पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

मधेपुरा की सड़क पर वाहन नहीं ….. पहली बारिश का पानी बह रहा है !!

किसान ही एक ऐसा जीवट वाला प्राणी है जो बाढ़ या सुखाड़ की मार को बराबर झेलता तो है लेकिन लेकिन हिम्मत कभी नहीं हरता | कृषक सदा असफलता को चुनौती के रूप में स्वीकारता आया है | मधेपुरा समेत कोसी के इलाके में इस वर्ष मानसून में हुए बिलम्ब के कारण धान फ़सल के बाबत वे उदास दीख रहे थे , परन्तु कोसी में मानसून की पहली बारिश से किसानों के चेहरे खिल गये हैं | पहले ही दिन घंटे भर की मुसलाधार बारिश से किसानों के खेतों में काफी पानी जमा हो गया |

कृषि विभाग द्वारा मधेपुरा जिले में 65000 हेक्टेयर में धानरोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु कृषक एवं पदाधिकारियों का हौसला बुलंद हो चला है | सरकार द्वारा निर्देश जारी किया गया है आवसक्तानुसार किसानों को सिंचाई के निमित्त डीजन अनुदान भी दिया जायेगा | कृषि विभाग द्वारा भी किसानों को श्रीविधि तकनीक से खेती करने हेतु हर प्रकार से सहयोग करने की तैयारी की जा रही है |

सम्बंधित खबरें


मुबारक़ हो सबको रमजान का महीना !!

रमजान का महीना यानी अरबी बर्ष का नौवां महीना जिसमें मुसलमान रोज़ा रखते हैं – इस पूरे महीनें में अल्लाह के फ़रिश्ते हज़रत ज़िब्रैएल अमीन प्रतिदिन हज़रत मोहम्मद सल्ल को कुरान मजीद सुनते थे और वे निष्ठापूर्वक सुना करते थे | इसीलिए रमजान के महीने में मुसलामानों को ईशा के नमाज़ के बाद तरावीह में कुरान मजीद सुनना ही सुनना चाहिए |

इसी रमजान के महीने में कई आसमानी किताबें धरती पर नाज़िल हुए यानि अवतरित हुए | कुरान-ए-पाक़ लौहे महफूज से इसी महीने अवतरित हुआ जिसमें पूरे के पूरे 23 साल लगे | इसी तरह हज़रत इब्राहीम अलैहिस्स के सहीफे (किताब) 03 रमजान को अता किये गये, हज़रत मूसा अलैहिस्स को तौरे 06 रमजान को अता हुआ था, हज़रत दाउद अलैहिस्सको ज़बूर (किताब) 12 रमजान को मिला था और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्स को इंजील (धर्म पुस्तक) 13 रमजान को मिली थी | इसीलिए इस रमजान के महीने को खुदाई यानी ईश्वरीय ग्रन्थ से मुनासिबत वाला महीना भी कहा गया है |

रमजान के अवसर पर सभी मस्जिदों में इमामों द्वारा रमजानुल मुबारक की फ़ज़ीलत यानी श्रेष्ठता पर तक़रीर किया जाता है – जिसमें वे इस बात पर जोर देते हैं कि रोज़ेदारों के घर खुदा की रहमत बरसती है जिसकी अजमत से रोज़ेदारों के गुनाह माफ़ हो जाते हैं | इसे कलामुल्लाह का महीना भी कहा जाता है |

सम्बंधित खबरें


गोप गुट के कर्मचारी महासंघ का – एक दिवसीय धरना प्रदर्शन !

