कोसी के युवाओं को मधेपुरा रेल फैक्ट्री में मिलेंगे रोजगार के नये अवसर

आज से मधेपुरा रेल फैक्ट्री में रेल विद्युत इंजन निर्माण कार्य शुरू होने से विकास के नये द्वार खुलने लगे हैं | 100-100 करोड़ के कई छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित होने की संभावनाएँ बन रही हैं | लोग आने लगे हैं |

बता दें कि डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने मधेपुराअबतक को बताया कि कुछ कंपनियों ने तो जमीन उपलब्ध कराने के लिए उनसे मुलाकात भी की है | उन्होंने यह भी कहा कि रेल विद्युत कारखाना के आस-पास अन्य प्रकार की कई फैक्ट्रियों के स्थापित होते ही पूरा क्षेत्र औद्योगिक हब के रूप में विकसित होने लगेगा | रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होने की संभावना भी प्रबल हो गयी है जो इस क्षेत्र की बड़ी समस्या बनी हुई है | कदाचित आनेवाले समय में पलायन भी रूकेगा |

यह भी बता दें कि डीएम मो.सोहैल ने कहा कि कोसी एवं सीमांचल के ITI एवं विभिन्न ट्रेडों में पॉलिटेक्निक किये युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी | डीएम ने इस धरती को नमन करते हुए कहा कि 4 अक्टूबर 2016 को फैक्ट्री निर्माण के लिए डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव व अन्य की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया था और एक वर्ष 7 दिन के बाद पहला इंजन आज से बनना तैयार हो गया है जबकि भारत सरकार से 1000 इंजन खरीदने का आर्डर भी प्राप्त हो चुका है | मधेपुरा की धरती के लिए यह अद्भुत उपलब्धि है | फैक्ट्री पर कुल 26000 करोड़ की लागत का अनुमान है |

अंत में यह भी जानिए कि मधेपुरा के समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने मधेपुराअबतक के समक्ष उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि स्मरण कीजिए 26 जनवरी, 2016 को पीएम नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ने कांट्रेक्ट पर हस्ताक्षर किया था और समय से छह माह पूर्व फैक्ट्री बनकर तैयार हो गया और उत्पादन भी आज से आरम्भ हो गया- जिसमें भूमि मुहैया कराने से लेकर हर पल फैक्ट्री निर्माण हेतु विद्युत विभाग से लेकर टाटा-प्रोजेक्ट्स पर दवाब बनाये रहने वाले मो.सोहैल का “आराम हराम है” वाला जीवन-सूत्र अहर्निश कार्यरत रहा……… यही कारण है कि मधेपुरा डीएम हाल ही में सीएम नीतीश कुमार द्वारा पुरस्कृत किये गये हैं……. वह दिन दूर नहीं जब डायनेमिक डीएम मो.सोहैल पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा भी पुरस्कार ग्रहण कर मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करेगा….. बिहार को यश दिलायेगा और स्वयं यशस्वी बनेगा |

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यही ‘भीड़’ आप जैसों को नेता बनाती है, चौबेजी !

बिहार से बाहर बड़े शहरों में रोजगार के लिए जाकर बसने वाले बिहारियों के लिए ‘बिहारी’ संबोधन का प्रयोग कई बार उन्हें ‘देहाती’, ‘असभ्य’ या ‘विकास के दौर में पिछड़ा’ जताने और बताने के लिए किया जाता है। हालांकि इधर कुछ वर्षों में यह प्रवृत्ति कम हुई है। लेकिन जब बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले, जिनके कंधों पर राज्य के गौरव का भार होता है, इस संबोधन का अमर्यादित प्रयोग करें तो क्या कहेंगे आप? जी हां, केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कुछ ऐसा ही कर दिया है। मोदी कैबिनेट में स्वास्थ्य राज्यमंत्री चौबे ने खुली सभा में कहा कि बिहार के लोगों से एम्स में भीड़ बढ़ रही है। स्वाभाविक है कि ऐसे बयान के बाद उनकी आलोचना हो और सियासत का पारा गर्म हो जाए। राजद और कांग्रेस इस बयान के लिए चौबे से बिहार के लोगों से माफी मांगने को कह रहे हैं, तो जेडीयू उन्हें ऐसे बयानों से बचने की सलाह दे रही है।

