केन्द्र सरकार अब 6 माह का ट्रेनिंग देकर ही पैदा करेगा डॉक्टर

1956 ईस्वी. से राज्यों एवं केन्द्र सरकारों द्वारा मनोनीत एवं निर्वाचित केवल चिकित्सीय सदस्यों द्वारा गठित पारदर्शी संस्था MCI (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) को खत्म कर NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) गठन करने हेतु भारत सरकार ‘बिल’ पारित करने जा रही है I देशभर के डॉक्टरों ने गोलबंद होकर इस बिल के विरोध में सड़क से सदन तक चरणबद्ध आंदोलन करने की घोषणा की है I

बता दें कि IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के प्रमंडलीय सचिव डॉ. सच्चिदानंद यादव, जिला सचिव डॉ. दिलीप कुमार सिंह, डॉ.बी.एन.भारती, डॉ.पी.के. मधुकर, डॉ.आलोक निरंजन, डॉ. बरुण कुमार, डॉ. एन.एन. सिंह आदि ने कहा कि इस विधेयक के पास हो जाने से गैरचिकित्सक सदस्यों, जिन्हें आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का कोई ज्ञान नहीं है, का साम्राज्य स्थापित हो जाएगा I सोचिए तो सही गैरचिकित्सक द्वारा चिकित्सकों के लिए कानून-नियम बने- यह कितनी बड़ी विडंबना है I

यह भी बता दें कि विधेयक पास होने पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को मनमाना फीस तय करने का अधिकार मिलेगा I और तब इस मनमाने फीस के बोझ तले गरीब व मेधावी छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने पर ग्रहण लग जाएगा I इतना ही नहीं, “ब्रिज कोर्स” के नाम पर मनमाना पैसा उगाही कर अन्य धारा के ग्रेजुएट्स को मात्र 6 माह ट्रेनिंग देकर मॉडर्न मेडिकल सिस्टम में कार्य करने की अनुमति देना बिल्कुल उसी तरह है जैसे एक कार ड्राइवर को बायाँ दायाँ ट्रेनिंग देकर हवाई जहाज उड़ाने का लाइसेंस देना !

Civil Surgeon Dr.Gadadhar Pandey along with Lady Doctors Dr.Poonan Kumari, Dr.Rashmi Bharti, Dr.Naidu Kumari & Secretary Red Cross Society Dr.A.K.Mandal, Divisional Secretary IMA Dr.S.N.Yadav and others waiting to co-operate Cycle Rally on 11th March against NMC Bill.
Civil Surgeon Dr.Gadadhar Pandey along with Lady Doctors Dr.Poonan Kumari, Dr.Rashmi Bharti, Dr.Naidu Kumari & Secretary Red Cross Society Dr.A.K.Mandal, Divisional Secretary IMA Dr.S.N.Yadav and others waiting to co-operate Cycle Rally on 11th March against NMC Bill.

यह भी जानिए कि महिला चिकित्सक डॉ.पूनम कुमारी, डॉ.नायडू कुमारी, डॉ. रश्मि भारती आदि ने मधेपुरा अबतक को बताया कि इस विधेयक के लागू होने से वर्षों MBBS, MS की पढ़ाई करते हुए तमाम परीक्षाएं उत्तीर्ण होने के बाद भी “एग्जिट परीक्षा” देना चिकित्सकों के लिए प्रताड़ना है- जो पूरी तरह पैसा उगाही करने वाले गैरचिकित्सक माफियाओं का साम्राज्य स्थापित करना है I चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार को चरम तक ले जाना है I