बिहार राज्य अराजपत्रितकर्मचारी महासंघ ( गोप गुट ) द्वारा एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन , मधेपुरा के बी. एन. मंडल स्टेडियम के मो. इजहार की अध्यक्षता में हुआ | कर्मचारियों की मुख्य मांग यही रही की केंद्र के अनुरूप बिहार के राज्यकर्मियों को दिनांक 1-1-2006 के प्रभाव से पुनरीक्षित वेतन, भत्ते, पेंशन-उपादान एवं अन्य सुविधाएँ स्वीकृत किया जाय | कुल 11 मांगे थी |

स्थानीय मांगे 9 को मिलाकर कुल 20 मांगे की सूची जिलापदाधिकारी श्री अबरार अहमद कमर को सौपी गई | स्थानीय मांगो में अंतिम मांग यही है – संघ एवं महासंघ के पदधारकों के स्थानान्तरण पर रोक लगाई जाय |

बीस सूत्री मांगों को लेकर जिला सचिव रामचंद्र यादव , विनोद कुमार विमल , महेश्वरी यादव , नरेश पासवान , सत्येन्द्र कुमार , जवाहर मुखिया , सत्यदेव मंडल , हेमचन्द्र वर्मा आदि उपस्थित सभी नेताओं ने अपना अपना विचार रखा | अंत में मंच संचालक ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

सम्बंधित खबरें


काट-काट रे मच्छर ………!!

न जाने कितनी नन-बैंकिंग कम्पनियां भारत के सीधे-सादे नर-नारीयों को मच्छरों की तरह दिन-रात काटती रही हैं और उनकी मिहनत की कमाई को लालच दे-देकर बार-बार भागती रहीं हैं | पकड़े जाने पर उसी में से कुछ देकर कंपनी चालक अपना कल्याण तो कर ही लेते हैं, परन्तु हाथ मलते रह जाते हैं तथा मीटिंग करते रह जाते हैं अपने-अपने एजेंटों के साथ स्थानीय रासविहारी उच्च विद्यालय मधेपुरा के मैदान में प्रयाग इन्फोटेक लिमिटेड के विर्रुद्ध ,वे मासूम जिनके करोड़ों रूपये लेकर हाल ही में फरार हो गये हैं – वे सभी चालक लोग जो अब कभी लौटकर नहीं आयेंगे  !!

सम्बंधित खबरें


पीकर कौन आया है यहाँ आबेहयात …………! प्रधानाध्यापक हलधर बाबू नहीं रहे ………….!!

कुछ दिन पहले तक मध्य वि. भिरखी में प्रधानाचार्य के पद पर काम कर चुके 66 वर्षीय हलधर प्रसाद आज पञ्च तत्त्व में विलीन हो गये | प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रतिनिधि रह चुके हलधर बाबू के पुत्र रुपेश ने मुखाग्नि दी | प्राथमिक शिक्षक संघके राज्य प्रतिनिधिरहे हलधर बाबू संघ के कई महत्वपूर्ण पदों पर यथा परीक्षा विभाग के अध्यक्ष आदि भी रहे थे |

जानकारी मिलते ही शोक व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गयी | वे लम्बे समय से बीमार चल रहे थे | उनकी विदाई के वक़्त डॉ. मधेपुरी ने पड़ोसी सिया राम यादव “मयंक” एवंम अन्य परिजनों से यही कहा –   पीकर कौन आया है यहाँ आबेहयात !बनी है ये दुनिया एक रोज जाने के लिए  !!

सम्बंधित खबरें


एम्बुलेंस सेवा बंद होने से जिंदगी मौत को गले लगा रही है …

मधेपुरा सदर हस्पताल में 22 दिनों से एक एम्बुलेंस – 1099 और शव वाहन का संचालन बंद है क्योकि इसके संचालनकर्ता “ सम्मान फाउंडेशन ” द्वारा चालक और टक्निसिएन को 10 महीनो से वेतन नहीं दिया गया है | फलस्वरूप इस संस्था के एम्बुलेंस चालक व  टक्निसिएन हड़ताल पर चले गये हैं | इस बात की सुचना सी . एस डॉ. जे. पी. मंडल ने राज्य स्वस्थ्य विभाग को दे दी है | यह भी जानें की “ एम्बुलेंस –  108 “ विगत 120 दिनों से बंद है | इस बीच कई जिन्दिगियाँ मौत को गले लगा लीं हैं |

सम्बंधित खबरें


विभागीय अनदेखी के कारण कुसहा त्रासदी का पुनः कोसी में आगमन की आहट !

