यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 का परिणाम घोषित कर दिया गया। कर्नाटक की केआर नंदिनी इस साल की टॉपर रहीं। दूसरे स्थान पर अनमोल शेर सिंह बेदी रहे, जबकि गोपाल कृष्ण रोनंकी को तीसरा स्थान मिला। चौथे नंबर पर फिर एक लड़की सौम्या पांडे ने बाजी मारी और टॉप फाइव में पांचवें पायदान पर अभिलाष मिश्रा रहे। टॉप 10 उम्मीदवारों में तीन और टॉप 25 में सात लड़कियां शामिल हैं।
यूपीएससी द्वारा जारी सफल उम्मीदवारों की सूची में इस साल कुल 1099 नाम हैं। इनमें 180 आईएएस, 150 आईपीएस और 45 आईएफएस के रूप में चयनित हुए हैं। गौरतलब है कि सफल उम्मीदवारों में 500 सामान्य वर्ग के, 347 ओबीसी, 163 एससी और 89 एसटी वर्ग के हैं। कुल चयनित उम्मीदवारों में 44 दिव्यांग श्रेणी के हैं।
प्रथम स्थान पर चयनित केआर नंदिनी ओबीसी वर्ग से आती हैं। उन्होंने वैकल्पिक विषय के तौर पर कन्नड़ साहित्य लिया था। वर्तमान में आईआरएस ऑफिसर नंदिनी का यह चौथा प्रयास था। बता दें कि पूर्व में उन्होंने बेंगलुरु के एमएस रमैया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की थी। दिलचस्प संयोग है कि लड़कों में टॉपर और ओवरऑल दूसरा स्थान हासिल करने वाले अनमोल शेर सिंह बेदी के पास भी बीई की डिग्री है। अनमोल ने बीआईटीएस, पिलानी से कम्प्यूटर साइंस में बीई किया है।
चलते-चलते बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा की लिखित परीक्षा पिछले साल दिसंबर में आयोजित की गई थी और इस साल मार्च से मई के बीच साक्षात्कार आयोजित किए गए थे। इन्हीं के आधार पर ये परिणाम घोषित किए गए हैं। यह भी बताते चलें कि 220 उम्मीदवार अभी प्रतीक्षा सूची में हैं। सभी सफल उम्मीदवारों को ‘मधेपुरा अबतक’ की बधाई।
मधेपुरा के लिए यह एक सुखद संयोग है कि जहाँ एक ओर 29 मई को ‘भूपेन्द्र चौक’ पर समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि पर प्रातः 7:30 बजे से उनकी प्रतिमा पर शहर के गणमान्यों द्वारा माल्यार्पण किया जा रहा है तो दूसरी ओर 3:30 बजे से संत अवध बिहारी कीर्ति नारायण देवकृष्ण महाविद्यालय परिसर में उनकी पुण्यतिथि पर ‘श्रद्धांजलि सभा’ की जा रही है |
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Alok Kumar , Prof.Shyamal Kishor Yadav , Prof.Sachchidanand , Vishnudeo Vikram , Dr.Arjun , Anand , Vikash , Sant Kumar , Munna Jee and others attending Punaya Tithi Pushpanjali Samaroh of Great Socialist B.N. Mandal at Bhupendra Chowk , Madhepura .
