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15 साल बनाम 15 साल होगा 2020 के चुनाव का नेरेटिव: आरसीपी

बिहार प्रदेश जदयू मुख्यालय में शुक्रवार को क्षेत्रीय संगठन प्रभारियों, जिला प्रभारियों, जिलाध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों, प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों एवं प्रदेश प्रवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह ने की। इस बैठक में विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, मुख्य प्रवक्ता संजय कुमार सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, परमहंस कुमार, कामाख्या नारायण सिंह, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, क्षेत्रीय संगठन प्रभारी सुनील कुमार, अरुण कुशवाहा, विपिन कुमार यादव, रामगुलाम राम, पंचम श्रीवास्तव, आशिफ कमाल, युवा जदयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा, समाज सुधार वाहिनी अध्यक्ष रंजू गीता, महिला जदयू अध्यक्ष श्वेता विश्वास आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम 15 नवंबर से 05 दिसंबर तक बिहार के हर बूथ पर अध्यक्ष और सचिव के मनोनयन को लेकर चले अभियान का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। अभियान की सफलता पर आरसीपी सिंह ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी के संगठन के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। हमारा संगठन अब सभी बूथों तक है, यह पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि है। हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमीन पर काम किया है और अब हमारा संगठन भी जमीन तक है। इस अभियान से हमारे कार्यकर्ताओं का भरोसा बढ़ा, पार्टी जड़ से मजबूत हुई और संगठन की ताकत बढ़ी।
अपने संबोधन में आरसीपी सिंह ने आगे कहा कि अब हमलोगों का अगला लक्ष्य 15 दिसंबर 2019 से 05 जनवरी 2020 के बीच विधानसभावार सम्मेलन का है। इसके बाद बूथ तक के सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करना है। इसके लिए लगभग 400 मास्टर ट्रेनर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी को एकजुट और संकल्पित रहना है कि बिहार में 2020 में फिर श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बने।
आरसीपी सिंह ने कहा कि 2020 के चुनाव का नेरेटिव होगा 15 साल बनाम 15 साल। बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है कि नीतीश कुमार के शासन के पहले और बाद के बिहार में क्या अंतर है और साथ में यह भी कि और अगले 5 साल में क्या कुछ हो सकता है। न्याय के साथ विकास, बिहार का समावेशी विकास, सामाजिक सौहार्द्र और कानून का राज – हमारे नेता अपने इन संकल्पों पर शुरू से लेकर आज तक अडिग हैं।
एनआरसी और नागरिक संशोधन बिल की चर्चा करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि आज लोग नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के नाम पर लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं, जबकि हमलोगों का एजेंडा ‘सी’ से आगे ‘डी’ का यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ डेवलपमेंट का है। हमलोगों का एकमात्र एजेंडा विकास है और विकास की इस यात्रा में धर्म, जाति या लिंग के नाम पर कोई भेदभाव नहीं कर सकता। कुछ पार्टियां अल्पसंख्यकों के नाम पर भय की राजनीति करने में लगी हैं, जबकि हमलोगों की राजनीति भय के विरुद्ध भरोसा की है। यह भय बनाम भरोसा की लड़ाई है। हमलोग अल्पसंख्यकों के भरोसा को किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी लाईन से अलग विचार या राय रखने वाले पार्टी की ओर से स्वतंत्र हैं।

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बिहार के एमआईटी में गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर बनेगा शोध केन्द्र

एमआईटी यानि मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में विश्व विख्यात बिहार के गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर शोध केंद्र बनेगा। यह शोध केन्द्र एमटेक के थीसिस वर्क के साथ-साथ प्राध्यापकों के रिसर्च कार्य के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।

बता दें कि एमआईटी के प्राचार्य डॉ.जे.एन.झा ने बताया कि संस्थान के रिसर्च सेंटर का नाम विश्व प्रसिद्ध महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर होगा। डॉ.झा ने कहा कि टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (टी.ई.क्यू.आई.पी.) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की बैठक में इसकी मंजूरी मिल गई है। अब डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से मंजूरी हेतु प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

