फिल्म ‘गली ब्वॉए’ ने फिल्मफेयर सहित 13 पुरस्कार जीत इतिहास रच दिया

असम के गुवाहाटी शहर में शनिवार को फिल्म फेयर समारोह का आयोजन किया गया जिसमें फिल्म फेयर पुरस्कारों की घोषणा की गई। पूरे समारोह में अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री आलिया भट्ट की जोड़ी छा गई।

बता दें कि जोया अख्तर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘गली ब्वॉए’ ने कुल 13 पुरस्कार अपने नाम दर्ज कराकर फिल्मी दुनिया में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। इस फिल्म ने 2005 में बनी फिल्म ‘ब्लैक’ को भी पटकनी देकर जीत का परचम लहराया। जहां ‘ब्लैक’ दो दर्जन पुरस्कार से एक कम यानी 11 पर ही सिमट गया वहीं गली ‘गली ब्वॉए’ दर्जन से एक अधिक यानि 13 पुरस्कार के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ अवार्डों की सूची में सबसे ऊपर नाम दर्ज करा लिया है।

चलते-चलते बता दें कि रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की मुख्य भूमिका वाली फिल्म गली ब्वॉए’ ने सभी 13 श्रेणियों में पुरस्कारों पर कब्जा जमा लिया है। इस फिल्म ‘गली ब्वॉए’ की झोली में सर्वश्रेष्ठ फिल्म सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (जोया अख्तर), सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (रणवीर सिंह), सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (आलिया भट्ट) के पुरस्कार तो गया ही, साथ ही सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (सिद्धांत चतुर्वेदी) और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री (अमृता सुभाष) का पुरस्कार भी इसकी झोली में समा गया। इसके अलावे सर्वश्रेष्ठ गीत (अंकुर तिवारी) आदि कुल मिलाकर 1 दर्जन से अधिक पुरस्कार विजेता फिल्म है आलिया-रणवीर की ‘गली ब्वॉए’।

 

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कोरोना से लड़ते हुए चीन में… जारी है महामारी रोकने की कोशिश

2020 का नया वर्ष मंगलमय तो होता परंतु चीन के कोरोना वायरस का संक्रमण चीन की सीमाओं से बाहर निकलकर संसार के 32 देशों में फैल चुका है। इसे रोकने के लिए चीन पुरजोर कोशिश कर रहा है। चीन के पड़ोसी देशों ने अपनी सीमाओं को सील कर लिया है। फ्लाइट का आना-जाना बंद कर रखा है। अमेरिका सहित कुछ देशों में कोरोना से मुक्ति पाने के लिए टीका और दवाई विकसित करने का प्रयास भी हो रहा है।

बता दें कि कोरोना वायरस के डर से बौद्ध मंदिर पर भी ताला लटका हुआ दिखने लगा है। चीन में रह रहे दर्जनों देश के लोग कोरोना की चपेट में हैं। जानकारी मिलते ही भारत के प्रधानमंत्री ने समस्त भारतीयों को जहाज भेजकर वापस बुला लिया। बचाव के लिए नागरिकों के वैध वीजा भी रद्द करना पड़ा है। चीन के वुहान शहर में सेना की तैनाती कर दी गई है।

यह भी बता दें कि अब चीन सहित 25 अन्य देशों से भारत में आने वाले लोगों की जांच होने लगी है। चीन-नेपाल से आने वाले 5000 व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच अब तक भारत में की जा चुकी है। 4 सदस्यीय केंद्रीय टीम आज बिहार दौरे पर आ रही है। सूबे के 38 जिलों को अलगाव और नमूना संग्रह के लिए 9 मेडिकल अस्पतालों से जोड़ा गया है। इस वायरस पर नजर रखने के लिए प्रत्येक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। चीन में रह रहे कई भारतीय छात्रों ने वायरस के प्रकोप से बचने के लिए मेडिकल की पढ़ाई तक छोड़ दी है।

