अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का लिया गया संकल्प

विश्व महिला दिवस पर जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने बी.एन.मंडल स्टेडियम के मंच पर केवलऔर केवल महिलाओं को ही जाने की अनुमति दी | सवेरे से दोपहर तक तीखी धूप  झेलते रहे दर्शक दीर्घा में डी.एम. मो.सोहैल, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल एवं सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय, वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार |

लम्बी अवधि तक मंच पर महिलाओं के लिए महिलाओं का एवं महिलाओं के द्वारा ही तरह-तरह के कार्यक्रमों का संचालन-निष्पादन होता रहा | जहाँ मंच संचालन डी.पी.ओ. राखी कुमारी एवं जयश्री दास ने संयुक्त रूप से किया वहीं स्कूली बच्चियों ने प्रात: काल में प्रभात फेरी भी निकाली |

कार्यक्रमों में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं कोसी वुमन डिग्निटी फॉरम की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव ने कहा कि महिला सभी क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रही है | सदर अस्पताल की चिकित्सक डॉ.रंजना भगत, पी.जी.अर्थशास्त्र की प्राध्यापक प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, स्वर-शोभिता संगीत महाविद्यालय की प्राचार्या हेमा काश्यप, कुमारखंड जीविका से जुड़ी कुन्ती देवी आदि ने भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति पुरुषों की संवेदनशीलता में कमी पर विस्तार से चर्चा किया और कहा कि बेटी बचाकर ही समाज में संतुलन कायम रखना संभव हो सकता है |

जीविका समूह की बहनों के द्वारा मधनिषेध के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान का श्री गणेश डी.एम. मो.सोहैल, डी.डी,सी, मिथिलेश कुमार एवं समाजसेवी डॉ. मधेपुरी आदि के हस्ताक्षर से किया गया |

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली मधेपुरा, सिंहेश्वर, पुरैनी और आलमनगर की सी.डी.पी.ओ. जयश्री दास, कुमारी निभा, उषा कुमारी, उमा रानी, एल एस ममता रंजन को सम्मानित किया गया | साथ ही महिला अध्यापक प्रमिला कुमारी सहित एलिस कुमारी, प्रियंका कुमारी, चन्दा कुमारी, किरण कुमारी, गौरी कुमारी, कुमारी मनीषा, ज्योति कुमारी एवं हेमा काश्यप को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया |

मौके पर प्रो.रीता कुमारी एवं रेखा यादव गीत गाकर तथा डॉ.शांति यादव बेटी के लिए एक गीत- ता-ता-थैया का पाठ कर दर्शोकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया साथ ही स्वास्थ विभाग, मधनिषेध विभाग एवं जीविका द्वारा लगाये गये स्टाल पर महिलाओं की भारी भीड़ दखी गई |

इस अवसर पर एस.एन.पी.एम. के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार ने निरुपमा-मनीष की शादी में पटाखे नहीं फोड़ने पर बचाये गये पचास हजार की राशि में से पांच निर्धन एवं मेधावी छात्राओं को दस-दस हजार का चेक देकर स्टेडियम में उपस्थित लोगों को शपथ लेने के लिए मजबूर कर दिया-‘शादी हो सादी, न हो धन की बर्बादी…….!! ऐसे कार्यक्रम को फैलाव मिले इसके लिए स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, प्राचार्या डॉ.चन्द्रिका यादव, बी.ई.ओ. यदुवंश यादव एवं हॉली क्रास के सचिव गजेन्द्र कुमार सहित शिक्षक संतोष कुमार आदि ने कमर कस ली है |

 

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तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव के माध्यम से बनेगी सिंहेश्वर की विश्वस्तरीय पहचान

श्री सिंहेश्वर महोत्सव- 2016 का उद्घाटन मंगलवार को सिंहेश्वर के पशुहाट परिसर में जिला पदाधिकारी मो.सोहैल, एस.पी. विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, ए.डी.एम. अबरार अहमद कमर आदि ने दीप प्रज्जवलित कर किया |

बाबा सिंहेश्वरनाथ के जयघोष के साथ अतिथियों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि यह आयोजन बिहार सरकार के पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में होता है जिसमें केबिनेट की बैठक होने के कारण माननीय मंत्री द्वय श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं प्रो.चंद्रशेखर नहीं आ सके हैं जिस कारण माननीय मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद का प्रतिनिधि बनकर उद्घाटन कर रहा हूँ |

डी.एम. मो.सोहैल द्वारा शिव-पार्वती के जयकारा लगाने के बाद श्रोता की धीमी आवाज पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही कहा –

