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मधेपुरा के चार अधिवक्ताओं को सम्मानित किया हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी ने

देश और समाज हमेशा विधि द्वारा नियंत्रित होता रहा है | आरम्भ में व्यक्ति न्यायालय में अपना पक्ष स्वयं निवेदित करते रहे, परन्तु विधि के स्वरुप में जटिलता आने एवं व्यक्ति की निजी कठिनाइयों में वृद्धि होने के कारण अपनी अनुपस्थिति में किसी अन्य को न्यायालय के समक्ष उपस्थित करने की मजबूरियों ने अधिवक्ताओं को जन्म दिया |

आज जहाँ 1916 ई. में स्थापित पटना उच्च न्यायालय अपना शतक पूरा करने जा रहा है वहीँ मधेपुरा व्यवहार न्यायालय में क्रियाशील कुछ अधिवक्तागण अपने कार्यकाल का अर्द्धशतक पूरा कर चुके हैं | उन्हीं में से चार वरीय एवं कर्मनिष्ठ अधिवक्ताओं – मो.अमान उल्लाह, शशिधर सिंह, गजेन्द्र ना.यादव एवं सरयुग साह को पूर्णिया के कला भवन में आयोजित भव्य समारोह में उच्च न्यायालय पटना के मुख्य न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी के कर्मठ कर-कमलों द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं शाल ओढाकर सम्मानित किया गया |

Madhepura Abtak से इन चारो जनों ने कहा कि हमारे सम्मानित होने से मधेपुरा जिला अधिवक्ता संघ सर्वाधिक सम्मानित एवं गौरवान्वित हुआ है | संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार झा , सचिव कृतनारायण यादव सहित रणधीर सिंह, जवाहर झा, आर्यादास, संध्याकुमारी, अभय कुमार, सदानंद यादव आदि ने सम्मानित सदस्यों को स्वस्थ रहने एवं दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दी और यह भी कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा उत्साहवर्धन हेतु यह सम्मान आगे भी जारी रहे……!

 

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हिन्दुस्तान ओलंपियाड-2016 का भव्य आयोजन 19 जनवरी को

सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार ‘हिन्दुस्तान’ आने वाले नये वर्ष में शहरी प्रतिभाओं के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को भी नई पहचान एवं बेहतर प्लेटफार्म देने की तलाश में कदम बढ़ा चुका है | “हिन्दुस्तान ओलंपियाड-2016” का यह आयोजन 19 जनवरी को हिन्दुस्तान अखबार- मधेपुरा के ब्युरो चीफ अमिताभ के बांकुड़ों द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किये जाने का निश्चय किया गया है | इस ओलंपियाड में तीसरी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी अलग-अलग चार ग्रुपों में भाग ले सकते हैं जहाँ उन प्रतिभागियों को अग्नि-परीक्षाओं से गुजरकर मंजिल को पाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ेगा | संघर्षपूर्ण सीढ़ियों को चढ़कर उन्हें खुद को राज्यस्तरीय प्रथम पुरस्कार 30 हजार रु., द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रु. एवं तृतीय पुरस्कार 10 हजार का हकदार साबित करना होगा |

इन पुरस्कारों के अतिरिक्त प्रिन्ट यूनिट स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र/छात्राओं को प्रथम पुरस्कार 5100 रु., द्वितीय पुरस्कार 3100रु. एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 2100रु. की नगद राशि दी जायेगी |

यदि आप प्रतिभावान छात्र हैं और बेहतर प्लेटफार्म की तलाश में रहते हैं तो हिन्दुस्तान अख़बार में छपे फार्म के प्रारूप के अनुसार आवेदन को भरकर 200/-रु. निबंधन शुल्क के साथ अपना निबंधन अपने विद्यालय प्रधान के माध्यम से शीघ्रातिशीघ्र करा ही लीजिए |

Madhepura Abtak को डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से यह जानकारी मिली कि विगत वर्ष भी “हिन्दुस्तान प्रतिभा सम्मान-2015” का भव्य एवं यादगार आयोजन भू.ना.मंडल वि.वि. आडिटोरियम में आयोजित किया गया था | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा- स्पर्धा के इस युग में प्रतिभा को पग-पग पर नई पहचान दिलाने एवं ऊँचाई तक ले जाने के लिए हिन्दुस्तान का यह नायाब आयोजन- “हिन्दुस्तान ओलंपियाड-2016” अनोखा भी है और सर्वाधिक प्रशंसनीय भी |

