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मधेपुरा के किसान शंभू शरण भारतीय को उत्कृष्ट व्याख्यान के लिए सम्मानित किया गया

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय एवं नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड (नई दिल्ली) के पूर्वी जोन का CSIR द्वारा 24-28 फरवरी तक आयोजित सेमिनार सह औषधीय पौधा का अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण एवं कार्यशाला कोलकाता के यादवपुर यूनिवर्सिटी में बुलाया गया था। इस सेमिनार में बिहार, झारखंड, उड़ीसा एवं बंगाल राज्य से चयनित कर 23 किसानों को आमंत्रित किया गया था।

बता दें कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन यादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता के कुलपति प्रोफेसर सुरंजन दास ने किया। इस सेमिनार में मधेपुरा जिले से औषधीय किसान शंभू शरण भारतीय, जो बेबाकी से बात रखने के लिए सम्मानित होते रहे हैं, अकेले नहीं गए थे बल्कि उनके साथ दूसरे किसान शंकर कुमार भी आयोजन में शामिल हुए थे।

जानिए कि मधेपुरा जिले के औषधीय खेती में क्रांति लाने वाले किसान शंभू शरण भारतीय द्वारा सर्वोत्कृष्ट व्याख्यान देने के लिए भारत सरकार के सलाहकार डॉ.एन पद्माकुमार द्वारा सम्मानित किया गया तथा बेबाकी से बातों को रखने के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। शंभू शरण ने किसानों की तालियां जमकर तब बटोरी जब उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र में औषधीय खेती की अपार संभावनाएं हैं, जरूरत है किसानों को सरकार द्वारा प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत करने की।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस आयोजन में विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों के अतिरिक्त साउथ अफ्रीका के औषधीय किसान रिचर्ड हाववेस एवं क्रुक स्टोक की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। ऐसे अधिकारियों एवं कृषक वैज्ञानिकों को शंभू शरण भारतीय ने शतावर का चॉकलेट खिलाया जिसकी प्रशंसा सबों ने की। अंत में नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के जोनल डायरेक्टर डॉ.संजय वाला ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

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अब कोरोना से निपटने के लिए चीन ने उतारा रोबोट, सुपर कंप्यूटर और ड्रोन भी

पिछले कुछ दशकों में तकनीक को लेकर चीन ने बहुत काम किया है। यह काम चीन के विकास में दिखता भी है। फिलहाल कोरोना से मुकाबला करने के लिए चीन ने ड्रोन से लेकर सुपर कंप्यूटर तक सब कुछ झोंक दिया है। इतना ही नहीं, कोरोना से निपटने के लिए अब चीन ने रोबोट को भी उतार दिया है। बावजूद इसके यह काबू में अब भी नहीं आ पा रहा है। सचमुच यह तो चीन की तकनीक की भी परीक्षा है जहां बायोमेट्रिक हाजिरी पर भी रोक लगानी पड़ी है।

जानिए कि चीन ने सदा तकनीक को केंद्र में रखकर काम किया है। वेंचर कैपिटल फर्म क्लेनर पार्किंसन के अनुसार- दुनिया की सबसे मूल्यवान तकनीकी कंपनियों में से नौ कंपनियां चीन की ही हैं। कोरोना से मुकाबले के लिए चीन की दिग्गज तकनीकी कंपनियों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। फिर चाहे बात इलाज ढूंढने हेतु तेजी से गणना के लिए सुपर कंप्यूटर की हो या फिर मानव से मानव के मध्य संपर्क को खत्म करने के लिए रोबोट के इस्तेमाल का हो।

यह भी जानिए कि जहां सुपर कंप्यूटर से शोधकर्ताओं को कोरोना का इलाज तलाशने में मदद मिल सकती है वहीं स्टार्टअप शंघाई टेमेराब ने वुहान में दर्जनों दवा छिड़कने वाले रोबोट उपलब्ध कराए हैं जो संक्रमण रोकने के लिए दवाओं के छिड़काव के साथ-साथ आईसीयू एवं अन्य स्थानों पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए सैकड़ों ड्रोन की भी सहायता ली जा रही है तथा कमांड सेंटरों पर लगभग 200 कर्मचारी ड्रोन की निगरानी के लिए भेजा गया है। फिलहाल कोरोना प्रभावित 119 देशों में से 24 देशों में स्कूल पूरी तरह बंद है… दुनिया भर में 30 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि अब चीन से ज्यादा दूसरे देशों में कोरोना का कहर है।