आज 11 मार्च को वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ.ए,के.मंडल, डॉ.मिथिलेश कुमार, डॉ.अखिलेश कुमार, डॉ.एल.के.लक्ष्मण और साइकिल पर सवार समस्त चिकित्सकों द्वारा विधेयक के विरोध में रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान से शहर में निकाली जाने वाली साइकिल रैली को सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडे ने हरी झंडी दिखाई | डॉ.पांडे ने कहा कि आगामी 25 मार्च को विरोध प्रदर्शन करने हेतु दिल्ली में महापंचायत का आयोजन किया गया है | सबों ने इस विधेयक को जनविरोधी, छात्र विरोधी, गरीब विरोधी और भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला बताते हुए यही कहा कि एनएमसी बिल आने के बाद कॉर्पोरेट घरानों को फायदा होगा क्योंकि देश के मेडिकल कॉलेजों के 40% सीट पर कारपोरेट घराने के लोगों का अधिकार होगा | इस बिल के खत्म होने तक आईएमए अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रखेगा ……|

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नेहरू युवा केंद्र खासकर ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारता है…… !

भारत सरकार के ‘युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय’ के अधीन क्रियाशील है नेहरू युवा केंद्र संगठन, जो भारत के सभी राज्यों के प्रत्येक जिले में कार्यरत है | यह नेहरू युवा केंद्र विशेष रूप से ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करता चला आ रहा है |

बता दें कि जगमग नगरों से दूर बसे गाँव में रहने वाले युवाओं के अंदर सोयी प्रतिभाओं को जगाता है यह नेहरू युवा केंद्र मधेपुरा | टूटे-फूटे कच्चे घरों में बिखरी एवं खोई प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने हेतु निरंतर प्रयास करती है इस केंद्र के कोऑर्डिनेटर अजय कुमार गुप्ता की पूरी टीम |

Chief Guest Dr.Madhepuri boosting players at BN Mandal Stadium Madhepura.
Chief Guest Dr.Madhepuri boosting players at BN Mandal Stadium Madhepura.

यह भी जानिए कि नये वर्ष के साथ ही जिले के सभी तेरहो प्रखंड में अलग-अलग निर्धारित तिथियों के अनुरूप प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गई | प्रत्येक प्रखंड में कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स आदि खेल का आयोजन किया गया | प्रत्येक विधा में चयनित प्रतिभागियों को जिला स्तर पर अपनी क्षमता व दक्षता दिखाने का अवसर दिया गया | तदनुरूप तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेलों का आयोजन टी.पी.कॉलेज परिसर में एवं समापन बी.एन.मंडल स्टेडियम में किया गया |

बता दें कि समापन के दिन मुख्य अतिथि के रुप में पुरस्कार वितरण के लिए आमंत्रित किये गये समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल से सामाजिक सौहार्द और भाईचारा के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता भी जुड़ी हुई है | डॉ.मधेपुरी ने हाथ की पाँचों उंगलियों को अलग-अलग खेल, रेल, सिनेमा, हिंदी और महात्मा गांधी बताते हुए कहा कि यह  पांचो तत्व भारत की एकता और अखंडता को हमेशा बनाये रखेगा |

अंत में मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने दौड़ में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय आये उदय कुमार मेहता, शिवकुमार एवं अखिलेश को मोमेंटो एवं सर्टिफीकेट हस्तगत कराया | फिर कबड्डी में विजेता टीम ‘ग्वालपाड़ा’ एवं उपविजेता टीम ‘पुरैनी’ को तथा फुटबॉल में विजेता टीम ‘मिठाही’ एवं उपविजेता टीम ‘जोगवनी’ को अध्यक्षता कर रहे नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक श्री अजय कुमार गुप्ता सहित श्री कुंवर जी, श्री जयकुमार, मो.इसराइल, श्री महेश पासवान आदि सहित डॉ.मधेपुरी द्वारा पुरस्कृत किया गया |

मौके पर माया के अध्यक्ष राहुल यादव, सुधांशु शेखर, ललन कुमार एवं स्थानीय खेल प्रेमी अंत तक मौजूद रहे |

