पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

मधेपुरा जिला अधिवक्ता संघ का 7वाँ द्विवार्षिक चुनाव संपन्न

मधेपुरा बार एसोसिएशन का सातवां द्विवार्षिक चुनाव सोमवार को भारी गहमागहमी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया | कुल 21 पदों के लिए हो रहे चुनाव में कुल 37 प्रत्याशी मैदान में थे जिसमें दो प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए यानी चुनाव में तब 19 पद के विरुद्ध कुल 35 प्रत्याशी ही मैदान में रहे |

बता दें कि कुल मतदाता 493 को 19 पदों के विरुद्ध खड़े 35 प्रत्याशियों में से चुनने हेतु 5 मतदान केंद्र बनाये गए थे जिसमें प्रत्येक बूथ पर 100 मतदाताओं द्वारा मतदान करने की व्यवस्था की गई थी | कुल 480 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया यानी कुल 97.36% मतदाताओं ने वोट डाले | ये सारे जागरूक मतदाता सवेरे से मतदान को लेकर उत्सुक दिखे |

यह भी बता दें कि सुबह से ही सारे अधिवक्ता मतदाता संघ भवन में बनाये गये मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे और वोट डालने की होड़ सी लगी रही | यह भी कि जूनियर अधिवक्ता द्वारा अपने सिनियरों को मतदान करने या कराने में वरीयता का ध्यान हमेशा रखा जाता था | यूँ तो 12:00 बजे तक मतदान संपन्न होने के बावजूद अपराह्ण 3:00 बजे से मतों की गिनती शुरु हुई और देर शाम तक गिनती होती रही |

अधिवक्ता संघ के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह वरीय अधिवक्ता अजय कुमार सहाय वर्मा ने मधेपुरा अबतक को बताया कि मतदान बिना किसी शिकायत के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुआ | पर्यवेक्षक राजकिशोर यादव, सोहन झा एवं विनोद कुमार सिंह की निगरानी में अध्यक्ष सचिव एवं कोषाध्यक्ष सहित 19 पदों के लिए खड़े 35 प्रत्याशियों को डाले गये मतों की गणना भी की गई | सारे कार्यों को संघ के मॉडल रूल के तहत किया गया…… चाहे वोटर लिस्ट प्रकाशन…… नाम सुधार…… पर्चा दाखिल करना या नाम वापस लेना अथवा पीठासीन/पर्यवेक्षक/गणक की नियुक्ति ही क्यों ना हो |

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार भी चुनाव मैदान में अध्यक्ष पद के लिए खड़ी आर्या दास द्वारा नाम वापस लेने पर एक ही महिला उम्मीदवार सीमा कुमारी मैदान में बच गई | हालांकि अध्यक्ष चयनित हुए पुलकित यादव, प्रधान सचिव संजीव कुमार और कोषाध्यक्ष सदानंद यादव |

तीन उपाध्यक्ष चुने गये- गजेंद्र प्रसाद यादव, अशोक कुमार झा एवं शशि भूषण | संयुक्त सचिव के पद पर जिन तीन का चयन हुआ वे हैं – जय नारायण यादव, विजय कुमार और संतोष मानव | सहायक सचिव के रूप में तीन आये- रविंद्र कुमार मंडल, सीमा कुमारी एवं नवीन कुमार |

अंकेक्षक के 2 पदों पर अभिनंदन यादव और धरणीधर सिंह दोनों को निर्विरोध चुन लिया गया था और शेष कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा निर्वाचित पदाधिकारी द्वारा कर दी गयी |

सम्बंधित खबरें


अब बाबा विशु के समाधि स्थल पर लगने लगा है चार दिवसीय राजकीय मेला

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दक्षिण लौआलगान पूर्वी पंचायत के पचरासी में लोकदेव बाबा विशु राउत का समाधि स्थल है जहां 425 वर्षों से 14-17 अप्रैल यानी चार दिवसीय मेला लगता है। जानिए कि पचरासी बहियार स्थित पशुपालकों के लोकदेव बाबा विशु की समाधि स्थल पर अब नीतीश सरकार ने कई वर्षों से 4 दिवसीय मेला को राजकीय मेला घोषित कर दिया है।

