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दो दिवसीय मधेपुरा जिला युवा उत्सव- 2019 सफलतापूर्वक हुआ सम्पन्न

कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार तथा मधेपुरा जिला प्रशासन के तत्वावधान में जिले के 48 फ़ीसदी युवाओं को प्रोत्साहित करने हेतु दो दिवसीय गायन, वादन…. चित्रकला, मूर्तिकला… नाटक, भाषण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में 13-14 नवंबर को कोऑर्डिनेटर डॉ.मधेपुरी की देख-रेख में सकुशल संपन्न हुआ।

इस अवसर पर डीएम नवदीप शुक्ला ने अपने संबोधन में यही कहा कि यह सरकारी उत्सव नहीं युवा महोत्सव है जिसे बिहार सरकार द्वारा संकल्प उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव को इस संकल्प के साथ मनाएं कि बाल विवाह नहीं करेंगे, दहेज नहीं लेंगे और ग्रेजुएशन के बाद ही शादी करेंगे। एनडीसी रजनीश राय ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में छिपी प्रतिभा में निखार आती है।

ADM Upendra Kumar is being honoured by Coordinator Dr.Madhepuri and other members.
ADM Upendra Kumar is being honoured by Coordinator Dr.Madhepuri and other members.

बता दें कि इस आयोजन के समन्वयक सह जिला स्थाई कला समिति के सदस्य व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि यह उत्सव बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार द्वारा प्रत्येक जिले के युवाओं के लिए बहुत बड़ा उपहार है जिसके लिए हम सभी को नीतीश सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के साथ-साथ अपने जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करना चाहिए।

यह भी बता दें कि दो दिनों तक विभाग द्वारा निर्धारित विभिन्न विधाओं के प्रतिभागियों का चयन निर्णायक मंडल के पांचों सदस्यों- डॉ.शांति यादव, शौकत अली, डॉ.रवि रंजन, गाँधी कुमार मिस्त्री, अविनाश कुमार ने पूरी तत्परता से की, जिन्हें अपर समाहर्ता उपेन्द्र कुमार एवं समन्वयक डॉ.मधेपुरी सहित सभी सदस्यों ने मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया तथा राज्य स्तरीय आयोजन में भाग लेने हेतु प्रथम आए प्रतिभागियों की सूची तैयार कर स्थाई कला समिति के अध्यक्ष डीएम नवदीप शुक्ला को सुपुर्द किया गया।

ADM Upendra Kumar , Coordinator Dr.Bhupendra Madhepuri along with other members and participants.
ADM Upendra Kumar , Coordinator Dr.Bhupendra Madhepuri along with other members and participants.

चलते-चलते यह भी जानिए कि सुगम संगीत में रोशन कुमार, चित्रकला में सुभांगी, हस्तशिल्प कला में कविता कुमारी, मूर्तिकला में संतोष कुमार, फोटोग्राफी में बबलू कुमार, हारमोनियम वादन में आलोक कुमार, लोक संगीत एकल में संतोष कुमार, समूह लोकगीत में निधि एवं साथी, समूह लोकगाथा गायन में संतोष कुमार एवं साथी एवं नाटक में अमित आनंद एवं साथी प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए तथा सूचीबद्ध किए गए।

अन्त में सभी प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी हुआ और अपर समाहर्ता उपेन्द्र कुमार ने जिले का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दी तथा समन्वयक डॉ.मधेपुरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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दिसंबर 12 को बीएनएमयू में होगा विद्वानों का जमावड़ा

भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा संपोषित एवं भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी कुलपति डॉ अवध किशोर राय की टीम द्वारा पूरी मुस्तैदी से की जा रही है।

