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सिंहेश्वर की समस्याओं को लेकर चतुर्दिक उठ रही असंतोष की गुड़गुड़ी

जहाँ एक ओर देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर स्थान में बायपास रोड की कमी है वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्ग हल्की बारिश में ही कीचड़ युक्त पोखर में तब्दील हो जाता है | धार्मिक नगरी सिंहेश्वर में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है |

बता दें कि सिंहेश्वर की तमाम बुनियादि सुविधाओं पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है | जर्जर सड़क के कारण आवागमन में हो रही परेशानियों एवं तदनुरूप प्रतिदिन व्यवसायियों के सामान की बिक्री में हो रही गिरावट के कारण स्थानीय युवाओं ने एकजुटता के साथ राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में शनिवार को बैठक की और विगत कई वर्षों से जल निकासी की समस्या को लेकर वरीय अधिकारियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को जानकारियाँ दी गई | यह भी कहा गया कि यदि समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो प्रखंड के सभी लोगों के द्वारा जन आंदोलन किया जायेगा |

मौके पर मुखिया किशोरी प्रसाद सिंह, सरपंच राजीव कुमार बबलू, पूर्व उपप्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू झा सहित प्रतीक टेकरीवाल, चेतन गुप्ता, सुदेश शर्मा, कुंदन भगत, सुमित वर्मा आदि उपस्थित लोगों ने कहा कि 24 घंटे के अंदर कार्य में गति नहीं आया तो आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे |

वहीं शनिवार को ही मंदिर न्यास समिति की बैठक न्यास कार्यालय में न्यास सचिव सह कार्यकारी अध्यक्ष एसडीएम वृंदालाल की अध्यक्षता में हुई जिसमें वरीय सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सरोज कुमार सिंह, उपेन्द्र प्रसाद रजक, कन्हैया ठाकुर, मुन्ना ठाकुर की उपस्थिति देखी गई | वहाँ भी एक दर्जन न्यास कर्मियों को 10 महीने से कार्यरत रहने के बावजूद वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसके चलते असंतोष की गुड़गुड़ी उठने लगी है | वरीय सदस्य डॉ.मधेपुरी द्वारा कार्यरत एक दर्जन कर्मियों के विगत 10 महीनों का भुगतान करने हेतु पुरजोर कोशिश की गई जिसमें सदस्य सरोज सिंह व उपेन्द्र रजक की सहमति भी देखी गई ….. तब जाकर अध्यक्ष सह सचिव एसडीएम वृंदालाल ने नाजिर मनोज ठाकुर को इस भुगतान के बाबत संचिका में सारी बातें व तथ्यों को अंकित करते हुए उपस्थित करने का आदेश दिया |

चलते-चलते यह भी बता दें कि सिंहेश्वर स्थान में  एक महीना चलने वाले श्रावणी मेला (जिसे 2 वर्ष कबल तत्कालीन जिला पदाधिकारी मो.सोहैल (IAS) द्वारा आरंभ कराया गया था) में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाएं हेतु एनएच के कार्यपालक अभियंता सहित कई विभागों के पदाधिकारियों के साथ ट्रस्ट के सचिव सह एसडीएम वृंदालाल ने पुनः ट्रस्ट ऑफिस में ही रात्रि के 8:00 बजे बैठक की ताकि अगले दिन सोमवार को डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) एवं एसपी संजय कुमार (IPS) के नेतृत्व में मंदिर परिसर में पूर्वाभ्यास का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा | पूर्वाभ्यास को सफल बनाने हेतु एसडीएम वृंदालाल ने सिंहेश्वर, घैलाध, गम्हरिया,शंकरपुर, मधेपुरा आदि के प्रखंड एवं थाना प्रभारियों को इस कार्यक्रम में आने की सूचना भेजी है |

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नीतीश सरकार द्वारा किसानों को दी जाएगी मौसम के अनुरूप खेती की ट्रेनिंग

