खोज लिया ऐसा सफेद पेंट कि अब एयर कंडीशन की जरूरत नहीं रहेगी।

प्रोफेसर जिउलिन रूआन जो मैकेनिकल इंजीनियर हैं ने 7 वर्ष पहले ऊर्जा की बचत के बारे में सोचना शुरू किया था। इंजीनियर रूआन के मन में जलवायु परिवर्तन से लड़ने की बात भी आई थी। अंततः प्रोफेसर जिउलिन रूआन द्वारा एक सफेद पेंट की खोज की गई, जिसके इस्तेमाल के बाद एयर कंडीशन की जरूरत बिल्कुल नहीं रहेगी।

बता दें कि यह दुनिया का सर्वाधिक सफेद पेंट है। यूएस टुडे रिपोर्ट के अनुसार यह पेंट सस्ता भी है और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर भी। शोधकर्ताओं के अनुसार यह नया सफेद पेंट सूरज की रोशनी को छत एवं दीवारों पर पड़ने के बाद 98% तक को परावर्तित कर देता है जिससे घर की इमारतों में तापमान बहुत कम हो जाता है। तब एयर कंडीशन के बिना भी कोई व्यक्ति अपने घर में आसानी से रह सकता है। दुनिया में अब तक की सर्वाधिक सफेद रंग के रूप में खोजा गया यह सफेद पेंट गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में अपनी जगह बना ली है।

चलते-चलते यह भी कि यदि कोई इंसान इस सफेद पेंट का इस्तेमाल अपने छत के 1000 वर्ग फीट पर कराता है तो इससे वह 10 किलो वाट के एसी जितनी ठंडी प्राप्त कर सकेगा। इसका परीक्षण भी किया जा चुका है। परीक्षण बेहतर और शानदार रहा है।

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शिक्षक शिवकुमार बाबू ताजिंदगी शिक्षण के प्रति सौ फ़ीसदी ईमानदार रहे- डॉ.मधेपुरी

शिक्षक शिवकुमार बाबू की 84वीं जयंती के अवसर पर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण, टीएमबी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति डॉ.केके मंडल, समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ. अरुण कुमार, डॉ.आलोक कुमार, लोकप्रिय चिकित्सक डॉ.एके मंडल, सिंडिकेट मेंबर डॉ.जवाहर पासवान व डॉ.अजय कुमार आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अपने उद्घाटन भाषण में माननीय कुलपति ने अब्राहिम लिंकन जैसों को संदर्भित करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कार का सृजन करना शिक्षक शिवकुमार बाबू के जीवन का मकसद था।

84th Birth Anniversary of Shivkumar Babu.
President Smt. Karuna Kumari Yadav, Secretary Prof.Reeta Kumari of SKY Memorial Trust and winners in the celebration of 84th Birth Anniversary of Shivkumar Babu.

समारोह की अध्यक्षता कर रहे कई महाविद्यालयों के प्राचार्य रहे प्रो.(डॉ.)केके मंडल ने कहा कि शिव कुमार बाबू स्वाधीन सोच के कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक रहे जिन्होंने कभी लोभ-लालच को अपने पास फटकने तक नहीं दिया। सीनेटर व बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार सहित डॉ.शैलेंद्र कुमार, डॉ.ललन अद्री, डॉ.सुरेश भूषण, प्रो.नंदकिशोर, डॉ.संतोष कुमार, प्रो.विवेक कुमार, रघुनाथ यादव, प्रो.चंद्रशेखर कुमार सहित सभी अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कल्याणकारी शिक्षक शिवकुमार बाबू के प्रति उद्गार प्रकट किया गया।

मुख्य अतिथि के रुप में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि शिव कुमार बाबू उच्च कोटि के अनुशासन प्रिय शिक्षक थे जिन्होंने छात्रों के अंदर शिक्षा की अलख जगाई। वे ताजिंदगी शिक्षण के प्रति सौ फ़ीसदी ईमानदार रहे। वे अंतिम सांस तक कर्तव्यनिष्ठ एवं समय निष्ट जीवन जीते रहे।

अंत में शिवकुमार प्रसाद यादव मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव प्रो.रीता कुमारी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्षा करुणा कुमारी यादव द्वारा ‘जीके’ प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय आए पांच प्रतिभागियों को पुरस्कृत कराया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत किया प्रो.मणिभूषण वर्मा ने और मंच संचालन किया डॉ.आलोक कुमार ने किया।

