मधुबनी : द आर्ट कैपिटल- प्रधानमंत्री को भेंट किया डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने

हाल ही में जहाँ एक ओर बिहार को ऊँचाई देने हेतु मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा नीतीश सरकार के निर्देशानुसार बिहार दिवस समारोह में यहाँ की गौरवगाथाओं को पुनर्जीवित करने का भरपूर प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर कई बार बिहार के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री रह चुके महान अर्थशास्त्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र द्वारा बिहार दिवस पर ही संसद भवन में “मधुबनी : द आर्ट कैपिटल” पुस्तक की एक प्रति पीएम नरेंद्र मोदी को भेंट कर सूबे बिहार के गौरव को दुनिया के रंगमंच पर श्रेष्ठता प्रदान करने हेतु अदभुत प्रयास किया गया ।
यह भी बता दें कि बीस पुस्तकों के लेखक डॉ.मिश्र ने पीएम को दिए गये इस पुस्तक के माध्यम से बिहार के वैभव व विकास के साथ-साथ मिथलांचल की सभ्यता-संस्कृति, समृद्ध विरासत एवं वास्तुकला-चित्रकला सहित ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के बारे में पूरी दुनिया के देशों को रू-ब-रू कराकर लोहा मनवाने का प्रशंसनीय प्रयास किया है । इसके लिए डॉ.मिश्र के प्रति जितनी भी कृतज्ञता ज्ञापित की जाय, वह कम ही होगी । भला क्यों नहीं, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डॉ.मिश्र के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि हमारी संस्कृति काफी समृद्ध है और इसे इस रुप में संरक्षित करने का प्रयास प्रशंसनीय है ।

A Selfie of Dr.Jagannath Mishra with Educationist Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri taken during light moments at his residence at Patna.
A Selfie of Dr.Jagannath Mishra with Educationist Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri taken during light moments at his residence at Patna.

यह भी बता दें कि 1981 के 9 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में डॉ.जगन्नाथ मिश्र ने जहाँ मधेपुरा को (136 वर्षों तक अनुमंडल रहने के बाद) जिला बनाने की घोषणा स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में की थी वहीं उस भव्य समारोह की तैयारी की जिम्मेवारी तत्कालीन नगरपालिका उपाध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को सौंपी गई थी । तब से ही डॉ.मिश्र की व्यक्तिगत लाइब्रेरी में डॉ.मधेपुरी का यदाकदा आना-जाना लगा रहा है तथा स्वलिखित पुस्तकों का आदान-प्रदान भी होता रहा है ।
जहाँ एक ओर बिहारवासियों की पीड़ा से जुड़कर- भूमि सुधार व कृषि सुधार से लेकर आर्थिक विकास आदि पर दो दर्जन पुस्तकों के लेखक रहे हैं प्रखर अर्थशास्त्री डॉ.मिश्र, वहीं दूसरी ओर भौतिकी के यूनिवर्सिटी प्रोफेसर रहे डॉ.मधेपुरी ने बेस्ट सेलर बुक- “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के साथ-साथ भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम एवं समाजवादी चिंतक बी.एन.मंडल की विस्तृत जीवनी लिखकर देश के युवाओं एवं राजनीति के सिद्धहस्तों को सहज जीवन जीने का मार्गदर्शन भी किया है ।
और अन्त में दिल्ली से वापस होने के बाद “मधुबनी: द आर्ट कैपिटल” के लेखक डॉ.जगन्नाथ मिश्र को इस कृति के लिए डॉ.मधेपुरी ने चलभाष के माध्यम से कोटि-कोटि कृतज्ञता ज्ञापित की । चर्चा के क्रम में डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा अबतक को बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से मिथिलांचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं के द्वार खोले जा सकते हैं ।

सम्बंधित खबरें


पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन

जन अधिकार पार्टी (जाप) के संरक्षक और मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा व पप्पू यादव के पिता चंद्र नारायण प्रसाद के नेतृत्व में जाप के एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और अपनी पांच सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से सारी कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रख पप्पू यादव की गिरफ्तारी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं पर की गई पुलिस की तथाकथित ज्यादती की न्यायिक जांच करवा कर इंसाफ दिलाने की मांग की।

