पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

यू.वी.के. कॉलेज कड़ामा में 12 दिवसीय यू.जी.सी. स्पोन्सर्ड अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

यू.जी.सी. प्रायोजित 12 दिवसीय एजुफेस्ट का शुभारम्भ 16 मई को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ | राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष कामेश्वर झा एवं मंडल वि.वि. के कुलपति डॉ.विनोद कुमार व सिंडीकेट सदस्य, एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह के कृपापूर्ण आशीर्वचनों से युक्त प्रधानाचार्य सह आयोजन समिति के चेयरमेन डॉ.माधवेन्द्र झा आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया |

सेमिनार में आतंकवाद, आपदा-प्रबंधन……महात्मा गाँधी के अन्तर्राष्ट्रीय स्वरुप, क्लीन एंड ग्रीन इंडिया…..सोलर विंड पॉवर आदि विषयों पर शोधपूर्ण चर्चा करने के लिए पधारे त्रिभुवन वि.वि.काठमांडू नेपाल के डॉ.कुशेश्वर झा, बिहार विश्वविद्यालय के डॉ.अमर नाथ झा, राष्ट्रभाषा परिषद् के निदेशक डॉ.जयकृषण मेहता, सम्बन्धन प्राप्त महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य संघ के संयोजक डॉ.अशोक कुमार, प्राचार्या डॉ.पूनम यादव आदि को आयोजन समिति के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ.माधवेन्द्र झा द्वारा स्वागत में पाग, चादर, माला व बुके दिया गया | साथ ही कॉलेज की छात्राओं द्वारा पीले वस्त्र में मंत्रोच्चारण करते हुए सेमिनार स्थल को सुशोभित किया गया तथा अपने सुरीले स्वागत गान से अतिथियों का स्वागत किया गया|

इस अवसर पर यूवीके कॉलेज कड़ामा का ध्वजा रोहन करने के बाद विधान पार्षद डॉ.संजीव कुमार सिंह ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी वित्तरहित महाविद्यालय क्रियाशील हैं उनके संस्थापकों द्वारा करोड़ों रूपये लगाये गये हैं, सरकार का एक पैसा भी नहीं लगा है | उन्होंने रूसा के चेयरमेन व वायस चेयरमेन से भी ऐसे शिक्षकों को सरकार द्वारा वेतन देने के बाबत प्रयास करने की चर्चा की | डॉ.संजीव ने अपना हृदयोद्गार व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि शिक्षकों की सेवा का सामंजन सबसे पहली बाधा है जिसे कॉलेज प्रबंधक द्वारा संवेदनशील होकर करने की जरुरत है | विधान पार्षद ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में इतना बड़ा सेमिनार आयोजित करने के लिए कॉलेज के शिक्षकों-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों सहित आयोजन समिति के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ.माधेवेंद्र झा को हृदय से कोटि-कोटि शुभकामनाएँ अर्पित की|

आगत अतिथियों द्वारा प्रथम दिन के विषय-‘21वीं सदी में आतंकवाद’ पर विचार व्यक्त करते हुए यही कहा गया कि आतंकवाद का कोई धर्म और मजहब नहीं होता | जहाँ किसी ने यह कहा कि आतंकवाद के कई पहलू हैं– सामाजिक आतंकवाद, धार्मिक आतंकवाद एवं राजनैतिक आतंकवाद तो वहीँ अन्य विद्वान् वक्ताओं ने आतंकवाद की जड़ को धर्म, राजनीति एवं आधुनिकता से जुडी हुई बताया |

इस अवसर पर आतंकवाद पर आधारित देश-विदेश के विद्वानों एवं शोध कर्मियों द्वारा दिये गये आलेखों से तैयार की गई स्मारिका का भी विमोचन किया गया |

मौके पर ललन झा, डॉ.प्राण मोहन सिंह, सुशीला कुमारी, श्याम किशोर यादव एवं कॉलेज शिक्षकों सहित छात्र-छात्राओं की भारी उपस्थिति अंत तक बनी रही| सेमिनार का सफल संचालन डॉ.अरुण कुमार ने किया |