चलते-चलते बता दें कि चीन के वुहान और शंघाई जैसे शहर जो कभी सोता नहीं था उस शहर में कोई जगा हुआ व्यक्ति सड़कों पर चलता नहीं दिखता। चीन के सारे शहरों में श्मशान की तरह सन्नाटा पसरा है। वहां ना तो सड़कों पर गाड़ियों की और ना आसमान में वायुयानों की चहल-पहल देखने को मिलती है।  अब तक दुनिया भर में कितने लोग संक्रमित हुए और कितने मौत को गले लगाए हैं…. कहा नहीं जा सकता। परहेज यही कि मांस-मछली, अंडा-मुर्गी नहीं खाएं। घंटे-दो घंटे पर अपने हाथों को साबुन से धोएं। मास्क पहनें। डब्ल्यूएचओ की टीम चीन पहुंच चुकी है और दुनिया के देशों को अलर्ट भी कर दिया है।

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नीतीश सरकार की कड़ी कार्रवाई, पटना को डूबाने वाले 20 अधिकारियों पर गिरी गाज

चंद महीने पुर्व पटना वासियों को डुबाने के लिए दोषी पाए गए उन 20 अधिकारियों जिन पर कानून के राज में जांचोपरांत शिकंजे कसे गए… वे कौन-कौन हैं ? एक आईएएस ऑफिसर, एक आईआरएस, 3 डिप्टी कलेक्टर के साथ-साथ नगर सेवा के एक अधिकारी एवं 14 इंजीनियरों समेत कुल 20 अधिकारियों को सस्पेंड करके विभागीय कार्रवाई करने हेतु नीतीश सरकार ने निर्देश जारी किया है।

बता दें कि सरकार के निर्देश पर जहां नगर विकास एवं आवास विभाग ने उन दोषी पदाधिकारियों के संबंधित विभागों से इन सभी दोषी पदाधिकारियों को सस्पेंड करके विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा की है… वहीं संविदा पर बहाल 7 इंजीनियरों की सेवा समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है।

बकौल नगर विकास सचिव आनंद किशोर एक आईआरएस एवं पटना नगर निगम के पूर्व आयुक्त अनुपम कुमार सुमन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और फिलहाल उनके  वीआरएस का मामला भी विचाराधीन है। इस स्थिति में प्रदेश का सामान्य प्रशासन विभाग केंद्र सरकार से उन दोनों पर अनुशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा पत्र प्रेषित करने जा रहा है।

जहां बुडको के पूर्व एमडी अमरेंद्र प्रसाद सिंह (IAS) को सस्पेंड करने के बाद विभागीय कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से अनुशंसा भी की गई है, वहीं बिहार प्रशासनिक सेवा के 3 डिप्टी कलेक्टर पूनम कुमारी (कंकड़बाग के पूर्व कार्यपालक अधिकारी), वीरेंद्र कुमार तरुण (बांकीपुर के कार्यपालक अधिकारी) एवं नूतन राजधानी अंचल के शैलेश कुमार को सस्पेंड और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग से की जा रही है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि नगर विकास के सचिव आनंद किशोर के अनुसार बुडको के तत्कालीन चीफ इंजीनियर भवानी नंदन (वर्तमान में पथ निर्माण विभाग में तैनात), अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश सिंह और सूर्यकांत, कार्यपालक अभियंता संजीव चौधरी एवं योगेंद्र कुमार को सस्पेंड करने की अनुशंसा पथ निर्माण विभाग को कर दी गई है।

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जदयू ने मधेपुरा विधानसभा के बूथ अध्यक्ष/सचिव के लिए किया प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

स्थानीय आरपीएम कॉलेज तुनियाही में जिला जनता दल यूनाइटेड द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन मधेपुरा विधानसभा स्तरीय बूथ अध्यक्ष, बूथ सचिव, पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए किया गया था।

