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हुनरमंद बनाये जायेंगे एक करोड़ युवा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित वि.वि. प्रेक्षागृह में एक दिवसीय प्रशिक्षण के तहत सीएम नीतीश कुमार ने नवनिर्वाचित ( सरपंच एवं पंचो को छोड़ ) सभी पंचायत प्रतिनिधियों को विकास योजनाओं की जानकारी देने हेतु संवाद किया | बापू के सपनों को साकार करने हेतु C.M. ने अपने सात निश्चयों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि पंचायती राज को सशक्त बनाने हेतु सत्ता का विकेंद्रीकरण आवश्यक है | तभी तो पंचायत प्रतिनिधियों को अब लोक सेवक का दर्जा दिया जा चुका है | साथ ही कानून में संशोधन करते हुए महिलाओं के लिए एक तिहाई स्थान आरक्षित कर दिया गया है |

यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री ने एक करोड़ युवाओं को प्रोत्साहित कर दशरथ मांझी कौशल विकास योजनाओं के तहत हुनरमंद बनाये जाने तथा राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 35% आरक्षण दिये जाने की चर्चा की | उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से सामाजिक परिवर्तन की गति तेज होने का अहसास हम सभी महसूसने लगे हैं |

इससे पहले मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, दूसरी बार निर्वाचित जिप अध्यक्ष मंजू देवी, विधायक प्रोफेसर रमेश ऋषि देव आदि ने दीप प्रज्वलित कर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का शुभारंभ किया | प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए डीएम ने कहा कि सीएम द्वारा अब वार्ड सदस्य तक को भी योजनाओं की स्वीकृति का अधिकार दे दिया गया है | विकास को गति देने के लिए हम सबको प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा |

जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी ने पंचायती राज प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं को शीघ्रातिशीघ्र कार्यांवित करने का आह्वान किया | उन्होंने शराबबंदी को सफल बनाने की पुरजोर अपील की |

विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव एवं विधायक निरंजन कुमार मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री के विकास कार्यक्रमों को गति देने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को आगे बढ़कर सहयोग करना होगा |

कार्यक्रम का संचालन करते हुए विकास आयुक्त मिथिलेश कुमार ने पंचायती राज प्रतिनिधियों को अपने विकास कार्यों में तेजी लाने की सलाह दी | मौके पर प्रबंधक नौशाद अहमद खां, डीपीआरओ क्यूम अंसारी, डीपीओ राखी कुमारी, डीईओ बद्री प्रसाद मंडल, जिला परिषद उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, डीआईओ सुनील कुमार आदि उपस्थित थे |

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मधेपुरा ने कहा महर्षि वेदव्यास के नाम पर हो केन्द्रीय विश्वविद्यालय

समाजवाद की धरती कहे जाने वाले मधेपुरा से गीता के रचयिता महर्षि वेदव्यास के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठी है। अवसर था महर्षि की जयंती का, जिसका आयोजन मंगलवार को स्थानीय वेदव्यास कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान मंडल में विरोधी दल के नेता डॉ. प्रेम कुमार ने किया और मुख्य अतिथि थे मधेपुरा स्थित भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि।

अत्यन्त गरिमापूर्ण कार्यक्रम में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के अन्दर कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो राम की जगह रावण और कृष्ण की जगह कंस को आदर्श बनाना चाहती हैं। यह प्रयास जघन्य और नकारात्मक है। राष्ट्र और राष्ट्रीयता की मजबूती के लिए हमें पुन: अपने संस्कार और संस्कृति को जगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास भविष्यद्रष्टा थे और अपनी कृतियों के जरिए उन्होंने भारतीय संस्कृति की जो नींव रखी, वह सदा स्तुत्य रहेगा।

मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा, साहित्य और राजनीति में एक समान पैठ रखने वाले डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत एवं गीता की रचना कर जहाँ मानव-जाति का कल्याण किया, वहीं भारतीय धर्म और संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित किया। उन्होंने कहा कि गीता कृष्ण की चिन्तना की अभिव्यक्ति है, जिसके माध्यम व्यास हैं। अगर व्यास ना होते तो हमें समाज की जाग्रत चेतना का बोध ना होता और ना ही हम सत्य और असत्य, नीति और अनीति, न्याय और अन्याय, अधिकार और कर्तव्य की सही और सच्ची व्याख्या कर पाते।

इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि महर्षि वेदव्यास के नाम पर शिक्षण-संस्थान की स्थापना किया जाना सराहना योग्य है। पूर्व विधायक संजीव झा ने कहा कि महाभारत और गीता को भूलने का घातक परिणाम सांस्कृतिक अवमूल्यन और देशद्रोह के रूप में देखने को मिल रहा है। बीएनएमयू के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. रामदेव प्रसाद ने कहा कि महर्षि-रचित महाभारत सिर्फ महाकाव्य ही नहीं बल्कि विश्व साहित्य का अमरकोष है। वेदव्यास कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि महर्षि का कृतित्व आज भी प्रासंगिक है। वहीं अतिपिछड़ा आयोग के पूर्व सदस्य सूर्यनारायण कामत ने कहा कि वेदव्यास भारतीय संस्कृति के संस्थापक पुरुषों में थे। इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए संस्थापक सचिव डॉ. रामचन्द्र प्रसाद मंडल ने कहा कि हम पूर्वजों से प्रेरणा लेकर ही वर्तमान और भविष्य का खाका तैयार करते हैं। व्यास और वाल्मीकि हमारे ऐसे ही पूर्वज हैं और ये दोनों भारतीय संस्कृति की जीवनधारा रहे हैं।

महर्षि वेदव्यास के नाम पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग इस जयंती समारोह की खास बात रही। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने महर्षि के  नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही उनकी जयंती के दिन राजकीय अवकाश की मांग भी की। मुख्य अतिथि डॉ. रवि ने कहा कि महर्षि वेदव्यास जैसे ‘प्रतीकपुरुष’ हमारी समस्त पीढ़ियों के लिए धरोहर हैं। उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर हम उनकी ‘थाती’ को सही स्वरूप में सहेज पाएंगे। मंच पर मौजूद गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित विशाल जनसमूह ने इस विचार का पुरजोर समर्थन किया।

उक्त जयंती समारोह में पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. रामदेव प्रसाद और वरिष्ठ चिकिसक डॉ. सीताराम यादव को ‘व्यास शिखर पदक’ एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जयंती के मौके पर महाविद्यालय परिसर में महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई और शहर में ‘व्यास रथ यात्रा’ भी निकाली गई।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

 

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नीतीश सरकार में स्कूली छात्र-छात्राएं शैक्षिक परिभ्रमण पर

बिहार में शैक्षिक माहौल कायम करने के लिए नीतीश सरकार द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं को बिहार दर्शन के लिए शैक्षिक परिभ्रमण को अनिवार्य कर दिया गया है | मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत वर्ग 9 एवं 10 के छात्र-छात्राओं को पर्यटक स्थलों के परिभ्रमण का अवसर प्रतिवर्ष दिया जाता है | इसके लिए प्रत्येक जिले को स्कूल की संख्या के अनुसार लगभग 25 से 50 लाख तक की राशि आवंटित की जाती है |

Member of Managing Committee- SNPM High School Madhepura Dr. Bhupendra Madhepuri with green flag , departing students on excursions under under "Mukhyamantri Bihar Darsham" Programme along with Principal Dr.Niranjan Kumar.
Member of Managing Committee- SNPM High School Madhepura Dr. Bhupendra Madhepuri with green flag , departing students on excursion under “Mukhyamantri Bihar Darshan” Programme along with Principal Dr.Niranjan Kumar.