और इन दोनों के बीच अवस्थित उन्हीं के नाम वाले भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय में 23 वाँ कुलपति के रूप में डॉ.ए.के.राय द्वारा पदभार ग्रहण किया जा रहा है- 2:00 बजे अपराह्न में | नवनियुक्त कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा- ‘आराम हराम है’ को गले लगाते हुए जिस तरह राष्ट्रपति डॉ.कलाम पदभार ग्रहण करते ही सांसदों के बीच बस यही उद्घोष किया था- “कल करो सो आज कर”……. उसी तरह सभी स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों को विश्वविद्यालय पुस्तकालय में बिठाकर नये कुलपति ने बस इतना ही कहा-
‘बेपटरी हुए पठन-पाठन को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ अनियमित हुए शैक्षणिक-सत्रों के नियमितीकरण के लिए हम सब मिलकर पुरजोर कोशिश करेंगे………. तभी NACC के लिए हमारे कदम आगे बढ़ सकेंगे |’
मधेपुरा अबतक द्वारा जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से इस बाबत टिप्पणी करने को कहा गया तो डॉ.मधेपुरी ने बस यही कहा कि सदा पटरी पर दौड़नेवाले टी.एम भागलपुर विश्वविद्यालय का छात्र मैं भी रहा हूं | उसी विश्वविद्यालय में पढ़े, बढ़े और शिक्षक रहकर प्रतिकुलपति बने डॉ.राय के अनुभव का फायदा इस विश्वविद्यालय को तो मिलेगा ही मिलेगा , साथ ही वहीँ से आ रहे प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली के सुर-में-सुर मिले होने के फलस्वरूप हर काम को तेजी से अंजाम तक पहुंचाया जा सकेगा |
क्रिकेट के ‘भगवान’ बॉक्स ऑफिस पर भी छा गए। मैदान चाहे कोई भी हो, सचिन तो आखिर सचिन हैं। भारत में क्रिकेट के पर्याय बन चुके सचिन तेंदुलकर के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्स’ ने रिलीज के बाद पहले वीकेंड पर 27.85 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई कर ली है। गौरतलब है कि इस फिल्म ने रिलीज के पहले दिन भी रिकॉर्ड बनाया था। पहले दिन इस फिल्म ने 8.40 करोड़ की कमाई की थी।
आप सोच रहे होंगे कि ‘बाहुबली 2’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्में, जिन्होंने 1500 करोड़ का अकल्पनीय क्लब तैयार कर लिया है, के रहते मैं ये किस रिकॉर्डतोड़ कमाई की बात कर रहा हूं। तो जनाब, जान लें कि सचिन पर बनी यह फिल्म कोई फीचर फिल्म नहीं है। यह एक डॉक्यू-ड्रामा है और इस श्रेणी में यह निर्विवाद रूप से अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म है। इतना ही नहीं, यह फिल्म इस साल रिलीज हुई फिल्मों में सबसे ज्यादा ओपनिंग वाली टॉप 10 फिल्मों में भी शामिल हो गई है।
अब थोड़ी चर्चा फिल्म पर। इस स्पोर्ट्स डॉक्यू-ड्रामा में सचिन की ज़िन्दगी और क्रिकेट के प्रति उनके योगदान व कड़ी मेहनत को दिखाया गया है। फिल्म में सचिन के बचपन को देखना कमाल की अनुभूति है। फिल्म जरूरत के मुताबिक उनके निजी जीवन में भी झांकती है। इस फिल्म में आप सचिन के फैमिली वीडियो भी देख सकते हैं।
‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्स’ कई ऐतिहासिक मैचों की याद ताजा कर देती है। फिल्म में कई कमेंटेटर्स, क्रिटिक्स और साथी खिलाड़ियों के इंटरव्यू शामिल किए गए हैं। इनमें भारत से महेन्द्र सिंह धोनी, विराट कोहली, सौरव गांगुली, वीरेन्द्र सहवाग और हरभजन सिंह के नाम शामिल हैं।
फिल्म का एक बेहद ईमानदार पहलू यह है कि इसमें यादों के सुहाने सफर के अलावा क्रिकेट से जुड़ी कंट्रोवर्सी को भी जगह मिली है। और तो और फिल्म में सचिन के खराब प्रदर्शन के बारे में भी बात की गई है। यह फिल्म यह मैसेज देने में पूरी तरह सफल होती है कि सचिन जैसे महान खिलाड़ी केवल धैर्य, तैयारी और कड़ी मेहनत से बनते हैं।
चलते-चलते
बुधवार 24 मई को मुंबई में फिल्म का प्रीमियर रखा गया था, जिसमें बॉलीवुड और क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। महानायक अमिताभ बच्चन फिल्म को देख इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा, यह फिल्म देश के हर नागरिक को दिखानी चाहिए। स्कूलों में भी बच्चों को यह फिल्म दिखाई जानी चाहिए। भावुक स्वर में अमिताभ ने यहां तक कहा कि उन्हें गर्व है कि वह उस देश में रहते हैं जहां सचिन जैसा महान क्रिकेटर रहता है।
भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के लिए 27 मई, 2017 का दिन इस मायने में ऐतिहासिक दिन रहा कि टी.पी.कॉलेज के विश्वकर्मा कहलानेवाले एवं इस विश्वविद्यालय में ताजिंदगी कुलपति रहनेवाले कुशल प्रशासक डॉ.महावीर प्रसाद यादव के नाम टी.पी.कॉलेज में ‘महावीर द्वार’ का उद्घाटन एवं विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया- बिहार को ऊर्जा प्रदान करनेवाले एवं नीतीश सरकार की रीढ़ माने जानेवाले माननीय मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने |
इस अवसर पर विभिन्न आपदाओं से उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु सजग रहनेवाले बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व सांसद व संस्थापक कुलपति डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि, समारोह के अध्यक्ष वर्तमान कुलपति डॉ.विनोद कुमार, प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन. झा, कुलसचिव डॉ.कुमारेश प्रसाद सिंह, माननीय विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, सहरसा जिला परिषद अध्यक्षा अड़हुल देवी, डॉ.राजेंद्र प्रसाद यादव एवं डॉ.के.एन.ठाकुर आदि ने विश्वविद्यालय के भव्य सजावट वाले ऑडिटोरियम में ‘डॉ.महावीर प्रसाद यादव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ पर आयोजित व्याख्यान माला के दरमियान संक्षेप में बेहतरीन उद्गार व्यक्त किया और शैक्षणिक जगत से जुड़े समस्त सुधी श्रोताओं को घंटों बांधे रखा तथा तालियां बटोरता रहा |
The audience attending Pratima Anavaran Samaroh of Dr.M.P. Yadav , Ex-Principal TP College , Ex-MLA & Minister State Education , Member of Parliament , Pro-VC (Patna & Ambedkar University) & VC. BNMU Madhepura.” in the University Auditorium Madhepura.
कार्यक्रम का प्रारंभ स्वागत-गान एवं महावीर-गीत के साथ सदाशिव नॉलेज टेंपल के बच्चों द्वारा किया गया | आगत अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं बुके देकर स्वागत किये जाने के पूर्व प्रतिमा अनावरण के बाद उद्घाटनकर्ता माननीय मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, प्रो.चन्द्रशेखर. डॉ.रवि एवं अन्य अतिथियों को ‘रेड कारपेट वेलकम’ देकर ऑडिटोरियम के अंदर मंचासीन कराया गया |
Dr.Bhupendra Madhepuri paying venerable tribute to his the then dutiful Principal Dr.M.P.Yadav on the occasion of Mahavir Dwar Udghatan and Pratima Anavaran by State Energy Minister Bijendra Prasad Yadav at T.P.College & B.N.M.U. Campus respectively on 27th May, 2017 .
जहां स्वागताध्यक्ष डॉ.शिवनारायण यादव ने अतिथियों को अपने स्वागत-भाषण से मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने डॉ.महावीर के जीवन-वृत्त की प्रस्तुति के क्रम में संस्थापक कीर्ति बाबू एवं प्राचार्य रतनचंद की चर्चा करते हुए टी.पी.कॉलेज के प्रति महावीर बाबू का समर्पण, गुरु के प्रति असीम श्रद्धा, विनोदी स्वभाव एवं छात्रों के प्रति दयाभाव के साथ-साथ एक नहीं अनेक संस्मरणों की चर्चाएं की | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि सर्वप्रथम सोशलिस्ट पार्टी से विधायक चुने जाने पर जब महावीर बाबू आशीर्वाद लेने सोशलिस्ट नेता भूपेन्द्र नारायण मंडल के निवास पर गये थे तो उन्होंने यही कहा था- “महावीर बाबू ! साथ में आये इस जनता जनार्दन को कभी नहीं भूलिएगा……… इन्हीं के कारण आज आप वहां जा रहे हैं |”
उद्घाटनकर्ता ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पुरखों को याद करना जहां आनेवाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी होता है वहीं विधायक-मंत्री व सांसद के साथ-साथ एक बड़ा शिक्षाविद होना समाज में अपनी पहचान बनाता है | उन्होंने जहाँ महावीर बाबू से अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा की सीख लेने की बात कहीं वहीं समाज को वैसी विभूतियों को सम्मान देने की चर्चा भी की |
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने उन्हें विश्वकर्मा कहकर सम्बोधित करते हुए कहा कि टी.पी.कॉलेज को उन्होंने इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया कि यह विश्वविद्यालय उसी कॉलेज में जन्म लेकर आज यहाँ तक पहुंचा है | डॉ.रवि ने विस्तार से अपने मामाश्री डॉ.महावीर प्रसाद यादव के बहुआयामी व्यक्तित्व की चर्चा एवं ऐसे भव्य समारोह के आयोजन के लिए उनके पुत्रों एवं परिजनों- इन्दुभूषण, मनोज कुमार, डॉ.अरुण ………तारणी प्रसाद यादव……… आदि को ह्रदय से साधुवाद दिया |
