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विश्वविद्यालय में ग्रीन केमेस्ट्री व नैनो टेक्नोलॉजी पर एक दिवसीय सेमिनार

इमर्जिंग ट्रेंड्स इन ग्रीन केमिस्ट्री एंड नैनो टेक्नोलॉजी पर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस (उत्तरी परिसर) के कॉन्फ्रेंस हॉल में रसायन विज्ञान विभाग और काउंसिल आफ केमिकल साइंसेज (सीसीएस) द्वारा 26 अक्टूबर (शुक्रवार) को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया | सेमिनार दो सत्रों में आयोजित किया गया था |

जहाँ इस सेमिनार में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने ग्रीन केमिस्ट्री के 12 गुणों की विस्तृत चर्चा करते हुए शिक्षकों, छात्रों एवं शोधार्थियों से यही कहा कि ग्रीन केमेस्ट्री पर काम करने वालों को विश्वविद्यालय द्वारा हर प्रकार से सहयोग दिया जाएगा वहीं मुख्य वक्ता के रूप में शारदा विश्वविद्यालय नोएडा के डॉ.एन.बी सिंह ने नैनो टेक्नोलॉजी पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया की हर क्षेत्र में नैनो मेटेरियल का आविष्कार एक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है | प्रोवीसी डॉ.फारुख अली ने सेमिनार की महत्ता की चर्चा की |

सेमिनार के उद्घाटन सत्र में बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डीन द्वय डॉ.शिव मुनि यादव, डॉ.अरुण कुमार मिश्र एवं अध्यक्षता कर रहे केमिस्ट्री के विभागाध्यक्ष डॉ.आर.के.मल्लिक व बीएन मुस्टा के महासचिव-सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया | सर्वप्रथम प्रो.रीता कुमारी ने एक गीत के माध्यम से सेमीनार को रसमय बना दिया, तत्पश्चात विभागाध्यक्ष डॉ.मलिक द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया |

उद्घाटन भाषण में संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रवि ने इस परिसर में सर्वप्रथम आने की चर्चा करते हुए कहा कि सेमिनार के माध्यम से युवाओं को ग्रीन केमिस्ट्री व नैनो टेक्नोलॉजी की जानकारी देना आवश्यक है | उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक तरीकों से शोध करने की जरूरत है | कुलसचिव श्री नीरज ने कहा कि आज लोग जंगल से मंगल तक पहुंच गये जिसमें केमिस्ट्री का बड़ा योगदान है | लेकिन, उसके नकारात्मक पहलू से हमें सचेत रहने की जरूरत है |

विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने प्रो.(डॉ) पाल एनसतास को फादर ऑफ ग्रीन केमिस्ट्री बताते हुए कहा कि धरती और पर्यावरण को रसायनों के दुष्प्रभावों से मुक्त कराना ही ग्रीन केमिस्ट्री का काम है जो दुनिया को बचाने का एक प्रयास है | उन्होंने दैनिक जीवन में रसायन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज दुनिया नैनो मैटेरियल (सूक्ष्मातिसूक्ष्म) के आविष्कारों में लगी है जबकि हमारे देश में आदिकाल से ही नैनो टेक्नोलॉजी (योग…… के रूप में) काम कर रहा है |

मौके पर विभागीय कार्यरत शिक्षक डॉ.अशोक कुमार यादव सहित सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ.शिव मुनि यादव, विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ.एके मिश्रा, बीएन मुस्टा के महासचिव डॉ.नरेश कुमार, प्राचार्य डॉ.केएस ओझा आदि ने विस्तार से पर्यावरण के लिए ग्रीन केमिस्ट्री के सिद्धांत को जीवन के हर क्षेत्र में लागू करने पर बल दिया तथा नैनो टेक्नोलॉजी की सूक्ष्मता एवं व्यापकता की विस्तृत चर्चा की |

कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ.अबुल फजल ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव सह सीनेटर डॉ.नरेश कुमार ने किया | सहयोगी बने रहे- डॉ.मोहित घोष, डॉ.रीता, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.प्रियंका कुमारी, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, हीरेंदर कुमार उर्फ पुप्पु, डॉ.आर.सी.पी.मंडल सहित सैकड़ों श्रोतागण |

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मधेपुरा का नाम रौशन करने वाली बेटी है- नृत्यांगना मासूम नव्या

