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हम इस धरती को जीने योग्य कैसे बनाएं…..?- डॉ.मधेपुरी

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में सायंस ब्लॉक के पीछे महावीर वाटिका शिलान्यास कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता विद्वान कुलपति डॉ.ए.के.राय, मुख्य अतिथि कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार, अध्यक्षता कर रहे डॉ.अरुण कुमार मिश्रा, विशिष्ट अतिथि डॉ.शिवनारायण यादव एवं बीएन मुस्टा के महासचिव, सीनेटर व कार्यक्रम संचालक डॉ.नरेश कुमार की उपस्थिति में मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने आज का सबसे बड़ा वैश्विक सवाल खड़ा करते हुए यही कहा कि इस धरती को हम लोग जीने योग्य कैसे बनाएं….?

Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray, Samajsevi Dr.Madhepuri, Registrar Colonel Neeraj Kumar, Principal Dr.S.N.Yadav, Convenor Dr.Naresh Kumar & others inaugurating the function of Mahavi Vatika Shilanayas Samaroh at North Campus BNMU Madhepura.
Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray, Samajsevi Dr.Madhepuri, Registrar Colonel Neeraj Kumar, Principal Dr.S.N.Yadav, Convenor Dr.Naresh Kumar & others inaugurating the function of Mahavir Vatika Shilanayas Samaroh at North Campus BNMU Madhepura.

बता दे कि कुलपति डॉ.राय के संरक्षण एवं महासचिव डॉ.नरेश कुमार के संचालन में आयोजित “माय बर्थ- माय अर्थ” की भरपूर सराहना करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि धरती को रहने योग्य बनाने के लिए प्रकृति-पर्यावरण को बचाना जरूरी है। माननीय कुलपति सहित अन्य दान दाताओं के पद चिन्हों का अनुसरण करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मानव जीवन को लंबी आयु देने के लिए एक वृक्ष अपने जीवन में करोड़ों रुपए का ऑक्सीजन देता है। वैसे जीवनदाायी वृक्षों की सुरक्षा हेतु बनाए गए “वृक्ष सुरक्षा कोष” में डॉ.मधेपुरी नेे तक्षण ₹5000/- प्रदान किये।

सुलझे सोच के नेक इंसान मुख्य अतिथि कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने कहा कि आज वैश्विक विचार सामने आ रहा है कि सृष्टि को बचाने के लिए प्रकृति-पर्यावरण को बचाना नितांत आवश्यक है। कर्नल नीरज ने स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षकों सहित सभी विभागाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि हम में से प्रत्येक कम-से-कम 10 वृक्ष लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। कुलसचिव नीरज द्वारा अपनी 7 बीघे जमीन पर पौधे लगाए जाने की बातों को सुनते ही हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

यह भी जानिए कि अपने उद्घाटन भाषण में माननीय कुलपति डॉ.राय ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस तरह मधेपुरा राजनीति के क्षेत्र में प्रदेश और देश को राह दिखाने का काम किया है उसी तरह हमारे यहाँ की “माय बर्थ-माय अर्थ” की राह पर महामहिम कुलाधिपति सह राज्यपाल सतपाल मलिक द्वारा बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में “हर परिसर हरा परिसर” का अभियान चलाया जा रहा है जिसमें बीएनएमयू की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

व्यवहारिक पक्षों को उजागर करते हुए कुलपति डॉ.राय ने कहा कि वृक्ष जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत हमारा साथ देता है। वृक्ष के बिना हमारा जीना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यहाँ एक “जैव विविधता केंद्र” स्थापित किए जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि हमेशा सरकार की ओर देखना सही नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

इस अवसर पर आर्ट्स-सायंस व कॉमर्स के विभागाध्यक्षों सहित शिक्षकों की उपस्थिति रही जिनमें प्रमुख रूप से मौजूद रहे- डॉ.निखिल प्रसाद झा, डॉ.एच.एल.एस. जौहरी, डॉ.सीताराम शर्मा, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.रामचंद्र मंडल, डॉ.बैजनाथ शाह, डॉ.विमल सागर, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.मोहित घोष, डॉ.सुधांशु शेखर, डॉ.रीता सिंह, डॉ.विमला कुमारी आदि। अंत में वनस्पति विज्ञान के एचओडी डॉ.बलराम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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मधेपुरा के शिक्षालयों में अब महापुरुषों की पुस्तकें होंगी- डीईओ उग्रेस

मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेस प्रसाद मंडल ने मधेपुरा अबतक को बताया कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत सरकार ने मिडिल स्कूल को 10 हजार, हाई स्कूल को 25 हजार एवं कॉलेजों को 50 हजार रुपए दी जाने वाली पुस्तक की राशि तय कर दी है। इसके लिए नूतन सिंह MLC ने जिले के 64 स्कूल व कॉलेजों को पुस्तक की राशि आवंटित कर दी है।

बता दें कि शुक्रवार 10 अगस्त को डीईओ उग्रेस प्रसाद मंडल ने चिन्हित स्कूल व कॉलेज के शिक्षक, एचएम व प्रधान के साथ बैठक किया। बैठक में डीईओ ने सबों से पुस्तक से जुड़ी सारे संबंधित विषयों पर जानकारी ली तथा यहाँ तक जानना चाहा कि उनके स्कूल के छात्र किस तरह की पुस्तकों में रुचि रखते हैं। अंत में डीईओ ने कहा कि सरकार द्वारा तय निर्देशानुसार महान विभूतियों, महापुरुषों एवं परिवार कल्याण के अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पुस्तकों की आपूर्ति भी की जाएगी।

इसके लिए जिले के 30 मिडिल स्कूल एवं 20 हाई स्कूल के साथ-साथ 14 कॉलेजों का भी चयन किया गया है। बैठक द्वारा चयनित पुस्तकों की सूची जिला योजना विभाग को सौंप दी जायेगी। अंत में बैठक में उपस्थित माध्यमिक के डीपीओ नारद प्रसाद द्विवेदी, बीईओ डाॅ.यदुवंश यादव आदि के साथ-साथ शिक्षक पंकज कुमार, वरीय कार्यालय सहायक श्रीमती कंचन कुमारी व समीर कुमार की उपस्थिति में एमएलसी फंड से स्कूल-कॉलेजों को पुस्तक दी जाने वाली राशि आवंटित करने हेतु उपस्थित जनों ने एमएलसी नूतन सिंह को हृदय से साधुवाद ज्ञापित किया।

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बी.पी.मंडल को मिले भारतरत्न- डॉ.मधेपुरी

मंडल विचार मंच एवं भारत साहित्य संगम के तत्वावधान में 9 अगस्त को प्रो.श्यामल किशोर यादव की अध्यक्षता में संकल्प दिवस मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित मंडल के लोगों ने एक स्वर से सामाजिक न्याय के पुरोधा सह सामाजिक वैज्ञानिक बी.पी.मंडल को भारतरत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की।

इस अवसर पर समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने संबोधन में भारतरत्न डॉ.कलाम एवं भारतरत्न मदर टेरेसा के बीच हुई चर्चाओं को विस्तार देते हुए डॉ.कलाम की वाणी को यूँ उद्धृत किया- हे ईश्वर ! अभी मदर को धरती पर रहने दो, क्योंकि जिसे धरती पर अपना घर नहीं…… मदर का हृदय उसका घर है।

आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बी.पी. मंडल का भी हृदय उतना ही विशाल रहा है तभी तो उन्होंने भारत के सभी धर्मों की 3743 जातियों में जो जहाँ सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े मिले उन्हें सूचीबद्ध कर विशेष अवसर (27%आरक्षण) देकर विकास की मुख्यधारा में लाने की अनुशंसा अपने रिपोर्ट में की। अस्तु बी.पी.मंडल को भारतरत्न अवश्य मिले।

जहाँ अपने संबोधन के अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि संविधान के प्रावधानों में लुक-छिप कर संशोधन करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को संविधान में संशोधन का काम अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए वहीं मंडल विचार के प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं साहित्य संगम के संस्थापक डॉ.अमोल राय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षित वर्ग की सीमा निर्धारित कानून को सरकार पूर्ववत बनाये रखने के लिए समुचित पहल करे।

