ऊंचाई पाने के लिए हर किसी को कठिन परिश्रम करना पड़ता है और समाज को बहुत कुछ देना भी पड़ता है | सफल शिक्षक, बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न एवं समाजसेवी विष्णुदेव एक कुशल प्रशासक के साथ-साथ एक संवेदनशील व्यक्तित्व के धारक रहे हैं |
साधारण गृहस्थ परिवार में जन्म लेने वाले विष्णुदेव बाबू अवकाश ग्रहण करने के बाद अपने माता-पिता के नाम से शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र दोरिक नगर, तुरकाही में बच्चों की पढाई के लिए एक विद्यालय- “दानी दुखनी मेमोरियल उच्च माध्यमिक विद्यालय” की स्थापना की और कार्यरत शिक्षकों को आरम्भ में अपने पेंशन से वेतन देते रहे और दिन-दिन भर स्कूल में मजदूर की तरह काम करते रहे | उनके मनोबल को कायम रखने के लिए पुत्र द्वय भी उनको साया की तरह साथ दिया |
आज विष्णुदेव बाबू नहीं हैं | सभी उनकी जयन्ती मना रहे हैं- जिला परिषद की अध्यक्षा मंजू देवी हों या जिले के विद्यालयों व महाविद्यालयों सहित विश्वविद्यालयों के पदाधिकारीगण हों- गाँव के बच्चे-बूढ़े सभी उत्सव मना रहे हैं | उनकी प्रतिमा लगा रहे हैं |
समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने तो अपने सम्बोधन में यहाँ तक कह दिया कि जो समाज के लिए जीता है, वह कभी नहीं मरता | विष्णुदेव बाबू भी सदा जीवित रहेंगे | अत: उन्हें स्वर्गीय कहना उचित नहीं होगा |
विकास कार्यों को गति देने वाले डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल द्वारा आरबिट्रेटर की मदद लेकर विद्युत रेल इंजन कारखाने को तो गति प्रदान कर दी गयी, परन्तु पुलिस लाईन वाली जमीन के मुआवजे के लिए लगाये गये त्रिदिवसीय शिविर में अंचलाधिकारी मिथिलेश कुमार अपनी टीम के साथ किसानों की बाट जोहते रहे, लेकिन उपस्थिति नगण्य रही |
कारण है – ताली एक हाथ से नहीं बजती ! सरकार उस एरिया की जमीन का निबंधन शुल्क लेते समय दर तय की है – एक लाख बीस हजार रू. प्रति डिसमिल, परन्तु किसान को रेट मिल रही है मात्र बीस हजार रू. प्रति डिसमिल | कुछ किसान तो आरम्भ में ले लिए, परन्तु बहुतों ने उच्च न्यायालय में केश दायर कर दिया है | ऐसी जानकारी किसानों द्वारा प्राप्त हो रही है |
C.O Mithilesh Kumar and C.I Gajendra Singh informing higher officers regarding the poor presence of Land Owners .
