना का बालक वर्ग एवं बेगूसराय की बालिका टीम को पराजय का मुंह देखना पड़ा | कुलपति डॉ.राय एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने शील्ड एवं मेडल से दोनों टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया | खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा-

हार-जीत जीवन का अनिवार्य पहलू है | सच्चे दिल से कोशिश करने वालों की जीत अवश्य होती है | आजकल खेल करियर का विकल्प बनता जा रहा है जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण है | उन्होंने हार से प्रेरणा लेकर कड़ी मिहनत करने की सलाह दी तथा विजेता टीम को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की अपील भी की |

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कबड्डी खेल के  इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाभारत काल से ही यह खेल यहाँ खेला जा रहा है | वीर बालक अभिमन्यु को इसी तरह सात शूरमाओं ने चक्रव्यूह बनाकर घेरा था………| डॉ.मधेपुरी ने खेल को सामाजिक सौहार्द सहित देश की एकता एवं अखंडता के लिए आवश्यक बताया | प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव किशोर कुमार व चंद्रिका यादव सहित जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रोत्साहित किया |

चलते-चलते बता दें कि खेल के बेहतरीन संचालन हेतु बिहार के विभिन्न जिलों से लगभग 30 तकनीकी पदाधिकारी एवं कार्यालय पदाधिकारीगणों को मंगाया गया था | माया विद्या निकेतन एवं के.बी.वुमेन्स कॉलेज में अलग-अलग बालक-बालिका खिलाड़ियों एवं तकनीकी पदाधिकारियों को आवासीय सुविधाएं दी गई थी | सबों ने मधेपुरा में कबड्डी खेल के बेहतर माहौल की प्रशंसा की और माननीय जिलापदाधिकारी नवदीप शुक्ला सहित डीडीसी मुकेश कुमार, एसडीएम वृंदालाल, खेलपदाधिकारी रजनीश कुमार एवं आयोजकों को बेहतर व्यवस्था के लिए साधुवाद दिया |

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राज्य के 800 कबड्डी खिलाड़ियों से गुलजार हुआ मधेपुरा !

बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सब जूनियर कबड्डी (अंडर-18) प्रतियोगिता-2018 का तीन दिवसीय (29-30 जून एवं 1 जुलाई) भव्य आयोजन किया गया है | यह भी जानिए कि मधेपुरा वार्ड न.-1 के डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल इस कबड्डी प्रतियोगिता का मुख्य प्रायोजक है तथा संचालक जिला कबड्डी संघ एवं सचिव अरुण कुमार |

बता दें कि इस प्रतियोगिता का उद्घाटन किया लोकप्रिय युवा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने | उद्घाटन भाषण में सांसद ने कहा कि ग्रामीण इलाके का यह खेल कबड्डी महाभारत काल से ही खेला जाता रहा है | कबड्डी जल्द ही ओलंपिक में शामिल किया जायेगा |

यह भी बता दें कि बालक वर्ग से राज्य के 30 जिले और बालिका वर्ग से 25 जिले के रंग-बिरंगे जर्सियों में सजे-धजे खिलाड़ीगण पहुंच चुके हैं मधेपुरा | खिलाड़ीगण उद्घाटन मैच के समय बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में चार सेट के मैटों पर सज-धज कर मौजूद दिखते रहे |

जानिए कि जहाँ बालक वर्ग में मधेपुरा और शिवहर के बीच उद्घाटन मैच खेला गया वहीं बालिका वर्ग में मधेपुरा और वैशाली के बीच मुकाबला हुआ | दोनों वर्गों में मधेपुरा ने जीत का परचम लहराया और दिन भर जहाँ एक ओर भोजपुर-भागलपुर, पूर्णिया-दरभंगा, वैशाली-खगड़िया, लक्खीसराय-सारण…….. आदि जीत के लिए संघर्ष करते रहे वहीं पटना-बाँका, बेगूसराय-रोहतास, बक्सर-सीतामढ़ी, कैमूर-गया, भोजपुर-नालंदा, लक्खीसराय-भागलपुर, कटिहार-दरभंगा, रोहतास-मुजफ्फरपुर आदि की टीमें जीत के लिए पसीना बहाती रही |

