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मधेपुरा और भारतीय रेल यानि एक और ‘कोसी’ की गाथा

वर्ष 2008 का अगस्त माह। कुसहा बाँध टूटने से बाढ़ की त्रासदी ने ऐसी धूम मचाई कि कोसी अंचल के जल-प्रलय को तत्कालीन केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया गया। चारों ओर सड़कें टूटीं, बड़े-बड़े पुल बह गए एवं रेल की पटरियाँ ध्वस्त हो गईं। हाल तक मधेपुरा से रेल द्वारा यात्रा करना सपना बना रहा, जबकि यहाँ पर दो दिग्गज सांसद हैं – एक शरद यादव और दूसरे राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और जनता बापू के बन्दर जैसे मुख बन्द किए बैठी है।

हाल में एक ट्रेन चलने लगी है – कोसी एक्सप्रेस। मुरलीगंज से मधेपुरा पहुँचती है सुबह के साढ़े तीन बजे। अब इसे सुबह कहा जाय कि रात, कहना मुश्किल है। बहरहाल, इस ट्रेन में ए.सी. का एक ही डब्बा होता है। मधेपुरा के लोग अपने परिवार के साथ उस ट्रेन से यात्रा करने हेतु कन्फर्म टिकट तो ले लेते हैं परन्तु स्टेशन पर गाड़ी उतनी देर (दो मिनट) भी नहीं ठहरती कि यात्री सपरिवार डब्बे में चढ़ सके। एक ही परिवार के कुछ लोग चढ़ जाते हैं और कुछ देखते हुए रह जाते हैं। कारण यह भी कि ट्रेन बड़ी लाईन वाली और प्लेटफॉर्म छोटी लाईन वाला। ट्रेन और प्लेटफॉर्म में अंतर इतना कि चढाई एवरेस्ट पर चढ़ने जैसी और उस पर तुर्रा यह कि रेल कर्मचारी एक-डेढ़ मिनट लगा देते हैं ए.सी. डब्बे के दोनों गेट खोलने में। तब तक ए.सी. के अधिकांश पैसेंजर को छोड़ गाड़ी सहरसा के लिए खुल जाती है। ऐसे में कुछ लोग तो किसी तरह अगल-बगल के नॉन ए.सी. डब्बे में चढ़ जाते हैं पर चढ़ने में असफल साबित हुए लोगों के सामने अब चुनौती होती है ट्रेन को सहरसा जाकर पकड़ने की।

खैर, कुछ लोग निजी मोटर गाड़ी से तो कुछ भाड़े के टैम्पू से सहरसा पहुँचकर उसी कोसी एक्सप्रेस पर सवार होते हैं परन्तु यहाँ पर उन्हे ट्रेन खुलने का इंतजार करना पड़ता है और वो भी दो-चार मिनट नहीं, लगभग घंटे भर और कई बार उससे भी अधिक। जरा सोचिए, उन यात्रियों को इस परिस्थिति में कैसा लगता होगा जो दौड़ते-हाँफते इस ट्रेन को पकड़ने सहरसा पहुँचे होंगे। कई बार तो सहरसा जाकर कोसी एक्सप्रेस पकड़ने की आपाधापी में यात्री अपनी अंतिम यात्रा पर भी चले गए हैं और सांसद-विधायक उनकी मातमपुर्सी करने और आर्थिक सहयोग देने पहुँचे हैं। पर क्या इन प्रतिनिधियों का कर्तव्य केवल इतना ही है..?

बहरहाल, इस ‘कोसी’ की ‘त्रासदी’ यहीं खत्म नहीं होती। आगे राजेन्द्र नगर टर्मिनल पर इस ट्रेन को दो मिनट से अधिक रुकना मंजूर नहीं लेकिन यहाँ से पटना जंक्शन की ढाई कि.मी. की दूरी ये आधे घंटे में तय करेगी..! तीन मिनट की दूरी ये तीस मिनट में क्यों तय करती है इसका जवाब कौन देगा..? यदि राजेन्द्र नगर में यह ट्रेन पाँच मिनट रुक जाती तो ज्यादातर यात्री यहीं उतर जाते और पटना जंक्शन पर यात्रियों और मोटर गाड़ियों का लोड स्वत: घट जाता। आखिर इसे कौन देखेगा..? क्या यात्रियों के लिए सब कुछ ‘प्रभु’ भरोसे ही छोड़ दिया जाएगा या हमारे जनप्रतिनिधि भी कुछ करेंगे..?

