प्रतिदिन 1246 शौचालय निर्माण करने की चेतावनी दी डीएम ने

जहाँ एक ओर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सितंबर 2018 तक में बिहार के 238 मानव रहित रेलवे क्रासिंग को बंद करने की घोषणा की है, वहीं मधेपुरा के डीएम नवदीप शुक्ला ने अपने पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिले में प्रतिदिन 1246 शौचालयों का निर्माण करवाकर  अक्टूबर 2018 तक पूरी तरह शौचमुक्त जिला घोषित करने का लक्ष्य दिया है |

बता दें कि समाहरणालय सभागार में सोमवार को विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में हुई | उन्होंने कहा कि बार-बार हिदायत देने के बावजूद जिले में शौचालय निर्माण की स्थिति ठीक नहीं हो रही है | इसके लिए पदाधिकारी एवं कर्मी भी कहीं न कहीं जिम्मेवार हैं | चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि अधिकारी सहित संलग्न कर्मी अपने-अपने कार्यप्रणालियों में सुधार लायें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें |

जहाँ बैठक में डीएम ने कहा कि 75% शौचालय का निर्माण होने पर वार्ड को पूर्ण भुगतान कर दिया जायेगा और 95% निर्माण कार्य पूरा होने पर वार्ड पूरी तरह ओडीएफ (Open Defecation Free) घोषित कर दिया जाएगा वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिले के 2242 वार्ड में 416 वार्ड ओडीएफ घोषित कर दिये गये हैं |

अंत में डीएम ने सभी सम्बद्ध पदाधिकारियों को निदेश देते हुए यही कहा कि शौचालय निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए गाँव-समाज के प्रबुद्धजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ मिल-बैठकर निर्माण कार्य को पूरा करें | सुबह से शाम तक 393 सुरक्षाकर्मी फॉलोअप का कार्य कर रहे हैं | पदाधिकारी प्रखंड के सभी पंचायतों में गणमान्यों के साथ इस बाबत बैठक भी करें |

सम्बंधित खबरें


क्या आपने कभी महिलाओं को बैंड बजाते देखा है?

क्या आपने कभी महिलाओं को बैंड बजाते देखा है? नहीं ना? वैसे भी ये काम परंपरागत तौर पर पुरुषों का माना जाता है। लेकिन जब परिवर्तन की बयार चल रही हो तो रूढ़ियां टूटती हैं और कुछ ऐसा होता है कि दुनिया दांतों तले ऊँगली दबा ले। जी हाँ, कुछ ऐसा ही हुआ है बिहार की  राजधानी पटना के बाहरी हिस्से के एक छोटे से गांव में जहां महिलाओं के एक समूह ने एक संगीत बैंड बनाया है। आप और अधिक चौंकेंगें जब जानेंगे कि ये सभी महिलाएं दलित समुदाय से आती हैं। आज यह बैंड सारी सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ रहा है। ये महिलाएं शादी समारोह में देर रात तक बाहर रहकर बैंड बजाती हैं और न केवल अपने घर बल्कि पूरे समाज के लिए उदाहरण बनकर सामने हैं।

गौरतलब है कि यह बैंड पटना के दानापुर में धिबरा गांव की 10 महिलाओं ने बैंड बनाया है। इस बैंड का नाम उन लोगों ने ‘सरगम बैंड’ रखा है। बैंड की सभी महिलाओं की उम्र लगभग 30 साल है। वे शादी एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में शिरकत करती हैं। बता दें कि इस बेहद खास बैंड की अगुआई ‘नारी गूंज’ नाम के एनजीओ की संचालक सुधा वर्गीस कर रही हैं। वे गदगद होकर कहती हैं कि रविदास समुदाय की ये महिलाएं खुद के लिए विशिष्ट पहचान तैयार करने में लगी हैं। बैंड की महिलाएं सुधा को सुधा दीदी कहकर बुलाती हैं।