 

सम्बंधित खबरें


पत्रकारों की हत्या लोकतंत्र की हत्या है

अच्छी सड़कें एवं अच्छी बिजली की व्यवस्था, परन्तु खराब हो रहे लॉ एंड आर्डर से बिहार की छवि कलंकित होने लगी है जबकि बिहार के हर कोने से प्रतिवर्ष आई.ए.एस. व आई.पी.एस. निकलने लगे हैं- यहाँ तक कि टॉप टेन में भी दो स्थान पाने लगे हैं | अर्द्धशतक बना बनाकर अब शतक बनाने की कोशिश में कदम बढ़ाने लगे हैं |

‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जार्नलिस्ट’ के शोधानुसार भारत में 1992 से अबतक लगभग 100 पत्रकारों की हत्याएं हो चुकी हैं | सवाल यह नहीं कि कितने मामलों में इन्साफ मिला और कितने अपराधियों को माफ़ी मिल गई ! सवाल यह है कि वैसे सैकड़ों आहत परिवार की तरह और कबतक इस लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की हत्याएं होती रहेंगी | सीवान में हिन्दुस्तान के ब्यूरोचीफ राजदेव रंजन और झारखंड के पत्रकार इन्द्रदेव यादव के बच्चों के सपने कब तक भूलुंठित होते रहेंगे ! कब तक विदेशों में भी ऐसी मर्माहत करने वाली हत्याओं की भर्त्सनाएँ की जाती रहेंगी ! तथा देश के कोने-कोने में पत्रकारों द्वारा काले बिल्ले लगा-लगाकर धरना दिये जाते रहेंगे ?

वरिष्ठ पत्रकार धर्मेन्द्र भारद्वाज की अध्यक्षता में जिले के प्रतिष्ठित पत्रकार अमिताभ एवं रुपेश कुमार सहित प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सभी पत्रकारों ने राजदेव एवं इन्द्रदेव की दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए सम्मिलित रूप से दो मिनट का मौन रखा | श्रधांजलि सभा में पत्रकारों द्वारा सुरक्षा की मांग के साथ-साथ इन दोनों पत्रकारों को राजकीय शहीद का दर्जा देते हुए उसके तहत मिलने वाली सुविधाएँ उनके परिजनों को मुहैया कराने की मांग भी की गई |

सम्बंधित खबरें


सिविल सेवा में कोसी और मैथिली का परचम

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में इस साल कोसी और मैथिली ने अपना परचम लहराया है। सिविल सेवा हेतु चुने गए अभ्यर्थियों में ऋषभ कुमार झा (सहरसा), गोविन्द झा (सहरसा), संतोष कुमार (सुपौल) और आदित्य आनंद (मधेपुरा) ने क्रमश: 162वां, 236वां, 692वां और 863वां स्थान हासिल किया है। वहीं मैथिली विषय से सफल अभ्यर्थियों की बात करें तो इस विषय से कुल 18 अभ्यर्थी सफल हुए हैं।

162वें स्थान पर चुने गए सहरसा के ऋषभ कुमार झा स्थानीय कायस्थ टोला वार्ड नं. 29 निवासी और राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. किशोर नाथ झा एवं किरण झा के छोटे पुत्र हैं। ऐच्छिक विषय के रूप में मैथिली को चुनने वाले ऋषभ ने अपने पहले प्रयास में ही ये सफलता हासिल की है। सहरसा से ही सफल होने वाले और 236वें स्थान पर चुने गए गोविन्द झा का वैकल्पिक विषय मानवशास्त्र था। उनके पिता महेश झा मधेपुरा के मुरहो हाईस्कूल से सेवानिवृत्त हैं। वहीं 692वां स्थान पाने वाले सुपौल के होनहार छात्र संतोष कुमार के पिता किसान हैं।

863वें स्थान के लिए चुने गए मधेपुरा के आदित्य कुमार आनंद ने यह सफलता अपने पाँचवें प्रयास में पाई है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने पिछले साल यूपीएससी में 980वां स्थान हासिल किया था। आदित्य फिलहाल रेलवे विभाग में ट्रेनिंग ले रहे हैं। 863वें रैंक के साथ इस बार उन्हें कस्टम विभाग मिलने की उम्मीद है।