जहाँ खेल के दरमियान रेफरी के रूप में सीटी बजाते रहे- आनंद शंकर तिवारी, जय शंकर चौधरी, पंकज कुमार सिंह, राजेश कुमार, शंभू कुमार……… आदि वहीं रेफरी बोर्ड के चेयरमैन की जवाबदेही निभाते रहे मुंगेर के कन्हैया तांती |

मधेपुरा जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने जहाँ यह जानकारी दी कि 30 जून की सुबह लीग मैच होगा और शाम में क्वार्टर फाइनल मैच खेला जायेगा | जुलाई की पहली तारीख को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला के साथ……. पुरस्कार एवं प्रमाण पत्रों का वितरण करते हुए शानदार समापन समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे सदर एसडीएम वृंदालाल, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, जिला खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार एवं कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव एवं अन्य खेल प्रेमीगण |

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‘पहले तोलो, फिर बोलो’ मंत्र ने ब्रम्हाकुमारी जगदम्बा को सर्वश्रेष्ठ बनाया !

प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय की मधेपुरा शाखा में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की 53वीं पुण्यतिथि समारोह श्रद्धापूर्वक मनाया गया जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों की ब्रम्हाकुमारियों की उपस्थिति देखी गईं | कार्यक्रम की अध्यक्षता जहाँ संचालिका राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी रंजू दीदी ने की वहीं उद्घाटनकर्ता रहे समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय |

बता दें कि उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी सहित उपस्थित गणमान्यों द्वारा सर्वप्रथम जगदंबा सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई और तत्क्षण दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया | मुख्यवक्ता के रूप में उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने उद्गार प्रकट करते हुए यही कहा-

प्रेम, पवित्रता व निर्भयता की मूरत तथा सादगी, शालीनता व स्वच्छता की प्रतिमूरत मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को श्रेष्ठता की ऊंचाइयों तक ले जानेवाला बस यही एक मंत्र रहा है- “पहले तोलो, फिर बोलो” | इसी मंत्र को समाज में प्रतिष्ठापित करने हेतु आज विश्व के 143 देशों में स्थापित प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय की शाखाओं में मातेश्वरी जगदंबा की 53वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में सिविल सर्जन डॉ.पाण्डेय एवं विशिष्ट जन के रुप में पूर्व उप प्रमुख विनयवर्धन उर्फ खोखा यादव ने उद्गार व्यक्त करते हुए माँ जगदंबा सरस्वती को सभी श्रद्धालु ब्रह्मा वत्सों की ओर से कोटि-कोटि नमन अर्पित किया तथा उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प भी लिया |

अंत में ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय मधेपुरा शाखा की संचालिका राजयोगिनी रंजू दीदी ने भावुक होकर विस्तार से अपने अध्यक्षीय भाषण में उद्गार प्रकट किया | अंदर-बाहर से पवित्र परंतु बिजी रहनेवाली मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की पुण्यतिथि पर ब्रह्मा बाबा को स्मरण करते हुए रंजू दीदी ने यही कहा-

मम्मा सरस्वती को सर्वाधिक सम्मान देने वाले बाबा ने हमें यही सिखाया है कि हमारे सकारात्मक सोच वाले वाइब्रेशन से ही सारे विश्व में एक-न-एक दिन परिवर्तन आयेगा | अम्मा के लिए रंजू दीदी ने यह भी कहा कि फरिश्ते जैसी चाल वाली तथा सबों को सदा उत्साह-उमंग के पंख प्रदान करने वाली मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती में रूहानी आकर्षण भरी पड़ी थी | सादगी और पवित्रता का आकर्षण…….! अंत में पवित्र प्रसाद वितरण के साथ समापन की घोषणा की गई |

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शोधकर्ता श्री सुभाशीष को कोसी नदी में मिला 120 डॉल्फिन !

