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भू.ना.मंडल वि.वि. में पी.जी. परीक्षा -2014 आज से प्रारंभ

मंडल वि.वि. में कुल 20 विषयों में पी.जी. की पढाई होती है | ये पढाई चार जिले- मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार के कुल सात संस्थानों में होती है | इन 20 विषयों में 07 प्रायोगिक विषय हैं और शेष 13 सैद्धांतिक |

इन विषयों की पी.जी. पार्ट-1 (प्रीवियस) परीक्षा -2014 एवं पी.जी. पार्ट-2 (फाइनल) -2014 की परीक्षाएँ आज से आरम्भ होकर सितम्बर-2015 के अन्त तक पाँच-छह दिनों के अन्तराल पर होती हुई समाप्त होगी |

ये सारी परीक्षाएँ दो परीक्षा केन्द्रों पर संपन्न होंगी | पहला पी.एस.कालेज, मधेपुरा (कोड-1105) केन्द्र पर टी.पी.कालेज मधेपुरा, एम.एल.टी. कालेज, सहरसा, पी.जी. सेंटर (सहरसा) एवं बी.एन.एम.यू. की परीक्षाएँ तथा दूसरे केन्द्र एम.एल.ए. कालेज, कसवा (कोड-1403) पर डी.एस.कालेज कटिहार, पूर्णिया कालेज पूर्णिया, पूर्णिया महिला कालेज की सभी परीक्षाएँ होंगी | पी.जी.(प्रीवियस) की परीक्षाएँ सदा प्रथम पाली में 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक होंगी एवं फाइनल की परीक्षा द्वितीय पाली में 2.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक |

यह भी जानें कि बी.कॉम पार्ट-1, बी.ए. पार्ट-1 एवं बी.ए. पार्ट-2 का परीक्षाफल अगस्त 2015 के अन्त तक प्रकाशित हो जाने की जानकारी वि.वि. परीक्षा नियंत्रक द्वारा मधेपुरा अबतक को दी गई है |

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भू.ना.मंडल वि.वि. में हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय ध्वजोत्तोलन संपन्न

मंडल वि.वि. के माननीय कुलपति डॉ. विनोद कुमार द्वारा 69वें स्वतंत्रता दिवस पर बड़े ही धूमधाम से ध्वजोत्तोलन किया गया | मौके पर कुलसचिव डॉ.कुमारेश प्र.सिंह, वित्त पदाधिकारी एच.एन.सिंह, वित्तपरामर्शी सी.आर.दिगवाल, कुलानुशासक डॉ. विश्वनाथ विवेका, सी.सी.डी.सी. डॉ.जे.एन.राय एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार व सबकुछ पर नजर रखने वाले परिसम्पदा पदाधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार सहित सचिव शम्भु नारायण यादव एवं शिक्षक-शिक्षकेत्तेर कर्मचारियों की उपस्थिति में माननीय कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि आपमें भरपूर क्षमता है, आप वि.वि. को किसी भी ऊंचाई तक ले जा सकते हैं | इसके लिए केवल और केवल आपकी चाहत में भरपूर ताकत होनी चाहिए |

बाद में विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कार्यालय की ओर माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार अपने काफिले के साथ चले जहाँ महासचिव डॉ.अशोक कुमार ने ध्वजोत्तोलन कर शिक्षकों की समस्याओं से सम्बंधित दो शब्द कुलपति के समक्ष रखा |

Dr.Shrishtidhar Jha flag hoisting at RTKS .
Dr.Shrishtidhar Jha flag hoisting at RTKS .

लगे हाथ सेवानिवृत शिक्षक कल्याण संघ कार्यालय में देर से प्रतीक्षारत वयोवृद्ध अभिभावक तुल्य अंग्रेजी के प्राध्यापक प्रोफेसर राय वसंत कुमार सिन्हा, डॉ.ब्रह्मानंद झा सुमन, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.सच्चीदानंद, डॉ.मधेपुरी, डॉ.रामेश्वर प्र. की उपस्थिति में संघ के कर्मठ सचिव डॉ.शिव नारायण यादव के सहयोग से अद्यक्ष डॉ.श्रृष्टिधर झा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उन्होंने कहा कि कुलपति महोदय छात्रों की 75% उपस्थिति में ढील नहीं दी जाए | अंत में तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ के सचिव अखिलेश नारायण द्वारा ध्वजोत्तोलन कर कुलपति महोदय को समस्याओं से अवगत कराया गया |