इस अवसर पर अतिविशिष्ट अतिथि के रुप में मधेपुरा के जुझारु विधायक एवं आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चंन्द्रशेखर ने कहा कि महावीर बाबू को उनके शैक्षणिक एवं रचनात्मक योगदान के लिए समाज सदा याद करता रहेगा | इसी कड़ी में माननीय विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, प्रतिकुलपति डॉ.जेपीएन झा, कुलसचिव डॉ.कुमारेश प्रसाद सिंह, डॉ.रामचन्द्र मंडल, डॉ.नरेश कुमार, डॉ.उदय कृष्ण, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी निगरानी तारणी प्रसाद यादव और डॉ.आर.के.पी. रमण……. आदि वक्ताओं ने डॉ.महावीर प्रसाद यादव के विभिन्न मानवीय गुणों एवं समय की पाबन्दी, काम के प्रति निष्ठा……… आदि की विस्तार से चर्चा की |
जहां समारोह का समापन ‘महावीर-गीत’ की प्रस्तुति देनेवाले सदाशिव नॉलेज टेंपल के बच्चे- शांति,प्रिया, आलोक एवं तरुण-मोनू-खुशी-अभिषेक व शिक्षक रंगकर्मी विकास कुमार को मनमोहक प्रस्तुति के लिए मोमेंटो प्रदान कर उद्घाटनकर्ता ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, मुख्य अतिथि डॉ.रवि एवं कुलपति डॉ.विनोद कुमार द्वारा सम्मानित किया गया वहीं डॉ.मधेपुरी एवं स्वर कोकिला प्रो.रीता कुमारी ने इन बच्चों का उत्साहवर्धन किया |
Dr.Madhepuri and Prof.Reeta Kumari from Parwati Science College encouraging the kids of Sadashiv Knowledge Temple for their grand presentation of “Mahavir Geet” in the Inaugural Function on 27th May 2017.
जहाँ समारोह में प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.एस.एन.यादव, डॉ.अलोक कुमार, शिवनाथ यादव, आनंद मंडल, सियाशरण यादव, प्रधानाचार्य डॉ.एचएलएस जौहरी, डॉ.पी.सी.खां, डॉ.केपी यादव, डॉ.ललन प्रसाद अद्री, सिंडिकेट सदस्य डॉ.परमानंद यादव, डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.अजय कुमार, डॉ.विमल सागर, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, ज्योति मंडल, डॉ.संजय कुमार मिश्रा, संजय कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह यादव, पारो यादव आदि की उपस्थिति अंत तक रही वहीं समारोह समाप्ति पर धन्यवाद दिया डॉ.शिवनारायण यादव और मंच संचालन करते रहे डॉ.शैलेंद्र कुमार, परिसम्पदा पदाधिकारी |
राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का साझा उम्मीदवार खड़ा करने और इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अगुवाई करने का आग्रह करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐन वक्त पर क्या यू-टर्न ले लिया? अब जबकि उनकी सलाह के मुताबिक सोनिया सक्रिय हुई हैं और राष्ट्रपति चुनाव के कुछ ही हफ्ते बचे हैं, नीतीश के एक कदम से विपक्ष की सारी कवायदों की हवा निकलती दिख रही है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चाहे जो तर्क दे लें लेकिन ये बात हजम नहीं होती कि शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा के लिए सोनिया द्वारा आयोजित अहम भोज में उन्होंने शिरकत नहीं की, लेकिन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में दिए गए भोज में वे शामिल हुए। जबकि दोनों ही भोज की जगह दिल्ली थी और एक दिन पहले नीतीश की कोई असामान्य व्यस्तता भी नहीं थी।
गौरतलब है कि सोनिया द्वारा दिए गए भोज में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव समेत 17 पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया, जबकि जेडीयू की ओर से इसमें पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव शामिल हुए। नीतीश ने इस बैठक में अपने शामिल न होने पर सफाई देते हुए कहा कि उनके न जाने का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी, उन पर वह पिछले महीने ही सोनिया गांधी से मिलकर चर्चा कर चुके थे। ठीक है कि पिछले महीने नीतीश सोनिया से मिले थे, राष्ट्रपति चुनाव की बाबत चर्चा भी हुई थी, लेकिन सोनिया की यह बैठक इस दिशा में अबतक का सबसे बड़ा प्रयास थी और उसमें शामिल न होकर उन्होंने गलत वक्त पर कयासों का बाज़ार गर्म करने का मौका दे दिया, क्या इसे झुठलाया जा सकता है ?