बता दें कि एक महीने में ही बदल गए हालात। चीन में घट रही है संक्रमित लोगों की संख्या। दुनिया में चीन के मुकाबले 18 गुना तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस। डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोना से संक्रमितों की संख्या लाख पार होने पर दुनिया के देशों को गंभीरता दिखाने को कहा गया है। तभी तो चीन वायरस का टीका बनाने के करीब आ गया है और भारत ने जानवरों पर परीक्षण शुरू कर दिया है।

चलते-चलते यह भी कि कोरोना को लेकर मधेपुरा का स्वास्थ्य महकमा भी चौकस व चौकन्ना है। सिविल सर्जन सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सदर अस्पताल में कोरोना वायरस को लेकर अलग वार्ड बनाया गया है तथा सीएचसी व पीएचसी में भी निर्देश जारी किए गए हैं। जहां ब्रिटेन में संसद भी बंद किए जाने की चर्चा है वहीं डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। विदेश से आने वाले यात्रियों के वीजा 15 अप्रैल तक केंद्र सरकार द्वारा निलंबित कर दिया गया है। जरूरी ना हो तो विदेश यात्रा से बचें….।

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पतंजलि होली के दिन कृपाधनराज को पटना सुंदरी होने पर डॉ.मधेपुरी ने किया सम्मानित

पतंजलि होली का आयोजन रासबिहारी विद्यालय के परिसर में 9 मार्च (मंगलवार) को डॉ.एन.के.निराला के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रातः 6:00 बजे से आयोजित इस पतंजलि होली समारोह में पतंजलि योग कक्षा के नर नारियों के अतिरिक्त शिक्षक, समाजसेवी, चिकित्सक एवं छात्र-छात्राएं भी सम्मिलित हुए।

स्वामी रामदेव के योग द्वारा शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने वाले योग कक्षा की समाप्ति के बाद पतंजलि होली का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महिला योग शिक्षिका रूबी कुमारी व अन्य द्वारा अतिथियों- डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.अमोल राय, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.गणेश यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, सुरेश प्रसाद व जयकृष्ण प्रसाद यादव, डॉ.नरेश कुमार, डॉ.अजय कुमार आदि को अबीर का टीका लगाया गया। संयोजक डॉ.निराला द्वारा सबों को भिन्न-भिन्न प्रकार के पाग, टोपी, मुखौटा के साथ-साथ कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने हेतु मास्क व दिन में चार-पांच बार हाथ साफ करने हेतु पतंजलि साबुन का भी वितरण किया गया।

Patanjali Holi Milan at Madhepura.
Patanjali Holi Milan at Madhepura.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने होली के दिन एक दूसरे से मिलने की बात कही और रंग को भंग करने की मनाही की। डॉ.मधेपुरी ने खेद प्रकट करते हुए यही कहा कि पहले किबाड़ी के दोनों पल्ले दिन में कई बार गले लगते थे अब तो वे भी एकाकी परिवार बनते जा रहे हैं। डॉ.मधेपुरी ने अमृत होटल के प्रो.रामानंद सागर की पुत्री, जूलॉजी ऑनर्स की छात्रा कृपाधन राज को हाल ही में “पटना सुंदरी” (Miss Patna) के खिताब जीतने के उपलक्ष में पुरस्कृत कर सम्मानित किया।

अंत में संयोजक डॉ.एन.के.निराला ने होली को उत्सव का रूप देने के लिए जोगीरा का सहारा लिया तथा विभिन्न प्रकार के प्रहसनों की व्यवस्था की। ग्रामीण देवी-देवता को अपने शरीर पर उतारकर अनोखे शब्दों का उच्चारण करते हुए उन्होंने सबों को हंसने के लिए मजबूर कर दिया। योग गुरु राकेश जी ने रोजगार संबंधी जानकारियां देते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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जेएनकेटी से होगा कोसी का कायाकल्प, मधेपुरा बनेगा मेडिकल हब- सीएम