बता दें कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा शिक्षा समाज एवं संस्कृति विषय पर 12 दिसंबर को आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में विद्वानों का व्याख्यान होगा। तीन दिवसीय (12 से 14 दिसंबर) अधिवेशन के दरमियान कुलपति डॉ एके राय के अनुसार सम्मेलन में बिहार की “दार्शनिक एवं सांस्कृतिक विरासत”  पर एक विशेष संगोष्ठी होगी पूर्णविराम उन्होंने कहा कि इसके जरिए पूरे बिहार और विशेषकर कोसी की विरासत (जो ऐतिहासिक, धार्मिक, दार्शनिक एवं राजनीतिक दृष्टि से काफी समृद्ध है) को लेकर चंडी स्थान, सिंघेश्वर स्थान, कारू खिरहरी स्थान…… महर्षि मेंही जन्म स्थान…… लक्ष्मीनाथ गोसाँई….. मंडल-भारती आदि की भूमि एवं योगदानों पर विद्वानों द्वारा विशेष चर्चाएं होंगी।

चलते-चलते बता दें कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन सचिव सहजनपुर संपर्क पदाधिकारी डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रमुख विद्वान भाग लेंगे। इनमें डॉ.अरुण मिश्र (नई दिल्ली), डॉ.अविनाश कुमार श्रीवास्तव (नालंदा), डॉ.अमरनाथ झा (दरभंगा), डॉ.सुधा जैन (वाराणसी), डॉ.अरुणाभ सौरभ (भोपाल), डॉ.अमिता जायसवाल एवं डॉ. प्रणय प्रियंवद (पटना), डॉ.शिवशंकर सिंह पारिजात, डॉ.रमन सिंह एवं डॉ.रवि शंकर कुमार चौधरी (भागलपुर) के नाम शामिल हैं…. इसके अलावा बीएन मंडल विश्वविद्यालय की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सिंडीकेट सदस्य डॉ.रामनरेश सिंह, रमेश झा महिला महाविद्यालय सहरसा की विदुषी प्राचार्य डॉ.रेणु सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार (अकादमिक), डॉ.एम आई रहमान एवं डॉ.कमल मोहन आदि विद्वान अपनी आलेख प्रस्तुत करेंगे।

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अयोध्या फैसले पर दैनिक भास्कर का टॉक शो

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा 134 वर्ष पुराने अयोध्या विवाद पर दिये गये अपने सर्वसम्मत फैसले (जिसमें हर धर्म, आस्था, समाज और संविधान की मर्यादाएं समाहित हैं) में न तो किसी समुदाय की हार हुई, ना किसी की जीत। यदि जीत हुई है तो केवल संविधान और भारतीयता की…… देश की एकता और अखंडता की।

बता दें कि तमाम बिंदुओं व पहलुओं पर बारीकी से ध्यान देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देश और दुनिया में फैले सभी समुदायों ने सहर्ष गले लगाया तथा सुकून के साथ यही कहा कि अब अयोध्या की नगरी में एक ओर जहाँ पुरुषोत्तम राम की मर्यादा के गीत गुन्जेंगे वहीं दूसरी ओर परवरदिगार अल्लाह की इबादत होगी….. चारों ओर अमन, शांति व आपसी भाईचारे का चट्टानी माहौल बनेगा। ऐसे अद्भुत फैसले सुनने के बाद से नये भारत के निर्माण की चर्चाएं होने लगी हैं तथा समस्त देशवासियों के बीच “ऑल इज वेल” की अनुगूंज चारों ओर गूंजने लगी है।

After the Ayodhya Judgement the Persons of both the communities co-ordially cleaning Dr.APJ Abdul Kalam Park of Madhepura under the leadership of Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri.
After the Ayodhya Judgement the Persons of both the communities co-ordially cleaning Dr.APJ Abdul Kalam Park of Madhepura under the leadership of Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri.

डीएम नवदीप शुक्ला , एसपी संजय कुमार एवं एसडीएम वृंदालाल व एसडीपीओ वसी अहमद ने सुबह से ही सतर्कता बनाए रखी परंतु शाम होने पर एसपी संजय कुमार को कहना पड़ा कि इस जिले में आपसी भाईचारा व सामाजिक सौहार्द की डोर अटूट है। मधेपुरा में तो फैसले को जानने के बाद दोनों समुदाय के बीच गजब का संयम और एकजुटता दिखा |

दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित टॉक शो में शहर के शिक्षाविद एवं डॉ.कलाम के करीबी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, शौकत अली, उप मुख्य पार्षद अशोक यदुवंशी, अधिवक्ता संघ के जेएस जयनारायण, पार्षद प्रतिनिधि ध्यानी यादव, एडवोकेट एनके निर्मल, वार्ड पार्षद एके सिन्हा, एमके मिंटू एवं अधिवक्ता अजय कुमार, गोपी पंडित ने यही कहा कि संपूर्ण भारत ने विविधताओं  बीच एकता वाले इस फैसले को संयम के साथ स्वीकारा।

शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी ने भास्कर टॉक शो में यही कहा- मंदिर-मस्जिद से ऊपर देश है। हम लोग जब खुद को हिंदुस्तानी समझने लगेंगे उस दिन से देश में इस तरह का कोई विवाद ही नहीं रहेगा। अब इस देश को संपूर्ण भारतीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम सरीखे नजरिये की जरूरत है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि ऐसे नजरिये वाले संपूर्ण भारतीय डॉ.कलाम के नाम से मधेपुरा में डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क का उद्घाटन करने वाले तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल को आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कितनी खुशी हो रही होगी…..। साथ ही सर्वाधिक प्रसन्नता तो उन्हें यह जानकर होगी कि समाजसेवी डॉ.मधेपुरी के नेतृत्व में फैसले को ख़ुशी-ख़ुशी गले लगाते हुए दोनों समुदाय के लोग…… शालिनी, रोशन कुमार, राजकुमार यादव, शब्बीर आलम, सज्जू-गुड्डू, मो.इम्तियाज, मो.मिस्टर की टीम के सदस्य सैफ, शाद, कपिल…… आदि कलाम पार्क की सफाई करके स्वच्छ भारत की ओर एक कदम बढ़ाते हुए नए भारत के निर्माण में जुटे हुए हैं।

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सभी समुदाय सुप्रीम कोर्ट के फैसला को मानें… फासला न बढ़ावें

दशकों से चल रही “राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद” की न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सहित जस्टिस डीवाई चन्द्रचूर, एसए बाबरे, अशोक भूषण एवं अब्दुल नजीर नेे लगातार 40 दिनों तक 5-6 घंटे प्रतिदिन दोनों समुदायों के सभी पक्षों के तथ्यों को सुनकर आज 9 नवंबर को ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसमें ना तो किसी पक्ष की हार हुई और ना किसी की जीत।

तभी तो मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में संपूर्ण भारतीय डॉ.कलाम के करीबी माने जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के नेतृत्व में दोनों समुदाय के लोग समस्त शांति व सद्भाव के साथ बेफिक्र होकर सफाई करने में लगे दिख रहे हैं। वै हैं- निर्मल तिवारी, राम पदारथ यादव, मो.इम्तियाज, मो.राशिद, मो.महताब, डॉ.अर्जुन यादव, मिस्टर मौलाना की पूरी टीम…..।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सांस्कृतिक, धार्मिक व सामाजिक न्याय को दृष्टिपथ में रखते हुए विधि संगत ऐतिहासिक न्याय दिया है। जहाँ राम जन्मभूमि के साक्ष्यों को आधार मानकर 2.77 एकड़ जमीन रामलला के मंदिर हेतु दिया गया वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय का सम्मान रखते हुए उन्हें लगभग दो गुनी यानी 5 एकड़ जमीन अयोध्या के अंदर ही देने का फैसला सुनाया। इस फैसले का सम्मान देशवासियों के लिए अग्नि परीक्षा है। जिसमें उन्हें उत्तीर्ण होने के लिए शांति, सद्भाव व सुरक्षा को बनाए रखने के साथ-साथ हिन्दू समुदाय को मस्जिद निर्माण में सहयोग देना होगा और मुस्लिम समुदाय को मंदिर निर्माण में। दोनों समुदाय अपने अहम एवं वहम का त्याग करे ! देश के सभी समुदायों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान किया है।

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी से इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी समुदाय फैसला को मानें….. फासला ना बढ़ावें। उन्होंने कहा कि भाईचारा व शांति कायम रखने वाले सभी प्रयासों की भरपूर सराहना की जानी चाहिए क्योंकि यह विवाद देश को दीमक की तरह खाये जा रहा था… और खोखला बनाए जा रहा था।