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विरासत की श्रेष्ठता अपनाएं तो समाज आगे बढ़ेगा- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा का किरण पब्लिक स्कूल, जो अपनी उत्कृष्टताओं के चलते अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संस्था द्वारा जिले के प्रथम प्रमाणित स्कूल बना, अपने स्थापना काल से ही प्रतिवर्ष हर महीने भिन्न-भिन्न प्रकार की शैक्षिक एवं खेलकूद से संबंधित प्रतियोगिताएँ आयोजित करता है और वर्ष में एक दिन उत्साह के साथ समारोह पूर्वक आयोजित “Prize Distribution Ceremony” में सर्वाधिक अंक व विशिष्ट स्थान प्राप्त करने वाले तीन-तीन छात्र-छात्राओं को चयनित कर प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया जाता है |

बता दें कि विभिन्न विधाओं में चयनित छोटे-बड़े सभी छात्रों को पुरस्कृत करने हेतु आयोजित समारोह का शुभारंभ उद्घाटनकर्ता के रूप में SDM संजय कुमार निराला, मुख्य अतिथि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, स्कूल की निदेशिका किरण प्रकाश व प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया |

यह जानें कि अतिथियों के स्वागत व सत्कार के बाद भाषण, वाद-विवाद, क्विज एवं अन्य शैक्षिक विधाओं एवं विभिन्न प्रकार के खेलों में प्रथम-द्वितीय-तृतीय आये प्रतिभागियों को मोमेंटो आदि देकर उद्घाटनकर्ता, मुख्य अतिथि व अन्य द्वारा पुरस्कृत एवं प्रोत्साहित किया गया |

इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता एसडीएम ने छात्रों को समय से स्कूल आने की सीख देते हुए अपने स्कूली जीवन की चर्चाएं की | उन्होंने कहा कि एक दिन प्रार्थना समाप्त होने के बाद स्कूल आने पर उन्हें अकेले प्रार्थना करना पड़ा था, तब से वे सदा समय पर स्कूल आते रहे, कभी लेट नहीं हुए |

मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपनी विरासत की श्रेष्टताओं की चर्चा करते हुए आधुनिक बिहार के निर्माता एवं प्रथम विधि मंत्री (बिहार) शिव नंदन प्रसाद मंडल की चर्चा की एवं बच्चों से यही कहा कि वे हमेशा यही चिंतन किया करते थे –

“…..No Soul should remain uneducated on the Earth.”

डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि किरण पब्लिक स्कूल के संस्थापक जयप्रकाश बाबू भी अपनी विरासत की ऐसी-ऐसी श्रेष्टताओं को अपना कर ही इस स्कूल की स्थापना की होगी जिसे यहाँ के सभी शिक्षक कर्मियों द्वारा प्रतिदिन ऊंचाई प्रदान किया जा रहा है | उन्होंने समर्पित सभी शिक्षकों को कोटि-कोटि साधुवाद दिया |

मौके पर निदेशिका किरण प्रकाश, प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश ने अपने उदगार से बच्चों को प्रोत्साहित किया | प्राचार्य किशोर कुमार ने मंच संचालित किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी किया |

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मधेपुरा की बेटी ‘ललिता’ बनेगी एक दिन पीटी उषा …..!

‘ललिता’ मधेपुरा की बेटी ! पूरा नाम सुमन भारती ‘ललिता’ ! अभावों का कुबेर है वह !  21 वर्षीय ललिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते कोई भी मंजिल पाई जा सकती है |

बता दें कि 1997 में जन्म ग्रहण करने वाली ललिता के सिर से 2000 आते-आते माता-पिता का साया उठ गया | उसके बाद ललिता के पालनहार बने नाना-नानी को भी 2008 में आई कुसहा त्रासदी ने छीन ली | और तब से ललिता की जिंदगी में शुरू हुए संघर्ष का दौर आज तक जारी है लेकिन उसके जुनून के सामने कोई टिक नहीं पाता है | छोटी सी उम्र में अनाथ होने के बावजूद ललिता के अंदर कभी जज्बे की कमी नहीं रही | तब से जख्मों पर मरहम लगा-लगाकर ट्रैक पर नंगे पाँव दौड़ लगाती रही ललिता | मधेपुरा की बेटी अब कोसी का ही नहीं बल्कि बिहार का भी नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही है |