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मेडिकल छात्रों के फार्म भरने की तिथि रुकी

भूपेन्द्र नारायण मंडल वि.वि.के अन्तर्गत चार मेडिकल कॉलेज हैं | एम.जी.एम.मेडिकल कॉलेज एण्ड हास्पिटल किशनगंज, कटिहार मेडिकल कॉलेज दोनों पुराना मेडिकल कॉलेज है जहाँ कई विषयों में पी.जी.की भी पढ़ाई हो रही है | एक नया है बुद्धा मेडिकल कॉलेज एण्ड हास्पिटल, बैजनाथपुर सहरसा जिसमें एक बार एडमिशन हुआ है, बाद बाँकी एम्.सी.आई. द्वारा जांच प्रक्रिया के अधीन है | और चौथा सरकारी कॉलेज है- कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एण्ड हास्पिटल जो निर्माणाधीन है और नीतीश सरकार के तहत तीव्र गति से प्रगति पथ पर अग्रसर है |

बहरहाल, कटिहार एवं किशनगंज दोनों मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न वर्गों के छात्रों द्वारा परीक्षा फार्म भरने की तिथि अपरिहार्य कारण से स्थगित करनी पड़ी |

निम्नांकित चार वर्गों के छात्रों जिनके फार्म भरने की तिथि तत्काल स्थगित रहेगी- वे हैं- बी.एन.एम.यू. के- 1.फर्स्ट प्रोफेशनल एम.बी.बी.एस.परीक्षा-2015(1), 2.सेकेंड प्रोफेशनल एम.बी.बी.एस.परीक्षा-2015(2),फर्स्ट प्रोफेशनल एम.बी.बी.एस.परीक्षा-2016(1) एवं थर्ड एम.बी.बी.एस. पार्ट-2 परीक्षा के फार्म भरने की तिथि अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है |

मधेपुरा अबतक को इस आशय की जानकारी परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने दी | उन्होंने कहा कि माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार से वार्ताकर शीघ्र ही तिथि की घोषणा पुन: कर दी जायेगी |

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बीबीसी और ‘मधेपुरा अबतक’ समेत दुनिया के चार हजार साईट हैक, स्थिति फिर हुई बहाल

‘मधेपुरा अबतक’ के सुधी पाठकों को हम सूचित करना चाहते हैं कि कल दोपहर के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में पाकिस्तान के हैकर ग्रुप ‘टीम साईबर असैसिन्स’ (Team Cyber Assassins) ने दुनिया के चार हजार महत्वपूर्ण साईट को हैक कर लिया जिनमें ( Madhepura Abtak ) भी शामिल था। हालांकि हमारे कुशल इंजीनियरों की टीम ने अत्यन्त तत्परता से कार्रवाई करते हुए देर शाम तक स्थिति फिर बहाल कर ली। बीच की अवधि में हमारे पाठकों को जो असुविधा हुई, हमें उसके लिए खेद है।

पाठकों को हम अवगत कराना चाहते हैं कि जिन चार हजार साईट को हैक किया गया उनमें प्रसिद्ध समाचार साईट ‘बीबीसी.कॉम’, यूएस आर्मी की साईट ‘आरटी.कॉम’ और ऑस्ट्रेलियन एडुकेशनल साईट ‘एबीसी.कॉम’ जैसे महत्वपूर्ण साईट शामिल हैं। ‘मधेपुरा अबतक’ ने महज कुछ माह में आप सबका जो प्यार हासिल किया है और जिस रफ्तार में इसे लाईक करने वालों की संख्या बढ़ रही है, सम्भवत: उसे देखते हुए ही इसे भी हैक किया गया।

हम किसी भी हैकर ग्रुप द्वारा किए जा रहे इस तरह के कुत्सित प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं। ये पूरी दुनिया के अमन-चैन पर कुठाराघात है। हम आपको पूरे विश्वास के साथ कहना चाहते हैं कि चाहे कितनी ही बार इस तरह की घिनौनी कोशिश क्यों ना हो, हमारी ‘प्रतिबद्धता’ पर उसका रत्ती भर भी असर नहीं होगा। तमाम मुश्किलों को पार कर ‘मधेपुरा अबतक’ आपकी दिनचर्या का अंग बना रहेगा।