जल वाहक पूर्वी कोसी के 3 आर.डी से 8 आर .डी के बीच एक पायलट चैनल काफी बिलम्ब से 15 जून से बीरपुर सिंचाई प्रमंडल द्वारा आरम्भ किया गया जिसकी लम्बाई 1500 मीटर ,चौड़ाई 20 मीटर और गहराई 3 मीटर होनी है जबकी 25 जून से कोसी की नहरों में पटवन के लिए किसानों को पानी देने का लक्ष्य विभाग द्वारा निर्धारित किया गया |

पायलट चैनल की खुदाई पोकलेन मशीन से करने का प्रावधान है , परन्तु विभागीय मिलीभगत के कारण ट्रेक्टर से ही इसे अंजाम दिया जा रहा है , और वह भी कछुए की तरह धीमी गति से | इतना ही नहीं , कटी गयी मिट्टी एक किलोमीटर दूर रखने के बजाय इसे बैंक पर ही रखा जा रहा है जिसे बारिश में अपनी पूर्ब अस्थिति मे आने में सर्वाधिक सहूलियत हो |

तुर्रा तो यह है की विभागीय अभियंता यह जानते हुए की 24 जून तक यह काम पूरा नहीं हो पायेगा को नजरअंदाज करते हुए 25 जून को पानी खुलने का बेसब्री से इन्तिज़ार कर रहे हैं ताकि सब किया-धिया पानी-पानी हो जाए और कुसहा त्रशादी का एन-केन-प्रकरेण पुनः द्विरागमन हो जाए |

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा सदर अस्पताल का प्राण संकट में

300 वेड वाले मधेपुरा सदर अस्पताल में 375 स्टाफ की जगह मात्र 50 का होना अस्पताल के लिए प्राण घातक है |एक  स्टाफ को आठ के बदले कार्य करना पड़ता है | यदि कभी वह छुट्टी में होता तो  खून जाँच से लेकर ब्लड बैंक के बीच मरीज भटकते रहते हैं | शिकायत करे भी तो किससे ? सी० एस० से लेकर डी० एस० सभी तो प्रभार में ही हैं | फिजिशियन के  4 पद हैं, चारो खाली | जेनरल सर्जन के 4 पदो में 3  खाली तथा स्त्री रोग विशेषज्ञों के 7 पदों में 5 खाली ….|

Civil Hospital Madhepura
Civil Hospital Madhepura

यह क्षेत्र है जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का, सांसद पप्पू यादव का एवं मंत्री नरेंद्र ना० यादव का | माननीय पार्षद विजय कुमार वर्मा ही नहीं, माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अभिन्न मित्र विधान पार्षद ललन सर्राफ का, तो फिर 800 करोड़ में बन रहे कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एण्ड होस्पिटल का हाल क्या होगा ? ज्ञातव्य हो कि जिले में 310 की जगह 68 चिकित्सक एवं 2880 स्वास्थ्य कर्मियों  की जगह 287 मात्र के सहारे पैदा हुई स्थिति स्वास्थ्य सेवा के दावे की पोल ही तो खोल रही हैं |