जननायक कर्पूरी ठाकुर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल का शिलान्यास 6 जून 2013 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 एकड़ के भूखंड पर बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में किया था। लगभग 7 वर्षों में 781 करोड़ की लागत से बने 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी वाले मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 मार्च 2020 (शनिवार) को 2:00 बजे अपराहन में किया। सीएम ने कहा कि कोसी व सीमांचल के लगभग दो करोड़ लोगों को इससे लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा कि मधेपुरा से उन्हें विशेष लगाव है और भोलेनाथ के प्रति असीम श्रद्धा भी है। यहां वर्षों से आता-जाता रहा हूँ।

इस मौके पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने उपस्थित जनसमूह से कहा कि इस मेडिकल कॉलेज को विश्वस्तरीय मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सीएम द्वारा उद्घाटन के साथ ही अस्पताल में मरीजों के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है। यहां तक कि मरीजों के लिए किडनी के डायलिसिस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। लोकार्पण के साथ ही ऑपरेशन भी शुरू हो गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एमसीआई की टीम के निरीक्षणोपरांत स्वीकृति मिलने के बाद ही अप्रैल में 100 छात्र-छात्राओं का नामांकन 2020-21 के सत्र में लिया जाएगा। आरंभ में एक-एक पौधा एवं शॉल देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, विधि मंत्री नरेंद्र यादव, एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव, सांसद-विधायकों आदि का स्वागत किया गया एवं सभी ने अपने संबोधन में इस बड़े अस्पताल की सराहना की।

मौके पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने अस्पताल की विशेषताओं की विस्तार से चर्चा की और कहा कि मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों को तीन-तीन लाख रुपये तक की राशि सीधे खर्च करने तक का अधिकार दिया गया है ताकि उन्हें अपने विभाग को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने में किसी तरह की परेशानी ना हो। अंत में प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी संजय कुमार ने सीएम की सुरक्षा के लिए कई लेयरों में सुरक्षा व्यवस्था की थी जिसकी निगरानी एसडीएम वृंदालाल एवं एसडीपीओ वसी अहमद को सौंपी गई थी।

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महिला दिवस पर विशेष…… बिहार की बेटी का आधा शरीर बेजान, पर हौसलों से छू लिया आसमान

बिहार पंजवारा की बेटी अर्चना को 2006 के एक हादसे ने भले ही 14 वर्ष की उम्र में ही दिव्यांग बना दिया, परंतु आज की तारीख में फूलवती व महेश मंडल की इकलौती बेटी ने अपने हौसलों के बल पर सफलता के आसमान को छूती चली जा रही है।

बता दें कि 25 अक्टूबर 1992 को जन्मी अर्चना अपने तीन भाइयों के साथ खेलती-कूदती जीवन के 14 वसंतों को सकुशल पार कर ली। परंतु, 18 अगस्त 2006 की एक मनहूस रात को अर्चना छत से उतरने के दौरान सीधे जमीन पर जा गिरी। इस घटना में अर्चना के कमर के नीचे का भाग बेजान हो गया। फिर भी अर्चना की जिद और जुनून के आगे जीवन की उदासी की एक न चली। संघर्ष और पक्के इरादों के चलते अर्चना ने पंजवारा से लेकर पटना तक को व्हील चेयर पर बैठे-बैठे गौरव से भर दिया।

यह भी जानिए कि अर्चना के इलाज का सारा प्रयास बेकार रहा। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए एक चिकित्सक ने उपचार के दौरान अर्चना के हौसलों को पंख लगा दिया। कुछ व्यायाम सिखाते-सिखाते प्रैक्टिस के दौरान अर्चना को राज्य स्तरीय पारा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला… वहां जैवलिन थ्रो, डिस्क थ्रो एवं शॉर्टपुट में उसने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