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नीतीश सरकार के नये मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर को- मंडल वि.वि.मधेपुरा में इंजीनियरिंग कॉलेज महानिर्माण को पंख लगाने के लिए बधाई दी डॉ.मधेपुरी ने

सबसे पहले तो यह जानिये कि मधेपुरा  में भूपेन्द्र नारायण मंडल वि.वि. के बीजारोपण का श्री गणेश कैसे हुआ ? मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक (कॉलेज चौक) पर नवनिर्मित ‘भूपेन्द्र स्मारक’ के उद्घाटन-अनावरण के लिए मंडप पर राष्ट्रीय त्रिमूर्ति लालू-शरद-नीतीश एक साथ उपस्थित हुए- उनके जन्मदिन 1 फरवरी की जगह बढाई गई तिथि 4 फरवरी 1991 को | मंडप पर चढ़ते ही मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने प्रतिमा स्थल निर्माण के संयोजक डॉ.मधेपुरी से कहा- “मनीषी भूपेन्द्र के स्मारक का मंडप तो बहुत खूबसूरत बना है लेकिन मूर्ति का साइज बहुत छोटा है……|”

प्रत्युत्तर में विनम्र होकर डॉ.मधेपुरी ने यही कहा था- “श्रीमान ! आप चाहेंगे तो पाँच मिनट में साईज  बड़ा हो जाएगा……. बहुत दिनों से मधेपुरा   के लोग एक वि.वि. के लिए संघर्ष कर रहे हैं…… आज ही इनके नाम एक वि.वि. की घोषणा कर दीजिए श्रीमान !! कर दीजिए ना… !!!”

और उसी दिन 5बजे शाम में रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में शरद-नीतीश एवं डॉ.रवि, राधाकान्त यादव सहित सिंहेश्वर के तत्कालीन विधायक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, परमेश्वरी प्र.निराला, शशिशेखर यादव, विजय कुमार वर्मा…… डॉ.मधेपुरी और पच्चीसो हजार उपस्थित दर्शकों को सम्बोधित करते हुए क्रांतिकारी मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने यही उद्घोष किया था-

“मैं आज 4 फरवरी 1991 के दिन बिहार सरकार की ओर से मधेपुरा  की समाजवादी धरती को एक विश्वविद्यालय देने की घोषणा करता हूँ….. और अब इस इलाके के विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की पढाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा |”

…….और आज आपके सामने एक सौ तीन एकड़ के परिसर में भव्य स्वरुप ग्रहण कर रहा है- हमारा, आपका और हम सबों का यह भू.ना.मंडल वि.वि. | उसी परिसर में कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एवं बी.पी.मंडल इंजिनियरिंग कॉलेज के लिए क्रमशः 30 एकड़ एवं 10 एकड़ जमीन आवंटित करते हुए नीतीश सरकार द्वारा कदाचित् आठ वर्ष पूर्व ही कॉलेज द्वय के निर्माण की घोषणा की गई थी- जिसमें मेडिकल कॉलेज का निर्माण तो 800 करोड़ से अधिक राशि के साथ आकाश की ऊँचाईयों को छूने लगा है, परन्तु इंजिनियरिंग कॉलेज की संचिका न जाने कहाँ अटक गई | जबकि 2014 के सितम्बर माह में ही राज्य केबिनेट ने इसके भवन निर्माण हेतु 135 करोड़ 74 लाख रु. की स्वीकृति भी दे दी है |

जब इस बाबत मधेपुरा अबतक इसी वि.वि. में वर्षों विकास पदाधिकारी के रूप में सेवारत रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से चर्चा की, तो डॉ.मधेपुरी ने कहा- दैनिक जागरण में समाचार पढने के बाद उन्होंने जिले के एकमात्र मंत्री प्रो.चंद्रशेखर से बातें की और मंत्रीजी ने उत्साहवर्धक तथ्यों एवं किये गये प्रयत्नों का इस प्रकार खुलासा किया-