यह भी बता दें कि बिहार में विक्रमशिला, नालंदा, राजगीर, मंदार पहाड़, वीरपुर का बैरेज……आदि-आदि दर्शनीय स्थलों के परिभ्रमण से छात्रों के सामान्य ज्ञान में और अभिवृद्धि होती है |

आज प्रातः मधेपुरा के शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार- श्रीमती निर्मला देवी, निरुपमा व शिक्षिका मिंटू देवी सहित शिक्षक संतोष कुमार, रमेश कुमार, आनंद कुमार एवं गौतम कुमार के साथ लगभग 45 छात्र-छात्राएं शैक्षिक परिभ्रमण पर धार्मिक स्थल सिंघेश्वर स्थान, गणपतगंज के भव्य मंदिर और वीरपुर बैरेज आदि के लिए प्रस्थान किये |

मौके पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने बस पर सवार परिभ्रमण दल को (विक्ट्री साइन/ हरी झंडी) दिखाकर विदा किया | साथ ही छात्र-छात्राओं को शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं से सामान्य ज्ञान की बातें सीखने की बातें भी कहीं |

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मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री में पहले साल बनेगा 5 इलेक्ट्रिक इंजन

ग्रीनफ़ील्ड विद्युत रेल इंजन कारखाना, मधेपुरा के लिए श्रीपुर चकला गांव के आस-पास अधिग्रहित 300 एकड़ जमीन पर जी इ एल एफ  के डिप्टीचीफ इंजीनियर के.के.भार्गव द्वारा मई के प्रथम सप्ताह में भूमि पूजन किया गया | मौके पर मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने कारखाने के विद्युतीकरण कार्यों में सहयोग करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये |

बता दें कि 2 साल बाद यानी 2019 में इस कारखाने में विद्युत रेल इंजन निर्माण का काम शुरू हो जायेगा | प्रथम वर्ष में फैक्ट्री द्वारा पांच इंजन तैयार होगा और 2022 तक यह कारखाना सेंचुरी बना लेगा यानी चौथे साल से 100 विद्युत रेल इंजन तैयार करने का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा |

यह भी जान लें कि एक विद्युत रेल इंजन की कीमत होगी 28 करोड़ रुपये | 12 साल लगते-लगते 12000 हार्स पावर (HP)  के 800 विद्युत रेल इंजन इस कारखाने द्वारा तैयार कर लिया जायेगा | और इसी के साथ अब ‘मधेपुरा’ राष्ट्रीय ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जी.के. के रूप में याद किया जायेगा |

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एम.एल.सी. डॉ.संजीव कुमार सिंह के क्षेत्र में निवेदन समिति की नाराजगी

विधान परिषद की 4 सदस्यीय निवेदन समिति की टीम गुरुवार को मंडल विश्वविद्यालय में पहुंची | विभिन्न मामलों की प्रगति की समीक्षा के क्रम में टीम के चारों विधान परिषद सदस्यों श्री केदार पांडे, डॉ.संजीव कुमार सिंह, प्रो.संजय कुमार सिंह एवं प्रो.संजीव श्याम सिंह ने विश्वविद्यालय के काम-काज की स्थिति को दुखद बताया | टीम का नेतृत्व कर रहे शिक्षा-जगत के अनुभवी विधान पार्षद केदार पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय में कोई कार्यप्रणाली ही नहीं है |

यह भी जान लें कि टीम के एक सदस्य डॉ.संजीव कुमार सिंह भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय सिंडिकेट के मेंबर भी हैं तथा इसी मधेपुरा शिक्षक कोसी निर्वाचन क्षेत्र से एम.एल.सी. चुने गये हैं | बता दें कि आजीवन इसी कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद रहे स्व. डॉ.शारदा प्रसाद सिंह के सुपुत्र हैं विधान पार्षद डॉ.संजीव कुमार सिंह | जहाँ शारदा बाबू को विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय शिक्षकों की सेवा नियमावली  का इनसाइक्लोपीडिया कहा जाता रहा वही उनके सुपुत्र डॉ.संजीव कुमार सिंह भी शिक्षकों के हित में अहर्निश अपनी सेवा व समर्पण के कारण लोकप्रिय बनते जा रहे हैं |