कल तक सोंस के रूप में प्रचलित कोसी के इलाके का यह जलीय जीव स्वतंत्र शोधकर्ता श्री सुभाशीष डे को कोसी नदी में 120 डॉल्फिन का मिल जाना कोई आम बात नहीं; बल्कि एक खास बात मानी जा रही है | इलाके के लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया है कि इस जलीय जंतु की सुरक्षा एवं संवर्धन की नितांत आवश्यकता है | लगभग 2 वर्ष के अथक प्रयास के बाद कोसी नदी बेसिन गांगेय डॉल्फिन के रूप अब स्थापित होने जा रहा है |

बता दें कि 41 प्रजातियों वाली डॉल्फिन की केवल 5 प्रजातियां साफ पानी में और शेष सभी समुद्री पानी में पायी जाती है | डॉल्फिन का मनुष्य के साथ बरसो से अधिक मित्रतापूर्ण रिश्ता रहा है तथा व्यवहारों एवं भावनाओं में समानता भी |

यह भी जानिए कि प्रो.सुनील कुमार चौधरी, विभागाध्यक्ष- वनस्पति विभाग (टीएम विश्वविद्यालय भागलपुर) के निर्देशन में एक 6 सदस्यीय टीम गठित की गई | अत्याधुनिक कैमरों एवं अन्य आधुनिक यंत्रों के साथ टीम द्वारा सर्वेक्षण का कार्य संपन्न किया गया है |

यह भी बता दें कि दो चरणों में किये गये सर्वे में जहां नदी के बहाव के विपरीत दिशा में 12 अप्रैल से 20 अप्रैल तक सर्वे का काम किया गया वहीं नदी के बहाव की दिशा में 21 अप्रैल से 23 अप्रैल तक पूर्व में किये गये सर्वे का क्रॉस चेकिंग भी किया गया |

वर्ष 2018 में अबतक जहाँ सहरसा-सुपौल क्षेत्र की कोसी नदी में 168 किलोमीटर सर्वे के दरमियान 120 डॉल्फिन मिली वहीं उसके विकास के साथ-साथ अन्य वन्य जीवों के विकास हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार ने सहरसा एवं सुपौल दोनों 1 प्रमंडलों को अलग-अलग क्रमशः 11 लाख 62 हज़ार एवं 7 लाख 74 हज़ार की राशि आवंटित की है | साथ ही वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की सभी धाराओं को सख्ती से लागू करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है |

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ मधेपुरा !

जिला मुख्यालय मधेपुरा के समाहरणालय परिसर से दूर हरे-भरे दरख़्तों से घिरे प्रदूषण रहित कीर्ति नारायण क्रीडा मैदान में आज 21 जून को प्रातः 6:00 से 9:00 बजे तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया | सवेरे 5:00 बजे से ही योग प्रेमी बच्चे-बूढ़े, माता व बहनें क्रीडा मैदान में पहुंचने लगे जिसे खेल गुरु संत कुमार की देख-रेख में विभिन्न रंगों के झंडों तथा योग से संबंधित बैनरों से सजाया गया था |

Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri giving inaugural speech on the occasion of Vishwa Yoga Diwas at Madhepura Kirti Krida Maidan.
Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri giving inaugural speech on the occasion of Vishwa Yoga Diwas at Madhepura Kirti Krida Maidan.

बता दें कि जिला पतंजलि समिति द्वारा आयोजित विश्व योग दिवस समारोह का उद्घाटन समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने किया | इस अवसर पर जहाँ डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, डॉ.नंदकिशोर, राजेश कुमार, डॉ.देवप्रकाश, प्रो.रीता कुमारी, किरण कुमारी, डॉ.एन.के.निराला, दीपक कुमार, परमेश्वरी प्रसाद, पशुपति चौरसिया आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया वहीं डॉ.मधेपुरी ने नारियल फोड़कर स्वयं प्रशिक्षक असंग स्वरुप के योगासन-प्राणायाम क्लास में शामिल गये तथा घंटों उस मनभावन वातावरण में पतंजलि द्वारा आपूर्ति की गई सफेद टी-शर्ट व दुपट्टों को पहन-ओढ़कर सभी “करो योग रहो निरोग” को चरितार्थ करते रहे | नेहरू युवा केंद्र के साथ-साथ पतंजलि जिला संरक्षक सुरेश प्रसाद यादव भी इस कार्यक्रम में सहयोगी बने |

Dr.Madhepuri giving certificates to the three best performers of Social Activities from the team of Khelguru Sant Kumar at the end of function.
Dr.Madhepuri giving certificates to the three best performers of Social Activities from the team of Khelguru Sant Kumar at the end of function.

