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मधेपुरा के मिनी चम्बल से निकला आई.ए.एस.

प्रायः कीचड़ से ही कमल निकलता है और कोयले के बीच से हीरा | लेकिन मरुभूमि में गुलाब बहुत मुश्किल से खिलता है और मिलता है | मधेपुरा का मिनी चम्बल कहा जाने वाला टेंगराहा-सिकियाहा पंचायत के परती-पर्रांट मरुभूमि से जिस किसान दंपत्ति “शम्भु-संजू” ने एक गुलाब पैदा किया – उसी कमल का, उसी हीरा का और उसी गुलाब का नाम है- आदित्य आनन्द |

किसान पिताश्री श्री शम्भु प्र. यादव और गृहिणी ममतामयी माताश्री संजू देवी का यह गुलाब आज इस मरुभूमि में हर पल अपना सुगन्ध फैला रहा है तथा सौरभ बिखेर रहा है |

यू.पी.एस.सी. की 2014 की परीक्षा में 980वां रैंक हासिल करने वाला वह आदित्य बगल के रौता गाँव के “सौरभ शिशु शिक्षा निकेतन” से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा शुरू की और अपनी लगन व मिहनत का सौरभ फैलाते हुए मुरलीगंज प्रखंड के बी.एल.उच्च वि. होते हुए टी.एन.बी.कालेज से स्नातक किया | इतिहास में एम.ए. कर इन्होंने अपनी मातृभाषा “मैथिलि” के साथ यू.पी.एस.सी. की ऊंचाई तक पहुंचे | फ़िलहाल वे आल इंडिया रेडियो में ऑफिसर हैं |

आई.ए.एस.आदित्य आनन्द की तमन्ना है कि इस टेंगराहा-सिकियाहा की बंजर भूमि में कृषि को सर्वाधिक बढ़ावा मिले | ग्रामीण प्रतिभा को ऊंचाई तक ले जाने के लिए एक अच्छी शिक्षा व्यवस्था कायम हो और जिसका श्री गणेश शीघ्र हो |

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यदि मुझे भारत का डिक्टेटर बना दिया जाय तो…..

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी सदा देशवासियों से यही कहा करते – “ मैं शराब को चोरी और व्यभिचार दोनों से ज्यादा ख़राब मानता हूँ ,क्योंकि शराब मनुष्य के शरीर और आत्मा दोनों का विनाश करती है … यदि मुझे भारत का डिक्टेटर बना दिया जाय तो शराब की सभी दुकानों को बिना मुआवजा दिये बन्द करा दूँगा | ”

भारत आज़ाद हुआ परन्तु बापू हमारे बीच अधिक दिनों तक नहीं रह पाये | बापू के कुछ पक्के और सच्चे अनुयायिओं यथा मोरार जी देसाई….. कर्पूरी ठाकुर जैसों ने कोशिश की, परन्तु अधिक दिनों तक शराब बन्दी को कायम नहीं रख पाये | आजकल की सरकार तो शराब बंदी से ध्यान हटाकर प्रत्येक पंचायत के हर गाँव में शराब दूकान खोलने का लाइसेंस देना आरम्भ कर दी है | इतना ही नहीं गाँव के टोला-टप्पर में भी धड़ल्ले से शराब भट्टी खोलने का लाइसेंस बाँट रही है | शहर में तो पुलिस की उपस्थिति और लाल-टोपी से डरते भी हैं लोग, परन्तु जरा सोचिएबापू के गांवों का हाल क्या होगा ?? भारत का गाँव तो गरीब है ही ऊपर से डेग-डेग पर शराब की दुकान – जहाँ बिना किसी खौफ के मजदुर क्लास के लोग भी अपनी महिलाओं को बढ़-चढ़कर यातनाएं देते हैं | यही जानें की शहर से लेकर गाँव तक की महिलाओं के साथ शराबी पतियों द्वारा अत्याचार किये जाते हैं | घर खंडित हो रहा हैं | समाज टूट रहा है | विकास अवरुद्ध हो रहा है तथा बच्चे स्कूल से दूर हो रहे हैं |