बकौल सुधा 2016 में वह रविदास समुदाय की महिलाओं के साथ काम कर रही थीं उसी दौरान उन्हें यह आइडिया आया। उनके समुदाय में अधिकांश महिलाएं या तो खेतों में काम करती हैं या मजदूरी करती हैं। जब उन्होंने धिबरी की महिलाओं के साथ अपने विचार साझा किए तब शुरुआत में अविश्वास के रूप में प्रतिक्रिया सामने आयी। यह अस्वाभाविक नहीं था। किसी ने भी यहां महिलाओं के संगीत बैंड के बारे में नहीं सुना था। जो काम उन्हें करने के लिए कहा जा रहा था वह पुरूषों का काम माना जाता है। बहरहाल, काफी काउंसलिंग के बाद कुछ महिलाएं राजी हुईं और वे सुधा के साथ आ गईं।

आज उन महिलाओं के एक सकारात्मक और साहस भरे कदम ने इतिहास रच दिया है। अब तो वे दूर-दूर जाकर भी बैंड बजाती हैं। देश और दुनिया के लिए महिला सशक्तिकरण का अनोखा मिसाल पेश कर रही बिहार की इन महिलाओं को हमारा सलाम।

सम्बंधित खबरें


नीति आयोग की बैठक में छाए रहे बिहार और नीतीश कुमार

राजधानी दिल्‍ली में रविवार को संपन्‍न नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बिहार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार छाए रहे। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग एक बार फिर पुरजोर तरीके से रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग के शासी परिषद की चौथी बैठक में अपनी मांग दोहराते हुए उन्होंने विकास के मानकों के साथ-साथ मानव विकास से संबंधित सूचकांक में बिहार के पिछड़ेपन का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही उन्होंने सात निश्चय के तहत चल रहे कार्यक्रमों तथा सामाजिक अभियान के अंतर्गत शराबबंदी, दहेज उन्मूलन व बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यदि अंतर क्षेत्रीय एवं अंतरराज्यीय विकास के स्तर में भिन्नता से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की जाए तो पाया जाएगा कि कई राज्य विकास के मापदंड, जैसे प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सांस्थिक वित्त एवं मानव विकास सूचकांकों पर राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे हैं। ऐसी स्थिति में तर्कसंगत आर्थिक रणनीति वही होगी जो ऐसे निवेश और अंतरण की पद्धति को प्रोत्साहित करे जिससे पिछड़े राज्यों को एक निर्धारित समय सीमा में विकास के राष्ट्रीय औसत तक पहुंचने में मदद मिले।

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के पक्ष में प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इससे केंद्र प्रायोजित योजनाओं के केंद्रांश में वृद्धि होगी और राज्य को अपने संसाधनों का उपयोग, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं में करने का अवसर मिलेगा। वहीं केंद्रीय जीएसटी में अनुमान्य प्रतिपूर्ति मिलने से निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही उन्होंने बीआरजीएफ के लंबित 1651.29 करोड़ के शीघ्र भुगतान की मांग भी गवर्निंग काउंसिल के सामने रखी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में चल रहे सात निश्चय कार्यक्रम के साथ-साथ चल रहे पूर्ण शराबबंदी, दहेजबंदी, बाल विवाहबंदी जैसे सामाजिक अभियानों की चर्चा भी की और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे इन कार्यक्रमों के लिए नीति आयोग के समर्थन व अतिरिक्त संसाधन की मांग की। आगे सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों को सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता का उल्लेख राष्ट्रीय दृष्टि पत्र 2030 में स्पष्ट रूप से किया जाना चाहिए।

सम्बंधित खबरें


भुला दो सारे शिकवे, चलो मनाएं ईद !