मधेपुरा अबतक को पूर्व वार्ड आयुक्त विष्णु देव उर्फ़ विक्रम कुमार एवं समाजसेवी आभाष झा द्वारा यह जानकारी दी गयी कि अंचलाधिकारी मिथिलेश कुमार का कहना है कि विकास कार्यों में सहयोग कीजिए और प्रोटेस्ट के साथ मुआवजा ले लीजिए | बाद में उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार शेष भुगतान कर दिया जायेगा |
विगत पन्द्रह वर्षों से निरन्तर यानी अबाध गति से अनुशासनप्रिय एवं निष्ठावान शिक्षक-पिता एवं प्रधानाचार्य ‘शिवकुमार’ की दो बेटियाँ प्रो.रीता एवं अध्यापिका रीना, उनकी स्मृति को तरोताजा बनाये रखने के लिए शहर के बुद्धिजीविओं एवं उनके योग्य शिष्यों को 16 फरवरी को सदैव आमंत्रित करती रही हैं | गुरु के तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि के साथ-साथ ‘गुरु का प्रसाद’ पाने का अवसर भी प्रदान करती रही है |
गुरु की महिमा जितनी है उससे कहीं आगे हैं ये दोनों गुरु बहना ! गुरु ने बेटे-बेटी में अंतर नहीं माना तो ये दोनों बेटियाँ भी बहुत बेटों से आगे बढ़-चढ़कर अपने पिताश्री को उनके किये गये विशिष्ट कर्मों में जिन्दा रखने का जी भर कर प्रयास करती रही हैं | गुरु शिवकुमार की अनेक कहानियाँ प्रसिद्धि प्राप्त कर चुकी हैं जिनमें उनके कठोर अनुसाशन, समय निष्ठ्ता और कर्तव्यबोध की झलक मिलती हैं | इनकी ही तरह निष्ठावान शिक्षक को ये बेटियाँ प्रतिवर्ष सम्मानित भी करती हैं | बच्चों में क्विज़ कॉम्पीटिशन, पेंटिंग, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर पुरस्कार के माध्यम से प्रोत्साहित भी करती है |
गुरु स्मृति में आयोजित इस संध्या भजन में श्रधांजलि/पुष्पांजलि करने वालों में प्रमुखता से उपस्थित डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, बी.एन.एम.यू.– पी.जी. भौतिकी के डॉ.अशोक कुमार, डॉ.नरेश कुमार, साहित्यकार दशरथ प्र. सिंह, प्रो.चन्द्रशेखर, प्रो.राजकुमार आदि ने कहा– माँ की छांव और पिता का स्वाभिमान होती हैं बेटियाँ ! शुभकामनाएँ और दुआएँ होती हैं बेटियाँ |
विगत चन्द महीनों से श्रीपुर-चकला गाँव में भारत सरकार द्वारा विद्युत् रेल इंजन फैक्ट्री के निर्माण के लिए किये गये भू-अर्जन के मुआवजा भुगतान को लेकर जिला कलक्टर मो.सोहैल सहित भू-अर्जन विभाग के पदाधिकारी व कर्मचारीगण व्यस्त रहे |
और अब बारी है मधेपुरा के वार्ड न.-1 में पुलिस लाइन के लिए किये गये भू-अर्जन के बाबत भू-स्वामियों को मुआवजा देने की | विकास कार्यों में गहरी अभिरुचि रखनेवाले जिला कलक्टर मो.सोहैल के निदेश पर पुलिस लाइन के लिए भू-अर्जन के बाबत मुआवजा वितरण को लेकर संत अवध बिहारी इंटर कॉलेज, पथराहा के निकट त्रि-दिवसीय (17-18 एवं 19 फरवरी तक) शिविर लगाया जायेगा- जहाँ पर भू-अर्जन विभाग के कर्मचारी एवं पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे |
जिला प्रशासन द्वारा निदेश जारी किया गया है कि सम्बन्धित भू-स्वामी वांछित कागजातों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी-अपनी जमीन के बाबत निर्धारित मुआवजा प्राप्त कर विकास के कार्यों में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक श्रम करें |
बिहार पुलिस के अपर महानिदेशक के निदेशानुकुल जिला स्तर पर पुलिस सप्ताह (22-27 फरवरी) मनाने हेतु समाजहित व राष्ट्रहित पर आधारित लगभग एक दर्जन कार्यक्रमों के साथ तत्पर दिख रहे हैं मधेपुरा के युवा किन्तु कुशल प्रशासनिक क्षमता से लैस आरक्षी अधीक्षक कुमार आशीष |
पुलिस केंद्र/ वाहिनी मुख्यालय एवं जिले के सभी पुलिस प्रतिष्ठानों में बिहार पुलिस का झंडा फहराने से लेकर वृक्षारोपन/ फुटबॉल मैच – मैराथन दौड़ | कबड्डी – ट्रैफिक जागरूकता कार्यशाला/बालीबॉल – पुलिस-पब्लिक सम्बंध पर वि.वि./ महाविद्यालय के छात्रों के बीच वाद-विवाद-बाल कलाकारों द्वारा पेंटिंग व हास्य कवि सम्मलेन / देशभक्त शहीद पुलिस कर्मियों की याद में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आगाज 22 फरवरी 2016 से, जिले के विकासोन्मुखी कार्यों पर नजर रखने वाले डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल के मूल्यवान सुझावों के साथ, करेंगे एस.पी. कुमार आशीष |
From Left to Right Dr.Madhepuri, S.P Kumar Ashish & Commentator Mahtab observing the final match of Maitri Cup Cricket Tournament at B.N.Mandal Stadium, Madhepura .
