बीएनएमयू करेगा बिहार में होने वाले 42वें वार्षिक दर्शन परिषद की मेजबानी

दर्शन परिषद बिहार के पदाधिकारियों और आयोजन समिति द्वारा विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि बिहार में होने वाले 42वें दर्शन परिषद की मेजबानी भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा करेगा। कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने बताया कि यह अधिवेशन केंद्र सरकार के अंतर्गत संचालित भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा संपोषित है।

इस अवसर पर कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि 20 से 22 मार्च 2020 को आयोजित होने वाले इस दर्शन परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन का मुख्य विषय रखा गया है- शिक्षा, समाज एवं संस्कृति। कुलपति डॉ.राय ने बताया कि शिक्षा, समाज एवं संस्कृति में गहरा संबंध है जिनके विभिन्न आयामों पर विचार करना ही इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है।

बता दें कि आयोजन समिति के सचिव विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर ने बताया कि इस अवसर पर एक स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा। इसके लिए महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान, सहित अनेक गणमान्यों व शिक्षाविदों के शुभकामना संदेश प्राप्त हो चुके हैं। डॉ.शेखर ने मीडिया को बताया कि कई विश्वविद्यालयों के विद्वानों के शोध-आलेख एवं शोध-सार प्राप्त हो रहे हैं। आगामी नव वर्ष 2020 के 1 मार्च तक प्राप्त शोध परक आलेखों को परिषद की शोध पत्रिका “दार्शनिक अनुगूंज” में निशुल्क प्रकाशित किए जाएंगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि 35 वर्षों से कम उम्र वाले शोधार्थियों द्वारा पढ़े जाने वाले श्रेष्ठ पांच आलेखों पर जेएन ओझा स्मृति युवा पुरस्कार एवं पांच अन्य को डॉ.विजयश्री स्मृति युवा पुरस्कार एक-एक हजार रुपए के…… तथा सर्वश्रेष्ठ आलेख पर प्रो.एस.एल.तातेड़ द्वारा ₹2000 के पुरस्कार दिए जाएंगे।

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मधेपुरा में महामहिम फागू चौहान व शिक्षा मंत्री के.पी.वर्मा, बीएनएमयू के तृतीय दीक्षांत समारोह में

मधेपुरा में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को यादगार बनाने में जहाँ एक ओर कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली एवं कुलसचिव डॉ.कपिल देव प्रसाद की पूरी टीम सक्रिय है वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से युवा जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला की टीम के सुरक्षा प्रहरी के रूप में एसपी संजय कुमार, एसडीएम वृंदालाल, एसडीपीओ वसी अहमद हमेशा चौकन्ना दिखते हैं।

बता दें कि मंगलवार को होने वाले बीएनएमयू के तीसरे दीक्षांत समारोह को लेकर….. सज-धज कर तैयार हो गया है परिसर। आयोजन समितियों के सदस्यगण लगातार अपने-अपने हिस्से के कार्यों की कर रहे हैं समीक्षा। मंच स्थल पर की गई मधुबनी पेंटिंग जहाँ अद्वितीय छटा बिखेर रही है वहीं विश्वविद्यालय परिसर की हवाएं और फिजाएं अद्भुत नजारा पेश कर रही है। प्रमुख स्थलों पर सुसज्जित तोरण द्वार सजावट में चार चाँद लगा रहा है।

यह भी जानिए कि महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान के तीसरे दीक्षांत समारोह में ठहराव के 115 मिनट का मिनट-टू-मिनट प्रोग्राम विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से बना लिया है जिसमें कुलाधिपति का मधेपुरा आगमन 11:50 बजे पूर्वाहन में कीर्ती नारायण मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर होगा तथा उन्हें जिला प्रशासन की ओर से ‘गार्ड आफ ऑनर’ वहीं पर दिया जाएगा।

मुख्य समारोह स्थल पर कुलपति करेंगे स्वागत संबोधन एवं पेश करेंगे वार्षिक प्रगति रिपोर्ट। कुलाधिपति का अध्यक्षीय संबोधन होगा 15 मिनट का। मुख्य अतिथि के रूप में एनईएच यूनिवर्सिटी शिलांग के पूर्व कुलपति व नैक के पूर्व निदेशक डॉ.ए.एन.राय द्वारा 10 मिनट का दीक्षांत भाषण होगा। कुल 21 टाॅपरों को गोल्ड मेडल एवं 335 छात्रों को प्रमाण पत्र देना है। समयानुसार विद्वत शोभायात्रा, राष्ट्रगान, विश्वविद्यालय कुलगीत, दीप प्रज्ज्वलन एवं भूपेन्द्र प्रतिमा पर पुष्पांजलि, शिक्षा मंत्री का संबोधन…. प्रति कुलपति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा विद्वत शोभा यात्रा के साथ महामहिम कुलाधिपति का हेलीपैड के लिए प्रस्थान 1:45 बजे अपराहन में होगा।