सूबे बिहार के 10 हज़ार किसानों को प्रथम चरण में किया जाएगा प्रशिक्षित | बतौर पायलट प्रोजेक्ट अभी फिलहाल राज्य के आठ जिलों के 100 गाँवों से चयनित कर 10 हज़ार किसानों को मौसम के अनुरूप खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी |

बता दें कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर के लिए जहाँ राज्य के किसान भी अब तैयार हो रहे हैं वहीं कृषि मंत्री डॉ.प्रेम कुमार के अनुसार अब जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ही किसानों को खेती करना आवश्यक हो गया है | कृषि मंत्री बिहार डॉ.कुमार ने कहा कि बाढ़-सुखाड़, तूफान-ओलावृष्टि पर सम्यक विचार करते हुए चार एजेंसियाँ इस योजना को मूल रूप देगी |

यह भी जानिए कि इन चयनित गाँवों को “क्लाइमेट स्मार्ट गाँव” नाम दिया गया है | इन क्लाइमेट स्मार्ट गाँवों के 10 हज़ार किसानों को मौसम अनुरूप खेती की ट्रेनिंग दिये जाने वाली योजना पर फिलहाल 23 करोड़ से अधिक रुपये खर्च करने का मन बना लिया है बिहार सरकार ने | यदि यह प्रयोग सफल हुआ तो आगे इस योजना को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा |

यह भी बता दें कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए हाईवे नाम देकर पूरे बिहार में चार कॉरिडोर बनाया गया है | ये हाईवे कोरिडोर हैं – (1) पटना-नालंदा हाईवे (2) भागलपुर-मुंगेर हाईवे (3) पूर्णिया-कटिहार हाईवे और (4) दरभंगा-समस्तीपुर हाईवे |

प्रथम चरण में उपर्युक्त इन चारों कोरिडोर के आठों जिलों से 100 गाँवों का चयन किया गया है | साथ ही प्रत्येक गाँवों से सौ-सौ किसानों यानि 10 हज़ार किसानों को प्रथम चरण में प्रशिक्षित किया जाएगा | प्रथम किस्त में इन किसानों को मौसम के अनुरूप धान, गेहूं, मक्का, अरहर, मसूर आदि की खेती कैसे की जाएगी….. उसकी ट्रेनिंग दी जाएगी | फिलहाल ये भी याद कर लें कि यह योजना तत्काल 3 साल के लिए चलेगी |

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शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के नाम बिहार में बनेगा संगीत विश्वविद्यालय

सूबे बिहार की नीतीश सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा मंत्री प्रमोद कुमार ने बिहार विधानसभा में कहा है कि भारतरत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के नाम बिहार में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना जल्द ही की जाएगी | इस सिलसिले में विभागीय स्तर पर कार्यवाही आरंभ कर दी गई है |

बता दें कि संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए कम से कम 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता बतायी गई है | इस हेतू मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी द्वारा कढ़नी में 2.80 एकड़ उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है | बकौल विभागीय मंत्री जमीन की उपलब्धता हेतु अन्य जिलाधिकारी से भी संपर्क साधा जा रहा है….. जहाँ जमीन मिल जाएगी वहीं बनेगा संगीत विश्वविद्यालय |

यह भी बता दें कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का हक तो बनता है मधेपुरा जिला का….. क्योंकि शहनाई वादक बिस्मिल्ला ख़ाँ को 20वीं सदी में कई बार मधेपुरा के रासबिहारी उच्च विद्यालय के मंच पर दशहरे के अवसर पर संगीत के प्रति गहरी अभिरुचि रखने वाले तबलावादक प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव, समाजसेवी रमेश चंद्र यादव, गिरिधर प्रसाद श्रीवास्तव, प्रो.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी आदि द्वारा बुलाया गया था | बिस्मिल्लाह खाँ की शहनाई सुनकर लोगों को मंत्रमुग्ध होते देख आयोजकगण बेहद खुश होते थे |