बता दें कि केन्द्रीय मंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे ने यह बात एक कार्यक्रम में कही जब बिहार के लोगों पर चर्चा हो रही थी। उन्होंने कहा था कि बिहार के लोगों की वजह से दिल्ली के एम्स में भीड़ बढ़ गई है। बिहार के लोग छोटी सी बीमारी को लेकर भी एम्स पहुंच जाते हैं।

इस बयान के मीडिया में आने के बाद आरजेडी के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सोमवार को कहा कि सत्ता में बैठे लोग सत्ता के नशे में मदहोश हो गए हैं। लोगों को यह अधिकार है कि वह कहीं भी इलाज करा सकें। चौबे का यह बयान संविधान के खिलाफ है और उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर निकाल देना चाहिए।

आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में अश्विनी चौबे को मानसिक रूप से कमजारे बताते हुए कहा कि बीजेपी ने हमेशा ही बिहार और बिहार के लोगों का अपमान किया है। इस बयान के लिए चौबे और बीजेपी को बिहार के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने प्रधानमंत्री से ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

इस बीच जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने चौबे को ऐसे बयानों से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि दिल्ली के एम्स में बिहार के ही ज्यादा चिकित्सक हैं। बिहार के लोग हर जगह हैं, ऐसे में बिहार के लोग कहीं भी इलाज कराने जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने चौबे का बचाव करते हुए यह भी कहा कि मंत्री के बयान को इस तरह से लेना चाहिए कि बिहार में कई बीमारियों के इलाज की समुचित व्यवस्था होने के बावजूद भी लोग दिल्ली इलाज कराने जाते हैं, जिससे यहां के लोगों को बचना चाहिए। उधर वरिष्ठ भाजपा नेता व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी स्वाभाविक तौर पर उनका बचाव किया और कहा कि उनका मकसद पटना एम्स को बेहतर करने से था। यदि पटना में ही सारी सुविधाएं मिलने लगेगी तो लोगों को बाहर जाने की जरूरत ही नहीं होगी।

अब चौबे ने यह बयान चाहे जिस भाव से दिया हो, यहां की जनता को ‘भीड़’ कहने की भूल तो उनसे हो ही गई है। उन जैसे नेता भला ये कैसे भूल सकते हैं कि यही ‘भीड़’ उन्हें ‘भीड़’ से बाहर निकालकर नेता बनाती है, उन्हें सारे पद और अधिकार दिलाती है और बदले में बस थोड़ा-सा सम्मान चाहती है। हद तो तब हो जाती है जब वही नेता उन्हें भीड़ बताने तक से गुरेज नहीं करते..!

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

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अब सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए होगा प्रीपेड मीटर- ऊर्जा मंत्री

बिहार के ऊर्जावान बिजली मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने यह घोषणा की कि जिस प्रकार प्रीपेड मोबाइल में पैसे कटते हैं, उसी प्रकार प्रीपेड बिजली मीटर में जितनी बिजली की खपत होगी उतनी ही राशि कटती जायेगी | राज्य के कर्मठ ऊर्जा मंत्री ने बिहारवासियों से कहा कि इस कार्यक्रम से जहाँ एक ओर बिजली का दुरुपयोग रुकेगा वहीं दूसरी ओर बिजली बचाने के लिए उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी | साथ ही राज्य के सभी सेक्टरों को निर्बाधरुप से बिजली मिलती रहेगी चाहे वो औद्योगिक क्षेत्र हो या कृषि क्षेत्र अथवा अन्य कोई भी क्षेत्र क्यों न हो |

