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तुलसी पब्लिक के राहुल राज बने हैंडरायटिंग ओलंपियाड के बिहार चैंपियन

तुलसी पब्लिक स्कूल के वर्ग 4 का 11 वर्षीय राहुल राज  को“अंग्रेजी हैंडराइटिंग ओलंपियाड- 2016-17” के ग्रुप-सी में सूबे बिहार में प्रथम स्थान आया | सोचिए तो सही, संकल्प और जुनून से किस कदर लैस होगा यह बालक राहुल जिसके पिताश्री पंकज कुमार टी.ई.टी. शिक्षक के रूप में पुरैनी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खैरो में मात्र 21 दिनों तक ही छात्रों को पढ़ाने के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया |

यूँ तो बचपन से ही राहुल का टैलेंट अपना प्रभाव चारों ओर तेजी से बिखेरने लगा था | उसकी प्रतिभा और लगन को देखकर ही टी.पी.एस.  के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने विद्यालय द्वारा उसे गोद लेने का एलान भी कर दिया और तब से राहुल के पठन-पाठन की पूरी जिम्मेदारी स्कूल की हो गई है | सचमुच, हर किसी की मेहनत उसे मंजिल तक पहुंचा ही देती है बशर्ते वह राहुल की तरह निरंतर कोशिश को रफ्तार देते रहने की ठान ले |

यह भी बता दें कि बच्चों के पठन-पाठन की सामग्रियों के निर्माता के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त “क्लासमेट कम्पनी” द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर वर्ग-1 से 12 तक 3 ग्रुपों (A-12 से 9 तक) (B-8 से 5 तक) एवं (C-4 से 1 तक) के लिए “इंग्लिश हैंडराइटिंग ओलंपियाड” का आयोजन किया गया जिसमें राज्य स्तर पर छात्र-छात्राओं का चयन हुआ उनमें तीन कोसी के ही लाल हैं- ग्रुप-सी. में प्रथम रैंक पर राहुल राज (मधेपुरा) एवं द्वितीय पर मो.नूरानी (सहरसा) तथा ग्रुप-बी में प्रथम रैंक पर नेहा कुमारी | शेष तीन में दो भागलपुर एवं एक छपरा ले गया |

इस ओलंपियाड के कोसी जोन संयोजक श्री संजय कुमार ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर 23 अप्रैल को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में इस हैंडराइटिंग ओलंपियाड के ग्रैंड फिनाले का भव्य आयोजन होगा जहां पहुंचने के लिए सभी सफल प्रतियोगी को स्थान व रूट बता दिया गया है | उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल स्तर पर सफल होने वाले प्रतिभागी को वहीं आयोजित भव्य समारोह में पुरस्कार व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा |

मधेपुरा अबतक द्वारा जब राहुल राज से यह पूछा गया कि आगे वह क्या बनना चाहता है- वैज्ञानिक, कलाकार या और…….. कुछ, के जवाब में राहुल ने कहा ‘IAS कम्पीट कर डीएम’ ! भला क्यों नहीं मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल की देशभक्ति व सेवाभाव बड़ों को ही नहीं बल्कि मधेपुरा के बच्चों को भी सजीव ढंग से प्रभावित किया है |

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पटना महावीर मंदिर में क्यों हैं एक साथ दो हनुमानजी ?

आप बिहार के हैं और राजधानी पटना न आए हों सामान्यतया ऐसा नहीं हो सकता और पटना आने पर स्टेशन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर आपने न देखा हो ये भी मुमकिन नहीं। आपने जरूर सुना या पढ़ा होगा कि इस मंदिर की गिनती उत्तर भारत के गिने-चुने मंदिरों में होती है। लेकिन सच यह है कि देश भर के चुनिंदा मंदिरों की सूची बनाई जाए जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती हो और चढ़ावों का अंबार लगता हो, तब भी पटना का हनुमान जी का ये मंदिर तिरुपति के बालाजी मंदिर, शिर्डी के सांई बाबा मंदिर और जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर आदि के साथ शीर्ष के कुछ मंदिरों में शुमार किया जाएगा। रामनवमी के दिन तो इस मंदिर में श्रद्धालुओं की लाईन कई किलोमीटर तक लगी होती है। एक अनुमान के मुताबिक इस दिन राम के इस अप्रतिम भक्त के दर्शन के लिए तीन से चार लाख श्रद्धालु जुटते हैं।

