किसी में हिम्मत हो तो ‘उनके’ धर्मगुरु पर फिल्म बनाए : गिरिराज

अपने विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले भाजपा नेता एवं केन्द्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है। इस बार उनका बयान फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर आया है। गिरिराज का कहना है कि फिल्म में रानी पद्मावती को इस तरह दिखाने का मूल कारण यही है कि वो हिन्दू थीं। पद्मावती अगर हिन्दू नहीं होतीं तो शायद ही कोई इस तरह की हिम्मत दिखा पाता।

गौरतलब है कि 27 जनवरी को जयपुर के जयगढ़ किले में फिल्म ‘पद्मावती’ की शूटिंग के दौरान राजपूत संगठन करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अचानक हमला बोल दिया था। उन्होंने सेट पर जमकर तोड़-फोड़ की, यूनिट के लोगों को मारा-पीटा और अभद्रता की पराकाष्ठा ये कि हिन्दी सिनेमा को कई यादगार फिल्में देने वाले इस फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने से भी वे नहीं झिझके। उनका आरोप था कि इस फिल्म के लिए अलाउद्दीन खिलजी (रणवीर सिंह) और रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) के बीच कथित तौर पर ‘लव सीन’ फिल्माया जा रहा था, जिस पर उन्हें सख्त आपत्ति थी। हालांकि भंसाली फिल्म ऐसे किसी आपत्तिजनक प्रसंग से इनकार कर चुके हैं।

बहरहाल, करणी सेना को इस घटना से पूर्व राजस्थान से बाहर के लोग शायद ही जानते हों। इस तरह के कई संगठन विभिन्न राज्यों में हैं जो संकीर्ण विचारधारा से प्रेरित होते हैं और ‘तात्कालिक लाभ’ के लिए इस तरह के कार्य करते हैं। लेकिन केन्द्रीय कैबिनेट में बैठे किसी मंत्री से ऐसे बयान की आशा नहीं की जा सकती थी। हद तो तब हो गई, जब उन्होंने उक्त घटना का समर्थन तक कर दिया। बकौल गिरिराज, ‘जनता ने भारतीय इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने वालों को सजा’ दी है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि रानी पद्मावती ने अपने आपको मिटा दिया लेकिन मुगलों के आगे धुटना नहीं टेका, लेकिन इस देश में औरंगजेब और टीपू सुल्तान को आदर्श मानने वाले लोग इतिहास के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं।

गिरिराज इतने पर भी रुक जाते तो एक बात थी। पर वे तो अपनी आदत (या राजनीति) से लाचार ठहरे। आगे उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिन्दू देवी-देवताओं पर कोई भी फिल्म बना देता है। फिर एक खास समुदाय की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी में हिम्मत हो तो उनके धर्मगुरु पर कोई फिल्म बनाकर दिखाए। क्या गांधी के इस देश में नेताओं का काम बस ‘आग’ में ‘घी’ डालना रह गया है?

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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कोई व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही वह बन जाता है !

आज 30 जनवरी है- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस ! कुष्ठरोगियों के प्रति उनके अपार स्नेह एवं उत्कृष्ट सेवा भाव के चलते ही आज के दिन को “कुष्ठ दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है | राष्ट्रपिता गांधी के संपूर्ण राष्ट्र को कुष्ठ मुक्त कराना बापू के वंशजों ( हिन्दू-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई….) की सामूहिक जिम्मेवारी है |

यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा समाहरणालय परिसर में राष्ट्रपिता बापू की आदमकद भव्य प्रतिमा श्रद्धापूर्वक स्थापित ही नहीं की गई बल्कि आज उनकी शहादत दिवस पर दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे यानि डेढ़ घंटे के लिए सादगी के साथ भव्य समारोह का आयोजन भी किया गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute by garlanding Rashtrapita Mahatma Gandhi's statue at the campus of Madhepura Collectriate on the Martyrs Day 30th January 2017
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute by garlanding Rashtrapita Mahatma Gandhi’s statue at the campus of Madhepura Collectorate on the Martyrs Day 30th January 2017

