राष्ट्रीय महात्योहर (चुनाव) के दौरान त्योहारों को लेकर भी बैठकें

मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र न.-13 में भयमुक्त, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग से भेजे गये तीन प्रेक्षकों- (1) सामान्य प्रेक्षक पुनीत गोयल (IAS) (2) पुलिस प्रेक्षक एल.भी.ए. देव कुमार (IPS) एवं व्यय प्रेक्षक रतन कुमार माथुर (IRS), ने मंगलवार को प्रत्याशियों के साथ मधेपुरा समाहरणालय सभाकक्ष में बैठक की एवं चुनाव से संबंधित जानकारियाँ उपलब्ध कराई।

बता दें कि बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) व एसपी संजय कुमार (IPS) के अलावे चुनाव में खड़े प्रत्याशीगण या उनके प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। प्रेक्षकों द्वारा प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं सुनी गई तथा समाधान किया गया।

यह भी बता दें कि बैठक में प्रेक्षकों ने कहा कि प्रत्याशी किसी भी समस्या को लेकर प्रेक्षक या जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम से बात कर सकते हैं ताकि निदान जल्द से जल्द किया जा सके। मधेपुरा संसदीय क्षेत्र के आलमनगर विधानसभा में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह, बिहारीगंज में एसडीएम-एसजेड हसन, मधेपुरा में एसडीएम वृंदालाल, सोनवर्षा विधानसभा में राजेंद्र दास, सहरसा में SDO शंभू नाथ झा तथा महिषी में धीरेंद्र कुमार झा को डिस्पैच व प्राप्ति प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है।

जहाँ एक ओर चुनाव का महासमर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करने हेतु प्रेक्षकों व प्रत्याशियों की बैठकें हो रही है वहीं दूसरी ओर रामनवमी को लेकर हरेक थानाध्यक्ष की अध्यक्षता में मंगलवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। जहाँ रामनवमी के जुलुस के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता को स्वीकार की गई। उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर रखने के साथ-साथ संवेदनशील जगहों एवं चौक-चौराहे पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल भी तैनात किये जाने की स्वीकृति दी गई।

चलते-चलते यह भी कि 14 से 17 अप्रैल तक लगने वाले बाबा विशु राउत राजकीय मेला पचरासी की तैयारी हेतु आयोजित बैठक मंगलवार को ही एसडीओ एसजेड हसन की अध्यक्षता में हुई जिसमें शांति बनाये रखने हेतु मेले में किसी भी राजनीतिक पार्टी का बैनर-पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं दी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जायेगी।

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चुनावी महासमर की तीन सीटें तय करेंगी लालू की अहमियत

इस संसदीय चुनावी महासमर 2019 में बिहार प्रदेश की 3 सीटें- मधेपुरा, पाटलिपुत्र और सारण लालू प्रसाद की सियासी अस्तित्व की पैमाइश कर देंगी। भला क्यों नहीं, इन तीनों सीटों से लालू प्रसाद के राजनीतिक करियर का कोई-न-कोई सूत्र जुड़ा हुआ दिखता है। इन तीनों सीटों से लालू प्रसाद यादव चुनाव लड़ चुके हैं। मधेपुरा में राजनीति के सिद्धहस्त लालू को जिस शरद यादव ने राजग के उम्मीदवार के रूप में पटकनी दी थी उसी शरद को हाथ में लालटेन पकड़ा कर आज मझधार से निकालने में लगे हैं लालू।

बता दें कि 2014 के चुनाव में राजद के पप्पू यादव से जो शरद यादव शिकस्त खा चुके हैं….. वही दोनों इस बार आमने-सामने हैं। पप्पू यादव लोगों के बीच यही कहते हैं- “आपकी सेवा करने वाला इस माटी का बेटा पप्पू चाहिए या वोट लेकर दिल्ली में रहने वाला। लालू का विरोध करने वाला आज उनके नाम पर वोट मांग कर बैतरनी पार करने में लगा है। ……. लोगों को समझना होगा कि बाढ़ हो या सुखाड़ हर समय बेटे की तरह यह पप्पू आपलोगों की सहायता में तत्पर रहता है।…… फैसला आपको करना है….. निर्णय आप को लेना है। मधेपुरा की आजादी के लिए मतदान करेंगे और लालू के लिए जिस पप्पू ने गोली खाई उसे पुनः सेवक बनाने के लिए मतदान करेंगे।”