इस अवसर पर लेखक-कवि एवं शोध पत्रिका सहित दर्जनों पुस्तक के प्रकाशक व डी-लिट प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी को अंगवस्त्रम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सहयोगी कौशल कुमार, सुधा कुमारी, चंदा कुमारी, राजेश कुमार, प्रो.अरुण कुमार, डॉ.अमलेश कुमार आदि के साथ-साथ अतिथियों का धन्यवाद किया प्रो.नरेश ने।

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मधेपुरा में विश्वकर्मा पूजा के दिन औजारों मशीनों आदि की पूजा करने का है विधान

विश्वकर्मा पूजा प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन निर्माण के देवता विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। वे देवताओं के लिए महलों एवं हथियारों का निर्माण किया करते थे। भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिन को विश्वकर्मा पूजा, विश्वकर्मा दिवस या विश्वकर्मा जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

जानिए कि विश्वकर्मा ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के सातवें  धर्मपुत्र के रूप में जन्म लिया था, जिन्हें देवताओं का इंजीनियर और मशीनों का देवता भी कहा जाता है। विष्णु पुराण में विश्वकर्मा को देव बढ़ई कहा गया है।

मौके पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए शिल्प ज्ञान जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है मानव सभ्यता के विकास के लिए मशीन और औजार।

लोग बोलते हैं कि इसी मधेपुरा में कभी मैकेनिक जागेश्वर सिंह एवं उनके सभी पुत्रों गणेश, उमेश, महेश, सुरेश, दिनेश, नरेश मिलकर जमीन पर बिखरे हवाई जहाज को जोड़कर हवा में उड़ाने की क्षमता रखते थे। अब मुन्नी बाबू विश्वकर्मा की पूजा बर्षों से करते आ रहे हैं।

यह भी बता दें कि वर्तमान में कोसी के सर्वश्रेष्ठ टेंट हाउस संचालक राम प्रताप साह हलवाई का पौत्र उत्तम कुमार भी उधमिता व निर्माण के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा की पूजा के विशेष अवसर पर शहर के गणमान्यों को आमंत्रित किया था। जिसमें शहर के शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पीजी जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार एवं मधेपुरा लायंस क्लब व व्यापार मंडल की रीढ़ माने जाने वाले सीए मनीष सर्राफ आदि को देखा गया। डाॅ. मधेपुरी ने रामप्रताप साह के कई संस्मरणों को संदर्भित करते हुए कहा कि मधेपुरा को गौरवान्वित करते रहे हैं रामप्रताप साह हलवाई। जिन्होंने राजगीर में बहुत बड़ा धर्मशाला निर्माण कराकर मधेपुरा को गौरवान्वित किया है। और मधेपुरा में भले ही कीमत लेकर ही सही अपनी जमीन पर दो माननीय सांसदों शरद यादव एवं पप्पू यादव को घर बसाने का अवसर तो दिया ही है। उन्होंने कहा कि रामप्रताप बाबू सही मायने में विश्वकर्मा के पुजारी रहे हैं और उन्हीं के पुण्य प्रताप से उनकी पौत्री रियांशी टेबल टेनिस में प्रसिद्धि प्राप्त कर रही है और मधेपुरा को गौरवान्वित कर रही है।

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राज्य के 40 सर्वश्रेष्ठ शिल्पियों को सम्मानित किया उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने

कोरोना काल में बिहार म्यूजियम में अवस्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान की ओर से राज्य के शिल्पकारों व कलाकारों के हौसले को कायम रखने के लिए 1 करोड़ 29 लाख रुपए दिए गए। इसकी सराहना करते हुए सूबे के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा संस्थान है जो कलाकारों को इतना सम्मान देता रहा है। ये बातें संस्थान की ओर से राज्य पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कही।

मौके पर संस्थान के निदेशक अशोक सिन्हा, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, पद्मश्री बउवा देवी के साथ अन्य गणमान्य उपस्थित थे जिन्होंने कलाकारों के हौसले को बढ़ाया और कहा कि उद्यमिता व निर्माण के प्रतीक हैं भगवान विश्वकर्मा।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जहां अब तक विजेताओं को राज्य पुरस्कार ₹22 हजार एवं राज्य मेधा पुरस्कार ₹11 हजार दी जाती थी वहीं अब क्रमशः 50 हजार एवं ₹25 हजार की राशि दी जा रही है।