जानिए कि डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास को विस्तार से बताते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जब 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र की महासभा में दुनिया के सभी देशों को योग करने एवं योग दिवस मनाने हेतु प्रस्ताव दिया गया तो उस प्रस्ताव को 11 दिसंबर 2014 के दिन राष्ट्र संघ के 193 राष्ट्रों में से 177 सदस्यों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की सहमति प्रदान कर दी गयी | उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष का सबसे बड़ा दिन होने के कारण 21 जून को ही पहली बार 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस संपूर्ण विश्व में इसलिए मनाया गया कि योग करने से लोग इसी दिन की तरह बहुत लंबी अवधि तक जीवित रहेंगे, क्योंकि मन-मस्तिष्क और शरीर की मजबूत एकता का प्रतीक है- योग | अंत में अध्यक्षीय भाषण में डॉ.नंदकिशोर एवं धन्यवाद |

यह भी बता दें कि आज के दिन जिले के सर्वाधिक प्रखंडों के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों द्वारा स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण के योग को विभिन्न रूपों में उल्लास पूर्वक मनाया गया | विश्व योग दिवस पर योग महुआ मधेपुरा |

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प्रतिदिन 1246 शौचालय निर्माण करने की चेतावनी दी डीएम ने

जहाँ एक ओर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सितंबर 2018 तक में बिहार के 238 मानव रहित रेलवे क्रासिंग को बंद करने की घोषणा की है, वहीं मधेपुरा के डीएम नवदीप शुक्ला ने अपने पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिले में प्रतिदिन 1246 शौचालयों का निर्माण करवाकर  अक्टूबर 2018 तक पूरी तरह शौचमुक्त जिला घोषित करने का लक्ष्य दिया है |

बता दें कि समाहरणालय सभागार में सोमवार को विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में हुई | उन्होंने कहा कि बार-बार हिदायत देने के बावजूद जिले में शौचालय निर्माण की स्थिति ठीक नहीं हो रही है | इसके लिए पदाधिकारी एवं कर्मी भी कहीं न कहीं जिम्मेवार हैं | चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि अधिकारी सहित संलग्न कर्मी अपने-अपने कार्यप्रणालियों में सुधार लायें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें |

जहाँ बैठक में डीएम ने कहा कि 75% शौचालय का निर्माण होने पर वार्ड को पूर्ण भुगतान कर दिया जायेगा और 95% निर्माण कार्य पूरा होने पर वार्ड पूरी तरह ओडीएफ (Open Defecation Free) घोषित कर दिया जाएगा वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिले के 2242 वार्ड में 416 वार्ड ओडीएफ घोषित कर दिये गये हैं |

अंत में डीएम ने सभी सम्बद्ध पदाधिकारियों को निदेश देते हुए यही कहा कि शौचालय निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए गाँव-समाज के प्रबुद्धजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ मिल-बैठकर निर्माण कार्य को पूरा करें | सुबह से शाम तक 393 सुरक्षाकर्मी फॉलोअप का कार्य कर रहे हैं | पदाधिकारी प्रखंड के सभी पंचायतों में गणमान्यों के साथ इस बाबत बैठक भी करें |

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भुला दो सारे शिकवे, चलो मनाएं ईद !

ईद 30 रोजे पूरे होने का दिन होता है | पवित्र रमजान के महीने हर बच्चा-बूढ़ा और नौजवान खुदा की इबादत करने हेतु रोजा रखते हैं | अंतिम दिन ईद का चाँद दिखते ही एक दूसरे को तत्क्षण “चाँद मुबारक” कहकर बधाई देने लगते हैं | बड़े-बुजूर्गों का आशीर्वाद लेने लगते हैं | अगली सुबह ईद की नमाज से पूर्व गरीबों को कुछ दान (यानि जकात-उल-फितर) देते हैं |

Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with the Present MP of Madhepura Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav expressing & explaining the importance of Eid to Muslim Youngters in presence of Dr.Ashok Kumar (Principal Madhepura College) after finishing Eid Namaz near Madhepura Eidgah.
Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with the Present MP of Madhepura Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav expressing & explaining the importance of Eid to Muslim Youngters in presence of Dr.Ashok Kumar (Principal Madhepura College) after finishing Eid Namaz near Madhepura Eidgah.