सर्वप्रथम बापू की प्रतिमा पर डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, सिविल सर्जन गदाधर पांडे, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, प्रभारी पदाधिकारी राखी कुमारी, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, एनडीसी मुकेश कुमार, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार पवन, नरेश पासवान सहित समस्त कार्यालय कर्मीगण द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया गया |

DM Md.Sohail (IAS), SP Vikash Kumar (IPS), CS Dr.Gadadhar Pandey, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others attending Sarbdharma Prarthna Sabha in Samaharnalaya Campus, Madhepura.
DM Md.Sohail (IAS), SP Vikash Kumar (IPS), CS Dr.Gadadhar Pandey, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others attending Sarbdharma Prarthna Sabha in Samaharnalaya Campus, Madhepura.

यह भी जानिये कि आगे ठीक 11:00 बजे सायरन की आवाज बंद होते ही 11:00 से 11:02 बजे पूर्वाहन तक (2 मिनट) परिसर स्थित राष्ट्रपिता बापू की प्रतिमा के चारों ओर अधिकारी-पदाधिकारी-कर्मचारी सहित मीडिया के लोग, छात्र और व्यापारी सभी मौन खड़े रहे और उस दरमियान देशवासियों के लिए समर्पित बापू के त्याग और वलिदान को स्मरण करते हुए मन ही मन यही सोचते रहे- ‘कोई व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही वह बन जाता है |’

अंत में यह भी कि डी.एम. मो.सोहैल द्वारा कुष्ठ दिवस के बाबत एक संदेश के पाठ के साथ-साथ उपस्थित जनों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के “कुष्ठ मुक्त भारत” के सपने को पूरा करने हेतु “संकल्प” भी कराया गया और तत्पश्चात समापन की घोषणा के साथ अपने-अपने कार्यालयों की ओर जाकर बापू के गांवों में बसे लोगों के विकास हेतु कार्यों में सभी जुट गये |

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यू.एस.ए. के बच्चों में अद्भुत राष्ट्रप्रेम का जज्बा

नगर परिषद के गरीब टोला (भिरखी) के आस-पास के निर्धन परिवारों के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने, छोटे-छोटे बच्चों में अनुशासन का बीज डालने एवं सुव्यवस्थित ढंग से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अभिरूचि पैदा करने के लिए इस नवोदित स्कूल के संस्थापक अशोक कुमार, निदेशक आशीष राज व गुड़िया झा की पूरी टीम लगभग दो वर्षों से ही “यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल” नाम देकर बच्चों में संस्कार भरने का संकल्प लिया है- यह सर्वाधिक प्रशंसनीय प्रयास है।

यह भी बता दें कि मधेपुरा में स्कूलों की कमी नहीं है । किरण पब्लिक, हॉली क्रॉस, माया निकेतन आदि-आदि जैसे श्रेष्ठ स्कूल भी हैं जिन्होंने काफी ऊंचाइयाँ हासिल की हैं । फिर भी 68वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल परिवार द्वारा बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने हेतु एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन का श्रीगणेश स्कूल परिसर में ही किया गया ।

Pro-VC Dr. J.P.N. Jha , Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Founder Mr.Ashok Kumar Jha and others inaugurating the cultural program at U.S.A. International School Campus Madhepura.
Pro-VC Dr. J.P.N. Jha , Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Founder Mr.Ashok Kumar Jha and others inaugurating the cultural program at U.S.A. International School Campus Madhepura.