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. मधेपुरी से साभार

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मधेपुरा कॉलेज स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया

मधेपुरा कॉलेज परिवार द्वारा 10 अप्रैल को कॉलेज का 27वाँ स्थापना दिवस समारोह उत्सवी माहौल में मनाया गया | आरम्भ में तीन दिवसीय वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपने इल्म व अभ्यास के प्रदर्शन से दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि वि.वि. क्रीड़ा पदाधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार ने प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार-डॉ.पूनम यादव सहित कार्यक्रम संचालक गौतम कुमार व अन्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की |

स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन मंडल वि.वि. के प्रति कुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, प्राचार्य डॉ.माधवेन्द्र झा, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, कुलानुशासक डॉ.बी.एन.विवेका, डॉ.पूनम व अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया | कॉलेज परिवार द्वारा ‘अतिथि देवो भव:’ को चरितार्थ किया गया |

इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.झा ने छात्रों एवं शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश देते हुए कहा कि शैक्षणिक माहौल को बनाये रखना हमारी प्राथमिकता है | इसके लिए सबों को मिलकर काम करना होगा | प्रभारी कुलसचिव डॉ.शैलेन्द्र कुमार, कुलानुशासक डॉ.बी.एन.विवेका, पूर्व कुलानुशासक डॉ.शिवनारायण यादव, यू.वी.के.कॉलेज के प्राचार्य डॉ.माधवेन्द्र झा ने कॉलेज स्थापना से अबतक के विकास की गाथा सुना-सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया |

दिनभर के उत्सवी माहौल के अन्त में अविस्मरणीय साँस्कृतिक कार्यक्रमों में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बेहतरीन प्रदर्शन को चार चाँद लगाने वाले ख्याति प्राप्त गजल गायक संजीव, आगा खां सहित मनोज झा की पूरी टीम दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट में खो गयी… विलीन हो गई….. गुम हो गयी | थोड़ी देर के लिए सबकुछ ठहर सा गया…….लोगों की भूख भी मिट गई…….|

Lokarpan of College Magazine 'Rachnashree' by Guests- From LtoR- Dr.Poonam Yadav, Dr.Madhepuri, Dr.B.N.Viveka, PVC Dr.J.P.N.Jha, Dr.S.N.Yadav, Dr.Shailendra Kumar, Pr.Madhavendra, Dr.Ashok Kumar & others .
Lokarpan of College Magazine ‘Rachnashree’ by Guests- From LtoR- Dr.Poonam Yadav, Dr.Madhepuri, Dr.B.N.Viveka, PVC Dr.J.P.N.Jha, Dr.S.N.Yadav, Dr.Shailendra Kumar, Pr.Madhavendra, Dr.Ashok Kumar & others .

इस सम्पूर्ण उत्सवी माहौल को ऊँचाई प्रदान करने के लिए कॉलेज द्वारा प्रकाशित वार्षिक पत्रिका- ‘रचनाश्री’ का विमोचन अतिथियों ने एक साथ मिलकर किया | स्थापना दिवस समारोह को जीवन्त करने वालों में डॉ.पूनम यादव, डॉ.भगवान मिश्रा, प्रो.मनोज भटनागर, डॉ.अभय कुमार, प्रो.मुस्ताक, रत्नाकर भारती, आरती झा, स्वाती, रानी सहित डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.विनय कुमार चौधरी, प्रो.श्रीकान्त यादव, प्रो.रवि रंजन, अरविन्द कुमार, विजेंद्र मेहता आदि साधुवाद के पात्र हैं जो अन्त तक सतर्क रहे और मौजूद रहे |

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डॉ.रवि ने किया त्रि-दिवसीय भारतीय संस्कृति के महाकुम्भ का उद्घाटन

25 मई 1943 को आम लोगों के बीच जनवादी विचारों को ले जाने के लिए देश के कुछ कलाकारों, रंगकर्मियों एवं वैज्ञानिकों ने जिस संस्था की स्थापना की उसे नाम दिया विश्व प्रसिद्द वैज्ञानिक डॉ.होमी जहाँगीर भाभा ने- I.P.T.A यानी Indian Peoples’ Theatre Association . ie’ भारतीय जन नाट्य संघ |

मधेपुरा इप्टा द्वारा बी.एन.मंडल स्टेडियम में आयोजित त्रि-दिवसीय भारतीय संस्कृति के महाकुम्भ का उद्घाटन पूर्व सांसद व मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, डी.एम. मो.सोहैल, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव, समाज-सेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं अभिषद सदस्य डॉ.नरेश कुमार आदि ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्तरूप से किया |