बता दें कि कार्यक्रम की अध्यक्षता मधेपुरा विधानसभा संगठन प्रभारी दीपक कुमार यादव ने एवं मंच संचालन घैलाढ़ प्रखंड अध्यक्ष राजकिशोर यादव ने किया। प्रशिक्षण शिविर में जिले के एक विधायक श्री निरंजन मेहता, मंत्री द्वय माननीय नरेंद्र नारायण यादव एवं प्रो.(डॉ.)रमेश ऋषिदेव, जिला अध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल, समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्राचार्य सत्यजीत यादव, गुड्डी देवी, डॉ.बीबी प्रभाकर, डॉ.नीला कांत सहित संगठन प्रभारी अमर कुमार चौधरी उर्फ भगवान बाबू एवं प्रदेश स्तरीय अन्य सभी पदाधिकारीगण का सम्मान किया गया और सबों ने पूर्व निर्धारित विषयों पर शिविर को संबोधित भी किया जैसे कानून का राज, शराबबंदी, जल-जीवन-हरियाली, सामाजिक सद्भाव… आदि।

जानिए कि विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव एवं एससी-एसटी मंत्री प्रो.(डॉ.)रमेश ऋषिदेव एवं विधायक निरंजन मेहता ने विस्तार से उद्गार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। मंत्री द्वय ने प्रशिक्षित होने आए साथियों को विस्तार से समझाया कि संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने से सर्वाधिक विकास होता है। तब कहीं जाकर संगठन निचले स्तर तक मजबूत हो पाता है।

पंचायती राज पर चर्चा करते हुए जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने विस्तार से संविधान और उसके 73वें-74वें एमेंडमेंट की चर्चा करते हुए बलवंत राय मेहता को “फादर ऑफ पंचायती राज” कहा। डॉ.मधेपुरी ने बूथ अध्यक्ष/सचिव से कहा कि मतदान के दिन तक अपने क्षेत्र के हर घर में जा-जाकर सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा करें… जब वे जानेंगे तब आपकी बात मानेंगे।

मौके पर योगेंद्र महतो, प्रो.सुजीत मेहता, अशोक चौधरी, नरेश पासवान, प्रदीप कुमार साह, अशोक यादव, विद्यानंद महतो, मंजू देवी, चंदन कुमार, अजीत यादव, अशोक कुमार सिन्हा, प्रो.मनोज भटनागर, महेंद्र पटेल, मो.खुर्शीद आलम, चंदन कुमार चुनचुन आदि मौजूद थे।

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नेहरू युवा केन्द्र ग्रामीण युवाओं को जगाने एवं उनकी प्रतिभाओं को तराशने में लगा है- डॉ.मधेपुरी

स्थानीय मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के भव्य सभागार में नेहरू युवा केंद्र द्वारा जिला युवा सम्मेलन का एक दिवसीय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, बीएन मंडल विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक अजय कुमार गुप्ता सहित अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के पंचायती राज पदाधिकारी उप समाहर्ता मो.अल्लामा मुख्तार, मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव रहे डॉ.नरेन्द्र श्रीवास्तव, डॉ.बीएन सिंह, छात्र नेता राहुल यादव व अन्य ने युवाओं को संबोधित किया। सबों ने युवाओं को जगाने का काम किया।

मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने स्वामी विवेकानंद एवं भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए अपने संबोधन के द्वारा उपस्थित युवाओं से यही कहा कि नेहरू युवा केंद्र ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच तक लाकर ऊपर उठाने में सतत प्रयत्नशील रहा है और ऐसे संवेदनशील समन्वयक अजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आगे भी बढ़ता रहेगा।

उद्घाटनकर्ता प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार ने युवाओं से यही कहा कि स्वामी विवेकानंद हम सबों के प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों को सामने रखकर आगे बढ़ते जाना है जिसके लिए मानसिक एकाग्रता आवश्यक है। मौके पर डॉ.भगवान कुमार मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी प्रो.मनोज भटनागर, ब्रजेश कुमार, कमल किशोर आदि मौजूद थे।

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हर हाल में किसानों को मिलेगा योजनाओं का लाभ- डीएम