बता दें कि इस सांस्कृतिक समारोह के लिए बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के वर्तमान विद्वान प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा को उद्घाटनकर्ता एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया । सर्वप्रथम बच्चियों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ के साथ स्वागतगान से सम्मानित किया गया । लगे हाथ उद्घाटनकर्ता श्री झा, मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी, संस्थापक अशोक कुमार, निदेशक आशीष राज, पत्रकार संजय परमार गरिमा उर्विशा आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया ।

जहाँ मौके पर उद्घाटनकर्ता डॉ.झा ने स्कूल के बच्चे-बच्चियों के अनुशासित होने की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि बच्चों में ऐसा संस्कार पैदा करें कि वे देश का सफल एवं जवाबदेह नागरिक बने, वहीँ प्रतिकुलपति ने बच्चों को कठिन परिश्रम कर पढ़ाई करने की बातें भी कही ।

Chief Guest Dr.Madhepuri after inauguration delivering valuable messages to the students and their guardians in the campus of U.S.A International School at Madhepura
Chief Guest Dr.Madhepuri after inauguration delivering valuable messages to the students and their guardians in the campus of U.S.A International School at Madhepura

यह भी कि जहाँ मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने सांसों में बसनेवाले गांधीयन मिसाइलमैन डॉ.कलाम के ‘शून्य से शिखर तक’ की कहानियों की विस्तृत चर्चा करते हुए यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल परिसर को ‘कलाममय’ बना दिया वहीं उन्होंने समारोह में उपस्थित मातृशक्ति को सम्मान देते हुए कहा कि लोगों को शक्ति, संपत्ति एवं सद्ज्ञान के लिए सदा से ही माँ दुर्गा, लक्ष्मी एवं सरस्वती की ही बन्दना करनी पड़ती है | डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित मातृशक्ति से यह भी कहा कि आपके बच्चों में ईश्वरीय तेज छिपा है | आप उसे पंख लगा दें ताकि वह चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैलाता रहे |

उद्घाटन सत्र के बाद स्कूली बच्चों द्वारा गीत, संगीत व नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई | कभी सेना के जवानों के जज्बों पर आधारित प्रस्तुति तो कभी समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की कुरीतियों पर चोट करने वाली प्रस्तुति- स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा दी गई | बच्चों ने लघुनाटक के माध्यम से समाज को जगाया भी | बेहतरीन प्रस्तुति के साथ बाल कलाकारों- मेघा-छाया-कोमल, अर्चना-आयुषी-सोनम, रुपेश-विकास-अकरम, राजा-नितेश-सत्यम आदि ने राष्ट्रीय भावनाओं को इस तरह मंचित किया कि दर्शक घंटो बंधे रहे और झूमते रहे |

अंत में प्राचार्य डी.कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया | गरिमा उर्विशा को मंच संचालन के लिए काफी सराहना मिली |

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क्यों न जगेगी आस, जब डीएम लेंगे क्लास

पटना के डीएम कल स्थानीय बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में थे। आप सोचेंगे वे स्कूल के प्रशासनिक दौरे पर गए होंगे, किसी सभा-सेमिनार का आयोजन होगा वहाँ, किसी चीज का शिलान्यास करना होगा उन्हें या फिर किसी कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे होंगे वे। आमतौर पर प्रशासन-तंत्र का सबसे व्यस्त अधिकारी स्कूल जाता भी इन्हीं कारणों से है। लेकिन अगर कहा जाय कि पटना के डीएम स्कूल में क्लास ले रहे थे, तो क्या यकीन करेंगे आप? और अगर कहा जाय कि डीएम समेत तमाम बड़े अधिकारी अब ऐसा नियमित रूप से करेंगे, तब तो आप पक्के तौर पर यकीन नहीं करेंगे। लेकिन जनाब, बिहार में पटना से ये अनूठी पहल हो चुकी है और यहाँ के डीएम संजय कुमार अग्रवाल समेत तमाम बड़े अधिकारी आपको राजधानी के विभिन्न स्कूलों में नियमित रूप से क्लास लेते हुए दिखा करेंगे।