बता दें कि अब इस मेले में बिहार के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, नेपाल, भूटान आदि से भी भारी संख्या में लोग आने लगे हैं। इस मेले में प्रत्येक दिन कम से कम एक लाख पशुपालक कच्चे दूध का दुग्धाभिषेक करते हैं।

यह भी बता दें कि सर्वोच्च मेला समिति, चरवाहा कल्याण संघ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मधेपुरा अबतक को बताया कि रविवार को अहले सुबह 2:00 बजे से ही समाधि स्थल का कपाट खोलकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि की पूजा की गई तत्पश्चात कपाट खुलते ही हजारों भक्तों की लंबी कतार दुग्धाभिषेक करने के लिए आगे खिसकने लगी।

सर्वोच्च मेला समिति के सदस्यों के अनुसार मेला को राजकीय मेला घोषित किये जाने के बाद यहाँ की व्यवस्था दिन प्रतिदिन सुदृढ़ होती जा रही है। दूध को सुरक्षित रखकर खीर बनाकर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल चढ़ाए गये दूध को प्रसाद के रूप में आस-पास के 25-30 गांवों के बड़े और बच्चे ले जाते हैं। फिर भी 20% दूध को बहने से कोई रोक नहीं पाता है। समाधि स्थल पर गिरती दूध की अविरल धारा से बाल्टी व टिन में दूध भर कर ले जाने वालों कि जहां दिनभर भीड़ लगी रहती है वहीं श्रद्धालुओं द्वारा दुग्धाभिषेक के साथ-साथ बताशा और गांजा भी चढ़ावे में जाते हैं। पहले दिन लगभग सवा लाख श्रधालुओं द्वारा ढाई लाख लीटर दूध से अभिषेक किया गया माना जाता है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर जारी किये गये आचार संहिता के चलते बड़े नेताओं व जनप्रतिनिधियों का आगमन नहीं हुआ। पुलिस-प्रशासन एवं स्थानीय वॉलिंटियर्स भीड़ एवं व्यवस्था को संभालने में जुटे हैं।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा का दोनों चुनाव मॉडल रूल के अनुरूप होगा

मधेपुरा में आजकल सवेरे से ही दोनों चुनावों की चर्चा में गर्माहट आने लगती है। एक ओर 15 अप्रैल को होने वाले मधेपुरा अधिवक्ता संघ के चुनाव की सरगर्मी प्रातः 6:00 बजे से ही कोर्ट में परवान चढ़ने लगती है तो दूसरी ओर 23 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की प्रचार गाड़ियों से ध्वनि विस्तारक यंत्र द्वारा प्रस्फुटित गगनभेदी आवाज निकलने लगती है।

बता दें कि मधेपुरा लोकसभा चुनाव एवं मधेपुरा जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। जहाँ जिला अधिवक्ता संघ के 21 पदों पर चुनाव होना है जिसके विरुद्ध कुल 37 अधिवक्ता प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े हैं वहीं मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से एक सांसद पद के लिए चुनाव होना है जिसके निमित्त 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हैं।

यह भी जान लें की अधिवक्ता संघ चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी अधिवक्ता अजय सहाय वर्मा और लोकसभा चुनाव के निर्वाचित पदाधिकारी डीएम नवदीप शुक्ला दोनों के दोनों चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर कृत संकल्पित हैं तथा पूरी तरह कटिबद्ध हैं। कहीं से भी कोई भेदभाव या किसी प्रकार के पक्षपात की कोई संभावना नहीं है।

यह भी बता दें कि मधेपुरा अधिवक्ता संघ के निर्वाची पदाधिकारी अजय सहाय वर्मा द्वारा संघ के 493 अधिवक्ता मतदाताओं सहित 14 पीठासीन सह गणक घोषित पदाधिकारियों को जानकारी दी गई कि 15 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से 12:00 बजे दिन तक अधिवक्ता संघ परिसर में बनाये गये 3 मतदान केंद्रों पर मतदान किये जाने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी और विजयी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जायेगी।