मधेपुरा जिला कृषि कार्यालय के संयुक्त कृषि भवन में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक युवा एवं ऊर्जावान डीएम नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दरमियान डीएम ने फसल आच्छादन, उद्यान, मत्स्य पालन तथा पशुपालन सहित कई अन्य विभागों के विकास योजनाओं पर विस्तार से बिंदुवार चर्चाएं की। जिलाधिकारी ने जिले के किसानों को और अधिक संख्या में पंजीकृत कर सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने का ऐलान किया।

बता दें कि जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 1 लाख 22 हज़ार 705 है। समीक्षा के क्रम में डीएम नवदीप शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से पंजीकृत किसानों की सूची बैंक को उपलब्ध करा दिए जांय जहां केसीसी हेतु जमा फॉर्म दो सप्ताह के बाद निष्पादित कर उसका लाभ प्रत्येक रजिस्टर्ड किसानों तक अनिवार्य रूप से पहुंच जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय कर्मियों को सम्मान निधि योजना से संबंधित किसानों के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर निष्पादन करने की बात कही। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने को कहा जिसके लिए प्रखंड स्तर से जिला स्तर तक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। बंद पड़े नलकूपों को चालू करने का निर्देश भी दिया। खेतों तक बिजली पहुंचाई जाय ताकि किसान कम कीमत पर फसल की सिंचाई कर सके।

मौके पर जहां जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने एवं किसानों को अनुदानित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने की बात कही वहीं संयुक्त कृषि निदेशक यदुनंदन यादव ने कर्मचारियों को तत्परता के साथ आपसी सामंजस्य बनाकर काम करने की हिदायत दी ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक किसान को ससमय अवश्य मिले। मौके पर सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक एवं गणमान्य किसान मौजूद थे।

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जदयू मीडिया सेल ने बनाई डिजिटल अभियान की रणनीति

रविवार 9 फरवरी 2020 को पटना स्थित जदयू मीडिया सेल मुख्यालय में प्रदेश कार्यसमिति एवं जिला मीडिया संयोजकों की संयुक्त बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने की। मीडिया सेल की इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन एवं विधि प्रभारी प्रवीण तिवारी, मुख्यालय प्रभारी संतोष चौधरी, सोशल नेटवर्क प्रभारी संतोष अशर, सूचना प्रभारी प्रो. चन्द्रभूषण सिंह शशि, संवाद प्रभारी सुनील सहाय तथा प्रमंडल प्रभारी यादव उमेश कुमार, संजय कुमार, अभय विश्वास भट्ट, मिथिलेश प्रसाद निराला, विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. धीरज सिन्हा, विनीता स्टेफी पासवान, पिंकी भारती, तकनीकी समिति के कोऑर्डिनेटर राहुल किशोर सिन्हा एवं सॉफ्टवेयर प्रभारी आशुतोष सिंह राठौड़ समेत विभिन्न जिलों के मीडिया संयोजक मौजूद रहे।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने बैठक के प्रारंभ में मीडिया सेल के डिजिटल अभियान की रूप-रेखा पेश की और इसके उद्देश्य से सबको अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मार्च तक जदयू के 62 लाख 50 हजार कार्यकर्ताओं को डिजिटली कनेक्ट करने का लक्ष्य पूरा करना है। उन्होंने अपने संबोधन में विस्तार से कहा कि यह अभियान आज के समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर प्रचंड बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बने इसके लिए जदयू मीडिया सेल हर बूथ पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर मिशन 2020 में सार्थक और निर्णायक भूमिका निभाएगा।
सोशल नेटवर्क प्रभारी संतोष अशर ने इस अभियान के तकनीकी पहलुओं पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया सेल की तकनीकी टीम तय समय से पहले इस लक्ष्य को हासिल करेगी। संगठन एवं विधि प्रभारी प्रवीण तिवारी ने सोशल मीडिया के विभिन्न फॉर्मेट पर और अधिक सक्रिय होने पर जोर दिया। मुख्यालय प्रभारी संतोष चौधरी ने कहा कि मीडिया सेल मुख्यालय चौबीसों घंटे हर तरह के सहयोग के लिए तैयार है। वहीं, प्रमंडल प्रभारी यादव उमेश कुमार (पूर्णिया एवं भागलपुर), संजय कुमार (पटना), अभय विश्वास भट्ट (मगध) और मिथिलेश प्रसाद निराला (दरभंगा) ने अपने-अपने प्रमंडल में इस अभियान की तैयारी के बारे में जानकारी दी। ध्यातव्य है कि इस अभियान के सिलसिले में शीघ्र ही मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति एवं जिला मीडिया संयोजकों की एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शेष प्रमंडलों के प्रभारी एवं जिला संयोजक भाग लेंगे।