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गोवा से गुजरात तक के 15 भारतीय बने ब्रिटेन के संसद सदस्य

ब्रिटेन के संसदीय चुनाव में भारतीय मूल के 15 भारतवंशियों में से आधे-आधे वहाँ की दोनों पार्टियों (कंजरवेटिव और लेबर) से जीत दर्ज कर हाउस ऑफ कॉमंस पहुंचे। इनमें से कुछ के माता-पिता संसार के अन्य देशों से होते हुए ब्रिटेन पहुंचे और कुछ सीधे भारत से आकर ब्रिटेन में रहने लगे और वहीं के ही नागरिक बन गए।

बता दें कि इन 15 भारतीय मूल के ब्रिटिश पार्लियामेंट के लिए जीते हुए सदस्यों में अधिकांश बैंकर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील हैं। चर्चानुसार यह माना जा रहा है कि नई ब्रिटिश सरकार में तीन भारतवंशी सांसद मंत्री भी बन सकते हैं।

यह भी बता दें कि इन तीनों में एक प्रमुख नाम है प्रीति पटेल, जो विगत सरकार में ब्रिटेन की गृह मंत्री रह चुकी हैं। थेरेसा सरकार में गृह मंत्री रही प्रीति पटेल युगांडा-भारतीय परिवार में जन्मी जबकि प्रति पटेल की दादी-दादा गुजरात के तारापुर में रहते थे…… पिता युगांडा पहुंचे और फिर वहां से ब्रिटेन आ गए। शेष दो मंत्री बनने वाले हैं- अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री रह चुके आलोक शर्मा एवं रेवेन्यू डिपार्टमेंट के चीफ सेक्रेटरी रहे पंजाब मूल के ऋषि सुनाक।

चलते-चलते यह भी जान लें कि इन 15 भारतीयों में चार पहली बार हाउस ऑफ कॉमंस पहुंचे हैं। और शेष हैं- क्लेयर कुटिन्हो (गोवा), सुएला ब्रेवरमैन (गोवा), वैलेरी वाज (गोवा), शैलेश वारा (गुजरात), आलोक शर्मा (आगरा) और नवेंदु मिश्रा (कानपुर) सहित…… भारत के भिन्न-भिन्न स्थानों पर जन्मे इन ब्रिटिश सांसदों के नाम हैं- गगन मोहिंद्रा, मुनीरा विल्सन, वीरेंद्र शर्मा, तमनजीत सिंह, सीमा मल्होत्रा, प्रीति कौर गिल एवं लीजा नंदी।

 

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15 साल बनाम 15 साल होगा 2020 के चुनाव का नेरेटिव: आरसीपी

