नीतीश सरकार सूबे के सभी जिलों में खोलेंगे वृद्धाश्रम

मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना के अंतर्गत सूबे के 38 जिले के मुख्यालयों के साथ-साथ 101 अनुमंडल मुख्यालय में भी वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम) की स्थापना जल्द ही की जाएगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति भी मिल गई है।

बता दें कि सभी ओल्ड एज होम में रहने वाले लाचार-बुजुर्गों को आवासीय सुविधा के साथ-साथ सुबह के नाश्ते से लेकर रात तक का भोजन मिलेगा। उन्हें स्वस्थ रखने के लिए दूध व अंडे भी दिए जाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावे बुजुर्गों को नए कपड़े तो दिए ही जाएंगे, साथ ही मनोरंजन की भी व्यवस्था की जाएगी। बुजुर्गों की देखभाल के लिए मेडिकल ऑफिसरों द्वारा विजिट करने की व्यवस्था की जाएगी।

जानिए कि पहले चरण में 38 जिले में 50-50 बेड के दो यूनिट वृद्धाश्रम खोले जाएंगे। स्पष्ट है कि प्रत्येक जिले में 100-100 लाचार व बेबस बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में मुफ्त आवास, भोजन, कपड़े व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएंगी।

बता दें कि अक्टूबर-नवंबर से सभी 38 जिलों में वृद्धाश्रम का संचालन शुरू किया जा सकता है। इस माह के अंत तक एजेंसी का चयन पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। एजेंसी को संचालन करने की पूरी जिम्मेवारी होगी। एजेंसी को ही किराए का भवन ढूंढना होगा जिसके लिए सरकार द्वारा उन्हें अधिकतम ₹50000 दिए जाएंगे।

मौके पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा नीतीश सरकार की इस नेक कार्य के लिए भरपूर सराहना की गई और हर्ष जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सिंहेश्वर टेंपल ट्रस्ट में सदस्य के रूप में वृद्धाश्रम स्थापना हेतु प्रस्ताव लाया था, परंतु आज सरकार द्वारा ही ओल्ड एज होम इस वर्ष के अंत तक आरंभ कर दिया जाएगा। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी।

सम्बंधित खबरें


ओलंपिक या पैरालंपिक के पदक वीरों को पेंशन व मेडिकल सुविधाएं मिले- डॉ.मधेपुरी

एक सकारात्मक सोच वाली अच्छी और हृदय को छूने वाली सच्ची बातें। ओलंपिक और पैरालंपिक में कोई अंतर नहीं फिर भी सम्मान में क्यों अंतर हो जाता है  ! ओलंपिक खिलाड़ियों के साथ संपूर्ण देश खड़ा रहता है, लेकिन पैरालंपिक खिलाड़ियों को उनके घर वाले हवाई अड्डे पर रिसीव करने जाते हैं। जबकि दोनों के द्वारा गोल्ड जीतने पर पोडियम में भारत का राष्ट्रगान समान रूप से शान के साथ बजता है और तिरंगा भी सबसे ऊपर होता हुआ आकाश को चूमता है। ये क्रियाएं समान रूप से समस्त भारतवासियों को गौरवान्वित भी करता है।

समाजसेवी-शिक्षाविद् प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी की सोच है- ओलंपिक के खिलाड़ी हों या पैरालंपिक के, दोनों अपना सब कुछ न्योछावर कर देश को विश्व के खेल मंच पर ऊंचाई प्रदान करता है। किसी-किसी को तो 50 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रतिदिन ट्रेनिंग सेंटर तक जाना पड़ता है। यदि अंक देने की बात हो तो अधिक अंक पैरालंपिक खिलाड़ियों को ही दिया जाना उचित होगा। ऐसा इसलिए कि पैरालंपिक वाले कोई खिलाड़ी बिना पैर के तो कोई बिना हाथ के ही वो कमाल कर दिखाते हैं जो दो-दो हाथ-पैर वाले भारतीय ओलंपिक खिलाड़ी नहीं कर पाते हैं।