प्राचार्य डॉ.जे.एन.झा द्वारा यह जानकारी दी गई कि इस रिसर्च सेंटर की स्थापना से सूबे में शोध कार्यों की संस्कृति विकसित होगी। उन्होंने कहा कि अब तक इस रिसर्च सेंटर में 75 कंप्यूटर इंस्टॉल किए जा चुके हैं जिसमें कुछ अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए जाएंगे। वैसे सॉफ्टवेयर जिसमें डिजाइनिंग से लेकर अन्य जरूरतमंद तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि रिसर्च सेंटर के संस्थान को बहुत फायदा होगा। आने वाले दिनों में एमआईटी का एनबीए से एक्रीडिटेशन होना है। अतः संस्थान में रिसर्च सेन्टर होने से इसे बेहतर रैंकिंग मिलेगा।

 

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लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है मानवाधिकार दिवस- डॉ.मधेपुरी

10 दिसंबर (मंगलवार) को संध्या 6:00 बजे भूपेन्द्र नारायण मंडल चौक से शहीद सदानंद चौक तक जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी, समाजसेवी, अधिवक्ता एवं छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर “विश्व मानवाधिकार दिवस” के बैनर तले लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी द्वय एडीएम उपेन्द्र कुमार व एडीएम शिवकुमार शैव सहित अन्य पदाधिकारीगण, अधिवक्ता विजय कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डाॅ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, स्काउट एंड गाइड प्रशिक्षण जयकृष्ण यादव, टीपीएस के छात्र एवं शिक्षक भी तख्तियों एवं बैनरौं के साथ हाथ में जलती मोमबत्ती लेकर ‘कैंडल मार्च’ में शामिल दिखे। विशेष बात यह कि दिल्ली से आई डॉ.हेमा अपने सहयोगी भारती के साथ भूपेन्द्र चौक से शहीद सदानंद चौक तक मानवाधिकार पर ही चर्चाएं करती हुई देखी गई।

शहीद सदानंद चौक पर सारे कैंडलों को शहीद स्मारक पर जलते हुए रखकर कैंडल मार्च का समापन किया गया। मौके पर आए मीडिया मैनो के साथ-साथ उपस्थित सारे लोगों को संबोधित करते हुए एडीएम द्वय ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में मानवाधिकार के बाबत सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था, तबसे इस तारीख को सारे सदस्य देशों द्वारा मानवाधिकार के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि आजादी, बराबरी और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है मानवाधिकार। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि देश की सरकार की तरह ही विश्व सरकार बननी चाहिए और इसके समर्थन में उन्होंने अपनी चन्द पंक्तियाँ यूँ  उद्धृत की।

रे धरा एक सरकार एक,

जब क्रियाशील चिन्तन होगा।

हिंसा विद्वेष गरल से तब,

चिरमुक्त मनुज का मन होगा।।

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17 दिसंबर को दीक्षांत समारोह में बीएनएमयू 19 टॉपर्स को देगा गोल्ड मेडल

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में…. स्थापना के 28 साल बाद तीसरी बार हो रहे दीक्षांत समारोह को यादगार बनाने हेतु कभी कुलपति डॉ.अवध किशोर राय की अध्यक्षता में तो कभी प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली की अध्यक्षता में बैठकों का दौर जारी है। इस बार के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल फागू चौहान के हाथों स्नातकोत्तर के कुल 19 टॉपर्स को दिया जाएगा गोल्ड मेडल। इन 19 टॉपर्स में 16 होंगे सत्र 2015-17 स्नातकोत्तर के भिन्न-भिन्न विषयों के टॉपर्स एवं तीन होंगे एमडी, एमएस और एमलिस के टॉपर्स। टॉपर्स की सूची में लड़कियां आगे हैं। जानिए कि पीजी के 16 विषयों में 12 में बेटियां ही टॉप की हैं।

बता दें कि जिन्हें कुलाधिपति के हाथों मिलेगा स्वर्ण पदक वे हैं पीजी के 11 टॉपर्स- 1. वसुंधरा भारती (भौतिकी), 2. सृष्टि कुमारी (वनस्पति), 3. अमर कुमार (मनोविज्ञान), 4. रूपिका कुमारी (भूगोल), 5.सम्मी कुमारी (गृह विज्ञान), 6.अमरेश कुमार अमर (अर्थशास्त्र), 7.कृष्णदेव प्रसाद यादव (समाजशास्त्र), 8. त्रिलोकी नाथ झा (हिन्दी), 9. निवेदिता कुमारी (अंग्रेजी), 10. ब्रज भूषण कुमार (कॉमर्स) पीजी, निकिता कुमारी, कॉमर्स (पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया), कुमारी आर्या (जन्तु विज्ञान) एवं टीपी कॉलेज मधेपुरा की प्रियंका गुप्ता (जन्तु विज्ञान) ।