चलते-चलते यह भी कि इस अधिवक्ता संघ चुनाव में सहायक निर्वाचक पदाधिकारी की भूमिका में लाल बहादुर सिंह एवं मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका में राजेन्द्र कुमार ने सभी 14 पीठासीन सह गणक पदाधिकारियों को चुनाव व मतगणना से संबंधित नियमों व शर्तों की विशेष जानकारियाँ दे दी है।

सम्बंधित खबरें


दिनभर प्रथम चरण की 4 सीटों पर मतदान, शाम में चैती छठ का अर्घ्यदान

जहाँ एक ओर लोकसभा चुनाव- 2019 के महासंग्राम के सात चरणों में होने वाले मतदान के प्रथम चरण का मतदान 11 अप्रैल (गुरुवार) को दिनभर बिहार की 4 सीटों- गया, नवादा, औरंगाबाद और जमुई में मिलाजुला कर शांतिपूर्वक चलता रहा वहीं लोक आस्था के महापर्व चैती छठ का अनुष्ठान सूबे बिहार में संध्या अर्घ्य के साथ संपन्न होता रहा।

बता दें कि बुद्ध और महावीर की इस पावन धरती पर इन दोनों महापर्वों का उत्साह चरम पर रहा। बिहार की इन 4 सीटों पर 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 2.27 फ़ीसदी अधिक वोट पड़े….. वह भी तब जब दिनभर सूरज की तपिश के कारण थर्मामीटर का पारा 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच नाचता रहा। छठ व्रतियों ने पहले लोकतंत्र के महापर्व में सम्मिलित होकर मतदान किया और बाद में लोक आस्था के छठ महापर्व में समर्पित होकर अस्ताचलगामी सूर्य को शाम में अर्घ्यदान किया।

ध्यातव्य है कि गुरुवार (11 अप्रैल 2019) को बिहार दो महान पर्वों का साक्षी बना-  (1) लोकतंत्र का महापर्व – लोकसभा चुनाव का मतदान और (2) लोक आस्था का महापर्व चैती छठ का अनुष्ठान। जमुई में तो सूर्योदय के साथ ही मतदाता बूथ की ओर जाने लगे…… दिन भर वोट पड़े…… और शाम ढलते ही मतदातागण भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देने घाटों की ओर निकल पड़े। जमुई में कड़ी सुरक्षा के बीच 54% वोट डाले गये। फिर भी जहाँ पिछले चुनाव की अपेक्षा जमुई शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत कम रहा वहीँ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी चुनाव के प्रति मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

जहाँ गया के अधिकांश शहरी बूथों पर सशस्त्र महिला बटालियन की तैनाती देखी गयी, वहीं नवादा संसदीय क्षेत्र के कई बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी के कारण मतदान की शुरुआत विलंब से हुई….. साथ ही यह कि औरंगाबाद के सदर प्रखंड के बेली गांव के मतदाताओं द्वारा वोट के बहिष्कार करने के बावजूद पिछली बार की तुलना में लगभग पौने दो फ़ीसदी कम वोटिंग हुई।

सम्बंधित खबरें


राष्ट्रीय महात्योहर (चुनाव) के दौरान त्योहारों को लेकर भी बैठकें

मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र न.-13 में भयमुक्त, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग से भेजे गये तीन प्रेक्षकों- (1) सामान्य प्रेक्षक पुनीत गोयल (IAS) (2) पुलिस प्रेक्षक एल.भी.ए. देव कुमार (IPS) एवं व्यय प्रेक्षक रतन कुमार माथुर (IRS), ने मंगलवार को प्रत्याशियों के साथ मधेपुरा समाहरणालय सभाकक्ष में बैठक की एवं चुनाव से संबंधित जानकारियाँ उपलब्ध कराई।

बता दें कि बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) व एसपी संजय कुमार (IPS) के अलावे चुनाव में खड़े प्रत्याशीगण या उनके प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। प्रेक्षकों द्वारा प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं सुनी गई तथा समाधान किया गया।