अपने उद्घाटन भाषण में डॉ.रवि ने विस्तार से शिक्षा मनीषी कीर्ति नारायण मंडल के त्याग एवं शिक्षा के प्रति ललक का आँखों देखा हाल दर्शकों के समक्ष परोसा जिन्हें इप्टा ने यह मंच उनके जन्मशती पर समर्पित कर दिया है | विधान पार्षद श्री वर्मा ने पूर्ण नशाबंदी के लिए सरकार की सराहना की तथा इप्टाकर्मियों द्वारा नशाबन्दी के फायदों को घर-घर तक ले जाने के लिए उन्हें साधुवाद दिया |

मुख्य अतिथि डी.एम. मो.सोहैल ने कहा की इप्टा अपने रास्ते पर अभी भी चल रहा है और जनवादी विचारों को लोगों तक पहुंचा रहा है | मौके पर डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.नायडू, प्रो.सचिन्द्र और डॉ.आलोक ने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के आयोजकों का स्वागत भी किया |

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कहा कि कीर्ति बाबू को जानने के लिए महात्मा कबीर को जानना होगा और महात्मा गाँधी को भी जानना होगा | इस शिक्षा मनीषी को जानना हो तो गुरु नानक और पं.मदन मोहन मालवीय को जानना होगा | डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विश्वविख्यात परमाणु ऊर्जा के वैज्ञानिक डॉ.भाभा के ज्ञान-विज्ञानं तथा इप्टा के प्रति समर्पण की विस्तार से चर्चा की |

असम के बिहू एवं बंगाल के ‘कृष्णा’ सहित ज्ञान विज्ञान के सचिव मुरलीधर द्वारा मधनिषेध पर आधारित नाट्य ‘सबक’ का मंचन किया गया | अंत में मो. नौशाद एवं प्रो. योगेन्द्र ना. यादव की पुस्तकों का विमोचन किया गया |

अध्यक्षीय भाषण में कार्यकारी आध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि इप्टा के कार्यक्रमों के माध्यम से इसके लाभकारी विचारों को आम जन तक ले जायेंगे | प्रशान्त कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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दृष्टि द विजन ने किया छात्रों को पुरस्कृत

नगरपरिषद के लक्ष्मीपुर मुहल्ला (वार्ड न.-17) स्थित दृष्टि द विजन कोचिंग संस्थान के निदेशक पंकज पोद्दार एवं मीनाक्षी पोद्दार के जीवन का यही उद्देश्य रहा है कि कोचिंग के माध्यम से स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानकपूर्ण शिक्षा प्रदान किया जाए | इस संस्थान के माध्यम से शहर के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के बीच बेहतर प्रदर्शन के आधार पर भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया |

समारोह की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने सम्बोधन में छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के जीवन को परोसते हुए यही कहा कि आप नींद में आने वाला सपने नहीं देखें बल्कि वैसे सपने देखें जो आपको रात में नींद भी नहीं आने दें | डॉ.मधेपुरी ने छात्र-छात्राओं को भयमुक्त रहने एवं आत्मविश्वास से भरपूर होने के फायदों पर विस्तार से प्रकाश डाला | निदेशक मीनाक्षी ने कहा कि 6 वर्षों से यह कोचिंग शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवा प्रदान कर रहा है और दर्जनों आईआईटीयन-मेडिकल व इंजीनियरिंग पैदा कर चुका है |

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्रो.विजेन्द्र नारायण यादव, प्रो.अशोक कुमार पोद्दार, अधिवक्ता अजय कुमार, सुमन जी एवं ललन यादव सहित जागरण के संवाददातापृथ्वीराज यदुवंशी ने विस्तार से छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया |

डॉ.मधेपुरी ने प्रथम आने वाले जिन छात्रों को पुरस्कृत किया वे हैं- रश्मिका रत्न, पीयूष प्रियांशु, जागृति प्रकाश, अंकित कुमार और बिट्टूराज आदि | शेष बेहतर प्रदर्शन वाले छात्र-छात्राओं को निदेशक पंकज पोद्दार एवं मीनाक्षी पोद्दार द्वारा पुरस्कृत किया गया |

सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायक रौशन ने खूब तालियाँ बटोरी एवं मीनाक्षी ने मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया |

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बिहार दिवस मनाया मधेपुरा जिला प्रशासन ने