खेलों के इस महाकुंभ में चुनौतियां चेहरा नहीं देखती वो देखती है केवल जोश, जज्बा और जुनून। जब किसी ओलंपिक खिलाड़ी की तपस्या हद को पार कर जाती है तब उसे ओलंपिक पदक जैसी अमूल्य चीज मिल जाती है जो संपूर्ण देश के चेहरे पर मुस्कान ला देती है।

भारतीय ब्रांड्स को चाहिए कि एक बार में दो मेडल (एक स्वर्ण और एक कांस्य) जीतने वाली अवनी लेखरा जैसे पैरालंपिक खिलाड़ियों को भी अप्रोच करें और अवसर देकर उनका मनोबल बढ़ाएं।

जानिए कि टोक्यो- 2020 ओलंपिक में जहां एक बार जन-गण-मन…. बजा वहीं टोक्यो पैरालंपिक में पांच बार और तिरंगा तो 19 बार आकाश में लहराया। कल होकर वही खिलाड़ी जब खेल से रिटायर हो जाता है तो कुछ की आर्थिक स्थिति ऐसी हो जाती है कि वे अपने घर के बच्चों की परवरिश के लिए उसी मेडल को अपनी पहचान छुपा कर बेचने को मजबूर हो जाते हैं।

डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी जैसे संवेदनशील-समाजसेवी ने भारतीय खिलाड़ियों द्वारा खेल के प्रति अकंप्य एकाग्रता बनाए रखने के लिए देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री एवं खेल व युवा मामले के मंत्रीगण से उन खिलाड़ियों के खेल से रिटायर होने पर उन्हें पेंशन एवं मेडिकल सुविधाएं देने की मांग की है। उन्होंने देश को गौरवान्वित करने वाले उन पदक वीरों को विधायकों एवं सांसदों की तरह ही पेंशन, मेडिकल व अन्य सुविधाएं देने हेतु विनम्र अनुरोध भी किया है।

अंत में यह भी जानिए कि डॉ.मधेपुरी ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार और खेल व युवा मामले के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एवं सूबे बिहार के खेल मंत्री डॉ.आलोक रंजन को भी इस आशय का पत्र प्रेषित किया है।

सम्बंधित खबरें


UPSC कोचिंग सेंटर खुल गया है मधेपुरा कॉलेज मोड़ के पास

मधेपुरा अनुमंडल बना 1845 में और अंग्रेजों को 50 वर्ष लग गया एक स्कूल स्थापित करने में। तत्कालीन सीरीज इंस्टिट्यूट जो अभी एसएनपीएम उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में लोगों को शिक्षा प्रदान करता है। शिक्षा सामाजिक बदलाव के साथ-साथ समाज और देश की उन्नति के लिए आवश्यक है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है। मधेली गांव का के दौलत कुमार, सिकियाहा गांव के आदित्य कुमार जैसे अनेक हैं जिन्होंने आईएएस बनकर जिले का गौरव बढ़ाया है। ऐसे यूपीएससी/बीपीएससी कोचिंग सेंटर तो वर्षों पहले ही खुलने चाहिए थे। उक्त बातें समाजसेवी-शिक्षाविद प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने यूपीएससी कोचिंग सेंटर के उद्घाटन करने के बाद छात्रों से अपने संबोधन में कही।

डॉ.मधेपुरी ने छात्रों को छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से यही समझाया कि जिंदगी में जो चाहते हो, उसे पाने की कोशिश पूरे मन से करने पर संभव है कि एक बार के प्रयास में सफलता नहीं मिले, इसका मतलब यह नहीं कि आप प्रयास करना ही छोड़ दें। मेहनत हर हाल में अपना रंग दिखाती है। मेहनत के बूते कोई भी शख्स कुछ भी हासिल कर सकता है, बशर्ते कि किसी भी प्रकार के नकारात्मक सोच को अपने अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाय। दुनिया में इंपॉसिबल कुछ नहीं है। जरा सोच कर देखिए Impossible तो खुद कहता है… I m possible.