गौरतलब है कि बिहार में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ और बिहार कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने सहित कई मांगों को लेकर राजधानी पटना में प्रदर्शन के दौरान सोमवार को जाप के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज का सहारा लिया था। इसी घटना के बाद सोमवार को ही देर रात पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया था।

बहरहाल, जाप द्वारा राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सांसद की गिरफ्तारी संसदीय परम्परा की अवमानना है। पार्टी के मुताबिक सांसद को जिस मुकदमे में ‘फंसाया’ गया, वह जनवरी 2017 के राजभवन मार्च का है। इस मामले में रात के अंधेरे में ‘झूठा’ मुकदमा कर न सिर्फ न्यायालय को गुमराह करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश की भी अवमानना की गई, जिसमें उल्लेख है कि रात के अंधेरे में पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं करेगी। जाप के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा के अनुसार राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

चलते-चलते बता दें कि पप्पू यादव की पत्नी व सुपौल की सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को लोकसभा में भी उनकी गिरफ्तारी का मामला उठाया था और इसे सांसद के सदन में भाग लेने के विशेषाधिकार के अतिक्रमण और राजनीतिक दबाव में पटना जिला प्रशासन की कार्रवाई बताया था।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में स्पेलिंग बी चैंपियनशिप : पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं          

परमहंस जी महाराज महर्षि मेँहीँ ने कभी कहा था- जब भारत की जान है हिन्दी…….. तो क्यों नहीं इसे ‘भारती’ कहें हम सभी | उसी हिन्दी के लिए स्पेलिंग बी चैंपियनशिप द्वारा- “द्वितीय अंतर विद्यालय हिन्दी शब्द स्पर्धा” पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में किया गया |

यह भी बता दें कि शहर के किरण पब्लिक स्कूल, हॉली क्रॉस, डीग्रेसिया इंटरनेशनल, तुलसी पब्लिक स्कूल, जितेंद्र पब्लिक…… वेल्डन फ्यूचर, दमयंती शत्रुघ्न एकेडमी, यू.के. इंटरनेशनल आदि सभी स्कूलों के वर्ग 1 से 10 तक के 6 ग्रुपों- किडोज-1, किडोज-2 से लेकर सीनियर और सुपर सीनियर के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-अभिभावकों को समारोह में मुख्य अतिथि शिक्षाविद साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं विशिष्ट अतिथि श्री चंद्रशेखर  एवं डॉ.अरुण कुमार सहित सचिव सावंत कुमार रवि आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया |

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri addressing boys & girls in the Prize Distribution Ceremony of 2nd Spelling Bee Hindi Championship at Parvati Science College Madhepura .
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri addressing boys & girls in the Prize Distribution Ceremony of 2nd Spelling Bee Hindi Championship at Parvati Science College Madhepura .

छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देने से पूर्व मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने विस्तृत संबोधन में डॉ.कलाम सहित अन्य ढेर सारे उदाहरणों के साथ बच्चों एवं उनके अभिभावकों से यही कहा की आप सभी गांव से आये हैं और डॉ.कलाम भी अपने धनुषकोडी गांव से चलकर शून्य से शिखर तक पहुंच गये तो फिर आप क्यों नहीं……..! डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चों के अंदर की प्रतिभा को जागृत करने के लिए उसमें जुनून जगाना जरूरी होता है | उन्होंने स्पष्ट करते हुए यही कहा कि कोशिश को रफ्तार देना ही तो जुनून है |

मौके पर सोशल एक्टिविस्ट श्री चन्द्रशेखर कुमार एवं शिक्षाविद प्रो. डॉ.अरुण कुमार विशिष्ट अतिथि द्वय ने कहा कि कड़ी मेहनत और लगन से प्रयास करते रहने पर सफलता अवश्य मिलती है |

 Secretary Sawant Kumar Ravi receiving the momento & certificate from Sangrakshak Dr.Madhepuri in presence of special guests Mr.Chandrashekhar, Aditya ,Dr.Arun Kumar and others .
Secretary Sawant Kumar Ravi receiving the momento & certificate from Sangrakshak Dr.Madhepuri in presence of special guests Mr.Chandrashekhar, Aditya ,Dr.Arun Kumar and others .