Patna Mahavir Mandir
Patna Mahavir Mandir

तो चलिए रामनवमी के पावन अवसर पर इस मंदिर की विशेषताओं से रूबरू होते हैं। सबसे पहली और अहं बात यह कि यहां आकर शीश नवाने वाले किसी भक्त ने आज तक ये नहीं कहा कि उसकी मनोकामना पूरी नहीं हुई। इस मंदिर की स्थापना 1730 ई. में स्वामी बालानंद ने की थी। तब यह मंदिर बैलगाड़ी से चंदे में एक-एक ईंट एकत्र कर बना था। साल 1900 तक यह मंदिर रामानंद संप्रदाय के अधीन रहा। उसके बाद 1948 तक इस पर गोसांई संन्यासियों का कब्जा रहा। साल 1948 में पटना हाईकोर्ट ने इसे सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। उसके बाद आचार्य किशोर कुणाल के प्रयास से साल  1983 से 1985 के बीच वर्तमान मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और आज इस मंदिर का भव्य स्वरूप सबके सामने है।

इस मंदिर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा की ओर है और मंदिर में हनुमानजी समेत सारे देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं, परन्तु गर्भगृह में बजरंग बली की मूर्ति है और कमाल की बात यह कि एक नहीं एक साथ दो मूर्तियां हैं – हनुमानजी की युग्म मूर्तियां। आप याद करें, जब भी आप इस मंदिर गए होंगे, फूलवाले ने आपको दो माला दी होगी ताकि हनुमानजी की दोनों मूर्तियों पर माला चढ़ सके। कभी आपने सोचा कि यहां एक साथ दो मूर्तियां क्यों हैं? देश भर में हनुमानजी के हजारों मंदिर हैं लेकिन कहीं आपने ऐसा नहीं देखा होगा। चलिए, आज हम बताते हैं। दरअसल यहां हनुमानजी की दो मूर्तियां दो अलग आशय से रखी गई हैं। कहा जाता है कि दो मूर्तियों में एक मूर्ति अच्छे लोगों के कार्य पूर्ण करती है और दूसरी बुरे लोगों की बुराई दूर करती है। एक तरह से भक्तों के शीघ्र कल्याण के लिए स्वयं को ही दो हिस्सों में बांट लिया हनुमानजी ने। है न कमाल की बात!

अब बात हनुमानजी के प्रिय भोग लड्डू की। आपको आश्चर्य होगा कि 1930 तक यहां लड्डू की एक भी दुकान न थी और आज आलम यह है कि प्रतिदिन औसतन 25 हजार किलो लड्डू की बिक्री केवल एक दुकान से होती है जो मंदिर परिसर में मंदिर प्रशासन द्वारा ही चलाई जाती है। यहां तिरुपति के कारीगर खास तौर पर नैवेद्यम लड्डू तैयार करते हैं। इसके अतिरिक्त अगल-बगल दर्जनों अन्य दुकानें भी हैं जिनमें बेसन और मोतीचूर के कई किस्म के लड्डू आप खरीद सकते हैं।

सच ही कहा गया है – हरि अनंत हरि कथा अनंता। अभी इस मंदिर से जुड़ी कई ऐसी बाते हैं जो आपको चकित करेंगी। फिलहाल चलते-चलते बस एक बात और। इस मंदिर के दूसरे तल पर आप कांच का एक बड़ा बरतन देखेंगे, जिसमें रामसेतु का पत्थर रखा हुआ है। आप उस समय दांतो तले ऊंगली दबा लेंगे जब देखेंगे कि 15 किलो वजन वाला यह पत्थर कितने आराम से पानी में तैरता रहता है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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आतंकवाद से अधिक खतरनाक है प्यार !

अगर कहा जाय कि प्यार आतंकवाद से अधिक खतरनाक होता है, तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी? आप चौंकेंगे, हंसेंगे या सवाल करने वाले के मानसिक संतुलन को संदेह से देखेंगे? आप कुछ सोचें या करें उससे पहले बीते 15 सालों के सरकारी आंकड़ों पर नज़र दौड़ाएं, जो चीख-चीख कर बता रहे हैं कि भारत में आतंकवाद से ज्यादा जानें प्यार के चलते गई हैं।

जिन आंकड़ों की बात हम कर रहे हैं, वे साल 2001 से 2015 की अवधि के हैं। इन 15 सालों में आतंकवादी घटनाओं में जहां 20,000 लोगों की जानें गईं, वहां इसी अवधि में प्यार से जुड़े मामलों में 38,585 हत्या और गैर इरादतन हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम दिया गया। यही नहीं, इसी दौरान प्यार में हारने और इससे जुड़ी अन्य वजहों से करीब 79,189 लोगों ने मौत को गले लगा लिया। इस अवधि में 2.6 लाख अपहरण के केस भी दर्ज किए गए, जिनमें महिला के अपहरण की मुख्य वजह उससे शादी रचाने का इरादा था।