शेष कॉलेजों के टॉपर्स हैं- 12.स्नेहा कुमारी, रसायन विज्ञान (एमएलटी कॉलेज सहरसा), 13.अभिषेक कुमार मांझी, गणित (डीएस कॉलेज कटिहार), 14.पल्लवी शर्मा, इतिहास (एमएलटी कॉलेज सहरसा), 15. शोहरत जहाँ,उर्दू (टीपी कॉलेज मधेपुरा), 16.विशाखा कुमारी, राजनीति विज्ञान (पीजी सेंटर सहरसा)।

और शेष तीन  पदक विजेता हैं- 17,डॉ.शम्भवी (एमडी), कटिहार मेडिकल कॉलेज कटिहार, 18. डॉ.चांदनी सहगल (एमएस) एमजीएम मेडिकल कॉलेज किशनगंज एवं 19.कुणाल कुमार, पुस्तकालय सूचना विभाग, बीएन मंडल विश्वविद्यालय।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कॉमर्स एवं जंतु विज्ञान में दो-दो टॉपर शामिल हैं तथा संस्कृत, मैथिली और दर्शनशास्त्र में 10 से कम छात्र रहने के कारण टॉपर की सूची तैयार करने वाली समिति द्वारा इन विषयों के लिए सूची जारी नहीं की गई।

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मधेपुरा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार समारोह पूर्वक हुआ संपन्न

जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में रविवार के दिन बिहार उर्दू निदेशालय एवं जिला प्रशासन के सौजन्य से फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का शानदार आगाज किया गया। इस अवसर पर ऊर्जावान युवा जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्राचार्य शकील अहमद, प्रो.गुल हसन, अधीक्षक मुर्तुजा आलम, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, अध्यक्ष बौआ यादव, एडीएम उपेन्द्र कुमार एवं समाजसेवी शौकत अली ने समारोह का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेमिनार को ऊँचाई देने वाले पंचायती राज पदाधिकारी व उर्दू प्रभारी अल्लामा मुख्तार द्वारा सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम-बुके-बैज के साथ-साथ स्वागत गान से सम्मानित किया गया।

Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri greeting the grand Shaiyar Dr.Noor Mohammed in presence of Deputy Collector & Urdu-in-Charge Allama Mukhtar & others at Bhupendra Smriti Kala Bhawan, Madhepura.
Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri greeting the grand Shaiyar Dr.Noor Mohammed in presence of Deputy Collector & Urdu-in-Charge Allama Mukhtar & others at Bhupendra Smriti Kala Bhawan, Madhepura.

जहाँ डीएम मधेपुरा ने इस मौके पर उर्दू भाषा के विकास पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उर्दू सरीखे सरल भाषा का इस्तेमाल सभी को करना चाहिए क्योंकि उर्दू द्वितीय राजभाषा है वहीं एडीएम उपेन्द्र कुमार ने कहा कि हिन्दी और उर्दू सगी बहनें हैं, एक माँ है तो दूसरी माँसी….. दोनों एक साथ हो तो लेखनी प्रभावशाली हो जाती है।

Minority Hostel Superintendent Md.Murtuza receiving certificate & prize from Dr.B.N.Yadav Madhepuri in Farog-E-Urdu Seminar at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Minority Hostel Superintendent Md.Murtuza receiving certificate & prize from Dr.B.N.Yadav Madhepuri in Farog-E-Urdu Seminar at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

मौके पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि चार भाषाओं- महाराष्ट्री सौरसेनी, मगधी एवं अर्धमगधी मिलकर 8वीं शताब्दी के आसपास हिन्दी आई…. तथा अरबी, फारसी और हिन्दी मिलकर 10वीं शताब्दी के आसपास उर्दू भाषा को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि अभी संसार में छह हजार से अधिक भाषाएं और सैकड़ों लिपियाँ हैं। कोसी के इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की पुस्तक “अंगलिपि का इतिहास” में 84 लिपियों की चर्चा है जो भागलपुर विश्वविद्यालय के एमए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

इस अवसर पर मौलाना बदरुद्दीन, शायर अल्लामा साहब, फिरोज जख्मी एवं दरभंगा से आए तीन शायरों- डॉ.नूर मोहम्मद, मो.मुस्ताक आदि ने मजलिस को जानदार बना दिया। प्रभारी अल्लामा मुख्तार ने बीच-बीच में मंच को जानदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। उर्दू जुबान में बोलने वाले बच्चों एवं बड़ों को नगद पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिया गया। भोजन-पानी का उत्तम प्रबंध देखा गया। अंत-अंत तक जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, डीपीओ मोहम्मद कबीर, वरीय उप-समाहर्ता अजमल खुर्शीद, अल्पसंख्यक छात्रावास के अधीक्षक मुर्तुजा आलम एवं अनवारुल हक व अधिवक्ता जावेद अकरम मौजूद रहे।