चलते-चलते अंत में बकौल डॉ.मधेपुरी यह भी जान लें कि विदेशों में जब बिस्मिल्लाह खाँ शहनाई बजाया करते तथा श्रोतागण तालियाँ बजाकर उन्हें सम्मानित किया करते तो कार्यक्रम समाप्ति के तुरंत बाद पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि तालियों की गड़गड़ाहट सुनकर आपको कैसा लगता है- के जवाब में बिस्मिल्ला खाँ बस इतना ही कहते-

“तालियों की गड़गड़ाहट से मुझे कोई फर्क इसलिए नहीं पड़ता है कि वहाँ बिस्मिल्लाह खाँ तो शहनाई बजाता नहीं…. वहाँ तो भारत शहनाई बजा रहा होता है।”

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लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों एवं तीन हज़ार तालीमी मरकजों व शिक्षा सेवकों की होगी बहाली

सूबे बिहार की नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने छठे चरण के नियोजन के कार्यारंभ की घोषणा विधानसभा में करते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में मध्य विद्यालयों को उच्च विद्यालयों में उत्क्रमित किया जा रहा है | यही कारण है कि स्कूलों में शिक्षकों, शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकजों आदि की कमी होती जा रही है |

बता दें कि नीतीश सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष के अंत तक एक लाख चालीस हज़ार शिक्षकों एवं 2903 शिक्षा सेवकों के नियोजन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी | जानिए कि 2903 शिक्षा सेवकों में 1884 तालीमी मरकजों की बहाली किये जाने का भी निर्णय लिया गया है |

यह भी बता दें कि संपूर्ण सूबे के 38 जिलों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों , शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकजों की बहाली की जाएगी | जहाँ मधेपुरा एवं जमुई जिले में 100 से ऊपर यानि क्रमशः 143 एवं 121 शिक्षा सेवकों की बहाली होगी वहीं सीतामढ़ी व भागलपुर जिले में 195 एवं 196 तालीमी मरकजों की बहाली होने जा रही है | वैसे तो जमुई, वैशाली, मुजफ्फरपुर , चंपारण आदि जिले में 115 से लेकर 143 के बीच तालीमी मरकजों की नियुक्ति होगी |

चलते-चलते यह भी बता दें कि जल्द ही नीतीश सरकार राज्य में “योग-शिक्षक बहाली नीति” बनाने जा रही है | सरकार इस नीति के हर पहलू पर विचार करेगी क्योंकि आजकल कम उम्र के बच्चे भी हाई ब्लड प्रेशर , डायबिटीज, अनिद्रा आदि से पीड़ित होने लगे हैं | स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग की भूमिका अहम मानी जाती है | योग के महत्वपूर्ण होने के कारण ही हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है | आज की जीवन शैली समस्त संसार के मानव को अनेक रोगों से परेशान कर रही है, इसीलिए यूएनओ द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय गौरव प्रदान किया गया है |

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बारिश खोल देती है सबकी पोल

बारिश के आते ही नगरों से लेकर महानगरों तक की हालात मत पूछिये…. मधेपुरा से लेकर मुंबई तक यानी नगर पंचायत से लेकर नगर निगम तक की पोल खोल देती है बारिश | यहाँ मधेपुरा के तीनों तरफ नदी है और वहाँ मुंबई के तीनों तरफ समंदर | एक ओर मधेपुरा में जल निकासी के नाम पर नाले-निर्माण में करोड़ों व्यय होने के बावजूद पानी बहता नहीं वहीं दूसरी ओर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जल निकासी के लिए 22 हज़ार करोड़ के बजटीय बाढ़ में सड़कों पर बाइक से लेकर कार व बसें भी तैरती हुई नजर आती है….. कहीं-कहीं बहती हुई दिखती हैं |

बता दें कि मानसून की पहली बारिश में ही बिगड़ गई शहरे मधेपुरा से लेकर मुंबई तक की सूरत | मधेपुरा एसडीएम श्री वृंदालाल के अनुमंडल कार्यालय की सूरते हाल तो जरा देखिए | बारिश के बाद चलना तो दूर अनुमंडल परिसर में तैरने की नौबत आ गई है…… एक वकील साब तो एसडीओ के गेट पर से ही पानी देखकर घर लौट गये……. जूते खोल हवाई चप्पल पहने और पुनः एसडीएम परिसर के घुटने भर पानी को पार कर अनुमंडल दंडाधिकारी के कोर्ट में बहस किये | चारो ओर अधिकारी से लेकर आम लोग तक जलजमाव के कारण परेशान दिखे…..!