मधेपुरा की इस मासूम बेटी नृत्यांगना मासूम नव्या द्वारा नृत्य को करियर के रूप में चयन करना नव्या के संकल्प एवं अलग सोच को दर्शाता है इसके लिए उस मासूम बेटी को समाज के साथ-साथ परिवार के कुछ लोगों के विरोध का भी सामना शुरुआती दिनों में करना पड़ा था।

बता दें कि 16 वर्षीय मासूम नव्या ने अपने मजबूत इरादों के चलते सामाजिक विरोध से कभी समझौता नहीं किया। अपनी बेजोड़ प्रतिभा की बदौलत मधेपुरा की इस बेटी ने राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बना ली है और मुंबई…… पटना….. दिल्ली जैसे महानगरों में फिल्मी सितारों के साथ मंच साझा करती रही है तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी होती रही है।

यह भी जानिए कि विगत 20 अक्टूबर को सूबे की राजधानी पटना में महाविजयादशमी के अवसर पर मशहूर कलाकारों के साथ मंच साझा करते हुए दर्शकों द्वारा जमकर सराही गई और भरपूर तालियां बटोरती रही मासूम नव्या। छोटे बड़े शहरों के मंचों से महानगर तक की सफर तय कर चुकी मासूम ने मधेपुरा अबतक को बताया कि माता किरण एवं पिताश्री मुकुंद सहित परिवार के सहयोग से ही आज उसका सपना साकार होने के कगार पर है।

जहां मासूम नव्या की हर उड़ान उसके चाहने वालों की है शान वहीं उसे हाल फिलहाल तमाम रियलिटी शोज को लांगते हुए नृत्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर तक बनानी है अपनी पहचान। नव्या नृत्य को ही अंततः अपना करियर बनाना चाहती है, इसलिए पढ़ाई से अधिक इसी क्षेत्र में वह कड़ी मेहनत कर रही है। भला क्यों नहीं घर में मां किरण के द्वारा चलाए जा रहे संगीत प्रशिक्षण केंद्र के कारण मासूम को बचपन से ही एक सुंदर माहौल मिलता रहा है।

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मधेपुरा जिले के भटगामा में प्रथम राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता

जगमग नगरों से दूर चौसा प्रखंड के भटगामा गाँव में मुखिया सुशील कुमार यादव (आलमनगर के प्रथम विधायक तनुक लाल यादव के सुपुत्र) एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार के सहयोग से दो दिवसीय अंतर जिला महिला कबड्डी प्रतियोगिता का शानदार आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया |

दशहरे के इस अवसर पर राज्यसभा के माननीय सांसद प्रो.मनोज कुमार झा एवं भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद बुलो मंडल द्वारा महिला खिलाड़ियों को उत्साहित एवं प्रोत्साहित किया गया | अपने संबोधन में प्रो.झा ने जहाँ यह कहा कि मेरे लिए प्रसन्नता की बात है- कोसी के सुदूर ग्रामीण इलाके में सिंथेटिक मैट पर महिला कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित कर ग्रामीण महिला खिलाड़ियों को आज प्रोत्साहित किया जा रहा है वहीं एमपी बुलो मंडल ने कहा कि पुराने जमाने में मिट्टी पर खेले जाने वाले कबड्डी को आज मैट पर दुधिया रोशनी आयोजित कर ग्रामीण बेटियों को उत्साहित किया जा रहा है | दोनों सांसदों ने मुक्त कंठ से अध्यक्षता कर रहे सुशील यादव एवं कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की सराहना की और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया |

बता दें कि ‘सवेरा ट्रॉफी’ के फाइनल में मधेपुरा की टीम ने खेल का बेहतर प्रदर्शन करते हुए विजेता कप पर कब्जा जमाया वहीं पूर्णिया की टीम उपविजेता रही | दोनों टीमों को विजेता एवं उप विजेता ट्रॉफी दिए जाने के बाद अध्यक्षीय संबोधन में मुखिया सुशील यादव ने कहा कि खेल से भाईचारे में वृद्धि होती है, सामाजिक समरसता कायम रहती है और समाज का विकास होता है | उन्होंने संकल्प के साथ यह घोषणा की कि आने वाले वर्षों में सवेरा ट्रॉफी की ओर से और बेहतर महिला कुश्ती एवं महिला कबड्डी का आयोजन किया जाएगा |