आंकड़ों के मुताबिक इन 15 सालों में प्रतिदिन 7 हत्याओं, 14 आत्महत्याओं और 47 अपहरण के मामलों का जिम्मेदार था प्यार। प्यार को लेकर परिजनों का अस्वीकार, एकतरफा प्यार और जबरन शादी जैसे कारण इसमें शामिल हैं। दूसरी ओर इसी दौरान आतंकवादी घटनाओं में जिन 20,000 लोगों की मौत हुई, उनमें सुरक्षा बल और आम नागरिक दोनों शामिल हैं।

आंकड़े बताते हैं कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश प्यार के मकसद से की गई हत्याओं के मामलों में सबसे आगे हैं। इन सभी राज्यों में इस अवधि में 3,000 से ज्यादा हत्याएं प्रेम-प्रसंगों के चलते हुईं। वहीं, प्यार में की गई आत्महत्या के मामलों में पश्चिम बंगाल शीर्ष पर है, जबकि राज्य के 2012 के आंकड़े नहीं मिल सके हैं। आपको हैरत होगी कि सांस्कृतिक रूप से अत्यन्त समृद्ध इस राज्य में बीते 14 सालों में 15,000 खुदकुशी के मामलों की वजह प्रेम-संबंध थे। इन 15 सालों में प्यार में जान देने वालों में दूसरे पायदान पर तमिलनाडु है, जहां प्रेम प्रसंगों के चलते 9,405 लोगों ने मौत को गले लगा लिया। इसके बाद असम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश का नंबर आता है। इन सभी राज्यों में 5,000 से अधिक लोगों ने प्यार में जान दे दी।

सच तो यह है कि प्यार जिस अहसास का नाम है उससे अधिक कोमल, उससे अधिक निश्चल, उससे अधिक पवित्र और उससे अधिक महान इस संसार में कुछ भी नहीं। सबसे अधिक कविताएं इसी प्यार पर बनीं, सबसे अधिक कहानियां इसी प्यार को लेकर रची गईं, सबसे अधिक मूर्तियां इसी प्यार को लेकर गढी गईं, सबसे अधिक चित्र इसी प्यार को लेकर उकेरे गए, नृत्य और अभिनय की अधिकांश भंगिमाएं इसी प्यार की ऋणी हैं, हर सृजन के मूल में यही प्यार है और सोच कर देखिए, ऊपर दिए गए आंकड़े भी इसी प्यार के हैं! ये कैसा विरोधाभास है? क्या इस विरोधाभास के रहते हम मनुष्य कहलाने के अधिकारी हैं?

जरा अपने भीकर झांककर देखें। आखिर क्या है प्यार के इस हश्र का कारण? जनाब कारण कहीं बाहर नहीं, हमारे ही भीतर है। हमारे ही अहं और अविवेक का परिणाम है ये। इक्कीसवीं सदी में भी हम पुरुषवादी व सामंती सोच से ऊपर नहीं उठ सके हैं। हम अब भी वोट से लेकर बेटी तक जाति देखकर ही देते हैं। हमारी ये व्यवस्था किसी और ने नहीं, हमने ही बनाई हैं और सच यह है कि हम ही उसे तोड़ भी पाएंगे। और जब तक ऐसा नहीं होगा, ऐसे आंकड़े हमारे सामने आते रहेंगे और हम मुंह छिपाते रहेंगे।

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

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मधुबनी : द आर्ट कैपिटल- प्रधानमंत्री को भेंट किया डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने

हाल ही में जहाँ एक ओर बिहार को ऊँचाई देने हेतु मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा नीतीश सरकार के निर्देशानुसार बिहार दिवस समारोह में यहाँ की गौरवगाथाओं को पुनर्जीवित करने का भरपूर प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर कई बार बिहार के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री रह चुके महान अर्थशास्त्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र द्वारा बिहार दिवस पर ही संसद भवन में “मधुबनी : द आर्ट कैपिटल” पुस्तक की एक प्रति पीएम नरेंद्र मोदी को भेंट कर सूबे बिहार के गौरव को दुनिया के रंगमंच पर श्रेष्ठता प्रदान करने हेतु अदभुत प्रयास किया गया ।
यह भी बता दें कि बीस पुस्तकों के लेखक डॉ.मिश्र ने पीएम को दिए गये इस पुस्तक के माध्यम से बिहार के वैभव व विकास के साथ-साथ मिथलांचल की सभ्यता-संस्कृति, समृद्ध विरासत एवं वास्तुकला-चित्रकला सहित ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के बारे में पूरी दुनिया के देशों को रू-ब-रू कराकर लोहा मनवाने का प्रशंसनीय प्रयास किया है । इसके लिए डॉ.मिश्र के प्रति जितनी भी कृतज्ञता ज्ञापित की जाय, वह कम ही होगी । भला क्यों नहीं, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डॉ.मिश्र के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि हमारी संस्कृति काफी समृद्ध है और इसे इस रुप में संरक्षित करने का प्रयास प्रशंसनीय है ।

A Selfie of Dr.Jagannath Mishra with Educationist Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri taken during light moments at his residence at Patna.
A Selfie of Dr.Jagannath Mishra with Educationist Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri taken during light moments at his residence at Patna.