होठ हैं सिले-सिले जुवान बंद-बंद है |
आपकी खामोशियाँ, हमें नहीं पसंद है ||

फिर तो इसके बाद से निरन्तर खूब तालियाँ बजी | स्थानीय कलाकार डॉ.बच्चन, डॉ.रविरंजन, रेखा यादव, रौशन कुमार, हेमा-शशि प्रभा, राजन बालन एवं नवांकुर बच्चियाँ भी राष्ट्रीय कलाकार सुनील मिश्रा की टीम से अपनी पहचान बनाने के इल्म हासिल करने में लगे रहे |

अतिथियों का स्वागत डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार ने किया | मंच संचालन स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने किया | प्रमुख रूप से हरि टेकरीवाल, अशोक भगत, डॉ.दिवाकर सिंह, राजीव जोशी, नरेश पासवान, सिंहेश्वर के लोग एवं अन्य स्थानों के भी पुलिस पदाधिकारी आदि अन्त तक रहे | T-Series के सुनील मिश्रा भीड़ की तालियाँ बटोरने के लिए अपनी आवाज का जादू देर रात तक बिखेरते रहे |

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सिंहेश्वर मेला को राजकीय मेला बनाने को संकल्पित दिखे डी.एम. मो.सोहैल

कोसी प्रमंडल के डी.आई.जी. चंद्रिका प्रसाद द्वारा डी.एम. मो.सोहैल, एस.पी. विकास कुमार, समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, मनीष सर्राफ, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, सदर डी.एस.पी, हरि प्रसाद टेकरीबाल आदि की उपस्थिति में पंडा-पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारोप्रांत ‘धन्यवाद’ गेट पर ‘गार्ड ऑफ आनर’ लेने के बाद रीबन काटकर मेला का उद्घाटन किया गया | स्काउट गाइड के बच्चे-बच्चियों के साथ आयुक्त जयकृष्ण यादव की अगुवाई में मेला मंच पर आयोजित समारोह की ओर अग्रसर होते रहे सभी अतिथिगण………|

DIG, DM, Dr. Madhepuri, SP, DDC, SDM inaugurating the Mela of Singheshwar.
DIG, DM, Dr. Madhepuri, SP, DDC, SDM inaugurating the Mela of Singheshwar.

मेला मंच पर दीप प्रज्जवलित करने के बाद अतिथियों का स्वागत करते हुए सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही उद्गार व्यक्त किया- परमात्मा शिव के ‘दिव्य अवतरण’ की रात्रि ही तो है- शिवरात्रि | यह महापर्व भगवान शिव के निराकार से साकार रूप में आने की मंगल सूचना है | शिव के आभामंडल में करोड़ों देवगण समा जाते हैं इसलिए इन्हें देवों के देव ‘महादेव’ कहा जाता है | यही कारण है कि भारतरत्न डॉ.कलाम से लेकर मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल तक शिव-पार्वती की जयकारा करते देखे गये | डॉ.मधेपुरी ने मेले में स्वच्छता एवं सुरक्षा कायम रखने के लिए पब्लिक एवं पुलिस की सजगता पर बल दिया |

Audience attending the inaugural ceremony of Singheshwar Mela.
Audience attending the inaugural ceremony of Singheshwar Mela.

उद्घाटन भाषण में डी.आई.जी. चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि सिंहेश्वर स्थान बिहार का देवघर है | डी.एम. मो.सोहैल ने बाबा का जयकारा लगाने के बाद कहा कि सिंहेश्वर मेला को राजकीय मेला बनाने के लिए तैयारियाँ शुरू कर दी गयी है | डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार एवं एस.डी.एम. संजय कुमार निराला ने कहा कि अगले वर्ष मेला में किसी तरह की कमी नहीं रहेगी |

From L to R - DIG Chandrika Prasad, Dr. Madhepuri, SP Vikas Kumar, DM Md. Sohail, SDM Sanjay Kumar Nirala enjoying coconut water in Mela campus after inauguration of Coconut Stall.
From L to R – DIG Chandrika Prasad, Dr. Madhepuri, SP Vikas Kumar, DM Md. Sohail, SDM Sanjay Kumar Nirala enjoying coconut water in Mela campus after inauguration of Coconut Stall.

इस मेला उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मेला समिति के अध्यक्ष डी.एम. मो.सोहैल ने की | मंच संचालन स्काऊट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन एस.डी.एम. संजय कुमार निराला ने |

लगे हाथ केन्द्र सरकार, बिहार सरकार एवं अनेकानेक एन.जी.ओ. द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी एवं स्टालों- बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिला की देखरेख, आपदा प्रबन्धन, कृषि प्रदर्शनी, नारियल बोर्ड प्रदर्शनी….. आदि का उद्घाटन कहीं डी.आई.जी. तो कहीं डी.एम. या फिर कहीं एस.पी. द्वारा किया जाता रहा |

शाम में शिव-विवाह में सम्मिलित बारातियों का नजारा दर्शनीय रहा | चतुर्दिक हर्षोल्लास के साथ वासन्ती वातावरण अबीर-गुलाल से लाल हो गया |