बिहार प्रदेश जदयू मुख्यालय में शुक्रवार को क्षेत्रीय संगठन प्रभारियों, जिला प्रभारियों, जिलाध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों, प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों एवं प्रदेश प्रवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह ने की। इस बैठक में विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, मुख्य प्रवक्ता संजय कुमार सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, परमहंस कुमार, कामाख्या नारायण सिंह, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, क्षेत्रीय संगठन प्रभारी सुनील कुमार, अरुण कुशवाहा, विपिन कुमार यादव, रामगुलाम राम, पंचम श्रीवास्तव, आशिफ कमाल, युवा जदयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा, समाज सुधार वाहिनी अध्यक्ष रंजू गीता, महिला जदयू अध्यक्ष श्वेता विश्वास आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम 15 नवंबर से 05 दिसंबर तक बिहार के हर बूथ पर अध्यक्ष और सचिव के मनोनयन को लेकर चले अभियान का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। अभियान की सफलता पर आरसीपी सिंह ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी के संगठन के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। हमारा संगठन अब सभी बूथों तक है, यह पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि है। हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमीन पर काम किया है और अब हमारा संगठन भी जमीन तक है। इस अभियान से हमारे कार्यकर्ताओं का भरोसा बढ़ा, पार्टी जड़ से मजबूत हुई और संगठन की ताकत बढ़ी।
अपने संबोधन में आरसीपी सिंह ने आगे कहा कि अब हमलोगों का अगला लक्ष्य 15 दिसंबर 2019 से 05 जनवरी 2020 के बीच विधानसभावार सम्मेलन का है। इसके बाद बूथ तक के सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करना है। इसके लिए लगभग 400 मास्टर ट्रेनर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी को एकजुट और संकल्पित रहना है कि बिहार में 2020 में फिर श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बने।
आरसीपी सिंह ने कहा कि 2020 के चुनाव का नेरेटिव होगा 15 साल बनाम 15 साल। बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है कि नीतीश कुमार के शासन के पहले और बाद के बिहार में क्या अंतर है और साथ में यह भी कि और अगले 5 साल में क्या कुछ हो सकता है। न्याय के साथ विकास, बिहार का समावेशी विकास, सामाजिक सौहार्द्र और कानून का राज – हमारे नेता अपने इन संकल्पों पर शुरू से लेकर आज तक अडिग हैं।
एनआरसी और नागरिक संशोधन बिल की चर्चा करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि आज लोग नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के नाम पर लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं, जबकि हमलोगों का एजेंडा ‘सी’ से आगे ‘डी’ का यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ डेवलपमेंट का है। हमलोगों का एकमात्र एजेंडा विकास है और विकास की इस यात्रा में धर्म, जाति या लिंग के नाम पर कोई भेदभाव नहीं कर सकता। कुछ पार्टियां अल्पसंख्यकों के नाम पर भय की राजनीति करने में लगी हैं, जबकि हमलोगों की राजनीति भय के विरुद्ध भरोसा की है। यह भय बनाम भरोसा की लड़ाई है। हमलोग अल्पसंख्यकों के भरोसा को किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी लाईन से अलग विचार या राय रखने वाले पार्टी की ओर से स्वतंत्र हैं।

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बिहार के एमआईटी में गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर बनेगा शोध केन्द्र

एमआईटी यानि मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में विश्व विख्यात बिहार के गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर शोध केंद्र बनेगा। यह शोध केन्द्र एमटेक के थीसिस वर्क के साथ-साथ प्राध्यापकों के रिसर्च कार्य के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।

बता दें कि एमआईटी के प्राचार्य डॉ.जे.एन.झा ने बताया कि संस्थान के रिसर्च सेंटर का नाम विश्व प्रसिद्ध महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर होगा। डॉ.झा ने कहा कि टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (टी.ई.क्यू.आई.पी.) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की बैठक में इसकी मंजूरी मिल गई है। अब डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से मंजूरी हेतु प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

प्राचार्य डॉ.जे.एन.झा द्वारा यह जानकारी दी गई कि इस रिसर्च सेंटर की स्थापना से सूबे में शोध कार्यों की संस्कृति विकसित होगी। उन्होंने कहा कि अब तक इस रिसर्च सेंटर में 75 कंप्यूटर इंस्टॉल किए जा चुके हैं जिसमें कुछ अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए जाएंगे। वैसे सॉफ्टवेयर जिसमें डिजाइनिंग से लेकर अन्य जरूरतमंद तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि रिसर्च सेंटर के संस्थान को बहुत फायदा होगा। आने वाले दिनों में एमआईटी का एनबीए से एक्रीडिटेशन होना है। अतः संस्थान में रिसर्च सेन्टर होने से इसे बेहतर रैंकिंग मिलेगा।

 

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आठ वर्षीय भारत की बेटी लिसिप्रिया ने जलवायु शिखर सम्मेलन में की धरती को बचाने की अपील

भारतीय स्टेट मणिपुर की 8 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने स्पेन की राजधानी मैड्रिड में सीओपी 25 जलवायु शिखर सम्मेलन में पधारे वैश्विक नेताओं से अपनी धरती तथा उन जैसे मासूमों के भविष्य को बचाने हेतु तुरंत कदम उठाने की गुहार लगाई। महज 8 वर्ष की उम्र में भारत की इस बेटी ने अपनी चिंताओं से दुनिया को झकझोर दिया।

बता दें कि नन्ही पर्यावरण कार्यकर्ता लिसिप्रिया ने जलवायु शिखर सम्मेलन में आए पर्यावरणविदों से यही कहा- “मैं (लिसिप्रिया कंगुजम) यहाँ उपस्थित वैश्विक नेताओं से यही कहने आई हूँ कि यह एक संकल्पी कदम उठाने का वक्त है क्योंकि यह वास्तविक क्लाइमेट इमरजेंसी है।”