यह भी बता दें कि 1981 के 9 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में डॉ.जगन्नाथ मिश्र ने जहाँ मधेपुरा को (136 वर्षों तक अनुमंडल रहने के बाद) जिला बनाने की घोषणा स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में की थी वहीं उस भव्य समारोह की तैयारी की जिम्मेवारी तत्कालीन नगरपालिका उपाध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को सौंपी गई थी । तब से ही डॉ.मिश्र की व्यक्तिगत लाइब्रेरी में डॉ.मधेपुरी का यदाकदा आना-जाना लगा रहा है तथा स्वलिखित पुस्तकों का आदान-प्रदान भी होता रहा है ।
जहाँ एक ओर बिहारवासियों की पीड़ा से जुड़कर- भूमि सुधार व कृषि सुधार से लेकर आर्थिक विकास आदि पर दो दर्जन पुस्तकों के लेखक रहे हैं प्रखर अर्थशास्त्री डॉ.मिश्र, वहीं दूसरी ओर भौतिकी के यूनिवर्सिटी प्रोफेसर रहे डॉ.मधेपुरी ने बेस्ट सेलर बुक- “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के साथ-साथ भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम एवं समाजवादी चिंतक बी.एन.मंडल की विस्तृत जीवनी लिखकर देश के युवाओं एवं राजनीति के सिद्धहस्तों को सहज जीवन जीने का मार्गदर्शन भी किया है ।
और अन्त में दिल्ली से वापस होने के बाद “मधुबनी: द आर्ट कैपिटल” के लेखक डॉ.जगन्नाथ मिश्र को इस कृति के लिए डॉ.मधेपुरी ने चलभाष के माध्यम से कोटि-कोटि कृतज्ञता ज्ञापित की । चर्चा के क्रम में डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा अबतक को बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से मिथिलांचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं के द्वार खोले जा सकते हैं ।

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पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन

जन अधिकार पार्टी (जाप) के संरक्षक और मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा व पप्पू यादव के पिता चंद्र नारायण प्रसाद के नेतृत्व में जाप के एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और अपनी पांच सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से सारी कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रख पप्पू यादव की गिरफ्तारी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं पर की गई पुलिस की तथाकथित ज्यादती की न्यायिक जांच करवा कर इंसाफ दिलाने की मांग की।

गौरतलब है कि बिहार में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ और बिहार कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने सहित कई मांगों को लेकर राजधानी पटना में प्रदर्शन के दौरान सोमवार को जाप के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज का सहारा लिया था। इसी घटना के बाद सोमवार को ही देर रात पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया था।

बहरहाल, जाप द्वारा राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सांसद की गिरफ्तारी संसदीय परम्परा की अवमानना है। पार्टी के मुताबिक सांसद को जिस मुकदमे में ‘फंसाया’ गया, वह जनवरी 2017 के राजभवन मार्च का है। इस मामले में रात के अंधेरे में ‘झूठा’ मुकदमा कर न सिर्फ न्यायालय को गुमराह करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश की भी अवमानना की गई, जिसमें उल्लेख है कि रात के अंधेरे में पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं करेगी। जाप के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा के अनुसार राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

चलते-चलते बता दें कि पप्पू यादव की पत्नी व सुपौल की सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को लोकसभा में भी उनकी गिरफ्तारी का मामला उठाया था और इसे सांसद के सदन में भाग लेने के विशेषाधिकार के अतिक्रमण और राजनीतिक दबाव में पटना जिला प्रशासन की कार्रवाई बताया था।

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मधेपुरा में स्पेलिंग बी चैंपियनशिप : पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं          

परमहंस जी महाराज महर्षि मेँहीँ ने कभी कहा था- जब भारत की जान है हिन्दी…….. तो क्यों नहीं इसे ‘भारती’ कहें हम सभी | उसी हिन्दी के लिए स्पेलिंग बी चैंपियनशिप द्वारा- “द्वितीय अंतर विद्यालय हिन्दी शब्द स्पर्धा” पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में किया गया |

यह भी बता दें कि शहर के किरण पब्लिक स्कूल, हॉली क्रॉस, डीग्रेसिया इंटरनेशनल, तुलसी पब्लिक स्कूल, जितेंद्र पब्लिक…… वेल्डन फ्यूचर, दमयंती शत्रुघ्न एकेडमी, यू.के. इंटरनेशनल आदि सभी स्कूलों के वर्ग 1 से 10 तक के 6 ग्रुपों- किडोज-1, किडोज-2 से लेकर सीनियर और सुपर सीनियर के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-अभिभावकों को समारोह में मुख्य अतिथि शिक्षाविद साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं विशिष्ट अतिथि श्री चंद्रशेखर  एवं डॉ.अरुण कुमार सहित सचिव सावंत कुमार रवि आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया |

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri addressing boys & girls in the Prize Distribution Ceremony of 2nd Spelling Bee Hindi Championship at Parvati Science College Madhepura .
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri addressing boys & girls in the Prize Distribution Ceremony of 2nd Spelling Bee Hindi Championship at Parvati Science College Madhepura .

छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देने से पूर्व मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने विस्तृत संबोधन में डॉ.कलाम सहित अन्य ढेर सारे उदाहरणों के साथ बच्चों एवं उनके अभिभावकों से यही कहा की आप सभी गांव से आये हैं और डॉ.कलाम भी अपने धनुषकोडी गांव से चलकर शून्य से शिखर तक पहुंच गये तो फिर आप क्यों नहीं……..! डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चों के अंदर की प्रतिभा को जागृत करने के लिए उसमें जुनून जगाना जरूरी होता है | उन्होंने स्पष्ट करते हुए यही कहा कि कोशिश को रफ्तार देना ही तो जुनून है |

मौके पर सोशल एक्टिविस्ट श्री चन्द्रशेखर कुमार एवं शिक्षाविद प्रो. डॉ.अरुण कुमार विशिष्ट अतिथि द्वय ने कहा कि कड़ी मेहनत और लगन से प्रयास करते रहने पर सफलता अवश्य मिलती है |

 Secretary Sawant Kumar Ravi receiving the momento & certificate from Sangrakshak Dr.Madhepuri in presence of special guests Mr.Chandrashekhar, Aditya ,Dr.Arun Kumar and others .
Secretary Sawant Kumar Ravi receiving the momento & certificate from Sangrakshak Dr.Madhepuri in presence of special guests Mr.Chandrashekhar, Aditya ,Dr.Arun Kumar and others .

बता दें कि इस “हिन्दी शब्द स्पर्धा” में वर्ग प्रथम से दशम तक के करीब 25 विद्यालयों ने उपस्थिति दर्ज कराई- जिसके दो दर्जन से अधिक बच्चों को मेधा पुरस्कार तथा 5 दर्जन छात्र-छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार के रुप में मोमेंटो सहित प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया |

यह भी जान लें कि जहां किडोज-1 में प्रथम स्थान पर आई डीग्रेशिया इंटरनेशनल की अनुप्रिया वहीं किडोज-2 में प्रथम स्थान पाई किरण पब्लिक स्कूल की शालिनी कुमारी |

एक ओर जहां सब-जूनियर कोटि में डीग्रेशिया के सुधांशु प्रथम आये वही जूनियर कोटि में होली क्रॉस की ईया बिराजी के साथ डीग्रेशिया की सपना राज की जोड़ी प्रथम आई |

दूसरी ओर सीनियर कोटि में जहां किरण पब्लिक का गौतम कुमार प्रथम आया वहीं सुपर सीनियर कोटि में हॉली क्रॉस की अंजलि कुमारी अपने लिए प्रथम स्थान सुरक्षित कर ली |

यह भी बता दें कि सभी ग्रुपों में द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर जिन स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी- वे स्कूल हैं- किरण पब्लिक, हॉली क्रॉस, डीग्रेशिया इंटरनेशनल, ज्ञानदीप निकेतन, तुलसी पब्लिक स्कूल, दमयंती शत्रुघ्न एकेडमी, डिज्नी किड्स, ब्राइट एंजेल्स, दार्जिलिंग पब्लिक, के.एन.एम. इंटरनेशनल, डी.एल. पब्लिक सबैला, ज्ञान बिहार यूनिवर्सल तथा टीपी कॉलेजिएट |

इतना ही नहीं इस आयोजन में राज मैनेजमेंट द्वारा सभी मीडियाकर्मियों के साथ-साथ स्कूल के प्रधानों को भी सादर सम्मानित किया गया | मौके पर शिक्षक विनोद कुमार सहित सोनीराज, रियांशी गुप्ता, अमित कुमार अंशु एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले कोमल, शशांक, रजाउल, अजय, कार्तिक, विशाल व आकाश के साथ-साथ शिल्पा, शिल्पी एवं खुशी सहित श्रवण कुमार सुल्तानिया अन्त तक उपस्थित रहे |

मंच संचालन करते हुए मास्टर शिवम ने धन्यवाद भी ज्ञापित किया |

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छात्रों एवं शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं……!!