मौके पर गुरुओं के गुरु रहे सुकवि सत्यनारायण पोद्दार ‘सत्य’ द्वारा रचित ग्रंथ “वज्रपात” का विमोचन साहित्यकारों- डॉ.मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.अमोल राय, डॉ.इंद्र नारायण, डॉ.विनय कुमार चौधरी, सियाराम यादव मयंक, प्राचार्य डॉ.एस.पी.यादव द्वारा उनके सुपुत्र विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ.समरेंद्र नारायण आर्य सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित करने के बाद उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि द्वारा किया गया फिर स्थानीय गायक रोशन कुमार द्वारा गाये गये स्वागत गान एवं संगीतज्ञ गांधी कुमार द्वारा साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी के मंडल गीत बी.पी.वंदना की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। लगे हाथ सृजन दर्पण के अध्यक्ष ओमप्रकाश एवं सचिव बिकास कुमार के निर्देशन में “मंडल मसीहा की आवाज” लघु नाटक का मंचन भी किया गया। मौके पर प्रमंडलीय शिक्षक संघ के सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, मोहन मंडल, स्वदेश कुमार, राजेश मेहता, संजीव मेहता. योगी जनक सहित अधिवक्ता हरेंद्र नारायण आर्य, अंजनी कुमार, विदुषी डॉ.रेखा आर्या, डॉ.शैलेंद्र, कुमारी नूतन, प्रभाकर पोद्दार, राजेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

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मधेपुरा जिला को 31 दिसम्बर तक ओडीएफ घोषित करें- डीएम

डीआरडीए के झल्लू बाबू सभागार में जिले के विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएम नवदीप शुक्ला ने जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों व कर्मचारियों को शौचालय निर्माण को लेकर कई निर्देश दिए और गंभीरता पूर्वक उपस्थित अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं इस कार्य में लगे कर्मचारियों से यही कहा कि हर हाल में जिले को 31 दिसंबर 2018 तक ओडीएफ घोषित करने में लग जाएं।

बता दें कि जिले को ओडीएफ घोषित किए जाने के अलावे मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से बन रहे गली नाली योजना,  प्रधानमंत्री आवास योजना एवं दाखिल-खारिज सहित अन्य विभिन्न योजनाओं की समीक्षा डीएम ने गंभीरता पूर्वक की तथा पीएम आवास योजना की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अन्य सभी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर बल दिया।

यह भी कि डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.) ने मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे बसेरा अभियान कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए सख्त हिदायत दी कि किसी भी योजना को समय से पूरा नहीं करने की लापरवाही को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने जिले के सभी सीओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 8 अगस्त तक हर हाल में “दाखिल-खारिज” के कार्यों का निष्पादन करें।

अंत में सूबे में धड़ल्ले से हो रहे महिला यौन शोषण एवं उत्पीड़न के मद्देनजर जिले भर में महिला सशक्तिकरण को लेकर डीएम ने महिला उत्थान के निमित्त जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक ‘यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण केंद्र’ खोले जाने की घोषणा की। उस कमिटी में स्थानीय स्तर पर एक सामाजिक कार्यकर्ता को नामित किया जाएगा वहीं समाज कल्याण तथा महिला विकास का एक पदाधिकारी भी होगा।

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मधेपुरा के एथलीट गीतांजलि की राह चलें

बिहार की उड़नपरी कहलाने वाली राष्ट्रीय एथलीट एवं सूबे की राजधानी पटना के सीआईडी विभाग में कार्यरत कोसी की बेटी गीतांजलि की स्मृति में पांचवी बार आयोजित गीतांजलि स्मृति रोड रेस में भाग ले रहे सौ धावकों को समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रभारी एसपी वसी अहमद, एसडीएम वृंदा लाल एवं उप प्रमुख जयकांत यादव ने सम्मिलित रूप से हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। मालूम हो कि बिहार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों मेडल जीतने वाली धाविका गीतांजलि की असामयिक मृत्यु 6 अगस्त 2013 को पटना के कुर्जी हॉस्पिटल में हो गई थी।

बता दें कि गीतांजलि की स्मृति में लगभग 5 किलोमीटर का यह मैराथन दौड़ साहुगढ़ दुर्गा स्थान के मैदान से मधेपुरा भूपेन्द्र चौक के बीच खेल प्रशिक्षक संत कुमार की सतर्कता एवं सुरक्षा व्यवस्थानुरूप आयोजित की गई थी। लड़कियों के लिए खेदन बाबा चौक से ही यह दौड़ शुरू की गई । भले ही लड़कियों की संख्या इस बार कम थी परंतु ये जज्बाती धाविकाएं गीतांजलि को कभी मरने नहीं देंगी…..। इतनी लंबी दौड़ पूरी कर समस्त धावक-धाविकाओं ने गीतांजलि को श्रद्धांजलि दी और वे सभी गीतांजलि फाउंडेशन की ओर से पुरस्कृत भी हुए।

Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri in presence of Up-Pramukh Jaikant Yadav, Dr.Alok Kumar, Prithwiraj Yaduvanshi, Sanjeev Kumar, Anand Kumar & others giving Special Prize to "Khel Guru" Sant Kumar on the occasion of the 5th Gitanjali Memorial Road Race at Madhepura.
Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri in presence of Up-Pramukh Jaikant Yadav, Dr.Alok Kumar, Prithwiraj Yaduvanshi, Sanjeev Kumar, Anand Kumar & others giving Special Prize to “Khel Guru” Sant Kumar on the occasion of the 5th Gitanjali Memorial Road Race at Madhepura.