गौरतलब है कि पटना के डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने अपने ढंग की अनोखी मिसाल कायम करते हुए तमाम बड़े अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन एक घंटा किसी एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का निर्देश दिया और शुक्रवार को पटना के बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में खुद शिक्षक की भूमिका निभाकर इसकी शुरुआत भी कर दी। बकौल डीएम जिले के सब डिविजन और ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में सप्ताह में एक घंटे के लिए अब इसी तरह शिक्षक की भूमिका में नज़र आएंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छात्र-छात्राओं में आत्मविश्वास का संचार होगा, बल्कि करियर काउंसलिंग भी हो पाएगी। इस पहल से सभी विद्यालयों में गुणात्मक सुधार आएगा। अधिकारीगण करंट अफेयर एवं एक्स्ट्राकरिक्युलर ऐक्टिविटी भी बच्चों को बताएंगे।

बता दें कि अब जिले के सभी स्कूलों में एक निरीक्षण पंजी रखी जाएगी, जिस पर अधिकारी रिमार्क लिखेंगे और उन चीजों को भी अंकित करेंगे जो वहाँ के बच्चों के लिए जरूरी हैं। स्कूलों में अधिकारियों के लगातार दौरा करने से छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता और मिड-डे मील समेत तमाम मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता में इजाफा होगा, इसमें कोई दो राय नहीं।

पटना के डीएम संजय कुमार अग्रवाल को उनकी अनूठी पहल के लिए जितनी बधाई दी जाय कम है। बिहार में चिन्ता का सबब बन चुकी शिक्षा के सांचे और ढांचे में सुधार के लिए उन्होंने जो अलख जगाई है, उम्मीद है आने वाले समय में बाकी जिलों में भी इसकी लौ जलती दिखाई दे। ऐसे प्रयत्नों से ही बिहार बढ़ेगा और उस गौरव को फिर से हासिल करेगा जिसका वो हकदार है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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अबु धाबी के शहजादे ने कहा भारत जैसा कोई नहीं

गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए अबु धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के मुरीद हो गए। गणतंत्र दिवस परेड की भव्यता, भारत का समृद्ध अतीत और वर्तमान की उपलब्धियां, भारत की मेहमाननवाजी और भारतीय संस्कारों में बसे हमारे मूल्य – अल नाहयान कहने को बाध्य हो गए कि भारत जैसा कोई नहीं। गौरतलब है कि अल नाहयान राजपथ पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य हस्तियों के साथ मुख्य परेड के गवाह बने थे। उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह को ‘विविधता में एकता का जश्न’ की संज्ञा दी और कहा कि भारत ने इसके माध्यम से दुनिया को मानवता का संदेश दिया है।

अबु धाबी के शहजादे ने अपने औपचारिक ट्विटर अकाउंट एमबीज़ेड न्यूज पर कहा है कि मैं भारतीय लोगों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में शरीक होकर बहुत खुश हूँ और सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में यूएई की भागीदारी हमारे रिश्तों की गहराई को दर्शाती है जो आपसी सम्मान और समान हितों पर आधारित है। बता दें कि भारत के इस 68वें गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर यूएई सेना की टुकड़ी ने भी अपने देश के ध्वज के साथ हिस्सा लिया जिसमें उनका संगीत बैंड शामिल था। इस टुकड़ी में कुल 149 जवान थे जिनमें 35 संगीतकार हैं।

बता दें कि अबु धाबी के शहजादे अल नाहयान दुनिया के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्हें भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि का दर्जा दिया गया है। पिछले साल गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद थे, जबकि साल 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे। इसी तरह साल 2014 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे और 2013 में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक मुख्य अतिथि थे। भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाले नेताओं में निकोलस सरकोजी, ब्लादीमिर पुतिन, नेल्सन मंडेला, जॉन मेजर, मोहम्मद खातमी, याक शिराक आदि प्रमुख रहे हैं।

इस साल गणतंत्र दिवस का एक बड़ा आकर्षण यह भी रहा कि इस अवसर पर दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफा को एलईडी प्रकाश के माध्यम से तिरंगे के रंग से रंगा गया। भारत-यूएई के प्रगाढ़ संबंधों के साथ-साथ इसे विश्व-मंच पर भारत के बढ़ते कद की स्वीकृति कहना भी अनुचित नहीं होगा।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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जीवन नया मिलेगा अंतिम चिता में जलकर