ये तो हुई कोसी के सपूतों की बात। अब बात करें मैथिली विषय से सफल अभ्यर्थियों की। इस विषय से इस साल 18 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इन अभ्यर्थियों में सहरसा के ऋषभ (162वां स्थान), सुपौल के संतोष (692वां स्थान) और मधेपुरा के आदित्य (863वां स्थान) के अतिरिक्त अंजनी कुमार झा (165वां स्थान), रौशन कुमार (352वां स्थान), सोनम कुमार (626वां स्थान), कुमार गौरव (831वां स्थान) तथा पहली बार चुनी गई महिला अभ्यर्थी रजनी झा (591वां स्थान) शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के अमित कुमार आनंद ने भी मैथिली को विषय बनाया था। उन्हें 763वां स्थान मिला है।

इस बार के परिणाम से कोसी के होनहारों ने अपनी मिट्टी का मान बढ़ाने के साथ-साथ मैथिली के लिए भी उम्मीद जगा दी। ऋषभ, संतोष और आदित्य ने कोसी के साथ-साथ मैथिली का झंडा भी बुलंद किया। मैथिली से 18 अभ्यर्थियों का सफल होना इस विषय के सुखद भविष्य का संकेत है।

चलते-चलते ये भी बता दें कि यूपीएससी की परीक्षा में इस साल बिहार से 77 अभ्यर्थी सफल हुए हैं जबकि पिछले साल यहाँ से 88 अभ्यर्थी सफल हुए थे। पर बिहार के लिए अच्छी ख़बर ये रही कि टॉप टेन में इस बार यहाँ के दो अभ्यर्थी हैं। पिछली बार केवल एक अभ्यर्थी ने टॉप टेन में जगह बनाई थी।

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा अब विकास की नई इबारत लिखने लगा है

जिला स्थापना के दिन व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने नीतीश सरकार के सात निश्चयों में से- ‘अवसर बढे, आगे बढ़ें’ के तहत जिले में रोजगारोन्मुखी छह शिक्षण संस्थानों के निर्माण हेतु समय निकालकर टीम के साथ स्थल निरीक्षण हेतु चल दिये | जिलाधिकारी की टीम में सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय सहित जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल, अंचलाधिकारी मिथिलेश कुमार एवं भवन निर्माण के अभियंता मधुसूदन कुमार कर्ण भी मौजूद थे|

निरीक्षोपरान्त डी.एम. मो.सोहैल ने मधेपुरा अबतक को बताया कि जिले में दो आई.टी.आई., एक महिला आई.टी.आई., एक एएनएम स्कूल, एक जेएनएम स्कूल और एक पारा मेडिकल प्रशिक्षण संस्थान यानी कुल छह संस्थान खोले जाने हैं | उन्होंने यह भी बताया कि पड़रिया गाँव में केशव कन्या गर्ल्स स्कूल की 22 बीघे जमीन के कुछ हिस्से में एएनएम कॉलेज, जीएनएम (एग्रेड नर्स) कॉलेज तथा पारा मेडिकल कॉलेज खुलेगा|

इसके अलावे उन्होंने कहा कि धुरगाँव पंचायत के नरसिंहबाग़ गाँव में 4 एकड़ 23डी. सरकारी भूमि पर महिला एवं पुरुष आईटीआई के लिए दो मंजिला भवन के साथ-साथ छात्राओं का हॉस्टल भी बनेगा- जिसके लिए सरकारी स्वीकृति भी मिल चुकी है| डी.एम. मो.सोहैल ने बताया कि एक साल के अंतर्गत दोनों जगह भवन निर्माण का कार्य पूरा का लिया जायगा|

विकास के लिए चौकस रहने वाले डी.एम. मो.सोहैल के अनुसार चौसा में बनेगा आईटीआई संस्थान और मधेपुरा प्रखंड के मछबखरा गाँव में रासबिहारी उच्च विद्यालय की 29बीघे जमीन पर उक्त विद्यालय के नाम का सरकारी कॉलेज भवन बनाये जाने हेतु प्रस्ताव बनाने के लिए डी.ई.ओ. बद्री नारायण मंडल को कहा गया है |