यह भी जान लें कि एनडीए की ओर से प्रत्याशी बनाये गये कोसी के विकास पुत्र के नाम से लोकप्रिय दिनेश चन्द्र यादव बिना किसी शिकवा-शिकायत में फंसे बस यही कहा करते हैं कि सीएम नीतीश कुमार के शासन में प्रदेश विकसित होगा और पीएम नरेंद्र मोदी के शासन में देश सुरक्षित रहेगा।

और हाँ ! पाटलिपुत्र में कभी लालू ने अपने ही सहयोगी रंजन यादव से पटकनी खाई थी जब प्रो.रंजन यादव जदयू के प्रत्याशी थे। बाद में लालू के अभिन्न रामकृपाल राजद छोड़ भाजपा में शामिल हो लालू की बेटी मीसा भारती को पराजित कर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो गये…. इस बार फिर दोनों आमने-सामने हैं। यह मुकाबला लालू बनाम रामकृपाल ही बोलने लगे हैं लोग।

अंत में बात आती है सारण की सीट। जब सारण को छपरा के नाम से जाना जाता था तब लालू छपरा से 4 बार सांसद चुने गए थे। पिछली बार राबडी देवी यहाँ से भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से पराजित हो गई। इस बार वहीं से लालू के समधी चंद्रिका राय (पुत्र दरोगा राय पूर्व सीएम) को राजद का उम्मीदवार बनाया गया है। ये तीन सीटें लालू के अस्तित्व से जुड़ी है जो 10 अप्रैल को लालू की जमानत के बाबत सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने के बाद ही उसकी दशा और दिशा तय करेगी।

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यूपीएससी की परीक्षा में कोसी अंचल का मधेपुरा जिला ‘सुपर से भी ऊपर रहा’

यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा 2018 में इस बार कोसी के तीनों जिले मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल के बेटे ने अपने-अपने जिले को गौरवान्वित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बार कोसी की धरती ने प्रदेश ही नहीं देश में भी अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर दी है।

बता दें कि जहाँ सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल (सलखुआ प्रखंड) के माठा गांव निवासी गजेन्द्र यादव व राधा देवी के पुत्र चन्द्र प्रकाश ने ऑल इंडिया में 440वाँ रैंक लाकार अपने जिले का नाम रोशन किया और सुपौल जिले के किसनपुर प्रखंड के अंदौली गाँव निवासी चन्द्र किशोर चौधरी व राम शीला देवी के पुत्र सावन कुमार ने आईएएस की परीक्षा में 89वाँ रैंक प्राप्त कर अपने जिले को गौरव प्रदान किया….. वहीं मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड मुख्यालय निवासी आनंद जैन व सुधा जैन के पुत्र नीतेश कुमार जैन ने UPSC Exam. 2018 में अखिल भारतीय स्तर पर 96वाँ रैंक लाकर मधेपुरा जिले का नाम रोशन किया है।

यह भी बता दें कि इन धरती पुत्रों ने अपनी लगन व मेहनत से कोसी की धरती को तो सर्वाधिक गौरवान्वित किया ही साथ ही अपने-अपने माता-पिता व सगे संबंधियों को भी इतनी खुशियां दे डाली कि सभी पास-पड़ोस वालों में मिठाइयां बाँटने से पहले एक-दूसरे को ही मीठाइयाँ खिलाने लगे। इन कोसी पुत्रों की सफलता से इनके गांव के लोगों में भी सर्वाधिक खुशी का माहौल है। रिजल्ट की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई।

मधेपुरा अबतक द्वारा इन धरती पुत्रों से चलभाष पर संपर्क किये जाने और सफलता के बाबत चर्चा करने पर उन्होंने यही कहा कि यदि इच्छाशक्ति दृढ़ हो तो कोई भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। सबों ने यही कहा कि गुरु एवं माता-पिता के सहयोग व आशीर्वाद तथा अपनों की दुआओं व प्यार की बदौलत हमें यह सफलता प्राप्त हुई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सहरसा जिले के महिषी (आरापट्टी) निवासी सरोज चौधरी के पुत्र सजल ने मारुति कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्य करते हुए आईएएस की तैयारी भी की और प्रथम प्रयास में ही 284 वाँ रैंक प्राप्त कर ली। उनकी सफलता पर जहाँ ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है वहीं बीएनएमयू के कुलपति डॉ.ए.के.राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली और पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के बीच चर्चा होने लगी है कि अब जल्द ही शिक्षा पटरी पर आ जाएगी…..!