यह भी बता दें कि राज्य के 40 सर्वश्रेष्ठ शिल्पियों एवं कलाकारों को उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए 20 को 50-50 हजार रुपए का राज्य पुरस्कार तथा 20 को 25-25 की राशि राज्य मेघा पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। कलाकारों को उनकी लगन और मेहनत से ही सम्मान मिलता है।

राज्य मेधा पुरस्कार जिन्हें मिला है वे हैं- मधुबनी पेंटिंग में संजीव कुमार झा, पूजा कुमारी, रजनी कुमारी, स्नेहा दास, रंजू देवी और परीक्षण पासवान। कशीदाकारी में मीना देवी एवं नीलम भारती। सुजनी कला में रिंकू देवी, सोनी कुमारी। टेराकोटा शिल्प में दिनेश पंडित एवं शिव शंकर पंडित। इसके अलावा कुमारी किरण (वेणु शिल्प),  जितेंद्र राय (सिक्की कला), सोनी कुमारी (टिकुली कला), उमेश ठाकुर (काष्ठ कला), रूपा कुमारी (जूट शिल्प), विभा श्रीवास्तव (क्रोशिया शिल्प), सुशील विश्वकर्मा (बुनाई शिल्प) और अनीता पांडे (भोजपुरी पेंटिंग)।

राज्य पुरस्कार जिन्हें मिला है वे हैं- मधुबनी पेंटिंग में नूतन बाला, नलिनी शाह, दिनेश पासवान, सुरेंद्र पासवान, अंजू देवी मिश्र, इंद्रकांत झा, रानी झा, ममता देवी, अमित कुमार झा, प्रियांशु कुमार एवं रोशन कुमार। इसके अलावे हेमा देवी (पेपरमेसी कला), पवन कुमार सागर (मंजूषा कला), सांत्वना सिंह (मेटल क्राफ्ट), राजेंद्र साह (लाह शिल्प), पप्पू कुमार (सिक्की कला), रूपेश कुमार (टेराकोटा शिल्प), खुशबू कुमारी (टिकुली कला) एवं गणेश प्रसाद (पाषण शिल्प)।

मौके पर कलाप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह भारतीय शिल्पकारों एवं कलाकारों की कला की विदेशों में मांग बढ़ने लगी है कि अब इन कलाओं में युवा पीढ़ी को आगे बढ़कर भारत को गौरवान्वित करना चाहिए।

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हेलमेट बिना पहने बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी

“नो हेलमेट नो राइड” की अवधारणा पर तैयार किया गया है यह प्रयोग… यही कि बिना हेलमेट लगाए बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी। इस डिवाइस पर मात्र ₹1000 का खर्च आता है।

बता दें कि भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE)  के चार विद्यार्थियों ने मिलकर बाइक सवारों के लिए अनोखा डिवाइस तैयार किया है। अब हेलमेट का अनिवार्य प्रयोग बाइक सवारों की मजबूरी बनेगी। BCE के फाइनल ईयर के ये चारों छात्र हैं- राहुल चौधरी, निरंजन कुमार निराला, रौशन कुमार एवं रंजन कुमार। इन चारों छात्रों को गाइड किया है असिस्टेंट प्रो.(डॉ.)अमित कुमार सिंह ने।

यह भी जानिए कि बाइक में रिसीवर व हेलमेट में छोटे ट्रांसमीटर लगाए जाते हैं। जब चाभी डालकर बाइक को ऑन किया जाता है तब बाइक व हेलमेट एक दूसरे से रेडियो फ्रीक्वेंसी के माध्यम से जुड़ जाते हैं। इसके लिए बाइक को ऑन करना होगा।

बाद में हेलमेट को पहनकर इसके क्लिप को लगाते ही रेडियो फ्रीक्वेंसी से बाइक में लगे रिसीवर को संकेत मिलता है और रिले ऑन होते ही बाइक का इग्निशन सिस्टम ऑन हो जाता है। इस स्टार्टअप को तैयार करने में महज ₹1000 खर्च हुए। इसमें सात छोटे-छोटे सस्ते उपकरणों का प्रयोग हुआ है।