यह भी बता दें कि बैठक में प्रेक्षकों ने कहा कि प्रत्याशी किसी भी समस्या को लेकर प्रेक्षक या जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम से बात कर सकते हैं ताकि निदान जल्द से जल्द किया जा सके। मधेपुरा संसदीय क्षेत्र के आलमनगर विधानसभा में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह, बिहारीगंज में एसडीएम-एसजेड हसन, मधेपुरा में एसडीएम वृंदालाल, सोनवर्षा विधानसभा में राजेंद्र दास, सहरसा में SDO शंभू नाथ झा तथा महिषी में धीरेंद्र कुमार झा को डिस्पैच व प्राप्ति प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है।

जहाँ एक ओर चुनाव का महासमर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करने हेतु प्रेक्षकों व प्रत्याशियों की बैठकें हो रही है वहीं दूसरी ओर रामनवमी को लेकर हरेक थानाध्यक्ष की अध्यक्षता में मंगलवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। जहाँ रामनवमी के जुलुस के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता को स्वीकार की गई। उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर रखने के साथ-साथ संवेदनशील जगहों एवं चौक-चौराहे पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल भी तैनात किये जाने की स्वीकृति दी गई।

चलते-चलते यह भी कि 14 से 17 अप्रैल तक लगने वाले बाबा विशु राउत राजकीय मेला पचरासी की तैयारी हेतु आयोजित बैठक मंगलवार को ही एसडीओ एसजेड हसन की अध्यक्षता में हुई जिसमें शांति बनाये रखने हेतु मेले में किसी भी राजनीतिक पार्टी का बैनर-पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं दी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जायेगी।

सम्बंधित खबरें


यूपीएससी की परीक्षा में कोसी अंचल का मधेपुरा जिला ‘सुपर से भी ऊपर रहा’

यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा 2018 में इस बार कोसी के तीनों जिले मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल के बेटे ने अपने-अपने जिले को गौरवान्वित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बार कोसी की धरती ने प्रदेश ही नहीं देश में भी अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर दी है।

बता दें कि जहाँ सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल (सलखुआ प्रखंड) के माठा गांव निवासी गजेन्द्र यादव व राधा देवी के पुत्र चन्द्र प्रकाश ने ऑल इंडिया में 440वाँ रैंक लाकार अपने जिले का नाम रोशन किया और सुपौल जिले के किसनपुर प्रखंड के अंदौली गाँव निवासी चन्द्र किशोर चौधरी व राम शीला देवी के पुत्र सावन कुमार ने आईएएस की परीक्षा में 89वाँ रैंक प्राप्त कर अपने जिले को गौरव प्रदान किया….. वहीं मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड मुख्यालय निवासी आनंद जैन व सुधा जैन के पुत्र नीतेश कुमार जैन ने UPSC Exam. 2018 में अखिल भारतीय स्तर पर 96वाँ रैंक लाकर मधेपुरा जिले का नाम रोशन किया है।

यह भी बता दें कि इन धरती पुत्रों ने अपनी लगन व मेहनत से कोसी की धरती को तो सर्वाधिक गौरवान्वित किया ही साथ ही अपने-अपने माता-पिता व सगे संबंधियों को भी इतनी खुशियां दे डाली कि सभी पास-पड़ोस वालों में मिठाइयां बाँटने से पहले एक-दूसरे को ही मीठाइयाँ खिलाने लगे। इन कोसी पुत्रों की सफलता से इनके गांव के लोगों में भी सर्वाधिक खुशी का माहौल है। रिजल्ट की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई।

मधेपुरा अबतक द्वारा इन धरती पुत्रों से चलभाष पर संपर्क किये जाने और सफलता के बाबत चर्चा करने पर उन्होंने यही कहा कि यदि इच्छाशक्ति दृढ़ हो तो कोई भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। सबों ने यही कहा कि गुरु एवं माता-पिता के सहयोग व आशीर्वाद तथा अपनों की दुआओं व प्यार की बदौलत हमें यह सफलता प्राप्त हुई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सहरसा जिले के महिषी (आरापट्टी) निवासी सरोज चौधरी के पुत्र सजल ने मारुति कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्य करते हुए आईएएस की तैयारी भी की और प्रथम प्रयास में ही 284 वाँ रैंक प्राप्त कर ली। उनकी सफलता पर जहाँ ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है वहीं बीएनएमयू के कुलपति डॉ.ए.के.राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली और पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के बीच चर्चा होने लगी है कि अब जल्द ही शिक्षा पटरी पर आ जाएगी…..!