छात्रा मीतू के बहुपयोगी संबोधन बाद 2015 में यूपीएससी में सफलता पाने वाले एवं डॉ.मधेपुरी के सौजन्य से तत्कालीन डायनेमिक डीएम मोहम्मद सोहैल द्वारा सम्मानित किए जाने वाले आईएएस आदित्य कुमार द्वारा इच्छुक छात्रों को ढेर सारी टिप्सों एवं विभिन्न प्रकार के अनुभवों व जानकारियों से अवगत कराया गया। अंत में आदित्य कुमार ने इसके संचालक मंडली के सदस्यों अली, पप्पू एवं संजीव आदि की जमकर सराहना की एवं हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

सम्बंधित खबरें


पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका की तीसरी पुण्यतिथि मनी

मधेपुरा व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी, अंग्रेजी एवं रामचरितमानस के ज्ञाता योगेंद्र प्रसाद प्राणसुखका उर्फ लड्डू बाबू की तीसरी पुण्यतिथि पर हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया और जरूरतमंद लोगों के बीच दवाइयां भी बांटी गई। लायंस क्लब की ओर से डॉ.डीके सिंह, डॉ.एसएन यादव, डॉ.नीरज निशांत, डॉ.प्रवीण, डॉ.नायडू, डॉ.आरके पप्पू सहित आंख व हड्डी के डॉक्टर भी मौजूद देखे गए। बच्चों के डॉक्टर डॉ.डीपी गुप्ता भी लायंस क्लब की ओर से नि:शुल्क सलाह देने हेतु मौजूद थे।

मौके पर लायंस क्लब के पूर्व सचिव डॉ.आरके पप्पू से शहर के समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी जो योगेंद्र प्राणसुखका के अच्छे मित्र रहे हैं, ने अपना ब्लड प्रेशर जांच कराया। जांचोपरांत डॉ.पप्पू ने सलाह दी कि मेटलर-50 की जगह मेटलर-25 लेना ठीक रहेगा। चर्चा करते हुए डॉ.मधेपुरी ने डॉ.पप्पू से यह भी कहा कि लड्डू बाबू के पुत्र आनंद प्राणसुखका सहित परिजन उनकी उदारता एवं गरीबों के प्रति उनकी हमदर्दी को इस तरह के आयोजन द्वारा जीवित रखने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह सराहनीय है। लड्डू बाबू सदैव समाज को जोड़ने का काम करते थे। जिसके कारण जिले के के आलाधिकारी भी विशेष परिस्थितियों में उनसे मशविरा भी किया करते थे। कार्यक्रम में डॉ.विवेक कुमार, ट्रस्ट के सदस्य मनीष सर्राफ, व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सर्राफ, स्थापना के बड़ा बाबू विजय झा, पशुपति सुल्तानिया, फर्जी कवि डॉ.अरुण कुमार, इंद्रनिल घोष उर्फ बापटुन, कुमार मनीष, शुभम, खुशी, पाखी सहित अन्य मौजूद थे।

 

सम्बंधित खबरें


टोक्यो पैरालंपिक- 2020 के अंतिम दिन भारत ने गोल्ड के साथ रिकॉर्ड 19 मेडल जीते

टोक्यो पैरालंपिक 2020 के महान गेम्स में भारत को अंतिम दिन कृष्णा नागर ने बैडमिंटन में जहां स्वर्ण पदक दिलाया वहीं सुहास यतीराज रजत पदक दिलाया। इसके साथ ही भारत ने रिकॉर्ड 19 मेडल जीतकर पैरालंपिक का सुखद अंत किया। अब तक 53 सालों में भारत ने इससे पहले कुल मिलाकर मात्र 12 मेडल जीते थे।

बता दें कि 1968 में पहली बार भारत ने पैरालंपिक गेम्स में हिस्सा लिया था। अब तक 53 वर्षों में 11 पैरालंपिक गेम्स में कुल 12 मेडल भारत ने जीता। टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में 19 मैडल जीतकर भारत 24वें स्थान पर रहा। इस बार भारत का पैरालंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा।

