सिंहेश्वर मंदिर न्यास को जनहित में वृद्धाश्रम और आई हॉस्पिटल खोलना चाहिए- डॉ.मधेपुरी

सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की एक बैठक मंदिर न्यास कार्यालय में न्यास समिति के सचिव सह एसडीएम वृंदा लाल की अध्यक्षता में हुई जिसमें वरीय सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित सदस्य सरोज सिंह, सत्यजीत यादव, कन्हैया ठाकुर एवं मुन्ना ठाकुर उपस्थित थे |

बता दें कि चर्चा के क्रम में एसडीएम सचिव वृंदालाल ने सदस्यों को जानकारी दी कि इस साल के 8 महीनों में सिंहेश्वर मंदिर की आय में 40 लाख से अधिक की बढ़ोतरी हुई है | उन्होंने न्यास कर्मियों द्वारा की गई हाट वसूली के बाबत स्पष्ट रूप से यही कहा कि धार्मिक न्यास पटना को 1 अप्रैल से 18 सितंबर तक की भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार मात्र मवेशी हाट से रिकॉर्ड 38 लाख 9 हज़ार 329 रूपये की आय हुई जबकि पिछले इसी 5 महीने 18 दिन में मवेशीहाट ठेकेदारी से मात्र 19 लाख 59 हज़ार 729 रुपए ही बनता था |

ट्रस्ट मेंबर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने जब बताया कि स्थानीय सामाजिक संगठन द्वारा मंदिर परिसर की दुर्गा पूजा पर ₹1 लाख खर्च करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है – तो इस प्रस्ताव को सचिव सहित सभी सदस्यों ने खारिज तब कर दिया जब स्थानीय सदस्यों द्वारा सिंहेश्वर मंदिर पूजा के नाम पर काटी जा रही फर्जी रसीद की चर्चा की गई | साथ ही ट्रस्ट के सदस्य सरोज सिंह के मंदिर के जर्जर लोहे की दानपेटी को स्टील की दानपेटी बनवाकर बदलने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई |

अंत में डॉ.भूपेन्द्र मधेपूरी द्वारा एक दर्जन कर्मचारियों को लंबे अरसे से वेतन नहीं मिलने के सवाल को उठाने पर सदस्यों द्वारा उन्हें 10 दिनों के अंदर भुगतान अवश्य कर दिया जाय पर सहमति बनी | साथ ही डॉ.मधेपुरी द्वारा दिए गए जनकल्याणकारी प्रस्तावों- वृद्धाश्रम एवं एक आई हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा खोलना चाहिए पर अग्रेतर कार्रवाई हेतु सहमति बनी और 2 अक्टूबर से दैनिक मजदूरी में ₹14 प्रतिदिन नीतीश सरकार द्वारा की गई वृद्धि पर भी विचार करने की सहमति बनी |

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अन्तर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर मधेपुरा बुनियाद केंद्र में हुआ भव्य कार्यक्रम

मधेपुरा के बुनियाद केंद्र में अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन केंद्र के शाखा प्रबंधक नूरी बेगम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के डिप्टी डायरेक्टर मो.अजमल खुर्शीद, जिला कल्याण पदाधिकारी मो.कबीर, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी आर्य गौतम, डीपीओ गिरीश कुमार, प्रमुख रेखा देवी, पीओ मनीष कुमार झा आदि अतिथियों के स्वागत के बाद सबों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित किया।

Inauguration of the function on the occasion of International Day of Older Persons at Buniyad Bhawan, Madhepura.
Inauguration of the function on the occasion of International Day of Older Persons at Buniyad Bhawan, Madhepura.

प्रबंधक नूरी बेगम ने बताया कि बुनियाद केंद्र से अब तक तीन हज़ार से अधिक नि:शक्त, वृद्ध एवं दिव्यांग जन सेवा ले चुके हैं। केंद्र में मौजूद आधुनिक मशीन और एक्सरसाइज के जरिए विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। यहां बढ़ती उम्र के साथ आने वाली समस्त समस्याओं का भी इलाज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह केंद्र उनके लिए वरदान साबित होगा जिनकी सेवा के लिए इसकी बुनियाद डाली गई है।