यह भी बता दें कि उपभोक्ताओं द्वारा निरंतर की जा रही शिकायत कि नियमित रूप से समय पर बिजली बिल नहीं दिये जाते हैं- जिसके फलस्वरूप बिल भुगतान नहीं किये जाने की समस्याओं को दूर करने हेतु राज्य सरकार की रीढ़ माने जानेवाले ऊर्जामंत्री  द्वारा यह कदम उठाया गया है | ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के सात निश्चयों के तहत हर घर को बिजली देने की योजनान्तर्गत 15 से 20% घरों में बिजली नहीं पहुंच पायी है- उसे 2018 के मार्च तक पहुँचा दिया जायेगा |

यह भी जानिए कि दीपावली के बाद राज्य के हर पंचायत में कनेक्शन-करेक्शन अभियान की शुरुआत होगी | इस अभियान में बिजली के प्रीपेड मीटर कनेक्शन एवं अन्य करेक्शन ऑन स्पॉट दूर कर दिया जायगा | बिल देने का झंझट समाप्त होगा और उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ही हमेशा बिल आ जायेगा | बिल का भुगतान भी उपभोक्ता ऑनलाइन करते रहेंगे……. तथा विविध प्रकार की परेशानियों से बचते रहेंगे |

अंत में ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव ने मधेपुराअबतक को बताया कि इस योजना से राज्य के रेवेन्यू का ग्राफ तो बढ़ेगा ही बढ़ेगा, साथ ही लोगों द्वारा अलग से बिल देने का झंझट व परेशानी भी समाप्त हो जायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि एग्रीकल्चर फीडर के लिए वर्ल्ड बैंक से ऋण मुहैया करा लिया गया है जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा इसी वर्ष नवंबर माह में होने जा रहा है | और आगे बरौनी, कांटी, नवीनगर सहित कजरा-पीरपैंती के सभी यूनिटों व सोलर पावर प्रोजेक्टस मिलाकर बिहार को 6000 मेगावाट बिजली देने की क्षमता होगी और तब बिहारवासियों को चौबीसों घंटे बिजली मिलती रहेगी |

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राय के बड़े बोल, नए उत्साह में भाजपा

बिहार भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद भाजपा नए उत्साह में दिख रही है। बैठक के समापन के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में आरजेडी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। 2019 में लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी एक सीट भी नहीं जीत पाएगी।

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने लोजपा, रालोसपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के साथ मिलकर बिहार की 40 में से 31 सीटें जीत ली थीं जबकि तब जेडीयू ने अकेले चुनाव लड़ा था। इस बार नीतीश कुमार भाजपा के साथ हैं। राय ने लालू पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, झूठ, पिछड़ों की पीठ में छूरा मारने वाले और केंद्र में मंत्री तथा मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए बेनामी संपत्ति इकठ्ठा करने वाले आज ‘सत्यमेव जयते’ ट्वीट कर रहे हैं।
इस मौके पर राय ने पिछडा वर्ग आयोग के पुनर्गठन करने के लिये पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तारीफ की। राय ने कहा कि यह पिछड़ों को अधिक भागीदारी सुनिश्चित कराने की ओर एक बडा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछड़ा वर्ग में क्रीमीलेयर की सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख तक की। साथ ही पहली बार पिछडा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिये 123वां संविधान संशोधन लाकर साबित किया है कि पिछडों की शुभचिंतक भाजपा ही है।

चलते-चलते बता दें कि भाजपा ने कई दावेदारों के होने के बावजूद अप्रत्याशित रूप से प्रदेश भाजपा की कमान नित्यानंद राय को दी थी। राय को इतनी अहम जिम्मेदारी देने के मूल में स्पष्ट रणनीति थी कि उनकी मदद से भाजपा यादव वोटबैंक में सेंध लगा सकेगी। हालांकि अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से अब तक राय ने तीखे तेवर नहीं अपनाए थे, लेकिन प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद वे अलग अंदाज में दिखे। कहने की जरूरत नहीं कि भाजपा ने 2019 की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।

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उल्लासपूर्वक मनेगी बीएनएमयू की रजत जयंती- कुलपति