जानिए कि भारत ने इस बार दो-दो गोल्ड निशानेबाजी एवं बैडमिंटन में जीता। पदक तालिका में भारत ने इस बार लंबी छलांग लगाई। टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रोंज मेडल के साथ कुल 19 पदक भारत के नाम करके विश्व के देशों को पीछे छोड़ 24वें पायदान पर खड़े होकर तिरंगे को गौरवान्वित किया। भारत ने पहली बार पोडियम में 5 बार राष्ट्रगान बजवाया।

मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भारत के लिए खेलने वाले 54 पैरालंपिक खिलाड़ियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार खिलाड़ियों से फोन पर बातें करते हैं, बधाइयां देते हैं और खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने में लगे हैं कि 2024 के पैरालंपिक में भारत 50 से अधिक पदक जीतने वाला देश बनकर रहेगा।

 

सम्बंधित खबरें


शिक्षक सही मायने में है समाज का सृजनहार- डॉ.मधेपुरी

इस वर्ष भी कोरोना की आगत संभावनाओं के मद्देनजर 5 सितंबर (रविवार) को भौतिकी के लोकप्रिय शिक्षक रह चुके प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने ‘वृंदावन’ निवास में स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षक भारतरत्न प्रो.(डॉ.)सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई। डॉ राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति, विश्वविख्यात दार्शनिक एवं शिक्षक रहते हुए भारतरत्न से सम्मानित प्रखर विद्वान थे।

डॉ.मधेपुरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छात्रों एवं शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर संबोधित करते हुए कहा कि डॉ.राधाकृष्णन ने 40 वर्षों से भी ज्यादा समय तक शिक्षक के रूप में देश की सेवा की। उनके जन्मदिन को सभी शिक्षकों के सम्मान में सेलिब्रेट किया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह वह पवित्र दिन है जिस दिन सभी छात्र अपने शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करते हैं और करते हैं विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन भी। आज के दिन समस्त युवजन को चाहिए कि वे अपने शिक्षकों के प्रति श्रद्धा व सम्मान की महान भारतीय परंपरा को मजबूत बनाएं। सारा देश आज डॉ.राधाकृष्णन, डॉ जाकिर हुसैन एवं डॉ कलाम जैसे शिक्षक-राष्ट्रपति को सलाम करता है जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पूर्व ही भारतरत्न सरीखे सम्मान से सम्मानित किए गए थे।

चलते-चलते डॉ.मधेपुरी ने कहा कि आज के दिन देश के समर्पित शिक्षकों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है और राज्य स्तर पर वैसे ही समर्पित व मेहनती शिक्षकों को बिहार के मुख्यमंत्री भी सम्मानित करते हैं। सम्मानित किए जाने पर शिक्षक प्रोत्साहित होते हैं और संपूर्ण निष्ठा व लगन से अपने कार्यों में जुटे रहते हैं तथा सृजन के कार्यों से भी जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक सही मायने में समाज का सृजनहार होता है, रक्षक एवं रहवर होता है।

 

सम्बंधित खबरें


एक ओलंपिक में दो-दो पदक जीतकर अवनी लेखरा और सिंहराज अदाना ने रचा इतिहास

टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में भारतीय खिलाड़ी जयपुर की अवनी लेखरा निशानेबाजी में 2 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अवनी लेखरा ने पहले 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजी में गोल्ड जीतकर पोडियम में भारतीय राष्ट्रगान बजवा दी और तिरंगे को गौरवान्वित किया। पुनः वही अवनी लेखरा ने 50 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता।। इससे पूर्व किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने एक ओलंपिक में 2 पदक नहीं जीते हैं।