जानिए कि अस्पताल गेट पर और अंदर जहाँ-तहाँ जलजमाव के कारण बेहद परेशानी होती है….. खासकर महिला मरीजों को | कर्पूरी चौक से लेकर थाना चौक और पूर्व सांसद डॉ.रवि के घर होकर पंचमुखी चौक तक के जल निकासी का अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं किया जा सका है | जल निकासी पर विचार किये बिना टुकड़े-टुकड़े गैंग की तरह टुकड़े-टुकड़े नाले का निर्माण किया जाता रहा है जिससे स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार हो गया है | कब तक सोया रहेगा यह नगर पंचायत और नगर निगम ….?

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बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाले बच्चे जाएंगे जेल

प्रत्येक माता-पिता अपनी संतान का भाग्य विधाता होता है। जहाँ माता संपूर्ण घर के दिल की धड़कन होती है वहीं पिता साहस, इज्जत और सम्मान का दर्पण। मुफ्त में तो केवल माता-पिता का प्यार ही मिलता है….. शेष हर रिश्ते के लिए इस दुनिया में कुछ-न-कुछ तो चुकाना ही पड़ता है। फिर भी कुछ को छोड़कर अधिकतर बेटा बुजुर्ग माता-पिता से बात-बात पर यही कहता है आप दोनों को तो कुछ ना कुछ तो लगा ही रहता है……।

बता दें कि जिस माँ की ममता और पिता के प्यार के चलते बेटा शोहरत हासिल करता है वही बेटा बड़ा होकर बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करता है….. जो अब वैसी संतान के लिए महंगा साबित होगा। बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी व परित्याग करने वाले बच्चों के लिए जहाँ एक ओर जेल व जुर्माना के मौजूदा प्रावधान में सरकार ढेर सारे बदलाव करने जा रही है वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा बच्चों की परिभाषा का दायरा भी विस्तृत करने का मन बनाया जा रहा है।

जानिए कि केन्द्र की मोदी सरकार ने वर्तमान कार्यकाल के पहले 100 दिनों के कामकाज में बुजुर्गों की सुरक्षा और कल्याण संबंधी कानून को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के तहत सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने अपने बुजुर्ग माता-पिता का परित्याग करने वालों या उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों के लिए मौजूदा 3 महीने की सजा को बढ़ाकर 6 महीने करने का प्रस्ताव किया है।

यह भी कि बच्चों की परिभाषा का दायरा बढ़ाकर इसमें दत्तक पुत्र-पुत्री या सौतेले बच्चे, दामाद-बहू, नाती-पोतों तथा कानूनी अभिभावक द्वारा पालन पोषण किए गए नाबालिक बच्चों को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में इस परिभाषा के अंतर्गत अपनी संतान और नाती-पोते ही आते हैं। भरण पोषण की राशि पर पुनः गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।

 

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बारिश नहीं होने के कारण सूख गये मधेपुरा जिले के 250 तालाब

मौसम की बेरुखी के कारण सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 250 से अधिक तालाब अब तक मधेपुरा जिले में सूख चुके हैं। सूखे तालाबों की सूची जिला प्रशासन द्वारा तैयार की जा चुकी है।

बता दें कि जिले में सरकारी तालाबों से कहीं अधिक संख्या में निजी तालाब हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जहाँ सरकारी तालाबों की संख्या 167 है…… वहीं जिले के अंतर्गत निजी तालाबों की संख्या 400 के आस-पास, परंतु इसमें से अधिकांश तालाब मृत अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं।