यह भी जानिए कि ‘सवेरा’ के अध्यक्ष विनोद आशीष ने घोषणा की कि विजेता टीम को 10,000/- नगद देकर एवं उपविजेता टीम को 7000/- नगद राशि से सम्मानित किया गया है तथा आगे और बेहतर करने की कोशिश की जाएगी | महिला खिलाड़ियों को भरपूर सम्मान दिया जाएगा |

कार्यक्रम में गणमान्यों की उपस्थित अंत तक देखी गई जिसमें प्रमुख रहे- डॉ.त्रिलोकी नाथ यादव, जनाब मो.खालिद, वीरेन्द्र झा, प्रफुल्ल चंद्र यादव, राम यादव, ब्रज भूषण कुमार, योगेश कुमार बंटी, कृत्यानंद यादव, विद्यानंद जयसवाल, विनय कुमार दीवाना, अशोक झा, सौरभ कुमार चौधरी आदि खेल के दरमियान निर्णायकों की भूमिका में देखे गये- अरुण कुमार, गौतम कुमार प्रीतम, मनीष कुमार, प्रवीण कुमार, रितेश रंजन, दीपक कुमार, राहुल कुमार, नीरज कुमार, सद्दाम हुसैन, अविनाश कुमार, मुकुल कुमार आदि |

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कोसी और मिथिलांचल के बीच 84 वर्षों से टूटा रेल संपर्क फिर से होगा चालू- सांसद पप्पू यादव

सहरसा जंक्शन से सरायगढ़ तथा सरायगढ़ से निर्मली-सकरी होते हुए मिथिलांचल को जोड़ने वाले रेल खंड के बचे कार्यों को अब युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। जानिए कि 84 वर्षों से कोसी एवं मिथिलांचल के बीच रेल संपर्क टूटा रहा…..।

बता दें कि कोसी-मिथिलांचल व सीमांचल की रेल समस्याओं पर सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और महाप्रबंधक एल.सी.त्रिवेदी के साथ डीआरएम आर.के.जैन की देर तक वार्ता हुई। सहरसा जंक्शन सहित दौरम मधेपुरा स्टेशन के विकास के बाबत पूर्व के प्रस्ताव की स्वीकृति की जानकारी खुद सांसद पप्पू यादव ने मधेपुरा अबतक को दी। इससे पूर्व सांसद को रेल महाप्रबंधक एल.सी.त्रिवेदी द्वारा अंगवस्त्रम तथा पौधा लगा हुआ गमला भेंट कर सम्मानित किया गया।

यह भी जान लें कि सहरसा से गढ़बरुआरी तक 16कि.मी. रेल लाइन का अमान परिवर्तन कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे आगे सुपौल-सरायगढ़-सकरी से भी आगे तक के बचे कार्यों में तेजी लाई जा रही है। वर्ष 2019 के जून महीने से पहले सहरसा-सरायगढ़-निर्मली रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

यह भी बता दें कि सामरिक दृष्टि से बिहार में रक्सौल के बाद सहरसा रेलवे स्टेशन को महत्वपूर्ण माना गया है। अतः सहरसा रेलवे स्टेशन को कारु खिरहरि हाल्ट से पंचवटी के रास्ते रेल द्वारा अपनी जमीन पर नया ट्रैक बिछाया जाएगा ताकि पूरब (यानि मधेपुरा) की दिशा से आने वाली ट्रेनों को सहरसा पहुंचने पर इंजन को बदलने की समस्या ही समाप्त हो जाय क्योंकि पहले भी इसी रास्ते से ट्रेन मधेपुरा की ओर जाती और आती थी।

महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी के साथ हुई बैठक के बाद सांसद पप्पू यादव ने मधेपुरा अबतक को पुनः बताया कि बनमनखी-बिहारीगंज रेलखंड पर ट्रेन की आवाजाही मार्च 2019 से शुरू हो जाएगी और बनमनखी-बराहारा कोठी दिसंबर तक चालू हो जाएगा। अंत में मधेपुरा और सहरसा स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने की चर्चा के क्रम में उन्होंने कहा कि शहर के बंगाली बाजार में पूर्व से प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए अब किसी टेंडर की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब इस ओवर ब्रिज का निर्माण एनएचआई द्वारा ही किया जाएगा।

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कोसी-मिथिलांचल के दो देवी स्थानों को जोड़ेगा भारत का सबसे लंबा पुल