बता दें पहली बार 2009 में अर्चना का नेशनल जूनियर पारा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में चयन हो गया और वह फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखी। सर्वप्रथम अर्चना ने डिस्क थ्रो में गोल्ड मेडल जीता। एक वर्ष बाद 2010 में हरियाणा में उसने शॉर्टपुट एवं डिस्क थ्रो में जहां सिल्वर मेडल प्राप्त किया वहीं जैवलिन थ्रो में तीसरा स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया।

चलते-चलते बता दें कि देश एवं विदेश में अर्चना के बेहतर प्रदर्शन के चलते अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी के दिन भागलपुर समाहरणालय में लिपिक पद पर योगदान देने हेतु नीतीश सरकार ने नियुक्ति पत्र भी दिया। जनवरी 27 से अर्चना वहां अपनी सेवा दे रही है…।

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शिक्षा से ही समाज में बदलाव आएगा- कुलपति डॉ.ए.के.राय

गोशाला परिसर स्थित श्री कृष्ण मंदिर से सटे पूरब ज्ञान वैली क्रॉनिकल स्कूल का शुभारंभ बीएनएमयू के कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय, प्रति कुलपति प्रो.(डॉ.)फारूक अली, पूर्व कुलसचिव प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, जिपअध्यक्ष मंजू देवी, पृथ्वीराज यदुवंशी, रिंकी यदुवंशी व अन्य गणमान्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

बता दें कि ज्ञान वैली स्कूल की निदेशिका रिंकी यदुवंशी ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम् व बुके के साथ सम्मानित किया। कुलपति डॉ.राय ने अतिथियों सहित थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह एवं मकेश्वर प्रसाद यादव व राधा कृष्ण संगम ट्रस्ट के सचिव डॉ.आरके पप्पू आदि को संबोधित करते हुए यही कहा कि शिक्षा से ही समाज बदलेगा। बच्चों को सही दिशा में शिक्षित व अनुशासित करने के उद्देश्य से यह स्कूल खोला गया है। जहां प्रति कुलपति ने बच्चों को कल के भारत का तस्वीर कहा वहीं जिला परिषद अध्यक्षा ने शिक्षा को सबसे बड़ा धन बताया।

इस अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से नवोदित स्कूल के नाम का विश्लेषण करते हुए ज्ञानवान सूफी संत दौरम शाह मुस्तकीम अलेह, ऋष्य श्रृंग एवं कृष्ण की ज्ञान भूमि की चर्चा के क्रम में कहा कि आसान नहीं है पूरे देश को शिक्षा उपलब्ध कराना। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा ब्रिटिश हुकूमत में 1845 में अनुमंडल बना और लगभग 50 वर्षों के बाद 1896 में बच्चों का मात्र एक स्कूल खोला गया…. जबकि सच्चे और पक्के गांधीवादी शिवनंदन प्रसाद मंडल की अमरवाणी चतुर्दिक यूँ गूंजती रही थी- “No soul should remain uneducated on the Earth.”

डॉ.मधेपुरी ने अंत में दौराम मधेपुरा स्टेशन के नामकरण का इतिहास बड़े ही रोचक ढंग से परोसा। इस अवसर पर पृथ्वीराज यदुवंशी ने कहा कि मधेपुरी सर ने सूफी संत दौरम शाह को आज से नया जीवन प्रदान किया है। ऐसे महान संत का आशीर्वाद इस स्कूल को सदा मिलता रहेगा।

मौके पर सचिव डॉ.आरके पप्पू ने दिल्ली व कोटा की शैक्षणिक व्यवस्था यहाँ उतारने का संकल्प लिया जिसकी सराहना एसडीएम वृंदालाल, डॉ.बीएन भारती, डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.आलोक कुमार आनंद, सुशील कुमार यादव तथा सृजन दर्पण के सचिव विकास कुमार ने की। आरंभ में अतिथियों का स्वागत रौशन कुमार ने गीत तथा सृजन दर्पण की छात्राओं ने नृत्य के माध्यम से किया।

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एमएलसी डॉ.संजीव ने नियोजित शिक्षकों के हितार्थ माननीय मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सूबे के आंदोलनरत शिक्षक संघ-संगठनों से छात्रहित में वार्ता हेतु हस्तक्षेप करने के लिए कोशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ.संजीव कुमार सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा है जिसकी प्रतिलिपि सूबे के शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अपर मुख्य सचिव को भी प्रेषित की गई है।