यह भी जानिये कि मैराथन दौर में राष्ट्रीय स्तर पर 5 मेडल हासिल करने वाली ललिता राज्य स्तर पर 7 बार गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी है | राष्ट्रीय फलक पर कोसी का नाम रोशन करने के बाद ललिता का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है |

यह भी बता दें कि जहाँ 2013 में भारतीय रेल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता एवं 2014 में ऑल इंडिया सोसाइटी की प्रतियोगिता में ललिता विनर व रनर रही वहीं 2015 के नेशनल एथलेटिक्स में प्रथम स्थान पाकर ललिता ने बिहार का नाम रोशन किया | फिर जहां 2016 में नेशनल मैराथन में गोल्ड मेडल जीतकर बिहार का परचम लहराया वहीं 2017 में पटना के गांधी मैदान में आयोजित मैराथन की विनर बनी और बंगाल में आयोजित नेशनल एथलेटिक्स की रनर रही |

ऐसी धाविका को मदद के रेस में सरकारी तंत्र भी रह जाता है पीछे, तभी तो रनिंग ट्रैक पर कमाल करने और धमाल मचाने के लिए नाइट गार्ड की नौकरी करनी पड़ती है ललिता को | फिलहाल मधेपुरा जिला के डंडारी गाँव में माता स्व. मीरा एवं पिता स्व. लक्ष्मी यादव के घर जन्मी अनाथ ललिता को उत्साहित एवं प्रोत्साहित करने के लिए गुरु सह कोच शंभू कुमार हैं जिसे ललिता अपने जीवन का आदर्श मानती है |

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तय होने लगे राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम

23 मार्च को निर्धारित राज्यसभा चुनाव के नामांकन की तारीख – 12 मार्च – के निकट आते ही पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने शुरू कर दिए हैं। जैसा कि तयप्राय था, सत्तारूढ़ भाजपा ने वित्तमंत्री अरुण जेटली व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद समेत अपने सभी बड़े नेताओं को पुन: उच्च सदन भेजने की घोषणा कर दी है। उधर सपा ने अपने हिस्से की एक सीट पर एक बार फिर जया बच्चन को भेजने का मन बना लिया है, जबकि संख्याबल के हिसाब से जीतने की संभावना क्षीण होने के बावजूद बसपा ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू की बात करें तो पार्टी ने उम्मीदवारों को लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

भाजपा उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने उत्तर प्रदेश से वित्त मंत्री अरुण जेटली को उम्मीदवार बनाया है, जबकि मध्यप्रदेश की दो सीटों के लिए थावर चंद गहलोत और उर्जा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के नाम का ऐलान किया गया है। गुजरात की बात करें तो वहां की दो सीटों के लिए मनसुख लाल मंडाविया और पुरुषोत्तम रुपाला को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। हिमाचल प्रदेश से स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को बिहार के रास्ते राज्यसभा भेजना तय हुआ है, तो वहीं राजस्थान से भूपेन्द्र यादव को उम्मीदवार बनाया गया है।

सपा की बात करें तो पार्टी ने यूपी से जया बच्चन को उम्मीदवार बनाया है। पहले चर्चा थी कि नरेश अग्रवाल को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है। वहीं बसपा ने भीमराव अंबेडकर को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां कहा जा रहा था कि संभवत: पार्टी सुप्रीमो मायावती खुद को राज्यसभा भेजने की कोशिश कर सकती हैं। लेकिन कहा जा सकता है कि संख्याबल पर्याप्त ना होने से केवल अन्य पार्टियों के समर्थन के भरोसे उन्होंने ऐसा करना उचित नहीं समझा।

इधर बिहार से जेडीयू के राज्यसभा उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने अभी सस्पेंस बनाकर रखा हुआ है। वैसे राजनीति के जानकार बताते हैं कि दो में से एक सीट के लिए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह का नाम तय है, जबकि दूसरी सीट के लिए हवा में कई नाम तैर रहे हैं।