बता दें कि उद्घाटन के बाद निदेशक मो.खुर्शीद तथा डीपीओ मो.कबीर ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए यही कहा कि यह बुनियाद केंद्र जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है। उनके फायदे को लेकर चलचित्र का प्रसारण भी किया जा रहा है। सर्व-शिक्षा अभियान के डीपीओ गिरीश कुमार सहित अन्य मौजूद अतिथियों ने समाज में वृद्धजनों के सम्मान में हो रहे अभाव को रेखांकित करते हुए इस बुनियाद केंद्र के महत्व को उजागर किया।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people at Buniyad Bhawan, Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people at Buniyad Bhawan, Madhepura.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासन एवं कुलसचिव आदि अनेक पदों पर कार्यरत रह चुके फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी वाणी, व्यवहार और आचरण से अपने घर के वृद्धजनों को संतुष्ट करते रहें…… हमेशा उन्हें खुश रखने की चेष्टा में लगे रहें। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि हमें नि:शक्त एवं दिव्यांगजनों की मदद तथा वृद्धजनों के सम्मान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभानी चाहिए।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने बुनियाद केन्द्र द्वारा लोगों के वास्ते मुफ्त में किए जा रहे ऐसे कार्यों- “ट्राई साइकिल वितरण, चलचित्र प्रसारण एवं नुक्कड़ नाटक” की जमकर सराहना की तथा शाखा प्रबंधक नूरी बेगम एवं तकनीशियन अमरेन्द्र कुमार अमर सहित उनकी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा भी की।

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जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने किया नामांकन

जनता दल (यूनाइटेड) के सांगठनिक चुनाव के अंतिम चरण में शुक्रवार, 4 अक्टूबर को नई दिल्ली के 7, जंतर मंतर स्थित जदयू के केन्द्रीय कार्यालय में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल किया गया। नीतीश कुमार की ओर से उनके प्रतिनिधि विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी ने जदयू के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी अनिल हेगड़े के समक्ष कुल चार सेटों में नामांकन दाखिल किया।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान, दिल्ली प्रदेश जदयू के अध्यक्ष दयानंद सिंह, युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार एवं बिहार के राज्य निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह समेत दर्जनों नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
ध्यातव्य है कि 4 अक्टूबर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आखिरी दिन था। शनिवार 5 अक्टूबर का दिन स्क्रूटनी के लिए निर्धारित है, जबकि रविवार 6 अक्टूबर का दिन नाम वापसी के लिए तय है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की विधिवत घोषणा राष्ट्रीय परिषद की बैठक में होगी। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक 19 एवं 20 अक्टूबर को राजगीर में होनी थी जिसे बिहार में हो रहे विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। अब राष्ट्रीय परिषद की बैठक 30 अक्टूबर को दिल्ली में होने की संभावना है।

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बारिश की बूंदों के बीच गाँधीमय हुआ जिला मधेपुरा

महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर मेरा शहर मेरे गांधी…… मेरा देश मेरे बापू…… से लेकर आज की तारीख में वह महात्मा वैश्विक कार्यकर्ता के रूप में स्वीकार्य किया जा रहा है… जिसका संपूर्ण जीवन मानवता के लिए एक अमूल्य संदेश है। दुनिया आज भी इनके विचारों को आत्मसात करने में लगी है।

जहाँ दक्षिण अफ्रीका, लाइबेरिया और फिलिस्तीन जैसे देशों की मुद्राओं पर गाँधीजी के चित्र अंकित हैं वहीं इटली के एक राजनीतिक दल के ध्वज पर गाँधी का चित्र विराजमान है और वहाँ की पाठ्य पुस्तकों में गाँधी के विचारों की विस्तृत जानकारी भी अंकित की गई है।

From L-R SP Sanjay Kumar, DM Navdeep Shukla, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri,  Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and others at Samarharnalaya Madhepura during Gandhi Jayanti Celebration.
From L-R SP Sanjay Kumar, DM Navdeep Shukla, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and others at Samarharnalaya Madhepura during Gandhi Jayanti Celebration.