यह भी जानिए कि अब सरकारी स्तर पर इन तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई जा रही है। इन तालाबों का जीर्णोद्धार कब तक पूरा होगा यह सरकारी अधिकारियों द्वारा कह पाना मुश्किल है। क्योंकि, मधेपुरा जिला प्रशासन ने जिला मत्स्य विभाग से सूख चुके सरकारी तालाबों की सूची लिया है। सूखे तालाबों को ‘मनरेगा योजना’ से जीर्णोद्धार की बात कही जा रही है।

जहाँ तक निजी तालाबों के जीर्णोद्धार की बात है उसके लिए आम लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। हाँलाकि जल संरक्षण को लेकर किसानों को प्रशासनिक स्तर पर जागरूक करने की पहल भी की जा रही है जबकि कोसी के इस इलाके में अभी तक पानी की समस्या नहीं देखी गई थी। लेकिन अब यहाँ का भूजल स्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है। इसी कारण कोसी के इलाके में भी तालाब-पोखर सूखने लगे हैं। सरकारी और निजी मिलाकर कुल 250 से अधिक तालाब सूख चुके हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जिन तालाबों में अभी भी कुछ पानी बचा हुआ है उसमें पंप से पानी डालकर मछलियों को बचाया जा रहा है। स्थिति यह है कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र आलमनगर, चौसा, पुरैनी आदि क्षेत्रों में जहाँ पानी जमा रहता था वहाँ का जलकर क्षेत्र भी इस बार पूरी तरह सूख चुका है।

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बहुत कठिन है पूरे देश को पानी उपलब्ध कराना

गाँव से लेकर शहरों तक संपूर्ण भारत में घटता जा रहा है पानी और रिसता जा रहा है विकास। पानी का अभाव कितना गहरा है और पानी से उत्पादन पर कितना गहरा असर पड़ रहा है, वह बताने की नहीं, केवल महसूस में की जरूरत है।

बता दें कि बढ़ते जल संकट को अगर दूर नहीं किया गया तो आर्थिक विकास की रफ्तार कम होती चली जाएगी। एक ओर जहाँ जल संकट को दूर करने के लिए नरेंद्र मोदी की नई सरकार द्वारा “जलशक्ति मंत्रालय” का गठन कर 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जनसहयोग से “जलसंरक्षण अभियान” का श्री गणेश भी कर दिया गया है वहीं दूसरी ओर नीतीश सरकार द्वारा बिहार के विभिन्न हिस्सों में गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोकने की नई-नई कोशिशें शुरू की जा रही है…… क्योंकि औसतन 30 से 60 फुट तक पानी नीचे चला गया है…. हजारों चापाकल सूख गए हैं…. तालाब पोखर तक में पानी नहीं बचा है।

यह भी बता दें कि नीतीश सरकार के लिए खेती और किसान प्राथमिकता में है। वर्ष 2019 के अंत तक हर खेत को पानी मिलेगा। इसी साल खेती के लिए बिजली का अलग फीडर बनाने जा रही है नीतीश सरकार। इसके अलावा सोलर बिजली से 30 हजार पंपों द्वारा खेतों को पानी दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

यह भी जानिए बिहार की सरकार संकल्पित है कि प्रदेश के सभी घरों को इस वर्ष के अंत तक नल का जल उपलब्ध हो जाए तथा सभी घरों को शौचालय भी हो जाए….. जबकि नीतीश सरकार संकल्पित है कि गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर तक ही बिहार खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो जाएगा। बिहार की योजना “हर घर नल का जल” अब पूरे देश में लागू करने जा रही है भारत सरकार।

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बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन मधेपुरा स्थित जीवन सदन में शान के साथ सम्पन्न हुआ