बता दें कि विधान पार्षद डॉ.संजीव ने पत्र में लिखा है कि सूबे के नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में वर्तमान विसंगतिपूर्ण वेतन संरचना तथा उनकी लंबित सेवा-शर्तों की अधिसूचना के साथ-साथ राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के संदर्भ में मुख्यमंत्री के द्वारा विधान परिषद में विस्तार से सरकार का पक्ष रखा गया। इसी बाबत शिक्षा मंत्री द्वारा भी सकारात्मक वक्तव्य सभी सदस्यों के सामने आया, परंतु अभी तक वार्ता हेतु कोई विभागीय पहल नहीं होने से छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन एवं मैट्रिक व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बुरी तरह प्रभावित है।

सूबे के सीएम को उन्होंने यह भी कहा कि वित्त अनुदानित एवं गैर अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी अपने चिर प्रतीक्षित “वेतनमान आधारित घाटानुदान” की मांगों के समर्थन में लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर हैं, परंतु अंततः आपसे ही समाधान की अपेक्षा भी इन सबों को है।

विधान पार्षद डॉ.संजीव ने पत्र में यह भी लिखा है कि संप्रति आपकी संकल्पित राजनीतिक इच्छाशक्ति “न्याय के साथ विकास” की अवधारणा एवं सिद्धांत के विपरीत शिक्षा विभाग तथा संबंधित जिला प्रशासन द्वारा शांति पूर्ण तरीके से आंदोलनरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति दमनात्मक रवैया यथा निलंबन एवं बर्खास्तगी की कार्रवाई तथा प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई से गतिरोध बढ़ता जा रहा है। डॉ.सिंह ने अंत में यह भी कहा कि विभाग एवं जिला प्रशासन का यह कृत्य बिहार राज्य शिक्षक नियोजन एवं सेवा शर्त नियमावली के भी विपरीत है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी से यह भी अनुरोध किया कि वे शिक्षा विभाग के मंत्री एवं शीर्षस्थ पदाधिकारियों को आंदोलनकारी संघ-संगठनों से सम्मानजनक वार्ता हेतु अविलंब दिशा निर्देश दे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले तथा डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से जब इस बाबत कुछ कहने को कहा गया तो डॉ.मधेपुरी ने बस इतना ही कहा कि गतिरोध बढ़े यह ठीक नहीं…. जल्द ही शिक्षकों की समस्या का समाधान हो…. मैं भी तो नीतीश सरकार की सामाजिक क्रांति के प्रतीक “साइकिल-पोशाक योजना” और वैश्विक क्रांति के प्रतीक “जल, जीवन और हरियाली” का प्रशंसक हूँँ…. प्रवक्ता हूँँ….. सर्वाधिक सूक्ष्म हिस्सा भी हूँँ ।

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मधेपुरा डीईओ उग्रेश मंडल की सेवानिवृत्ति पर अविश्वसनीय विदाई

मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेश प्रसाद मंडल विगत फरवरी 2020 में सेवानिवृत्त हुए। श्री मंडल के सेवानिवृत्त होने पर जिले के शिक्षकों, विद्यालय प्रधानों, प्रखंड के बीईओं, विभिन्न विद्यालयों के संगीत शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विदाई समारोह के संपूर्ण कार्यक्रम में कलाकारों ने मधुर संगीत से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत शिक्षिका शशि प्रभा की सुरीली आवाज पर समस्त शिक्षकों की तालियों की गूंज से रासबिहारी उच्च विद्यालय का मैदान गुंजायमान होता रहा।