ईद 30 रोजे पूरे होने का दिन होता है | पवित्र रमजान के महीने हर बच्चा-बूढ़ा और नौजवान खुदा की इबादत करने हेतु रोजा रखते हैं | अंतिम दिन ईद का चाँद दिखते ही एक दूसरे को तत्क्षण “चाँद मुबारक” कहकर बधाई देने लगते हैं | बड़े-बुजूर्गों का आशीर्वाद लेने लगते हैं | अगली सुबह ईद की नमाज से पूर्व गरीबों को कुछ दान (यानि जकात-उल-फितर) देते हैं |

Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with the Present MP of Madhepura Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav expressing & explaining the importance of Eid to Muslim Youngters in presence of Dr.Ashok Kumar (Principal Madhepura College) after finishing Eid Namaz near Madhepura Eidgah.
Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with the Present MP of Madhepura Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav expressing & explaining the importance of Eid to Muslim Youngters in presence of Dr.Ashok Kumar (Principal Madhepura College) after finishing Eid Namaz near Madhepura Eidgah.

बता दे कि ईद के रोज जो नमाज पढ़ी जाती है वो बन्दों की तरफ से अल्लाह को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए होती है कि उसने उन्हें रोजा रखने की तौफीक दी | फिर बाद में ईद की नमाज पढ़ लेने के बाद सभी एक दूसरे को ईद की बधाई देते हुए “ईद मुबारक” कहते हैं | हिन्दू-मुस्लिम सभी एक दूसरे से गले मिलते हैं | सारे शिकवे भुलाकर ईद मनाते हैं | सारे मैल को धो डालते हैं |

आज सवेरे मुल्क के सभी हिस्से में ईद की नमाज ईदगाह में अदा की गई | मधेपुरा ईदगाह में जहाँ भारी संख्या में मुस्लिम रोजेदारों ने नमाज पढ़ी, वहीं बाहर में मधेपुरा के वर्तमान सांसद पप्पू यादव एवं पूर्व सांसद शरद यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ ईश्वर से अमन-चैन की दुआ मांगी…….. साथ ही नीतीश सरकार के केबिनेट मिनिस्टर रमेश ऋषिदेव भी अपनी टीम के साथ ‘ईद मुबारक’ करते और गले मिलते देखे गये |

Former MP of Madhepura & Senior leader of National Politics Shri Sharad Yadav along with Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Ex-MLC Shri Vijay Kumar Verma, Ex-MLA Shri Parmashwari Prasad Nirala, Congress District President Shri Satyendra Singh & others waiting to give Eid Mabarak in front of Madhepura Eidgah.
Former MP of Madhepura & Senior leader of National Politics Shri Sharad Yadav along with Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Ex-MLC Shri Vijay Kumar Verma, Ex-MLA Shri Parmeshwari Prasad Nirala, Congress District President Shri Satyendra Singh & others waiting to greet Eid Mabarak in front of Madhepura Eidgah.

मधेपुरा के डॉ.कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने सबों से यही कहा – “ईद सिर्फ आपसी मिल्लत, सद्भाव व भाईचारे का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह पर्व अल्लाह द्वारा बन्दों को (दिये गये हुक्म के अनुसार) 30 रोजे रखकर खुद को संतुलित करने तथा समाज को बराबरी पर लाने का मौका है | यह छोटे-बड़े और अमीर-गरीब के दस्तरखान का फर्क मिटाने का अवसर प्रदान करता है | यदि कहीं कोई फर्क रह भी जाय तो हर एक से गले मिलकर ‘बराबरी’ को मजबूत करने का अंतिम मौका देता है | यह बराबरी का पाठ पढ़ाता है, बिछाता है और ओढ़ता है |

यह भी जानिये कि रमजान के महीने में रोजे रखने का फर्ज करार दिया गया है | केवल इसलिए कि इंसान को भूख-प्यास का अहसास हो सके और वह लालच से दूर होकर सही राह पर चल सके….|

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ जिला मुख्यालय के सभी मस्जिदों के आस-पास तथा विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल मुस्तैद रहे तथा शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये रखने के लिए डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी बाबूराम अपनी-अपनी टीम के साथ मुस्तैद दिखे, वहीं ईदगाह में इमाम कारी मुस्तकीम तथा बड़ी मस्जिद में मौलाना सगीर नमाज अदा करवाये | साथ ही मो. शौकत अली, ध्यानी यादव आदि साफ-सफाई के अतिरिक्त रोशनी-पानी व्यवस्था हेतु चौकस रहे |

सम्बंधित खबरें


बिहार को गौरवान्वित की मधुबनी की बेटी अद्विका ने !