वैसे भी लालू से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों के बाद लालू-नीतीश के संबंधों में आई तल्खी छिपी नहीं है। इसके बाद लालू के ट्वीट ‘बीजेपी को नए पार्टनर मुबारक हों’ ने भी अटकलों को हवा दी। इससे पहले लालू ने नोटबंदी का जितना खुलकर विरोध किया, नीतीश उतना ही खुलकर उसके समर्थन में सामने आए। बदले में प्रकाशोत्सव पर बिहार आए मोदी ने शराबबंदी पर नीतीश की सराहना की। हाल ही में उन्होंने नीतीश को उनके जन्मदिन पर ट्वीट कर बधाई भी दी। राजनीति के जानकार बताते हैं कि भाजपा जहां जरूरत पड़ने पर नीतीश में अपना स्वाभाविक साथी देख रही है, वहीं नीतीश के लिए यह लालू को हद में रखने की रणनीति है। गौरतलब है कि पिछले दिनों आरजेडी नेताओं द्वारा तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग जोरशोर से उठी थी, जिससे लालू के छिपे एजेंडे के तौर पर देखा गया था। बहराहाल, लालू का एजेंडा चाहे जो हो, नीतीश ने भी अपना एजेंडा छिपाकर नहीं रखा। बिना कुछ कहे सब कुछ कह जाना, यही तो राजनीति है।
तांत्रिक, ज्योतिष, आध्यात्मिक गुरु, गॉडमैन या राजनेताओं और उद्योगपतियों के दलाल – क्या थे चंद्रास्वामी? 1990 के दशक में खासा चर्चित यह चेहरा जितना अपने ‘प्रभाव’ के लिए जाना जाता था उतना ही विवादों के लिए। पर पीवी नरसिम्हा राव के सत्ता के शीर्ष पर रहते एक दौर ऐसा भी रहा जब चंद्रास्वामी की तूती बोलती थी और उनके आभामंडल के आगे बड़े-से-बड़े नतमस्तक थे। कारण कि नरसिम्हा राव के तथाकथित आध्यात्मिक गुरु थे चंद्रास्वामी। वहीं भारत के एक और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सार्वजनिक तौर पर बेहिचक कहा करते कि चंद्रास्वामी हमारे दोस्त हैं।
चंद्रास्वामी का वक्त वर्षों पहले ढल चुका। सुर्खियों से उनकी विदाई कब की हो चुकी। पर बीते मंगलवार को इस दुनिया से उनकी विदाई ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया। बताया जाता है वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 1948 में जन्मे और अभी-अभी रुखसत हुए इस बेहद दिलचस्प शख्सियत का असली नाम नेमिचंद था और वे जैन समुदाय से ताल्लुक रखते थे।
चंद्रास्वामी तंत्रविज्ञान के कितने बड़े ज्ञाता थे ये ठीक-ठीक कहना मुश्किल है लेकिन उनके ‘तंत्र’ का जाल कितनी दूर तक और कितने गहरे फैला था, इसका अंदाजा उनके मुरीदों की फेहरिस्त से लगाया जा सकता है, जिसमें भारत के सैकड़ों राजनेताओं, उद्योगपतियों, नौकरशाहों से लेकर हॉलीवुड अभिनेत्री एलिजाबेथ टेलर और ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर तक का नाम शामिल है। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब ‘वॉकिंग विद लायन्स: टेल्स फ्रॉम अ डिप्लोमेटिक पास्ट’ में लिखा है कि 1975 में ब्रिटेन में चंद्रास्वामी और मारग्रेट थैचर की मुलाकात हुई थी। उस मुलाकात में चंद्रास्वामी ने कह दिया था कि अगले तीन-चार साल में थैचर प्रधानमंत्री बनेंगी और 9, 11 या 13 वर्षों तक प्रधानमंत्री बनी रहेंगी। अब इसे संयोग कहें या चंद्रास्वामी की तथाकथित ‘तंत्र-शक्ति’ कि थैचर उनके कहे समय में प्रधानमंत्री बनीं और पूरे 11 साल तक रहीं। नटवर सिंह ने इस बात की भी पुष्टि की है कि थैचर उस मुलाकात में बकायदा चंद्रास्वामी के कहे मुताबिक लाल रंग के वस्त्र में आई थीं और यहां तक कि चंद्रास्वामी की दी ताबीज भी उन्होंने बांध रखी थी।