जानिए कि 30 अगस्त सोमवार को 1 दिन में 5 पदक (2 गोल्ड, 2 सिल्वर, 1 कांस्य) जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया तथा एक दिन बाद मंगलवार को भारत ने 3 और मेडल- एक शूटिंग एवं दो ऊंची कूद में जीतकर मंगल-मंगल कर दिया। अब तक भारत कुल 17 मेडल (4 गोल्ड, 7 सिल्वर, 6 रजत) जीत चुका है। जिसमें 4 गोल्ड जीता है- अवनी लेखरा, सुमित अंतिल, मनीष अग्रवाल और प्रमोद भगत ने।  7 सिल्वर जीता है- भाविना पटेल, निषाद कुमार, देवेंद्र झांझरिया, योगेश कठोनिया, मरियप्पन थंगावेलू , प्रवीण कुमार और सिंहराज अदाना ने। साथ ही  6 कांस्य पदक जीता है- सुंदर सिंह गुर्जर, सिंहराज अदाना, शरद कुमार, अवनी लेखरा, हरविंदर सिंह एवं मनोज सरकार।

मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मीडिया एवं सरकारी तंत्र से विनम्र अनुरोध किया है कि ओलंपिक और पैरालंपिक के खिलाड़ियों के मान-सम्मान में अंतर नहीं किया जाए। दोनों को समान रूप से सम्मानित किया जाय। दोनों के द्वारा गोल्ड जीतने पर पोडियम में राष्ट्रगान बजता है इसे ख्याल रखा जाय।

सम्बंधित खबरें


आनंद महिंद्रा के खेल प्रेम को देशवासियों का सलाम

और अब तक महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का खेल प्रेम किसी खेल प्रेमी से छुपा नहीं रह गया है। आनंद महिंद्रा ने ऐसा काम किया है, जिसके बारे में जानकर आपका दिल खुश हो जाएगा।

बता दें कि बीते दिनों जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित टोक्यो ओलंपिक- 2020 में जैवलिन थ्रो में प्रथम भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा द्वारा गोल्ड जीतने पर उन्हें चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक्सयूवी 700 स्पेशल एडिशन एसयूवी गाड़ी देने की घोषणा की।

यह भी जानिए कि आनंद महिंद्रा ने पुनः टोक्यो पैरालिंपिक- 2020 में सुनीत अंतिल द्वारा जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने के बाद अपने चीफ डिजाइनर प्रताप बोस से कहा कि और भी महिंद्रा एक्सयूवी 700 स्पेशल एडिशन एसयूवी बनाई जाए और देश का नाम ऊंचा करने वाले खिलाड़ी को गिफ्ट की जाए। यह भी माना जा रहा है कि सुमित अंतिल और अवनी लेखरा के लिए जो गाड़ी आएगी वह कस्टमाइज्ड होगी और इसे इस्तेमाल करने वालों को सर्वाधिक आसानी होगी। महिंद्रा ने तो जैवलिन नाम से ट्रेडमार्क भी करा दिया है।

चलते-चलते खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा की खेल प्रेम से ओतप्रोत देशभक्ति के जज्बे को सलाम करते हुए अन्य ऐसी ऐसी कंपनियों से अनुरोध किया है कि वे कम से कम पैरालिंपिक स्वर्ण विजेता खिलाड़ियों को गिफ्ट देकर खेल भावना को जीवित रखने में सहयोग करें। ऐसा करने से पैरालिंपिक खिलाड़ीगण भी प्रोत्साहित होंगे।

 

सम्बंधित खबरें


दुष्यंत कुमार हिन्दी गजल सम्राट के रूप में सदैव याद किए जाएंगे- डॉ.मधेपुरी

स्थानीय संयुक्त कृषि भवन के भव्य सभागार में प्रगतिशील औषधीय कृषक एवं गजलगो शंभू शरण भारतीय द्वारा मशहूर गजल सम्राट दुष्यंत कुमार की याद में कृषक कवि गोष्ठी का आयोजन 1 सितंबर (बुधवार) को आयोजित किया गया।