तभी तो आये दिन कभी जिले में तो कभी कमिश्नरी मुख्यालय में या फिर कभी राज्यस्तर पर भी महिलाओं द्वारा शराब बन्दी के लिए “थाली बजाओ रैली” निकली जाती है | सरकार की चेतना को जगाई जाती है | समय-समय पर विभिन्न महिला संगठनों द्वारा थाली पीट-पीट कर विरोध दर्ज किया जाता है | पुतले भी जलाये जाते हैं | महिलाओं द्वारा इस पहल की आम लोग भी मौन समर्थन करते हैं |

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हाल ही में राष्ट्रीय महिला ब्रिगेड दुर्गादस्ता एवं रास्ट्रीय युवा ब्रिगेड के संयुक्त बैनर तले सहरसा पटेल मैदान से ज़िलाद्यक्ष त्रिफुल्ल देवी व सबीना खातून के नेतृत्व में महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म , अत्याचार को लेकर स्टेशन तक शराब बन्दी की मांग हेतु थाली बजाई गयी | तो कुछ दिन पहले मधेपुरा में डॉ.शांति यादव के नेतृत्व में कोसी वुमन डिग्निटी फोरम के बैनर तले महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्मों को लेकर “थाली बजाओ रैली” निकाली गई |

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आ गया है मधेपुरा में – रिजल्ट मेकर

बैंक, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए तैयारी कराने वाली संस्था – “रिजल्ट मेकर” ने मधेपुरा में अपनी साख जमा ली है , जिसके वार्षिकोत्सव का उद्घाटन स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में डॉ. मधेपुरी , डॉ. नरेन्द्र श्रीवास्तव , श्यामल किशोर यादव एवं महेश पासवान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया |

दर्शकों से भरे हुए कला भवन में निदेशक अरविन्द कुमार दास ने अपनी उपलब्धियों से सबों को अवगत कराया | उपकुलसचिव डॉ. श्रीवास्तव ने वोकेशनल कोर्स को गाँधी जी की बुनियादी शिक्षा कही वहीँ डॉ. मधेपुरी ने युवाओं में जोश-जुनून जाग्रत करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी | प्रो. श्यामल किशोर ने शिक्षा पाकर समस्याओं से लड़ने की सीख दी | मंच संचालन रोहित राज ने किया|

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वेस्ट परफोरमर्स को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया | नृत्य में विक्रम–जूही को डॉ. मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया वहीँ ग्रुप-डांस में आशीष-कादिर-आतिफ , प्रमोद-संजीव-जूही एवं अंकिता को डॉ. नरेंद्र द्वारा , गीत में अभिषेक-निधि को प्रो. श्यामल किशोर द्वारा , कॉमेडी में प्रमोद-स्नेहा को निदेशक अरविन्द द्वारा जबकि ग्रुप-कॉमेडी में आशीष-हिमांशु को डॉ.मिथिलेश वत्स द्वारा मोमेंटो प्रदान किया गया | वेस्ट एंटरटेनमेंट एवं आर्गेनाइजर के लिए रोहित एवं आशीष को निदेशक द्वारा तथा स्पेशल अवार्ड मृत्युंजय आजाद को डॉ. मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया |

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इसके अलावा छोटू-मुकेश-सुप्रिया, रितिका-प्रियंका-स्वाति, सोनम-खुशबू-रोशन, कादिर-मिलन-कुणाल, हरी-सुमन-अमित, एवं वीर कुवँर आदि ने दर्शकों का मनोरंजन करने में अपना भी पसीना अंत तक बहाया | धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मिथिलेश वत्स ने किया |

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जिला प्रशासन की निगाहें केवल पैसे पर……

विगत कई वर्षों से मधेपुरा के भूपेन्द्र कला भवन और बी.पी.मंडल नगर भवन में ढेर सारे गैर-सरकारी कार्यक्रम होते रहे हैं | आयोजकों द्वारा प्रतिदिन का भाड़ा तीन हजार रुपया नजारत में जमा कराये जाते हैं परन्तु एवज में अन्य जन सुविधाएँ तो दूर , दोनों भवनों के अन्दर जो पंखे लगे हैं उनमें मंच सहित अन्य पांच से लेकर दस पंखे न जाने कब से बन्द पड़े हैं |