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एन वाई के द्वारा आयोजित जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में प्रथम आये आशीष

मधेपुरा जिला मुख्यालय शिवनंदन प्रसाद मंडल +2 माध्यमिक विद्यालय परिसर में नेहरू युवा केंद्र द्वारा “देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी प्रखंडों से चयनित प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

बता दें कि नेहरू युवा केंद्र की समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सर्वप्रथम नेहरू युवा केंद्र द्वारा यह कार्यक्रम प्रखंड स्तर पर कराया गया तथा प्रत्येक प्रखंड से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को जिला स्तर पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि पाँच विद्वत जनों का एक निर्णायक मंडल गठित किया गया जिसमें सीएम साइंस कॉलेज के NSS पदाधिकारी प्रो.संजय परमार, बीएनएमयू के सीनेट सदस्य रंजन यादव, अरुण कुमार आर्य, सुनील कुमार, नारायण कुमार शामिल हैं।

भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के पांचों सदस्यों द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर गणनोपरांत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों का चयन किया गया। जिला स्तर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में मधेपुरा सदर प्रखंड के आशीष कुमार मिश्रा ने प्रथम एवं उदाकिशुनगंज प्रखंड की दीपशिखा ने द्वितीय स्थान प्राप्त की जबकि ग्वालपाड़ा प्रखंड की स्वाती सुमन को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। यह भी कि प्रथम आए प्रतिभागी को पाँच हजार, द्वितीय को दो हजार एवं तृतीय को एक हजार की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रतियोगिता आयोजन के मुख्य अतिथि बीएन मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक एवं कुलसचिव रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में युवाओं से यही कहा कि देश भक्ति एवं राष्ट्र निर्माण में सफलता के शीर्ष तक वही पहुंचेगा जो निष्ठा के साथ देश को सदैव ओढ़ता, पहनता और बिछाता रहेगा। डॉ.मधेपुरी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि अपने अंदर की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने वाला युवा ही सच्चा देशभक्त एवं राष्ट्र निर्माता बनेगा।

वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में बीएनएमयू मुस्टा के महासचिव व सीनेटर डॉ.नरेश कुमार ने नेहरू युवा केंद्र को ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने वाला मंच करार देते हुए कहा कि युवा वर्ग इस मंच का भरपूर उपयोग करें और सच्चा देश भक्त बनें और हर दिन राष्ट्र निर्माण में योगदान देते रहें।

चलते चलते यह भी बता दें कि मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अन्नू कुमारी सहित समन्वयक ने प्रथम स्थान प्राप्त आशीष कुमार मिश्रा को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होकर मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करने हेतु शुभकामनाएं दी। आयोजन को सफल बनाने में अभिषेक आचार्य, नेहा कुमारी, मौसम कुमारी, मीरा कुमारी, रोमन कुमार, अमोद कुमार सहित नेहरू युवा केंद्र के सभी स्वयंसेवक धन्यवाद के पात्र हैं।

 

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राज्य स्तरीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु मधेपुरा की टीम रवाना

46वीं राज्य स्तरीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन 4 से 6 दिसंबर तक सारण में आयोजित की गई है। सारण जिला कबड्डी संघ को यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता बिहार राज्य कबड्डी संघ के निर्देशानुसार ही दिया गया है। राज्य स्तरीय कबड्डी संघ से जुड़े अधिकारी एवं खिलाड़ी को यह विश्वास है कि सारण में भी मधेपुरा जिला कबड्डी संघ सरीखे बेहतर एवं सफल आयोजन की व्यवस्था होगी।

जानिए कि जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने बताया कि मधेपुरा जिले की जूनियर बालक कबड्डी टीम का कप्तान बनाया गया है- रूपेश कुमार को। आगे सचिव ने बताया कि टीम में शामिल किए गए खिलाड़ी हैं- सूरज कुमार, अंकित कुमार, आशुतोष कुमार, बबलू कुमार, अमन कुमार, रंजीत कुमार, सतीश कुमार, राजा कुमार, हिटलर कुमार, सौरभ कुमार, अमित कुमार एवं राजीव कुमार।