आयोजन का उद्घाटन करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी एवं कृषकों के सुप्रसिद्ध कवि श्री राजन बालन एवं सहायक उद्यान निदेशक श्रीमती किरण भारती ने विस्तार से बताया कि पौधे भी सांस लेते हैं, नहाते हैं और गीत गाते हैं। डीएओ बालन ने तो दुष्यंत कुमार को याद करते हुए तरन्नुम में गीत गाकर सबों का मन मोह लिया और खूब तालियां बटोरी। उन्होंने जिले के किसान के दिलों में भी स्थाई रूप से जगह बना ली है।

Dr.B.N.Yadav Madhepuri & District Agriculture Officer Rajan Balan at Kishan Sansad, Madhepura.
Shikshavid Dr.B.N.Yadav Madhepuri & District Agriculture Officer Rajan Balan at Kishan Sansad, Madhepura.

इस अवसर पर आयोजक शंभू शरण भारतीय द्वारा डीएओ राजन बालन, सहायक उद्यान निर्देशिका श्रीमती भारती, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी सहित मुख्य अतिथि सुयश सिंह, मनोज भावुक, पत्रकार डॉ.राजेश एवं योगीराज को सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों ने किसान की बेहतरी के लिए दुष्यंत कुमार की पंक्तियों को पेश करते हुए अपनी-अपनी भावनाओं को विस्तार से व्यक्त किया। बीच-बीच में मंच संचालन के क्रम में शंभू शरण द्वारा दुष्यंत कुमार की पंक्तियां करीने से कही जाती रही और हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

शिक्षाविद अभिभावक की भूमिका का निर्वहन करते हुए डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि दुष्यंत कुमार गीत एवं हिन्दी गजल सम्राट के रूप में सदा याद किए जाएंगे। डॉ.मधेपुरी ने उनकी रचनाओं- सूरज का स्वागत, साये में धूप और दोहरी जिंदगी की चर्चा करते हुए आजाद भारत में ‘किसान की बेटी का ब्याह’ कविता का पाठ किया। इस अवसर पर डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, प्रो.मणि भूषण वर्मा, प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, आद्ययानंद, डॉ.सुरेश भूषण आदि ने कविता पाठ किया। अंत में शंभू शरण भारतीय ने प्रगतिशील किसान भोला यादव, जयप्रकाश यादव सहित सभी किसान भाइयों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। शंकर कुमार ने कार्यक्रम समापन की घोषणा की।

सम्बंधित खबरें


पैरालिंपिक टोक्यो में तीन पदकों के साथ मंगलवार को भारत का मंगल-मंगल

टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में लगातार भारत का प्रदर्शन बेहतर होता जा रहा है। मंगलवार का दिन भारत के लिए शानदार, जानदार और सर्वाधिक मंगलमय रहा।

बता दें कि भारत ने निशानेबाजी में कांस्य जीतने के बाद ऊंची कूद में रजत एवं कांस्य पदक जीतकर पदकों की संख्या दहाई तक पहुंचा दी। भारत फिलहाल विश्व पैरालंपिक की पदक तालिका में 30वें स्थान पर है। भारत 2 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 कांस्य जीता है।

जानिए कि भारतीय निशानेबाज सिंहराज अंडाना ने जहां 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता वहीं पुरुष ऊंची कूद में मरियप्पन ने रजत एवं बिहार के शरद कुमार ने कांस्य जीता। जापान के टोक्यो पैरालिंपिक- 2020 में मंगलवार को बिहार ने पहली बार ऊंची छलांग लगाकर नीतीश सरकार द्वारा खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को सार्थक साबित कर दिया है।

मौके पर समाजसेवी-खेलप्रेमी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने इन पैरालिंपिक भारतीय खिलाड़ियों के पिता और खासकर माताओं को नमन किया है जिन्होंने अपने दिव्यांग बच्चों को हमेशा प्रोत्साहित किया है… कभी निराश नहीं होने दिया। तभी तो वे आज भारत को गौरवान्वित कर रहे हैं और विदेशों में भारत के तिरंगे और राष्ट्रगान का मान बढ़ा रहे हैं।

सम्बंधित खबरें