जहाँ एक ओर सारा देश 68वां गणतंत्र दिवस सर्वाधिक हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मना रहा है एवं सारे देशवासियों द्वारा देश को आजादी दिलानेवाले मंगल पांडे से लेकर महात्मा गांधी के बीच हुए शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों तथा संविधान निर्माताओं को याद किया जा रहा है, नमन किया जा रहा है और बन्दन किया जा रहा है वहीं मधेपुरा जिले के शहीद बाजा साह एवं शहीद चुल्हाय यादव एवं स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, मो.कुदरत उल्लाह, भूपेन्द्र नारायण मंडल, महताप लाल यादव, कुंज बिहारी लाल दास, कमलेश्वरी प्रसाद मंडल, कार्तिक प्रसाद सिंह………. आदि सभी को मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा पूरी टीम के साथ ससम्मान याद किया जा रहा है |

Dr.Bhupendra Madhepuri along with Dr.Alok Kumar and other VIPs garlending the statue of Samajwadi Chintak B.N.Mandal on the occasion of 68th Republic Day.
Dr.Bhupendra Madhepuri along with Dr.Alok Kumar and other VIPs garlanding the statue of Samajwadi Chintak B.N.Mandal on the occasion of 68th Republic Day.

बता दें कि जहां सबेरे से विभिन्न सरकारी एवं गैरसरकारी स्कूली बच्चों द्वारा कुहासे के बीच प्रभात फेरी मनाया जा रहा था वहीं मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक पर शांति आदर्श स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बच्चे-बच्चियों एवं सीताराम साह, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विनय कुमार चौधरी, प्रो.हरेकृष्ण यादव, रामदेव यादव आदि गणमान्यों के बीच समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा गणतंत्र दिवस पर तिरंगा लहराया जा रहा था |

Dr.Madhepuri delivering speech after flag hoisting on the occasion of 68th Gantantra Diwas Samaroh at Bhupendra Chowk (B.N.Mandal Chowk) Madhepura.
Dr.Madhepuri delivering speech after flag hoisting on the occasion of 68th Gantantra Diwas Samaroh at Bhupendra Chowk (B.N.Mandal Chowk) Madhepura.

यह भी बता दें कि इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने महात्मा गांधी एवं डॉ.कलाम को याद करते हुए राष्ट्रीय तिरंगा को सलामी देने के बाद अपने संबोधन में बच्चों को राष्ट्र का भविष्य बताया और यही कहा कि भारत के सवा सौ करोड़ से अधिक जनों को तथा विशेषरुप से बच्चे एवं युवजनों को कभी असहाय महसूस नहीं करना चाहिए | उन्होंने कहा कि हम सब अपने भीतर दैवीय शक्ति लेकर जन्मे हैं तथा हम सबके भीतर ईश्वरीय तेज छिपा है | हमारी कोशिश हो इस तेज पुंज को पंख देते रहने की, जिससे यह चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैला सके |

अंत में डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यही कहा कि मैंने टी.पी.कॉलेज से अवकाश ग्रहण किया, भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय में भी कार्यरत रहा था वहाँ भी झंडोतोलन कार्यक्रमों में भागीदारी निभानी है | अब तुम्हीं इस देश के रक्षक हो, रखवाले हो और बस एक बात तुमसे और कहूँगा-

जीवन नया मिलेगा, अंतिम चिता में जलकर !
पहले विजय प्राप्त कर, तुम अपने भय पर !!

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आज की कड़ी मेहनत ही कल की बड़ी सफलता है

ऊंचाइयों को प्राप्त करते हुए पढ़ाई, मेहनत और सफलता के साथ-साथ उपलब्धियां हासिल करने में अग्रणी स्थान कायम रखनेवाले किरण पब्लिक स्कूल में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश, निर्देशिका किरण प्रकाश एवं प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की पूरी टीम द्वारा किया गया |

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri and Nideshika Kiran Prakash giving prizes to the class topper.
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri and Nideshika Kiran Prakash giving prizes to the class topper.