बता दें कि निवेदन समिति की टीम ने सभी निर्देशित मामलों पर अद्यतन रिपोर्ट लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उपस्थित प्रोवीसी  डॉ.जे.पी.एन झा एवं कुलसचिव डॉ.के.पी. सिंह से कहा कि 11 अगस्त को बिहार विधान परिषद मैं उपस्थित हों |

निवेदन समिति ने छात्र संगठन द्वारा लगाये गये कतिपय आरोपों को सही ठहराया जब एफ.ओ. एवं एफ.ए. बिना छुट्टी के आवेदन दिए ही अनुपस्थित पाए गये | समिति ने बीएड प्रवेश परीक्षा का जिम्मा बिना सिंडीकेट के अनुमोदन के ही आउटसोर्सिंग को सौंप दिये जाने पर आपत्ति जताई तथा यह सारी शिकायतें राज भवन एवं शिक्षा विभाग को भी भेज दिए जाने की चेतावनी दी | यूँ बैठक में मुख्यरूप से संबद्ध कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा नियमितीकरण का मुद्दा छाया रहा | एक्सपर्ट टीम गठित कर इसे 31 मार्च 2017 तक समायोजित कर लिया जाएगा |

स्थानीय शिक्षक प्रतिनिधि होने के कारण डॉ.संजीव कुमार एमएलसी को अवकाश प्राप्त शिक्षकों द्वारा प्रतिशत में पेंशन भुगतान किए जाने के बाबत आवेदन दिया गया | कई शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी भुगतान नहीं किए जाने जैसे शिक्षक-समस्याओं पर समिति ने नाराजगी जताई |

विश्वविद्यालय परिसर के बाहर परिसदन में निवेदन समिति द्वारा शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को बुलाकर शिक्षा में सुधार के बाबत जमकर क्लास लिया गया |

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मधेपुरा इप्टा की रीढ है सुभाष

वर्तमान में इप्टा के प्रदेश सचिव सुभाष चंद्र द्वारा मधेपुरा में राष्ट्रीय ग्रामीण नाट्य महोत्सव-2016 के कार्यक्रम संयोजक होने के नाते महोत्सव के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया | आय-व्यय की समीक्षा के साथ-साथ इप्टा मधेपुरा के शाखा सम्मलेन की तिथि पर, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.नरेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपस्थित सदस्यों के बीच, विचार-विमर्श किया गया |

यह भी बता दें कि विश्व विख्यात उपन्यासकार एवं साहित्य शिल्पी मुंशी प्रेमचंद की जयंती के मौके पर 31 जुलाई को स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में इप्टा शाखा सम्मेलन करने का फैसला लिया गया | इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या आयोजित कर प्रेमचंद के नाटकों के मंचन करने का फैसला भी लिया गया |

साथ ही इप्टा के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, तुर्वसु उर्फ़ बंटी आदि ने 2016 के त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण नाट्य महोत्सव को एक सफल आयोजन बताया और उसकी सफलता का श्रेय सबों ने सुभाषचंद्र को दिया जिन्होंने बिहार-यूपी सहित देश के दर्जनों राज्यों में ‘नारदीगायन’ कार्यक्रम का परचम लहराया है |

यहां यह भी बता देना मौजूँ है कि हाल ही में 18-20 जून के दरमियान सुभाषचंद्र को नाट्य निर्देशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए इप्टा कोलकाता द्वारा विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया | जिसके लिए सभी सदस्यों ने सुभाषचंद्र को साधुवाद दिया तथा संरक्षक डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा इप्टा की रीढ है सुभाषचंद्र | सुभाष चन्द्र को  मोमेंटो, प्रमाण-पत्र एवं अंग-वस्त्र से सम्मानित किया-  के बैनर तले- एन.एस.डी. के अध्यक्ष रतनथियम, संगीत नाटक एकेडमी के उपसचिव सुमन कुमार, बंगाल सरकार के आईटी मंत्री बी.बसु तथा इप्टा कोलकाता के सचिव डी.दत्ता आदि ने |

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अकेले मियाँ रोएगा कि कब्र खोदेगा ?