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शहीद चुल्हाय पार्क में राष्ट्रीय झंडोतोलन

भू.ना.मंडल वि.वि. के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान शहीद चुल्हाय पार्क में वि.वि. सेवा शिक्षक संघ के महासचिव सह अधिषद सदस्य डॉ.नरेश कुमार द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वजोत्तोलन किया गया और अपने सहयोगियों डॉ.डी.एन.सिंह, डॉ.पी.एन.सिंह, डॉ.साईदा रानी, डॉ.भागवत प्र.यादव, डॉ.बी.एन.साह, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.कल्याणी साहा सहित डॉ.कौशलेन्द्र कुमार, डॉ.मनोरंजन प्रसाद, डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.गणेश कुमार, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.कैलाश प्रसाद यादव, डॉ.अनिल कुमार, डॉ. एम.रहमान आदि की उपस्थिति में तिरंगे को सलामी देने के बाद यही कहा गया कि आज का दिन आज़ादी के दीवानों, सेनानियों एवं शहीदों को स्मरण करने का दिन है | उन्हें नमन एवं बन्दन करने का दिन है |

मधेपुरा अबतक के संवादाता ने जब महासचिव डॉ. कुमार से शहीद चुल्हाय के बाबत कुछ विशेष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि अभी समय नहीं है | यदि जानना चाहते हैं तो डॉ.मधेपुरी की किताब है- बूंद बूंद सच एक सागर का – जो भूपेन्द्र नारायण मंडल की जीवनी है और वि.वि. के केंद्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध है, उसे लेकर पढ़ लीजिये |

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वह तिरंगा आज का तिरंगा नहीं . . . .

हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी डॉ. मधेपुरी ने भूपेन्द्र चौक पर 69वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया | बाद में उपस्थित स्कूली बच्चे-बच्चियों, शिक्षकों – अभिभावकों को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सभी धर्मों व सम्प्रदायों के लोगों की कुर्बानियों की बदौलत ही हमारे पूर्वजों ने आज़ादी हासिल की थी | आज के दिन हम हमेशा उन सेनानियों व शहीदों को स्मरण करते हैं, नमन करते हैं एवं उनका वंदन करते हैं |

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी एवं भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम सरीखे सभी ऋषियों-मनीषियों ने भारत को इस बुलंदी तक पहुँचाने में अपना सारा जीवन लगा दिया, लेकिन उन पूर्वजों की गौरव समाधि पर हम एक नहीं सौ बार रो गये |

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि हम आज़ादी का जश्न मनाने के लिए प्रतिवर्ष 15 अगस्त को राष्ट्रीय तिरंगा फहराते हैं – जिसे 7 अगस्त, 1906 को पिंगली वैंकय्या द्वारा कलकत्ता के ग्रीन पार्क में पहली बार फहराया गया था | और दूसरी बार 1907 में पश्चिमी जर्मनी में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सोशलिस्ट कांफ्रेन्स में मेडम भीखाजी कामा नामक पारसी महिला द्वारा | कालान्तर में वही तिरंगा चक्र के साथ 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार कर लिया गया |

आगे उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि 13 अगस्त, 1942 के दिन मधेपुरा के ब्रिटिश ट्रेजरी बिल्डिंग पर तिरंगा फहराने हेतु आन्दोलनकारियों के विशाल जुलूस का नेतृत्व करते हुए बाबू भूपेन्द्र नारायण मंडल निर्भीक होकर शेर की तरह आगे बढ़ते रहे थे, लेकिन वह तिरंगा आज का तिरंगा नहीं, वह तिरंगा तो भारतीय पौरुष का प्रतीक था | उस तिरंगे में तत्कालीन 40 करोड़ भारतवासियों की आकांक्षाएं सन्निहित थीं | तब न कोई दल था और न कोई पार्टी | तब न कोई मजहब था और न कोई जाति | उस तिरंगे में हमारी सादगी, हमारा पौरुष और हमारा भ्रातृत्व अंकित था | तब न हम हिन्दू थे और न मुसलमान | हम सभी थे भारत माता की संतान – बिल्कुल वैसे सम्पूर्ण भारतीय जैसे डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम |

अंत में उपस्थित समाज सेवी शौकत अली, मो. युनूस, अनवर साहब, डॉ. आलोक कुमार, आनंद, सतीश कुमार सहित सभी शिक्षकों-अभिभावकों से डॉ. मधेपुरी ने कहा कि आप हमेशा अपने बच्चों को बड़े-बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करते रहें और कलाम वाणी को बार-बार दोहराते रहें – यही कि–छोटा लक्ष्य एक अपराध है ! और  मेरे बच्चो ! तेरी उड़ान में कभी विराम न हो !!