“सर्वप्रथम केबिनेट द्वारा भवन निर्माण का काम ‘आधारभूत संरचना निगम’ को दिया गया था जिसने डी.पी.आर. भी तैयार कर ली | परन्तु गत वर्ष केबिनेट ने यह काम ‘भवन निर्माण विभाग’ को सौंप दिया | दोनों विभागों के बीच तालमेल के अभाव के कारण विलम्ब हो गया | भवन निर्माण के मुख्य अभियन्ता जल्द ही टेंडर कराकर कार्यारम्भ कराने जा रहे है- जिसके लिए मैं प्रयत्नशील हूँ…….|”

मंत्री प्रो.चंद्रशेखर के प्रयत्नों के लिए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा  के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, एवं छात्र-अभिभावकों की ओर से उनको हृदय से बधाई दी है तथा अग्रेतर सकारात्मक प्रयास करते रहने के लिए ज़िलापदाधिकारी मो.सोहैल सहित दैनिक जागरण को भी साधुवाद दिया है |

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सबसे पहले सड़कों की सुध लीजिए भैया तेजस्वी !

वर्षों पूर्व तक जब भी मंत्री या मुख्यमंत्री शिलान्यास, उद्घाटन या अन्य कार्यक्रमों के दौरे पर होते तो पी.डब्लू.डी. विभाग के जूनियर से लेकर चीफ इंजिनियर तक यही सोचने में लग जाते कि सड़कों की स्थिति में सुधार कैसे होगी | जैसे या जहाँ से भी मैनेज होता – सड़कें उपेक्षित नहीं रहती बल्कि अपेक्षित मरम्मती तो होती ही, कुछ निर्माणकार्य भी हो जाता और दोनों किनारे में मिट्टी भी दे दी जाती |

कार्यक्रम स्थलवाले एरिया में पड़ने वाले अधिसूचित क्षेत्र होता, नगर परिषद् या फिर जिला परिषद् होता– सभी अपने-अपने हिस्से की जवाबदेही के निर्वहन में जुट जाते | फल यह होता कि सड़कें भी उपेक्षित नहीं रहतीं और आम लोगों को भी इसी बहाने आवागमन की सुविधा मिलने लगती |

परन्तु , आज क्या होता है ? मुख्यमंत्री  ही नहीं बल्कि मंत्री भी हवाईजहाज/ हेलिकॉप्टर से चलने लगे हैं जिसके फलस्वरूप सड़कें हो रही हैं उपेक्षित और परेशान हो रही है आबादी | ऐसी ही स्थिति में राष्ट्रकवि दिनकर की ये पंक्तियाँ सचेतन लोगों के अंतर्मन में फुदकने लगती हैं –

जो जितना है दूर मही से
वो उतना ही बड़ा है ….|

जहाँ भी नाला निर्माण होता है वहाँ के शीर्ष पदाधिकारियों की अनदेखी के चलते कतिपय कारणों से कार्यकारी एजेंसी द्वारा सड़क की तीन-चार फीट तक जमीन छोड़कर ही नाला-निर्माण कर दिया जाता है | नाले तक की जमीन पर पब्लिक तीन-चार महल भी बना लेते हैं तथा स्कूटर उतारने के लिए ऊँची नाली से आगे दो फीट की स्लोप सीढियाँ भी | सीढ़ी से आगे सब्जी बाजार और उसके आगे ठेला बाजार सज जाता है जिसपर प्रायः केला बिकता है |

प्रत्येक जिला में प्रतिमाह हजारों बाइक बिकती हैं, अगणित टैम्पू-ट्रेक्टर और कारें भी | साईकल और रिक्शे की तो बात ही मत पूछिए | ऊपर से आवारा पशुओं की बैठकी भी वहीँ पर | ये सारी चीजें सभी प्रशासनिक पदाधिकारीगण रोज देखते हैं परन्तु जो नहीं देखते हैं वो यही कि सीनियर सिटीजन शाम में बाजार से सब्जियां खरीदकर घर तक किस हाल में पहुँचता है ?