चलते-चलते यह भी बता दें कि नीरज कुमार को जूनियर बालक कबड्डी टीम का कोच प्रतिनियुक्त किया गया है। जिला मधेपुरा की टीम को सचिव अरुण कुमार एवं जिला कबड्डी संघ के रेफरी बोर्ड के चेयरमैन मनीष कुमार कुमार, वीरेंद्र लाल दास, रत्नेश कुमार, अरुण कुमार सिंह आदि की उपस्थिति में सचिव अरुण कुमार ने समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से कहा कि यदि टीम सारण में मधेपुरा जिला का नाम रोशन कर कप के साथ लौटेगी तो सभी खिलाड़ियों को डॉ.मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

 

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महाकवि विद्यापति के पदों में मधुरता और गेयता का अद्भुत संगम- डॉ.मधेपुरी

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में मैथिली के महाकवि विद्यापति की जयंती कोसी प्रमंडल के साहित्यकारों द्वारा धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर परिचर्चा का विषय रखा गया- महाकवि विद्यापति के काव्य में लोक भाषा का महत्व।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने विषय-प्रवेश के दरमियान कहा कि विद्यापति भारतीय साहित्य की श्रृंगार परंपरा के साथ-साथ भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक एवं मैथिली के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यापति के काव्य में मध्यकालीन मैथिली भाषा के स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है तथा उन्हें वैष्णव, शैव एवं शाक्त भक्ति के सेतु के रूप में स्वीकार भी किया जा सकता है।

मुख्य वक्ता के रूप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.ललितेश मिश्र ने कहा कि मिथिला के लोगों को “देसिल बयना सब जन मीठ्ठा” का सूत्र देकर विद्यापति ने उत्तरी बिहार में लोकभाषा की जनचेतना को जीवित करने का महान प्रयास किया है। डॉ.मिश्र ने कहा कि मिथिलांचल के लोक व्यवहार में प्रयोग किए जाने वाले गीतों में आज भी विद्यापति के श्रृंगार और भक्ति रस से ओत-प्रोत रचनाएं जीवित हैं।

Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri delivering his speech on the occasion of Mahakavi Vidyapati Jayanti at Ambika Sabhagar, Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan, Madhepura.
Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri delivering his speech on the occasion of Mahakavi Vidyapati Jayanti at Ambika Sabhagar, Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan, Madhepura.

कौशिकी के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मैथिली भाषा में पदावली तथा अवहट्ट भाषा में कीर्ति लता एवं कीर्ति पताका महाकवि विद्यापति की अमर कृतियाँ हैं। विद्यापति के पदों में मधुरता एवं गेयता का अद्भुत संगम है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अस्वस्थ रहने के बाद भी सम्मेलन के संरक्षक व पूर्व सांसद डॉ.आर के यादव रवि ने दूरभाष पर अपने संक्षिप्त संदेश में इतना ही कहा कि महाकवि विद्यापति ने अपनी अमर कीर्ति पदावली में कृष्ण-राधा विषयक श्रृंगारिका काव्य के जन्मदाता के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की है। और यह भी कि कृष्ण जिस रूप में विद्यापति द्वारा चित्रित किए गए हैं वैसा चित्रण किसी पूर्ववर्ती अथवा परवर्ती श्रृंगार कवियों ने करने का साहस भी नहीं जुटा पाया है।

Adhyaksh Harishankar Shrivastav Shalabh, Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri and others at Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan.
Adhyaksh Harishankar Shrivastav Shalabh, Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri and others at Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan.

साहित्यानुरागी वक्ताओं में पूर्व प्रति कुलपति डॉ.के.के.मंडल सहित डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप. डॉ.विनय कुमार चौधरी. मोहम्मद मुख्तार आलम व अन्य वक्ताओं ने कहा कि महाकवि विद्यापति अपनी कालजयी देसिल बयना की बदौलत भारतीय साहित्य में युग-युग तक जीवित रहेंगे। मौके पर दशरथ प्रसाद सिंह कुलिश, डॉ.आलोक कुमार. डॉ.अर्जुन कुमार. डॉ.एनके निराला, उल्लास मुखर्जी, संतोष सिन्हा, आजाद, द्विजराज, बलभद्र यादव, प्रो.मणि भूषण वर्मा, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, किशोर श्रीवास्तव व आनंद कुमार आदि उपस्थित थे। अंत में डीपीएस के निदेशक एवं कौशिकी के उपसचिव श्यामल कुमार सुमित्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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लायंस क्लब के बैनर तले पवनहंस आई क्लीनिक द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन व चश्मा वितरण मुफ्त