जहाँ एक ओर बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय के कर्मठ कुलपति डॉ.अवध किशोर राय की अध्यक्षता में हुई सिंडिकेट की 5 अक्टूबर वाली बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 1300 करोड़ का अनुमानित बजट पेश किया गया वहीं दूसरी ओर बीएनएमयू की स्थापना के 25वें वर्ष पर उमंग के साथ रजत जयंती मनाने की घोषणा करते हुए पांच सदस्यों वाली उच्चस्तरीय समिति भी गठित कर दी गई- जिसके अध्यक्ष होंगे प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली तथा चार सदस्य होंगे- एफओ श्री सीके डीगवाल, डीन सोशल सायंस डॉ.शिवमुनि यादव, सीनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार एवं विश्वविद्यालय अभियंता उमेश कुमार |

बता दें कि कुलपति डॉ. ए.के. राय द्वारा सर्वप्रथम सिंडिकेट के सदस्यों का स्वागत किया गया और लगे हाथ उन्होंने सदस्यों द्वारा शिक्षा एवं शिक्षकों की समस्याओं से संबंधित ढेर सारे प्रश्नों में से एक के जवाब में यही कहा कि सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है | विगत माह में ‘पेंशन अदालत’ लगाया था जिसमें लगभग ढाई सौ में से डेढ़ सौ मामलों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है | आगामी अदालत में सभी एरियर वालों को चेक हस्तगत करा दिया जायेगा | अन्य सभी मामलों को तीन चरणों में- (i) आरंभ से 2000 तक (ii) 2001 से 2007 तक और (iii) 2008 से अबतक को भी पूरा कर लिया जायेगा | इसी तरह सदस्यों के अन्य प्रश्नों के भी ठोस जवाब देते गए कुलपति डॉ.ए.के. राय और उनकी पूरी टीम के पदाधिकारीगण |

यह भी जानिए कि जब मधेपुराअबतक द्वारा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से वर्तमान कुलपति डॉ.राय द्वारा इस विश्वविद्यालय में अब तक के किये गये कार्यों पर टिप्पणी करने के लिए यह कहते हुए कहा गया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार आप और कुलपति महोदय एक साथ प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेज टी.एन.बी. (भागलपुर विश्वविद्यालय) में शिक्षा ग्रहण किये हैं और आपने उनके सीनियर के रूप में एक ही छात्रावास में रहकर अध्ययन भी किया है- तो डॉ.मधेपुरी ने संक्षिप्त टिप्पणी में यही कहा-

“बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कुलपति डॉ.राय का अपने अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह कहना कि लंबित संचिकाओं का निष्पादन 3 दिनों के अंदर नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति पर विभागीय कार्रवाई आरंभ की जायेगी…… और विशेष परिस्थिति में अधिकतम समय 15 दिनों का दिये जाने का निर्णय कुलपति के दृढ़ संकल्प को ही तो दर्शाता है |”

यह भी बता दें कि मंडल विश्वविद्यालय के अधिकारी-पदाधिकारी के रूप में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके डॉ.बी.एन.यादव मधेपुरी ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि कुलपति डॉ.ए.के. राय एवं प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली द्वारा शहीद चुल्हाय पार्क एवं कीर्ति नारायण पार्क को आदर्श पार्क के रूप में तब्दील करने और विश्वविद्यालय जिम सहित विभिन्न विषयों के सोसाइटीज आदि को पुनर्जीवित करने की योजनाओं से निश्चय ही विश्वविद्यालय परिसर गुलजार होगा |

अंत में मधेपुरा का डॉ.कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने कहा कि ऐसा लगता है कि वर्तमान कुलपति व प्रतिकुलपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तरह अपने कार्यकाल में कदाचित दो चार दिनों की ही छुट्टी लेंगे | जब ये दोनों विश्वविद्यालय में रहेंगे तो विश्वविद्यालय ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा ही करेगा और रजत जयंती की धूम जब मचेगी तब तक में तो विकास का परचम दूर से ही लहराता हुआ सबों को दिखने लगेगा |