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त्रिदिवसीय मधेपुरा गोपाष्टमी महोत्सव सम्पन्न

मधेपुरा के श्रीकृष्ण गौशाला परिसर में तीन दिवसीय राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव का उद्घाटन 6 नवंबर (मंगलवार) को बिहार के विधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, एससी-एसटी मंत्री प्रो.(डॉ.)रमेश ऋषिदेव व मधेपुरा के सांसद ई.दिनेश चन्द्र यादव, डीएम नवदीप शुक्ला (आईएएस), एसपी संजय कुमार (आईपीएस) एवं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

महोत्सव में उमड़ी लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए अपने उद्घाटन भाषण में विधि मंत्री ने कहा कि बिहार की जिस भूमि पर बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ वहीं से संपूर्ण संसार के लिए शांति, भाईचारे और प्रेम का प्रकाश फैले…….। उन्होंने वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जल, जीवन और हरियाली सरीखे नीतीश सरकार के अभियान से जुड़ने का संदेश दिया और कहा कि सृष्टि की पूजा से ही होगी मानवता की रक्षा।

Bollywood Playback Singer Purnima Shraistha is being honoured by SDM Vrindalal, SDPO Washi Ahmad, Senior Member of Ayojan Samiti Dr.Madhepuri, Manoj Yaduwanshi & others on the occasion of 2nd Rajkiya Gopasthmi Samaroh at Gaushala Shri Krishan Mandir Campus, Madhepura.
Bollywood Playback Singer Purnima Shraistha is being honoured by SDM Vrindalal, SDPO Washi Ahmad, Senior Member of Ayojan Samiti Dr.Madhepuri, Manoj Yaduwanshi & others on the occasion of 2nd Rajkiya Gopasthmi Samaroh at Gaushala Shri Krishan Mandir Campus, Madhepura.

यह भी बता दें कि जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने कहा कि सरकार जिले में 108 करोड़ की लागत से दो एससी-एसटी कल्याण विद्यालय का निर्माण करने जा रही है वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद ई.दिनेश चन्द्र यादव ने भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए “कर्म के उपदेश” को संदर्भित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से एनएच-106 निर्माणार्थ जमीन अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया….. अब कोसी नदी पर 1200 करोड़ का पुल बनने जा रहा है।

जहाँ समारोह की अध्यक्षता कर रहे डीएम नवदीप शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया तथा गोपाष्टमी महोत्सव को भाईचारे के साथ मनाने की बात कही वहीं आयोजन समिति के वरीय सदस्य प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उपस्थित अतिथियों एवं सुधि श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एवं गोपाष्टमी को गाय की पूजा बताते हुए यही कहा कि धार्मिक मान्यतानुसार गाय की देह में देवताओं का निवास इसलिए माना जाता है कि गौमाता से अमृत तुल्य पंच गव्य प्राप्त होता है – गोबर, गोमूत्र, दूध, दही एवं घी। आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जहाँ भारतीय गाँव में लोग आज भी फोड़ा-फुंसी, घाव, चोट व जले पर गोबर की लेप लगाते हैं वहीं जापान के हिरोशिमा-नागासाकी में छोड़े गए एटम बम से निकले हानिकारक रेडिएशन से होने वाले शारीरिक नुकसान से बचने हेतु आज तक लोग गोबर से घर-आँगन को लिपते हैं….. गोमूत्र पान करने से किडनी साफ होता है …. कुष्ट दूर होता है।

मौके पर पूर्व विधायक प्रो.अरुण कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, एसपी संजय कुमार , डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एसडीएम वृंदा लाल, एसडीपीओ वसी अहमद, डीपीआरओ सह एनडीसी रजनीश कुमार, बीडीओ आर्य गौतम, सीओ वीरेंद्र नारायण झा , डॉ.आरके पप्पू, शौकत अली….. सहित उद्घोषक पी.यदुवंशी, हर्षवर्धन सिंह राठौर, समीक्षा यदुवंशी, शशिप्रभा आदि शहर के अगणित गणमान्य की उपस्थिति देखी गई।