नीतीश सरकार के अनुभवी व ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री एवं मधेपुरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिला मधुबनी के उच्चैठ दुर्गा स्थान से सहरसा जिला के महिषी तारा स्थान (भाया उमगाँव-परसरमा) तक दोनों देवी-स्थानों को शीघ्र ही NH-527A जोड़ेगा जिसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंत्री श्री यादव ने बताया कि भू-अर्जन विभाग द्वारा 3A का प्रस्ताव भेज दिया गया है। सड़क के लिए जिले में लगभग 55 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।

प्रभारी मंत्री ने मधेपुरा अबतक से पुनः कहा कि उच्चैठ दुर्गा स्थान से महिषी तारा स्थान तक NH-527A पर सूबे बिहार का ही नहीं, बल्कि देश का सबसे लंबा पुल (10.2 कि.मी.) बनेगा जिसमें 204 पाये (Pillar) होंगे।उन्होंने बताया कि गाइड बांध व कटाव निरोधी कार्य सहित लगभग 1300करोड़ रुपए से तैयार होने वाले इस पुल में 50 मीटर लंबे 50 स्पैनौं का व्यवहार किया जायेगा। इस पुल की चौड़ाई 16 मीटर होगी तथा दोनों ओर डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ भी होगा।

ऊर्जा मंत्री श्री यादव ने कहा कि इस पुल के बन जाने से कोसी और मिथिलांचल की दूरी बहुत घट जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ मिथिला पेंटिंग के प्रचार-प्रसार की गति तेज होगी तथा कोसी के भूले-भटके इलाकों को भी NH का सुख प्राप्त होगा। यह पुल कोसी के विकास को नया आयाम देगा।

अंत में मंत्री विजेंद्र ने उपस्थित प्रबुद्ध जनों से यही कहकर विदा लिया कि दशहरे के मौके पर कोसी प्रमंडल को मिला एक सर्वोत्कृष्ट तोहफा और इसके साथ ही पुल निर्माण की प्रक्रिया को तीव्र गति से शुरू करने हेतु डीएम को मिला विभागीय पत्र।

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देवीमय हो गया मधेपुरा, कोसी और बिहार

दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा द्वारा बुराई के प्रतीक राक्षस ‘महिषासुर’ पर विजय प्राप्त करने के बाद से ही मनाया जाता रहा है | प्रायः सभी संप्रदायों के पर्व-त्यौहार बुराई पर भलाई की विजय के रूप में देखा और मनाया जाता है | यह पर्व बिहार, झारखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से उत्सवी माहौल के साथ मनाया जाता है | संपूर्ण वर्ष के सबसे बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है- दुर्गा पूजा |

बता दें कि यह पर्व यू.पी., दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश, कश्मीर, कर्नाटक और केरल में तो मनाया ही जाता  है, इसके अलावा नेपाल और बांग्लादेश में बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा है | आजकल तो प्रवासी भारतीयों द्वारा दुर्गा पूजा अमेरिका से लेकर जर्मनी……. और फ्रांस से लेकर कुवैत तक में भी मनायी जाने लगी है |

नवरात्रा के अवसर पर मधेपुरा जिला मुख्यालय दुर्गा माता के जयकारे से गूंजने लगा है | दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है | या देवी सर्वभूतेषु……. आदि मंत्रों से पूजा के पंडाल तो गूंजते ही हैं साथ ही श्रद्धालुओं के घरों में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ अहर्निश गुंजायमान होता रहता है | शारदीय नवरात्र को लेकर संपूर्ण वातावरण ही भक्तिमय बना रहता है |

आप जिले में जहाँ भी जाँय- शहर से लेकर गांव तक मां दुर्गा एवं देवी-देवताओं की प्रतिमाओं व पंडालों का आकर्षक स्वरूप देखेंगे…….. वह शक्ति स्वरूपा करती है सबकी मुरादें पूरी तथा अटूट आस्था-विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं पर बरसती है माता की कृपा कस्तूरी |

अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी मैया जागरण तेजी से कदम बढ़ाता जा रहा है | आलमनगर, पुरैनी, नया नगर, किसुनगंज, बिहारीगंज, मुरलीगंज, शंकरपुर, सिंहेश्वर, मधेपुरा आदि जगहों पर श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रा के दौरान धूम-धाम से पूजा-अर्चना की जाती है | एक ओर जहाँ कुमारखंड प्रखंड के खुर्दा गाँव में चंद वर्षों से माननीय सांसद द्वय श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व श्रीमती रंजीत रंजन द्वारा दुर्गा पूजनोत्सव के दौरान ग्रामीण वातावरण को बॉलीवुड के कलाकारों के माध्यम से इंद्रधनुषी सतरंगों से सराबोर कर दिया जाता है वहीं दूसरी और किसुनगंज प्रखंड के चतरा गाँव में इसी वर्ष से लोकसभा व राज्यसभा के सांसद रह चुके प्रो.(डॉ.)आर.के.यादव रवि के पुत्र प्रो.(डॉ.)अमरदीप उत्साह पूर्वक दुर्गा पूजनोत्सव के अवसर पर मैया जागरण का भव्य आयोजन चोटी के कलाकारों द्वारा आरंभ करने जा रहे हैं | मालूम हो कि डॉ.अमरदीप बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के मीडिया सेल के अध्यक्ष हैं |

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शिक्षक रहते हुए ताज़िन्दगी विद्यार्थी बने रहे कलाम- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में भारतरत्न डॉ.कलाम की 88वीं जयंती समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यही कहा कि जिस गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने विश्व में भारत को नई पहचान दिलाई वह भारत देश हमेशा अपने कलाम को सिर आंखों पर रखेगा। उन्होंने कलाम का बखान करते हुए कहा कि कलाम साहब बच्चों को देश का भविष्य मानते थे और हमेशा यही कहा करते कि बच्चे नैतिकवान होंगे तभी देश मजबूत होगा और देशवासियों द्वारा संपूर्ण समर्पण के साथ काम करने पर ही भारत विकसित राष्ट्र बन पायेगा….।डॉ.कलाम अंतिम सांस तक विद्यार्थी बने रहे।

Khel Guru Sant Kumar is being honoured by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri at Dr.APJ Abdul Kalam Park Madhepura for his incredible contribution in Sports.
Khel Guru Sant Kumar is being honoured by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri at Dr.APJ Abdul Kalam Park Madhepura for his incredible contribution in Sports.

कार्यक्रम में नगर परिषद के उपाध्यक्ष अशोक कुमार यदुवंशी, विकास योजना सदस्य सह पार्षद मो.इसरार अहमद एवं लोकप्रिय जनसेवी ध्यानी यादव, डाकपाल राजेश कुमार, पतंजलि के डॉ.एन.के.निराला, एसबीआई के लीड बैंक ऑफिसर संतोष कुमार झा, सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.यशवंत कुमार, अमरेश कुमार, चंचल कुमार, आदित्य, रागिनी, रौनक,शालिनी सहित माताएं-बहनें आदि की उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह डॉ.कलाम देश के लिए समर्पित रहे उसी तरह संत कुमार का जीवन खेल को समर्पित रहा…. तभी तो जहाँ डॉ.मधेपुरी ने संत कुमार को शाॅल-पाग-पुष्पादि से सम्मानित किया वहीं बालक आदित्य भी अपने खेलकूद गुरु के सम्मान में कुछ अर्पण करते देखे गये। इससे पहले सबों ने डॉ.कलाम की तस्वीर पर पुष्पांजलि की तथा उपस्थित बच्चों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन किया।

A Kid Aditya, grandson of Dr.Madhepuri paying honour to his Khel Guru Sant Kumar in presence of Social activist Dhyani Yadav, Vice-Chairman Ashok Kumar Yaduvanshi, Nagar Parshad Md.Israr Ahmad , Dr.N.K.Nirala & others at Dr.APJ Abdul Kalam Park, Madhepura.
A Kid Aditya, grandson of Dr.Madhepuri paying honour to his Khel Guru Sant Kumar in presence of Social activist Dhyani Yadav, Vice-Chairman Ashok Kumar Yaduvanshi, Nagar Parshad Md.Israr Ahmad , Dr.N.K.Nirala & others at Dr.APJ Abdul Kalam Park, Madhepura.