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उच्च शिक्षा में अब जर्मनी और जापान से आगे हैं भारतीय महिलाएं

इस बात पर दुनिया भर के विचारक और समाजशास्त्री अब एकमत हैं कि महिलाओं को मुख्य धारा में लाए बिना और उन्हें हर क्षेत्र में बराबरी का दर्जा दिए बिना हम विकास की मुकम्मल परिभाषा नहीं गढ़ सकते। और यह बात भी शीशे की तरह साफ है कि विकास का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि इस दिशा में हम और हमारी दुनिया कहां है। 35 देशों के संगठन आर्गनाइजेशन फॉर इकोनोमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) की लिंगभेद संबंधी हालिया वैश्विक रिपोर्ट इस पर पर्याप्त रोशनी डालती है।

ओईसीडी के अनुसार भारत समेत दुनिया भर के विकसित और बड़े विकासशील देशों में उच्च शिक्षा में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है ओईसीडी की इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय महिलाएं उच्च शिक्षा में जर्मनी और जापान की महिलाओं से आगे निकल गई हैं। हालांकि 35 देशों (दुनिया के सबसे विकसित और बड़े विकासशील देशों) की सूची में चीन समेत 22 देशों की महिलाएं भारत से आगे हैं।

शिक्षा में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी वाले पांच देशों की बात करें तो वे हैं- स्वीडन (69.1%) कोस्टा रिका (63.7%), स्लोवाक गणराज्य (63.5%), नार्वे (63.2%) और लातविया (63%)। वहीं, स्नातक में महिलाओं की हिस्सेदारी देखें तो वहां भले ही भारत (49.4%) चीन (51.5) से पीछे हो, लेकिन स्विट्जरलैंड (48.8), जर्मनी (48.5) और जापान (45.4) को उसने पीछे छोड़ दिया है।

ओईसीडी की रिपोर्ट नौकरी में महिलाओं के साथ बरते जा रहे लिंगभेद  को भी उजागर करती है। इस दिशा में भारत की स्थिति अत्यंत दयनीय है। आपको हैरानी होगी कि भारत के कार्यबल में 52.9 प्रतिशत जेंडर गैप है, जो दुनिया में सबसे बदतर स्थिति है। वहीं, फिनलैंड में जेंडर के आधार पर कार्यबल में सबसे कम यानि 3 प्रतिशत अंतर है। प्रबंधन स्तर की नौकरियों की बात करें तो इस स्तर पर भारत में 14.5 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है, जबकि मध्यम आय वाली नौकरियों में जेंडर गैप 56 प्रतिशत का है।

नौकरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हालांकि भारत में भी कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन इस क्षेत्र में अभी लंबा सफर तय करना है। विश्व-पटल पर देखें तो ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आइसलैंड, इटली, इजरायल और नॉर्वे जैसे देशों ने निजी व सरकारी नौकरियों में महिलाओं को अलग कोटा देने का प्रावधान कर रखा है। हमें भी इस दिशा ठोस कदम उठाने होंगे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप    

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इस साल धन की वर्षा करेगी शरद पूर्णिमा

इस साल आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानि शरद पूर्णिमा के दिन सितारे अद्भुत संयोग बना रहे हैं। ऐसा संयोग जो आप पर धन और ऐश्वर्य की वर्षा कर देगा। बस आपको करनी होगी सच्‍चे भाव से मां लक्ष्‍मी की पूजा। जी हां, मां लक्ष्मी, शास्त्रों के अनुसार जिनका जन्म शरद पूर्णिमा के दिन ही हुआ था।

शरद पूर्णिमा को लेकर मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर बैठकर भगवान विष्णु के साथ पृथ्वी का भ्रमण करने आती हैं। इसलिए आसमान पर चन्द्रमा भी सोलह कलाओं से चमकता है। शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी रात में जो भक्त भगवान विष्णु सहित देवी लक्ष्मी और उनके वाहन की पूजा करते हैं, उन्हें देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