जहाँ हाल ही में बिहार की पहली महिला पायलट बनी दरभंगा जिले की भावना कंठ वहीं दरभंगा से सटे मधुबनी जिले के छोटे से गाँव ‘उमरी’ की दूसरी बेटी अद्विका के वायुसेना में पायलट के पद पर चयनित होने से गाँव एवं जिला ही नहीं बल्कि समस्त बिहार पुनः गौरवान्वित हुआ है | अद्विका के माता-पिता ने फोन पर अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उनके लिए इससे अधिक गर्व की बात और क्या होगी कि वे जिस भारतीय सेना में एक कर्मी रहकर काम किये हैं उसी में आज उनकी बेटी एक अधिकारी के तौर पर चुनी गई है |

बता दें कि पायलट के लिए सफल 26 उम्मीदवारों में 20 लड़के एवम 6 लड़कियों में बिहार से एकमात्र अद्विका चयनित हुई | अद्विका की  पायलट वाली ट्रेनिंग आगामी 0 2 जुलाई से हैदराबाद के ‘डुंडीगल’ में शुरू होगी |

यूँ तो ‘उमरी’ गाँव के कुछ लोगों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए मिथिलांचल को गौरवान्वित करते रहे हैं, आज उसी कड़ी को और आगे बढ़ाते हुए गांव की एक और बेटी अद्विका द्वारा महिला सशक्तिकरण की मिसाल को सर्वाधिक प्रगाढ़ किया गया |

जानिये कि कुछ ही वर्ष पूर्व तक भारत में विमान उड़ाती महिलाएं बहुत कम दिखती थी | महिला पायलट को विमान उड़ाते देखने के लिए जहाँ लोगों को महिला दिवस का इंतजार करना पड़ता वहीं आज की तारीख में विश्व में सबसे अधिक महिला पायलट भारत में ही है यानि हर 8वीं फ्लाइट की कमान महिला के हाथ में……. यानि 10,000 पायलटों में 1200  महिलाएँ ही हैं और अब तो बिहार की बेटी भावना कंठ और अद्विका उड़ायेगी भारतीय सेना के लड़ाकू विमानों को…….. और आगे ना मालूम……!!!

सम्बंधित खबरें


फीफा वर्ल्ड कप 2018 का शानदार आगाज

मॉस्को के लुजनिकी स्टेडियम में रंगारंग प्रस्तुति के साथ ‘पैरों के जादूगरों’ के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप का शानदार आगाज हुआ। उद्घाटन समारोह में सबसे पहले स्पेन के पूर्व कप्तान और गोलकीपर इकर कासिलास और मॉडल नतालिया वोडियानोवा विश्व कप ट्रोफी को लेकर मैदान पर आए। इसके कुछ देर बाद ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डो का आगमन हुआ। उन्होंने बॉल को मस्कट (विश्वकप का शुभंकर) की ओर पास किया, जिसे उनके साथ आए एक बच्चे ने किक लगाकर बॉल पिच (परंपरागत तरीके से कार्यक्रम का आगाज) किया।

रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत ब्रिटिश गायक रॉबी विलियम्स ने ‘आय नो’ गाना गाकर की। उनके बाद रूस की गायिका एइडा गारिफुलिना ने अपनी प्रस्तुति दी। दोनों गायकों ने मिलकर मैदान पर मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। रॉबी ने ‘लेट मी एंटरटेन यू’, ‘फील’ और ‘बर्ड-काइट्स’, सहित अपने हिट्स गानों पर जोरदार प्रस्तुति दी। इन दोनों की प्रस्तुति के दौरान 32 जोड़े विश्व कप में हिस्सा ले रहे सभी देशों की पोशक में उनके झंडे के मार्च करते दिखे। दोनों गायकों की प्रस्तुति खत्म होने के बाद मैच की आधिकारिक गेंद को लेकर मॉडल विक्टोरिया लोपरेया उतरीं।