सम्बंधित खबरें


मनीषियों की तपोभूमि है मधेपुरा- मंत्री प्रो. चंद्रशेखर

जिला स्थापना के 35वें वर्षगांठ पर बी.एन.मंडल स्टेडियम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया | यूँ तो 9मई को दिन भर तेरहो प्रखंड में उत्सवी माहौल रहा | शाम में स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर सम्मिलित रूप से बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, अपर जिला न्यायाधीश मिथिलेश कुमार दिवेदी, जिलाधिकारी मो.सोहैल एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने किया|

मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने दर्शकों से अपील की कि जातिवाद एवं छुवाछूत से हटकर विकास को गति प्रदान करें | उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज विश्वकर्मा बनकर बिहार को सजा रहे हैं, उनके सात निश्चयों को मंजिल तक ले जाने में सहयोग करें |

विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा ने पूर्ण नशामुक्त एवं विकसित बिहार बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राष्ट्रीय नेता शरद यादव को हृदय से बधाई दी |

जिला के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि अब मधेपुरा ‘रोशनी ’ की नई इबारत लिखने लगा है- रेल फैक्ट्री, मेडिकल-इंजिनीयरिंग – पारा मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ दो आई टी आई एवं एएनएम- जेएनएम स्कूल……. के लिए जमीन हो गई है तथा सरकारी स्वीकृति भी मिल चुकी है | शीघ्र निर्माण कार्य आरम्भ होगा |

डॉ.मधेपुरी ने 135 वर्षो तक सबडिविजन रहने के बाद मधेपुरा को जिला का दर्जा देने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र को मधेपुरा वासियों की ओर से तथा सामाजिक न्याय की धरती की ओर से धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए जिला बनने की विस्तृत जानकारियाँ दर्शकों को दी|

Cultural Programs being performed by students of schools and colleges .
Cultural Programs being performed by students of schools and colleges .

स्थानीय स्कूली कलाकारों के भव्य प्रदर्शन का रसास्वादन लेते रहे- विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार, एडीएम अबरार अहमद कमर सहित जिलाप्रशासन के समस्त पदाधिकारी गण व समाजसेवी शौकत अली, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, डॉ.शांति यादव, प्रो.योगेन्द्र ना.यादव, प्रो.रविरंजन, प्रो.रीता आदि |

कार्यक्रम का शुभारम्भ शशि प्रभा एवं समापन रेखा यादव ने किया | सांस्कृतिक कार्यक्रम में हॉली क्रॉस, माया विद्या निकेतन, स्वर शोभिता, मधेपुरा महिला कॉलेज, कला मंदिर मधेपुरा एवं सिंहेश्वर के बच्चे-बच्चियों ने मनमोहक प्रदर्शन प्रस्तुति की |

Audience enjoying the Cultural Program .
Audience enjoying the Cultural Program .

मंच संचालन सीडीपीओ जयश्रीदास एवं भारत स्काउटएंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने संयुक्तरूप से किया | धन्यवाद् ज्ञापन डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार ने किया |

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में पूर्ण नशा मुक्ति पर कार्यशाला आयोजित

जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में जिला के सरकारी एवं प्राइवेट सभी डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों, शिक्षाविदों एवं ड्रग एशोसिएशन के अध्यक्ष – सचिव सहित सभी दवाइयों के थौक विक्रेताओं को सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडेय द्वारा झल्लूबाबू सभागार में बुलाया गया |

अध्यक्षता करते हुए डी.एम. सोहैल ने नीतीश सरकार के पूर्ण नशाबंदी कार्यक्रमों को आन्दोलन का स्वरुप देने हेतु अनुरोध किया तथा दवा दूकानदारों को वैसे दवाइयों को बिना रजिस्टर्ड डॉक्टरों के पुर्जे के नहीं बेचने की हिदायत दी जिसमें अलकोहल या निकोटीन रहता है |