बता दें कि इस “हिन्दी शब्द स्पर्धा” में वर्ग प्रथम से दशम तक के करीब 25 विद्यालयों ने उपस्थिति दर्ज कराई- जिसके दो दर्जन से अधिक बच्चों को मेधा पुरस्कार तथा 5 दर्जन छात्र-छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार के रुप में मोमेंटो सहित प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया |

यह भी जान लें कि जहां किडोज-1 में प्रथम स्थान पर आई डीग्रेशिया इंटरनेशनल की अनुप्रिया वहीं किडोज-2 में प्रथम स्थान पाई किरण पब्लिक स्कूल की शालिनी कुमारी |

एक ओर जहां सब-जूनियर कोटि में डीग्रेशिया के सुधांशु प्रथम आये वही जूनियर कोटि में होली क्रॉस की ईया बिराजी के साथ डीग्रेशिया की सपना राज की जोड़ी प्रथम आई |

दूसरी ओर सीनियर कोटि में जहां किरण पब्लिक का गौतम कुमार प्रथम आया वहीं सुपर सीनियर कोटि में हॉली क्रॉस की अंजलि कुमारी अपने लिए प्रथम स्थान सुरक्षित कर ली |

यह भी बता दें कि सभी ग्रुपों में द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर जिन स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी- वे स्कूल हैं- किरण पब्लिक, हॉली क्रॉस, डीग्रेशिया इंटरनेशनल, ज्ञानदीप निकेतन, तुलसी पब्लिक स्कूल, दमयंती शत्रुघ्न एकेडमी, डिज्नी किड्स, ब्राइट एंजेल्स, दार्जिलिंग पब्लिक, के.एन.एम. इंटरनेशनल, डी.एल. पब्लिक सबैला, ज्ञान बिहार यूनिवर्सल तथा टीपी कॉलेजिएट |

इतना ही नहीं इस आयोजन में राज मैनेजमेंट द्वारा सभी मीडियाकर्मियों के साथ-साथ स्कूल के प्रधानों को भी सादर सम्मानित किया गया | मौके पर शिक्षक विनोद कुमार सहित सोनीराज, रियांशी गुप्ता, अमित कुमार अंशु एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले कोमल, शशांक, रजाउल, अजय, कार्तिक, विशाल व आकाश के साथ-साथ शिल्पा, शिल्पी एवं खुशी सहित श्रवण कुमार सुल्तानिया अन्त तक उपस्थित रहे |

मंच संचालन करते हुए मास्टर शिवम ने धन्यवाद भी ज्ञापित किया |

सम्बंधित खबरें


नीतीश कुमार को अणुव्रत सम्मान

बिहार में शराबबंदी लागू करने और इसे राष्ट्रव्यापी चर्चा का विषय बनाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अणुव्रत सम्मान से सम्मानित किया गया। बता दें कि जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ अणुव्रत समिति का यह सर्वोच्च पुरस्कार है, जिसमें प्रतीक चिह्न के अतिरिक्त 1 लाख 51 हजार की सम्मान-राशि भी दी जाती है। इस राशि को नीतीश ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दे दिया। मंगलवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस सम्मान-समारोह में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

इस मौके पर नीतीश कुमार ने कहा कि यह पुरस्कार उन लोगों के लिए है जिन्होंने शराबंबदी के बाद शराब से मुक्ति पा ली। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से लोगों के चेहरे की खुशी लौटी है। चारों तरफ आज शांति का माहौल है। हर धर्म और संप्रदाय के लोग शराबबंदी के समर्थन में हैं। पूरे देश में शराबबंदी की आवाज़ उठ रही है। मुझे पक्का भरोसा है कि जो लोग शासन में हैं उन पर इसका असर पड़ेगा। शराबबंदी का निर्णय कोई राजनीतिक निर्णय नहीं है। मैं इसे सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद मानता हूं।

शराबबंदी के लिए आत्मानुशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप चाहे जितना सख्त कानून बना लीजिए पर इससे ज्यादा महत्वपूर्ण बात है आत्मानुशासन। बगैर इसके शराबबंदी सफल नहीं हो सकती। नीतीश ने शराबबंदी के कारण राजस्व के नुकसान की आशंका जताए जाने की चर्चा भी की और  कहा कि इससे कुछ फर्क नहीं दिखा है। इस बार राजस्व संग्रह उस स्तर पर पहुंच गया है जो इसके पूर्व के वित्तीय वर्ष में था।

इस अवसर पर अपने सारगर्भित संबोधन में नीतीश ने यह भी कहा कि देश में आज अतिवाद का दौर है और समाज में असहिष्णुता का माहौल व्याप्त है, जिससे हमें बाहर निकलना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह स्थिति केवल भारत की ही नहीं बल्कि वैश्विक है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

सम्बंधित खबरें


तो यूपी चुनाव ने मुसलमानों का ‘डीएनए टेस्ट’ कर दिया?