उद्घाटन समारोह खत्म होने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भाषण दिया और कहा, ‘हम विश्व कप की मेजबानी कर बेहद खुश हैं। फुटबॉल को यहां बहुत प्यार किया जाता है। हमारी जो भी संस्कृति हो, लेकिन फुटबाल हमें एक साथ लेकर आता है। मैं सभी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि आपका अनुभव यादगार रहेगा।’ पुतिन के बाद फीफी के अध्यक्ष गियानी इन्फेंटीनो ने भी सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं और विश्व कप के सफल आयोजन की कामना की। उद्घाटन समारोह के लिए अर्मेनिया, अजरबेजान, बेलारूस, बोलीविया, उत्तरी कोरिया, काजाकिस्तान, किर्गिस्तान, लेबनान, मोलड़ोवा, पैराग्वे, पनामा, सऊदी अरब जैसे देशों ने खास तौर पर अपने प्रतिनिधि भेजे थे।

फुटबॉल प्रेमियों को बता दें कि विश्व कप का आयोजन 14 जून से 15 जुलाई तक होगा। यह फीफा का 21वां वर्ल्ड कप है। टूर्नामेंट में 8 पूल की 32 टीमें खिताब के लिए जोर लगा रही हैं और अगले एक महीने तक 11 शहरों के 12 मैदान पर कुल 64 मैच खेले जाएंगे। यह भी जानें कि इस टूर्नामेंट का मौजूदा चैंपियन जर्मनी, जबकि रनरअप अर्जेंटीना है।

फीफा विश्वकप के आठों पूल और उनमें खेलने वाली 32 टीमें इस प्रकार हैं: पूल A: रूस, उरुग्वे, मिस्र, सउदी अरब;  पूल B: पुर्तगाल, स्पेन, ईरान, मोरक्को; पूल C: फ्रांस, पेरू, डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया; पूल D: अर्जेंटीना, आइसलैंड, क्रोएशिया, नाइजीरिया; पूल E: ब्राजील, सर्बिया, कोस्टारिका, स्विट्जरलैंड; पूल F: जर्मनी, मेक्सिको, स्वीडन, साउथ कोरिया; पूल G: इंग्लैंड, बेल्जियम, ट्यूनिशिया, पनामा और पूल H: कोलंबिया, पोलैंड, जापान, सेनेगल।

चलते-चलते यह भी बता दें कि उद्घाटन मैच में मेजबान रूस ने सऊदी अरब पर 5-0 से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में रूस ने पहले हाफ में दो और दूसरे हाफ में तीन गोल किए। टूर्नमेंट का पहला गोल मैच के 12वें मिनट में दागा गया और यह गोल रहा यूरी गाजिंस्की के नाम।

सम्बंधित खबरें


मंडल विश्वविद्यालय को सँवारने में प्रथम छात्रसंघ का दायित्व अहम !

भू.ना.मंडल विवि को 25 वर्ष के जीवनकाल में डॉ.ए.के.राय एक ऐसे कुलपति मिलें जिन्होंने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में ही दो ऐसे कार्यों को अंजाम दिया है जिसके चलते वे विश्वविद्यालय के इतिहास में सदा याद किये जाते रहेंगे- पहला यह कि 25 वर्षों से कार्यरत लगभग 85 कारसेवकों की सेवा नियमितिकरण कर उनके घरों में खुशियों की बहार के साथ-साथ विश्वविद्यालय कार्यों में गति देना…….. दूसरा यही कि 25 वर्षों के बाद शांतिपूर्ण ढंग से छात्र संघ का चुनाव करवा देना जो विश्वविद्यालय  के विकास कार्यों के साथ-साथ उसकी गरिमा को भी ऊंचाई प्रदान करेगा |