यूँ पहले तो मयखाने में ही ‘जाम’ लगने की चर्चाएँ हुआ करती थी लेकिन अब तो सुबह से ही सड़कों पर जाम लगने की चर्चा शुरू हो जाती है | वैसी जामवाली सड़कों पर एम्बुलेंस में कराह रही गर्भवती महिला हो या आक्सीजन लगे हृदयरोगी या फिर गंभीर बीमारियों से पीड़ित गरीब /अमीर व्यक्ति ही क्यों न हो- कितनों के प्राण-पखेरू तो ‘जाम’ में ही फड़फडाकर उड़ जाते हैं |

आखिर कब तक हम इन उपेक्षित सड़कों पर ऐसी ही जिंदगी जीते रहेंगे- जहाँ नालियों में मच्छरों का खाना हो और राहगीरों के लिए दुर्गन्ध का खजाना हो | इस बार तो पी.डब्लू.डी.मिनिस्टर बने हैं हमारे तेजस्वी भैया ! देखना है कि वे सड़कों में ‘अपेक्षित’ सुधार करते हैं या फिर ‘उपेक्षित’ छोड़कर अपना कार्यकाल पूरा करने में लग जाते हैं और छोड़ देते हैं जनमानस को निरंतर परेशानियों से जूझते रहने के लिए………!

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मधेपुरा में त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय लोक नाट्य महोत्सव

जहाँ 20 नवम्बर से पटना के गाँधी मैदान में नीतीश कुमार द्वारा पाँचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जा रही हो और अब तक की सबसे युवा सरकार गठित कर बिहार में कानून का राज स्थापित करने हेतु बैठकें की जा रही हो- वहीँ मधेपुरा के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में 22 नवम्बर से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, कोलकाता के निदेशक डॉ.ओमप्रकाश भारती द्वारा ‘भारत लोकरंग’ के बैनर तले त्रि-दिवसीय ‘राष्ट्रीय लोक नाट्य महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा हो और जिसमें बिहार, उड़ीसा, बंगाल, मध्यप्रदेश, और छत्तीसगढ़ के युवा कलाकारों के अदभुत कला-प्रदर्शन के जरिये जनमानस में नई चेतना का संचार किया जा रहा हो- तो बिहार को आगे बढ़ने से भला कोई रोक सकेगा क्या ?

इस त्रि-दिवसीय कार्यक्रम का श्री गणेश सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर डॉ.शांति यादव, डॉ.सुप्रिया अनुजा, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.आलोक कुमार, दशरथ प्र.सिंह, रमण जी, डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.अमोल राय एवं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा किया गया | दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि जब कला और संस्कृति की बात आती है तो मधेपुरा के संस्कृति प्रेमियों के मानस पटल पर केवल और केवल एक नाम उभर कर सामने आता है- डॉ.ओमप्रकाश भारती | सभी कलाप्रेमियों को संदेश के रूप में यही कहा डॉ.मधेपुरी ने-

साहित्य संगीत कलाविहीन: साक्षात पशु: पुच्छ विशानहीन: !

Samajsevi Shaukat Ali encouraging artists at Bhupendra Smriti Kala Bhavan Madhepura .
Samajsevi Shaukat Ali encouraging artists at Bhupendra Smriti Kala Bhavan Madhepura .

साथ ही मधेपुरा में साहित्य-संस्कृति-कला को गति देने वाले समाजसेवी शौकत अली,इप्टा के सुभाष चन्द्र, जर्नलिस्ट अमिताभ, तुरवसु, सूनीत, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, संदीप शांडिल्य, आनन्द आदि को भी डॉ.मधेपुरी ने हृदय से साधुवाद दिया |

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नीतीश की ‘छाया’, लालू की ‘माया’ : बिहार की नई सरकार की दस अहम बातें

  1. बिहार की सबसे ‘युवा’ सरकार

शुक्रवार, 20 नवम्बर को नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड पाँचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ जेडीयू, राजद और कांग्रेस के 28 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इन 28 मंत्रियों में जेडीयू-राजद के 12-12 और कांग्रस के 4 मंत्री हैं। मंत्रीमंडल में शामिल मंत्रियों की औसत उम्र मात्र 43 वर्ष है और इस तरह ये बिहार की अब तक की सबसे ‘युवा’ सरकार है। वैसे पाँच विधायक पर एक मंत्री के तय फार्मूला के अनुसार राजद के चार, जेडीयू के दो और कांग्रेस के एक मंत्री का कोटा अभी शेष है।

  1. लालू की जबरदस्त ‘मौजूदगी’