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मधेपुरा में बनेगा अत्याधुनिक ऑडिटोरियम !

विगत 22 मार्च 2015 को बी.एन.मंडल स्टेडियम में बिहार दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे जिले के तत्कालीन डी.एम.गोपाल मीणा से डॉ.मधेपुरी द्वारा बी.पी.मंडल प्रतिमा स्थल की जर्जरावस्था पर चर्चा किये जाने पर उन्होंने मंच से एक के बदले दो घोषणायें कर दी |

पहली तो यह कि बी.पी.मंडल चौक केवल सामाजिक न्याय का ही चौक नहीं है बल्कि यह समाहरणालय का मुकुट भी है | आगामी उनकी जयन्ती पर, 25 अगस्त तक, इसे दर्शनीय बना दिया जायेगा | आज उन्हीं के प्रयास का फल है कि एल.एन.टी. कम्पनी चौक को दर्शनीय बनाने में लगा है |

और दूसरी यह कि यहाँ के खिलाड़ियों  तथा कवि सम्मेलनों के बाबत समस्त समाज सेवियों डॉ. अरुण कुमार मंडल, शौकत अली, प्रो. श्यामल किशोर यादव, डॉ. अलोक कुमार, डॉ. शांति यादव, डॉ. मधेपुरी…. आदि के अनुरोध पर अत्याधुनिक विश्वस्तरीय ऑडिटोरियम का निर्माण नगर विकास विभाग के सहयोग से किया जायेगा | पूर्व के ढाई करोड़ की प्राक्कलित राशि को साढ़े तीन करोड़ कर दी गई है |

हाल में नगरपरिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू एवं नव पदास्थापित कार्यपालक पधाधिकारी विनय कुमार सिंह ने मधेपुरा अबतक को बताया कि इसके लिए जरुरी डी.पी.आर. तैयार कर स्वीकृति हेतु नगर विकास विभाग को भेज दिया गया है | स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शीघ्र आरम्भ कर दिया जायेगा |

ऐसी जानकारी मिलने पर मधेपुरा के कवि-लेखक एवं साहित्यकार-शायर सहित सभी रंगकर्मियों – सुकेश राणा, शहंशाह, हर्षवर्धन, बंटी, विकास, आनंद, राहुल, सुभाषचन्द्र…. आदि सबों ने हर्ष जताते हुए कहा कि अब कोई भी बड़ा आयोजन बड़ी सहूलियत के साथ मधेपुरा की धरती पर संम्पन्न होता रहेगा |

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क्या पी.एम.,क्या सी.एम. और क्या डी.एम.? सभी परिवर्तन यात्रा पर . . . . !

पी.एम. नरेन्द्र मोदी दिल्ली से आ रहे हैं परिवर्तन यात्रा पर बिहार | बिहार के कोसी प्रमंडल सहरसा | उनके आने से पूर्व उनके मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों ने चार स्थानों से परिवर्तन यात्रा शुरू कर दी | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद दोनों ने एक-दूसरे से विरोध की जगह दोस्ती का परिवर्तनकारी हाथ बढाया है | परिवर्तन ऐसा कि राजद भी 100 एवं जदयू भी 100 सीटों पर लड़ेगी चुनाव | दस सीटों पर संतोष करने वाली कांग्रेस बिहार विधानसभा  के आगामी होने वाले चुनाव में चार गुना परिवर्तन के साथ उतरेगी यानी 40 सीटों पर लड़कर परिवर्तन का शंखनाद करेगी |

आगामी 30 अगस्त को जदयू-राजद-कांग्रेस एवं राकांपा के गाँधी मैदान पटना में आयोजित होने वाले परिवर्तनकारी महागठबंधन के रैली में मधेपुरा जिले के कार्यकर्त्ता भी अपने-अपने महागठबंधन के परिवर्तनकारी स्वाभिमान रैली को सफल बनाने के लिए संकेत देने लगे हैं |

चुनाव को लेकर सरकार के अन्दर पल-पल परिवर्तन की लहर इस कदर उठ रही है कि विगत नौ दिनों में मधेपुरा तीन डी.एम. के पद परिवर्तन के समय आगमन एवं विरह का गीत गाता रहा है | सारे परिवर्तनों को देखकर अब धूप-छाँव भी परिवर्तनगामी बनकर बीच-बाच में दो बूंद बरसाकर परिवर्तन की परम्परा को कायम रखने में मदद कर देती है |

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हक़ पाने के लिए जाग उठी नारी शक्ति !