इस विदाई की बेला में एसएसए के डीपीओ गिरीश कुमार, एमडीएम के डीपीओ केएन सादा एवं लेखा योजना के डीपीओ नारद प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि डीईओ उग्रेश मंडल साहब का सभी के प्रति मित्रवत व्यवहार, विभाग के लिए उनके काम व योगदान के लिए हम लोग उन्हें सदा याद करेंगे। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े अधिकारी व पदाधिकारी लाल बहादुर यादव, डॉ.अरूण कुमार यादव, कृष्ण कुमार यादव,  पूर्व प्राचार्या  डॉ.शांति यादव, पूर्व डीईओ शिव शंकर झा, पूर्व डीईओ दीप नारायण यादव, बीईओ डॉ.यदुवंश यादव, परमेश्वरी प्रसाद यादव, विजेंद्र प्रसाद यादव, जय कृष्ण यादव व अन्य गणमान्य ने विचार व्यक्त करते हुए उनके तीन वर्षों के कार्यकाल की सराहना की और यह भी कहा कि संभव है कि फूल के पौधों को सींचने में कुछ पत्तियां टूट गई हों तो उसे अनदेखी करना उचित ही होगा।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the farewell of DEO Yugresh Prasad Mandal at Madhepura.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the farewell of DEO Ugresh Prasad Mandal at Madhepura.

भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए उनके करीबी शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि आज हमारे सपनों को पंख लगा दिया उग्रेश मंडल साहब का यह विदाई समारोह। डॉ.मधेपुरी ने जब हरियाणा के सोनीपत के गन्ना इंस्पेक्टर महावीर सिंह आंतिल के 35 वर्षों की ईमानदार सेवा के बाद 500 किसानों द्वारा कार, मोटरसाइकिल, नगद और हुक्का देकर विदाई की बात सुनी तो अखबार में प्रकाशित समाचार पढ़कर सोचने और सपना देखने लगे डॉ.मधेपुरी- “काश ! मधेपुरा में भी किसी सरकारी पदाधिकारी की ईमानदारी से की गई सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर हरियाणवी तरीके से विदाई समारोह का आयोजन होता…… तो कितना अच्छा होता !”

आज का यह नजारा देखकर डाॅ.मधेपुरी के सपनों को तो पंख लग ही गया साथ ही डॉ. मधेपुरी ने इसे अविश्वसनीय विदाई समारोह बताया।  डीईओ उग्रेश प्रसाद मंडल ने अपनी धर्मपत्नी व अन्य संबंधियों की उपस्थिति में दिए गए सम्मान से अभिभूत होकर यही कहा-

” मधेपुरा ने मुझे जो सम्मान दिया है उसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा….. सेवानिवृत्ति के बाद नए सिरे से अपने जीवन की शुरुआत करूंगा और शिक्षकवृंद से यही कहूंगा कि वे समाज में ज्ञान की रोशनी फैलाएं…… वंचितों के बच्चों पर विशेष ध्यान दें….. तथा पदाधिकारीगण सभी को साथ लेकर चलें।”

अंत में शशि प्रभा ने विदाई गीत की प्रस्तुति दी। जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने मंच संचालन किया। मौके पर प्रदीप पप्पू, समीर कुमार, संत कुमार, ध्यानी यादव, संजय सिंह, कंचन कुमारी, कुंदन सिंह, सज्जन कुमार, राजकिशोर यादव व अन्य मौजूद थे।

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माया विद्या निकेतन के बच्चों ने वैज्ञानिक प्रतिभा का दिया परिचय

मधेपुरा के शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित माया विद्या निकेतन में विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन जिस दिन किया गया उसके एक दिन बाद मुख्य कार्यक्रम का आयोजन नया नगर मदनपुर वाले विद्यालय परिसर में समारोह पूर्वक किया गया।

बता दें कि कार्यक्रम का उद्घाटन भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक सह साहित्यकार व बीएनएमयू के कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक रहे प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, कबड्डी संघ के जिला सचिव अरुण कुमार, नेशनल इंस्पायर्ड अवार्ड एवं  साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवार्ड विजेता आनंद विजय, डॉ.आलोक कुमार, किशोर कुमार व प्राचार्य चंद्रिका यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the Vigyan Diwas Function at Maya Vidya Niketan.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the Vigyan Diwas Function at Maya Vidya Niketan.