बता दें कि चुनाव आयोग ने अलग-अलग राज्यों की 58 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख 23 मार्च रखी है। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 12 मार्च तय की गई है। 15 मार्च तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। यह भी जानें कि उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है तो वहीं महाराष्ट्र और बिहार से 6-6 सदस्यों का चुनाव होना है। मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से 5-5 तो ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से 3-3 सीटों के लिए चुनाव होना है।

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106 दीपों की श्रृंखला प्रज्वलित कर मनेगा गौरवशाली बिहार दिवस- डीएम

डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में 5 मार्च को आयोजित बैठक में पदाधिकारियों एवं गणमान्यों द्वारा दो दिवसीय ‘बिहार दिवस’ को हर्षोल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाये जाने का निर्णय लिया गया |

बता दें कि जिले के सभी विद्यालयों के बच्चे-बच्चियों द्वारा 22 मार्च को प्रभात फेरी निकाली जायेगी जिसमें बिहार के गौरव को बढ़ाने वाले नारे लगाये जायेंगे | प्रभात फेरी में बच्चों के हाथ में तख्तियों पर बाल विवाह बन्दी, दहेज बन्दी, नशान्दी के साथ-साथ शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों सहित आधुनिक बिहार के विकास का गौरवगान भी किया जायेगा | हर आम व खास जन स्वच्छता अभियान के साथ-साथ वन विभाग से सहयोग लेकर अपने-अपने क्षेत्र में वृक्षारोपण भी करेंगे |

यह भी जानिये कि शाम में सरकारी भवनों को नीली रोशनी से सजाया जायेगा | साथ ही आमजन को भी जानकारी दी जा रही है कि वे अपने-अपने भवन पर भी 106 दीपों की श्रंखला प्रज्वलित कर बिहार की गरिमा को गौरवान्वित करें | गांव में चौपाल एवं शहर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाय | प्रखंडस्तर से लेकर जिला स्तर तक दो दिवसीय विकास मेला, कृषि मेला, खेलकूद एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया | मेला में मनरेगा, जीविका……. आदि के अतिरिक्त सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाया जायेगा | खेलकूद प्रतियोगिता महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के लिए आयोजित किया जाएगा | ये सारे आयोजन कला संस्कृति एवं युवा निदेशालय के गाइड लाइन के आलोक में होगा |

दो दिनों के कार्यक्रमों को आकर्षक बनाने हेतु स्थानीय कलाकारों एवं बाहर के नामचीन कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुति किये जाने का निर्णय लिया गया | साथ ही कला स्थायी समिति के सदस्य मो.शौकत अली के प्रस्ताव मुशायरा व कवि सम्मेलन एवं डीआरडीए उद्यान में झल्लू बाबू की प्रतिमा की स्वीकृति के साथ-साथ स्थाई समिति के सदस्य व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के प्रस्ताव “जिला अतिथि गृह के पूरब वाले अनामित पार्क” का नाम महामहिम डॉ.कलाम पार्क और सामने वाले चिल्ड्रेन पार्क को शहीद चुल्हाय चिल्ड्रन पार्क “नामित करने के प्रस्ताव की सहमति के साथ जिलापदाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि शहीद पार्क होने से शहीद दिवस और कारगिल दिवस मनाने हेतु उपयुक्त स्थान हो जायेगा | साथ ही डॉ.मधेपुरी के प्रस्ताव- “जिले के जो क्रान्तिवीर आजादी के आंदोलन में शहीद हुए हैं और उद्यतन जो सैनिक देश की रक्षा के लिए शहीद हुए हैं उनका नाम शिलापट्ट पर अंकित हो”- को अध्यक्ष ने स्वीकृति देते हुए सक्षम पदाधिकारी को निर्माण करने हेतु निर्देश दिया और डॉ.मधेपुरी से शहीदों के नाम उपलब्ध कराने का अनुरोध किया |