सभा में अधिकांश डॉक्टरों ने जिसमें आई.एम.ए. के अध्यक्ष डॉ.मिथिलेश कुमार, सचिव डॉ. डी.के.सिंह, प्रमंडलीय सचिव डॉ.सच्चीदानंद यादव, डॉ.धीरेन्द्र कुमार यादव, डॉ.नायडू, डॉ.बी.एन. भारती, डॉ.उजित राजा, डॉ.मधुकर, डॉ.अशोक वर्मा, डॉ.आर.के पप्पू आदि ने अपने विचार रखे | थौक दवा विक्रेता संघ के सचिव मनीष सर्राफ, शिक्षाविदों में डॉ.शांति यादव, डॉ.मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, शौकत अली, सुधा संध्या आदि ने अपने विचार विस्तार से रखे | जहाँ डॉ.शांति यादव ने क्वेक के पुर्जे पर दवा नहीं देने की बात कही, वहीँ श्यामल किशोर ने क्वेक के पक्ष में बातें रखी | समाजसेवी शौकत अली ने बच्चों द्वारा सुलेशन से नशा बनाने की बातें कही |

डॉ. मधेपुरी ने कहा जैसे घड़ी की सभी सुइयाँ बारह बजे एक साथ हो जाती है, वैसे ही यदि प्रशासन-चिकित्सक-शिक्षक एक साथ हो जांये तो नशा खोरों का बारह बज जाएगा और पूर्ण नशामुक्ति का प्रयास सफल होगा |

अंत में डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार ने धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए कहा कि पूर्ण नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सभी का सहयोग जरुरी है |

सम्बंधित खबरें


इंजिन फैक्ट्री बनाने वाली फ़्रांसीसी कंपनी ने किया भूमि पूजन

वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए फ्रांस की ‘एल्स्ट्राम’ कम्पनी के कंट्री हेड मिस्टर सल्होत्रा, प्रोजेक्ट हेड प्रीतम कुमार, मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी बी.राय, पी.वर्द्धराजन सहित अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को भूमिपूजन सहित प्रथम चरण में चार-दीवारी के साथ-साथ कॉलोनी निर्माण का कार्यारम्भ भी किया |

मौके पर उपस्थित सूबे के वरिष्ठ व अनुभवी ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने परियोजना के उप मुख्य अभियंता के.के. भार्गव से विमर्श के क्रम में कहा कि प्रथम चरण में आवासीय भवन निर्माण और बाद में तत्परता के साथ फैक्ट्री निर्माण पर फोकस किया जाय |

मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी बी.राय ने मधेपुरा अबतक को बताया कि जिलापदाधिकारी मो.सोहैल की टीम के प्रयास से ही इंजिन फैक्ट्री निर्माण का कार्य इतनी जल्दी आरम्भ हो रहा है | जमीन दाताओं की हर परेशानी को कैंप लगाकर दूर करनेवाले डी.एम. मो.सोहैल ने बिजली विभाग के वरीय पदाधिकारी को कारखाना स्थल पर बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि आपकी तत्परता से ही शीघ्रातिशीघ्र हर वर्ष 200 रेल विद्युत इंजिन निर्माण में सफलता मिलेगी |

सम्बंधित खबरें


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने आयी जीविका से जुडी हजारों-हजार महिलाएं

कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय के विकास भवन में कोसी के तीनों जिले मधेपुरा-सहरसा-सुपौल यानी इनमें से जुड़े मंत्रियों-जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने क्षेत्र की समस्याएँ सुनी एवं तदनुरूप उपस्थित उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये |

जनप्रतिनिधियों ने बैजनाथपुर पेपर मिल, मत्स्यगंधा झील को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ एक एम्स निर्माण की भी मांग की | विपक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में हो रही वृद्धि का मामला उठाया गया तो सी.एम. ने बैठक में मौजूद आई.जी. से मामले को गंभीरता से लेने की बात कही तथा दरभंगा पहुँचने से पहले कार्रवाई करने का निर्देश दिया |