आयोजित कार्यक्रमों में राज्यस्तरीय ही नहीं बल्कि कई अवसर पर तो रास्ट्रीय स्तर के राजनेता भी मंच पर बार-बार पसीना पोंछते हुए एवं बंद पड़े हुए पंखे को निहारते हुए दीखते रहे हैं |

तुर्रा तो यह है कि विगत नेपाल भूकंप के दिनों में यहाँ भी धरती बार-बार डोलती रही उसी दरम्यान एक कान्वेंट स्कूल के वार्षिकोत्सव हेतु नजारत में तीन हजार रू. जमा किये गये , परन्तु उसी सुबह धरती डोल जाने के कारण उद्घाटनकर्ता द्वारा कार्यक्रम को स्थगित करने की सलाह दी गई , तब भी प्रशासन माफ़ नहीं किया , कुछ पैसे काट ही लिए | न जाने आगे और कब तक जिला प्रशासन इन दोनों भवनों में हवा, पानी एवं जनसुविधाएँ बहाल करेगी अथवा आयोजकों के पैसे पर ही नजरें टिकाये रहेंगी |

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बीएनएमयू में पीजी की परीक्षा अगस्त के पहले सप्ताह से

बीएनएमयू प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीजी प्रथम एवं अंतिम वर्ष (2014) की परीक्षा आगामी छह अगस्त से होने जा रही है। परीक्षा नियंत्रक डा. नवीन कुमार ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा दिन की पहली पाली में पीजी प्रथम वर्ष एवं दूसरी पाली में पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षा होगी। पीजी परीक्षा के लिए मात्र दो परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। कोसी क्षेत्र के छात्रों के लिए टीपी कालेज, मधेपुरा एवं पूर्णिया क्षेत्र के छात्रों के लिए एमएल आर्य कालेज, कसबा परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं।

बीएनएमयू ने बीएड परीक्षा (2015) के परीक्षा-प्रपत्र भरने की तिथि भी घोषित कर दी है। परीक्षा नियंत्रक ने जानकारी दी है कि बीएड (2015) के छात्र बिना विलंब शुल्क के सात से 15 जुलाई तथा विलंब शुल्क के साथ 16 से 22 जुलाई तक अपना फार्म भर सकते हैं।

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31 अगस्त को खुलेगी रेल इंजन कारखाना की वित्तीय निविदा

मधेपुरा की बहुप्रतीक्षित ग्रीन फील्ड विद्युत रेल इंजन कारखाना को केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार मूर्त रूप देने जा रही है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते हुए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। केंद्र सरकार मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में इसे प्राथमिकता देकर बिहार का मॉडल प्रोजेक्ट बनाना चाहती है। उम्मीद की जा रही है कि परियोजना का शुभारंभ शीघ्र ही होगा।

बता दें कि वर्तमान में यह परियोजना 1300 करोड़ रुपये की है। यहां प्रतिवर्ष 12 हजार हॉर्सपावर का 800 विद्युत रेल इंजन का निर्माण होगा। इनमें से चार सौ इंजन से देश की जरूरतें पूरी होंगी और शेष चार सौ इंजन को विदेशों में बेचा जाएगा। कारखाना से लेकर इंजन निर्माण का काम अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों में से कोई एक करेगी। तकनीकी निविदा में चार अन्तरराष्ट्रीय कम्पनियां सीमेन्स, बोमबार्डियर्स, जीई और आरस्ट्रांग चुनी गई हैं। वित्तीय निविदा खोलने के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई है। इसके उपरान्त किसी एक कंपनी का अंतिम रूप से चयन किया जाएगा।

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शिक्षा जगत के विश्वकर्मा :- कीर्ति नारायण मंडल (1916-1997) : जन्म शताब्दी वार्षिक समारोह – 2015-2016