मौके पर उसी भागलपुर विश्वविद्यालय से पढ़े भौतिकी के लोकप्रिय प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि इसके प्रयोग से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही चेकिंग के दौरान जो फाइन भरना पड़ता है वह भी नहीं लगेगा। पुलिस प्रशासन की परेशानियां भी समाप्त होगी। इस सिस्टम को बाइक कंपनियां भी व्यवहार में लाएं और सबका सहयोग हो तो लोग सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। इस डिवाइस से पूरी मानव जाति का कल्याण होगा।

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जनता भरोसा करती है सूबे के सीएम नीतीश पर- उपेंद्र कुशवाहा

जदयू पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष और सूबे बिहार के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता उपेन्द्र कुशवाहा आए दिन “जनसंवाद यात्रा” के माध्यम से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं और यह भी बता रहे हैं कि जदयू को नंबर वन की पार्टी बनने से कोई रोक नहीं सकता।

मधेपुरा जिला जदयू अध्यक्ष मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी ने संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के जिले के मिनट-टू-मिनट कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारियाँ दी। स्थानीय भूपेन्द्र चौक पर मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की प्रतिमा पर भी संध्या 5:50 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को माल्यार्पण करनी थी।

गाड़ियों के काफिले के साथ उपेंद्र कुशवाहा ससमय भूपेन्द्र प्रतिमा स्थल पर पहुंच गए जहां पूर्व से ही उसके निर्माता व जदयू के वरिष्ठ नेता प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी प्रतिमा मंडप पर मौजूद थे। मंडप पर जदयू के जिला अध्यक्ष गुड्डी देवी व अन्य की मौजूदगी में श्रद्धानवत होकर उन्होंने भूपेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तत्पश्चात डॉ.मधेपुरी ने पूर्व परिचित उपेंद्र कुशवाहा जी को अंगवस्त्रम एवं पराधीन भारत में स्वाधीन सोच वाले रासबिहारी लाल मंडल पर लिखी गई अपनी पुस्तक देकर सम्मानित किया। मौके पर कुशवाहा जी ने कहा- 2010 में जदयू जितनी मजबूत थी उतनी ही मजबूत फिर से करनी है… इसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होती है। कार्यकर्ता के साथ-साथ जनता भी भरोसा करती है सूबे के सीएम नीतीश कुमार पर। यही कारण है कि सीएम नीतीश मेें आम लोगों को पीएम मैटेरियल दृष्टिगोचर होने लगा है।

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कौशिकी के सचिव द्वारा ऑनलाइन हिन्दी दिवस मनाया गया

कोरोना के चलते विगत दो वर्षों के लगभग से सभी शिक्षण संस्थाएं बंद ही रही। सिनेमाघर, माॅल, पार्क, स्टेडियम… आदि में भी ताले बंद रहे। कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन का कार्यक्रम भी ठप्प रहा। यदा-कदा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। अब तीसरी लहर की आशंका भी व्याप्त होने लगी है।

उसी क्रम में आज 14 सितंबर को ‘हिन्दी दिवस’ के अवसर पर कौशिकी के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा गया-

भारत माता के माथे की बिन्दी है हिन्दी। खुशी की बात यह है कि अब गूगल द्वारा हिन्दी के तेजी से आगे बढ़ने का संकेत मिलने लगा है। हमारी संस्कृति और सभ्यता को दिनानुदिन ताकत दे रही है हिन्दी। विश्व की समृद्ध भाषाओं में एक है हिन्दी।

यह भी जानिए कि जहां अंग्रेजी A for Apple से शुरू यानि फल से शुरू होकर Z for Zebra यानि जानवर बना कर छोड़ती है, वहीं हिन्दी अ यानि अनपढ़ से शुरू होती है और ज्ञ से ज्ञानी बनाकर छोड़ती है- यही है हमारी “भारतीय संस्कृति”। इसे हम सभी मिलकर ताकत दें। हिन्दी को आगे बढ़ाएं और देश की एकता एवं अखंडता को बरकरार रखें। हम ज्ञानी बनें… स्वाभिमानी बनें। हम हिन्दी बनें… हिंदुस्तानी बनें।

 

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सुपर थर्टी के आनंद कुमार को मिला स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार

स्वामी ब्रह्मानंद मूल नाम शिवदयाल एक समाज सुधारक, परोपकारी, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी एवं कुशल राजनेता भी रहे। उन्होंने बचपन से ही समाज में फैले हुए अंधविश्वास और अशिक्षा जैसी कुरीतियों का डटकर विरोध किया। वे आजाद भारत के पहले सन्यासी सांसद बने जो हमीरपुर यूपी से दो बार सांसद बनकर देश की राजनीति में विशेष योगदान देते रहे। स्वतंत्रता संग्राम में गांधी-नेहरू आदि के साथ काम किया और नमक सत्याग्रह में उन्हें 2 वर्ष का कारावास हुआ। उन्हें हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर के कारागृह में रखा गया। उन्होंने पैसा न छूने का प्रण आजीवन निभाया। ऐसे कर्मयोगी वीर पुरुष के नाम पर लोगों द्वारा “स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार” का शुभारंभ वर्षों पूर्व किया गया।

बता दें कि कोरोना वायरस के चलते शिक्षा के हर महकमें को अवरोध का सामना करना पड़ा। सुपर थर्टी के संचालक गणितज्ञ आनंद कुमार द्वारा अब प्रतिभाओं को खोजने का सिलसिला शुरू किया गया है। आगामी मार्च 2022 में परीक्षा ली जाएगी। श्री कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड के गरीब छात्र पढ़ना चाहते हैं। बच्चों की रुचि के कारण आकर्षित होकर वे दो दिन कबल यूपी के हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र में थे, महान गणितज्ञ आनंद कुमार को 2021 का स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Prof.(Dr.)B.N.Yadav Madhepuri giving book "Small Aim is a Crime" to Mathematician Anand Kumar at BNMU Madhepura.
Prof.(Dr.)B.N.Yadav Madhepuri presenting book “Small Aim is a Crime” to Mathematician Anand Kumar at BNMU Madhepura.

यह भी जानिए कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय में 3 वर्ष पूर्व पधारे सुपर थर्टी के सुपर गणितज्ञ आनंद कुमार को भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग लिखी गई पुस्तक “छोटा लक्ष एक अपराध है” देते हुए समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेंन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा था- आर्यभट्ट जैसा गणितज्ञ, गोरखनाथ जैसा अर्थशास्त्री और वशिष्ठ नारायण सिंह जैसा गणितज्ञ ज्ञानी के बाद सूबे बिहार की धरती पर यदि कोई गणितज्ञ गौरवान्वित करने जा रहा है तो उसका नाम है सुपर थर्टी का सुपर आनंद कुमार। उस कर्मवीर के मधेपुरा आगमन पर डॉ.मधेपुरी ने कहा था-

हरता हर पथ का अंधियारा, जल-जल कर दीपक की बाती।

रहता है नाम अमर उसका, जो दे जाता अनुपम थाती ।।

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कोरोना की तीसरी लहर आने की चिंता भारत को भी

फिलहाल भारत के केरल राज्य में कोविड-19 केस 21% से अधिक होने के चलते कुछ राज्यों में तीसरी लहर के आने की चर्चा होने लगी है। मुंबई के मेयर ने तो यहां तक कह दिया कि कोरोना की तीसरी लहर तो दहलीज तक आ चुकी है। उन्होंने गणपति पूजा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

जानिए कि अमेरिका मे कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। हाल-फिलहाल इजरायल पुनः कोरोना महामारी का केंद्र बनता जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए वहां बूस्टर डोज दिया जाने लगा है। क्योंकि जहां पिछले साल अमेरिकी मरीजों की औसत संख्या 1 सप्ताह में 39000 थी वहीं अभी सप्ताह में औसत 137270 यानि लगभग एक लाख अधिक हो गई है।

भारत सरकार टीकाकरण करने की पूरी व्यवस्था में लगी हुई है। भारतवासियों को अपना कर्तव्य निर्वहन करना है- “दो गज दूरी, मास्क है जरूरी”। बकौल समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी इसे प्रत्येक भारतवासी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें।

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नीतीश सरकार करेगी 45 हजार एचएम की बहाली

सूबे के राजकीयकृत प्राइमरी विद्यालयों एवं उच्च विद्यालयों में 45852 प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की बहाली करने जा रही है नीतीश सरकार।

जानिए कि यह सभी वेतनमान के पद होंगे। यह भी कि इन सारे पदों पर बहाली “बिहार लोक सेवा आयोग” के माध्यम से की जाएगी। यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की अध्यक्षता में स्वीकृत किया गया।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि इन पदों के सृजन की भी मंजूरी दे दी गई है। अब स्कूलों की व्यवस्था पर दूरगामी बेहतर प्रभाव पड़ेगा और और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सर्वाधिक बेहतर सुधार होगा।

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