प्राथमिक विद्यालय हो या मध्य विद्यालय,  माध्यमिक हो या उच्च माध्यमिक- यहां तक कि चिकित्सालयों से लेकर विश्वविद्यालयों अथवा राज्य सरकार के कई विभागों में कर्मचारियों की घटती संख्या की कौन कहे- वहाँ तो आचार्यों एवं अधिकारियों के भी ढेर सारे पद वर्षों से रिक्त हैं |

मधेपुरा जिला भी अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है | यहां एडीएम, एडीएम (आपदा), डायरेक्टर डीआर डीए, एसिस्टेंट डायरेक्टर सामाजिक सुरक्षा, डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी आदि कई पद तो रिक्त हैं ही- तुर्रा तो यह है कि वरीय उपसमाहर्ता के आधे दर्जन से अधिक पद रिक्त हैं और सभी कई वर्षो से प्रभार में चल रहे हैं |

यहाँ यह भी जान लेना मौजूँ होगा कि स्थानीय विधायक प्रो.चंद्रशेखर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री हैं फिर भी यहां एडीएम (आपदा) का पद 1 जनवरी, 2016 से ही प्रभार में चल रहा है जबकि कोसी में जल प्रलय फन फैलाए आपदाओं को आमंत्रित करने हेतु इंतजार में है | ज्ञातव्य है कि प्रतिवर्ष जुलाई आते ही कोसीवासियों को बाढ़ की चिंता सताने लगती है |

बता दें कि जिले के कुल 13 में से 6 प्रखंडों में सीडीपीओ नहीं होने के कारण वहां के सीओ अथवा बीडीओ को प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है जिन्हें स्वयं सांस लेने का समय नहीं होता, फिर भी किसी-किसी सीओ व बीडीओ को यदा-कदा स्वयं 3-4 प्रखंडों के प्रभार में भी रहना पड़ता है | शीर्ष पर सत्तासीन देखनेवाले भले ही आंखे मूंद ले, लेकिन इन सबका असर तो विकास को अवरुद्ध करते हुए साफ-साफ दिखता है |

आपका ध्यान शिक्षा जगत की ओर आकृष्ट करूं तो आप पायेंगे कि सरकार सर्वाधिक घोषणाएं ही करती हैं- पंचायतों में पूर्व से संचालित 28 मिडल स्कूलों को उत्क्रमित कर +2 विद्यालयों का दर्जा तो दे दिया गया, परंतु शिक्षकों के सभी पद खाली पड़े हैं | सरकार बहाली करना भूल गई है | तभी तो एक ओर बिना पढे ही छात्र-छात्राएं लालकेश्वर की कृपा से टॉपर बन रहे हैं जबकि दूसरी ओर विश्वविद्यालयों में फर्जी तरीके से आचार्यों-प्राचार्यों व कुलपतियों की नियुक्तियां तेजी से हो रही हैं |

जब मधेपुरा अबतक द्वारा जिले के विकास के लिए व्याकुल जिलाधिकारी मो.सोहैल से कमेंट करने को कहा गया तो बस इतनी सी बातें उन्होंने कही कि शिक्षकों की बहाली के लिए शिक्षा विभाग कार्ययोजना बनाने में मशगूल है |

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साईं बाबा की दिव्य-देवप्रतिमा की स्थापना एवं लक्ष्मीवती पुस्तकालय का उद्घाटन