कलाकारों के चयन हेतु डीडीसी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी गठित की गई | इस अवसर पर जिले के कप्तान विकास कुमार (आई.पी.एस.) एवं एसडीएम संजय कुमार निराला ने कहा कि समस्त कार्यक्रमों में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था रहेगी | शांति व्यवस्था पर हरवक्त प्रशासन की नजर रहेगी |

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पाकिस्तान में सेनेटर बन ‘कृष्णा’ ने रचा इतिहास

एक हिन्दू-दलित महिला ने 98 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले पाकिस्तान में इतिहास रच दिया। जी हाँ, पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थार की रहने वाली कृष्णा कुमारी कोलही नाम की यह 39 वर्षीया महिला सेनेटर बनने वाली पाकिस्तान की पहली हिन्दू-दलित महिला है। बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व वाले पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) की उम्मीदवार कृष्णा ने चुनाव में तालिबान से जुड़े एक मौलाना को हराया है। कृष्णा का सेनेट के लिए चुना जाना पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों और महिलाओं के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

गौरतलब है कि 1979 में एक गरीब परिवार में जन्मीं कृष्णा के पिता किसान थे। वो 9वीं क्लास की छात्रा थीं जब 16 साल की उम्र में ही उनकी शादी हो गई थी। हालांकि, शादी के बाद भी कृष्णा ने पढ़ाई जारी रखी और साल 2013 में उन्होंने सिंध यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।

स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी कोलही अपने भाई के साथ ऐक्टिविस्ट के तौर पर पीपीपी में शामिल हुई थीं। उन्होंने थार में हाशिये पर जी रहे लोगों के अधिकारों की आवाज उठाई है। बहरहाल, चलने से पहले बता दें कि पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन सेनेट में सबसे अधिक सीटें हासिल कर संसद के उच्च सदन में सबसे बडी़ पार्टी बनकर उभरी है।

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मधेपुरा रेल फैक्ट्री से ट्रायल पर बाहर निकला पहला इंजन

मधेपुरा ग्रीन फील्ड रेल फक्ट्री में बना पहला AC विद्युत इंजन आखिर ट्रायल पर कारखाने से बाहर निकल ही गया | बता दें कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के मुख्य रेल लाइन से कारखाना जानेवाला 2 किलोमीटर लंबी ट्रैक पर ट्रायल पर निकला पहला एससी विद्युत इंजन को देखने के लिए आसपास के नर-नारियों एवं बच्चे-बूढ़ों की भीड़ जुट गई जबकि 120 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाला इंजन ट्रायल के समय मात्र 30 किलोमीटर की रफ्तार से ही दौड़ रहा था | ट्रायल के बाद इंजन पुन: रेल कारखाना लौट गया |

मधेपुरा रेल फैक्ट्री के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव ने ट्रायल को सफल बताते हुए मधेपुरा अबतक को बताया कि दो पार्ट में बटे इंजन को जोड़कर एक इंजन तैयार किया गया है | 12,000 हॉर्स पावर का एक एसी विद्युत इंजन तैयार किये जाने की जगह छह-छह हज़ार हार्स पावर के दो पार्ट को मिलाकर तैयार किया गया है | श्री भार्गव ने कहा कि इंजन चलाने के लिए चालक दोनों तरफ होते हैं, बीच में नहीं | उन्होंने यह भी कहा कि पहले जहाँ भारत में साढ़े तीन हजार टन वजन खींचने वाला इंजन बनता था वहीं मधेपुरा रेल फैक्ट्री में यह 6,000 टन वजन खींचने वाला इंजन बनकर ट्रायल पर निकला है |

यह भी जानिए कि ट्रायल पर निकले इस रेल इंजन की लंबाई लगभग 35 मीटर है जो दो पार्ट में बना है | अलग तरह का रेल इंजन चलता देखकर लोगों की भीड़ जुटना स्वाभाविक है | तभी तो दर्शक दनादन इस इंजन का अपने-अपने मोबाइल में तस्वीर कैद करने लगे |

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पाकिस्तान में भी मनाई जाती है होली