3 दिनों तक इस दूसरे राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव में सुर,ताल व नृत्य की त्रिवेणी निरंतर संध्या 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक बहती रही और लोग झूमते रहे। जहाँ एक ओर स्थानीय स्थापित एवं नवोदित कलाकारों की प्रस्तुति सराही गई …… वहीं दूसरी ओर सूफी गायक विनोद ग्वार (मुंबई) और चर्चित गायिका मैथिली ठाकुर, नालंदा संगीत के कलाकारों एवं बॉलीवुड पार्श्व गायिका सपना अवस्थी (मुंबई) के अतिरिक्त अंतिम दिन राधा कृष्ण झांकी व बॉलीवुड पार्श्व गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठ (मुंबई) द्वारा जमकर तालियाँ बटोरी गई……। सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को यादगार बना दिया। सबों को जिला प्रशासन द्वारा मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। संपूर्ण सफल व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर सबों ने जिला प्रशासन की सराहना भी की। अंत में गौशाला समिति की अध्यक्ष सह मधेपुरा के एसडीएम वृंदालाल ने समारोह के समापन की घोषणा की।

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नीतीश सरकार द्वारा भूमि विवाद निबटाने हेतु पुलिसवालों को विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था

देशभर में भूमि विवाद से संबंधित मामले थाने से लेकर भिन्न-भिन्न स्तर के न्यायालयों में करोड़ों की संख्या में वर्षों से लंबित हैं | प्रतिदिन अखबार में जितनी भी हत्याओं के समाचार छपते हैं, उनमें आधे से अधिक भूमि विवाद से संबंधित हुआ करते हैं |

बता दें के सूबे बिहार में लंबित पड़े मुकदमों की संख्या करीब डेढ़ लाख है जिसमें 60% से अधिक मामले जमीन विवाद से जुड़े हैं | इन विवादों की संख्या को कम करने के लिए तथा सज्जन लोगों को सहज जीवन जीने के निमित्त नीतीश सरकार ने पुश्तैनी जमीन के लिए पारिवारिक बंटवारे हेतु रजिस्ट्री-फी लाख-करोड़ रुपये की जगह मात्र ₹100 कर दी | साथ ही यह भी नियम बना दिया कि बिना जमाबंदी अब जमीन की खरीद-बिक्री नहीं होगी, परन्तु हाईकोर्ट ने तत्काल इस नियम पर रोक लगा दी है |

यह भी बता दें कि भूमि विवादों को कम करने हेतु पुलिस मुख्यालय के स्तर से एक विशेष पहल की गई है | इसमें सहायक पुलिस निरीक्षक से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर के पदाधिकारियों को जमीन से जुड़े तमाम जरूरी कानून की ट्रेनिंग दी जाएगी | चरणबद्ध तरीके से दी जाने वाली ट्रेनिंग के लिए गृह विभाग ने 1 करोड़ 47 लाख 31 हज़ार रूपये की स्वीकृति भी दे दी है |

जानिए कि गृह विभाग के सभी उच्चाधिकारियों को हिदायत के साथ यह आदेश निर्गत किया है कि इन रुपये को एक महीने के अंतर्गत ट्रेनिंग पर खर्च करें, न कि रुपये की निकासी करके बैंक एकाउंट में रख दें | आदेश में इस बात की भी जानकारी दे दी गई है कि ट्रेनिंग स्थल ए.एन.सिन्हा शोध संस्थान प्रस्तावित है जहाँ पुलिस इंस्पेक्टर रैंक तक के सभी पदाधिकारियों को जमीन से जुड़े तमाम कानूनों की विस्तार से जानकारी दी जाएगी | यहाँ तक की जमीन रिफॉर्म से जुड़े कानूनों की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी |

 

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सम्पूर्ण समाजवादी महापर्व है छठ