बता दें कि जहाँ छात्रों, अभिभावकों एवं बुद्धिजीवियों ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली, मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ.जितेन्द्र प्रसाद सिंह, कुलानुशासक डॉ.अरुण कुमार सहित चुनाव समिति से जुड़े राजेश सिंह, बिट्टू कुमार, कमल किशोर ठाकुर आदि की सराहना की और साधुवाद दिया वहीं छात्र संघ के चयनित 20 में से उपस्थित 17 प्रतिनिधियों  के शपथग्रहण समारोह का उद्घाटन करते हुए विद्वान कुलपति डॉ.राय ने उन्हें शॉल देकर सम्मानित किया और साथ ही यही कहा कि विश्वविद्यालय के समस्त छात्रों ने छात्र संघ के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी दे दी है | उन्होंने कहा कि आगे उड़ान भरने के लिए उन्हें पंख की नहीं, हौसलों की जरूरत होगी |

President, Secretary, Treasure and other members of students union (BNMU) taking oath in the Auditorium Hall of BNMU Madhepura.
President, Secretary, Treasurer and other members of students union (BNMU) taking oath in the Auditorium Hall of BNMU Madhepura.

यह भी जान लें कि कुलपति ने जहाँ यह कहा कि छात्र संघ ऐसा कोई कार्य न करे जिससे विश्वविद्यालय का नाम प्रदेश व देश में कभी बदनाम हो, वहीं उन्होंने यह भी कह डाला कि हमारे लिए छात्रसंघ सर्वोपरि है न कि कोई राजनीतिक पार्टी | लगे हाथ कुलपति ने कहा कि छात्रसंघ अस्त्र-शस्त्र नहीं बल्कि बोली की मधुरता, व्यवहार, आचार व विचार से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ायेगा……. क्योंकि नियमानुसार छात्र संघ के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल के सदस्य भी होंगे |

शपथ-ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली ने छात्रसंघ के नियम-कानून एवं अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से बताते हुए इस चुनाव में प्रथम वोट डालनेवाली सोनी कुमारी को अपनी तरफ से पुरस्कार स्वरूप ₹500 का इनाम माननीय कुलपति डॉ.राय के हाथों दिलाया |

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.जितेन्द्र प्रसाद सिंह ने नवनिर्वाचित छात्रसंघ के अध्यक्ष कुमार गौतम, उपाध्यक्ष अमरदीप कुमार, सचिव आशीष कुमार झा, संयुक्त सचिव अमृत राज, कोषाध्यक्ष सोनी कुमारी सहित केंद्रीय काउंसिल मेंबर में नीरज कुमार निराला, अभिनंदन कुमार, दिलीप कुमार दिल, रोशन कुमार, माधव कुमार, पूजा कुमारी, आंचल सिंह, आकृति तथा राजू कुमार के साथ-साथ संकाय काउंसिल मेंबर में समर कुमार, बिट्टू कुमार, अक्षत सिद्धांत को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई | अपरिहार्य कारणवश जिन तीन सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, वे हैं त्रिलोक नाथ झा, कृष्ण कुमार एवं रजनीश कुमार |

सम्बंधित खबरें


मिले ट्रंप और किम, पूरी दुनिया ने ली चैन की सांस

कभी एक दूसरे का मजाक उड़ाने वाले और कट्टर विरोधी रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच मंगलवार को सिंगापुर में ऐतिहासिक शिखर वार्ता हुई। किम ने जहां पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है, वहीं ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब दक्षिण कोरिया में सैन्य अभ्यास नहीं करेगा। अगर दोनों देश अपने वादों पर खरे उतरे तो यह विश्व शांति की दिशा में निश्चित तौर पर मील का पत्थर साबित होगा।

दोनों नेताओं की बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाह किस कदर टिकी हुई थी इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस ऐतिहासिक पल को कवर करने के लिए दुनिया भर से 3000 पत्रकार सिंगापुर पहुंचे थे। ट्रंप और किम ने भी निराश नहीं किया। दोनों नेताओं ने मुलाकात को लेकर जैसी गंभीरता और इस दौरान एक-दूसरे के प्रति जैसी गर्मजोशी दिखाई वह निश्चित तौर पर स्वागत योग्य है।