22 मार्च 1912 के दिन ‘बिहार’ को तत्कालीन ‘बंगाल प्रेसिडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम’ से अलग स्वतंत्र अस्तित्व प्राप्त हुआ जिसे आज 104 वर्ष हो गये | बिहार दिवस के अवसर पर जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल एवं अनुभवी आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार सहित अन्य पदाधिकारीगण इसकी सफलता के लिए तत्पर देखे गये | जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक बिहार दिवस की धूम रही | यहाँ तक कि पंचायत स्तर के सरकारी भवनों को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया |

सुबह में स्कूली बच्चों द्वारा प्रभातफेरी निकाला गया | बिहार गौरव गाथा से सम्बन्धित भाषण प्रतियोगिता, गीत-संगीत प्रतियोगिता तथा क्वीज का भी आयोजन किया गया था | इसके साथ ही साफ़-सफाई, रोशनी एवं खेल-कूद की पूरी व्यवस्था की गयी थी | शाम में बी.एन.मंडल स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय स्कूली बच्चों के साथ-साथ पटना से आये सतीश पप्पू आर्केस्ट्रा टीम ने भाग लिया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश हर ओर नजर रखनेवाले डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार सहित ए.डी.एम. अबरार अहमद कमर, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, समाजसेवी शौकत अली, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, माया विद्या निकेतन की प्राचार्या चन्द्रिका यादव आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर बिहार दिवस का उद्घाटन किया |

डी.एम. मो.सोहैल ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के सप्त संकल्पों को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारीगण व कर्मचारीगण तत्पर रहेंगे |

देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में शहर के हाली क्रास, माया विद्या निकेतन, केशव कन्या, जगजीवन आश्रम स्कूल, स्वर शोभिता, इप्टा कलाकारों सहित अन्य कई स्कूलों के बच्चे-बच्चियों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया | सतीश पप्पू आर्केस्ट्रा टीम तो होली के कुछ गानों पर युवाओं को थिरकने के लिए विवश कर दिया और खूब तालियाँ बटोरी |

कार्यक्रम का आरम्भ श्रीमती रेखा यादव के स्वागतगान से हुआ तथा मंच संचालन किया स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने | दस बजे रात्रि में कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कर दी गई |

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सिंहेश्वर स्थान में अखिल भारतीय त्रि-दिवसीय सर्वधर्म महासम्मेलन सम्पन्न

ऋष्य श्रृंग की पावन धरती सिंहेश्वर स्थान के मवेशी हाट मैदान में त्रिदिवसीय सर्वधर्म महासम्मेलन का शुभारम्भ शुक्रवार के दिन दीप-प्रज्जवलित कर भू.ना.मंडल वि.वि. के प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा, समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.रामचन्द्र मंडल, डॉ.के.एन.ठाकुर, डॉ.बी.एन.विवेका, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.शचीन्द्र एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.अनिल कुमार सहित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी के रामनाथ भाई, जैन धर्म के विवेक मुनि, इस्लाम धर्म के मिर्जा दिलदार हुसैन वेग, सिक्ख धर्म गुरु कुलमोहन सिंह, आनंद मार्ग के प्रवक्ता एवं महर्षि मेंहीं के स्थानीय संस्थापक स्वामी विमलानंद महाराज, ईसाई धर्म के फिलिप्स क्राइस्ट, कबीर पंथ के उमा साहब आदि सभी ने सम्मिलित रूप से किया |

BK Ranju Addressing Sarv Dharma Maha Sammelan at Singheshwar Madhepura.
BK Ranju Addressing Sarv Dharma Maha Sammelan at Singheshwar Madhepura.

इस अवसर पर समाज एवं दूसरों की भलाई करने वाले संत-मुनियों की उपस्थिति सर्वाधिक देखी गयी | वैसे खुदा के बंदे तथा ईश्वर के बच्चों के रूप में मधुर वाणी से लैस प्रमुख आत्माएँ जो सदा मंच पर विराजमान रहीं- जैनधर्म अशोक भंत जी, फादर ऑफ़ सैंट, राम सिंह भाईजी, कोडिनेटर हरीश भाईजी, सुमन बहनजी, भाई जगदीश जी, सृजना दीदी, नीरा दीदी, दीदी मंगलवा, भगवती दीदी सहित मधेपुरा की ब्रह्मा कुमारी रंजू दीदी आदि |

Devoted Audience in Lacks from different Districts & States too.
Devoted Audience in Lacks from different Districts & States too.