इतनी छोटी उम्र में इतने अहम मसले पर बात रखने के कारण लिसिप्रिया स्पेन के सारे अखबारों की सुर्खियों में बनी रहीं। लिसिप्रिया के पिताश्री के.के.सिंह ने कहा कि मेरी बेटी की बातों को सुनकर कोई यह अनुमान नहीं लगा पाया कि वह महज 8 साल की है। आगे उन्होंने कहा कि महज 6 साल की उम्र में मेरी बेटी को मंगोलिया में आयोजित 2018 की आपदा मसले पर हुए मंत्री स्तरीय शिखर सम्मेलन में बोलने का अवसर मिला तो लिसिप्रिया ने अंत में यही कहा कि जब बच्चों को अपने माता-पिता से बिछुड़ते देखती हूँ तो मैं रो पड़ती हूँ।

चलते-चलते यह भी बता दें कि मंगोलिया से लौटने के बाद लिसिप्रिया ने अपने पिता के सहयोग से “The Child Movement” नामक संगठन कायम किया तथा जलवायु परिवर्तन मसले पर अपने जुनून के चलते उसने गत फरवरी महीने से स्कूल जाना भी छोड़ दी। लिसिप्रिया अभी तक जलवायु परिवर्तन मसले को लेकर 21 देशों का दौरा कर चुकी है। दुनिया की सबसे कम उम्र वाली भारतीय पर्यावरण कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम को भिन्न-भिन्न देशों के सम्मेलन में भाग लेने हेतु वहाँ की सरकार द्वारा यात्रा का खर्च वहन किया जाता है।

यह भी कि वर्ल्ड चिल्ड्रन पीस प्राइज एवं डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम चिल्ड्रन अवार्ड प्राप्त लिसिप्रिया कंगुजम जैसी नन्हीं बेटी को भारत का नाम रोशन करते रहने के लिए डॉ.कलाम के करीबी समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कोटि-कोटि शुभकामनाएं व्यक्त की है।

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लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है मानवाधिकार दिवस- डॉ.मधेपुरी

10 दिसंबर (मंगलवार) को संध्या 6:00 बजे भूपेन्द्र नारायण मंडल चौक से शहीद सदानंद चौक तक जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी, समाजसेवी, अधिवक्ता एवं छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर “विश्व मानवाधिकार दिवस” के बैनर तले लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी द्वय एडीएम उपेन्द्र कुमार व एडीएम शिवकुमार शैव सहित अन्य पदाधिकारीगण, अधिवक्ता विजय कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डाॅ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, स्काउट एंड गाइड प्रशिक्षण जयकृष्ण यादव, टीपीएस के छात्र एवं शिक्षक भी तख्तियों एवं बैनरौं के साथ हाथ में जलती मोमबत्ती लेकर ‘कैंडल मार्च’ में शामिल दिखे। विशेष बात यह कि दिल्ली से आई डॉ.हेमा अपने सहयोगी भारती के साथ भूपेन्द्र चौक से शहीद सदानंद चौक तक मानवाधिकार पर ही चर्चाएं करती हुई देखी गई।

शहीद सदानंद चौक पर सारे कैंडलों को शहीद स्मारक पर जलते हुए रखकर कैंडल मार्च का समापन किया गया। मौके पर आए मीडिया मैनो के साथ-साथ उपस्थित सारे लोगों को संबोधित करते हुए एडीएम द्वय ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में मानवाधिकार के बाबत सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था, तबसे इस तारीख को सारे सदस्य देशों द्वारा मानवाधिकार के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि आजादी, बराबरी और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है मानवाधिकार। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि देश की सरकार की तरह ही विश्व सरकार बननी चाहिए और इसके समर्थन में उन्होंने अपनी चन्द पंक्तियाँ यूँ  उद्धृत की।

रे धरा एक सरकार एक,

जब क्रियाशील चिन्तन होगा।

हिंसा विद्वेष गरल से तब,

चिरमुक्त मनुज का मन होगा।।

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17 दिसंबर को दीक्षांत समारोह में बीएनएमयू 19 टॉपर्स को देगा गोल्ड मेडल