इस अवसर पर सृजन दर्पण के रंग कर्मियों द्वारा बिकास कुमार के निर्देशन में पर्यावरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक “हरियाली बाबा” नाटक का मंचन किया गया जिस के पात्रों सत्यम-निखिल-सुमन, राहुल-सौरव-शिवम, सुशील-ललित-बाबुल व पवन आदि ने खूब तालियां बटोरी। पुनः हरियाली और कलाम के पर्यावरण प्रेम के बाबत बोलते हुए बार-बार भावुक होते रहे डॉ.मधेपुरी। अंत में उन्होंने कहा कि यदि इस वार्ड की पार्षद श्रीमती रेखा देवी एवं पार्षद पति पूर्व पार्षद ध्यानी यादव सहित नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष-योजना सदस्य सहित जिला प्रशासन का सहयोग निवर्तमान डीएम मो.सोहैल की तरह मिलता रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मधेपुरा वासियों के घर बाहर से आये अतिथियों को घर वाले गर्व से यह कह सकेंगे कि आज भर रुक जाइए…. कल कलाम पार्क घुमा दूंगा….. तब चले जाइएगा ।

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जहाँ साहित्य समाज का दर्पण है वहीं पत्रकारिता उसकी धड़कन !

प्रसिद्धि प्राप्त लेखक व उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि मनाने के क्रम में कुमारखंड प्रखंड के भतनी गाँव में भारतीय जन लेखक संघ का प्रथम अंचल सम्मेलन आयोजित किया गया। जन लेखक संघ के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव श्री महेंद्र नारायण पंकज एवं कोलकाता से आये साहित्यकार कुशेश्वर के संचालन में आयोजित परिसंवाद एवं अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान देश और विदेश के कवि साहित्यकार व विद्वानों ने भाग लिया।

Patron of BJLS Dr.Madhepuri & Rastriya Mahasachiv Mahendra Narayan Pankaj jointly giving Certificate & Momento to Kavi-Sahityakar Shri Kusheshwar from West Bengal.
Patron of BJLS Dr.Madhepuri & Rastriya Mahasachiv Mahendra Narayan Pankaj jointly giving Certificate & Momento to Kavi-Sahityakar Shri Kusheshwar from West Bengal.

बता दें कि जगमग नगरों से दूर, बहुत दूर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक व साहित्यकार महेंद्र नारायण पंकज द्वारा अपने गाँव ‘भतनी’ में जहाँ भूटान से अंतरराष्ट्रीय जन लेखक संघ के उपाध्यक्ष श्री हर्ष बहादुर विश्वा, नेपाल से मधु पोखरेल, भवानी पोखरेल, एस.डी.विश्वकर्मा, खगेंद्र राई, पश्चिम बंगाल से डॉ.रंजीत, डॉ.बृजेश कुमार भारती, कवि कुशेश्वर एवं उत्तर प्रदेश से बीएचयू के प्रोफेसर (डॉ.)महेश प्रसाद अहिरवार सरीखे चोटी के कवियों व साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया था वहीं परिसंवाद के दौरान दिए गए विषय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जिले के कवि-साहित्यकार व बुद्धिजीवी के रूप में प्रोफेसर (डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अलका वर्मा, डॉ.जवाहर पासवान, ई.हरिश्चंद्र मंडल आदि को भी बुलाया गया था। मौके पर पूर्व एमएलसी बलराम सिंह यादव ने कहा कि पत्रकारिता व साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं बल्कि बदलाव का साधन भी है।

Samajsevi Sahityakar Prof.(Dr.)B.N.Madhepuri presenting Certificate of Honour & Momento to a famous Sahityakar Shri Chandra Kishor Jaiswal, a Literary giant of Bihar.
Samajsevi Sahityakar Prof.(Dr.)B.N.Madhepuri presenting Certificate of Honour & Momento to a famous Sahityakar Shri Chandra Kishor Jaiswal, a Literary giant of Bihar.

जानिए कि उद्घाटन भाषण में जहाँ बीएचयू से आए प्राचीन इतिहास के प्रो.महेश अहिरवार ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने जिस संविधान की रचना की और आरक्षण को सविस्तार समझाया उसी पर वर्तमान समय में आरक्षण विषय को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है। वहीं ख्याति प्राप्त साहित्यकार व मुख्य अतिथि चंद्र किशोर जायसवाल सहित डॉ.मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, डॉ.इंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं विदेश व दूसरे प्रांतों से आए प्रो.पंकज साहा, डॉ.रंजीत साहा, डॉ.ओम प्रकाश मौर्य सभी साहित्य कर्मियों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य लेखन को देश के गरीब-मजदूर परिवार की दशा बताने वाला बताया।

अंत में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का संचालन कवि कुशेश्वर द्वारा की गई। समयाभाव के कारण कवियों को एक कविता सुनाकर ही संतोष करना पड़ा। शुभारंभ हरि नारायण यादव एवं सोनी-मनीषा के स्वागत गान एवं स्वागत भाषण से हुआ। सचिव गजेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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अलविदा, वीर आशीष !