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कमाल की कलाकारी

बेशक कोई भी कलाकारी संवेदना से सृजित होती है, लेकिन कलाकारी का भाव मन की गहराइयों से पैदा होते हैं। संसार में कोई समय गुजारने के लिए यह शौक पालता है तो कोई शोहरत पाने के लिए। इनसे जुदा कुछ चितेरे ऐसे भी होते हैं जो कुछ कर गुजरने के लिए कलाकारी के सेवक बन जाते हैं।

बता दें कि ऐसी ही कमाल की कलाकारी का प्रदर्शन जहां दिल्ली में अन्ना हजारे का शिष्य अरविंद केजरीवाल ने पुनः किया है, वहीं यूपी के बरौली-खरका निवासी 25 वर्षीय अवनीश अद्भुत कलाकारी की बानगी है। एक तरफ आईआईटियन अरविंद ने बिना किसी ट्रेनिंग के ही अभूतपूर्व व कमाल की राजनीतिक कलाकारी दिखाई वहीं दूसरी तरफ बिना किसी प्रशिक्षण के ही यूपी के अवनीश ने स्टेपल पिनों से स्वामी विवेकानंद का चित्र हू-ब-हू बना कर दिखाया है कमाल की कलाकारी।

Avnish stapler Pin Artist.

जानिए कि महज 5 दिनों में जहां 17 हज़ार 5 स्टेपल पिन का प्रयोग करते हुए स्वामी विवेकानंद के चित्र बनाकर अवनीश ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान बना लिया है वहीं दिल्ली में अरविंद ने अपने 5 वर्ष के शासनकाल में अभूतपूर्व प्रयोग के जरिए राजनीति के धुरंधरों को पटकनी देते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी का रास्ता प्रशस्त करने हेतु कदम बढ़ा दिया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि अवनीश ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के चित्र तैयार करने में 30 हजार 6 सौ 1 स्टेपल पिन व्यवहार में लाकर डॉ.कलाम का हू-ब-हू चित्र तैयार किया है। अवनीश भी अब अरविंद की तरह ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी में लग गए हैं और सपनों को पंख लगाने के लिए सनलाइट आर्ट की मदद से लकड़ी पर मदर टेरेसा का चित्र उकेरने में दिन रात लगे रहते हैं।

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स्वामी रामदेव के योग प्रशिक्षक आचार्य रफीक बांट रहे योग का मर्म

आज हमारी सोच को संकीर्ण बनाने में लगी है… पाखंड में डूबी धर्म की व्याख्याएं। इन्हीं मान्यता प्राप्त संस्थाओं से ऊपर उठकर मानवतावाद का सिद्धांत प्रतिपादित किया था- स्वामी रामदेव ने। इस सिद्धांत के मूल में जाति, धर्म, समुदाय से ऊपर उठकर संपूर्ण मानवता के कल्याण की परिकल्पना है- ये बातें स्वामी रामदेव के योग प्रशिक्षक आचार्य रफीक खान की हैं जो पांच वक्त के नमाजी होने के बावजूद योगानुरागी नर-नारियों को समझा रहे हैं- योग करो, निरोग रहो के साथ-साथ योग के समस्त मर्मों को।