सम्बंधित खबरें


भूमि अधिग्रहण बिल लटका तार पर

भारत सरकार के भूमि अधिग्रहण के खिलाफ केवल मधेपुरा में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण जिले के सभी प्रखंडों में जद (यू) कार्यकर्ताओं ने जमकर दिन भर धरना  कार्यक्रम को सफल करने में जिलाध्यक्ष सियाराम यादव के साथ- साथ डॉ० विजेन्द्र कुमार, महेन्द्र पटेल, नरेश पासवान, अशोक चौधरी, डॉ० नीरज सहित विधायक एवं अन्य अनुभवी नेताओं का भी सक्रिय समर्थन देखा गया जिनमें प्रमुख हैं- सियाशरण यादव, राज किशोर यादव, विधायक रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्र० निराला, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, डॉ० भूपेन्द्र मधेपुरी, जय किशोर- प्रसन्न जी सहित पवन केडिया, जय प्रकाश सिंह, राजनिति चौधरी आदि I घैलाढ़ प्रखंड के दुर्गा उच्च वि० कला मंच पर प्रो० शंभु कुमार की अध्यक्षता में, ग्वालपाड़ा प्रखंड कार्यालय के सामने प्रखंड अध्यक्ष ललन यादव की अध्यक्षता में, बिहारीगंज में प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र आजाद की अध्यक्षता में, आलम नगर में प्रखंड अध्यक्ष राजेश्वर राय की  अध्यक्षता में, पुरैनी प्रखंड में प्रखंड अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में एवं सिंहेश्वर प्रखंड में हरेन्द्र मंडल की अध्यक्षता में भारी संख्या में जदयू कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दी और प्राय: सबों ने यही कहा कि किसानो की  जमीन औने-पौने भाव में खीरदकर केन्द्र सरकार उघोगपतियो को देने की साजिश रच रही है | कुछ कार्यकर्ताओं ने तो इस बिल के विरूद्ध सी० एम० नीतीश कुमार एव राजद सुप्रीमो लालू यादव के आह्वान पर भूमि बचाओ आंदोलन चलाने की भी सलाह दे डाली, जबकि  पूर्व उप मुख्य मंत्री सुशील मोदी ने इसे नीतीश का नाटक कहा | सुशील मोदी ने उन्हें कहा कि विकास कार्यों यथा वि०वि० निर्माण, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, नए जिला निर्माण आदि के लिए जमीन अधिग्रहण करना तो राज्य सरकार का काम है, न कि केन्द्र सरकार का | उन्होंने कहा कि इस भूमि अधिग्रहण बिल में ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए तो जमीन के बाजार मूल्य का चार गुणा राशि एव प्रभावित परिवारों को नौकरी देने का प्रावधान भी किया गया है तो इसका विरोध क्यों ? भू- अर्जन नहीं होने के कारण अभी भी बिहार में अनेक परियोजनाएं अधर में अटकी हुई हैं, जिससे विकास बाधित हो रहा है |

सम्बंधित खबरें


सिवीक सेन्स कपूर की तरह उड़ता जा रहा है

प्रत्येक दिन सैकड़ाें नये वाहन यथा- साईकिल-रिक्शा, बाईक-टैम्पू, कार-जीप, बस-टªक एवं टैªक्टर आदि सड़क पर आ जाते हैं। और उसी र¶तार में हर रोज बेरोजगारों की फौज भी बढ़ती जा रही है। वही फौज किसी-न-किसी रूप में सड़क पर अपना दखल कायम कर लेती है। कुछ तो दुकान लगाकर या कुछ ठेला में लादकर फल-सब्जी, मा¡स-मछली, चाय-पान या बच्चों के खेलने का सामान बेचकर परिवार के भरण-पोषण में लग जाते हैं। फल यह होता है कि सड़क घटती चली जाती है और दुर्घटना बढ़ती चली जाती है। जब बुद्धिजीवियों का दबाव प्रशासन पर प्रेस के माध्यम से इस कदर पड़ने लगता है कि आये दिन प्रशासनिक पदाधिकारियों का दम घुटने लगता है।
तब कहीं आलाधिकारी के निर्देश पर एस.डी.एम., बी.डी.ओ., सी.ओ., डी.सी.एस.आर., थाना प्रभारी सहित पुलिस बल आदि सड़क पर उतरते हैं और सड़क अतिØमण मुक्त हो पाता है। यदाकदा टकराव की -िस्थति में बल प्रयोग भी करना पड़ता है और कभी-कभी वि-िभé संगठनों से वाÙाार् करने पर भी मजबूर होना पड़ता है। आजकल मधेपुरा एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, अंचलाधिकारी उदय Ñष्णा यादव, थानाध्यक्ष मनीष कुमार एवं वार्ड पार्षद ध्यानी यादव के अलावा प्रशासन के कर्मचारीगण अतिØमण मुक्ति अभियान में लगे हैं।

सम्बंधित खबरें