यूपी में भगवा रंग छाने और उसके बाद वहां की बागडोर योगी आदित्यनाथ के हाथों में जाने के बाद  भाजपा के बयानवीरों ने ‘हिन्दुत्व’ की राजनीति को नए सिरे से भुनाना शुरू कर दिया है। वे अब एक के बाद एक ऐसे बयान दे रहे हैं जो ऊपर से दिखते तो ‘उदात्त’ हैं, पर इनके भीतर एक नए किस्म के ‘तनाव’ का बीज छिपा है। अब गिरिराज सिंह का ताजा बयान ही देख लीजिए। उन्होंने कहा है कि ‘अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनेगा’ और नई बात ये कि इसे हिन्दू और मुसलमान ‘मिलकर बनाएंगे’। आप पूछेंगे कि ये चमत्कार क्योंकर होगा तो उसका भी जवाब तैयार है जनाब, ऐसा इसलिए संभव होगा कि बकौल गिरिराज ‘हिन्दू और मुसलमानों का डीएनए एक है’।

जी हां, भाजपा के केन्द्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर बनेगा और दो सौ प्रतिशत बनेगा। हम और मुसलमान दोनों मिलकर राम मंदिर बनाएंगे क्योंकि मुसलमान भी हमारे वंशज हैं। दोनों के डीएनए एक हैं। हिन्दू और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं। गिरिराज का कहना है कि धर्म अलग-अलग हैं, इबादत अलग-अलग हैं, लेकिन पूर्वज एक हैं। राम मंदिर में मुसलमानों की भी आस्था है और अपने पूर्वजों की याद में हम मिलकर मंदिर बनाएंगे।

जब गिरिराज ऐसा बोल रहे हों तो भला साक्षी महाराज कहां चुप रहने वाले थे? उन्होंने गिरिराज का साथ देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी चाहता है कि हिन्दू और मुसलमान दोनों मिलकर राम मंदिर बनाए। साक्षी ने कहा – हम सब भाई-भाई हैं और हिन्दू-मुसलमान मिलकर राम मंदिर बनाएंगे।

बहरहाल, यह सब सुनते-पढ़ते-लिखते मन में कई बातें उथल-पुथल मचाती हैं। सबसे पहले तो यह कि सारे मुसलमानों का एकदम से डीएनए टेस्ट कैसे हो गया? अगर ये बात ‘जुमले’ के तौर पर नहीं सांस्कृतिक एकता की सूख रही जड़ों को जिन्दा करने के लिए कही गई है तो बाबरी मस्जिद टूटी ही क्यों थी? छोड़िए बाबरी मस्जिद की ‘पुरानी’ बात। ताजा उदाहरण अभी खत्म हुए चुनाव का। इस बात का क्या जवाब है गिरिराज और साक्षी महाराज के पास कि यूपी की 403 सीटों में से एक पर भी समान ‘डीएनए’ वाले ‘भाई’ की याद क्यों नहीं आई? हिन्दुत्व के ‘हीरो’ योगी और ‘सुपर हीरो’ मोदी जब ‘श्मसान-कब्रिस्तान’ के मुद्दे पर घमासान कर रहे थे, तब ‘डीएनए’ कहां था? क्या मरने के बाद ‘डीएनए’ अलग हो जाता है?