इसी जिले के कुमारखंड प्रखंड का एक गांव है टेंगराहा, जहां गरीबों के मसीहा समाजवादी चिंतक बाबू भूपेन्द्र नारायण मंडल ने अंतिम सांस ली थी और हाल-फिलहाल उसी धरती के बेटे आदित्य आनंद ने आइ.ए.एस. करके इलाके को गौरवान्वित किया है | वहीँ के “देवेन्द्र धाम” में समाजसेवी, प्रखर साईं भक्त व शिक्षाविद परिवार के अग्रज दिगंबर प्रसाद यादव एंड ब्रदर्स द्वारा संयुक्त रुप से श्रद्धा एवं सबूरी के प्रतीक शिर्डी के साईं बाबा की भव्य-दिव्य  देवप्रतिमा की स्थापना एवं अलौकिक प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम स्वामी दुर्गानंद सरस्वती के मंत्रोचार व पूर्णिया से आये समस्त-समर्पित साईं भक्तों सहित उपस्थित सुधिजनों के दरमियान भजन-कीर्तन के बीच संपन्न हुआ |

बाबा साईं के प्रिय ‘प्रसाद’ पाने के बाद सभी शिक्षाविदों एवं सुधि जनों के अगणित पग चल पडे “लक्ष्मीवती पुस्तकालय” के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने | यहाँ यह भी जान लेना मौजूँ होगा कि हाल ही में माउंटेन मैन दशरथ मांझी सरीखे हिम्मतवाले इसी धरती के सपूत शिवनाथ यादव ने अपनी माताश्री स्मृतिशेष उमदावती की माँ बैकुंठवासिनी लक्ष्मीवती (यानि नानीश्री) की स्मृति में “लक्ष्मीवती  पुस्तकालय” का दिलोजान से निर्माण किया है |

पुस्तकालय उद्घाटनकर्ता विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा ने विस्तार से पुस्तकालय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लक्ष्मीवती पुस्तकालय इस इलाके के विकास में मील का पत्थर साबित होगा | मुख्य अतिथि की भूमिका का निर्वहन करते हुए शिक्षाविद साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उपस्थित विद्वतमण्डली से कहा कि अच्छी पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं तथा उन्हें पढ़ने से जीवन की दिशा बदल सकती है | उन्होंने भारतरत्न डॉ.कलाम एवं नोबेल पुरस्कार प्राप्त डॉ.ए.कैरौल की कई पुस्तकों की चर्चा भी की | डॉ.मधेपुरी ने युवा वर्गों से यही कहा कि पुस्तक ज्ञान का सागर है तथा उनका अध्ययन कर आप ज्ञान अर्जित कर ऊंचाई प्राप्त कर सकते हैं |

यह भी बता दें कि इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि साईं बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं जिन्हें भक्तजन संत, फकीर, सद्गुरु, व मुरशीद भी कहते हैं | साईं बाबा भक्तों को “डिवाइन कांशसनेस” के रास्ते पर चलना सिखाते हैं |

अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं वयोवृद्ध समाजसेवी दीनेश प्रसाद यादव ने कहा कि कल तक जो गाँव बदनाम था वही गांव आज अपने दाग को तेजी से धोकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है |

समारोह में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में महाविद्यालय निरीक्षक एवं कुलसचिव रह चुके प्रो.वीरेंद्र प्रसाद मंडल, अवकाश प्राप्त शिक्षक महेंद्र प्रसाद यादव, इंजीनियर सत्येंद्र कुमार, इंजीनियर चन्दन कुमार, मुखिया अरविन्द कुमार, जयप्रकाश यादव, ओमप्रकाश यादव, इंजीनियर ब्रह्मानंद मंडल, पंचायत समिति सदस्य माँगो देवी, डॉ.अमोल राय, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.विजय कुमार, डॉ.किशोर कुमार, सुशील कुमार यादव, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विजेंद्र कुमार आदि गण्यमान्य अंत तक विराजमान रहे |

अंत में लक्ष्मीवती पुस्तकालय के प्राण-प्रतिष्ठापक व निर्माता शिवनाथ यादव ने उपस्थित सभी जनों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापन किया तथा इस मरुभूमि पर जो ज्ञान का पौधा ‘लक्ष्मीवती पुस्तकालय’ लगाया है उसे सींचते रहने हेतु युवाजनों का आह्वान किया |

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इंसानियत का पैगाम है रमजान ! सबको मुबारक हो ईद !!