बता दें कि इस अवसर पर गाँव से लेकर प्रखंड तक और जिला से लेकर विश्वविद्यालय तक कहीं “गांधी और स्वच्छता” पर पेंटिंग प्रतियोगिता, तो कहीं गांधी के जीवन पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कहीं छात्रों ने गाँधी के वेश में मनमोहक झांकियाँ निकाली तो कहीं पर्यावरण, हरियाली, शुद्ध पानी व स्वच्छता पर वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। सारा जिला ही दिनभर गाँधीमय बना रहा जबकि बारिश की कहर से बिहार की राजधानी पटना ही विशेष रुप से त्रस्त है।

इस अवसर पर जहाँ एक ओर मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने कहा कि जब तक मानवता जिंदा है, गाँधी के विचारों को हम अपनी आत्मा से अलग नहीं कर सकते… और जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने कहा कि आज गाँधी दर्शन विश्व दर्शन बन गया है…… वहीं दूसरी ओर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने हाॅली क्रॉस स्कूल द्वारा आयोजित तीन-तीन कार्यक्रमों- (गाँधी पर क्विज, पेंटिंग एवं दलितों की 25 बच्चियों की पढ़ाई) का प्राचार्या डॉ.वंदना कुमारी व सचिव गजेंद्र कुमार के साथ संयुक्त रूप से महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

Dr.Madhepuri with Children, Teachers and Guardians making them understand the importance of Gandhi in our life .
Dr.Madhepuri with Children, Teachers and Guardians making them understand the importance of Gandhi in our life .

इस 150वीं जयंती पर मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कोसी प्रमंडल के तीनों जिले से आए सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से यही कहा कि गाँधीजी हमेशा यही कहा करते कि- आदमी का सबसे बड़ा शत्रु है “डर”। लेकिन, गांधी जी को भी एक “डर” हमेशा लगा रहता…… और वह यह कि बस कहीं लोग उन्हें भी भगवान ना मान लें…। गाँधी अनुकरणीय बनना चाहते थे, पूजनीय नहीं।

डॉ.मधेपुरी ने विस्तृत व्याख्या करते हुए अंत में यही कहा कि आज भी देश में नई पीढ़ी के साथ गाँधी जीवित हैं यदि उन्हें गाँधी को समझना है तो खुद गाँधी बन कर देखना होगा तथा यह भी महसूसना होगा कि जिस समय मोबाइल नहीं था उस समय गाँधी जी ने संपूर्ण भारत को कैसे जोड़ कर रखा था। आज हर कोई गाँधी को केवल राजनीति में जिंदा रखना चाहता है….. देशभर में गाँधी को कोई भी अपने आचरण में जिंदा रखना क्यों नहीं चाहता…….?

अंत में मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी द्वारा क्विज में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आये हाॅली क्रास के अमृतराज-ईशान, डीएस एकेडमी के काजल-कंचन एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के रंजीता-पिंटू को….. तथा पेंटिंग में पहला, दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त साक्षी बिहारीगंज एवं हाॅली क्रास के छात्रों को मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जब हाॅली क्रास की प्राचार्या डॉ.वंदना कुमारी और सचिव गजेंद्र कुमार द्वारा 25 दलित बच्चियों को प्रतिदिन पढ़ाने की व्यवस्था के साथ स्कूल ड्रेस, कॉपी-पेंसिल-रबर आदि वितरित किया गया तो डॉ.मधेपुरी ने उत्साहित करते हुए उन बच्चियों से कहा कि मुझे यकीन है कि एक दिन तुम में से कोई पायलट बनोगी, कोई डॉक्टर बनेगी और कोई इंजीनियर……।।

 