मधेपुरा के ऐतिहासिक धरोहर ‘जीवन सदन’ में रविवार को प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन का शानदार कार्यक्रम शाखा अध्यक्ष प्रो.गिरधारी लाल नेवटिया की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मारवाड़ी समाज को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने, बुजुर्गों का सम्मान करने, नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने तथा प्रतिभाशाली बच्चे-बच्चियों को सम्मानित करने के साथ-साथ किसी भी जाति-धर्म के लोगों की विकलांगता से सूबे बिहार को मुक्त करने जैसे उत्कृष्ट कार्यक्रमों सहित सम्मेलन की सदस्यता विस्तार पर भी विशेष रूप से चर्चा, आपसी संवाद व समन्वय स्थापित करने में लगे रहे…. सम्मेलन के प्रति समर्पित प्रदेश अध्यक्ष विनोद तोदी।

बता दें कि अध्यक्ष श्री तोदी ने अपनी टीम के महामंत्री महेश जालान, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विवेक तुलस्यान, प्रमंडलीय उपाध्यक्ष अमर दहलान (सहरसा) एवं डॉ.विश्वनाथ सर्राफ (सुपौल)… सहित सम्मेलन के कर्ताधर्ता मनीष सर्राफ आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। मधेपुरा शाखा के अध्यक्ष प्रो.नेवटिया द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं शिव का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

Dr.Bhupendra Madhepuri along with President Vinod Todi felicitating Miss Khushi Pransukhka, the Harayana State topper in CBSC Exam.
Dr.Bhupendra Madhepuri along with President Vinod Todi felicitating Miss Khushi Pransukhka, the Harayana State topper in CBSE Exam.

यह भी कि जहाँ प्रदेश अध्यक्ष विनोद तोदी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विस्तारपूर्वक सम्मेलन द्वारा सेवा  व विकास के लिए किए जा चुके कार्यों…… भावी योजनाओं के साथ-साथ सदस्यता विस्तार तथा मरणोपरांत अपने अंगदान की घोषणा पर जमकर चर्चा की….. और तालियों की गड़गड़ाहट के माध्यम से नये प्रस्तावों पर समर्थन भी प्राप्त किया….. वहीं समाजसेवी साहित्यकार एवं डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कोसी प्रमंडल की शान IAS Exam. में 89वाँ रैंक लाने वाले पुरैनी के नितेश जैन, IIT में 96वाँ रैंक लाने वाले (मधेपुरा के शिव प्रसाद सर्राफ के पोते व आनंद सर्राफ के पुत्र) ऋषि सर्राफ को हृदय से बधाई दी। सिंहेश्वर के अनितेश अग्रवाल, साकेत अग्रवाल सहित विभिन्न कोटि के प्रतिभा पुंज शुभम कुमार अग्रवाल, शुभम आनंद प्राणसुखका, सुश्री खुशी प्राणसुखका, खुशी सुल्तानियाँ, इशिका कुमारी, तनिष्का बंसल, प्राची बंसल, उमंग अग्रवाल, श्वेता शारदा LLM आदि जिन जिनने जिले का ही नहीं बल्कि प्रमंडल और सूबे का भी नाम रोशन किया उन सभी प्रतिभागियों के बीच डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए डॉ.मधेपुरी ने यही कहा-

“यदि आप सभी आगे भी सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो तुम्हें सूरज की तरह जलना होगा तथा किसी की बातों पर ध्यान दिये बगैर सूरज की तरह अपने कामों में लगे रहना होगा….।”

इस अवसर पर डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कोसी के ऐतिहासिक पन्नों को फड़फड़ाते हुए अतिथियों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी। डॉ.मधेपुरी ने सम्मेलन के समक्ष जनहित में खोले गए सहरसा के मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों, मधेपुरा के जीवन सदन व सागर सदन आदि की विस्तार से चर्चा की। डॉ.मधेपुरी ने प्रांतीय अध्यक्ष विनोद तोदी से हरियाणा में CBSE में टॉप करने वाली (मधेपुरा व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका की पौत्री व आनंद प्राणसुखका की पुत्री) खुशी प्राणसुखका का परिचय कराते हुए सम्मानित किया तथा UPSC का टॉपर बन मधेपुरा को गौरवान्वित करने हेतु शुभाशीष भी दिया।

Dr.Madhepuri congratulating Nitesh Jain (IAS) & Shweta Sharda (LLM) along with the senior citizens Girdhar Chand & Dinesh Sarraf.