मधेपुरा को ऊंचाई देने के लिए शराबबंदी और पूर्ण नशाबंदी के समर्थन के तर्ज पर मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में कदाचार और नकल पर ब्रेक लगाने हेतु साहसिक कदम उठाने वाले मधेपुरा के पूर्व जिला पदाधिकारी श्री गोपाल मीणा (भा.प्र.से.) एवं वर्तमान डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) को मधेपुरा सदा याद करेगा |

यह भी बता दें कि मधेपुरा की यह खासियत है कि यहां के लोग अच्छे काम को और समय-समय पर अच्छे पदाधिकारियों को हमेशा याद करते हैं | साथ ही यह भी जानिए कि जहां एक ओर पूर्व डीएम श्री गोपाल मीणा ने मैट्रिक और इंटर के परीक्षार्थियों द्वारा किये जा रहे कदाचार पर ब्रेक लगाया था तो वहीं दूसरी ओर अपने गुरुओं को बुला-बुलाकर यहां की अगणित प्रतिभाओं को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए तरह-तरह के टिप्सों के साथ 20-20 हजार रु. तक की प्रतियोगी पुस्तकें बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में मुहैया भी कराई थी |

और यह भी कि जहां वर्तमान डी.एम. मो.सोहैल की पूरी टीम द्वारा उन्हीं परीक्षार्थियों पर कदाचार के मामले में सिर हिलाने पर भी पाबंदी लगा दी गयी तो दूसरी ओर उनकी पढ़ने की सुविधाएं मुहैया कराने हेतु डी.एम. मो.सोहैल ने जीर्ण-शीर्ण व मृतप्राय जिला पुस्तकालय को बुक-सेल्फों, ढेर सारी कुर्सियां, लंबे-लंबे टेबुलों तथा बिजली पंखों से सुसज्जित करने के साथ-साथ पांच प्रकार के अखबार व 10 प्रकार की पत्रिकाओं के अतिरिक्त संपूर्ण पुस्तकालय कक्ष को एयर कंडीशन करने के निर्देश एनडीसी मुकेश कुमार की टीम को दी और यह भी कहा कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक हर सूरत में सारे कार्यों को पूरा कर लिया जाय |

लगे हाथ छात्रहित में जिला पुस्तकालय को सदा जीवित रखने हेतु डी.एम.  मो.सोहैल ने पांच सदस्यीय संचालन समिति भी गठित कर दी जिसके अध्यक्ष बनाये गये- समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी |

बता दें कि डीएम मो.सोहैल ने मौजूद पुस्तकों के अलावे मैट्रिक व इंटर के कोर्स की पुस्तकों के क्रय की बातें कहीं और साथ ही पुस्तकों के सिल-सिलेवार रख-रखाव एवं अत्याधुनिक तरीके से कंप्यूटरीकृत एकाउन्ट रखने हेतु संचालन समिति के सचिव के रूप में कंप्यूटर में दक्षताप्राप्त संदीप शांडिल्य के साथ-साथ सदस्य के रूप में प्रो.श्यामल किशोर यादव, पत्रकारिता जगत से प्रो.प्रदीप कुमार झा एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवशंकर राय का मनोनयन किया |

और आगे प्रशासनिक कार्य-व्यस्ताऔं के बावजूद मैट्रिक-इंटर उत्तीर्ण छात्रों को रोजगारों से जोड़ने के लिए समिति के सदस्यों के साथ डी.एम. मो.सोहैल ने दूसरे ही दिन रासबिहारी उच्च विद्यालय में 50 कंप्यूटर वाले मृतप्राय “कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र” पर पहुंचकर उसे जीवित करने हेतु ITI, बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज, एवं अन्य कई संस्थानों के प्रधानों से लगातार मोबाइल से संपर्क किया | इस अवसर पर लगभग 10 वर्षों से कोमा में पड़े इस “कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र” को जीवित करने के उपायों के लिए जिस प्रकार की व्यग्रता डी.एम मो.सोहैल के अंदर महसूस की गई- उसे समिति के सदस्यों के साथ-साथ स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रंजना झा की टीम कभी नहीं भुला पायेगी |

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पूरे बिहार में मची रही ‘बिहार दिवस’ की धूम !

जहां एक ओर पीएम नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस (22 मार्च, बुधवार) के सुबह में ही बिहार के 105 वें जन्मदिन पर बिहार की जनता को सीएम नीतीश कुमार के सोशल साइट पर ट्वीट कर विशेष शुभकामनाएं दी वहीं दूसरी ओर मधेपुरा जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने जिले के तेरहो प्रखंडों को 10-10 हजार रूपये का आवंटन देकर ‘बिहार दिवस’ पर विभिन्न खेलों एवं विभागीय मेलों के आयोजनों के साथ-साथ पूर्ण नशाबंदी एवं स्वच्छता अभियान की धूम मचाने का निर्देश दिया |