जहाँ बैठक में उपस्थित मंत्रीत्रय विजेन्द्र प्र.यादव, प्रो.चन्द्रशेखर एवं डॉ.अब्दुल गफूर ने नीतीश सरकार की शराबबंदी जैसे कठोर निर्णय की सराहना की तथा जीविका से जुड़ी महिलाओं की भूमिकाओं की प्रशंसा की, वहीँ भाजपा के नीरज कुमार बबलू, विधान पार्षद नूतन सिंह एवं सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रशासनिक शिथिलता एवं अस्पतालों में डाक्टरों की कमी की पूर्ति का मामला उठाया |

नयी सरकार के गठन के बाद पहली बार सहरसा पहुँचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोसी के तीनों जिले से आयी जीविका से जुडी महिलाओं को विस्तार से सम्बोधित किया | जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की |

बैठक में विधायक नरेन्द्र ना.यादव, अनिरुद्ध प्रसाद यादव, निरंजन कुमार मेहता, रमेश ऋषिदेव, वीणा देवी, रघुनन्दन यादव, ललन सर्राफ, विजय कुमार वर्मा सहित मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, डीजीपी,……दरभंगा रेंज के आईजी सहित कई डी.एम, एस.पी एवं कमिश्नर व उच्चाधिकारियों मौजूद थे |

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन शीघ्र

2006 के 18 सितम्बर को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंडल वि.वि. के नये परिसर में इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण हेतु 10 एकड़ जमीन के साथ घोषणा की थी जिसके निर्माण हेतु सरकार ने राशि आवंटित कर दी है |

फिलहाल बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ.मनोरंजन कुमार झा ने मधेपुरा अबतक को बताया कि एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेज को चार विषयों यानी मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल एवं कंप्यूटर में 60-60 नामांकन लेने हेतु ई-मेल के जरिये स्वीकृति भेज दी है जिसमें यह अंकित है कि सत्र शुरू होने के पहले टीम आधारभूत संरचनाओं की जाँच कर लेगी |

मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने मधेपुरा अबतक द्वारा यह पूछे जाने पर कि सत्रारम्भ कहाँ होगी – के जवाब में कहा कि तत्काल शिवनंदन प्र.मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के नये मॉडल भवन में पढाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है | उन्होंने कहा कि यह जिले के विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा | यह भी कि बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए तत्कालीन भवन पर उसका नाम भी लिख दिया गया है | मुख्य मार्ग के किनारे कॉलेज का नेम प्लेट भी लगा दिया गया है तथा परिसर में प्रवेश हेतु एक भव्य गेट भी बनाया जा रहा है |

बुद्धिजीवियों में इस बात की खुशी है कि इसी एस.एन.पी.एम. स्कूल में शुरू हुआ था – टी.पी.कॉलेज, बी.एन.एम. भी कॉलेज और आज बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू होने जा रहा है |

सम्बंधित खबरें


यूपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा सात अगस्त को

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा हेतु ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। इस साल सिविल सर्विसेज के लिए 1079 पद हैं जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा सहित 24 वर्ग हैं तथा भारतीय वन सेवा के लिए 110 पद हैं। इस तरह दोनों सेवाओं को मिलाकर कुल 1189 पद हैं।

बता दें कि प्रत्येक वर्ग के लिए अभ्यर्थी 27 मई 2016 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। याद रखें कि यूपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा (पीटी) 7 अगस्त 2016 को होगी। इस बार परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ‘फर्स्ट अप्लाई, फर्स्ट अलॉट’ के आधार पर होगा जिसकी अधिसूचना यूपीएससी ने कर दी है।

जहाँ तक उम्र की बात है, 1 अगस्त 2016 तक जिनकी उम्र 32 वर्ष नहीं हुई है, वे परीक्षा दे सकते हैं। जबकि पूर्व में उम्र सीमा 30 थी और चार बार ही परीक्षा में भाग लिया जा सकता था। परन्तु अब सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी छह बार सिविल सेवा की परीक्षा में भाग ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार केन्द्र सरकार की ये बड़ी पहल है।

सम्बंधित खबरें