समाज में सदभाव बनाने हेतु आयोजित इस त्रि-दिवसीय सर्वधर्म महासम्मेलन का आयोजन सिंहेश्वर मेंही आश्रम के संस्थापक स्वामी विमलानन्द महराज, संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.अनिल कुमार व छात्र नेता राहुल कुमार ने किया | सम्मेलन में नेपाल सहित कोसी प्रमंडल के अररिया, पूर्णिया एवं सहरसा, मधेपुरा, सुपौल सहित अन्य जिले के लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी | इस धर्म सम्मेलन में स्वास्थ शिविर, नि:शुल्क जांच शिविर सहित धार्मिक पुस्तकों का स्टाल भी लगाया गया है |

उद्घाटन भाषण में प्रतिकुलपति डॉ. झा ने कहा कि गीता के दर्शन के सामने विश्व सिर झुकाता है | गीता ज्ञान से भरा विश्व का प्रथम धर्मग्रन्थ माना जाता है | ज्ञान सर्वाधिक पवित्र विद्या है जो हमारे हृदय को विशालता से भर देता है | उन्होंने कहा कि जब सभी धर्मों का मत एक है तो विभेद कैसा ?

अन्य सभी विद्वान वक्ताओं ने अपने उदगार में ज्ञान प्राप्ति से आत्म तत्व के बोध होने की बातें कहीं तथा शांति एवं संतोष को सर्वश्रेष्ठ मानव धन बताते हुए मानव को मानव होने पर बल दिया | राष्ट्रीय मुस्लिम एकता मंच के मिर्जा बेग ने मुस्लिम धर्म सहित किसी भी धर्म में हिंसा (गो-हत्या) को जायज नहीं कहा | उन्होंने पैगम्बर साहब को उद्धृत करते हुए वृक्ष नहीं काटने की बात कही |

Dr.Bhupendra Madhepuri Addressing Sarv Dharma Sammelan and Sneh Milan Samaroh at Singheshwar, Madhepura
Dr.Bhupendra Madhepuri Addressing Sarv Dharma Sammelan and Sneh Milan Samaroh at Singheshwar, Madhepura

उसी कड़ी में डॉ.मधेपुरी ने राम-रावण संवाद को परोसते हुए श्रद्धालुओं से यूँ कहा कि रावण सबकुछ में राम से श्रेष्ठ होने के बावजूद युद्ध में इसलिए हार गया कि राम का भाई राम का साथ दिया और रावण का भाई उससे अलग रहा | डॉ.मधेपुरी ने खुशियों का इजहार करते हुए कहा कि आज जब सभी धर्मों के लोग एक साथ, एक मंच पर हैं तो हम आतंकवादियों-देश द्रोहियों को सबक सिखाने एवं भारत को विश्व गुरु बनाने में सक्षम सिद्ध होंगे | लम्बे तकरीर के अंत में उन्होंने सर्वधर्म सम्मेलन के जयकारा के साथ लाखों लाख श्रद्धालुओं को अपनी चार पंक्तियाँ भेंट की-

धन आदमी की नींद को हरपल हराम करता ,
जो बांटता दिल खोल उसे युग सलाम करता |
मरने के बाद मसीहा बनता वही मधेपुरी,
जो जिंदगी में अपना सबकुछ नीलाम करता ||

उद्घाटन सत्र के अंत में सभी शिक्षकों एवं संतों के साथ ‘धर्मामृत’ स्मारिका का लोकार्पण किया गया और प्रतिकुलपति डॉ.झा ने कहा कि पुस्तक से बड़ा मित्र संसार में कोई नहीं होता | सम्पादक डॉ.अनिल कुमार ने कहा कि स्मारिका को पढ़ने पर ज्ञान के कपाट खुल जायेंगे |

SP Vikas Kumar giving directions to Police persons from Vihar Hotel Singheshwar sitting with Pro. VC Dr. J.P.N. Jha, Sinior Professor Dr. K.N Thakur & Samaaj Sevi Dr. Madhepuri and others.
SP Vikas Kumar giving directions to Police persons from Vihar Hotel Singheshwar sitting with Pro. VC Dr. J.P.N. Jha, Sinior Professor Dr. K.N Thakur & Samaaj Sevi Dr. Madhepuri .

कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, स्वास्थ्य एवं पुलिस शिविर के साथ एस.पी. विकास कुमार को भी क्रियाशील देखा गया | विभिन्न धर्मों के बुक स्टाल पर भीड़ देखी गयी | विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालु भी सम्मेलन में शामिल हुए | सबों को आयोजकों की ओर से डॉ.अनिल ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का लिया गया संकल्प

विश्व महिला दिवस पर जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने बी.एन.मंडल स्टेडियम के मंच पर केवलऔर केवल महिलाओं को ही जाने की अनुमति दी | सवेरे से दोपहर तक तीखी धूप  झेलते रहे दर्शक दीर्घा में डी.एम. मो.सोहैल, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल एवं सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय, वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार |

लम्बी अवधि तक मंच पर महिलाओं के लिए महिलाओं का एवं महिलाओं के द्वारा ही तरह-तरह के कार्यक्रमों का संचालन-निष्पादन होता रहा | जहाँ मंच संचालन डी.पी.ओ. राखी कुमारी एवं जयश्री दास ने संयुक्त रूप से किया वहीं स्कूली बच्चियों ने प्रात: काल में प्रभात फेरी भी निकाली |

कार्यक्रमों में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं कोसी वुमन डिग्निटी फॉरम की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव ने कहा कि महिला सभी क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रही है | सदर अस्पताल की चिकित्सक डॉ.रंजना भगत, पी.जी.अर्थशास्त्र की प्राध्यापक प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, स्वर-शोभिता संगीत महाविद्यालय की प्राचार्या हेमा काश्यप, कुमारखंड जीविका से जुड़ी कुन्ती देवी आदि ने भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति पुरुषों की संवेदनशीलता में कमी पर विस्तार से चर्चा किया और कहा कि बेटी बचाकर ही समाज में संतुलन कायम रखना संभव हो सकता है |

जीविका समूह की बहनों के द्वारा मधनिषेध के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान का श्री गणेश डी.एम. मो.सोहैल, डी.डी,सी, मिथिलेश कुमार एवं समाजसेवी डॉ. मधेपुरी आदि के हस्ताक्षर से किया गया |

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली मधेपुरा, सिंहेश्वर, पुरैनी और आलमनगर की सी.डी.पी.ओ. जयश्री दास, कुमारी निभा, उषा कुमारी, उमा रानी, एल एस ममता रंजन को सम्मानित किया गया | साथ ही महिला अध्यापक प्रमिला कुमारी सहित एलिस कुमारी, प्रियंका कुमारी, चन्दा कुमारी, किरण कुमारी, गौरी कुमारी, कुमारी मनीषा, ज्योति कुमारी एवं हेमा काश्यप को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया |

मौके पर प्रो.रीता कुमारी एवं रेखा यादव गीत गाकर तथा डॉ.शांति यादव बेटी के लिए एक गीत- ता-ता-थैया का पाठ कर दर्शोकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया साथ ही स्वास्थ विभाग, मधनिषेध विभाग एवं जीविका द्वारा लगाये गये स्टाल पर महिलाओं की भारी भीड़ दखी गई |

इस अवसर पर एस.एन.पी.एम. के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार ने निरुपमा-मनीष की शादी में पटाखे नहीं फोड़ने पर बचाये गये पचास हजार की राशि में से पांच निर्धन एवं मेधावी छात्राओं को दस-दस हजार का चेक देकर स्टेडियम में उपस्थित लोगों को शपथ लेने के लिए मजबूर कर दिया-‘शादी हो सादी, न हो धन की बर्बादी…….!! ऐसे कार्यक्रम को फैलाव मिले इसके लिए स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, प्राचार्या डॉ.चन्द्रिका यादव, बी.ई.ओ. यदुवंश यादव एवं हॉली क्रास के सचिव गजेन्द्र कुमार सहित शिक्षक संतोष कुमार आदि ने कमर कस ली है |

 

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तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव के माध्यम से बनेगी सिंहेश्वर की विश्वस्तरीय पहचान

श्री सिंहेश्वर महोत्सव- 2016 का उद्घाटन मंगलवार को सिंहेश्वर के पशुहाट परिसर में जिला पदाधिकारी मो.सोहैल, एस.पी. विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, ए.डी.एम. अबरार अहमद कमर आदि ने दीप प्रज्जवलित कर किया |

बाबा सिंहेश्वरनाथ के जयघोष के साथ अतिथियों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि यह आयोजन बिहार सरकार के पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में होता है जिसमें केबिनेट की बैठक होने के कारण माननीय मंत्री द्वय श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं प्रो.चंद्रशेखर नहीं आ सके हैं जिस कारण माननीय मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद का प्रतिनिधि बनकर उद्घाटन कर रहा हूँ |

डी.एम. मो.सोहैल द्वारा शिव-पार्वती के जयकारा लगाने के बाद श्रोता की धीमी आवाज पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही कहा –