यह भी जानिए की गीतांजलि रोड रेस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया समस्त सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को तत्परता के साथ संपन्न करने/कराने में लगे रहने वाले मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। आगे डॉ.मधेपुरी ने सर्वप्रथम गीतांजलि की तस्वीर पर पुष्पांजलि किया तथा उपस्थित धावक-धाविकाओं व गणमान्यों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज उसी को याद करता है जो अखंड जुनून के साथ समर्पित होकर समाज व राष्ट्र को कुछ देता है……. आज यदि गीतांजलि जीवित रही होती तो निश्चय ही वह ओलंपिक की उड़ान भर रही होती…. । डॉ.मधेपुरी ने अंत में यही कहा कि मधेपुरा के एथलीट गीतांजलि की राह चलें और भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तरह अभाव में रहकर भी बड़े-बड़े सपने देखें……।

मौके पर इस कार्यक्रम की रीढ़ पृथ्वीराज यदुवंशी सहित जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष व उप प्रमुख जयकांत यादव एवं डॉ.आलोक कुमार द्वारा उद्गार व्यक्त किया गया और इनके अलावा सुशील कुमार, संजीव कुमार, नंद कुमार, अमरेश कुमार, समीक्षा यदुवंशी, मनीष कुमार, अमित कुमार, दिलखुश आनंद आदि द्वारा सर्वाधिक धावकों को घड़ी-जर्सी आदि देकर पुरस्कृत किया गया। उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने प्रथम स्थान पाने वाले धावक एवं धाविका सहित खेल प्रशिक्षक संत कुमार को पुरस्कार देकर मान ही नहीं किया बल्कि सहृदय होकर उन्हें सर्वाधिक सम्मान भी दिया। अंत में खेल के प्रति संत कुमार के समर्पण को देखकर डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा के समस्त खेल-प्रेमियों से अनुरोध किया कि वे आज से ही उन्हें ‘खेल गुरु’ कह कर सम्मानित करते रहेंगे…… जिसे गगनभेदी करतल ध्वनि के साथ सहमति प्रदान की गई।

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बी.पी.मंडल जन्म शताब्दी समारोह का आगाज़ 9 अगस्त से ही

सामाजिक न्याय के वैज्ञानिक बी.पी.मंडल का जन्म सौ साल पूर्व 25 अगस्त 1918 को कबीर की नगरी काशी में हुआ था। 100वें सालगिरह पर जन्मोत्सव का आगाज़ 9 अगस्त यानि क्रांति दिवस के दिन से ही करने का निर्णय लिया गया है। तैयारी समिति ने निर्णय लिया है कि भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में बी.पी.मंडल जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ दिन के 1:45 बजेे अपराह्न से किया जाएगा।

बता दें कि कार्यक्रम का श्रीगणेश ‘मंडल गीत’ एवं सृजन दर्पण द्वारा “मंडल मसीहा की आवाज” नाटक की प्रस्तुति द्वारा किया जाएगा….। तैयारी समिति में मंडल विचार के प्रधान संपादक प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.भागवत प्रसाद यादव सहित संयोजनकर्ता पीजी भौतिकी के डॉ.विमल सागर आदि गणमान्यों की उपस्थिति देखी गई। अध्यक्षता कर रहे डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा-

बी.पी.मंडल कुल 632 दिनों तक कश्मीर से कन्याकुमारी एवं राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक घड़ी की सूई की तरह चलते रहे….. और उन्होंने सभी धर्मों एवं सभी वर्णों के 3743 जातियों की पहचान की जो सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों में आते हैं, जिनकी संख्या उन दिनों भारत की कुल जनसंख्या का करीब 52% हुआ करता था। परंतु, सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण सीमा 50% दिए जाने के सुझाव के तहत मंडल कमीशन ने इन समस्त 3743 जातियों (जिनमें ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ….. आदि भी हैं) के लिए 27% आरक्षण देने की अनुशंसा की थी।