इस्लाम में रमजान का महीना सर्वाधिक मुबारक माना जाता है क्योंकि इसी महीने में अल्लाह-तआला ने तमाम इंसान की रहनुमाई के लिए अपनी सबसे मुकद्दस किताब “कुरआन-ए-मजीद” को नाजिल किया था | रमजान के महीने में रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज करार दिया गया, यानी सभी मुसलमान रमजानुल मुबारक के पूरे माह के दौरान भूखे-प्यासे रहने के बाद ईद जैसी नेअमत से सरफराज होते हैं | तभी तो आज 7 जुलाई 2016 को हर्षोल्लास के साथ चतुर्दिक ईद मनाई जा रही है | बीते रात क्या अमीर, क्या गरीब, सभी ईद की खरीदारी में मस्त दिखे, व्यस्त दिखे |

Eid Nawaj at Eidgaah Madhepura.
Delivering Eid Namaz at Eidgaah Madhepura this pleasant morning .

यहां यह भी जान लेना बेहद जरूरी है कि रमजान के पाक माह के 30 दिनों को तीन आसारे में बांटा गया है | पहले 10 को रहमत व बरकत के लिए एवं दूसरे 10 दिनों मगफिरत के लिए तथा आखरी के 10 दिनों को जहन्नुम से छुटकारा पाने के लिए बांटा गया है |

Huge Crowd after Eid Nawaj at Eidgaah Madhepura
Huge Crowd coming out after Eid Namaz at Eidgaah Madhepura

हां ! इस तीसरे और अंतिम आसारे में रोजेदार को गुनाहों की माफी मिलनी शुरू हो जाती है | बता दें कि इस महीने में 1-1 फर्ज का सबाब 70 गुणा कर दिया जाता है | रोजा ही एक ऐसी इबादत है कि अल्लाह खुद उसके बदले बहुत कुछ देता है | पाक़ दिल से मांगी गई दुआएं भी कबूल होती हैं |

From Left to Right- Vidhan Parshad Vijay Kumar Verma, Dr.Madhepuri, Samajsevi Shaukat Ali, MLA Prof.Ramesh Rishidev and Ex-MLA Parmeshwari Parshad Nirala wishing Eid Mubarak at Eidgaah Madhepura.
From Left to Right- Vidhan Parshad Vijay Kumar Verma, Dr.Madhepuri, Shaukat Ali, MLA Prof.Ramesh Rishidev and Ex-MLA Prameshwari Parsad Nirala wishing Eid Mubarak at Eidgaah Madhepura.

और खास बात यह भी जानें कि आखिरी आसारे की पाक पांच रातों में से किसी एक रात को शब-ए-कद्र करार दिया जाता है जिस घड़ी जागकर यदि कोई रोजेदार खुद को अल्लाह-तआला में मसगुल कर ले तो उसकी मुराद पूरी हो जाती है |

शाम में चांद देखने के बाद 7 जुलाई के सुबह ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए रोजेदारों की भीड़ लगी रही | समापन के बाद सभी धर्मों के लोग रोजेदारों से गले मिलकर ईद मुबारक करते रहे तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग उस क्षण को कैमरे में कैद करते रहे |

इसी बीच अचानक जिले के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल भी सामने मीडिया मैन से घिरे दिखे- सबसे ईद मुबारक करते हुए, गले मिलते हुए…| इस अवसर पर अनेक लोग अपने मोबाइल में फोटो उठाते नजर आते रहे, उस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाते रहे |

Samajsevi Md.Shaukat Ali, Madhepura SHO Manish Kumar and Samajsevi Sahityakaar Dr.Bhupendra Madhepuri at Eidgaah
Samajsevi Md.Shaukat Ali, Madhepura Thanadhyaksh Manish Kumar and Samajsevi Sahityakaar Dr.Bhupendra Madhepuri at Eidgaah