गिरिराज और साक्षी महाराज के पहले के एक नहीं दर्जनों बयान हैं जो उनके अब के बयान का मुंह चिढ़ाते दिख रहे हैं। खैर, अगर ये बात इनलोगों ने उकसाने या समुदायविशेष पर दबाव बनाने और अपना ‘वोटबैंक’ चमकाने के लिए नहीं कही होती तो जरूर इनका हृदय से स्वागत किया जाना चाहिए था! चलते-चलते एक बात और। क्या मंदिर-मस्जिद का झगड़ा छोड़ विवादित स्थल पर कोई अस्पताल या स्कूल खोल देना बेहतर विकल्प नहीं है, जो ‘समान’ नहीं ‘सारे’ डीएनए वालों के लिए होता?

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप   

सम्बंधित खबरें


छात्रों एवं शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं……!!

मधेपुरा को ऊंचाई देने के लिए शराबबंदी और पूर्ण नशाबंदी के समर्थन के तर्ज पर मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में कदाचार और नकल पर ब्रेक लगाने हेतु साहसिक कदम उठाने वाले मधेपुरा के पूर्व जिला पदाधिकारी श्री गोपाल मीणा (भा.प्र.से.) एवं वर्तमान डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) को मधेपुरा सदा याद करेगा |

यह भी बता दें कि मधेपुरा की यह खासियत है कि यहां के लोग अच्छे काम को और समय-समय पर अच्छे पदाधिकारियों को हमेशा याद करते हैं | साथ ही यह भी जानिए कि जहां एक ओर पूर्व डीएम श्री गोपाल मीणा ने मैट्रिक और इंटर के परीक्षार्थियों द्वारा किये जा रहे कदाचार पर ब्रेक लगाया था तो वहीं दूसरी ओर अपने गुरुओं को बुला-बुलाकर यहां की अगणित प्रतिभाओं को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए तरह-तरह के टिप्सों के साथ 20-20 हजार रु. तक की प्रतियोगी पुस्तकें बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में मुहैया भी कराई थी |

और यह भी कि जहां वर्तमान डी.एम. मो.सोहैल की पूरी टीम द्वारा उन्हीं परीक्षार्थियों पर कदाचार के मामले में सिर हिलाने पर भी पाबंदी लगा दी गयी तो दूसरी ओर उनकी पढ़ने की सुविधाएं मुहैया कराने हेतु डी.एम. मो.सोहैल ने जीर्ण-शीर्ण व मृतप्राय जिला पुस्तकालय को बुक-सेल्फों, ढेर सारी कुर्सियां, लंबे-लंबे टेबुलों तथा बिजली पंखों से सुसज्जित करने के साथ-साथ पांच प्रकार के अखबार व 10 प्रकार की पत्रिकाओं के अतिरिक्त संपूर्ण पुस्तकालय कक्ष को एयर कंडीशन करने के निर्देश एनडीसी मुकेश कुमार की टीम को दी और यह भी कहा कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक हर सूरत में सारे कार्यों को पूरा कर लिया जाय |

लगे हाथ छात्रहित में जिला पुस्तकालय को सदा जीवित रखने हेतु डी.एम.  मो.सोहैल ने पांच सदस्यीय संचालन समिति भी गठित कर दी जिसके अध्यक्ष बनाये गये- समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी |

बता दें कि डीएम मो.सोहैल ने मौजूद पुस्तकों के अलावे मैट्रिक व इंटर के कोर्स की पुस्तकों के क्रय की बातें कहीं और साथ ही पुस्तकों के सिल-सिलेवार रख-रखाव एवं अत्याधुनिक तरीके से कंप्यूटरीकृत एकाउन्ट रखने हेतु संचालन समिति के सचिव के रूप में कंप्यूटर में दक्षताप्राप्त संदीप शांडिल्य के साथ-साथ सदस्य के रूप में प्रो.श्यामल किशोर यादव, पत्रकारिता जगत से प्रो.प्रदीप कुमार झा एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवशंकर राय का मनोनयन किया |

और आगे प्रशासनिक कार्य-व्यस्ताऔं के बावजूद मैट्रिक-इंटर उत्तीर्ण छात्रों को रोजगारों से जोड़ने के लिए समिति के सदस्यों के साथ डी.एम. मो.सोहैल ने दूसरे ही दिन रासबिहारी उच्च विद्यालय में 50 कंप्यूटर वाले मृतप्राय “कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र” पर पहुंचकर उसे जीवित करने हेतु ITI, बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज, एवं अन्य कई संस्थानों के प्रधानों से लगातार मोबाइल से संपर्क किया | इस अवसर पर लगभग 10 वर्षों से कोमा में पड़े इस “कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र” को जीवित करने के उपायों के लिए जिस प्रकार की व्यग्रता डी.एम मो.सोहैल के अंदर महसूस की गई- उसे समिति के सदस्यों के साथ-साथ स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रंजना झा की टीम कभी नहीं भुला पायेगी |

सम्बंधित खबरें


‘बाहुबली-2’: फिल्म कैसी होगी जब ट्रेलर ने इतिहास रच दिया!

कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? 2015 से पूरे देश को मथ रहे इस सवाल का जवाब हमें अगले महीने अप्रैल में मिलने जा रहा है। जी हां, इंतजार खत्म हुआ। ‘बाहुबली-2’ का ट्रेलर अब हमारे बीच आ चुका है। आ क्या गया जनाब, बस छा गया समझिए। महज एक सप्ताह में दस करोड़ से ज्यादा व्यूज़, जितने आज तक किसी फिल्म को नहीं मिले! पार्ट-2 जैसे पार्ट-1 का रिकार्ड तोड़ने की खातिर कमर कस के ही आई हो! लोगों ने इसके ट्रेलर को लेकर जैसी उत्सुकता दिखाई है, उसे देखते हुए यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि ‘बाहुबली-2’ सिनेमा के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर देगी!

बहरहाल, ‘बाहुबली: द कनक्लूजन’ की पहली झलक को देश भर में दिखाने को ‘बाहुबली’ की टीम ने एक खास तरह की सोची-समझी रणनीति बनाई थी, लेकिन 16 मार्च को इसके लॉन्च से पहले ही मलयाली भाषा में इसका ट्रेलर लीक हो गया, जिसके तत्काल बाद इसके सभी भाषाओं के ट्रेलर को ऑनलाइन रिलीज कर दिया गया। 2 मिनट 24 सेकेंड के इस ट्रेलर में एक्शन, रोमांस, प्रजा की रक्षा और राजगद्दी के लिए युद्ध का जैसा भव्य रूप रूप प्रस्तुत किया गया है, वह सचमुच बेमिसाल है।

लोगों ने इस ट्रेलर को जिस तरह हाथोंहाथ लिया है, उसे देख ट्रेलर लीक होने से तमतमाए राजामौली का गुस्सा भी काफूर हो गया। उन्होंने कहा, ‘अभी तो ट्रेलर लॉन्च किया गया है और दर्शक इसे इंजॉय कर रहे हैं। हमने इस ट्रेलर में दर्शकों का परिचय फिल्म के किरदारों से करवाया है, हमने यह बताने और दिखाने की कोशिश की है कि कौन से किरदार किस बारे में हैं और वह क्या कर रहे हैं। बाकी ड्रामा आपको फिल्म में देखने को मिलेगा।’

‘बाहुबली’ का जादू किस कदर हर किसी के सिर चढकर बोल रहा है, इसकी बानगी अभी-अभी यूपी में हुए चुनाव में भी देखने को मिली, जब स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इस फिल्म और इसके किरदारों का जिक्र किया था। उन्होंने चुनाव की तुलना ‘बाहुबली फिल्म से की थी। खैर, अब दिन, घंटे और पल जोड़ने बैठ जाएं क्योंकि ‘बाहुबली-2’ के रिलीज को 28 अप्रैल का दिन तय हो चुका है। उम्मीद करें कि भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक बड़ा अध्याय उस दिन दस्तक देने जा रहा है।

सम्बंधित खबरें


अब बिहार में भी एंटी-रोमियो स्क्वॉयड!

बिहार में ‘योगी इफेक्ट’ दिखने लगा है। गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने यूपी की तरह बिहार में भी अवैध बूचड़खानों को बंद करने की मांग की थी और अब पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यूपी की ही तर्ज पर बिहार में भी मनचलों पर नकेल कसने के लिए एंटी-रोमियो स्क्वॉयड बनाने की मांग की है।

दरअसल मोदी शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू थे। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए बिहार में एंटी-रोमियो स्क्वॉयड की जरूरत बताई और सरकार से इस बाबत कदम उठाने की मांग की। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में सड़कों पर महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराध की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे दस्ते को महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तथा स्कूल और कॉलेजों के इर्द-गिर्द तैनात किया जाना चाहिए।