यह भी बता दें कि पटना के गांधी मैदान से लेकर मधेपुरा के बी.एन.मंडल स्टेडियम तक के मैदान में भी उत्सवी भव्यता का ऐसा रास-रंग रचा गया कि इस बिहार दिवस समारोह के उत्सवी माहौल में चारो ओर हर्षोल्लास और उमंग ही नजर आता रहा | ऐसा लगने लगा कि मात्र मधेपुरा ही नहीं बल्कि सारा बिहार अपनी बढ़ती उम्र के साथ और जवान दिखने लगा |

इस अवसर पर प्रातः 5:00 बजे से ही डी.एम. मो.सोहैल एवं एस.पी. विकास कुमार की पूरी टीम स्टेडियम मैदान में स्कूली बच्चों को गाजे-बाजे व नगाड़े के साथ प्रभातफेरी के लिए हरी झंडी दिखाने हेतु तैयार दिखे | मौके पर एएसपी राजेश कुमार, डीईओ शिव शंकर राय, डीपीओ चंद्रशेखर राय, बीईओ जनार्दन निराला, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण यादव, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, बैंक अधिकारी संतोष कुमार झा, एसडीएम संजय कुमार निराला एवं प्रधानाध्यापकों की उपस्थिति में दर्जनों स्कूल के बच्चे-बच्चियों को एसपी विकास कुमार एवं डीडीसी मिथिलेश कुमार ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर प्रभातफेरी के लिए विदा किया |

बता दें कि विशेषरूप से ग्वालपाड़ा, बिहारीगंज, शंकरपुर, मुरलीगंज, आलमनगर, उदा किसुनगंज, कुमारखंड, सिंहेश्वर…….. आदि प्रखंडों सहित मधेपुरा में दिनभर कब्बड्डी-क्रिकेट, बैडमिंटन-टेबल टेनिस, बॉलीबॉल आदि खेलों में युवाओं ने अपनी भागीदारी दी | जहां बी.एन.मंडल स्टेडियम में कबड्डी खेले गये, वहीं बी.पी.मंडल नगर भवन में टेबल टेनिस की माहिर खिलाड़ी प्रियांशी और पायल के बेहतरीन प्रदर्शन की धूम मची रही……| विभिन्न विभागीय स्टालों पर दिनभर मेला लगा रहा |

यह भी जानिए कि शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये बिहार के गौरवशाली अतीत की जानकारी नुक्कड़ नाटक, गीत व नृत्य के माध्यम से दिये जाने से पूर्व जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, नजारत डिप्टी कलेक्टर मुकेश कुमार, स्काउट एंड गाइड आयुक्त, जयकृष्ण यादव आदि द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया गया |

जहां डीएम ने अपने संक्षिप्त संबोधन में पूर्ण नशा मुक्त जिला बनाने पर बल दिया वहीं एसपी ने मधेपुरा के साथ-साथ बिहार के विकास के लिए संकल्प लेने की बात कही | इतना ही नहीं, जहां डायनेमिक डी.एम मो.सोहैल ने शंकरपुर प्रखंड के लिए दी गयी 3-4 एकड़ जमीन के भूदाता श्री निरंजन प्रसाद सिंह उर्फ भोला सिंह (बेहरारी, शंकरपुर) को अंगवस्त्रम एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया वहीं प्रखर समाजसेवी डॉ.मधेपुरी को “मधेपुरा के भीष्म पितामह” कहकर सम्मानित किया गया |

Director Mr.Shyamal Kumar Sumitra of Tulsi Public School receiving certificate of honour for better performance in Republic Day Ceremony by DM Md.Sohail, SP Vikash Kumar, SDM Sanjay Kr. Nirala & Samajsevi Dr.Madhepuri at BN Mandal statium on the ocassion of Bihar Diwas Samaroh 2017
Director Mr.Shyamal Kumar Sumitra of Tulsi Public School receiving certificate of honour for better performance in Republic Day Ceremony by DM Md.Sohail, SP Vikash Kumar, SDM Sanjay Kr. Nirala & Samajsevi Dr.Madhepuri at BN Mandal statium on the occasion of Bihar Diwas Samaroh 2017.

इस अवसर पर पूर्ण शराबबंदी के लिए आयोजित मानव श्रृंखला, गणतंत्र दिवस झांकी, गणतंत्र दिवस परेड आदि में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले संस्थानों के प्रधान को डीएम-एसपी, डीडीसी, एसडीएम एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी द्वारा प्रमाण-पत्र आदि से सम्मानित किया गया |

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वित्तरहित शिक्षाकर्मियों को 15 दिनों के अंदर वेतन भुगतान