इस सरकार में 64 वर्षीय नीतीश के बाद नंबर दो पर 26 वर्षीय तेजस्वी होंगे। तीन महत्वपूर्ण विभागों के साथ उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। तीन अन्य बड़े विभागों के साथ नंबर तीन पर तेजप्रताप को रखा गया है। यानि कैबिनेट में नंबर दो और तीन पर क्रमश: लालू के छोटे और बड़े बेटे होंगे। चौथा पायदान भी लालू के ही खाते में गया है। दोनों ‘तेज’ के बाद शपथ लेने वाले राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी उपमुख्यमंत्री तो नहीं बन पाए लेकिन वित्त मंत्री का ओहदा उन्हें जरूर मिला है। ना रहकर भी ‘मौजूद’ रहना कोई लालू से सीखे।

  1. पुराने सिर्फ चार

ज्यादातर नए चेहरों वाली नीतीश की नई सरकार में उनकी पिछली सरकार के केवल चार मंत्री ही जगह बना पाए। वे चार हैं बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ललन सिंह, श्रवण कुमार और जयकुमार सिंह। नीतीश के करीबी और पिछली सरकार के कद्दावर मंत्री विजय कुमार चौधरी को विधान सभा अध्यक्ष बनाने की तैयारी है।

  1. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी का ‘अर्थ’

नई सरकार को लेकर सबसे अधिक उत्सुकता इस बात की थी कि उपमुख्यमंत्री कौन होगा। तेजस्वी को इस पद पर बिठाकर लालू ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपनी पार्टी में किसी ‘जीतनराम मांझी’ को पैदा नहीं करना चाहते। इसका एक और अर्थ ये है कि परिणाम आने के बाद दलों का जो ‘समीकरण’ बना है उसे देखते हुए निश्चित रूप से नीतीश भी ज्यादा ‘सलाह’ देने की ‘स्थिति’ में नहीं थे। अपने कोटे से अपने परिवार में किसको क्या देना है ये सिर्फ लालू को तय करना था और उन्होंने किया भी।

  1. मंत्रियों के चयन में ‘तालमेल’

जहाँ तक शेष मंत्रियों की बात है उनके चयन में लालू-नीतीश ने वैसा ही ‘तालमेल’ दिखाया जैसा टिकट बंटवारे में दिखाया था। सारी आशंकाओं को किनारे कर इन दोनों ने मंत्रीमंडल में किसी ‘दागी’ या ‘बागी’ को जगह नहीं दी। यही कारण है कि लालू के बेहद करीबी रहे और उनकी पूर्व की सरकारों में अनिवार्य जगह रखने वाले इलियास हुसैन इस सरकार में नहीं हैं। लालू को छोड़कर अपनी प्रतिबद्धता बदलने वाले और नीतीश के पिछले मंत्रीमंडल का महत्वपूर्ण चेहरा रहे श्याम रजक भी अपनी जगह नहीं बना पाए। बता दें कि श्याम रजक ने लालू को ‘पागल’ बता उन्हें ‘पागलखाना’ भेजने की बात कही थी जिसे लालू के लिए भूलना मुश्किल था। कैबिनेट में पीके शाही का ना रहना भी अकारण नहीं है। चारा घोटाले से जुड़े मामले में लालू के लिए मुश्किलें खड़ी करने में शाही की ‘भूमिका’ की बात कही जाती है। एकमात्र अपवाद ललन सिंह रहे। लालू की आपत्ति उन पर भी थी लेकिन नीतीश किसी तरह लालू को मना ले गए। राजद से जदयू में जाकर मंत्री बने रामलषण राम रमण भी कैबिनेट से बाहर हैं। रविदास कोटे में उनकी जगह राजद के शिवचंद्र राम मंत्री बनाए गए।

  1. शरद यादव के लिए ‘इशारा’

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के बेहद करीबी नरेन्द्र नारायण यादव का मंत्री ना होना भी चौंकाता है। लेकिन आप पड़ताल करें तो पाएंगे कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद नीतीश द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर जिन ‘संभावितों’ के नाम विकल्प के तौर पर मीडिया में ‘उछले’ थे या ‘उछाले’ गए थे उनमें एक नाम उनका भी था। शायद उन्हें इसी की ‘सजा’ मिली हो। वैसे यह बात भी गौर करने की है कि शरद यादव के ‘क्षेत्र’ मधेपुरा के चार विधायकों में तीन जेडीयू के हैं लेकिन मंत्री बनाए गए राजद के चन्द्रशेखर। राजनीति के जानकार इसमें शरद यादव के लिए आगे का ‘इशारा’ होने से भी इनकार नहीं कर रहे।