समिट के अंत में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमलोगों ने बेहद अहम डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बहुत व्यापक डॉक्युमेंट है। यही नहीं ट्रंप ने किम जोंग-उन को अत्यंत प्रतिभाशाली बताया और कहा कि हम कई बार मिलेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह निश्चित तौर पर किम को वाइट हाउस बुलाएंगे। उधर ऐतिहासिक डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि हमने इतिहास को पीछे छोड़ने का फैसला किया। किम ने कहा कि दुनिया बड़े बदलाव देखेगी। उन्होंने इस बैठक के लिए ट्रंप का शुक्रिया कहा।

ट्रंप और किम जोंग-उन की समिट की वजह से चीन के चिंतित होने की खबरें आ रहीं थीं लेकिन बैठक के बाद इसके सुर बदल गए। चीन ने कहा कि इस समिट ने इतिहास बनाया है। यहां तक कि दक्षिण कोरिया ने भी ट्रंप और किम की मीटिंग को ‘सदी की बातचीत’ कहकर इसकी तारीफ की है। इस मुलाकात के बाद नि:संदेह पूरी दुनिया ने चैन की सांस ली है। विश्व-शांति के लिए सचमुच यह एक बड़ा दिन था।

सम्बंधित खबरें


एम्स में हैं वाजपेयी, चल रहा है डायलिसिस

पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहे हरदिल अजीज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एम्स में हैं। एम्स अस्पपाल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें सोमवार को यूरिन इन्फेक्शन और किडनी संबंधी परेशानी के चलते एम्स में भर्ती कराया गया है और यहां उनका डायलिसिस चल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री को अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी, यह अभी तय नहीं है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह 9 बजे एम्स की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी होगा। उसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।

सोमवार शाम को वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, पार्टी के वरिष्ठ नेता व वाजपेयी के अनन्य सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा, प्रकाश जावड़ेकर समेत कई बड़े नेता एम्स पहुंचे। एम्स में वाजपेयी का हालचाल जानने के बाद केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने पत्रकारों को बताया, ‘वह (वाजपेयी) ठीक हैं और चिंता करने की जरूरत नहीं है।’ वहीं, भाजपा नेता विजय गोयल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का यूरिन इन्फेक्शन का इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि वह (वाजपेयी) मंगलवार को घर जा सकेंगे।

इससे पहले एम्स अस्पताल की ओर से बताया गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री को नियमित जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के नेतृत्व में अनुभवी डॉक्टरों की टीम 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। बता दें कि डॉक्टर गुलेरिया पिछले तीन दशकों से उनके निजी डॉक्टर हैं।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य खराब होने के साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी धीरे-धीरे सार्वजनिक जीवन से दूर होते चले गए और पिछले कुछ सालों से वह अपने घर पर ही हैं। भाजपा के संस्थापकों में शामिल वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। इसमें शायद ही किसी को दो राय हो कि उनका सम्मान दलगत सीमाओं से ऊपर है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व अगली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। भारतीय राजनीति के इस अद्भुत प्रतिमान के स्वस्थ व दीर्घायु होने के लिए आज पूरा देश प्रार्थनारत है। उनके लिए हमारी भी मंगलकामनाएं।

सम्बंधित खबरें


स्पेन के मंत्रिमंडल में दो तिहाई महिलाएं

स्‍पेन में हाल ही में नई (समाजवादी) सरकार आई है और इसके मुखिया हैं 46 वर्षीय पैड्रो सांचेज। बुधवार को प्रधानमंत्री सांचेज ने अपनी 17 सदस्यीय कैबिनेट का ऐलान किया जिसमें 11 यानि लगभग दो तिहाई महिलाएं हैं। स्पेन और यूरोपीय देशों के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी सरकार में महिलाओं को इतनी बड़ी भागीदारी दी गई हो। सांचेज ने अपने मंत्रियों के नाम की घोषणा मोनक्लोआ पैलेस से की और गुरुवार को स्पेन के राजा फिलिप-6 ने इन सभी को शपथ दिलाई गई।