बिहार के हजारों वित्तरहित शिक्षाकर्मियों के लिए बड़ी ख़बर। राज्य के शिक्षामंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने वित्तरहित संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों संग वार्ता के क्रम में पुरजोर तरीके से कहा कि वित्तरहित शिक्षाकर्मियों को 15 दिनों के अंदर वेतन भुगतान होगा वरना प्रबंध समिति भंग कर दी जाएगी। बुधवार को शिक्षामंत्री के साथ हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में विधान परिषद् के सदस्य दिलीप चौधरी, नीरज कुमार, संजय सिंह, संजीव कुमार सिंह, संजीव श्याम सिंह एवं केदार पाण्डेय उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि वार्ता के दौरान मोर्चा द्वारा कई मांगे रखी गईं जिनमें समान कार्य समान वेतन, अनुदान की बजाय वेतनमान, लंबित अनुदान का शीघ्र भुगतान, कमिटी बनाकर वेतनमान के संबंध में अनुशंसा सहित 6-7 बिन्दुओं पर विशेष चर्चा हुई। सभी मांगों पर गंभीरता के साथ विचार करते हुए शिक्षामंत्री ने कहा कि सर्वप्रथम 15 दिनों के अंदर राशि का भुगतान हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कमिटी भंग कर दी जाएगी और प्रधानाचार्य को भी इसके लिए जिम्मेवार माना जाएगा। इसके साथ ही एक माह के अंदर सेवा शर्त नियमावली बना दी जाएगी और अनुदान की समीक्षा के लिए एक कमिटी का गठन किया जाएगा।

अपने फेसबुक पेज पर डॉ. अशोक चौधरी ने इन सारी बातों की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि ‘मैंने वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।‘ शिक्षा मंत्री ने लंबित भुगतान की भी चर्चा की और बताया कि पूर्व में 285 करोड़ की राशि भेजी गई थी एवं वर्तमान में 303 करोड़ रुपये भेजने की विभागीय कार्रवाई पूरी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा अनुदान शिक्षक के खाते में ही जाए तथा उसकी पूरी विवरणी वेबसाइट पर डाली जाए यह निदेश भी दे दिया गया है।

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मधेपुरा में होगा ‘बिहार दिवस’ पर दो दिवसीय आयोजन- डीएम

डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार ‘बिहार दिवस’ पर दो दिवसीय (22-23मार्च को) उत्सवी कार्यक्रमों के विभिन्न आयोजनों के क्रियान्वयन का निर्णय विगत दिनों समाहरणालय सभागार में लिया गया।

यह भी बता दें कि उन आयोजनों में दीप प्रज्वलन, खेलकूद, वृक्षारोपण एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।

जहाँ एक ओर 22 मार्च की सुबह स्कूली बच्चों एवं स्काउट एंड गाइड के कैडेटों द्वारा बी.एन.मंडल स्टेडियम से निकलकर शहर के मुख्य मार्गों पर प्रभात फेरी निकाली जायेगी, सरकारी कार्यालयों में पौध-रोपण किया जायेगा और दोपहर में स्टेडियम मैदान में खेल-कूद व विकास मेले का आयोजन किया जायेगा- जिसमें कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के स्टॉल होंगे, वहीं बिहार दिवस के उपलक्ष में शहर व गाँव के लोग अपने-अपने घर-द्वार की सफाई कर शाम में यथाशक्ति दीप जलाकर संध्या 6:00 बजे से स्टेडियम मैदान में स्थानीय स्कूली बच्चे एवं स्थापित कलाकारों द्वारा प्रदर्शित किये जानेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उत्सवी माहौल में रसास्वादन करेंगे, वहीं दूसरी ओर 23 मार्च को स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के बाद प्रिया राज एंड पार्टी द्वारा भव्य कार्यक्रम पेश किया जायेगा।

यूँ तो संगीत की दुनिया में प्रियाराज अब किसी परिचय का मोहताज नहीं, फिर भी बाल कलाकारों को ये जानकारी दे देना सर्वथा उचित है कि बिहार की बेटी यह ‘प्रियाराज’ पद्मश्री शारदा सिन्हा के साथ मंच शेयर करती हुई रियल्टी शो में ‘सुर-संग्राम’ सेलिब्रिटी एवं ‘भारत की शान’ सेलिब्रिटी बनकर मुंबई में भी अपना परचम लहरा चुकी है।

विकासोन्मुखी डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने जिले के तेरहों प्रखंड मुख्यालयों में बिहार दिवस के बाबत भव्य आयोजन करने हेतु सभी  बीडीओ को निर्देशित किया है। डीएम ने प्रत्येक प्रखंड के भवनों को नीली रोशनी से सजाने का निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि इसके लिए प्रत्येक प्रखंड को राशि भी निर्गत की जा रही है।

बैठक में उपविकास आयुक्त मिथिलेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार निराला सहित डॉ.रविरंजन, प्रो.रीता कुमारी, प्रियाराज, प्रो.प्रदीप कुमार झा, उपेन्द्र प्रसाद यादव, रेखा यादव आदि अन्य उपस्थित थे।

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