आज जबकि दुनिया स्वयं तक सिमटती जा रही है, ऐसे में देश और समाज की खातिर प्राण न्योछावर कर देना वाला कोई शख्स सामने आता है और यह विश्वास दिला जाता है कि दुनिया अभी भी इतनी ‘संकीर्ण’ नहीं हुई है कि इंसानियत को घुटन होने लगे। ऐसे ही थे खगड़िया में तैनात और सहरसा में जन्मे जांबाज दारोगा आशीष कुमार सिंह जो कल देर रात अपराधियों से लोहा लेते शहीद हो गए।

वीर आशीष को नाज था अपनी वर्दी पर… कर्तव्य निभाने का जुनून ऐसा कि अपराधियों के एक कुख्यात गैंग की ख़बर मिलते ही रात के एक बजे ट्रैक्टर से निकल पड़े उनका अंत करने। गोली लगने के बाद भी डटे रहे और एक अपराधी को ढेर करके ही माने। ऐसा नहीं था कि गोली उन्हें पहली बार लगी थी लेकिन इस बार एक के बाद एक चार-चार गोलियां उतर गई थीं उनके भीतर..!

2009 में दारोगा की परीक्षा पास करने के बाद आशीष जहां भी गए उस थाना क्षेत्र में अपनी अलग पहचान कायम की। बेगूसराय में भी दो थाना क्षेत्रों में उन्होंने अपराधियों को नाको चने चबवाया था। वो बेखौफ होकर अपराधियों से लोहा लेते थे। पिछले साल जब वो मुफस्सिल थाना प्रभारी थे तब भी एक मुठभेड़ में उन्हें गोली लगी थी लेकिन वो बच गए। काश इस बार भी..! लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके साथ गए एक सिपाही को भी कमर के नीचे गोली लगी जिसका इलाज भागलपुर अस्पताल में चल रहा है।

आशीष कुमार न केवल जांबाज सिपाही थे बल्कि एक बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे जो समाज के गरीब गुरबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे आए। उनकी मां कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं। आशीष खुद उन्हें लेकर इलाज के लिए दिल्ली आया-जाया करते थे। पिता गोपाल सिंह के तीन बेटों में सबसे छोटे आशीष अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को, जिनमें एक बेटा है और एक बेटी, छोड गए हैं। आज सरोजा गांव में मातम पसरा हुआ है। ऐसा कोई शख्स नहीं जिसकी आँखें नम ना हों।

आशीष, मेरे भाई, मुझे गर्व है कि मैं भी कोसी की उसी मिट्टी से उपजा हूँ, जिससे तुम उपजे थे..!! ये वक्त नहीं था तुम्हारे जाने का लेकिन जब ‘महाप्रयाण’ पर तुम चले ही गए हो, मैं रोऊँगा नहीं तुम्हारे लिए, बल्कि बोऊँगा तुम्हारे व्यक्तित्व का अंश अपनी सोच, अपनी जुबान और अपनी कलम से, जितना संभव हो सके और जितनी सामर्थ्य रही, जीवन भर..!!!

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

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मधेपुरा में राज मैनेजमेंट द्वारा आयोजित हुई स्पेलिंग बी प्रतियोगिता

टी.पी.कॉलेज के सभा भवन में 10 अक्टूबर (बुधवार) को प्रधानाचार्य डॉ.के.पी.यादव की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सोनी राज एवं सावंत कुमार की टीम द्वारा राज मैनेजमेंट के बैनर तले आयोजित स्पेलिंग बी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का उद्घाटन बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय सहित प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पीआरओ एवं प्राचार्य आदि ने दीप प्रज्वलित कर की। अपने संबोधन में कुलपति डॉ.राय ने विस्तार से बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हुए यही कहा-  बच्चे शिक्षा रूपी बगीचे के पुष्प हैं….. जिनमें होती है मंजिल पाने की उत्कृष्ट अभिलाषा……. कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे आएं……।

Dr.Madhepuri giving prize to the winners of Spelling Bee Championship at T.p.college Sabhabhawan, Madhepura.
Samajsevi & Former University Professor of Physics Dr.Madhepuri giving prize to the winners of Spelling Bee Championship at T.P.College Sabhabhawan, Madhepura.