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डॉ.मधेपुरी ने ‘परिवर्तन की प्यास’ का किया लोकार्पण

परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है | जन्म के बाद बच्चा शनै:-शनै: किशोरावस्था को प्राप्त करता है और फिर युवा होकर वृद्धावस्था को | नहीं चाहने पर भी परिवर्तन होता ही रहता है | सच तो यह है कि संसार का कोई भी मनुष्य बुढा होना नहीं चाहता, लेकिन बिना बुलाये भी बुढ़ापा उसके पास आ ही जाता है | इससे इतर सामाजिक गैरबराबरी को दूर कर हर क्षेत्र में समानता लाने के लिए ‘परिवर्तन की प्यास’ वाले शूरमाओं में कबीर से लेकर कर्पूरी तक निरन्तर डटे रहे, लगे रहे फिर भी असमानताओं, सामाजिक कुरीतियों एवं अन्धविश्वासों को शून्य के करीब ले जाने की यात्रा पूरी नहीं कर सके………..| आज भी समाज को इन बुराईयों से मुक्ति दिलाने के लिए युवा कवि, कथाकार-नाटककार-उपन्यासकार प्रमोद कुमार सूरज के काव्य संग्रह “परिवर्तन की प्यास” की जरूरत है- ये बातें समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्थानीय टी.पी.कॉलेजिएट के परिसर में तब कही जब वे भारतीय जनलेखक संघ के बैनर तले आयोजित “परिवर्तन की प्यास” काव्य-संग्रह के लोकार्पण समारोह का उद्घाटन कर रहे थे |

The Lokarpan Ceremony of Parivartan Ki Pyas written by P.K.Suraj .
The Lokarpan Ceremony of Parivartan Ki Pyas written by P.K.Suraj .

डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि रस-छन्द एवं अलंकार से मुक्त “परिवर्तन की प्यास” की कुल पैंतीस में से अधिकांश कविताओं में सुकवि सूरज ने देश में व्याप्त अन्याय, अनीति और अत्याचार सहित किसानों-मजदूरों की बदहाली को रोकने के लिए कबीर, गाँधी और सुभाष को बारी-बारी से याद किया है | उन्होंने प्रमोद कुमार सूरज के इस सार्थक प्रयास के लिए तथा भविष्य में रचना धर्मिता को गति देते रहने के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी |

समारोह की अध्यक्षता मंडल वि.वि. के पी.जी. हिन्दी के विभागाध्यक्ष डॉ.इन्द्र ना. यादव ने की और विशिष्ठ अतिथि के रूप में डी.एस.कॉलेज कटिहार के डॉ.सुरेन्द्र ना. यादव एवं डॉ.ओम प्रकाश ने विस्तार से काव्यसंग्रह की समीक्षा कर श्रोताओं को देर तक बांधे रखा | भारतीय जन लेखक संघ के महासचिव महेंद्र ना. पंकज ने संघ के कार्यक्रमों से सबों को अवगत कराते हुए ‘परिवर्तन की प्यास’ की जमकर सराहना की |

द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें राजू भैया, उल्लास मुखर्जी, द्विज राज, डॉ.मधेपुरी, संतोष सिन्हा, प्रो.भूपेन्द्र भूप, प्रो.सतीश शर्मा, हरीशचन्द्र मंडल इंजीनियर, प्रो.गजेन्द्र, डॉ.दयानन्द, डॉ.सुरेश कुमार, डॉ.नारायण, सुरेश कुमार शशि, डॉ.नरेन्द्र, प्रो.जय जय राम आदि ने अपनी प्रतिनिधि रचना सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी |

आरम्भ में स्वागत गीत प्रस्तुत किया प्रियांशी भारती ने तथा तबले पर संगत किया ब्रजेश कुमार ने | शशि ने गीत-गजल से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया | धन्यवाद ज्ञापन किया मंच संचालक गजेन्द्र कुमार !

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महाशिवरात्रि अर्थात् परमात्मा शिव के दिव्य ‘अवतरण’ की रात्रि

आज देश भर में महाशिवरात्रि की धूम है। उत्तर प्रदेश में शिव की नगरी काशी हो या उत्तराखंड में उनकी जटा से निकली गंगा की धरती हरिद्वार, मध्यप्रदेश का उज्जैन हो या गुजरात का सोमनाथ, झारखंड का देवघर हो या बिहार का सिंहेश्वर… भारत के कोने-कोने में स्थित शिवालयों से लेकर पड़ोसी देश नेपाल के विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर तक शिवभक्तों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार की महाशिवरात्रि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चार साल के बाद शिव के प्रिय दिन सोमवार को महाशिवरात्रि का त्योहार आया है। इस साल महाशिवरात्रि पर दुर्लभ शिवयोग का संयोग बन रहा है। कहा जाता है कि इस विशेष योग में भक्तों को शिव की आराधना का कई गुणा अधिक फल प्राप्त होता है।

महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। ऐसी मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानि फरवरी-मार्च के महीने में पड़ने वाला ये त्योहार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि माना जाता है कि आज के दिन भगवान शिव का अंश प्रत्येक शिवलिंग में पूरे दिन और रात मौजूद रहता है।

शिवपुराण के अनुसार सृष्टि के निर्माण के समय महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि में शिव अपने रुद्र रूप में प्रकट हुए थे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि में चन्द्रमा सूर्य के समीप होता है। इसी समय जीवनरूपी चन्द्रमा का मिलन शिवरूपी सूर्य के साथ होता है। अत: महाशिवरात्रि परमात्मा शिव के दिव्य ‘अवतरण’ की रात्रि है। देखा जाय तो यह त्योहार सम्पूर्ण सृष्टि को उनके निराकार से साकार रूप में आने की मंगल सूचना है। महाशिवरात्रि के दिन ग्रहों की दशा कुछ ऐसी होती है कि मानव शरीर में प्राकृतिक रूप से ऊर्जा ऊपर की ओर चढ़ती है।

योग परम्परा में शिव दुनिया के पहले गुरु माने जाते हैं जिनसे ज्ञान की उत्पत्ति हुई थी। इस मार्ग पर चलने वाले शिव की पूजा ईश्वर के रूप में नहीं बल्कि उन्हें आदिगुरु मानकर करते हैं।

एकमात्र शिव हैं जो स्वयं विष पीकर जग को अमृत देते हैं। उनके अलावा कौन है जिसकी पूजा ‘सुर’ ही नहीं ‘असुर’ भी करें। महज बेलपत्र और भांग-धतूरे से प्रसन्न हो जाने वाले शिव ‘सर्वहारा वर्ग’ के एकमात्र देवता हैं। शिवपुराण की ईशानसंहिता में कहा गया है कि आदिदेव शिव महाशिवरात्रि में करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले लिंग रूप में प्रकट हुए थे। इस कथन की व्यावहारिक व्याख्या करें तो हम पाएंगे कि शिव का प्रभाव, उनका आभामंडल सचमुच ऐसा है कि उसमें करोड़ों देव समा जाएं… तभी तो वे देवों के देव हैं… महादेव हैं।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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पाँच राज्यों के चुनाव में ना तो मोदी ना ही राहुल के लिए अच्छी ख़बर

पाँच राज्यों में चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टियां हरकत में आ चुकी हैं। हालांकि अभी चुनाव में थोड़ा वक्त है लोकिन चुनावपूर्व सर्वे का दौर शुरू हो गया है। शुरुआत सी-वोटर ने की है। सी-वोटर द्वारा चार राज्यों में कराए गए पोल में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित पोल के आंकड़े के अनुसार केरल में सीपीएम के नेतृत्व वाली एलडीएफ की सरकार बनेगी। पश्चिम बंगाल में भी सीपीएम की ताकत बढ़ेगी लेकिन कम बहुमत से ही सही, वापसी ममता की ही होगी। असम में तरुण गोगोई सरकार को झटका लग सकता है लेकिन बीजेपी गठबंधन भी बहुमत से पीछे ही रहेगा। उधर तमिलनाडु में जयललिता वापसी तो कर सकती हैं लेकिन मशक्कत के साथ।

सर्वे के मुताबिक केरल में लेफ्ट पार्टियां 44.6 प्रतिशत वोट हासिल करेंगी। सीटों के हिसाब से एलडीएफ को 140 में से 89 सीटों पर जीत मिलेगी, जबकि कांग्रेस का यूडीएफ गठबंधन महज 49 सीटों पर सिमट कर रह जाएगा। बता दें कि अभी वहाँ कांग्रेस के पास विधानसभा में 72 सीटें हैं।

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता वापसी करती दिख रही हैं। हालांकि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को 156 सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। दूसरी ओर वहाँ अपना प्रदर्शन सुधारते हुए सीपीएम 114 सीटें हासिल करती दिख रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा के लिए यहाँ से अच्छी ख़बर नहीं है। आंकड़ों पर भरोसा करें तो उसके खाते में महज चार सीटें जा रही हैं।

असम में कांग्रेस की तरुण गोगोई सरकार मुश्किल में है। वोट शेयर में चार प्रतिशत गिरावट के साथ यहाँ कांग्रेस 34 सीटों पर सिमटती दिख रही है। उधर भाजपा गठबंधन 57 सीटों के साथ फायदे में तो रहेगा लेकिन सर्वे की मानें तो बहुमत के आंकड़े को वो भी नहीं छू पाएगा।