  1. सोशल इंजीनियरिंग

संख्याबल और आशा के अनुरूप नई सरकार पर ‘माय’ समीकरण हावी है। 28 मंत्रियों में 7 यादव और 4 मुस्लिम मंत्री हैं। दलित मंत्रियों की संख्या 5 है। यानि रामविलास और मांझी की राजनीति पर सावधानी से नज़र रखी गई है। शेष मंत्रियों में 3 कुशवाहा और एक कुर्मी जाति से हैं। इनके अतिरिक्त 4 अति पिछड़े और 4 अगड़े मंत्री हैं। अगड़ों में 2 राजपूत और 1-1 ब्राह्मण और भूमिहार हैं। महिला मंत्रियों की संख्या 2 है। ये हैं जेडीयू की कुमारी मंजु वर्मा और राजद की अनिता देवी।

  1. किस जिले से कितने

जिलों को मिले प्रतिनिधित्व की बात करें तो वैशाली और दरभंगा से सबसे ज्यादा 3-3 मंत्री बने हैं। नालंदा, सारण, समस्तीपुर और रोहतास के हिस्से 2-2 मंत्री आए हैं। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, गया, जहानाबाद, बक्सर, पश्चिम चम्पारण, शेखपुरा, जमुई, मुंगेर, बेगूसराय, पूर्णिया, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा से 1-1 मंत्री हैं। पटना समेत 18 जिले प्रतिनिधित्व से वंचित रह गए।

  1. पाँच सौभाग्यशाली

ये जानना भी दिलचस्प होगा कि 28 मंत्रियों में 18 पहली बार मंत्री बने हैं और इन 18 में भी 5 ऐसे हैं जो पहली बार विधायक बनने के साथ मंत्री बने हैं। वे सौभाग्यशाली पाँच विधायक हैं तेजस्वी, तेजप्रताप, आलोक मेहता, विजय प्रकाश और अनिता देवी। पाँचों राजद के हैं।

  1. वाया विधान परिषद

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त जेडीयू के ललन सिंह तथा कांग्रेस के कोटे से मंत्री बने अशोक चौधरी और मदन मोहन झा विधान परिषद के सदस्य हैं।

अंत में एक नज़र मंत्रियों की पूरी सूची और उनके विभाग पर :

नीतीश कुमार, जेडीयू : मुख्यमंत्री (सामान्य प्रशासन, गृह, निगरानी आदि), तेजस्वी प्रसाद यादव, राजद : उपमुख्यमंत्री (पथ-निर्माण, भवन-निर्माण, पिछड़ा-अतिपिछड़ा विभाग), तेजप्रताप यादव, राजद (स्वास्थ्य, लघु सिंचाई और पर्यावरण), अब्दुल बारी सिद्दीकी, राजद (वित्त), बिजेन्द्र प्रसाद यादव, जेडीयू (ऊर्जा), राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, जेडीयू (जल संसाधन एवं योजना विकास), अशोक चौधरी, कांग्रेस (शिक्षा एवं आईटी), श्रवण कुमार, जेडीयू (ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य), जय कुमार सिंह, जेडीयू (उद्योग एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी), आलोक कुमार मेहता, राजद (सहकारिता), चंद्रिका राय, राजद (परिवहन), अवधेश कुमार सिंह, कांग्रेस (पशुपालन), कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, जेडीयू (पीएचईडी एवं विधि), महेश्वर हजारी, जेडीयू (नगर विकास), अब्दुल जलील मस्तान, कांग्रेस (उत्पाद, मद्यनिषेध और निबंधन), रामविचार राय, राजद (कृषि), शिवचंद्र राम, राजद (कला-संस्कृति), मदन मोहन झा, कांग्रेस (राजस्व एवं भूमि सुधार), शैलेश कुमार, जेडीयू (ग्रामीण कार्य विभाग), कुमारी मंजू वर्मा, जेडीयू (समाज-कल्याण), संतोष कुमार निराला, जेडीयू (एस-एसटी क्ल्याण), अब्दुल गफूर, राजद (अल्पसंख्यक कल्याण), चन्द्रशेखर, राजद (आपदा प्रबंधन), खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, जेडीयू (गन्ना उद्योग), मुनेश्वर चौधरी, राजद (खान एवं भूतत्व), मदन सहनी, जेडीयू (खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण), कपिलदेव कामत, जेडीयू (पंचायती राज), अनिता देवी, राजद (पर्यटन) एवं विजय प्रकाश, राजद (श्रम-संसाधन)।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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दीपावली में दो गिफ्ट देने के बाद दिया मोदी सरकार ने बिहार को छठ पर्व का एक और उपहार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बिहार के चुनावी नतीजों के तुरत बाद ही दीपावली के अवसर पर मधेपुरा को रेल विद्युत् इंजन कारखाना निर्माण हेतु 20 हजार करोड़ और छपरा के मढोरा को डीजल इंजन कारखाना निर्माण हेतु 15 हजार करोड़ का दो बम्पर गिफ्ट दिया ही था कि लगे हाथ छठ पर्व के तुरत बाद मुंगेर में गंगा नदी पर रेल-रोड पुल को अगले वर्ष के मध्य तक पूरा करने हेतु 2774 (दो हजार सात सौ चौहत्तर) करोड़ का एक पवित्र उपहार भी दे दिया है |