सम्बंधित खबरें


इग्नू के 32वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई डिग्री

उच्च शिक्षा की चाहत रखने वालों के लिए वरदान इग्नू के 32वें दीक्षांत समारोह का लाइव प्रसारण दिल्ली स्थित इग्नू के मुख्यालय से किया गया…… जहाँ से भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू द्वारा संपूर्ण देश भर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययनरत एवं उत्तीर्ण शिक्षार्थियों को संबोधित किया गया। समस्त क्षेत्रीय केन्द्रों पर बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया और डिग्रियां प्रदान की गई।

बता दें कि कोसी क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों द्वारा सहरसा में आयोजित समारोह में बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के कुलपति प्रो.अवध किशोर राय ने दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ.राय ने कहा कि उच्च शिक्षा की चाहत रखने वालों के लिए इग्नू वरदान है क्योंकि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अधिकतम उम्र सीमा की कोई पाबंदी नहीं है। उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु इग्नू से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। गृह कार्यों में व्यस्त महिलाओं के लिए इन विषयों….. एमएच, एमकॉम, एमईसी, एमईजी, एमपीए, एमपीएस, बीटीएस……. आदि में शिक्षा प्राप्त करने के लिए ही तो इग्नू की स्थापना की गई है। कुलपति डॉ.राय द्वारा मास्टर डिग्री के 50 शिक्षार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।

यह भी जानिए कि 8 जिले में जेल बंदियों, महिलाओं एवं अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र के लिए इग्नू के 16 अध्ययन केंद्र कार्यरत हैं। इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक डॉ.तकीउद्दीन अहमद व निदेशक डॉ.मिर्जा बेग, इग्नू के सहायक सचिव जयप्रकाश ओझा, प्रो.जवाहर झा, प्राचार्य डॉ.रेणु सिंह, डॉ.के.एस.ओझा, डॉ.राणा जयराम सिंह आदि ने 250 शिक्षार्थियों को डिग्री प्रदान की।

सभी शिक्षाविदों ने अपने संबोधनों में योग्य शिक्षकों की उपस्थिति के बावजूद कॉलेज के रेगुलर क्लासेस में छात्रों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की और यही कहा कि छात्रों की उपस्थिति को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक सामूहिक प्रयास होना अनिवार्य है।

वर्तमान में पूरे भारत में 903 विश्वविद्यालय हैं, 40 हज़ार कॉलेज हैं तथा 30 लाख शिक्षार्थी इग्नू में नामंकिंत है। क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के 8 जिले में 16 अध्ययन केंद्र क्रियाशील है जिसमें लगभग 17 हज़ार शिक्षार्थी नामांकित है।

कार्यक्रम का संचालन सहायक कुलसचिव ओझा जयप्रकाश ने किया और राजकुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

सम्बंधित खबरें


बच्चों का पहला गुरु होती है उसकी माँ

प्रायः बच्चों को सही मार्गदर्शन देने वाली होती है उसकी माँ। सही मार्गदर्शन से ही मिलती है बच्चों को सफलता। बच्चों की प्रतिभा को पंख लगे और उसकी क्षमता को पहचान मिले……. इसके लिए परीक्षा एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता हैै-

ये बातें ऊँचाईयों की ओर कदम बढ़ाते रहने वाले तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित “पुरस्कार सम्मान समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कही।

Chief Guest Dr.Madhepuri is being honoured by Director, Principal and Teachers at Tulsi Public School Madhepura.
Chief Guest Dr.Madhepuri is being honoured by Director, Principal and Teachers at Tulsi Public School Madhepura.