तमिलनाडु में जयललिता का जलवा कायम तो रह सकता है लेकिन एड़ी-चोटी का पसीना एक करने के बाद। सर्वे के मुताबिक उनकी पार्टी एआईएडीएमके को 116 सीटें मिल सकती हैं। पर यह आंकड़ा बहुमत से दो सीट कम है। करुणानिधि की पार्टी डीएमके 101 सीटों के साथ कड़े मुकाबले में दिख रही है।

वैसे देखा जाय तो इन राज्यों के चुनावी मूड का पूरा-पूरा अनुमान लगाना अभी सम्भव नहीं। सी-वोटर ने स्वयं कहा है कि सर्वे के नतीजों में स्टेट लेवल पर तीन प्रतिशत और रीजनल लेवल पर पाँच प्रतिशत का अंतर आ सकता है। इसके बावजूद ये सर्वे पार्टियों की मौजूदा स्थिति का संकेत जरूर देता है। बता दें कि इस सर्वे के लिए सी-वोटर ने 14, 353 लोगों से बात की।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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जन सहयोग से ही अपराधमुक्त समाज बनेगा

आई.पी.एस.कुमार आशीष निवर्तमान एस.पी. मधेपुरा (वर्तमान एस.पी.नालंदा) ने शुक्रवार को मधेपुरा के बी.पी.मंडल नगर भवन में आयोजित अपने भव्य विदाई समारोह में उद्गार व्यक्त करते हुए यहाँ के बुद्धिजीवियों, छात्र-नौजवानों एवं व्यापारियों से यही कहा-

“ मधेपुरा हमेशा मेरी यादों में रौशन रहेगा | पुलिस भी समाज का ही हिस्सा है | जनसहयोग की बदौलत ही पुलिस अपराधमुक्त समाज देने में सक्षम हो सकती है | मधेपुरा में पहली बार स्वतंत्र रूप से जिले के कप्तान के रूप में कार्य करते हुए काफी कुछ सीखा और देखा कि यहाँ के लोग काफी मिलनसार हैं और अपराध नियंत्रण में काफी सहयोग करते हैं |”

विदाई समारोह में मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, वर्तमान एस.पी. विकास कुमार, एस.पी. कुमार आशीष के पिताश्री व्रजनंदन प्रसाद, बहन श्रीमती रेखा देवी, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, आलराउंडर ए.एस.पी. राजेश कुमार, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, हेडक्वाटर डी.एस.पी. योगेन्द्र कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, प्राक्टर डॉ.बी.एन.विवेका, मेजर रमेश चन्द्र उपाध्याय और एस.पी. कुमार आशीष को हृदय से चाहने वाले बच्चे-बूढ़े-नौजवान…….. सहित पुलिस एसोसिएशन के राहुल कुमार, व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेन्द्र प्राणसुखका, सचिव रविन्द्र कुमार यादव, दार्जीलिंग पब्लिक के निदेशक किशोर कुमार, गौतम इन्फोटेक के निदेशक, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, प्रशांत कुमार, संदीप शांडिल्य, सुभाष चन्द्र, सोनी राज, सावंत रवि सहित हिन्दुस्तान के व्यूरोचीफ व अन्य मिडियाकर्मी समारोह में अंत तक मौजूद रहे तथा कुमार आशीष को विभिन्न प्रकार के गिफ्ट एवं मालाओं से लादते रहे |

From L to R SP Vikas Kumar, SP Kumar Ashish & Dr.Madhepuri .
From L to R SP Vikas Kumar, SP Kumar Ashish & Dr.Madhepuri .

विदाई समारोह को सम्बोधित करते हुए मो.सोहैल ने कहा कि सरकारी सेवा में स्थानान्तरण स्वाभाविक प्रक्रिया है | सामान्य जन के साथ बेहतर रिश्ते बनाने के लिए मधेपुरा के लोग इन्हें सदा याद करते रहेंगे | छ: महीने के साथ में सर्वाधिक सराहनीय कार्य किया इन्होंने |

वर्तमान एस.पी. विकास कुमार ने कहा कि एस.पी. के रूप में प्रथम पोस्टिंग में ही सर्वाधिक लोकप्रिय बनकर नालंदा एस.पी. के चुनौतीपूर्ण दायित्वों को पूरा करेंगे- यही हमारी कामना है |

डी.डी.सी., एस.डी.एम., वि.वि.कुलानुशासक डॉ.विवेका,………… आदि सभी वक्ताओं ने अपने-अपने व्यक्तव्यों में कुमार आशीष के मंगल भविष्य की कामना की तथा नवपदास्थापित एस.पी. विकास कुमार को यथायोग्य हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया |

स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप के संरक्षक समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने एस.पी.आशीष के हिन्दी के प्रति प्रेम की चर्चा विस्तार से करते हुए कहा कि जब-जब हिन्दी स्पेलिंग बी. की परीक्षा होगी तब-तब सभी उनकी चर्चा करेंगे | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि एक ओर उन्होंने अपनी माँ मुद्रिका देवी को खोया तो दूसरी ओर हजारों दिलों में जगह बनाया | विदाई की वेला में सभी सन्दर्भों को विस्तार से कहते हुए डॉ.मधेपुरी ने उनके पिता व्रजनंदन प्रसाद एवं बहन श्रीमती रेखा देवी एवं मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की पूरी टीम के समक्ष माताश्री मुद्रिका को याद करते हुए एस.पी. कुमार आशीष को भरपूर आशीष दिया –

तुम तो चले जाओगे आशीष
पर थोड़ा सा यहीं रह जाओगे
जीते रहोगे अपने कर्मों में यहाँ
मधेपुरा व मधेपुरी को कभी न भुला पाओगे ……….!!