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कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न, पटना साहिब से लड़ेंगे चुनाव

भाजपा के ‘शत्रु’ ने आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम ही लिया। संयोग देखिए कि आज ही भाजपा का स्थापना दिवस भी है और आज ही के दिन पार्टी के संघर्ष से लेकर उसके शिखर तक साथ रहे बिहारी बाबू ने अपनी राह अलग कर ली। दिल्ली में आज कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इसके साथ ही कांग्रेस ने घोषणा की है कि पार्टी के टिकट से शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब संसदीय सीट से इस बार पार्टी के उम्मीदवार होंगे। यहां उनका मुकाबला भाजपा के दिग्गज नेता व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से होना है।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहित और केसी वेणुगोपाल उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को 39वीं स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज के दिन पार्टी छोड़ना मेरे लिए दुखद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोलते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा को वन मैन शो और टू मैन आर्मी करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा में विरोधियों को दुश्मन नहीं समझा जाता था। लेकिन अब इस पार्टी में विरोधियों को दुश्मन के तौर पर देखा जाता है। इस दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी भाजपा पर सवाल दागा। जीएसटी को तो उन्होंने विश्व का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।

गौरतलब है कि शत्रुघ्न सिन्हा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगता रहा है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कामकाज की आलोचना करते रहे हैं और दोनों पर देश को तानाशाह की तरह चलाने का आरोप लगाते रहे हैं। वे पार्टी में रहने के बावजूद विपक्ष की रैलियों को भी संबोधित करते रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा कहते रहे हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ‘लोकशाही’ थी, जबकि मोदी सरकार में ‘तानाशाही’ है।

बता दें कि पिछले दिनों शत्रुघ्न सिन्हा ने रांची जाकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके आरजेडी में शामिल होने की अटकलें लगायी जा रही थीं। लेकिन, आज सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए वे कांग्रेस के हो गए।

 

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इग्नू के 32वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई डिग्री

उच्च शिक्षा की चाहत रखने वालों के लिए वरदान इग्नू के 32वें दीक्षांत समारोह का लाइव प्रसारण दिल्ली स्थित इग्नू के मुख्यालय से किया गया…… जहाँ से भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू द्वारा संपूर्ण देश भर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययनरत एवं उत्तीर्ण शिक्षार्थियों को संबोधित किया गया। समस्त क्षेत्रीय केन्द्रों पर बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया और डिग्रियां प्रदान की गई।

बता दें कि कोसी क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों द्वारा सहरसा में आयोजित समारोह में बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के कुलपति प्रो.अवध किशोर राय ने दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ.राय ने कहा कि उच्च शिक्षा की चाहत रखने वालों के लिए इग्नू वरदान है क्योंकि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अधिकतम उम्र सीमा की कोई पाबंदी नहीं है। उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु इग्नू से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। गृह कार्यों में व्यस्त महिलाओं के लिए इन विषयों….. एमएच, एमकॉम, एमईसी, एमईजी, एमपीए, एमपीएस, बीटीएस……. आदि में शिक्षा प्राप्त करने के लिए ही तो इग्नू की स्थापना की गई है। कुलपति डॉ.राय द्वारा मास्टर डिग्री के 50 शिक्षार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।

यह भी जानिए कि 8 जिले में जेल बंदियों, महिलाओं एवं अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र के लिए इग्नू के 16 अध्ययन केंद्र कार्यरत हैं। इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक डॉ.तकीउद्दीन अहमद व निदेशक डॉ.मिर्जा बेग, इग्नू के सहायक सचिव जयप्रकाश ओझा, प्रो.जवाहर झा, प्राचार्य डॉ.रेणु सिंह, डॉ.के.एस.ओझा, डॉ.राणा जयराम सिंह आदि ने 250 शिक्षार्थियों को डिग्री प्रदान की।

सभी शिक्षाविदों ने अपने संबोधनों में योग्य शिक्षकों की उपस्थिति के बावजूद कॉलेज के रेगुलर क्लासेस में छात्रों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की और यही कहा कि छात्रों की उपस्थिति को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक सामूहिक प्रयास होना अनिवार्य है।

वर्तमान में पूरे भारत में 903 विश्वविद्यालय हैं, 40 हज़ार कॉलेज हैं तथा 30 लाख शिक्षार्थी इग्नू में नामंकिंत है। क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के 8 जिले में 16 अध्ययन केंद्र क्रियाशील है जिसमें लगभग 17 हज़ार शिक्षार्थी नामांकित है।

कार्यक्रम का संचालन सहायक कुलसचिव ओझा जयप्रकाश ने किया और राजकुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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परिवार से अलग-थलग पड़े तेजप्रताप!