होठ हैं सिले-सिले जुवान बंद-बंद है |
आपकी खामोशियाँ, हमें नहीं पसंद है ||

फिर तो इसके बाद से निरन्तर खूब तालियाँ बजी | स्थानीय कलाकार डॉ.बच्चन, डॉ.रविरंजन, रेखा यादव, रौशन कुमार, हेमा-शशि प्रभा, राजन बालन एवं नवांकुर बच्चियाँ भी राष्ट्रीय कलाकार सुनील मिश्रा की टीम से अपनी पहचान बनाने के इल्म हासिल करने में लगे रहे |

अतिथियों का स्वागत डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार ने किया | मंच संचालन स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने किया | प्रमुख रूप से हरि टेकरीवाल, अशोक भगत, डॉ.दिवाकर सिंह, राजीव जोशी, नरेश पासवान, सिंहेश्वर के लोग एवं अन्य स्थानों के भी पुलिस पदाधिकारी आदि अन्त तक रहे | T-Series के सुनील मिश्रा भीड़ की तालियाँ बटोरने के लिए अपनी आवाज का जादू देर रात तक बिखेरते रहे |

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सिंहेश्वर मेला को राजकीय मेला बनाने को संकल्पित दिखे डी.एम. मो.सोहैल

कोसी प्रमंडल के डी.आई.जी. चंद्रिका प्रसाद द्वारा डी.एम. मो.सोहैल, एस.पी. विकास कुमार, समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, मनीष सर्राफ, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, सदर डी.एस.पी, हरि प्रसाद टेकरीबाल आदि की उपस्थिति में पंडा-पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारोप्रांत ‘धन्यवाद’ गेट पर ‘गार्ड ऑफ आनर’ लेने के बाद रीबन काटकर मेला का उद्घाटन किया गया | स्काउट गाइड के बच्चे-बच्चियों के साथ आयुक्त जयकृष्ण यादव की अगुवाई में मेला मंच पर आयोजित समारोह की ओर अग्रसर होते रहे सभी अतिथिगण………|

DIG, DM, Dr. Madhepuri, SP, DDC, SDM inaugurating the Mela of Singheshwar.
DIG, DM, Dr. Madhepuri, SP, DDC, SDM inaugurating the Mela of Singheshwar.

मेला मंच पर दीप प्रज्जवलित करने के बाद अतिथियों का स्वागत करते हुए सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही उद्गार व्यक्त किया- परमात्मा शिव के ‘दिव्य अवतरण’ की रात्रि ही तो है- शिवरात्रि | यह महापर्व भगवान शिव के निराकार से साकार रूप में आने की मंगल सूचना है | शिव के आभामंडल में करोड़ों देवगण समा जाते हैं इसलिए इन्हें देवों के देव ‘महादेव’ कहा जाता है | यही कारण है कि भारतरत्न डॉ.कलाम से लेकर मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल तक शिव-पार्वती की जयकारा करते देखे गये | डॉ.मधेपुरी ने मेले में स्वच्छता एवं सुरक्षा कायम रखने के लिए पब्लिक एवं पुलिस की सजगता पर बल दिया |

Audience attending the inaugural ceremony of Singheshwar Mela.
Audience attending the inaugural ceremony of Singheshwar Mela.

उद्घाटन भाषण में डी.आई.जी. चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि सिंहेश्वर स्थान बिहार का देवघर है | डी.एम. मो.सोहैल ने बाबा का जयकारा लगाने के बाद कहा कि सिंहेश्वर मेला को राजकीय मेला बनाने के लिए तैयारियाँ शुरू कर दी गयी है | डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार एवं एस.डी.एम. संजय कुमार निराला ने कहा कि अगले वर्ष मेला में किसी तरह की कमी नहीं रहेगी |

From L to R - DIG Chandrika Prasad, Dr. Madhepuri, SP Vikas Kumar, DM Md. Sohail, SDM Sanjay Kumar Nirala enjoying coconut water in Mela campus after inauguration of Coconut Stall.
From L to R – DIG Chandrika Prasad, Dr. Madhepuri, SP Vikas Kumar, DM Md. Sohail, SDM Sanjay Kumar Nirala enjoying coconut water in Mela campus after inauguration of Coconut Stall.