शुचिता, स्वच्छता और समर्पण का महापर्व है छठ। घर-घर में महिलाएं अपने परिवार व बच्चों की कुशलता की कामना लेकर पूरी निष्ठा से करती हैं इस व्रत को। कुछ घरों में तो पुरुष भी रखते हैं यह व्रत। गौर करने की बात है कि छठ ही एकमात्र पर्व है जिसमें बिना किसी कर्मकांड या पंडितों की सहायता के ही श्रद्धालु व्रती चार दिनों तक चलने वाला व्रत करते हैं।
लोकआस्था का यह महापर्व छठ सामाजिक एकता का अद्वितीय प्रतीक है। तभी तो बिहार के कटिहार, नालंदा आदि जिलों के कुछ मुस्लिम परिवार भी वर्षों से इस व्रत को करते आ रहे हैं। भला क्यों नहीं, सूर्यदेव सबसे जुड़े जो हैं और साथ ही जोड़ते भी हैं सबको। बिना किसी भेद-भाव के विभिन्न घाटों पर सभी एक साथ मिलकर सूर्य देव को प्रणाम करते हैं। सभी जानते और मानते हैं कि सूर्य से ही जीवन है और सूर्य से ही प्रकृति और पर्यावरण का अस्तित्व संभव है। तभी तो इस महापर्व में डूबते सूर्य की भी पूजा समान श्रद्धा से होती है।
धार्मिक आस्था से जुड़े महापर्व छठ का आर्थिक पक्ष भी है। जी हाँ, हमें जानना चाहिए कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जीवित रखने में इस पर्व का बड़ा योगदान रहा है। यदि बाजार में इस पर्व में उपयोग में लाई जाने वाली चीजों पर नज़र डालें तो 90 से 95 प्रतिशत सामान गांवों के छोटे-छोटे किसानों के खेत से या फिर कास्तकारों के हाथों के हुनर से बनकर आते हैं। इस पर्व में इस्तेमाल होने वाली चीजों – हल्दी, अदरख, केला, अमरूद, अल्हुआ, सुथनी आदि – का करोड़ों का कारोबार हो जाता है। मधेपुरा की ही बात करें तो केवल इस जिले में ही हल्दी-अदरख का कारोबार तीन से चार करोड़ तक पहुँच जाता है। छठ पूजन की अन्य सामग्रियों को जोड़ दें तो जिले का कुल कारोबार 90 से 95 करोड़ तक पहुँच जाता है। कहने की जरूरत नहीं कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कितनी मजबूती मिलती है।
कुल मिलाकर कहना गलत न होगा कि समाज के हर वर्ग को एक समान लाभ और महत्व देने वाला यह पर्व समाजवाद की सच्ची परिभाषा प्रस्तुत करता है। इस तरह से सम्पूर्ण समाजवादी महापर्व है छठ।

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मधेपुरा के डॉ.कलाम पार्क में डॉ.मधेपुरी ने “लौहपुरुष” को समर्पित किया ‘रन फॉर यूनिटी’

जिला मुख्यालय के मध्य में अवस्थीत डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती का आयोजन 31 अक्टूबर को किया गया | सरदार पटेल की जयंती का आयोजन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के नेतृत्व में किया गया |

इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी सहित पार्क में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराने वाले डॉक्टर, अधिवक्ता, बैंक कर्मी एवं अन्य बुद्धिजीवियों ने सरदार पटेल को उनके साहसिक कार्यों के लिए याद किया | मौके पर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की चर्चा करते हुए डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि भारतीय एकता व अखंडता का पर्याय बन गए हैं- सरदार बल्लभ भाई पटेल जिन्हें दुनिया लौह पुरुष के नाम से ससम्मान पुकारती है |

डॉ.मधेपुरी ने खेद प्रकट करते हुए अंत में यही कहा कि भारत को एक करने वाले सरदार तथा स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री बल्लभ भाई पटेल की मृत्यु के बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने में 40 वर्ष लगा दिए थे | जिनके साहसिक कार्यों से प्रसन्न होकर महात्मा गांधी ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि से नवाजा था |

इसीलिए उनके जन्म दिन को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा है तथा पूरे देश को एकजुट करने के लिए ‘रन फॉर यूनिटी’ का भी आयोजन किया गया है | इस आयोजन में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.बी.एन.भारती उनकी नन्ही पुत्री, डॉ.अर्जुन, मो.महताब, मो.राशिद, मो.इम्तियाज, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, निर्मल कुमार तिवारी एवं मो.मिस्टर की पूरी टीम समेत बच्चे , बुजुर्ग एवं युवाओं ने विशेष रूप से शामिल होकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली तथा ‘रन फॉर यूनिटी’ में भी सम्मिलित हुए |