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में…. स्थापना के 28 साल बाद तीसरी बार हो रहे दीक्षांत समारोह को यादगार बनाने हेतु कभी कुलपति डॉ.अवध किशोर राय की अध्यक्षता में तो कभी प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली की अध्यक्षता में बैठकों का दौर जारी है। इस बार के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल फागू चौहान के हाथों स्नातकोत्तर के कुल 19 टॉपर्स को दिया जाएगा गोल्ड मेडल। इन 19 टॉपर्स में 16 होंगे सत्र 2015-17 स्नातकोत्तर के भिन्न-भिन्न विषयों के टॉपर्स एवं तीन होंगे एमडी, एमएस और एमलिस के टॉपर्स। टॉपर्स की सूची में लड़कियां आगे हैं। जानिए कि पीजी के 16 विषयों में 12 में बेटियां ही टॉप की हैं।

बता दें कि जिन्हें कुलाधिपति के हाथों मिलेगा स्वर्ण पदक वे हैं पीजी के 11 टॉपर्स- 1. वसुंधरा भारती (भौतिकी), 2. सृष्टि कुमारी (वनस्पति), 3. अमर कुमार (मनोविज्ञान), 4. रूपिका कुमारी (भूगोल), 5.सम्मी कुमारी (गृह विज्ञान), 6.अमरेश कुमार अमर (अर्थशास्त्र), 7.कृष्णदेव प्रसाद यादव (समाजशास्त्र), 8. त्रिलोकी नाथ झा (हिन्दी), 9. निवेदिता कुमारी (अंग्रेजी), 10. ब्रज भूषण कुमार (कॉमर्स) पीजी, निकिता कुमारी, कॉमर्स (पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया), कुमारी आर्या (जन्तु विज्ञान) एवं टीपी कॉलेज मधेपुरा की प्रियंका गुप्ता (जन्तु विज्ञान) ।

शेष कॉलेजों के टॉपर्स हैं- 12.स्नेहा कुमारी, रसायन विज्ञान (एमएलटी कॉलेज सहरसा), 13.अभिषेक कुमार मांझी, गणित (डीएस कॉलेज कटिहार), 14.पल्लवी शर्मा, इतिहास (एमएलटी कॉलेज सहरसा), 15. शोहरत जहाँ,उर्दू (टीपी कॉलेज मधेपुरा), 16.विशाखा कुमारी, राजनीति विज्ञान (पीजी सेंटर सहरसा)।

और शेष तीन  पदक विजेता हैं- 17,डॉ.शम्भवी (एमडी), कटिहार मेडिकल कॉलेज कटिहार, 18. डॉ.चांदनी सहगल (एमएस) एमजीएम मेडिकल कॉलेज किशनगंज एवं 19.कुणाल कुमार, पुस्तकालय सूचना विभाग, बीएन मंडल विश्वविद्यालय।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कॉमर्स एवं जंतु विज्ञान में दो-दो टॉपर शामिल हैं तथा संस्कृत, मैथिली और दर्शनशास्त्र में 10 से कम छात्र रहने के कारण टॉपर की सूची तैयार करने वाली समिति द्वारा इन विषयों के लिए सूची जारी नहीं की गई।

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राजद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालू के निर्वाचन पर मुहर

राष्‍ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालू प्रसाद यादव के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के रूप में निर्वाचन पर मुहर लग गई। मंगलवार को राजद की नवगठित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही पार्टी का खुला अधिवेशन भी होगा। सोमवार को कार्यकारिणी की बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के नारों और संघर्ष की रणनीति तय की गई और एक स्वर से तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया।

गौरतलब है कि सोमवार को राजद राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई प्रदेशों के नेता आए, लेकिन राबड़ी देवी और मीसा भारती की अनुपस्थिति खटक रही थी। लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय और सांसद मनोज झा भी नहीं थे। बैठक में जहां लालू के छोटे बेटे तेजस्‍वी काफी सक्रिय दिखे, वहीं उनके बड़े बेटे तेजप्रताप काफी देर बाद पहुंचे। कुछ दिनों पहले अवकाश लेने की घोषणा करने वाले शिवानंद तिवारी की सक्रियता सबकी निगाहों में रही।

बहरहाल, सोमवार को हुई बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के नारे और संघर्ष की रणनीति पर विचार किया गया। अपराध, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर केन्द्र-राज्य सरकारों के खिलाफ पार्टी की व्यूह रचना हो चुकी है। नई रणनीति के तहत आरजेडी को अब सवर्णों से भी परहेज नहीं है। मंगलवार को पटना के बापू भवन में आयोजित खुला अधिवेशन के दौरान मैदान की ओर प्रस्थान के लिए बिगुल बज जाएगा।