अवैध बूचड़खानों को लेकर भी मोदी ने यूपी की राह पर चलने की वकालत की और प्रेम कुमार की मांग का पुरजोर समर्थन किया। यही नहीं, उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर आरोप लगाया कि बिहार में बूचड़खाने सरकार की मदद से चल रहे हैं। मोदी ने यह भी कहा कि बूचड़खानों के लिए 1995 में बनाए गए कानून में संशोधन होना चाहिए।

गौरतलब है कि यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही अवैध बूचड़खानों को बंद किया जा रहा है। 31 मार्च के बाद वहां बूचड़खानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। साथ ही वहां सभी जिलाधिकारियों को एंटी रोमियो स्क्वॉयड बनाने का आदेश दिया गया है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

सम्बंधित खबरें


पूरे बिहार में मची रही ‘बिहार दिवस’ की धूम !

जहां एक ओर पीएम नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस (22 मार्च, बुधवार) के सुबह में ही बिहार के 105 वें जन्मदिन पर बिहार की जनता को सीएम नीतीश कुमार के सोशल साइट पर ट्वीट कर विशेष शुभकामनाएं दी वहीं दूसरी ओर मधेपुरा जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने जिले के तेरहो प्रखंडों को 10-10 हजार रूपये का आवंटन देकर ‘बिहार दिवस’ पर विभिन्न खेलों एवं विभागीय मेलों के आयोजनों के साथ-साथ पूर्ण नशाबंदी एवं स्वच्छता अभियान की धूम मचाने का निर्देश दिया |

यह भी बता दें कि पटना के गांधी मैदान से लेकर मधेपुरा के बी.एन.मंडल स्टेडियम तक के मैदान में भी उत्सवी भव्यता का ऐसा रास-रंग रचा गया कि इस बिहार दिवस समारोह के उत्सवी माहौल में चारो ओर हर्षोल्लास और उमंग ही नजर आता रहा | ऐसा लगने लगा कि मात्र मधेपुरा ही नहीं बल्कि सारा बिहार अपनी बढ़ती उम्र के साथ और जवान दिखने लगा |

इस अवसर पर प्रातः 5:00 बजे से ही डी.एम. मो.सोहैल एवं एस.पी. विकास कुमार की पूरी टीम स्टेडियम मैदान में स्कूली बच्चों को गाजे-बाजे व नगाड़े के साथ प्रभातफेरी के लिए हरी झंडी दिखाने हेतु तैयार दिखे | मौके पर एएसपी राजेश कुमार, डीईओ शिव शंकर राय, डीपीओ चंद्रशेखर राय, बीईओ जनार्दन निराला, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण यादव, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, बैंक अधिकारी संतोष कुमार झा, एसडीएम संजय कुमार निराला एवं प्रधानाध्यापकों की उपस्थिति में दर्जनों स्कूल के बच्चे-बच्चियों को एसपी विकास कुमार एवं डीडीसी मिथिलेश कुमार ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर प्रभातफेरी के लिए विदा किया |

बता दें कि विशेषरूप से ग्वालपाड़ा, बिहारीगंज, शंकरपुर, मुरलीगंज, आलमनगर, उदा किसुनगंज, कुमारखंड, सिंहेश्वर…….. आदि प्रखंडों सहित मधेपुरा में दिनभर कब्बड्डी-क्रिकेट, बैडमिंटन-टेबल टेनिस, बॉलीबॉल आदि खेलों में युवाओं ने अपनी भागीदारी दी | जहां बी.एन.मंडल स्टेडियम में कबड्डी खेले गये, वहीं बी.पी.मंडल नगर भवन में टेबल टेनिस की माहिर खिलाड़ी प्रियांशी और पायल के बेहतरीन प्रदर्शन की धूम मची रही……| विभिन्न विभागीय स्टालों पर दिनभर मेला लगा रहा |

यह भी जानिए कि शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये बिहार के गौरवशाली अतीत की जानकारी नुक्कड़ नाटक, गीत व नृत्य के माध्यम से दिये जाने से पूर्व जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, नजारत डिप्टी कलेक्टर मुकेश कुमार, स्काउट एंड गाइड आयुक्त, जयकृष्ण यादव आदि द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया गया |