इस भव्य विदाई समारोह की अध्यक्षता आलराउंडर ए.एस.पी. राजेश कुमार एवं मंच संचालन ‘राष्ट्रीय वक्ता ’ हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया | इस मौके पर जिले के प्राय: थानाध्यक्ष मनीष कुमार, सुमन कुमार सिंह, राजेश कुमार, राजेश कुमार चौधरी,……….सहित अशफाक आलम, अमित सिंह मोनी, त्रिदीप गांगुली, मास्टर शिवम, विनोद कुमार आदि अन्त तक उपस्थित रहे |

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गांधी, गोड्से और गृहमंत्री यानि गौतम बुद्ध के ‘मध्यममार्ग’ पर भाजपा

संसद के ‘बाहर बैठे’ गांधीजी को आज बहुत सुकून मिला होगा। मोदी सरकार ने आज अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोड्से की पूजा करने वालों से ना केवल अपनी ‘दूरी’ बनाई बल्कि जताई भी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे की पूजा करने वालों के खिलाफ राज्य सरकारों को सख्त कदाम उठाने चाहिएं। उन्होंने कहा कि कोई कैसे नाथूराम गोड्से की पूजा कर सकता है..? केन्द्र ने गांधी की हत्या पर जश्न मनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से किसी राज्य को नहीं रोका है। बता दें कि विपक्ष ने हिन्दू महासभा द्वारा गोड्से के मंदिर बनाए जाने और भाजपा सांसद साक्षी महाराज द्वारा गोड्से को कथित तौर पर राष्ट्रवादी बताए जाने के बाद मोदी सरकार पर हमला बोला था।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह अत्यंत सुलझे हुए राजनेता हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है कि गांधी का नाम और काम इतना बड़ा है कि उनसे ‘किनारा’ कर इस देश में किसी भी दल की ‘राजनीति’ सम्भव नहीं। इस बाबत केन्द्र की मोदी सरकार भी उतनी ही सतर्क है। वह जहाँ एक ओर दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे भाजपा के ‘प्रतीकपुरुषों’ को लेकर चल रही है वहीं महात्मा गांधी की ‘विरासत’ पर भी अपनी बराबर की ‘दावेदारी’ जताने से नहीं चूक रही। स्वयं नरेन्द्र मोदी अपने भाषणों में महात्मा गांधी का नाम जिस तरह लेते हैं उसका एक सीधा संदेश यह होता है कि गांधी जितने और जैसे कांग्रेस के हैं उतने और वैसे ही भाजपा के भी। भाजपा ऐसा कर कांग्रेस को गांधी के ‘राजनीतिकरण’ से रोकना चाहती है लेकिन उसके ऐसा करने में ‘राजनीति’ नहीं है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। खैर, गांधी के नाम पर होने वाले इस झगड़े में ‘राजनीति’ चाहे जितनी हो, यह झगड़ा फिर भी ‘प्रीतिकर’ लगता है।

बहरहाल, संसद में गांधी को लेकर दिया गया गृहमंत्री का बयान निस्संदेह स्वागतयोग्य है। हिन्दू महासभा और भाजपा का ‘जुड़ाव’ किसी से छिपा नहीं। इस ‘जुड़ाव’ के बावजूद हिन्दू महासभा के गोड्से से ‘जुड़ाव’ पर राजनाथ ने दो टूक बयान देकर ‘साहस’ का काम किया है। गृहमंत्री का बयान एक ओर गौतम बुद्ध के ‘मध्यममार्ग’ की याद दिलाता है तो दूसरी ओर यह भी साबित करता है कि बुद्ध और गांधी की ‘प्रासंगिकता’ किसी भी ‘पंथ’ और ‘वाद’ से ऊपर है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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स्कूली बच्चों को प्रधानमंत्री से ‘जोड़ने’ के लिए सीबीएसई की अधिसूचना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ना केवल भारत बल्कि विश्व के उन गिने-चुने नेताओं में एक हैं जो तकनीक में गहरी रुचि रखते हैं। उन्होंने प्रारम्भ से ही ई-गवर्नेंस को प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सूचना और सम्पर्क के विभिन्न माध्यमों का जैसा उपयोग आम जनता से सीधा संवाद करने के लिए किया है वो भारतीय राजनीति में उनसे पहले देखने को नहीं मिला था। अब हर घर में सुलभ रेडियो की ही बात करें। उनसे पहले के प्रधानमंत्री इसका उपयोग केवल विशेष अवसरों पर संदेश देने के लिए करते थे। किसी ने नहीं सोचा था कि रेडियो ‘मन की बात’ रखने का जरिया भी हो सकता है। अभी हाल ही में अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने परीक्षा को लेकर कई बातें की थीं और छात्रों से अपील करते हुए कहा था कि वे पूरे विश्वास और आशा के साथ परीक्षा में भाग लें। इसी से उत्साहित होकर सीबीएसई (सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेन्डरी एजुकेशन) ने अपने स्कूलों में बच्चों को प्रधानमंत्री से ‘जोड़ने’ के लिए अधिसूचना जारी की है।