चंद्रास्वामी का विवादों से गहरा नाता रहा। कहा जाता है कि उनका ‘आश्रम’ फंडिग के लिए उद्योगपतियों को तलाश रहे नेताओं और अपने अनुकूल नीतियां बनवाने व लाइसेंस-परमिट पाने के लिए नेताओं को ढूंढ रहे उद्योगपतियों की मिलन-स्थली था। हथियारों के अंतर्राष्ट्रीय सौदागर अदनान खशोगी से उनके रिश्ते बताए जाते हैं। उन पर ये आरोप भी लगा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में उनका हाथ था। राजीव हत्याकांड की जांच करने वाले जैन कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया था। लंदन के एक बिजनेसमैन से एक लाख डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में 1996 में वे जेल भी गए। उनके ऊपर विदेशी मुद्रा उल्लंघन के कई गंभीर मामले चले।
चंद्रास्वामी पर लगे आरोपों या सत्ता पर उनकी पकड़ के दावों में कितनी सच्चाई है, इसका लेखा-जोखा रखने से कुछ हाथ आने वाला नहीं, लेकिन एक व्यक्ति एक साथ कितने चेहरे रख सकता है और पद या पैसा पाने की ‘कमजोरी’ रखने वालों को सीढ़ी बनाकर कितने ‘ऊपर’ तक का सफर तय कर सकता है, इसकी समझ तो हासिल की ही जा सकती है।
स्मृतिशेष डॉ.महावीर प्रसाद यादव, पूर्व सांसद , पूर्व कुलपति बी.एन.एम.यू. एवं पूर्व प्रधानाचार्य टी.पी.कॉलेज मधेपुरा के नाम से कॉलेज में “महावीर द्वार” का उद्घाटन एवं विश्वविद्यालय परिसर में इनकी ‘मूर्ति का अनावरण’ दिनांक 27 मई, 2017 (शनिवार) को 12.30 बजे अपराह्न से प्रारम्भ होगा |
इन कार्यक्रमों का उद्घाटन माननीय मंत्री ऊर्जा सह वाणिज्य कर श्री विजेंद्र प्रसाद यादव करेंगे | इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे संस्थापक कुलपति डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि , बी.एन.एम.यू. और अध्यक्षता करेंगे बी.एन.एम.यू. के माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार |
इस अवसर पर स्वागताध्यक्ष होंगे डॉ.शिवनारायण यादव एवं जीवनवृत्त प्रस्तुत करेंगे डॉ.मधेपुरी |
सार्वकालिक महानतम भारतीयों में शुमार पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का बिहार के लिए विशेष लगाव रहा। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने का श्रेय उन्हें ही जाता है। इसके अतिरिक्त भी उन्होंने कई अवसरों पर बिहार का मार्गदर्शन किया। उनका मानना था कि बिहार में देश का अगुआ बनने की प्रचुर संभावना है। इसके लिए आमजन, विशेष तौर पर युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी अलग-अलग मौकों पर वे सुझाव देते रहे थे।
और एक अति महत्वपूर्ण सुझाव डॉ.कलाम ने पटना में ही लेखक डॉ.मधेपुरी को दी थी | बता दें कि 30 दिसंबर 2005 को पटना के हवाई अड्डे पर महामहिम राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की मुलाकात रात्रि के लगभग 9:00 बजे लाइब्रेरी के एक विशाल हॉल में तब हुई जब ‘अग्नि की उड़ान’ के सह-लेखक डॉ.अरुण कुमार तिवारी उपस्थित थे | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी टीम के साथ उन्हें विदा करने हेतु आने ही वाले थे |
The President of India Dr.APJ Abdul Kalam with Dr.Bhupendra Madhepuri at Patna Airport .