बता दे कि ईद के रोज जो नमाज पढ़ी जाती है वो बन्दों की तरफ से अल्लाह को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए होती है कि उसने उन्हें रोजा रखने की तौफीक दी | फिर बाद में ईद की नमाज पढ़ लेने के बाद सभी एक दूसरे को ईद की बधाई देते हुए “ईद मुबारक” कहते हैं | हिन्दू-मुस्लिम सभी एक दूसरे से गले मिलते हैं | सारे शिकवे भुलाकर ईद मनाते हैं | सारे मैल को धो डालते हैं |

आज सवेरे मुल्क के सभी हिस्से में ईद की नमाज ईदगाह में अदा की गई | मधेपुरा ईदगाह में जहाँ भारी संख्या में मुस्लिम रोजेदारों ने नमाज पढ़ी, वहीं बाहर में मधेपुरा के वर्तमान सांसद पप्पू यादव एवं पूर्व सांसद शरद यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ ईश्वर से अमन-चैन की दुआ मांगी…….. साथ ही नीतीश सरकार के केबिनेट मिनिस्टर रमेश ऋषिदेव भी अपनी टीम के साथ ‘ईद मुबारक’ करते और गले मिलते देखे गये |

Former MP of Madhepura & Senior leader of National Politics Shri Sharad Yadav along with Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Ex-MLC Shri Vijay Kumar Verma, Ex-MLA Shri Parmashwari Prasad Nirala, Congress District President Shri Satyendra Singh & others waiting to give Eid Mabarak in front of Madhepura Eidgah.
Former MP of Madhepura & Senior leader of National Politics Shri Sharad Yadav along with Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Ex-MLC Shri Vijay Kumar Verma, Ex-MLA Shri Parmeshwari Prasad Nirala, Congress District President Shri Satyendra Singh & others waiting to greet Eid Mabarak in front of Madhepura Eidgah.

मधेपुरा के डॉ.कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने सबों से यही कहा – “ईद सिर्फ आपसी मिल्लत, सद्भाव व भाईचारे का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह पर्व अल्लाह द्वारा बन्दों को (दिये गये हुक्म के अनुसार) 30 रोजे रखकर खुद को संतुलित करने तथा समाज को बराबरी पर लाने का मौका है | यह छोटे-बड़े और अमीर-गरीब के दस्तरखान का फर्क मिटाने का अवसर प्रदान करता है | यदि कहीं कोई फर्क रह भी जाय तो हर एक से गले मिलकर ‘बराबरी’ को मजबूत करने का अंतिम मौका देता है | यह बराबरी का पाठ पढ़ाता है, बिछाता है और ओढ़ता है |

यह भी जानिये कि रमजान के महीने में रोजे रखने का फर्ज करार दिया गया है | केवल इसलिए कि इंसान को भूख-प्यास का अहसास हो सके और वह लालच से दूर होकर सही राह पर चल सके….|

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ जिला मुख्यालय के सभी मस्जिदों के आस-पास तथा विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल मुस्तैद रहे तथा शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये रखने के लिए डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी बाबूराम अपनी-अपनी टीम के साथ मुस्तैद दिखे, वहीं ईदगाह में इमाम कारी मुस्तकीम तथा बड़ी मस्जिद में मौलाना सगीर नमाज अदा करवाये | साथ ही मो. शौकत अली, ध्यानी यादव आदि साफ-सफाई के अतिरिक्त रोशनी-पानी व्यवस्था हेतु चौकस रहे |

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मंडल विश्वविद्यालय को सँवारने में प्रथम छात्रसंघ का दायित्व अहम !