स्‍पेन के युवा प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी नई सरकार ‘साफ तौर पर समानता के लिए प्रतिबद्ध है’ और स्‍पेन के समाज में होने वाले बदलावों को प्रदर्शित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्‍पेन में सन् 1975 में जनरल फ्रांसिस्‍को फ्रैंकों की मौत के बाद जबसे लोकतंत्र की बहाली हुई है, यह पहली सरकार है जिसमें महिलाओं को बहुमत दिया गया है। बकौल सांचेज यह उच्‍च योग्‍यता वाली सरकार है, जो समाज में समानता का प्रतिनिधित्‍व करेगी और साथ ही यूरोप और दुनिया में एक नई शुरुआत करेगी। गौरतलब है कि स्‍पेन में लैंगिक समानता को लेकर आठ मार्च को महिलाओं ने हड़ताल की थी। उन्होंने इस दौरान इस हड़ताल का भी जिक्र किया।

स्‍पैनिश कैबिनेट में शामिल मंत्रियों की बात करें तो इसमें कारमन साल्‍वो को उपप्रधानमंत्री और समानता मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है। वह पहले संस्कृति मंत्रालय की मुखिया थीं। इसके अलावा नादिया सैल्विनो को वित्‍त मंत्रालय का काम सौंपा गया है। नादिया इससे पहले यूरोपियन कमीशन में बजट डायरेक्‍टर जनरल का पद संभाल रही थीं। वहीं डोलोरेस डेलगाडो को देश का जस्टिस मंत्री बनाया गया है। उन्‍हें ह्यूमन राइट्स और आतंकवाद से जुड़े मामलों में महारत हासिल है। अन्य मंत्रियों में बार्सिलोना में जन्‍मीं मेरिटेक्सेल बैट स्पेन की टेरिटोरियल मिनिस्‍टर बनाई गई हैं और यूरोपियन संसद की अध्‍यक्ष रह चुकी जोसेफ बॉरेल देश की विदेश मंत्री हैं। स्पष्ट है कि स्‍पेन में सारे अहम विभाग महिलाओं को दिए गए हैं। उन्हें केवल खानापूरी के लिए कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री सांचेज ने बाकी विभागों के लिए भी मंत्रियों को सोच-समझ कर चुना है और उनकी विशेषज्ञता को तरजीह दी है। उदाहरण के तौर पर उनकी कैबिनेट में एक एस्‍ट्रोनॉट और एक जर्नलिस्‍ट को भी जगह दी गई है। जी हाँ, सांचेज ने दो स्पेस मिशन लीड कर चुके 55 वर्षीय पेड्रो ड्यूक को देश का साइंस और इनोवेशन मिनिस्‍टर बनाया है। उनके पास वहां की सारी यूनिवर्सिटी की भी जिम्‍मेदारी होगी। वहीं जर्नलिस्‍ट मैक्सिम ह्यूरेता को देश का नया संस्‍कृति और खेलकूद मंत्री बनाया गया है। स्वयं प्रधानमंत्री सांचेज युवा होने के साथ-साथ इकोनॉमिक्स में खासी योग्यता रखते हैं। वह इस विषय के प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्‍होंने स्पेन में पिछले हफ्ते हुए चुनावों में कंज‍रवेटिव पार्टी के मारियानो राजो को हराया है।

चलते-चलते स्पेन की नई कैबिनेट से जुड़ी एक अहम बात और। स्पेन की यह कैबिनेट जहां अपने फेमिनिस्ट होने के कारण चर्चा में है वहीं इस बात के लिए भी कि स्पेन के इतिहास में यह पहली सरकार है, जिसने बाइबिल की जगह संविधान की शपथ ली। यानि हर तरह से एक नई शुरुआत।

सम्बंधित खबरें