यही नहीं, ऐसा विश्वास किया जाता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत टपकता है और ये किरणें हमारे लिए भाग्यवर्द्धक होती हैं। ज्योतिषशास्त्र की मानें तो पूरे वर्ष में सिर्फ इसी दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर धरती पर अपनी अद्भुत छटा बिखेरता है। यही कारण है कि लोग रात में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखकर अगले दिन सुबह उसे प्रसाद के रूप में खाते हैं।

शरद पूर्णिमा जो पहले ही इतने शुभ का कारक है, इस साल और भी शुभ होकर आया है। गौरतलब है कि इस साल शरद पूर्णिमा गुरुवार को है और गुरु धन और सुख के कारक ग्रह हैं। उस पर चन्द्रमा भी गुरु की राशि मीन में है जो एक बड़ा शुभ संयोग है। अगला संयोग यह कि देवी लक्ष्मी के जन्मदिवस पर वृद्धि और ध्रुव नामक योग बने हुए हैं जो स्थायी धन, सुख और ऐश्वर्य में वृद्धिकारक है। इस अवसर पर सर्वार्थसिद्धि योग भी बना हुआ है। ग्रहों और नक्षत्रों का यह संयोग बहुत ही शुभ है जिसमें धनलाभ संबंधी कोई भी काम करना शुभ फलदायी होगा।

यह भी जानें कि बिहार एवं बंगाल के लोग इस दिन को कोजागरा और कोजागरी लक्ष्मी पूजा के रूप में मनाते हैं। उधर पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में इस दिन कुमारी कन्याएं प्रातः स्नान करके सूर्य और चन्द्रमा की पूजा करती हैं। माना जाता है कि इससे योग्य पति मिलता है।

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राबड़ी ने बुलाई राजद की आपात बैठक

राष्ट्रीय जनता दल के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब किसी बड़े निर्णय के लिए राबड़ी देवी ने बैठक बुलाई हो और उस बैठक में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव न हों और न ही उनके उत्तराधिकारी के तौर पर स्वीकारे जा चुके तेजस्वी यादव हों। जी हां, राबड़ी देवी ने बुधवार को राजद की आपात बैठक बुलाई, जिसके राजनीति के गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। बता दें कि लालू और तेजस्वी फिलहाल दिल्ली में हैं। सीबीआई ने 5 एवं 6 अक्टूबर को उनसे पूछताछ के लिए समन जारी कर रखा है। सीबीआई ने इससे पहले भी दो बार समन जारी किया था, लेकिन पिता-पुत्र ने दोनों ही बार तिथियों को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।

बहरहाल, राबड़ी द्वारा बुलाई गई आपात बैठक में पार्टी के संगठन चुनाव को निर्धारित समय से 14 महीने पहले कराने का फैसला लिया गया। गौरतलब है कि राजद का संगठनात्मक चुनाव प्रत्येक तीन साल पर होता है और तय समय के मुताबिक इसे जनवरी 2019 में होना चाहिए था। लेकिन इस बात की प्रबल संभावना है कि इसी आसपास लोकसभा चुनाव भी हो जाएं। ऐसा होने पर नई कमिटियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। यही कारण है कि पार्टी सभी मोर्चों पर स्वयं को समय रहते चुस्त-दुरुस्त कर लेना चाहती है।

राबड़ी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि 20 नवंबर को राष्ट्रीय परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी होगा, जिसमें लालू प्रसाद यादव की फिर से ताजपोशी तय है। नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद खुला अधिवेशन होगा।

बता दें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पूर्व 23 अक्टूबर को प्रखंड अध्यक्षों का चुनाव, 30 अक्टूबर को जिला अध्यक्षों का चुनाव और 4 से से 7 नवंबर के बीच प्रदेश अध्यक्ष, राज्य कार्यकारिणी के सदस्य तथा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चुनाव होगा। इन सभी चुनावों से पहले सघन सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत गुरुवार से होगी।

यह भी जानें कि इन संगठनात्मक चुनावों के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह को राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है और प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन को राष्ट्रीय सहायक निर्वाचन पदाधिकारी की जिम्मेवारी दी गई है, जबकि प्रदेश में चुनाव की जिम्मेवारी तनवीर हसन की होगी।