18 मार्च 1916 को मधेपुरा जिले के मनहरा गाँव में शिक्षानुरागी कीर्ति नारायण मंडल का जन्म पिता ठाकुर प्रसाद मंडल एवं माता पार्वती देवी के घर होता है | कीर्ति बाबू में लोग कभी कबीर और नानक का स्वरुप देखते तो कभी विश्वकर्मा का रूप | यूँ उन्हें विश्वकर्मा कहना ही ज्यादा लोग पसंद करते क्योंकि जहाँ-जहाँ उनके कदम पड़े , वहीँ एक महाविद्यालय बनकर तैयार खड़ा हो गया |

1953 में सर्वप्रथम उन्होंने 50 बीघे जमीन और 25 हजार रूपये दान देकर मधेपुरा में टी.पी.कॉलेज की स्थापना कर पिताश्री को अमरत्व प्रदान किया | वहीँ शहर के मध्य में ही करोड़ों की संपत्ति दान देकर माताश्री के नाम पार्वती विज्ञान महाविद्यालय बनाकर मातृशक्ति को भव्य स्वरुप प्रदान किया |

कोसी एवं पूर्णिया प्रमंडल के सात जिलों में तीन दर्ज़न कालेजों की स्थापना कर दधिची की तरह अपना सबकुछ उन्होंने लगा दिया | उनकी स्मृति को तारोताजा बनाये रखने के लिए ये चार पंक्तियाँ- श्रधांजलि स्वरुप:-

धन आदमी की नींद हरपल हराम करता ,

जो बाँटतादिल खोल उसे युग सलाम करता !

मरने के बाद मसीहा बनता वही मधेपुरी ,

जो ज़िन्दगी में अपना सबकुछ नीलाम करता है !!

                                             (प्रस्तुति :- डॉ मधेपुरी)

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श्रमदीप मगर वह सर्वोत्तम जो फूल खिलाते रेतों में !!

मधेपुरा जिले के उत्तर-पूरब सीमा से सटा है अररिया जिला | वहाँ के नढ्की, तमघट्टी एवं पहुंसरा गाँव जो कल तक मधेपुरा जिले के टेंगराहा-सिकियाहा गाँव की तरह मिनी चम्बल के नाम से मशहूर था , वही आज सब्जी उत्पादन का केन्द्र बन गया है | जिस जमीन पर कभी बंदूकों की आवाज़ गूंजती थी वहीँ के खेतों में आज हरी-भरी सब्जियां लहलहा रही है | दर्जनों दिगभ्रमित युवक बन्दूक-गोली का परित्याग कर अपनी मिहनत की बदौलत सोना उपजा रहे हैं | भटक रहे युवाओं को राह दिखाने के लिए अपने श्रमदीप का प्रकाश फैला रहे हैं | एक हजार एकड़ जमीन में आधुनिक तरीके से सब्जी ही नहीं बल्कि मक्का-गेहूं, सूर्यमुखी, दलहन, तेलहन, आदि नगदी फसलों की खेती कर रिकॉर्ड उत्पादन कर रहे हैं |

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रानीगंज दौरे के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिन मौसम उगाई गोभी की टोकरी भेंट किये जाने पर उन्होंने किसानों को सरकारी सहयोग का भरोसा दिया जिसके तहत मुख्य-सचिव ने दो-दो पोली हाउस बनवाकर बीज से पौधे उगाने में किसानों की मदद की |

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Sansad Madhepura Sharad Yadav

काश ! राष्ट्रीय नेता शरद यादव यदि डॉ मधेपुरी की सलाह पर टेंगराहा के इर्द-गिर्द की हजारों एकड़ परती-परांट जमीन को सरकार के “बंजर भूमि सुधार आयोग” की टीम लाकर दिखा दिए होते तो आज वह बंजर भूमि भी सोना उगलता , जहाँ के दिगभ्रमित युवाओं द्वारा लोकनायक के समक्ष हथियार समर्पित किया जा चुका था |

अररिया के गांवों की समृद्धि के लिए धन्यवाद के पात्र हैं – शिक्षित बड़े किसान मलय कुमार सिंह , रामकुमार मेहता, शिवदयाल मेहता, जिनके श्रम के फलस्वरूप गाँव में शहर की सारी सुविधाएँ उपलब्ध होती जा रही है और साधुवाद के पात्र हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ! अररिया के गांवों के लोग अब गुनगुनाने लगे हैं –

कुछ दीप जलाते हैं छत पर ,

कुछ दीप जलाते खेतों में !