यह भी जानिए कि प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली ने शिक्षा व्यवस्था में कमी पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि एक समय था जब गाँव में भी जहाँ-तहाँ चैंबर्स डिक्शनरी मिल जाया करती थी, अब तो शहरों में भी नहीं मिलती बल्कि आजकल बच्चे मोबाइल में ही स्पेलिंग देख लिया करते हैं। प्रतिकुलपति द्वारा बच्चों से पूछे गए दो शब्दों के स्पेलिंग बताने पर उन्हें सौ-सौ रुपए देकर प्रोत्साहित किया गया।

यह भी जानिए की स्पेलिंग बी चैंपियन प्रतियोगिता के संरक्षक एवं मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से क्या कहा-

भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम जब राष्ट्रपति के पद एवं गोपनीयता की शपथ ले रहे थे तो अपने शपथ ग्रहण समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों के 100 विद्यालयों से सैकड़ों बच्चे-बच्चियों को बुलाया था क्योंकि…. वे यही मानते थे कि बच्चे देश के भविष्य हैं….. बच्चे मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा…. देश आगे बढ़ेगा ।

संबोधन के अंत में साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने हिन्दी में आयोजित होने वाले स्पेलिंग बी की सराहना करते हुए बच्चों से यही कहा कि माता-पिता तुम्हें पढ़ाने के लिए रुपए तो खर्च करते हैं लेकिन तुम्हारे ड्रेस के साथ साथ कलम-कॉपी, पेंसिल-स्याही आदि अन्य चीजें भी तो फैक्ट्री के मजदूर ही बनाते हैं……। इसलिए तुम्हारे ऊपर सिर्फ माता-पिता का ही नहीं बल्कि उन मजदूरों का भी ऋण है जिसे पढ़ने-लिखने के बाद कुछ सामाजिक कार्य करके तुम्हें भी चुकाना होगा…….. जैसे उन्होंने (डॉ.मधेपुरी ने) समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम बीएनएमभी कॉलेज बनाया तथा कॉलेज चौक पर उनकी प्रतिमा के अनावरण में लालू-शरद-नीतीश को बुलाकर उन्हीं के नाम उसी दिन (4-2-1991) विश्वविद्यालय की घोषणा भी कराई।

VC Dr.A.K.Ray, Dr.Madhepuri, Pro.VC Dr.Ali and Principal K.P.Yadav presenting jointly an impressive Momento to Director Niku-Miku from Bright Angles for his appreciating support to the 5th Spelling Bee Championship 2018.
VC Dr.A.K.Ray, Dr.Madhepuri, Pro.VC Dr.Ali and Principal K.P.Yadav presenting jointly an impressive Momento to Director Niku-Miku from Bright Angles for his appreciating support to the 5th Spelling Bee Championship 2018.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव ने बच्चों से यही कहा कि तुम्हारी लगन और मेहनत ही तुम्हें एक दिन मंजिल तक पहुंचायेगी। मौके पर दर्जनों स्कूल के 138 प्रतिभागियों को सम्मान के साथ प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो मंचासीन अतिथियों द्वारा दिया गया- जिसमें सीनियर वर्ग के अभिनव-अंजलि-नैना, प्रेरणा-कोमल-आनंद एवं जूनियर क्लास के काव्या-सिमरन-शरजिल-युसूफ आदि उल्लेखनीय हैं।

इस अवसर पर PRO डॉ.सुधांशु शेखर, DR डॉ.कपिलदेव प्रसाद, मुरलीगंज से मानव सिंह, सिंहेश्वर के ग्रीन फील्ड स्कूल से रूपेश कुमार, ब्राइट एंजेल्स के निकू- मिकू, समिधा से संदीप शांडिल्य, कुंदन कुमार, श्याम कुमार, रौशन, आयुष सहित सोनी-सावंत की पूरी टीम अंत तक सहयोगी भूमिका निभाने में लगी रही। मंच संचालन सी.एम.साइंस कॉलेज के प्रो.संजय कुमार परमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सावंत कुमार ने।

 

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