सीबीएसई की उपरोक्त अधिसूचना ‘नरेन्द्र मोदी एप’ को लेकर है। इसमें कहा गया है कि कि बच्चों के माता-पिता, अध्यापक व छात्र ‘नरेन्द्र मोदी एप’ के जरिए परीक्षा के अपने अनुभवों को बांट सकते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री भी अपने अनुभव को उनसे साझा करेंगे। सीबीएसई ने सभी स्कूलों के प्रमुखों से आग्रह करते हुए कहा है कि अध्यापक, माता-पिता व छात्रों को ‘नरेन्द्र मोदी एप’ डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करें। बोर्ड ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के उस हिस्से का भी जिक्र किया है कि जिसमें दसवीं और बारहवीं की परीक्षा को लेकर उन्होंने छात्रों को अपना संदेश दिया है।

बता दें कि ‘नरेन्द्र मोदी एप’ प्रधानमंत्री के बारे में सभी नवीनतम जानकारियां एवं अपडेट प्रदान करता है। इस इंटरैक्टिव ‘एप’ पर बस एक क्लिक कर आप प्रधानंमंत्री के साथ जुड़ सकते हैं। यह प्रधानमंत्री से सीधे संदेश और ई-मेल प्राप्त करने का अनूठा अवसर भी देता है। इस ‘एप’ के ‘टू-डू टास्क’ के माध्यम से आप अपना योगदान दे सकते हैं और बैज अर्जित कर सकते हैं। यही नहीं, आप प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के विभिन्न एपिसोड सुन सकते हैं, उनके ब्लॉग पढ़ सकते हैं और उनकी जीवनी पढ़कर उनके बारे में और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इस ‘एप’ के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के ‘सुशासन’ की शैली और सरकार की विभिन्न पहल और उपलब्धियों की जानकारी भी हासिल की जा सकती है। इसमें एक विशेष सेक्शन बनाया गया है जिसके अंतर्गत भारत की वैश्विक पहचान को और आगे बढ़ाने की दिशा में प्रधानमंत्री के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। इसके ‘इन्फोग्राफिक्स’ सेक्शन के अंतर्गत यह दिखाया गया है कि सरकार कैसे लोगों के जीवन में सुधार लाने का काम कर रही है।

स्कूल के बच्चे अब तक चाचा नेहरू के बारे में सुना करते थे। बच्चों के बीच नेहरूजी की लोकप्रियता आज भी एक मिसाल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी बच्चों से जुड़ने और संवाद करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते। सीबीएसई ने अपनी अधिसूचना से उस ‘जुड़ाव’ और ‘संवाद’ को सार्थक दिशा देने की कोशिश की है। भारत के ‘भविष्य’ को गढ़ने के लिए प्रधानमंत्री की पहल के निमित्त सीबीएसई के इस प्रयास की सराहना राजनीति से ऊपर उठकर होनी चाहिए।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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एक शाम : शहीदों के नाम

बिहार सरकार के अपर पुलिस महानिदेशक के निदेश पर सम्पूर्ण प्रदेश में पुलिस-पब्लिक रिलेशन बढ़ाने के लिए पुलिस सप्ताह (22-27 फरवरी) मनाने का संकल्प लिया गया था | पुलिस-पब्लिक के बीच बेहतर सम्बन्धों की  शुरुआत करने हेतु वृक्षारोपण, मैराथन दौड़, फुटबाल मैच, वाँलीबॉल, कबड्डी, ट्रैफिक जागरूकता………….एवं महाविद्यालयों – विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच पुलिस-पब्लिक बेहतर सम्बन्धों के बाबत वाद-विवाद प्रतियोगिता, बाल कलाकारों द्वारा पेंटिंग के साथ-साथ देशभक्त शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों के वेस्ट परफार्मरों तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने हेतु जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, अनुभवी एस.पी. विकास कुमार, आलराउंडर ए.एस.पी. राजेश कुमार, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार निराला, एवं समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित शहर के सर्वाधिक सूधी श्रोतागण ने स्थानीय बी.एन.मंडल स्टेडियम में “एक शाम : शहीदों के नाम”का भरपूर आनन्द उठाया |