 

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बिहार के सभी जिलों में बनाए जाएंगे परमानेंट हेलीपैड

बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने सूबे के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को स्थाई हेलीपैड निर्माण हेतु 100 मीटर लंबा एवं 100 मीटर चौड़ा स्थल चयन करने को कहा है। श्री कुमार ने जिलों को भेजे गए संदेश में कहा है कि संभव हो तो स्थाई हेलीपेड हेतु चयन किए जाने वाले स्थल पुलिस लाइन, स्टेडियम या किसी हाई स्कूल के मैदान में हो ताकि स्थाई हेलीपैड की समुचित देखभाल व सुरक्षा की जा सके।

बता दें कि स्थाई हेलीपैड निर्माण की बात नीतीश सरकार को इसलिए कुरेदती रहती है कि बिहार में प्रायः प्राकृतिक एवं कृत्रिम आपदाएं आती रहती हैं। सभी जानते हैं कि बाढ़, सुखाड़, भूकंप, चक्रवाती तूफान, अगलगी या शीतलहरी के मामले में बिहार एक संवेदनशील राज्य रहा है।

यह भी बता दें कि ऐसी विकट आपदाओं के समय लोगों को राहत दिलाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाता है। उस घड़ी जिलाधिकारी को तुरंत अस्थाई हेलीपैड बनाने में सर्वाधिक परेशानी होती है। ऐसी स्थितियों की पुनरावृति रोकने के लिए तथा राजस्व के अपव्यय के साथ-साथ जल्दबाजी में हेलीपैड निर्माण में कई त्रुटियां रह जाने को ध्यान में रखते हुए स्थाई हेलीपैड निर्माण का निर्णय लिया गया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि किसी भी प्रकार की आपदाएं आने पर खाद्य सामग्री या अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति हेतु या वीआईपी के सर्वेक्षण अथवा निरीक्षण हेतु आने-जाने को लेकर बार-बार जिला प्रशासन को मशक्कत नहीं करनी पड़े…… इसलिए प्रत्येक जिले में स्थाई हेलीपैड की सराहना सबों ने की है।

 

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जीवनदायी सूर्यदेव के प्रति श्रद्धा का पर्व है छठ

पृथ्वी पर जीवन का आधार है सूर्य क्योंकि सूर्य, को जगत की आत्मा कहा गया है। सूर्य के आलोक से पृथ्वी पर जीवन प्रकाशित हो उठता है। छठ व्रत इसी जीवनदायी सूर्य देव को आभार प्रकट करने का महापर्व है। ऐसा महापर्व जिसमें बिना किसी भेदभाव के समस्त समाज सामूहिक रूप से डूबते एवं उगते सूर्य को अर्घ्य देता है।

बता दें कि छठ एक अति प्राचीन महोत्सव है जिसे दिवाली के बाद छठे दिन मनाया जाता है। बिहार झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश… सहित देश के विभिन्न महानगरों में श्रद्धालुओं द्वारा इस प्रकृति प्रेम के प्रतीक छठ पर्व को सर्वाधिक निष्ठा पूर्वक मनाया जाता है। छठ में सभी श्रद्धालु नर-नारी जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। जल तो प्रेम का प्रतीक है चाहे नदी का हो या तालाब का या घर का ही क्यों ना हो।

यह भी जानिए कि यह पर्व सूर्य को आभार व्यक्त करने की परंपरा है। इस पर्व का उद्देश्य सूर्यदेव से अपनेपन को महसूस करना है। सूर्य देव को दूध या जल का अर्घ्य अर्पित किया जाना इस तथ्य को दर्शाता है कि श्रद्धालुओं का मन और हृदय दोनों पवित्र और स्वच्छ बना रहे। फिलहाल पद्मश्री शारदा सिन्हा का छठ गीत वातावरण को सरस बनाने में लग गया है।

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