समारोह के उद्घाटनकर्ता कलानुरागी डीडीसी मिथिलेश कुमार, मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं निदेशिका किरण प्रकाश ने सम्मिलित रुप से दीप प्रज्वलित कर किया | बच्चियों के बेहतरीन स्वागत गान, स्कूल परिवार द्वारा अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत सत्कार एवं संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समेटते हुए समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2016 में प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया |

यह भी बता दें कि अपने संबोधन में उप-विकास आयुक्त सह कलानुरागी मिथलेश कुमार ने संक्षेप में छात्रों से यही कहा कि मेहनत ऐसा फल है जो हमेशा मीठा होता है | उन्होंने यह भी कहा कि छात्र खुद को धोखा न दें बल्कि वे हमेशा पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करें और अपने स्कूल और देश का नाम रौशन करें |

Educationist Dr.Madhepuri encouraging the students at K.P.S. Campus, Madhepura
Educationist Dr.Madhepuri encouraging the students at K.P.S. Campus, Madhepura

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि यहां के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है । बच्चों में अनंत प्रतिभाएं छुपी हुई हैं, जरूरत है इसे निखारने की । डॉ.मधेपुरी ने डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए विस्तार से बच्चों को बड़े-बड़े सपने देखने हेतु प्रोत्साहित किया तथा भारत रत्न डॉ.कलाम से प्रेरणा लेने की विस्तृत चर्चा की ।

मौके पर उद्घाटनकर्ता ने स्कूल टॉपर सपना यादव को चांदी का सिक्का प्रदान किया और डॉ.मधेपुरी ने सर्वाधिक छात्रों को मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट देकर पुरस्कृत किया । कार्यक्रम के अन्त तक प्राचार्य के.के.ठाकुर, प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश एवं स्कूल परिवार के सभी शिक्षक व कर्मचारीगण मौजूद रहे  ।

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लालू ने कहा, आरक्षण खत्म करना चाहती है भाजपा

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को पटना में कहा कि एमएस गोलवलकर के सिद्धांतों पर चलने वाली भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है। आरजेडी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर के जयंती समारोह में लालू ने कहा कि आरजेडी वंचितों और पिछड़ों के अधिकार के लिए संघर्ष करती रहेगी।

गौरतलब है कि लालू समारोह में गोलवलकर की एक किताब लेकर पहुंचे थे। किताब दिखाते हुए उन्होंने कहा कि ‘भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के लोग गोलवलकर के सिद्धांतों पर चलते हैं, गोलवलकर आरक्षण विरोधी थे, ये लोग भी आरक्षण विरोधी हैं। वोट पाने के लालच में आरक्षण समर्थक बन जाते हैं और जीतने पर फिर आरक्षण विरोधी हो जाते हैं।‘

उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोग पहले तो अपने दिल में जो है, सो बोल देते हैं और जब भाजपा कहती है कि इससे वोट का नुकसान होगा, तब बात बदलने लगते हैं। ऐसी सांप्रदायिक शक्तियों के इरादे को कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा। लालू ने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों को बिहार ने तो सबक सिखा ही दिया, अब उन्हें उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी धूल चटानी है।

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नीतीश भी लालू की राह पर, जेडीयू नहीं लड़ेगी यूपी का चुनाव

कल तक यूपी में चुनावी जमीन तलाश रही जेडीयू ने अचानक यू-टर्न लिया है। पहले वहाँ ‘महागठबंधन’, फिर ‘गठबंधन’ की तमाम कोशिशों के नाकाम रहने के बाद पार्टी ने मौजूदा विधानसभा चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पटना में सोमवार को हुई पार्टी नेताओं की बैठक में तय किया गया कि जेडीयू यूपी में सेक्युलर वोटों का बिखराव नहीं करेगी और सेक्युलर ताकतों की जीत के लिए अपील करेगी।