इस मेला उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मेला समिति के अध्यक्ष डी.एम. मो.सोहैल ने की | मंच संचालन स्काऊट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन एस.डी.एम. संजय कुमार निराला ने |

लगे हाथ केन्द्र सरकार, बिहार सरकार एवं अनेकानेक एन.जी.ओ. द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी एवं स्टालों- बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिला की देखरेख, आपदा प्रबन्धन, कृषि प्रदर्शनी, नारियल बोर्ड प्रदर्शनी….. आदि का उद्घाटन कहीं डी.आई.जी. तो कहीं डी.एम. या फिर कहीं एस.पी. द्वारा किया जाता रहा |

शाम में शिव-विवाह में सम्मिलित बारातियों का नजारा दर्शनीय रहा | चतुर्दिक हर्षोल्लास के साथ वासन्ती वातावरण अबीर-गुलाल से लाल हो गया |

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डॉ.मधेपुरी ने ‘परिवर्तन की प्यास’ का किया लोकार्पण

परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है | जन्म के बाद बच्चा शनै:-शनै: किशोरावस्था को प्राप्त करता है और फिर युवा होकर वृद्धावस्था को | नहीं चाहने पर भी परिवर्तन होता ही रहता है | सच तो यह है कि संसार का कोई भी मनुष्य बुढा होना नहीं चाहता, लेकिन बिना बुलाये भी बुढ़ापा उसके पास आ ही जाता है | इससे इतर सामाजिक गैरबराबरी को दूर कर हर क्षेत्र में समानता लाने के लिए ‘परिवर्तन की प्यास’ वाले शूरमाओं में कबीर से लेकर कर्पूरी तक निरन्तर डटे रहे, लगे रहे फिर भी असमानताओं, सामाजिक कुरीतियों एवं अन्धविश्वासों को शून्य के करीब ले जाने की यात्रा पूरी नहीं कर सके………..| आज भी समाज को इन बुराईयों से मुक्ति दिलाने के लिए युवा कवि, कथाकार-नाटककार-उपन्यासकार प्रमोद कुमार सूरज के काव्य संग्रह “परिवर्तन की प्यास” की जरूरत है- ये बातें समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्थानीय टी.पी.कॉलेजिएट के परिसर में तब कही जब वे भारतीय जनलेखक संघ के बैनर तले आयोजित “परिवर्तन की प्यास” काव्य-संग्रह के लोकार्पण समारोह का उद्घाटन कर रहे थे |

The Lokarpan Ceremony of Parivartan Ki Pyas written by P.K.Suraj .
The Lokarpan Ceremony of Parivartan Ki Pyas written by P.K.Suraj .

डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि रस-छन्द एवं अलंकार से मुक्त “परिवर्तन की प्यास” की कुल पैंतीस में से अधिकांश कविताओं में सुकवि सूरज ने देश में व्याप्त अन्याय, अनीति और अत्याचार सहित किसानों-मजदूरों की बदहाली को रोकने के लिए कबीर, गाँधी और सुभाष को बारी-बारी से याद किया है | उन्होंने प्रमोद कुमार सूरज के इस सार्थक प्रयास के लिए तथा भविष्य में रचना धर्मिता को गति देते रहने के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी |

समारोह की अध्यक्षता मंडल वि.वि. के पी.जी. हिन्दी के विभागाध्यक्ष डॉ.इन्द्र ना. यादव ने की और विशिष्ठ अतिथि के रूप में डी.एस.कॉलेज कटिहार के डॉ.सुरेन्द्र ना. यादव एवं डॉ.ओम प्रकाश ने विस्तार से काव्यसंग्रह की समीक्षा कर श्रोताओं को देर तक बांधे रखा | भारतीय जन लेखक संघ के महासचिव महेंद्र ना. पंकज ने संघ के कार्यक्रमों से सबों को अवगत कराते हुए ‘परिवर्तन की प्यास’ की जमकर सराहना की |

द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें राजू भैया, उल्लास मुखर्जी, द्विज राज, डॉ.मधेपुरी, संतोष सिन्हा, प्रो.भूपेन्द्र भूप, प्रो.सतीश शर्मा, हरीशचन्द्र मंडल इंजीनियर, प्रो.गजेन्द्र, डॉ.दयानन्द, डॉ.सुरेश कुमार, डॉ.नारायण, सुरेश कुमार शशि, डॉ.नरेन्द्र, प्रो.जय जय राम आदि ने अपनी प्रतिनिधि रचना सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी |

आरम्भ में स्वागत गीत प्रस्तुत किया प्रियांशी भारती ने तथा तबले पर संगत किया ब्रजेश कुमार ने | शशि ने गीत-गजल से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया | धन्यवाद ज्ञापन किया मंच संचालक गजेन्द्र कुमार !

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