आरंभ में प्रांतीय अध्यक्ष विनोद तोदी की टीम के सदस्यों व गणमान्यों द्वारा सम्मानित होने वाले प्रमंडलीय बुजुर्गों में- रतन सर्राफ, दामोदर सर्राफ, रामविलास सर्राफ, शिबू सर्राफ, दिनेश सर्राफ, गिरधर चाँद, युगल किशोर सुल्तानियाँ, घनश्याम दास, सत्यनारायण सुल्तानियाँ, बद्री प्रसाद सुल्तानियाँ, लखी प्रसाद अग्रवाल व पशुपति सुल्तानियाँ सहित…… सहरसा-सुपौल से आये 90 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हुए। सभी सदस्यों ने सामाजिक कुरीतियों को मिटाने तथा बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने की बातें कही।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के आयोजन की सफलता का श्रेय सीए मनीष सर्राफ व विकास सर्राफ सहित मंच संचालक प्रदीप अग्रवाल, संजय सुल्तानियाँ, राजेश सर्राफ…. सरीखे युवाओं को जाता है। अंत में धन्यवाद ज्ञापन शाखा अध्यक्ष प्रो.गिरधारी लाल नेेवटिया ने किया।

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मधेपुरा जिले के कुमारखंड ब्लॉक ने फिर एक बार देश भर में सुर्खियाँ बटोरी

जहाँ एक ओर कुमारखंड ब्लॉक के इसराइन कला गाँव के निवासी एवं 1984 बैच के आईपीएस अरविंद कुमार 26 जून को इंटेलिजेंस ब्यूरो के 2 वर्ष के लिए नए डायरेक्टर बनने से पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी बनकर नक्सल आतंक के फन को कुचलने में कई कामयाब ऑपरेशन कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुके थे…. तथा कश्मीर मामले के एक्सपर्ट माने जाने वाले आईपीएस अरविंद को नक्सलवाद प्रभावित इलाके में बेहतर पुलिसिंग के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत भी किया गया वहीं दूसरी ओर कुमारखंड निवासी दिल्ली पुलिस के डीजीपी एवं सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर रहे एनके सिंह बतौर एसपी कभी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार करने का साहस जुटाकर देशभर में खूब सुर्खियां बटोरी।

यह भी बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग के लिए आगे होने वाला जम्मू कश्मीर का विधानसभा चुनाव एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है….. लिहाजा आईबी के डायरेक्टर के रूप में राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा अरविंद कुमार की नियुक्ति को अहम मानी जा रही है। भला क्यों नहीं असम मेघालय कैडर के आईपीएस श्री अरविंद कुमार पूर्व से ही जम्मू-कश्मीर के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि श्री कुमार की प्रारंभिक पढ़ाई पूर्णिया में हुई जहां इनके पिताश्री सच्चिदानंद सिंह प्रखंड कार्यालय में बड़ा बाबू थे। फिर नेतरहाट… सायंस कॉलेज पटना और दिल्ली में पढ़ाई पूरी कर 1984 में आईपीएस बने। बावजूद इसके वे अपने गाँव-समाज से सदा जुड़े रहे तभी तो 23 अगस्त 2018 को चाचा नित्यानंद सिंह की अर्थी को कंधा देने गाँव पहुंच गए थे।

डायरेक्टर पद पर उनकी नियुक्ति की खबर सुनकर गाँव में जश्न का माहौल छा गया  गाँव के लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर बधाई दी। उनके अपनों में खासकर भाई अनुराग, अभिजीत कुमार, भवेश, अखिलेश….. व भतीजे केशव, शांतनु सहित भतीजी खुशबू ,मोनिका, स्निग्धा आदि ने उत्साह और उमंग के बीच एक-दूसरे के साथ खुशियाँ साझा किया।

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