मधेपुरा लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ.सच्चिदानंद यादव एवं सचिव डॉ.आरके पप्पू के नेतृत्व में लगाए गए मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में 15 मरीजों के सफल नेत्र ऑपरेशन के साथ-साथ मुफ्त में चश्मा मुहैया कराया गया- पवनहंस आई क्लीनिक द्वारा। इस शिविर को लायंस क्लब के सदस्य आनंद प्राणसुखका, अशोक साह, विकास सर्राफ, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, राजेश कुमार राजू, प्रेम कुमार सुमन, डॉ.हिमांशु, चंद्रशेखर कुमार सहित…. अधिषद सदस्य प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, हंस कुमार यादव और पवन कुमार…. डॉ.संजय कुमार आदि ने समारोह का स्वरूप दे डाला।

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri amidst President of Lion's Club Dr.S.N.Yadav and Secretary Dr.R.K.Pappu.
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri amidst President of Lion’s Club Dr.S.N.Yadav and Secretary Dr.R.K.Pappu.

इस अवसर पर समारोह का उद्घाटन प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सर्वप्रथम एक मरीज को चश्मा पहना कर किया। डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मौके पर लायंस क्लब के अध्यक्ष- सचिव व सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं विपन्न लोगों के लिए इस तरह के अभियान चलाने की निरंतर आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार के प्रति संवेदनशील लोगों द्वारा इस तरह के अभियान जारी रहे तभी समाज सुव्यवस्थित रहेगा और ताकतवर बनेगा। डॉ.मधेपुरी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि सभी सक्षम लोगों को अपने-अपने पूर्वजों की स्मृति में इस प्रकार के सामाजिक आयोजन करते रहना चाहिए।

बता दें कि हंस कुमार यादव एवं पवन कुमार की संयुक्त वित्तीय सहयोग नेत्र सर्जन डॉ.जाहिद अख्तर एवं डॉ.संजय कुमार के सफल ऑपरेशन एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष, सचिव व सदस्यों के सामाजिक-सकारात्मक सोच की सराहना दुनिया को फिर से देख पाने वाले सभी मरीजों ने की। एक मरीज बालकेश्वर राम ने तो खुशी से झूमते हुए- “नैन बिना पंथ भारी” गीत गा-गाकर सबों का दिल जीत लिया।

चलते-चलते यह भी कि आरआर ग्रीन फील्ड के निदेशक लायन राजेश कुमार राजू ने कहा कि वे जल्द ही बच्चों के स्वस्थ नेत्र ज्योति के लिए “नेत्र जाँच विशेष कैंप” का आयोजन कराएंगे।

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बी एन मंडल स्टेडियम से नशा मुक्त बिहार बनाने की रैली निकली

एक ओर जहाँ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधेपुरा जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति का पाठ जिला मुख्यालय के झल्लू बाबू सभागार में इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया वहीं दूसरी ओर नशा मुक्ति दिवस पर विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में शीर्षस्थ पदाधिकारियों द्वारा नशा मुक्त बिहार निर्माण का संकल्प जताया गया। गाँवों से लेकर शहरों तक के सभी महकमों में पूरी तरह नशा मुक्त समाज निर्माण पर बल दिया गया।

मौके पर डीएम नवदीप शुक्ला (IAS), एसपी संजय कुमार (IPS), डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एसडीएम उपेंद्र कुमार व शिव कुमार शैव तथा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद दिखे।

वहीं दूसरी ओर बी एन मंडल स्टेडियम से विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी स्कूली बच्चों ने भिन्न-भिन्न प्रकार के स्लोगन वाली  तख्तियों को हाथ में लिए नारे लगाते हुए शहर के मुख्य सड़कों के चौक-चौराहे यथा बी पी मंडल चौक, भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, शिवनंदन चौक, सुभाष चौक एवं कर्पूरी चौक होते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिया।

यह भी जानिए कि बी एन मंडल स्टेडियम में डीपीओ माध्यमिक नारद प्रसाद द्विवेदी, उत्पाद अधीक्षक अमृता कुमारी, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं बीईओ रमेश चन्द्र रमण ने संयुक्त रूप से दर्जनों विद्यालयों के स्कूली बच्चों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उग्रेश प्रसाद मंडल ने मधेपुरा अबतक को बताया कि शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्कूली बच्चों ने प्रभातफेरी निकालकर नशा मुक्ति हेतु लोगों को जागरूक किया।

 

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