 

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2 अक्टूबर को गाँधीमय हुआ मधेपुरा

जहाँ एक ओर सबेरे से कई संगीत संस्थानों में गाँधी के भजन सुनाई देने लगे वहीँ दूसरी ओर कई भजन प्रेमियों के घर-आँगन में ‘वैष्णव जन तो तैने कहिए…….’ की धुन सुनाई देने लगी |

बता दें कि शहीद चुल्हाय मार्ग वाले जिला परिषद डाकबंगला के परिसर में अवस्थित गाँधी की प्रतिमा पर 9 बजते ही डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास सहित जिले के समाजसेवियों व गणमान्यों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई |

आगे 9:30 बजे सभी समाहरणालय पहुँचे जहाँ 1 वर्ष पूर्व वर्तमान डीएम के कार्यकाल में ही उनकी सोच के अनुरूप संगमरमर से बनी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की आदमकद प्रतिमा पर डीएम, एसपी सहित गणमान्यों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गयी | सादे समारोह में स्काउट एंड गाइड के प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव के निर्देशन में सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया | बाद में राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह व दहेज के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के मद्देनजर डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा शपथ ग्रहण कराया गया जिसमें एसपी विकास कुमार सहित अन्य पदाधिकारीगण व शहर के शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी सहित अन्य समाज सेवीगण भी मौजूद देखे गये |

Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Rastrapita Mahatma Gandhi on the occasion of his 148th Jayanti (2 October 2017) at Samaharnalaya Campus, Madhepura.
Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Rastrapita Mahatma Gandhi on the occasion of his 148th Jayanti (2 October 2017) at Samaharnalaya Campus, Madhepura.

यह भी बता दें कि 10:00 बजे से झल्लूबाबू सभागार में पुनः डीएम मो.सोहैल की अध्यक्षता में नीतीश सरकार द्वारा बाल विवाह एवं दहेज के लेन-देन के खिलाफ चर्चाऍ हुई और यही शपथ ग्रहण कि 18 वर्ष की लड़की और 21 वर्ष के लड़के से कम उम्र के रहने पर शादी नहीं होगी, दहेज़ का लेन-देन नहीं होगा |

बाद में “गाँधी रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए डीएम मो.सोहैल ने कहा कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी यह रथ इन कुप्रथाओं के रोकथाम हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरुक करेगी | डीएम ने कहा कि सभी प्रखंडों एवं आंगनबाड़ी केंन्द्रों पर यह कार्यक्रम हो रहा है |

Mukhya Vakta Dr.Madhepuri , Sagathan Prabhari Amar Choudhary, Dr.Gulhasan, Naresh Paswan along with JD(U) Party President Prof.Bijendra Narayan Yadav in Gandhi Jayanti at SNPM Law College, Madhepura.
Mukhya Vakta Dr.Madhepuri , Sangathan Prabhari Amar Choudhary, Dr.Gulhasan, Naresh Paswan along with JD(U) Party President Prof.Bijendra Narayan Yadav celebrating Gandhi Jayanti at SNPM Law College, Madhepura.

फिर दोपहर बाद 1:30 बजे से शिवनन्दन विधि महाविद्यालय सभागार में जद(यू) के जिलाध्यक्ष प्रो.विजेन्द्र नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित गाँधी-शास्त्री जयन्ती में शहर के शिक्षाविद-समाजसेवी व मुख्यवक्ता डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने संगठन प्रभारी अमर चौधरी उर्फ़ भगवान चौधरी, पूर्व प्रमुख सियाशरण यादव, डॉ.गुलहसन, गुड्डी देवी, डॉ.नीलाकान्त, डॉ.नीरज एवं प्रखंड अध्यक्ष राज किशोर यादव, नरेश पासवान आदि अन्य सभी प्रखंडों के अध्यक्ष-सचिव आदि को सम्बोधित करते हुए कहा-