आरजेडी सुप्रीमो सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के बगावती सुर न केवल आरजेडी बल्कि पूरे महागठबंधन के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं, लेकिन फिलहाल वस्तुस्थिति यह है कि वे अबकी बार पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं और उनका परिवार पहले की तरह उनकी नोटिस नहीं ले रहा। इस बीच खबर यह है कि तेजप्रताप ने अपने ससुर चंद्रिका राय के खिलाफ चुनाव लड़ना तय कर लिया है। दूसरी ओर, टिकट से वंचित कर दिए गए आरजेडी के कई उम्मीदवार उनकी ओर उम्मीद से देख रहे हैं। ये वंचित अपने इलाके में वोटरों के बड़े हिस्से को प्रभावित करते हैं। यह प्रभाव उनकी जीत के लिए काफी नहीं है, लेकिन आरजेडी उम्मीदवार की हार के कारण जरूर बन सकते हैं।

गौरतलब है कि लालू-राबड़ी मोर्चा बनाकर तेजप्रताप चार सीटों के लिए अपने उम्‍मीदवारों की घोषणा कर चुके है। साथ ही अपनी बात नहीं माने जाने पर उन्होंने 20 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार उतारने की बात कही है। तेजप्रताप की इस बगावत का फायदा पार्टी के बागी भी उठाना चाह रहे हैं। तेजप्रताप किसी कारण से सुस्त पड़ते हैं तो ये सब बसपा या दूसरे राज्य की किसी अन्य पार्टी के नजदीक जा सकते हैं। कुल मिलाकर इन सबसे नुकसान महागठबंधन का ही होगा।

देखा जाय तो लालू परिवार में यह सियासी जंग नई नहीं है। इसकी शुरुआत बिहार में जदयू, आरजेडी और कांग्रेस की महागठबंधन सरकार बनने के साथ ही हो गई थी। तब लालू के छोटे बेटे तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री का पद मिला था, जबकि तेजप्रताप को मंत्री बनाया गया था। यहीं से दोनों भाइयों के बीच तुलना का दौर भी शुरू हो गया। तेजप्रताप की बगावत की जो बात सामने आ रही है, उसकी पटकथा उसी समय से लिखी जाने लगी थी।

हालांकि तेजप्रताप और तेजस्वी ने हमेशा यही कहा कि सबकुछ सामान्‍य है। यह पहला मौका है, जब तेजप्रताप ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि तेजस्‍वी उनकी बात नहीं मान रहे तथा तेजस्‍वी ने भी तेजप्रताप को नसीहत देते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र व संविधान बचाने का है, न कि इस तरह पारिवारिक विवाद उठाने का।

बताया जाता है कि तेजप्रताप को पिता लालू और माँ राबड़ी की तरफ से मनाने-समझाने की कोशिश की गई, किंतु बात नहीं बनते देख उन्हें पांव खींचने पड़े। उधर पाटलिपुत्र से चुनाव लड़ने जा रही बड़ी बहन प्रचार में व्यस्त हो गई हैं तो छोटे भाई तेजस्वी महागठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में संसदीय क्षेत्रों के लगातार दौरे कर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि तेजप्रताप के बारे में परिवार ने सोचना बंद कर दिया है। यहां तक कि तेज प्रताप को जब किसी ने फोन पर धमकी दी तो भी परिवार की ओर से किसी ने हालचाल नहीं लिया।

उधर पूरे मामले में तेजप्रताप का कहना है कि उनकी लोकप्रियता और पार्टी में बढ़ रहे कद से घबराकर कुछ लोग परिवार में फूट डालना चाहते हैं और दोनों भाइयों में लड़ाई लगाना चाहते हैं। यह पूरी तरह राजनीतिक साजिश है। लालू-राबड़ी मोर्चे से लोग जुड़ रहे हैं। हमारे कार्यक्रमों में आ रहे हैं। इसी कारण धमकियां दी जा रही हैं। तेजप्रताप ने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्‍होंने कहा है कि वे जल्दी ही लालू प्रसाद से मुलाकात कर पूरे मामले से उन्हें अवगत कराएंगे।