डॉ मधेपुरी ने आगे कहा कि मंडल रिपोर्ट को लागू करने हेतु ढेर सारी कुर्बानियां दी गईं । प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह कैबिनेट ने अपनी कुर्सियाँ गंवा दी और शरद-लालू-नीतीश, रामविलास-रंजन-रमई…….. सहित बहुतों ने अपना सुख-चैन गँवा दिया, फिर भी मंडल रिपोर्ट हु-ब-हू लागू नहीं किया जा सका। शरद यादव का ‘मंडल-रथ’ भी देश के विभिन्न हिस्सों से गुजरता हुआ अंततः क्रीमी लेयर के कीचड़ में फंस ही गया।

आगे डाॅ.मधेपुरी ने विनम्रता पूर्वक समाजवादी चिंतक मधुलिमये को उद्धृत करते हुए कहा कि संविधान के प्रावधानों में लुक-छिपकर संशोधन करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को संविधान में संशोधन करने का काम अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए।

अंत में मंडल की लौ को धीमी होने पर चिंता व्यक्त करने के बाद डॉ.मधेपुरी ने इस बाबत हाल ही में मधेपुरा आये पूर्व सांसद डॉ.रंजन प्रसाद यादव एवं उच्च शिक्षा के पूर्व निदेशक डॉ.विद्यासागर यादव की चर्चा करते हुए यही कहा-

मेरे सीने में नहीं, तेरे ही सीने में सही……

हो जहाँ भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए !!

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मधेपुरा के राजशेखर को मिला दिल्ली हिन्दी अकादमी का काव्य-सम्मान

मधेपुरा जिले के  भेलवा गाँव निवासी प्रसिद्धि प्राप्त युवा गीतकार राजशेखर को हिन्दी अकादमी का “काव्य-सम्मान” दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिया। इस सम्मान अर्पण समारोह की अध्यक्षता हिन्दी अकादमी दिल्ली के उपाध्यक्ष विष्णु खरे ने की। समारोह में दिल्ली हिन्दी अकादमी के सदस्यों के साथ-साथ साहित्य से जुड़े गणमान्यों की अच्छी खासी उपस्थिति देखी गई।

बता दें कि फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ से ही अनवरत लोकप्रियता बटोरते रहे इस धरती पुत्र राजशेखर को 2017-18 के लिए हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा यह काव्य सम्मान दिया गया है। जानिए कि पूर्व में यह सम्मान उन विद्वान विभूतियों को दिए गए हैं जिन्होंने साहित्य, संस्कृति, समाज सेवा एवं पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया है।

यह भी बता दें कि मौके पर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम इस समारोह में विशिष्ट अतिथि रहे। इस कार्यक्रम में युवा गीतकार राजशेखर को 1लाख रूपया, ताम्रपत्र, प्रशस्ति पत्र एवं शाॅल आदि देकर डिप्टी सीएम द्वारा सम्मानित किया गया।

अंत में दिल्ली सरकार की कला संस्कृति व भाषा विभाग की सचिव रिंकू दुग्गा की उपस्थिति में अकादमी के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

 

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मंडल जन्मशताब्दी की सफलता हेतु जिले के सभी एमएलए एवं एमपी को बुलाएँ- डॉ.मधेपुरी

उप-विकास आयुक्त मुकेश कुमार की अध्यक्षता में जहाँ सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल की 100वीं जयंती (25 अगस्त) को यादगार बनाने की बातें कही गई वहीं स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन, भव्यता के साथ सभी सार्वजनिक स्थलों पर, समारोहपूर्वक तिरंगा फहराने का निर्णय लिया गया।

बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा यह सुझाव दिया गया कि महामानव बी.पी.मंडल की 100वीं जयंती को यादगार बनाने हेतु आगे की एक बैठक में जिले के गणमान्यों के साथ-साथ यहाँ के सभी विधायकों और सांसद को भी पत्र देकर विशेष रूप से आमंत्रित किया जाय ताकि सामाजिक कार्यों में बेहद दिलचस्पी रखने वाले समाजसेवी द्वय सीताराम पंडित एवं मो.शौकत अली द्वारा दिए गए माकूल सुझावों का समाधान भी आनन-फानन में हो सके।