आशा व ममता कार्यकर्ताओं ने किया अदभुत प्रदर्शन ! सात सूत्री मांगों को लेकर सदर अस्पताल से सुभाष चौक, स्टेट बैंक, मछली बाजार होते हुए पूर्वी बायपास होकर समाहरणालय गेट को पूर्णरूपेण जाम कर उग्र प्रदर्शन करती आशा व ममता ने यह साबित कर दिया कि गाँधी के गाँवों की नारियां अब चुपचाप बैठने वाली नहीं बल्कि हक़ की खातिर लड़ने को तैयार हो गई हैं | वह अब अबला नहीं रही बल्कि वह अब विद्या स्वरूपा, लक्ष्मी स्वरूपा के साथ-साथ शक्ति स्वरूपा बनकर उमड़ रही है तथा या देवी सर्वभूतेषु . . . . बनती जा रही है |

Aasha and Mamta volunteers Protesting at Madhepura
Aasha and Mamta volunteers Protesting at Madhepura

काफी देर तक आशा व ममता अपनी सात मांगों को लेकर हमेशा डटी रही | इस अवसर पर बिहार चिकित्सा जन स्वास्थ कर्मचारी संघ के अधीन संचालित “आशा संघ” की जिला मंत्री रेणु कुमारी ने “ समान काम – समान वेतन ” का नारा बुलन्द करते हुए प्रदर्शन का नेतृत्व किया तथा सरकार से मांग की – आशा – ममता को सरकारी सेवक घोषित करें, मासिक वेतन 17 हजार रुपए करें, सेवा अवधि 60 वर्ष करें, पेंशन, अनुकम्पा की सुविधाएँ भी उपलब्ध करायी जाय |

इस मौके पर गणेश मानव, लाला भूपेन्द्र, प्रो. नरेश कुमार तथा नूतन कुमारी, राधा देवी, कुसुम राज सहित रंजना, रीना, रंभा, प्रीति, सावित्री, अनीता आदि शामिल थी | सदर एस.डी.एम. संजय कुमार निराला की पहल पर समाहरणालय गेट के जाम को बिना किसी अशोभनीय घटना के ही समाप्त कराया जा सका |

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महिला शक्ति के सामने ठहर गया शहर !

एक तरफ सावन के दूसरे सोमवारी के दिन तीन बजे रात से ही शिव के दरबार की नाकेबन्दी लाखों श्रद्धालुओं द्वारा शुरू होने लगी तो दूसरी ओर नारी शक्ति स्वरूपा आँगनबाड़ी की सेविका-सहायिका समाहरणालय के गेट की ऐसी नाकेबंदी की कि परिन्दे भी गेट के अन्दर प्रवेश नहीं पा सके |

जिला मुख्यालय से कहीं बढ़-चढ़कर धरना प्रदर्शन किया गया प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में | समाहरणालय से लेकर प्रखंड कार्यालय तक के एक-एक कर्मी नारी शक्ति के समक्ष झुक गये बल्कि वे किसी विधि प्रवेश नहीं पा सके, जहाँ थे वहीँ रुक गये |

15 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गईं आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं की मुख्य मांगें हैं – सेवा का नियमितीकरण एवं सेविका को 17 हजार तथा सहायिका को 12 हजार रुपए मानदेय मिले !

नारी शक्ति अब प्रशंसनीय ही नहीं दर्शनीय भी हो गयी है | या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संसृता . . . यानी धरना के आरम्भ में आकाश से बरस रही आग में भी यह नारी शक्ति डटी रही तो दोपहर बाद पसीना बहा रही सेविका-सहायिकाओं पर तरस खाकर इन्द्र ने जब मुसलाधार बारिश कर दी तब भी यह नारी शक्ति डटी रही, पर हटी न कोई . . . | पहली बार नारी शक्ति के सामने सब कुछ ठहर गया और ठहर गया मधेपुरा शहर भी !