बता दें कि “पुरस्कार सम्मान समारोह” कार्यक्रम के दौरान नर्सरी से ऊपर के सभी वर्गों की वार्षिक परीक्षा में सफल छात्र-छात्राओं में प्रथम-द्वितीय-तृतीय स्थान प्राप्त किये हुए छात्रों को मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी द्वारा मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया तथा उत्साहवर्धन भी किया गया।

कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के स्वागत-सम्मान से शुरू हुआ। तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र, प्राचार्य डॉ.हरिनंदन प्रसाद यादव एवं नारी शक्ति की ओर से शिक्षिका पूजा कुमारी ने मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी को अंगवस्त्रम-बुके आदि देकर सम्मानित किया।

Guardians, Students and Teachers during Prize Distribution Ceremony of Tulsi Public School.
Guardians, Students and Teachers during Prize Distribution Ceremony of Tulsi Public School.

मौके पर अपनी विस्तृत संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। बच्चे तो कच्चे मिट्टी के बर्तन की तरह जिस सांचे में डाले जायेंगे उसी के अनुरूप निखरेंगे। उन्होंने बच्चों की माँ से हाथ उठवाकर यह संकल्प करवाया कि जो बच्चे प्रथम-द्वितीय-तृतीय स्थान प्राप्त नहीं कर पाये हैं उन्हें घर जाकर हतोत्साहित करने के बजाय उत्साहित करते हुए यही कहेंगे कि मेहनत करो…. अगली परीक्षा में तुम जीतोगे……. निश्चय ही जीतोगे। निदेशक श्री सुमित्र ने कहा कि हमारी टीम का प्रत्येक सदस्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहता है।

पुरस्कृत होने वाले में प्रथम स्थान पर रहे एलकेजी से सुषमा, यूकेजी से प्रिंस और वर्ग 1 से लेकर 8 के क्रमशः चीकूराज, सोनू कुमार, दिव्यांशु, सोनी, तनीषा प्रिया, आस्थाप्रिया, शेखर सुमन एवं चेतन आनंद। शिक्षकों में प्राचार्य एचएन यादव, हरेराम, बरुण, विभीषण, मनोज, निर्मल, नंदन…….. शिक्षिका रेणु, रोजी, रिया, पूजा, शिवानी, मनीषा, अंशु…….. अंकित, राजेश, चंदन सहित मंच संचालक नरेश कुमार को भी सम्मानित किया गया।

सम्बंधित खबरें


नेहरू युवा केन्द्र द्वारा सांस्कृतिक विरासत बचाने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक अजय कुमार गुप्ता की टीम द्वारा बीपी मंडल नगर भवन, शहीद चुल्हाय मार्ग मधेपुरा में एक दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस केन्द्र द्वारा ग्रामीण प्रतिभाओं को हमेशा बेहतर मंच मुहैया कराया जाता है ताकि ग्रामीण युवजनों को राष्ट्रीय स्तर तक जाने का मार्ग प्रशस्त होता रहे।

बता दें कि कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, विश्वविद्यालय के पूर्व कुलानुशासक व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.संजय परमार सहित समन्वयक आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

Chief Guest Dr.Madhepuri distributing Certificates & Momentos to the winners.
Chief Guest Dr.Madhepuri distributing Certificates & Momentos to the winners.

अपने संबोधन में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में युवाओं को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना होगा। कोसी क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में प्रतिभा की कमी नहीं है और नेहरू युवा केन्द्र प्रतिभाओं को सर्वोत्कृष्ट मंच देने का काम कर रहा है।

समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति लुप्त होने के कगार पर है और हम पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में आकर वहाँ के गायन-वादन को सुनने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिससे हमारी संस्कृति को खतरा उत्पन्न होता नजर आने लगा है। डॉ.मधेपुरी ने युवा कलाकारों एवं उनके गुरुओं से अनुरोध किया कि वे मेहनत के साथ रियाज कर कराकर अपनी कला को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की कोशिश में लगे रहें। प्रो.रीता कुमारी एवं प्रो.संजय परमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों की सराहना की जानी चाहिए।