बता दें कि आचार्य रफीक एक शिक्षक हैं जो उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगिर प्रखंड के प्राथमिक स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं। शेष समय में वे समाज को सुशिक्षित करने हेतु योगगुरु की भूमिका का निर्वहन भी करते हैं। शिक्षक रफीक खान ने बिना किसी ब्रेक के योग एवं वैदिक दर्शन के प्रचार-प्रसार में अपना समस्त जीवन ही समर्पित कर दिया है। बकौल रफीक मंजिल तक पहुंचने से पहले रुकना उन्हें नहीं है।

यह भी जानिए कि आचार्य रफीक एक मुस्लिम होने के बावजूद गायत्री मंत्र से लेकर तमाम वैदिक मंत्रों का नियमित रूप से निष्ठा के साथ जाप करते हैं। ईश्वर-अल्लाह…. राम-रहीम दोनों के प्रति वे समान रूप से श्रद्धावनत रहते हैं। वे स्वस्थ रहने के लिए योग को जरूरी मानते हैं। वे सर्वधर्म सद्भाव का संदेश भी देते रहते हैं। वे कहते हैं कि मेरे लिए गायत्री मंत्र और नमाज दोनों इबादत है। वे वेद पाठ भी करते हैं और पांच वक्त का नमाज भी पढ़ते हैं। इसलिए लोग उन्हें आचार्य रफीक खान के नाम से पुकारा करते हैं। यही है भारत की माटी की असली खुशबू…।

 

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नीतीश राज में भी बच्चे अब… निजी स्कूल से नाम कटवा सरकारी में ले रहे दाखिला

पटना के निजी विद्यालयों से लगभग पांच हजार बच्चे नाम कटवा कर सरकारी स्कूलों में ले चुके हैं दाखिला। कुछ सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की विशेष सुविधाओं के साथ-साथ अन्य श्रेष्ठ गतिविधियों के कारण बच्चे एवं उनके अभिभावक दिन-प्रतिदिन आकर्षित हो रहे हैं। राज्य के कई सरकारी स्कूल तो अब हर मायने में निजी स्कूलों को टक्कर देने लगे हैं।

बता दें कि पिछले सत्र में राज्य भर में 20 हजार 565 बच्चों ने निजी स्कूलों से नाम कटवा कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया, जिसमें वर्ग एक से आठवीं तक के बच्चे शामिल हैं। यह भी जान लीजिए कि इसमें सिर्फ पटना जिले के 5 हजार से अधिक बच्चे शामिल हैं। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की रपट के अनुसार ऐसे सरकारी स्कूलों ने अपने शैक्षणिक वातावरण को निजी स्कूलों की तरह विकसित किया है जिसमें ग्रामीण इलाकों के स्कूल ज्यादातर हैं।

यह भी जानिए कि नालंदा जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पोखरपुर की व्यवस्था ऐसी सुधरी कि निजी स्कूलों से नाम कटवा कर बच्चे उसमें आने लगे और नामांकन कराने लगे। भला क्यों नहीं, इस स्कूल से प्रत्येक साल सिमुलतला, नवोदय विद्यालय व सैनिक स्कूलों के लिए आयोजित परीक्षाओं में बच्चे सफल होने लगे हैं। अब तक इन परीक्षाओं में सफल 64 बच्चों के नाम बोर्ड पर लिखे जा चुके हैं। यहां ड्रेस कोड के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

चलते-चलते बता दें कि गोपालगंज के उत्क्रमित विद्यालय में 715 बच्चे तथा पुनपुन के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 800 बच्चे नामांकित हैं जबकि इन दोनों स्कूलों में गत वर्षों में क्रमशः 210-300 बच्चे नामांकित थे। विद्यालय प्रधान द्वारा भिन्न-भिन्न तरह की प्रतियोगिताएं व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां शुरू किए जाने के कारण निजी स्कूलों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नामांकन करा रहे हैं।

 

 

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