उक्त आशय की विस्तृत विवरणी– “तारीख-समय-आयोजन स्थल एवं कार्यकारी एजेंसियों के नाम के साथ”– विभिन्न माध्यमों से प्रचारित-प्रसारित किये जा रहे हैं जिसका श्री गणेश बी.एन.मंडल स्टेडियम के मंच से 14 फरवरी रविवार को तब से किया गया जब पुलिस एकादश एवं पूर्व क्रिकेटरों के बीच मैत्री कप क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल खेला जा रहा था | मैत्री कप तो जीते मधेपुरा के पूर्व क्रिकेटर, परन्तु पुलिस एकादश के कप्तान एस.पी. कुमार आशीष एवं उप-कप्तान ए.एस.पी. राकेश कुमार की टीम ने जीता दर्शकों का दिल |
जहाँ विजेता टीम को एस.पी.कुमार आशीष, उपविजेता टीम को जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने ट्रॉफी दी वहीं शिक्षाविद-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने मैदान में खिलाड़ियों का परिचय लेते हुए मधेपुरा थानाध्यक्ष मनीष कुमार से हैंडसेक करते हुए बेहतर प्रदर्शन की कामना की, वहीं मंच पर उन्होंने आलराउंडर ए.एस.पी.राकेश कुमार को कप प्रदान किया |
Dr.Madhepuri elevating all-rounder ASP Rakesh Kumar, Thanadhyaksh Manish Kumar and other players in the ground & also on the stage of B.N.Mandal Stadium Madhepura .
डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में खेल की महत्ता व विशेषता पर यही कहा कि दो-चार लोगों की गलतफहमियों के कारण उत्पन्न सामाजिक विद्वेष को खेल के माध्यम से खिलाड़ियों द्वारा सौहार्दपूर्ण वातावरण में परिणत कर दिया जाता है | ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे रहने वाले समाज के शुभचिंतकों- हिन्दुस्तान के व्युरोचीफ़ अमिताभ, जागरण के धर्मेन्द्र भरद्वाज एवं प्रभात खबर के रुपेश कुमार सहित राकेश सिंह, ध्यानी यादव, संतोष कुमार झा, किशोर कुमार, संदीप शांडिल्य, महताब, प्रदीप श्रीवास्तव, रोहन सिंह, प्रशांत यादव, संजीव कुमार, अरुण कुमार, संतकुमार, त्रिदीप गांगुली, अमित कुमार, गुलजार, आशुतोष, पुष्पेन्द्र आदि एवं मीडिया मैन- मनीष सहाय, संजय परमार, व सुभाष सुमन आदि महत्वपूर्ण सदस्यों को डॉ.मधेपुरी ने हृदय से शुभकामनाएँ दी |
बसंत पंचमी यानि माघ महीने की शुक्ल पंचमी यानि ऋतुओं के राजा बसंत के आगमन का उद्घोष। इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है और प्रकृति नवयौवना-सी सजना-संवरना शुरू करती है। पेड़ों के पुराने पत्तों की जगह आप नई कोंपलों को देखते हैं और प्रकृति में जैसे नए जीवन का संचार हो उठता है। बसंत सच्चे अर्थों में प्रकृति का उत्सव है जिसका आगाज उसकी पंचमी से होता है। पर केवल इतनी ही नहीं है बसंत पंचमी। इस बसंत पंचमी को देखने की खातिर कई खिड़कियाँ हैं। चलिए उनमें से इन पाँच खिड़कियों को खोलें।
पहली खिड़की…