जेडीयू के यूपी चुनाव में ताल ठोकने की दो बड़ी वजहें थीं – पहली, बिहार में महागठबंधन के प्रयोग को मिली बड़ी सफलता और दूसरी, यहाँ लागू की गई शराबबंदी को मिला राष्ट्रव्यापी समर्थन। जेडीयू को लगा कि यूपी में हाथ आजमाने का ये सही वक्त है। लेकिन सारी जद्दोजहद के बावजूद पार्टी वहाँ के समीकरण में खुद को फिट नहीं कर पाई। जो भी हो, जेडीयू ने देर से सही लेकिन दुरुस्त निर्णय लिया है। वैसे भी जेडीयू की कमोबेश वहाँ वैसी ही स्थिति रहती जैसी समाजवादी पार्टी की बिहार में रही है या रह सकती है। ऐसे में चुनाव से दूर रहकर नीतीश ने अपनी साख को बट्टा लगने से तो बचा ही लिया, साथ ही सपा-कांग्रेस की जीत की स्थिति में सेक्युलर वोटों के नहीं बिखरने का श्रेय भी लेंगे वो अलग।

हालांकि सच यह है कि पार्टी ने किसी ‘चमत्कार’ की प्रतीक्षा अंतिम क्षण तक की। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव, प्रधान महासचिव केसी त्यागी, नीतीश के करीबी आरसीपी सिंह और रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मदद से कोशिश की गई कि सपा-कांग्रेस गठबंधन में अजित सिंह के राष्ट्रीय लोकदल के शामिल होने की स्थिति में जेडीयू को भी कुछ सीटें मिल जाएं, लेकिन जब इस गठबंधन में यूपी के कुछ हिस्सों में अस्तित्व रखने वाली रालोद की जगह ही नहीं बन पाई तो फिर जेडीयू की बात ही क्या थी।

बहरहाल, नीतीश और उनकी पार्टी ने सूझ-बूझ वाला निर्णय लिया है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि इस निर्णय के पीछे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के यूपी चुनाव को लेकर लिए गए स्टैंड की भूमिका भी है। लालू ने पहले ही अपनी स्थिति भांप कर राजनीतिक परिपक्वता का परिचय दिया था और चुनाव न लड़ने व सपा को साथ देने की बात की थी। अब जेडीयू भी कमोबेश उन्हीं के नक्शेकदम पर है। अच्छी बात है कि यूपी चुनाव के कारण बिहार के जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन में जो दूरी-सी आ गई थी, वो अब नहीं रहेगी। बिहार की राजनीतिक स्थिरता के लिए जहाँ ये अच्छा संकेत है, वहीं भाजपा इससे निराश हुई होगी – यूपी और बिहार दोनों के मद्देनज़र।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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नशाबंदी के समर्थन में मधेपुरा ने रचा इतिहास

जिस मधेपुरा जिला में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री के रूप में करिश्मा कर दिखानेवाले तथा कर्तव्यनिष्ठ व निष्ठावान व्यक्तित्ववाले बिजेन्द्र प्रसाद यादव जैसे प्रभारी मंत्री हों, जहां पर डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) एवं अनुभवी एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) की पूरी प्रशासनिक टीम को इस “मानव महाश्रृंखला या नशाबंदी के महासंकल्प” को सफल बनाने हेतु वित्त सचिव श्री राहुल सिंह (भा.प्र.से.) सरीखे निदेशक हों तथा जिस जिला के लोग नशाबंदी जैसी सामाजिक क्रांति के पक्षधर हों- वह जिला मानव महाश्रृंखला बनाने में इतिहास रचेगा ही रचेगा बल्कि यकीन मानिए कि यह मधेपुरा जिला बिहार का अव्वल जिला घोषित होकर ही रहेगा |

From R-L Finance Sicretary Mr.Rahul Singh , Dr.Bhupendra Madhepuri, Energy Minister Bijendra Pd. Yadav, Ex MLA Ohm Babu, JDU Dist President at Bhupendra Chowk (Standing in ManavKadi)
From R-L Finance Secretary Mr.Rahul Singh , Dr.Bhupendra Madhepuri, Energy Minister Bijendra Pd. Yadav, Ex MLA Ohm Babu, JDU Dist President at Bhupendra Chowk (Standing in ManavKadi)