सोमवार की बैठक में कुल दस प्रस्तावों पर मुहर लगी। राजनीतिक प्रस्ताव चितरंजन गगन ने रखा जिसका समर्थन शिवानंद तिवारी और रामचंद्र पूर्वे ने किया। आर्थिक प्रस्ताव आलोक मेहता ने रखा जिसका समर्थन अब्दुलबारी सिद्दीकी और उदयनारायण चौधरी ने किया। शिक्षा संबंधी प्रस्ताव चन्द्रशेखर ने, विदेश नीति का प्रस्ताव अन्नु चाको ने, एससी-एसटी संबंधी प्रस्ताव सुरेश पासवान ने, अल्पसंख्यक संबंधी प्रस्ताव तनवीर हरसन ने, महिला सशक्तिकरण का प्रस्ताव कांति सिंह ने तथा संविधान संशोधन संबंधी प्रस्ताव भोला यादव ने रखा। बता दें कि राजद के प्रस्तावों में महिला सशक्‍तीकरण को पहली बार शामिल किया गया। प्रस्ताव प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने तैयार किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुवंश प्रसाद सिंह ने की।

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मधेपुरा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार समारोह पूर्वक हुआ संपन्न

जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में रविवार के दिन बिहार उर्दू निदेशालय एवं जिला प्रशासन के सौजन्य से फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का शानदार आगाज किया गया। इस अवसर पर ऊर्जावान युवा जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्राचार्य शकील अहमद, प्रो.गुल हसन, अधीक्षक मुर्तुजा आलम, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, अध्यक्ष बौआ यादव, एडीएम उपेन्द्र कुमार एवं समाजसेवी शौकत अली ने समारोह का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेमिनार को ऊँचाई देने वाले पंचायती राज पदाधिकारी व उर्दू प्रभारी अल्लामा मुख्तार द्वारा सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम-बुके-बैज के साथ-साथ स्वागत गान से सम्मानित किया गया।

Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri greeting the grand Shaiyar Dr.Noor Mohammed in presence of Deputy Collector & Urdu-in-Charge Allama Mukhtar & others at Bhupendra Smriti Kala Bhawan, Madhepura.
Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri greeting the grand Shaiyar Dr.Noor Mohammed in presence of Deputy Collector & Urdu-in-Charge Allama Mukhtar & others at Bhupendra Smriti Kala Bhawan, Madhepura.

जहाँ डीएम मधेपुरा ने इस मौके पर उर्दू भाषा के विकास पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उर्दू सरीखे सरल भाषा का इस्तेमाल सभी को करना चाहिए क्योंकि उर्दू द्वितीय राजभाषा है वहीं एडीएम उपेन्द्र कुमार ने कहा कि हिन्दी और उर्दू सगी बहनें हैं, एक माँ है तो दूसरी माँसी….. दोनों एक साथ हो तो लेखनी प्रभावशाली हो जाती है।

Minority Hostel Superintendent Md.Murtuza receiving certificate & prize from Dr.B.N.Yadav Madhepuri in Farog-E-Urdu Seminar at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Minority Hostel Superintendent Md.Murtuza receiving certificate & prize from Dr.B.N.Yadav Madhepuri in Farog-E-Urdu Seminar at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

मौके पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि चार भाषाओं- महाराष्ट्री सौरसेनी, मगधी एवं अर्धमगधी मिलकर 8वीं शताब्दी के आसपास हिन्दी आई…. तथा अरबी, फारसी और हिन्दी मिलकर 10वीं शताब्दी के आसपास उर्दू भाषा को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि अभी संसार में छह हजार से अधिक भाषाएं और सैकड़ों लिपियाँ हैं। कोसी के इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की पुस्तक “अंगलिपि का इतिहास” में 84 लिपियों की चर्चा है जो भागलपुर विश्वविद्यालय के एमए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

इस अवसर पर मौलाना बदरुद्दीन, शायर अल्लामा साहब, फिरोज जख्मी एवं दरभंगा से आए तीन शायरों- डॉ.नूर मोहम्मद, मो.मुस्ताक आदि ने मजलिस को जानदार बना दिया। प्रभारी अल्लामा मुख्तार ने बीच-बीच में मंच को जानदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। उर्दू जुबान में बोलने वाले बच्चों एवं बड़ों को नगद पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिया गया। भोजन-पानी का उत्तम प्रबंध देखा गया। अंत-अंत तक जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, डीपीओ मोहम्मद कबीर, वरीय उप-समाहर्ता अजमल खुर्शीद, अल्पसंख्यक छात्रावास के अधीक्षक मुर्तुजा आलम एवं अनवारुल हक व अधिवक्ता जावेद अकरम मौजूद रहे।

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