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बच्चों का पहला गुरु होती है उसकी माँ

प्रायः बच्चों को सही मार्गदर्शन देने वाली होती है उसकी माँ। सही मार्गदर्शन से ही मिलती है बच्चों को सफलता। बच्चों की प्रतिभा को पंख लगे और उसकी क्षमता को पहचान मिले……. इसके लिए परीक्षा एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता हैै-

ये बातें ऊँचाईयों की ओर कदम बढ़ाते रहने वाले तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित “पुरस्कार सम्मान समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कही।

Chief Guest Dr.Madhepuri is being honoured by Director, Principal and Teachers at Tulsi Public School Madhepura.
Chief Guest Dr.Madhepuri is being honoured by Director, Principal and Teachers at Tulsi Public School Madhepura.

बता दें कि “पुरस्कार सम्मान समारोह” कार्यक्रम के दौरान नर्सरी से ऊपर के सभी वर्गों की वार्षिक परीक्षा में सफल छात्र-छात्राओं में प्रथम-द्वितीय-तृतीय स्थान प्राप्त किये हुए छात्रों को मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी द्वारा मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया तथा उत्साहवर्धन भी किया गया।

कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के स्वागत-सम्मान से शुरू हुआ। तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र, प्राचार्य डॉ.हरिनंदन प्रसाद यादव एवं नारी शक्ति की ओर से शिक्षिका पूजा कुमारी ने मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी को अंगवस्त्रम-बुके आदि देकर सम्मानित किया।

Guardians, Students and Teachers during Prize Distribution Ceremony of Tulsi Public School.
Guardians, Students and Teachers during Prize Distribution Ceremony of Tulsi Public School.

मौके पर अपनी विस्तृत संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। बच्चे तो कच्चे मिट्टी के बर्तन की तरह जिस सांचे में डाले जायेंगे उसी के अनुरूप निखरेंगे। उन्होंने बच्चों की माँ से हाथ उठवाकर यह संकल्प करवाया कि जो बच्चे प्रथम-द्वितीय-तृतीय स्थान प्राप्त नहीं कर पाये हैं उन्हें घर जाकर हतोत्साहित करने के बजाय उत्साहित करते हुए यही कहेंगे कि मेहनत करो…. अगली परीक्षा में तुम जीतोगे……. निश्चय ही जीतोगे। निदेशक श्री सुमित्र ने कहा कि हमारी टीम का प्रत्येक सदस्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहता है।

पुरस्कृत होने वाले में प्रथम स्थान पर रहे एलकेजी से सुषमा, यूकेजी से प्रिंस और वर्ग 1 से लेकर 8 के क्रमशः चीकूराज, सोनू कुमार, दिव्यांशु, सोनी, तनीषा प्रिया, आस्थाप्रिया, शेखर सुमन एवं चेतन आनंद। शिक्षकों में प्राचार्य एचएन यादव, हरेराम, बरुण, विभीषण, मनोज, निर्मल, नंदन…….. शिक्षिका रेणु, रोजी, रिया, पूजा, शिवानी, मनीषा, अंशु…….. अंकित, राजेश, चंदन सहित मंच संचालक नरेश कुमार को भी सम्मानित किया गया।

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नेहरू युवा केन्द्र द्वारा सांस्कृतिक विरासत बचाने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक अजय कुमार गुप्ता की टीम द्वारा बीपी मंडल नगर भवन, शहीद चुल्हाय मार्ग मधेपुरा में एक दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस केन्द्र द्वारा ग्रामीण प्रतिभाओं को हमेशा बेहतर मंच मुहैया कराया जाता है ताकि ग्रामीण युवजनों को राष्ट्रीय स्तर तक जाने का मार्ग प्रशस्त होता रहे।

बता दें कि कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, विश्वविद्यालय के पूर्व कुलानुशासक व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.संजय परमार सहित समन्वयक आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

Chief Guest Dr.Madhepuri distributing Certificates & Momentos to the winners.
Chief Guest Dr.Madhepuri distributing Certificates & Momentos to the winners.