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मधेपुरा ने देखे नौ दिन में तीन डीएम

गोपाल मीणा, लक्ष्मी प्रसाद चौहान और अब मो. सोहैल – मधेपुरा ने बीते नौ दिनों में तीन डीएम देखे। 2 अगस्त को मधेपुरा ने मीणा को भावभीनी विदाई दी और चौहान आए। अभी उन्हें आए सप्ताह भी नहीं बीता था कि उन्हें संयुक्त सचिव, जलसंसाधन विभाग के रूप में पटना बुला लिया गया। इसके साथ ही वे प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। इससे पहले ये दोनों जिम्मेदारियां मो. सोहैल के पास थीं। 2007 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मो. सोहैल अब  नए डीएम होंगे। आज यानि 11 अगस्त को उन्होंने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस तरह 2 अगस्त से 11 अगस्त के बीच नौ दिन में तीन डीएम देखे ।

चौहान अभी मधेपुरा के डीएम के रूप में अपनी प्राथमिकताएं तय ही कर रहे थे कि अप्रत्याशित रूप से उनका तबादला सामने आ गया। अब मो. सोहैल को जहाँ उनकी अधूरी रूप-रेखा को पूरा करना होगा वहीं इनके ऊपर उन कार्यों को पूरा करने का दारोमदार भी होगा जिन्हें यहाँ के अत्यंत सफल व लोकप्रिय डीएम रहे मीणा ने शुरू किया था। इसके साथ ही राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील इस जिले  में विधान सभा चुनाव को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराना भी इनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

प्रशासनिक सेवा हो, पुलिस सेवा हो या न्यायिक सेवा – मधेपुरा ने हमेशा उन अधिकारियों को अपने सिर-आँखों पर बिठाया है जो यहाँ की जरूरतों के साथ ही यहाँ के जनमानस को भी समझ पाए हैं। देखना है कि मो. सोहैल यहाँ के वासियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं। उन्हें ‘मधेपुरा अबतक’ की शुभकामनाएं।

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डॉ. कलाम के यहाँ से जाने के बाद . . . . !!

यहाँ पर पहली बार इंग्लिश स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप – जूनियर, सीनियर ग्रुप के छात्रों के बीच डॉ. मधेपुरी के संरक्षण में तब आयोजित हुआ था जब मधेपुरा के डी.एम. हुआ करते थे गोपाल मीणा |

और डी.एम. गोपाल मीणा जैसे प्रतिभा प्रेमी के यहाँ से जाने के बाद तथा डॉ. कलाम सरीखे बच्चों के मार्गदर्शक के इस जहाँ से चले जाने के बाद प्रतिभा को सम्मानित करने के निमित्त स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप के संरक्षक डॉ.मधेपुरी एवं अद्यक्ष डॉ. विश्वनाथ विवेका ने इस आयोजन को दोबारा मूर्तरूप देने के लिए सचिव सावंत कुमार एवं कोषाध्यक्ष सोनी राज सहित अमित, विजय, मास्टर शिवम्, निशिकान्त, रवि, मनीष, रजाऊल एवं आशीष को प्रेरित किया | इन सबों के सक्रिय योगदान से जल्दबाजी में दस स्कूलों के लगभग पाँच सौ बच्चे-बच्चियों को इस चैंपियनशिप में सम्मिलित कर इसे पुन: मूर्तरूप दिया गया |

9 अगस्त, 2015 को स्थानीय पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में इस चैंपियनशीप का आयोजन किया गया | इस बार तो सब जूनियर से पहले दो ग्रुप और जोड़ा गया- किड वन एवं किड टू |

यह भी जानें कि प्लीमिनरी टेस्ट हुआ 9 अगस्त रविवार को, सेमीफाइनल होगा 16 अगस्त (रविवार) को तथा फाइनल होगा 23 अगस्त (रविवार) को | बाद में सभी ग्रुप में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आये प्रतिभागियों का चयन कर भव्य समारोह आयोजित करके उन प्रतिभाओं को सम्मानित करने की घोषणा की जायेगी |

डॉ. मधेपुरी ने कहा  कलाम यहाँ ना रहे सही लेकिन जहाँ हैं वहीँ से हमें प्रतिभा को सम्मानित करने की प्रेरणा तो दे ही रहे हैं और आगे भी भारत की आनेवाली पीढ़ीयों को संदेश के रूप में यही कहते रहेंगे – मेरे प्यारे बच्चों ! तुम्हारी उड़ान में कभी विराम न हो !!

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