अंत तक सिंहेश्वर के विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, नगर परिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू, नगर के जनसेवी पार्षद ध्यानी यादव, जिला जदयू अध्यक्ष प्रो.विजेन्द्र नारायण यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र प्रसाद सिंह, डॉ.अरुण कुमार, प्रवीण कुमार पारो आदि अपनी उपस्थिति बनाये रखे |

पूरे एपिशोड में मज़ेदार बातें तो ये रही कि वहां सभी मांगनेवाले ही पहुंचे थे | जहां सभी रोजेदार ईदगाह के अंदर झुककर खुदा से दुआएं मांग रहे थे वही बाहर में भिखारी रोजेदारों से पैसे- इसलिए कि ईद के नमाज के बाद जकात (वार्षिक आमदनी का 40 वां भाग) बांटने की परंपरा सदा से चली आ रही है |

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विकास के लिए व्याकुल डीएम

डीआरडीए के झल्लू बाबू सभागार में डीडीसी मिथिलेश कुमार की उपस्थिति में डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा नवनिर्वाचित जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं उपाध्यक्ष रघुनंदन दास (अधिवक्ता) को सत्य व निष्ठा के साथ शपथ दिलाने के बाद क्षेत्र की नली-गली और शौचालय निर्माण को प्राथमिकता देकर जिले के विकास में योगदान निभाये जाने की सलाहियत देना या फिर जिले के दूर-सुदूर गांवों में एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज, पारामेडिकल, आईटीआई आदि-आदि आरंभ कराने या फिर विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री के लिए किसानों से जमीन मुहैया कराने में दिन-रात लगे रहकर काम आरंभ कराने अथवा जिले के गांवों को शहर जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारत एवं बाहर के 65 निवेशकों को आमंत्रण देकर बुलाना और उनके लिए जमीन उपलब्ध कराने हेतु छोटे-बड़े जमीन मालिकों जैसे मुरहों के डॉ.अरुण कुमार मंडल, प्रो.प्रभाष चंद्र यादव, साहूगढ़ के के.बी.यादव, टेंगराहा के प्रो.श्यामल किशोर यादव, मधेपुरा के डॉ.मधेपुरी व नरेंद्र नारायण निराला, सिंघेश्वर के हरि टेकरीवाल आदि के साथ उसी झल्लू बाबू सभागार में 4 जुलाई 2016  यानी रमजान के महीने में 5:00 बजे शाम में विमर्श करने को डी.एम. मो.सोहैल के विकास के लिए व्याकुलता नहीं तो और क्या कहेंगे |

DM Md.Sohail discussing with L&T authorities regarding quick consruction of Karpuri Medical College buildings at the new campus of B.N.M.U Madhepura.
DM Md.Sohail discussing with L&T authorities regarding quick consruction of Karpuri Medical College buildings at the new campus of B.N.M.U Madhepura.

हाल ही में डी.एम.मो.सोहैल भूपेंद्र नारायण मंडल विश्व विद्यालय परिसर में बन रहे कर्पूरी मेडिकल कॉलेज को अगले मार्च तक पूरा कर हस्तांतरित करने के निमित्त एक समीक्षात्मक बैठक बुलाई और एल एण्ड टी कंपनी के सभी जवाबदेह पदाधिकारियों से यही जाना कि ढाई हजार मजदूर चाहिए लेकिन प्रतिदिन 1000 मजदूर उपलब्ध हो रहे हैं यह जानकर डी.एम.  मो.सोहैल ने लेबर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क करने में जुट गए और समाधान निकाल ही लिए  |

चाहे खेल का मैदान हो या फिर महिलाओं के विभिन्न संगठनों का ट्रेनिंग कैंप अथवा शिक्षक अधिकारियों की कोई बैठक ही क्यों ना हो डी.एम.  मो.सोहैल सभी प्रशिक्षुओं, शिक्षकों एवं अधिकारियों से विकास में योगदान देने की अपील कर ही देते हैं और उन्हें स्वस्थ, स्वच्छ एवं सुंदर मधेपुरा बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत की चंद बातें बोल ही देते हैं |

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