बता दें कि डॉ.मधेपुरी द्वारा जो दो पुस्तकें – एक डॉ.कलाम पर और दूसरी डॉ.कलाम के साथ लिखी गई हैं- उन्हीं पुस्तक द्वय के अवलोकन के क्रम में महामहिम डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने डॉ.मधेपुरी को राष्ट्रपति भवन आने के आमंत्रण के साथ ही यह मूल्यवान सुझाव भी दिया था –
“ये ऑंखें दुनिया को दोबारा नहीं देख सकती, अतएव तुम्हारे अंदर जो बेहतरीन है वो दुनिया को देकर जाना……… बच्चों को देकर जाना |”
ऐसे सार्वकालिक गांधीयन मिसाइलमैन की एक आदमकद प्रतिमा मधेपुरा समाहरणालय के उत्तरी खाली परिसर में लगा कर डॉ.कलाम सरीखे ऋषि की स्मृतियों को जीवंत रखने की तमन्ना पालते देखे जा रहे हैं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.मधेपुरी , जिन्हें कुछ लोग “मधेपुरा का डॉ.कलाम” भी कहने लगे हैं | मधेपुरा आशा भरी निगाहों से देख रहा है कि यहां के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल या फिर बिहार के क्रांतिकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों में से पहले किनकी सहमति प्राप्त होती है……… लेकिन फिलहाल तो सीएम उनके नाम पटना में साइंस सिटी बनाने में व्यस्त दिखने लगे हैं |
मिसाईलमैन की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए ही बिहार सरकार ने पटना में उनके नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की साइंस सिटी बनाने का निर्णय लिया, जिसका निर्माण अब शीघ्र शुरू होगा। मंगलवार को इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 397 करोड़ खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इनमें से 94 करोड़ जल्द ही बिहार काउंसिल ऑन साइंस सिटी एंड टेक्नोलॉजी को बिहार आकस्मिकता निधि से दिया जाएगा, ताकि काम अविलंब शुरू हो।
गौरतलब है कि प्रस्तावित साइंस सिटी का निर्माण पटना के राजेन्द्र नगर स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के नजदीक करीब 20 एकड़ भूमि में होना है। अपने ढंग के अनूठे इस साइंस सिटी में वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित कई प्रदर्श दीर्घा का निर्माण होगा। इसमें वैज्ञानिक सिद्धांतों की अनुभूति और इनका आम जन-जीवन में हो रहे प्रयोगों को भी दिखाया जाएगा। साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में भी इसका विकास किया जाएगा। कलाम के करोड़ों चाहने वालों के लिए ये निश्चित रूप से अनमोल तोहफा होगा, जिसके लिए बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साधुवाद के पात्र हैं।
मधेपुरा नगर परिषद चुनाव – 2017 के रिटर्निंग ऑफिसर सह एसडीएम संजय कुमार निराला ने गिनती की निर्धारित तिथि 23 मई 2017 को बी.एन.मंडल स्टेडियम के हॉल में सबेरे 8:00 बजे से जिला प्रशासन के मुखिया डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार के चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के तहत 26 वार्डों की गिनती के लिए निर्देशानुसार 13 काउंटिंग टेबुल की व्यवस्था की थी |
बता दें कि दो राउंड में, चार घंटे के अंदर यानि 12:00 बजे मध्यान से पूर्व ही वोट की गिनती ईवीएम मशीन के माध्यम से संपन्न हो गयी | आरओ संजय कुमार निराला द्वारा विजयी 26 वार्ड पार्षदों की घोषणा की जाती उससे पूर्व ही डीएम मो.सोहैल द्वारा विजयी घोषित किये जाने वाले सभी वार्ड पार्षदों को यही कहा गया कि आचार संहिता लगा हुआ है, इसलिए कोई जुलूस नहीं निकालेंगे…….!
SDM cum Returning Officer Sanjay Kumar Nirala alongwith elected Ward Parshad Mala Devi, Rekha Devi , Manish Kumar , Kumari Ruby , Vinita Bharti and others.