बसंत पंचमी से जुड़ी एक रोचक कथा है। भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना तो कर दी लेकिन वो स्वयं अपनी रचना से संतुष्ट नहीं थे। उन्हें अपनी ही रची सृष्टि मलिन और उदास लगती थी। हर तरफ बस मौन ही मौन छाया रहता था। उन्हें लगा कहीं कुछ कमी रह गई है। बहुत सोचने के बाद उन्होंने विष्णु से आज्ञा लेकर पृथ्वी पर अपने कमंडल से जल छिड़का। जलकण के पड़ते ही पृथ्वी में कम्पन होने लगा और वृक्षों के बीच से एक अद्भुत शक्ति प्रकट हुई। वह एक चतुर्भुजी सुन्दर स्त्री थी जिसके एक हाथ में वीणा थी और दूसरा हाथ वर की मुद्रा में था। शेष दोनों हाथों में पुस्तक और माला थी। जी हाँ, वो शक्ति माँ सरस्वती थी। ब्रह्मा ने उनसे वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही माँ सरस्वती ने वीणा का मधुर नाद किया पूरी सृष्टि गुंजायमान हो गई। संसार के समस्त जीव-जन्तुओं को ‘वाणी’ प्राप्त हो गई। तभी तो उन्हें वीणावादिनी और वाग्देवी जैसे नामों से पुकारते हैं। इस तरह बसंत पंचमी माँ सरस्वती का जन्मोत्सव भी है जिसे हम सरस्वती पूजा के रूप में मनाते हैं।
दूसरी खिड़की…
बसंत पंचमी हमें त्रेता युग और रामकथा से भी जोड़ती है। सीताहरण के बाद श्रीराम उन्हें खोजते हुए दक्षिण की ओर बढ़े और जिन स्थानों पर वो गए उनमें एक दंडकारण्य भी था। यहीं शबरी नाम की भीलनी रहती थी जिसने राम की भक्ति में विभोर होकर उन्हें अपने जूठे बेर खिलाए थे। वह स्थान वर्तमान गुजरात के डांग जिले में है जहाँ शबरी का आश्रम था। आपको बता दें कि श्रीराम बसंत पंचमी के दिन ही शबरी के यहाँ गए थे।
तीसरी खिड़की…
बसंत पंचमी का ऐतिहासिक महत्व भी कम नहीं। ये दिन हमें इतिहासप्रसिद्ध पृथ्वीराज चौहान की भी याद दिलाता है। पृथ्वीराज ने मोहम्मद गोरी को सोलह बार पराजित किया और हर बार उदारता दिखाते हुए उसे छोड़ दिया। पर जब सत्रहवीं बार वो स्वयं पराजित हुए तब गोरी ने उन्हें नहीं छोड़ा। वह उन्हें अपने साथ अफगानिस्तान ले गया और उनकी आँखें फोड़ दीं। इसके बाद की घटना जगतप्रसिद्ध है। मोहम्मद गोरी ने मृत्युदंड देने से पूर्व पृथ्वीराज के शब्दभेदी बाण का कमाल देखना चाहा और पृथ्वीराज ने इस बार कोई भूल नहीं की। अपने साथी चंदबरदाई की मदद से उन्होंने पहले अपने बाण को गोरी के सीने में पहुँचाया और इसके बाद पृथ्वीराज और चंदबरदाई ने एक-दूसरे के पेट में छुरा भोंक आत्मबलिदान दे दिया। 1192 में ये ऐतिहासिक घटना बसंत पंचमी के दिन ही हुई थी।
चौथी खिड़की…
बसंत पंचमी का एक सूत्र ‘कूका पंथ’ की स्थापना करने वाले गुरु रामसिंह कूका से भी जुड़ा है। 1816 ई. में उनका जन्म बसंत पंचमी के दिन ही हुआ था। गुरु रामसिंह ने उस युग में ना केवल नारी उद्धार, अन्तर्जातीय विवाह, सामूहिक विवाह, स्वदेशी और गोरक्षा के लिए आवाज बुलंद की थी बल्कि अंग्रेजों से लड़ते हुए अपनी शहादत भी दी थी।
पाँचवीं खिड़की…
बसंत पंचमी के ही दिन 1899 में सरस्वती के वरदपुत्र महाकवि निराला का जन्म भी हुआ था। अपनी रचनाओं से हिन्दी को उन्होंने जैसा गौरव दिया उसकी कोई सानी नहीं। इस ‘महाप्राण’ को जाने बिना तो ‘सरस्वती’ की पूजा भी पूरी ना होगी।