भू.ना.मंडल विवि को 25 वर्ष के जीवनकाल में डॉ.ए.के.राय एक ऐसे कुलपति मिलें जिन्होंने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में ही दो ऐसे कार्यों को अंजाम दिया है जिसके चलते वे विश्वविद्यालय के इतिहास में सदा याद किये जाते रहेंगे- पहला यह कि 25 वर्षों से कार्यरत लगभग 85 कारसेवकों की सेवा नियमितिकरण कर उनके घरों में खुशियों की बहार के साथ-साथ विश्वविद्यालय कार्यों में गति देना…….. दूसरा यही कि 25 वर्षों के बाद शांतिपूर्ण ढंग से छात्र संघ का चुनाव करवा देना जो विश्वविद्यालय  के विकास कार्यों के साथ-साथ उसकी गरिमा को भी ऊंचाई प्रदान करेगा |

बता दें कि जहाँ छात्रों, अभिभावकों एवं बुद्धिजीवियों ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली, मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ.जितेन्द्र प्रसाद सिंह, कुलानुशासक डॉ.अरुण कुमार सहित चुनाव समिति से जुड़े राजेश सिंह, बिट्टू कुमार, कमल किशोर ठाकुर आदि की सराहना की और साधुवाद दिया वहीं छात्र संघ के चयनित 20 में से उपस्थित 17 प्रतिनिधियों  के शपथग्रहण समारोह का उद्घाटन करते हुए विद्वान कुलपति डॉ.राय ने उन्हें शॉल देकर सम्मानित किया और साथ ही यही कहा कि विश्वविद्यालय के समस्त छात्रों ने छात्र संघ के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी दे दी है | उन्होंने कहा कि आगे उड़ान भरने के लिए उन्हें पंख की नहीं, हौसलों की जरूरत होगी |

President, Secretary, Treasure and other members of students union (BNMU) taking oath in the Auditorium Hall of BNMU Madhepura.
President, Secretary, Treasurer and other members of students union (BNMU) taking oath in the Auditorium Hall of BNMU Madhepura.

यह भी जान लें कि कुलपति ने जहाँ यह कहा कि छात्र संघ ऐसा कोई कार्य न करे जिससे विश्वविद्यालय का नाम प्रदेश व देश में कभी बदनाम हो, वहीं उन्होंने यह भी कह डाला कि हमारे लिए छात्रसंघ सर्वोपरि है न कि कोई राजनीतिक पार्टी | लगे हाथ कुलपति ने कहा कि छात्रसंघ अस्त्र-शस्त्र नहीं बल्कि बोली की मधुरता, व्यवहार, आचार व विचार से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ायेगा……. क्योंकि नियमानुसार छात्र संघ के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल के सदस्य भी होंगे |

शपथ-ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली ने छात्रसंघ के नियम-कानून एवं अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से बताते हुए इस चुनाव में प्रथम वोट डालनेवाली सोनी कुमारी को अपनी तरफ से पुरस्कार स्वरूप ₹500 का इनाम माननीय कुलपति डॉ.राय के हाथों दिलाया |

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.जितेन्द्र प्रसाद सिंह ने नवनिर्वाचित छात्रसंघ के अध्यक्ष कुमार गौतम, उपाध्यक्ष अमरदीप कुमार, सचिव आशीष कुमार झा, संयुक्त सचिव अमृत राज, कोषाध्यक्ष सोनी कुमारी सहित केंद्रीय काउंसिल मेंबर में नीरज कुमार निराला, अभिनंदन कुमार, दिलीप कुमार दिल, रोशन कुमार, माधव कुमार, पूजा कुमारी, आंचल सिंह, आकृति तथा राजू कुमार के साथ-साथ संकाय काउंसिल मेंबर में समर कुमार, बिट्टू कुमार, अक्षत सिद्धांत को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई | अपरिहार्य कारणवश जिन तीन सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, वे हैं त्रिलोक नाथ झा, कृष्ण कुमार एवं रजनीश कुमार |

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मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म ऊँचीकरण हेतु 4 करोड़ स्वीकृत !