श्रमदीप मगर वह सर्वोत्तम ,

जो फूल खिलाते रेतों में !!

Dr. Madhepuri
Dr. Madhepuri

टेंगराहा के बाबत मधेपुरा अबतक द्वारा पूछे जाने पर डॉ मधेपुरी ने कहा कि मैं अभी भी पूर्णरुपेन आशावान हूँ कि कभी-न-कभी श्रमदीप के पुजारी टेंगराहा निवासी श्री दिगम्बर प्र. यादव (अवकाश प्राप्त कृषि पदाधकारी ,पूर्णिया सरकारी कृषि फार्म) जो बार-बार बिहार सरकार द्वारा पुरस्कृत होते रहे हैं – को एक-न-एक दिन “देवेन्द्र धाम ” से प्रेरणा मिलेगी और प्राचार्य श्यामल किशोर द्वारा स्थापित देवेन्द्र उच्च माध्यमिक विद्यालय से दूर-दूर तक परती-परांट दिखने वाला वह वंजर भूमि आज नहीं तो कल, सब्जी उत्पादन केन्द्र बनने के साथ-साथ मक्का,गेहूं,सूर्यमुखी,दलहन-तेलहन आदि नकदी फसलों से लहलहा उठेगा और इस कारनामे को देखने के बहाने भी “देवेन्द्र धाम ” में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती चली जाएगी | कल्याणकारी शिव इलाके के लोगों का शोक हरण कर एक नया “अशोक नगर” स्थापित करेगा |

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Devendra Dham Tengraha

 

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तम्बाकू छोड़ो और जीवन से नाता जोड़ो !

एस.एम.मेमोरियल फाउंडेशन फॉर कैंसर रिसर्च , नई दिल्ली द्वारा “कैंसर जागरूकता अभियान” का आयोजन जिले के पुरैनी प्रखंड स्थित श्रीवासुदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय , नया टोला में विद्यालय प्रधान ललन कुमार चौधरी की अद्यक्षता में किया गया | छात्र-छात्राओं एवं विद्यालयकर्मियों को नशा मुक्ति का सन्देश देते हुए संस्थापक प्रफुल्ल कुमार एवं बिहार प्रदेश प्रभारी श्री विजय महापात्रा ने कहा कि कैंसर से बचने के लिए खैनी-बीड़ी-सिगरेट-गुटखा आदि का परित्याग करना ही होगा | उन्होंने कहा कि तम्बाकू के सेवन से 55% रोगी कैंसर को गले लगा लेते हैं | आजकल तो छोटे-छोटे बच्चे भी खैनी-गुटखा खाना शुरू कर देते हैं | नशीला पदार्थ भले ही क्षण भर के लिए आनन्द देता है , परन्तु वह आगे चलकर शरीर के लिए सर्वाधिक हानिकारक होता है | छात्र-छात्राओं को तम्बाकू के सेवन से होने वाले खतरों से अवगत कराना ही तो इस फाउंडेशन का लक्ष्य है |

मौके पर छात्र-छात्राओं के अतिरिक्त विद्यालयकर्मी अनिल पासवान , सुरेश मंडल, शंकर मंडल, राकेश पाठक, सुनील कुमार सिन्हा, आदि उपस्थित थे |

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आत्मदाह से पूर्व ही डी.एम. के आश्वाशन पर ख़त्म हुआ अनशन !

भूपेन्द्र कला भवन के सामने आठ दिनों से चल रहा आमरण अनशन गुरुवार को समाप्त हो गया | 2010 में चयनित 134 सफल होमगार्ड अभ्यर्थियों में से दो आमरण अनशनकारी थे – धर्मेन्द्र कुमार और रेहान अंसारी |

जब दोनों ने आत्मदाह की धमकी दी तो सवेरे से पुलिस एवं पदाधिकारी सभी चौकस दिखे और इसी बीच डी.एम. द्वारा नियुक्ति पत्र दिए जाने के आश्वाशन पर उन्होंने अनशन समाप्त किया |

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