अपने संबोधन में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में युवाओं को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना होगा। कोसी क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में प्रतिभा की कमी नहीं है और नेहरू युवा केन्द्र प्रतिभाओं को सर्वोत्कृष्ट मंच देने का काम कर रहा है।

समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति लुप्त होने के कगार पर है और हम पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में आकर वहाँ के गायन-वादन को सुनने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिससे हमारी संस्कृति को खतरा उत्पन्न होता नजर आने लगा है। डॉ.मधेपुरी ने युवा कलाकारों एवं उनके गुरुओं से अनुरोध किया कि वे मेहनत के साथ रियाज कर कराकर अपनी कला को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की कोशिश में लगे रहें। प्रो.रीता कुमारी एवं प्रो.संजय परमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों की सराहना की जानी चाहिए।

कार्यक्रम में तबला, एकल गीत, लोक नृत्य, समूह लोकगीत, शास्त्रीय संगीत, हस्तकला आदि विधाओं की प्रस्तुति दी गई। सभी प्रतिभागियों को प्रथम-द्वितीय-तृतीय पुरस्कारों एवं प्रमाणपत्रों से नवाजा गया। कार्यक्रम में रोशन कुमार, जय कुमार, रोहित कुमार, सत्य नारायण यादव, पूजा कुमारी, आलोक, अमित, अभिषेक, विजय, वीरू आदि का सहयोग रहा। मंच संचालन आशीष कुमार सत्यार्थी ने किया।

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अब मधेपुरा रोटरी क्लब मानव सेवा में होगा समर्पित

शिक्षा एवं स्वास्थ्य…. से लेकर विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं में मानवता की सेवा करने हेतु मधेपुरा में रोटरी इंटरनेशनल शाखा का गठन किया गया। रोटरी इंटरनेशनल पूरे विश्व में शांति एवं विश्वबंधुत्व की भावना को लेकर मानव सेवा में सक्रिय है।

बता दें कि बिहार-झारखंड के रोटरी क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रो. (डॉ.)राकेश प्रसाद सहित क्लब से जुड़े प्रांतीय एवं लखीसराय रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार, सचिव संतोष कुमार, डॉ.मुनींद्र झा एवं डॉ.ए.के.मधु आदि सदस्यों की मौजूदगी में जिले के चिकित्सकों-शिक्षकों द्वारा प्रायोजित सम्मेलन में अध्यक्ष के रूप में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.अमित आनंद एवं सचिव के रूप में हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ.पीके मधुकर सर्वसहमति से चुने गये।

आगे रोटरी गवर्नर प्रो.राकेश प्रसाद सहित अन्य अतिथियों ने रोटरी क्लब के कार्यों की विस्तार से चर्चा करते हुए यही कहा कि समाज एवं देश के वंचितों के विकास के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी नवगठित क्लब के सदस्यों को बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी होगी। सबों ने मधेपुरा में रोटरी क्लब की स्थापना को गौरव की बात कही और साथ-साथ यह भी कहा कि अब तक रोटरी क्लब 200 देशों में लगभग 35 हज़ार क्लब स्थापित कर लिया है।

इस अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल एवं भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के सानिध्य में रहकर वे भी उन्हीं के राह पर चलते-चलते एक (चलता-फिरता) रोटरी क्लब बन गये हैं और जिन्हें यहाँ कोई नहीं देखता उन्हें देखने में लगे रहते हैं…. दबे-कुचले लोगों के दर्द में काम आने लगे हैं।

यह भी जान लें कि आरंभ में राष्ट्रगान के बाद रोशन कुमार के निर्देशन में हॉली क्रॉस की बच्चियों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया…… अतिथियों को बुके सहित बाबा सिंहेश्वर नाथ की स्मृति चिन्ह भेंट किया गया और संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ.अमित आनंद ने जहाँ स्वागत भाषण दिया वहीं धन्यवाद ज्ञापन सचिव डॉ.मधुकर ने किया।

कार्यक्रम में मुख्यरूप से समाजसेवी चिकित्सक डॉ.ए.के.मंडल, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डा.बंदना कुमारी, एसबीआई डिप्टी मैनेजर कुंदन कुमार आदि ने सम्बोधित किया। डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.बरुण कुमार, डॉ.दीपक कुमार, डॉ.पी. प्रियदर्शनी, डॉ.अंजनी कुमार, डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ.अरुण कुमार, ई.राजेश कुमार, दिनेश कृष्ण, गजेन्द्र कुमार, विधान कुमार , डॉ.प्राची , डॉ.प्रमोद एवं धीरज कुमार गुड्डू सहित दर्जनों प्रमुख समाजसेवियों ने रोटरी क्लब की सदस्यता ग्रहण की। मंच संचालन ओम प्रकाश ने किया। अंत में अध्यक्ष द्वारा घंटी बजाकर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई।

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