यह भी जानिए कि कुल 26 वार्डों में 26 पतंग और 26 हवाई जहाज………… छाप चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया और तब यह कयास लगाया जाने लगा कि कितने लोग उड़ायेंगे पतंग और किसका उड़ेगा हवाई जहाज……? सीधे-साधे सरजमीनी मतदाताओं ने उड़ते हुए पतंगों में से जहां 12 पतंगों को विजयी बनाया वही हवाई जहाज पर केवल तीन पार्षद सवार हो पाये | चश्मा और कलम-दवात से लिखने वालों का तो खाता तक नहीं खुला |
अब देखना यह है कि मुख्य पार्षद की कुर्सी पर वायुयान पर सवार होकर जीतने वाली निर्मला बैठती है या पतंग की सवारी करने वाली अहिल्या-अभिलाषा-उषा या फिर कंचन-विनीता-चंद्रकला या सुधा ! इस कुर्सी पर बैठेगी तो कोई महिला ही, क्योंकि नीतीश सरकार ने इसे महिला के लिए आरक्षित कर दिया है |
और आपके लिए विजयी पार्षदों की सूची भेजा है आर.ओ. संजय कुमार निराला ने-
मधेपुरा नगर परिषद में कुल 26 वार्डों में बनाये गये 43 मतदान केंद्रों पर 155 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया | वार्ड न. 2 एवं 6 की तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल, अनुभवी एसपी विकास कुमार, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, थाना अध्यक्ष मनीष कुमार सहित एसडीएम सह रिटर्निंग ऑफिसर संजय कुमार निराला आदि द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया |
बता दें कि नगर सरकार निर्माण में लगे सजग नर-नारी एवं युवजन सूरज निकलते ही अपने-अपने मतदान केंद्रों पर कतारबद्ध होने लगे | प्रायः सभी मतदान केंद्रों पर पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गयी | भला क्यों न हो लंबी लाईन- नीतीश सरकार ने मधेपुरा नगर सरकार के मुख्य पार्षद का पद इसबार महिला के लिए जो रिजर्व कर दिया है | यूँ तो महिलाओं के लिए सुरक्षित वार्ड की संख्या 12 है जबकि अन्य के लिए सुरक्षित वार्ड की संख्या 5 है |
यह भी बता दें कि भीषण गर्मी के बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कमी नहीं आई बल्कि गर्मी के साथ-साथ बढ़ते गये मतदान प्रतिशत | हाँ ! मधेपुरा नप क्षेत्रान्तर्गत आधे दर्जन मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीन के सेटिंग में गड़बड़ी से मतदान शुरू होने में लगभग आधा घंटा विलंब हुआ | उमस भरी गर्मी के बावजूद मधेपुरा में 7:00 बजे सुबह से 5:00 बजे शाम तक 63% वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग निर्भीक होकर किया | पुलिस की मुस्तैदी के चलते 29 लोगों को हिरासत में लिया गया और 5 बाइक जप्त किया गया |
DM Md.Sohail (IAS) and SP Vikas Kumar (IPS) appealing the voters to caste their votes without any fear or pressure at P.Sc College Polling Booth, Madhepura.
जहाँ एक ओर डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार प्रायः सभी मतदान केंद्रों पर धूप से बचने के लिए पंडाल एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई थी वहीं दूसरी ओर मतदान केंद्र संख्या 25 पर पंडाल नहीं देखने पर डीएम ने नाराजगी भी जाहिर की | जहाँ चेतावनी देते हुए डीएम ने पुलिस प्रशासन से फर्जी मतदाताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिया वहीं उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मतदाताओं से यह भी कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब हरेक मतदान केंद्र पर “प्रत्याशियों का बायोडाटा” चिपकाया गया है |
The Dynamic District Magistrate Md.Sohail (I.A.S) after casting his vote in Nagar Parishad Election- 2017 at Jagjiwan Ashram School Polling Booth near DM Residence at Madhepura .
वोट आरंभ होने से पहले से लेकर वोट समाप्ति के बाद तक ‘राउंड द क्लॉक’ आधे दर्जन गाड़ियों पर अपनी पूरी टीम के साथ डीएम एवं एसपी सभी मतदान केंद्रों का चक्कर लगाते रहे | उसी दौरान डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने जगजीवन आश्रम स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर आम लोग को वोट डालने के लिए जागरूक भी किया | इस अवधि में डीडीसी, एएसपी, थानाध्यक्ष मनीष कुमार एवं कमांडो हेड विपिन कुमार के साथ पुलिस बल एवं कमांडो दस्ता सभी मतदान केंद्रों पर घूमते रहे |
चलते-चलते यह भी बता दें कि मधेपुरा के बाद डीएम व एसपी मुरलीगंज नगर पंचायत के मतदान केंद्रों के निरीक्षण पर निकल गये जहाँ 15 वार्डों के 23 बूथों पर 103 प्रत्याशियों को मतदाताओं ने 70% वोट डालकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया | भीषण गर्मी में भी वहां जमकर हुई वोटों की बारिश |
मधेपुरा व मुरलीगंज के सभी प्रत्याशियों के वोटों की गिनती यानी उनके भाग्य का फैसला 23 मई को होगा | इस बीच प्रत्याशियों के हृदय की जब बढ़ेगी ‘धड़कन’ तो वे हाथों में थाम लेंगे “दर्पण”……..!!