यह भी बता दें कि जहां सूबे बिहार में 38 जिले के लगभग तीन करोड़ नर-नारियों एवं छोटे-बड़ों ने एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले 50 मिनट तक 11400 किलोमीटर की कतार में खड़े होकर बिहार को नशा मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लिया वहीं मधेपुरा जिले के 13 प्रखंडों के लगभग 5 लाख लोगों ने 233 किलोमीटर से भी अधिक लंबी मानव श्रृंखला बनाकर बिहार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स व लिम्का बुक में नाम दर्ज कराने में सहयोग ही नहीं किया बल्कि बिहार की विश्वस्तरीय पहचान बनाने में अग्रणी भूमिका का निर्वहन भी आगे करता रहेगा |

Honorable Energy Minister Mr.Bijendra Prasad Yadav alongwith Dr.Madhepuri , DM Md.Sohail , Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, SP Vikash Kumar and others after finishing the programe of Manav Kadi at Bhupendra Chowk Madhepura.
Honourable Energy Minister Mr.Bijendra Prasad Yadav alongwith Dr.Madhepuri , DM Md.Sohail , Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, SP Vikash Kumar and others after finishing the programme of Manav Kadi at Bhupendra Chowk Madhepura.

यह भी बता दें कि बी.एन.मंडल चौक पर मनीषी भूपेन्द्र की प्रतिमा एवं स्थल की सजावट में लगे समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से मानव श्रृंखला की सफलता के बाबत जब पूछा गया तो डॉ.मधेपुरी ने संक्षेप में यही कहा कि कुहासे के कारण चंद मिनटों में सड़क जैसे अदृश्य हो जाती है वैसे ही नशाबंदी के समर्थन में आये लोगों की भीड़ में वही सड़क गुम होती जा रही है- “बिहार द्वारा आज विश्वस्तरीय मानव श्रृंखला बनाकर एक नया इतिहास रचा जा रहा है जिसमें मधेपुरा जिला अव्वल रहेगा” |

गौरतलब है कि मधेपुरा नगर परिषद में 25 नामित चौक-चौराहों को चिन्हित कर वहां मंत्री, पूर्व विधायकों और गणमान्यों द्वारा नीतीश सरकार की शराबबंदी के समर्थन में आयोजित मानव श्रृंखला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने का आग्रह किया जा चुका है जिसमें पूर्व विधान पार्षद विजय वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला आदि को जहां शरद यादव निवास एवं कर्पूरी चौक पर टीम के साथ मानव श्रृंखला संचालन का भार दिया गया, वहीं भूपेन्द्र चौक पर माननीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा एवं वाणिज्यकर विभाग, पूर्व एमएलए मनिन्द्र कुमार मंडल उर्फ ओम बाबू सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रो.विजेंद्र नारायण यादव (जिला अध्यक्ष), डॉ.आलोक कुमार, डॉ.मिथिलेश कुमार, डॉ.दिलीप सिंह आदि सवेरे से 1:30 बजे तक डटे रहे | व्यवस्था बनाये रखने के लिए डी.एम. मो.सोहैल की टीम में सर्वाधिक व्यस्त दिखे- एसपी विकास कुमार, डी.डी.सी.मिथिलेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, बीडीओ दिवाकर कुमार, सी.ओ.मिथिलेश कुमार आदि |

यह भी जानिए कि इस विश्वस्तरीय मानव श्रृंखला को इसरो के तीन सेटेलाइट, 6 हेलीकॉप्टर तथा 38 ड्रोन द्वारा, उत्तर से दक्षिण एवं पूरब से पश्चिम, पूरे बिहार के नर-नारियों की तस्वीर अपने-अपने कैमरे में 50 मिनटों तक कैद की जाती रही तथा ये आवाजें आती रहीं-

सुरक्षित रहे घर-परिवार !
नशा मुक्त होवे बिहार !!
जुड़ गये करोड़ों-करोड़ हाथ !
सब ने दिया नीतीश का साथ !!

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