बसंत पंचमी को चाहे प्रकृति में देखें चाहे पुराणों में… त्रेतायुग में ढूंढ़ें या आधुनिक भारत में… इतिहास की नज़र से देखें या साहित्य में गोते लगाकर… अन्त में हम बस यही पाएंगे कि यौवन हमारे जीवन का बसंत है और बसंत इस ‘सृष्टि’ और हमारे ‘संस्कार’ का यौवन।
डॉ.शांति यादव जहाँ प्रदेश स्तर पर नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक स्थापित नाम है वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात शिक्षाविद, कवयित्री एवं लेखिका के रूप में शुमार की जाती है | इसके अलावे संस्कृति व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी डॉ.यादव कई संस्थाओं से जुड़कर समाज सेवा में संलग्न रही हैं | स्त्री-विमर्श एवं सामाजिक-विमर्श पर इनके द्वारा कई महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचनाएं भी की गई हैं |
मधेपुरा जिला शिक्षक संघ की अध्यक्षा एवं शिवनंदन प्रसाद मंडल प्लस टू विद्यालय में प्राचार्य रह चुकी उसी डॉ.शांति यादव को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रयालय द्वारा- जिला महिला सम्मान 2014 के लिए चयनित किया गया था, परन्तु प्रमाण-पत्र देने में अकारण विलम्ब हो गया |
मधेपुरा के डायनेमिक जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने शांति यादव को ‘जिला महिला सम्मान 2014’का प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया और उन्होंने यह भी कहा कि डॉ.शांति यादव को बुनियादी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के बाबत उनके नि:स्वार्थ असाधारण कार्यों के लिए जिला महिला सम्मान-2014 से सम्मानित किया जा रहा है |
शहर में कुछ स्कूल तो ऐसे हैं जो रात-दिन छात्रों को ऊँचाई प्रदान करने में लगे रहते हैं- जिसे कोई ऊँगली पर गिनने लगेगा तो प्राय: यहीं से शुरू करेगा- हॉली क्रॉस, किरण पब्लिक, माया विद्या निकेतन, वेलडन फ्यूचर, दार्जीलिंग पब्लिक, तुलसी पब्लिक, साउथ पॉइंट, ज्ञानदीप, जीतेन्द्र पब्लिक………आदि, आदि, परन्तु किरण पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश को इस नव वर्ष में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आई.आई.टी. दिल्ली में इंस्पायरिंग बेस्ट टीचर अवार्ड से सम्मानित किया गया जिसे शहर के शिक्षाविदों एवं बुद्धिजीवियों द्वारा मधेपुरा के लिए ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण कोसी अंचल के लिए गौरव की बात कही जा रही है |
मधेपुरा अबतक को मौके पर अमन प्रकाश ने कहा कि इससे पूर्व किरण पब्लिक स्कूल की निदेशिका किरण प्रकाश को वर्ष 2014 में शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्य न्यायमूर्ति पी.एन.भगवती एवं पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जी.वी.जी.कृष्णनमूर्ति द्वारा “शिक्षकश्री” सम्मान से सम्मानित किया गया था |
इस अवसर पर किरण पब्लिक स्कूल के समस्त शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं में खुशियाँ व्याप्त हैं और सबों ने स्कूल में एक सम्मान समारोह आयोजित कर उप-प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में प्रबन्ध निदेशक अमन प्रकाश को स्मारिका-गुलदस्ता से सम्मानित किया |