ध्यातव्य है कि छठ जैसे पवित्र पर्व के बाद यह पवित्र उपहार तब दिया गया है जबकि बिहार में महागठबंधन द्वारा निराश करने वाले विधानसभा के चुनावी नतीजों से भाजपा को रु-ब-रु होना पड़ा | बावजूद इसके नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा बिहार के विकास की प्रतिबद्धता में कोई कमी नजर नहीं आना निश्चय ही लोगों के दिल में जगह बनाने का एक नायाब प्रयास है | ऐसे प्रयास की प्रशंसा अवश्य होनी चाहिए |

मधेपुरा अबतक ने जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से इस बाबत चर्चा की तो डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबसे अधिक प्रशंसा तो मोदी सरकार की तब होगी जब माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने वाले प्रयास” को केन्द्र सरकार द्वारा ऐन मौके पर स्वीकार कर ली जाय | डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा से प्रो.चन्द्रशेखर को मंत्री बनाये जाने पर उन्हें बधाई दी |

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डॉ.मधेपुरी ने नेशनल टे.टे. खिलाड़ियों को ‘विजयी भव:’ का आशीर्वाद दिया  !!

बिहार राज्य सरकार में जहाँ पाँचवीं बार नीतीश कुमार का राजतिलक होने जा रहा है वहीँ कई बार नेशनल खेल चुके छह टे.टे. खिलाड़ी- रियांशी, पायल, मास्टर शिवम्, सहित हर्षवर्धन भदौरिया, विपुल राज एवं हिमांशु सर्राफ को राज्य का प्रतिनिधित्व करने हेतु (24 से 29 नवम्बर तक) हिमाचल प्रदेश, कोलकाता और मध्यप्रदेश के लिए जिला टेबुल टेनिस संघ के अद्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, सचिव प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार झा, मुकेश कुमार सहित श्यामनंदन कुमार केशरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया |

National Level T.T. Players at Town Hall Madhepura .
National Level T.T. Players at Town Hall Madhepura .

आप यह भी जानिये कि इसी मधेपुरा की मिट्टी के लाल व समाजवादी चिन्तक भूपेन्द्र नारायण मंडल ने कभी अखिल भारतीय सोशलिस्ट पार्टी का राष्ट्रीय अद्यक्ष बनकर और बी.पी.मंडल साहब ने राष्ट्रस्तरीय ‘मंडल कमीशन’ का अद्यक्ष बनकर जिस तरह मधेपुरा का नाम पूरे देश में रोशन किया है उसी तरह निकट भविष्य में ही ये छह टी.टी.स्टार राष्ट्रीय स्तर के टी.टी.प्रतियोगिता में मधेपुरा के नाम को रोशन करने के साथ-साथ बिहार का परचम लहरायेंगे और तब माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सम्मानित किये जायेंगे |

खिलाड़ियों के मनोबल को हमेशा ऊँचा बनाये रखने के लिए सतत प्रयत्नशील तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र साधुवाद के पात्र हैं |

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