आमतौर पर जब पाकिस्तान की चर्चा होती है, तब हमारे जेहन में भारत के लिए वहां के सियासतदानों के कटुता भरे बयान, हाफिज सईद जैसे आतंकियों की नापाक हरकतें, सीमा पर आए दिन होने वाली गोलीबारी या फिर क्रिकेट के मैदान की प्रतिद्वंद्विता की तस्वीर उभरती है। ऐसे में क्या आप इस बात पर यकीन कर सकते हैं कि रंगों के त्योहार होली के दिन वहां भी जमकर अबीर-गुलाल उड़ता है, हिन्दी फिल्मों के गानों पर धमाल मचता है और वहां रह रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी इसमें शामिल होते हैं..!

जी हां, मुस्लिम मुल्क पाकिस्तान में हिंदू बिरादरी के लोग धूमधाम से होली मनाते हैं। इस दिन सारे रिश्तेदार बहन-भाई मंदिरों में इकट्ठा होते हैं और एक दूसरे पर रंग डालते हैं। वहां के लोग बताते हैं कि होली के जश्न में उनके मुस्लिम दोस्त भी शामिल होते हैं और होली भी खेलते हैं। होली के मौके पर हिंदुस्तान की तरह पाकिस्तान में भी विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि कुछ साल पहले तक यहां होली की छुट्टी नहीं होती थी, लेकिन अब होली पर यहां सार्वजनिक अवकाश हुआ करता है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में 2 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी है। इनमें हिंदुओं के अलावा ईसाई और दूसरे सम्प्रदाय के लोग भी हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं की आबादी ज्यादा है, इसलिए स्वाभाविक तौर पर यहां होली की धूम अधिक होती है। वैसे कराची भी इस मामले में पीछे नहीं। इस बार हिन्दुओं ने वहां धूमधाम से भव्य होली फेस्टिवल का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।

सच तो यह है कि दोनों देशों के बीच जो दूरी आज दिखती है, वो चंद स्वार्थी तत्वों के कारण। नहीं तो इंसानियत के रंग, खुशियों के रंग, मुहब्बत और उम्मीदों के रंग भारत हो या पाकिस्तान या फिर दुनिया का कोई और मुल्क, हर जगह एक है। रही बात होली की, तो ये त्योहार ही रंगों का है, इस दिन कोई ‘बेरंग’ या ‘बदरंग’ रहे भी तो कैसे..?

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप 

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मधेपुरा के लाल दीपक प्रकाश किलकारी खेल अवार्ड से सम्मानित

मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड के परमानपुर गाँव का रहने वाला युवा है दीपक प्रकाश रंजन | रंजन बैडमिंटन को अपना जीवन समर्पित कर दिया है | दीपक लगभग 14 वर्षों से बैडमिंटन से जुड़ा है | वह बैडमिंटन में जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर चुका है |

बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में जन्मा, पला व बढ़ा लड़का दीपक रंजन बिहार सीनियर बॉल बैडमिंटन टीम के सदस्य होने के साथ-साथ सब-जूनियर, जूनियर विद्यालय एवं महाविद्यालयों के खिलाडियों को अपने प्रशिक्षण के माध्यम से तरासने व आगे ले जाने में तल्लीन रहता रहा है |

यह भी जानिये कि हाल ही में किलकारी बिहार बाल भवन पटना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मश्री उषा किरण खान एवं संस्था किलकारी की निदेशिका ज्योति परिहार ने प्रशिक्षक दीपक प्रकाश रंजन को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया है |

यह भी बता दे कि दीपक प्रकाश अब तक कई राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन प्रतियोगिता में अपनी लोहा मनवा चुका है | वे बैडमिंटन के मंजे हुए प्रशिक्षक हैं | दीपक के माता-पिता अपने लाल के कारनामों पर बेहद प्रसन्न हैं | पुलिस विभाग में कार्यरत पिताश्री शिवकुमार यादव एवं वार्ड सदस्या माताश्री सुलोचना देवी भी अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहने के कारण काफी लोकप्रिय बने हुए हैं |

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