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गांधी विचार समागम और जल-जीवन-हरियाली अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना के ज्ञान भवन में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘गांधी विचार समागम’ का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया और जल-जीवन-हरियाली अभियान का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। गौरतलब है कि ‘गांधी विचार समागम’ में विभिन्न विषयों पर गांधी जी के विचारों पर विभिन्न विद्वान वक्ताओं द्वारा 11 सत्रों में 2 से 3 अक्टूबर तक चर्चा होगी।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यदि 10 से 15 प्रतिशत नई पीढ़ी के लोगों में गांधी जी के विचारों के प्रति आकर्षण पैदा हो जाए तो समाज और देश बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने पर्यावरण के प्रति अपने विचार में कहा था कि पृथ्वी सबकी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, लालच को नहीं। हमलोगों ने हर घर तक बिजली पहुंचाई है लेकिन लोग उसका सदुपयोग करें, दुरुपयोग नहीं। हर घर नल का जल वर्ष 2020 तक सभी जगह पहुंच जाएगा। आधी जगहों पर यह योजना पूर्ण हो चुकी है। पेयजल के दुरुपयोग से बचना होगा ताकि जल संरक्षण हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण कभी सूखे की स्थिति, कभी अधिक वर्षापात की स्थिति बन रही है। हाल ही में 3-4 दिनों तक तेज वर्षा हुई जिसके कारण कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बनी। हमलोगों ने आज ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान की शुरुआत की है। जल-जीवन-हरियाली का मतलब है जल है, हरियाली है तभी जीवन है, चाहे जीवन मनुष्य का हो या पशु-पक्षी का। 26 अक्टूबर से प्रत्येक पंचायत से इस अभियान के अंतर्गत कोई न कोई कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। यह अभियान अगले 3 वर्षों तक चलेगा और राज्य सरकार इस पर अपने बजट से 24 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बापू ने सात सामाजिक पापों की चर्चा की है। सभी सरकारी भवनों में सात सामाजिक पापों को इस तरह से अंकित कराना चाहिए कि वे नष्ट न हों। अगर इन बातों का प्रभाव 5 से 10 प्रतिशत लोगों के मन पर भी पड़ेगा तो देश और दुनिया बदल जाएगी। गांधी जी के विचारों के प्रति हमलोग समर्पित हैं और पूर्ण दृढ़ता के साथ इसके लिए काम कर रहे हैं। पर्यावरण के प्रति उनके संदेशों को अपनाते हुए जल-जीवन-हरियाली अभियान की आज शुरुआत की गयी है। उन्होंने कहा कि गांधी विचार समागम का जो आयोजन किया गया है और उसमें चर्चा के बाद नई बातें सामने आएंगी उससे समाज को लाभ होगा। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने गांधी जी के जीवन-वृत्त पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी, आईटीएम विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलाधिपति श्री रमाशंकर सिंह एवं मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार चैधरी, शिक्षा मंत्री श्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, जल संसाधन मंत्री श्री संजय झा, मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव शिक्षा श्री आरके महाजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, पर्यावरणविद् डॉ. वंदना शिवा, आईटीएम विश्वविद्यालय, ग्वालियर के पत्रकारिता विभाग के प्रोफेसर श्री जयंत सिंह तोमर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए गांधीवादी विचारक, सामाजिक कार्यकर्ता, वरीय पदाधिकारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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आरएम कॉलेज सहरसा के प्रोफेसर स्विट्जरलैंड में देंगे व्याख्यान

राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा में भौतिकी के विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार खाँ को “आइंस्टीइन लेक्चर एट यूनिवर्सिटी आॅफ वर्न स्विट्जरलैंड” में 7-9 अक्टूबर तक त्रि-दिवसीय व्याख्यानमाला में अपना लेक्चर देने हेतु जाने की स्वीकृति भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने दी है। डॉ.खाँ के व्याख्यान का मुख्य विषय है- क्रिप्टोग्राफिक लेंस

बता दें कि इसके लिए स्विट्जरलैंड के University of Bern द्वारा डॉ.खाँ को व्याख्यानमाला में शामिल होने का निमंत्रण भी मिला है तथा बीएन मंडल विश्वविद्यालय से उन्हें सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। डॉ.खाँ व्याख्यानमाला में शामिल होने के लिए आज यानी 1 अक्टूबर को ही रवाना होंगे।

यह भी जान लें कि मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए.के.राय के निर्देशानुसार कुलसचिव डॉ.कपिल देव प्रसाद ने स्विट्जरलैंड में आयोजित व्याख्यानमाला एवं यूरोपीय देशों फ्रांस,जर्मनी, इटली व आस्ट्रिया के शैक्षणिक भ्रमण की अनुमति एवं अवकाश की स्वीकृति प्रदान करते हुए 3 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2019 तक मुख्यालय एवं भारत से बाहर रहने की अनुमति प्रदान कर दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सहरसा जिले के वनगाँव निवासी एवं बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार खाँ स्विट्ज़रलैंड में व्याख्यानमाला हेतु आमंत्रण की जानकारी मिलते ही उनके गाँव एवं महाविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। साथ ही मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासक व कुलसचिव रह चुके भौतिकी के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उनके प्रति उत्तरोत्तर आगे बढ़ने की सहृदय होकर शुभकामनाएं व्यक्त की।

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