“समाज को बदलने में और बनाने में बहुत समय लगता है | यहाँ पर 1911ई. में समाज सुधारक-स्वतंत्रता सेनानी बाबू रास बिहारी लाल मंडल द्वारा दो दिवसीय महासम्मेलन किया गया था जिसमें नेपाल सहित भारत के 16000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था- और लड़कों की शादी की उम्र 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने में लोग मुँह फेरने लगे थे……|”

डॉ.मधेपुरी ने कहा- संवेदनशील नीतीश सरकार के बाल विवाह और दहेज बंदी को नशाबंदी की तरह जनसमर्थन मिलेगा ही मिलेगा तथा समाज को इस कोढ से मुक्ति मिलेगी ही मिलेगी ……| फिर हमलोग 2018 के 21 जनवरी को पूरे बिहार में मानव कड़ी बनायेंगे- गाँधी-शास्त्री की तस्वीर को साक्षी रखकर सबों ने यही शपथ ली………| कार्यक्रम शाम तक चला | सबों ने अपना-अपना विचार रखा | अन्त में प्रो.सुजित मेहता ने धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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शराबबंदी के बाद बाल विवाह और दहेज के विरुद्ध शंखनाद

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 148वीं जयंती के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ एक बड़े अभियान का शंखनाद किया। बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के बाद नीतीश ने समाज को घुन की तरह खा रही इन दो कुरीतियों पर जिस तरह चोट की है, वह उन्हें राजनेताओं की भीड़ में निश्चित तौर पर एक अलग स्थान का हकदार बनाती है। देखा जाय तो बापू को इससे बड़ी श्रद्धांजलि हो भी क्या सकती थी!

गौरतलब है कि बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानून होने के बावजूद यह बिहार में काफी प्रचलित है। खासकर राज्य के ग्रामीण इलाकों में यह कुप्रथा बहुत बड़े स्तर पर फैली हुई है। आंकड़ों की मानें तो कुछ वर्ष पहले तक बिहार में होने वाले कुल विवाह में से करीब 69 प्रतिशत बाल विवाह होते थे। हालांकि हाल ही में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य संरक्षण-4 में खुलासा हुआ है कि लड़कियों की शिक्षा पर जोर देने के कारण पिछले 10 सालों में यह आंकड़ा घटा है। फिर भी इस कुरीति को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अभी काफी कुछ किए जाने की जरूरत थी। जहां तक दहेज प्रथा का प्रश्न है, उसके लिए तो आंकड़ों की भी जरूरत नहीं। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो बिहार क्या देश भर में शायद ही कोई माता-पिता हों जिन्हें दहेज के अजगर ने डंसा न हो। हर साल हजारों बेटियां दहेज के कारण न जाने कितने अत्याचार सहती हैं, उनमें से कई तो जिन्दा जला दी जाती हैं। ऐसे में बिहार में इन दोनों कुरीतियों के विरुद्ध शुरू की गई ये पहल निश्चित तौर बदलाव की ओर बढ़ाया गया एक बड़ा कदम है।

सोमवार को राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान के समीप नवनिर्मित बापू सभागार से महाअभियान का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को शपथ दिलाई कि बिहार को बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों से मुक्त कराने की प्रतिज्ञा लें। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस अभियान को राजनीतिक चश्मे से न देखें। राजनीति अपनी जगह पर है और वह होती रहेगी। यह सामाजिक अभियान है। इस अभियान में पूरी एकजुटता से शामिल हों। उन्होंने ऐलान किया कि अगले वर्ष 21 जनवरी को बाल विवाह और दहेज विरोधी अभियान के समर्थन में पूरे प्रदेश में मानव श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ कानून काफी पहले से है। उसका हम मुस्तैदी से अनुपालन कराएंगे लेकिन इसके लिए जनभावना का साथ होना भी जरूरी है। उन्होंने लोगों के साथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि इसकी बदौलत बहुत जल्द बिहार की तस्वीर बदलेगी और हम देश और दुनिया के लिए उदाहरण बन सकेंगे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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