यह भी बता दें कि सुझावों की फेहरिस्त संक्षिप्त और सहज ही होने लायक है । एक ओर जहाँ डॉ.मधेपुरी ने गांधी-नेहरू-जयप्रकाश……. आदि की तरह बी.पी.मंडल के नाम के आगे ‘स्वर्गीय’ नहीं लिखे जाने के साथ-साथ जन्म जयंती दिवस को “सामाजिक न्याय दिवस” नाम देने का सुझाव दिया वहीं दूसरी ओर प्रो.श्यामल किशोर यादव ने एक कार्यक्रम मंडल की जन्म स्थली काशी में होने की बात कही तो डॉ.शांति यादव के द्वारा कहा गया कि इस जयंती के दिन स्मारिका प्रकाशन की जगह स्मृति-ग्रंथ बनाया जाय और अगली जयंती में उसका विमोचन करवाया जाय।

जानिए कि जहाँ शौकत अली ने सुझाव दिया कि बी.एन.मंडल स्टेडियम में 15 अगस्त से पहले ही मिट्टी भराई हो ताकि पानी नहीं लगे, टूटे हुए बीपी.मंडल चौक स्थित स्मारक को ठीक कराया जाय तथा 15 अगस्त एवं 25 अगस्त को हर घर में दीप जले वहीं सीताराम पंडित ने मधेपुरा के बी.पी.मंडल चौक से मुरहो के बी.पी.मंडल स्मारक तक सड़क को दुरुस्त करवाने हेतु सुझाव दिया।

चलते-चलते बता दें कि खेल गुरु संत कुमार एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार द्वारा खिलाडियों को पुरस्कारों के साथ-साथ जर्सी आदि दिए जाने वाले सुझावों को सराहा गया। साथ ही सभी विभागीय पदाधिकारियों द्वारा 15 अगस्त एवं 25 अगस्त को यातायात से लेकर एंबुलेंस एवं अग्निशामक गाड़ी आदि समस्त सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चाएं की गई। बैठक में सभी विभागीय प्रतिनिधियों के अलावे पूर्व विधायक मनीन्द्र कुमार मंडल, डॉ. अरुण कुमार मंडल, सुभाष चंद्र यादव, जयकृष्ण प्रसाद यादव, पृथ्वीराज यदुवंशी, मनीष सर्राफ, राजेश सर्राफ सहित स्थापना उपसमाहर्ता अल्लामा अख्तर, एसडीएम बृंदा लाल, एसडीपीओ वसी अहमद, जनसंपर्क पदाधिकारी महेश कुमार पासवान आदि उपस्थित रहे।

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12 अगस्त को इतिहास रचेगा मधेपुरा: जदयू

“बढ़ता बिहार, नीतीश कुमार” के नारे के साथ जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह 12 अगस्त को मधेपुरा आ रहे हैं। यहाँ उनके नेतृत्व में होने जा रहे के भव्य रोड शो एवं अतिपिछड़ा सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए मधेपुरा जदयू जिला कार्यकारिणी एवं तैयारी समिति की बैठक स्थानीय जीवन सदन में हुई। जदयू की इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य व बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. आरके यादव रवि, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, मधेपुरा के संगठन प्रभारी श्री भगवान चौधरी, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, प्रवक्ता श्री निखिल मंडल समेत सैकड़ों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। मधेपुरा जिला जदयू के अध्यक्ष प्रो. बिजेन्द्र नारायण यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जदयू के सभी 28 प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्ष तथा कार्यकारिणी के सभी सम्मानित सदस्य मौजूद रहे।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि समाजवाद की धरती मधेपुरा ने पूर्व में कई कीर्तिमान रचे हैं और देश और समाज को नई राह दिखाने का काम किया है। 12 अगस्त को मधेपुरा एक बार फिर इतिहास रचेगा और श्री आरसीपी सिंह के नेतृत्व में होने जा रहे रोड शो और अतिपिछड़ा सम्मेलन को यादगार बनाकर बिहार और देश की राजनीति को नई दिशा देने का काम करेगा। वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि बिहार के यशस्वी व लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का कोई विकल्प नहीं है और उनके नेतृत्व में 2019 व 2020 के चुनाव में एनडीए को शानदार जीत मिलेगी।
गौरतलब है कि श्री आरसीपी सिंह 26 जून से लगातार बिहार के विभिन्न जिलों में रोड शो व अतिपिछड़ा सम्मेलन कर रहे हैं और अब तक उन्होंने कुल 22 जिलों की यात्रा पूरी कर ली है। उनके रोड शो व अतिपिछड़ा सम्मेलन का उद्देश्य मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के द्वारा किए गए अनगिनत जनकल्याणकारी कार्यों व शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह-बंदी जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियानों को जन-जन तक पहुँचाना है। उनके कार्यक्रम को मिल रही सफलता ने जदयू कार्यकर्ताओं में जैसे नई ऊर्जा भर दी है।
बहरहाल, बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार श्री आरसीपी सिंह का रोड शो भागवत चौक से शुरू होगा, जहाँ जिले भर के कार्यकर्ता सैकड़ों गाड़ियों और गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत करेंगे, और फिर मधेपुरा जिला के सभी विधानसभाओं से गुजरते हुए उनका काफिला आलमनगर पहुँचेगा जहाँ बिरेन्द्र कला भवन में वे अतिपिछड़ा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रोड शो के दौरान जगह-जगह हजारों कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। चलते-चलते बता दें कि लगातार आठ घंटे तक चली इस बैठक के दौरान भोज की भी सुंदर व्यवस्था की गई थी।