8 जून (शुक्रवार) को दौरम मधेपुरा स्टेशन निरीक्षण करने हेतु समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम रविन्द्र कुमार जैन यहाँ पहुंचे | उन्होंने मीडिया को बताया कि भारतीय रेल एवं फ्रांस की अल्सटॉम कंपनी के सहयोग से निर्मित 12 हजार HP वाले इलेक्ट्रिक इंजन का ‘लोगो’ दौरम मधेपुरा स्टेशन पर लगायी जायेगी | डीआरएम ने कहा कि ‘लोगो’ निर्माण का निर्देश जारी कर दिया गया है | साथ ही, यह भी कहा कि देश में पहली बार किसी स्टेशन पर ‘लोगो’ लगाई जायेगी | ‘लोगो’ को स्टेशन के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जायगा जिससे दूर-दराज के सफर करने वाले यात्रियों को रेल इंजन कारखाना के बारे में विस्तृत जानकारी सुगमता पूर्वक मिलती रहेगी |

यह भी जानिए कि निरीक्षण के दरमियान डीआरएम श्री जैन ने कहा कि फिलहाल प्लेटफार्म की सतह नीचे होने से यात्रियों को गाड़ी पर चढ़ने-उतरने में कठिनाइयाँ होती हैं | बरसात समाप्ति के साथ ही प्लेटफार्म ऊँचीकरण कार्य को तत्परतापूर्वक कर लिया जायगा ताकि विकलांगों के साथ-साथ बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को भी डब्बे में चढ़ने-उतरने में विशेष सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी |

चलते-चलते डीआरएम रविंद्र कुमार जैन ने अधिकारियों से कहा कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्रवेश द्वार को अतिक्रमण मुक्त कराकर विस्तारित किया जायगा | साथ ही स्टेशन परिसर में जल-जमाव की समस्या के साथ-साथ कर्मचारियों की भी विभिन्न समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा |

यह भी बता दें कि निरीक्षण के दौरान अमरेश कुमार, संजय कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, पीएन मिश्रा, मृत्युंजय मिश्रा सहित अन्य आलाधिकारीगण मौजूद थे | अधिकारियों ने सुर में सुर मिलाते हुए यही कहा कि आगामी दुर्गा पूजा आते-आते दौरम मधेपुरा स्टेशन का परिसर सुंदरतम दिखने लगेगा |

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सारे रास्ते बंद, अब बंगला खाली करेंगे शरद

वरिष्ठ नेता शरद यादव अपनी राज्यसभा सदस्यता को लेकर हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे, ये लगभग सबको पता था। क्यों लड़ रहे थे, कई प्रश्नचिह्नों के साथ ही सही, यह भी सब जानते हैं। खैर, होनी को टालने की जितनी कोशिश की जा सकती थी, वो सारी कोशिशें की गईं, पर जो होना चाहिए था, वही हुआ। राज्य सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित शरद यादव को अंतत: सुप्रीम कोर्ट से भी निराशा हाथ लगी और ना केवल उन्हें मिल रहे वेतन और भत्ते पर रोक लग गई, बल्कि अब सरकारी बंगला भी उन्हें खाली करना होगा।

जी हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान तकनीकी तौर पर यह आदेश दिया है कि न्यायालय अपने स्तर पर आवास खाली किए जाने को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं करेगा पर इस मसले को उस स्तर पर देखा जाएगा जो इसके लिए जवाबदेह है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस विषय को राज्यसभा के सभापति के स्तर पर देखा जाएगा। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इस मामले में जो ऑथिरिटी है, वह कानून के हिसाब से पूरी कार्रवाई करें।

गौरतलब है कि विगत चार दिसंबर को शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। शरद यादव ने अपने को अयोग्य घोषित किए जाने के इस निर्णय को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी है। उनके वकील ने इसी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि हाईकोर्ट में उनकी जो याचिका लंबित है उसके निपटारे तक उन्हें राज्य सभा सदस्य के रूप में आवंटित बंगले में रहने दिया जाए। पर उन्हें निराशा हाथ लगी।

बहरहाल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए शरद यादव के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को संशोधित कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जब तक उनकी याचिका हाई कोर्ट में लंबित है तब तक उनके वेतन- भत्ते को बंद नहीं किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने वेतन व भत्ते पर तो साफ शब्दों में रोक लगाई ही, बंगले को लेकर भी कानूनी कार्रवाई का निर्देश दे दिया। चलते-चलते बता दें कि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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