अखिल भारतीय सर्वधर्म महासम्मेलन का त्रिदिवसीय महाप्रवचन आगामी 26 से 28 फरवरी तक सिंहेश्वर स्थित मवेशी हाट मैंदान में होने जा रहा है | इस महासम्मेलन की तैयारी आरम्भ कर दी गई है |
महासम्मेलन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह भूपेन्द्र ना.मंडल विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र के वरीय प्राध्यापक डॉ.अनिल कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि यह महासम्मेलन महर्षि मेंहीं गुरुधाम के संस्थाप्रधान स्वामी विमलानंद महाराज की देख-रेख व निर्देशन में आयोजित होगी |
श्री कुमार ने कहा कि इस सर्वधर्म महासम्मेलन में देश के विभिन्न सम्प्रदायों के धर्मवक्ता, मौलवी, पादरी, दार्शनिक, सामाजिक चिन्तक, विचारक एवं विभिन्न विषयों के विद्वानों का महासंगम होगा | उन्होंने कहा कि इस त्रिदिवसीय महासम्मेलन में विशेषकर धर्म के स्वरुप एवं अवधारणा पर चर्चाएँ होगी | समयानुसार प्रातः काल में भजन-कीर्तन, स्तुति-प्रार्थना आदि भी समायोजित किये जायेंगे |
सामाजिक न्याय के पुरोधा, मंडल कमीशन के अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके बी.पी.मंडल के पौत्र हैं निखिल मंडल, मधेपुरा के विधायक रह चुके मणीन्द्र कुमार मंडल उर्फ़ ओम बाबू के सुपुत्र हैं निखिल एवं आलमनगर के अनेकों बार विधायक रहे व वर्षों विभिन्न विभागों में बिहार सरकार के मंत्री रह चुके नरेन्द्र नारायण यादव के दामाद निखिल मंडल को जनता दल (यूनाईटेड)के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा जदयू प्रदेश प्रवक्ता मनोनीत किये जाने तथा मधेपुरा जिला जदयू अध्यक्ष के रूप में संतोषप्रद कार्यों एवं कार्यकर्ताओं में अपनी विशिष्ठ पहचान बनानेवाले सियाराम यादव को उक्त पद पर दोबारा मनोनीत किये जाने पर जिला जदयू कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी |
जिले के सभी प्रखंड अध्यक्षों एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष-सचिवों द्वारा बधाइयाँ दी जा रही है | जदयू के सभी वरीय/कनीय कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त महागठबंधन के अन्य दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा भी खुशियाँ जताई जा रही हैं | सभी ओर से इसके लिए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हार्दिक बधाइयाँ दी जा रही है |
बधाई देने वालों तथा हर्ष व्यक्त करने वालों में प्रखंड जदयू अध्यक्ष शैलेन्द्र यादव, प्रखंड युवा अध्यक्ष अमित कुमार, मुखिया-मो.मोबीन, मो.मुस्ताक, प्रखंड अध्यक्ष राजीव यादव, राजद के प्रदेश महासचिव बाबा दिनेश मिश्र, युवा प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन, राजद प्रखंड अध्यक्ष रूद्र ना.यादव, पवन केडिया, विकाश झा, बिनोद काम्बली, सुनील सिंह राठोर, विजय सिंह राठोर, डॉ.विजेन्द्र कुमार, नरेश पासवान, कमल राम, क्रान्ति यादव, मानेश्वर मेहतर, विकाश झा, मधुलता देवी, मीना देवी, रीना देवी, रानी सहित मो.जुबेर, मो.जहीर आदि शामिल |