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पहली बार मधेपुरा के डॉ.कलाम पार्क में मनाई गयी उनकी पुण्यतिथि

मधेपुरा के डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम पार्क पर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने पहली बार उनकी पुण्यतिथि पर पतंजलि एवं सृजन दर्पण की टीमों के द्वारा शानदार आयोजन किया |

इस अवसर पर शहर के गणमान्यों व पदाधिकारियों सहित पार्क में उपस्थित बच्चों, बुजुर्गों एवं नौजवानों को संबोधित करते हुए डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने डॉ.कलाम के संग बिताए अविस्मरणीय क्षणों तथा उनसे जुड़ी अनुभूतियों को भावुक होकर सुनाते हुए यही संदेश सुनाया- “ये आँखें दुनिया को दोबारा नहीं देख पाएंगी, इसलिए तुम्हारे अंदर जो बेहतरीन है वो दुनिया को देकर जाना….. बच्चों को देकर जाना |”

साथ ही डॉ.मधेपुरी ने कलाम की जन्म-तिथि एवं पुण्य-तिथि पर इस पार्क को प्रवेश शुल्क फ्री करने तथा नामित करने में जिन्होंने सहयोग किया वैसे वर्तमान डीएम नवदीप शुक्ला, निवर्तमान डीएम मो.सोहैल, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुधा यादव पति डॉ.विशाल कुमार बबलू, पूर्व मुख्यपार्षद, वार्ड नं-14 के पार्षद श्रीमती रेखा यादव पति श्री. ध्यानी यादव, पूर्व पार्षद, उपाध्यक्ष अशोक यदुवंशी सहित सभी पार्षदों को हृदय से साधुवाद दिया |

मौके पर सर्वप्रथम प्राचार्य प्रो.सच्चिदानंद यादव, डॉ.भूपेंन्द्र मधेपुरी, डॉ.एन.के.निराला, प्रो.(डॉ) विनय कुमार चौधरी, डॉ.यशवंत, परमेश्वरी प्रसाद यादव, प्रसिद्धि प्राप्त उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी, पोस्टमास्टर राजेश कुमार, सुभाष चन्द्र यादव, वार्ड पार्षद मनीष कुमार मिंटू एवं विनीता भारती, अमरेंद्र कुमार, माया जायसवाल, उषा, रूबी, रितेश, प्रो.रीता, किरण कुमारी, डॉ.नंदकिशोर सिंह, सुशील कुमार आदि सबों ने डॉ.कलाम की तस्वीर पर पुष्पांजलि किया | साथ ही सृजन दर्पण द्वारा विकास कुमार के निर्देशन में “एक कदम स्वच्छता की ओर” नुक्कड़ नाटक का सफल मंचन किया- सत्यम-सुशील-सुमन, निखिल-बाबुल-विवेक, राखी-पुष्पा-मनीष आदि ने |

भारतरत्न डॉ.कलाम के कृतित्व से सर्वाधिक प्रभावित मधेपुरा के कर्मठ एसडीएम श्री वृंदालाल को भले ही जाम में रुक जाने के कारण क्षण-दो-क्षण विलंब हुआ, परंतु उनसे हम यह तो सीख ही सकते हैं कि दुनिया में कोशिश का कोई विकल्प नहीं……….!

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