कार्यक्रम में तबला, एकल गीत, लोक नृत्य, समूह लोकगीत, शास्त्रीय संगीत, हस्तकला आदि विधाओं की प्रस्तुति दी गई। सभी प्रतिभागियों को प्रथम-द्वितीय-तृतीय पुरस्कारों एवं प्रमाणपत्रों से नवाजा गया। कार्यक्रम में रोशन कुमार, जय कुमार, रोहित कुमार, सत्य नारायण यादव, पूजा कुमारी, आलोक, अमित, अभिषेक, विजय, वीरू आदि का सहयोग रहा। मंच संचालन आशीष कुमार सत्यार्थी ने किया।

सम्बंधित खबरें


अब मधेपुरा रोटरी क्लब मानव सेवा में होगा समर्पित

शिक्षा एवं स्वास्थ्य…. से लेकर विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं में मानवता की सेवा करने हेतु मधेपुरा में रोटरी इंटरनेशनल शाखा का गठन किया गया। रोटरी इंटरनेशनल पूरे विश्व में शांति एवं विश्वबंधुत्व की भावना को लेकर मानव सेवा में सक्रिय है।

बता दें कि बिहार-झारखंड के रोटरी क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रो. (डॉ.)राकेश प्रसाद सहित क्लब से जुड़े प्रांतीय एवं लखीसराय रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार, सचिव संतोष कुमार, डॉ.मुनींद्र झा एवं डॉ.ए.के.मधु आदि सदस्यों की मौजूदगी में जिले के चिकित्सकों-शिक्षकों द्वारा प्रायोजित सम्मेलन में अध्यक्ष के रूप में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.अमित आनंद एवं सचिव के रूप में हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ.पीके मधुकर सर्वसहमति से चुने गये।

आगे रोटरी गवर्नर प्रो.राकेश प्रसाद सहित अन्य अतिथियों ने रोटरी क्लब के कार्यों की विस्तार से चर्चा करते हुए यही कहा कि समाज एवं देश के वंचितों के विकास के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी नवगठित क्लब के सदस्यों को बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी होगी। सबों ने मधेपुरा में रोटरी क्लब की स्थापना को गौरव की बात कही और साथ-साथ यह भी कहा कि अब तक रोटरी क्लब 200 देशों में लगभग 35 हज़ार क्लब स्थापित कर लिया है।

इस अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल एवं भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के सानिध्य में रहकर वे भी उन्हीं के राह पर चलते-चलते एक (चलता-फिरता) रोटरी क्लब बन गये हैं और जिन्हें यहाँ कोई नहीं देखता उन्हें देखने में लगे रहते हैं…. दबे-कुचले लोगों के दर्द में काम आने लगे हैं।

यह भी जान लें कि आरंभ में राष्ट्रगान के बाद रोशन कुमार के निर्देशन में हॉली क्रॉस की बच्चियों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया…… अतिथियों को बुके सहित बाबा सिंहेश्वर नाथ की स्मृति चिन्ह भेंट किया गया और संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ.अमित आनंद ने जहाँ स्वागत भाषण दिया वहीं धन्यवाद ज्ञापन सचिव डॉ.मधुकर ने किया।

कार्यक्रम में मुख्यरूप से समाजसेवी चिकित्सक डॉ.ए.के.मंडल, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डा.बंदना कुमारी, एसबीआई डिप्टी मैनेजर कुंदन कुमार आदि ने सम्बोधित किया। डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.बरुण कुमार, डॉ.दीपक कुमार, डॉ.पी. प्रियदर्शनी, डॉ.अंजनी कुमार, डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ.अरुण कुमार, ई.राजेश कुमार, दिनेश कृष्ण, गजेन्द्र कुमार, विधान कुमार , डॉ.प्राची , डॉ.प्रमोद एवं धीरज कुमार गुड्डू सहित दर्जनों प्रमुख समाजसेवियों ने रोटरी क्लब की सदस्यता ग्रहण की। मंच संचालन ओम प्रकाश ने किया। अंत में अध्यक्ष द्वारा घंटी बजाकर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई।

सम्बंधित खबरें