From L to R Dr.Madhepuri, S.P Vikas Kumar, D.M Md.Sohail, D.D.C Mithilesh Kumar, SDM Sanjay Kumar Nirala, ASP Rajesh Kumar along with Citizen of Madhepura enjoying " Ek Sham : Shahidon Ke Naam".
From L to R Dr.Madhepuri, S.P Vikas Kumar, D.M Md.Sohail, D.D.C Mithilesh Kumar, SDM Sanjay Kumar Nirala, ASP Rajesh Kumar along with Citizen of Madhepura enjoying ” Ek Sham : Shahidon Ke Naam”.

इसके पहले दीप प्रज्जवलित कर डी.एम. मो.सोहैल सहित अन्य सभी ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया तथा डी.एम. ने कहा कि पुलिस-पब्लिक के बीच बेहतर सम्बन्ध स्थापित होने के दूरगामी अच्छे परिणाम सामने आयेंगे | एस.पी. विकास कुमार ने स्कूली बच्चों-शिक्षकों एवं बुद्धिजीवियों के सहयोग की सराहना की |

डॉ.मधेपुरी ने विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मुल्यांकन किया जिसके आधार पर तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा प्रस्तुत ‘लोकगीत सेमा चकेवा’ प्रथम, हॉली क्रॉस द्वितीय एवं जितेन्द्र पब्लिक स्कूल को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया | डॉ.मधेपुरी ने मोहन शकुन्तला स्कूल, माया विद्या निकेतन, दार्जीलिंग पब्लिक स्कूल की भी काफी सराहना की | उन्होंने कहा कि परिमल संगीत केंद्र की प्रस्तुति, रोशन कुमार की गज़ल-गायकी तथा शशिप्रभा की- ‘ऐ मेरे वतन के लोगों………..’ की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिया |

Thana Adhyaksh Madhepura Manish Kumar & Bharrahi, Ghailadh......thanadhyaksh receiving Certificate of Excellence given by DGP through Dr.Madhepuri, SP, DDC, ASP in Samapan Samaroh at B.N Mandal Stadium Madhepura
Thana Adhyaksh Madhepura Manish Kumar & Bharrahi, Ghailadh……thanadhyaksh receiving Certificate of Excellence given by DGP through Dr.Madhepuri, SP, DDC, ASP in Samapan Samaroh at B.N Mandal Stadium Madhepura

जिले के आधे दर्जन पुलिस पदाधिकारियों और सिपाहियों को एस.पी. विकास कुमार, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने सम्मानित किया और विशेष रूप से डी.जी.पी. द्वारा प्रेषित प्रशस्तिपत्र देकर पुनः सम्मानित किया गया- ए.एस.पी. राजेश कुमार के नेतृत्व में कुख्यात अपराधी को पकड़ने वाले जाँबाज थानाध्यक्ष संजीव कुमार, प्रसुंजय कुमार एवं अमर कुमार व अभिषेक कुमार को संयुक्त रूप से डॉ.मधेपुरी, एस.पी. एवं डी.डी.सी. द्वारा |

आई.जी. द्वारा पुरस्कृत मधेपुरा थानाध्यक्ष मनीष कुमार, ए.एस.आई. अशोक कुमार साह, कमांडो हेड विपिन कुमार, उदयशंकर, वकील, अभिमन्यु, अजय, मनोज, नीतीश एवं धर्मेन्द्र को भी सम्मानित किया गया | हेड कमांडो विपिन को सम्मानित करते समय दर्शकों द्वारा भी जोरदार तालियों से इनको सम्मान दिया गया |

अन्त में अपने आशीर्वचन युक्त सम्बोधन द्वारा डॉ.मधेपुरी ने राम-रावण संवाद को दर्शकों के समक्ष रखा- रावण कहता है- हे राम ! मैं तुमसे अधिक बलवान हूँ, धनवान हूँ,………….., सब कुछ में आगे रहते हुए भी युद्ध में इसलिए तुमसे हार गया कि तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ था और मेरा भाई मुझसे अलग……… ! और यह सुनाते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यदि पुलिस-पब्लिक एक साथ मिलकर चले तो भारत का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता चाहे वह कितना ही बड़ा आतंकवादी क्यों न हो !

इस जानदार-शानदार “एक शाम : शहीदों के नाम” कार्यक्रम की अध्यक्षता आलराउंडर ए.एस.पी. राजेश कुमार ने की और मंच संचालन ‘राष्ट्रीय वक्ता’ हर्षवर्धन सिंह राठौर, ख्यात इप्टाकर्मी सुभाष चंद्रा एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से किया |

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