इस अवसर पर अतिथियों ने माया विद्या निकेतन के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडलों को गहन रूप से देखा, परखा एवं उसकी उपयोगिता को महसूसा। जब बच्चों से ऑटोमेटिक रेलवे गेट, रिमोट कंट्रोल लॉकर…. न्यूमैरिक लिफ्ट आदि से जुड़े प्रश्न किए गए तो बच्चों ने बखूबी जवाब भी दिया जिसे अतिथियों ने खूब सराहा।

मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने बच्चों से मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की चर्चा करते हुए यही कहा कि आवश्यकता को पूरी करने के लिए ही आविष्कार होता है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि विज्ञान विकास और बदलाव का पर्याय है। विज्ञान में महारत हासिल करने के लिए प्रयोगशाला में जाना ही पड़ेगा क्योंकि पानी में गए बिना कोई तैरना कैसे सीख लेगा ! मौके पर सभी अतिथियों सहित प्रो.अनिल कुमार विजय, चिरामणि प्रसाद यादव एवं प्राचार्य चंद्रिका यादव ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर लाने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है।

इस अवसर पर युवा वैज्ञानिक आनंद विजय को बुके-अंगवस्त्रम् व चेक के साथ मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी एवं प्राचार्य चंद्रिका यादव ने सम्मानित किया। आरंभ में स्वागत गान संगीत शिक्षिका शशि प्रभा ने प्रस्तुत किया और मंच संचालन किया हर्षवर्धन सिंह राठौर ने। मौके पर जयनंदन यादव, मदन कुमार, कृष्ण कुमार, मंजू घोष आदि मौजूद थे।

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साइंस प्रोजेक्ट में आलमनगर के डीएवी को मिला पहला स्थान

उदाकिशुनगंज अनुमंडल स्थित राजनंदन कला भवन में जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन डीसीएलआर ललित कुमार सिंह के नेतृत्व में विज्ञान दिवस के उपलक्ष में किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता बीएनएमयू के पूर्व कुलसचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, विशिष्ट अतिथि 2019 में नेशनल इंस्पायर्ड अवार्ड विजेता एवं 2020 में पूर्वी भारत साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवार्ड विजेता आनंद विजय, प्रो.अनिल कुमार विजय, अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन, एसडीपीओ सीपी यादव, अनुमंडल लोक शिकायत पदाधिकारी रमेश चंद्र चौधरी, किशोर कुमार, अख्तर आलम व कार्यक्रम के प्रायोजक दीपू मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

Former University Professor of Physics cum Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing Students in a Science Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan, Alamnagar.
Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri addressing in a Science Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan, Alamnagar.

बता दें कि दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का अनीता सिंह एवं अदिति सिंह ने वैदिक रीति से स्वागत गान गाकर स्वागत किया। विज्ञान दिवस के अवसर पर जिले के सरकारी एवं निजी स्कूलों के बच्चों द्वारा क्विज, पेंटिंग एवं मॉडल निर्माण को अतिथियों ने परखा, देखा और उनकी प्रतिभा की सराहना की।

Audience during the Scientific Projects Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan.
Audience during the Scientific Projects Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan.

राजनंदन कला भवन में उपस्थित छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि गांधीयन मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम के सपनों के भारत की ओर देश बढ़ रहा है जिसका जीता-जागता उदाहरण इस विज्ञान प्रदर्शनी में दिख रहा है। डॉ.मधेपुरी ने शिक्षकों को विधायक-मंत्री, सांसद एवं प्रधानमंत्री से भी बड़ा राष्ट्र निर्माता बताया। एसडीएम एस जेड हसन सहित सभी अतिथियों ने बारी-बारी से बच्चों को संबोधित किया।

यह भी बता दें कि जहाँ साइंस प्रोजेक्ट में डीएवी आलमनगर प्रथम, नवभारत स्कूल ग्वालपाड़ा द्वितीय एवं तीसरे स्थान पर रहा रियल मॉडर्न पब्लिक स्कूल बिहारीगंज, वहीं पेंटिंग में सत्यम, अन्नू एवं अभिराम ने बाजी मारी तथा क्विज में अदिति सिंह प्रथम, आयुष कुमार व प्रिंस कुमार द्वितीय एवं विकास कुमार तृतीय पर पुरस्कृत किए गये।

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