जहां डीएम ने अपने संक्षिप्त संबोधन में पूर्ण नशा मुक्त जिला बनाने पर बल दिया वहीं एसपी ने मधेपुरा के साथ-साथ बिहार के विकास के लिए संकल्प लेने की बात कही | इतना ही नहीं, जहां डायनेमिक डी.एम मो.सोहैल ने शंकरपुर प्रखंड के लिए दी गयी 3-4 एकड़ जमीन के भूदाता श्री निरंजन प्रसाद सिंह उर्फ भोला सिंह (बेहरारी, शंकरपुर) को अंगवस्त्रम एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया वहीं प्रखर समाजसेवी डॉ.मधेपुरी को “मधेपुरा के भीष्म पितामह” कहकर सम्मानित किया गया |

Director Mr.Shyamal Kumar Sumitra of Tulsi Public School receiving certificate of honour for better performance in Republic Day Ceremony by DM Md.Sohail, SP Vikash Kumar, SDM Sanjay Kr. Nirala & Samajsevi Dr.Madhepuri at BN Mandal statium on the ocassion of Bihar Diwas Samaroh 2017
Director Mr.Shyamal Kumar Sumitra of Tulsi Public School receiving certificate of honour for better performance in Republic Day Ceremony by DM Md.Sohail, SP Vikash Kumar, SDM Sanjay Kr. Nirala & Samajsevi Dr.Madhepuri at BN Mandal statium on the occasion of Bihar Diwas Samaroh 2017.

इस अवसर पर पूर्ण शराबबंदी के लिए आयोजित मानव श्रृंखला, गणतंत्र दिवस झांकी, गणतंत्र दिवस परेड आदि में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले संस्थानों के प्रधान को डीएम-एसपी, डीडीसी, एसडीएम एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी द्वारा प्रमाण-पत्र आदि से सम्मानित किया गया |

सम्बंधित खबरें


वित्तरहित शिक्षाकर्मियों को 15 दिनों के अंदर वेतन भुगतान

बिहार के हजारों वित्तरहित शिक्षाकर्मियों के लिए बड़ी ख़बर। राज्य के शिक्षामंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने वित्तरहित संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों संग वार्ता के क्रम में पुरजोर तरीके से कहा कि वित्तरहित शिक्षाकर्मियों को 15 दिनों के अंदर वेतन भुगतान होगा वरना प्रबंध समिति भंग कर दी जाएगी। बुधवार को शिक्षामंत्री के साथ हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में विधान परिषद् के सदस्य दिलीप चौधरी, नीरज कुमार, संजय सिंह, संजीव कुमार सिंह, संजीव श्याम सिंह एवं केदार पाण्डेय उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि वार्ता के दौरान मोर्चा द्वारा कई मांगे रखी गईं जिनमें समान कार्य समान वेतन, अनुदान की बजाय वेतनमान, लंबित अनुदान का शीघ्र भुगतान, कमिटी बनाकर वेतनमान के संबंध में अनुशंसा सहित 6-7 बिन्दुओं पर विशेष चर्चा हुई। सभी मांगों पर गंभीरता के साथ विचार करते हुए शिक्षामंत्री ने कहा कि सर्वप्रथम 15 दिनों के अंदर राशि का भुगतान हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कमिटी भंग कर दी जाएगी और प्रधानाचार्य को भी इसके लिए जिम्मेवार माना जाएगा। इसके साथ ही एक माह के अंदर सेवा शर्त नियमावली बना दी जाएगी और अनुदान की समीक्षा के लिए एक कमिटी का गठन किया जाएगा।

अपने फेसबुक पेज पर डॉ. अशोक चौधरी ने इन सारी बातों की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि ‘मैंने वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।‘ शिक्षा मंत्री ने लंबित भुगतान की भी चर्चा की और बताया कि पूर्व में 285 करोड़ की राशि भेजी गई थी एवं वर्तमान में 303 करोड़ रुपये भेजने की विभागीय कार्रवाई पूरी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा अनुदान शिक्षक के खाते में ही जाए तथा उसकी पूरी विवरणी वेबसाइट पर डाली जाए यह निदेश भी दे दिया गया है।

सम्बंधित खबरें